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बम से उड़ाने की धमकी, खाली कराया डीपीएस स्कूल

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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में एक बार फिर स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। सोमवार सुबह दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) द्वारका को फोन पर धमकी दी गई, जिसके बाद स्कूल प्रशासन ने तत्काल परिसर खाली कराया और पुलिस को सूचना दी।

जानकारी के अनुसार सुबह करीब 7:24 बजे कंट्रोल रूम को धमकी कॉल मिली। खबर मिलते ही दिल्ली पुलिस, बम स्क्वायड और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई और तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया।

इससे पहले जुलाई महीने में भी दिल्ली के 20 से अधिक स्कूलों को ईमेल के जरिए बम धमकी दी गई थी। हालांकि जांच में सभी धमकियां झूठी निकली थीं। उस दौरान पश्चिम विहार के रिचमंड ग्लोबल स्कूल, द्वारका के सेंट थॉमस स्कूल, वसंत कुंज स्थित वसंत वैली स्कूल, हौज खास के मदर्स इंटरनेशनल स्कूल और लोदी एस्टेट के सरदार पटेल विद्यालय समेत कई प्रतिष्ठित संस्थान निशाने पर थे।

सिर्फ स्कूल ही नहीं, दिल्ली के प्रमुख कॉलेज जैसे आईपी कॉलेज फॉर विमेन, हिंदू कॉलेज और श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स को भी धमकी भरे ईमेल प्राप्त हो चुके हैं। तलाशी के बाद ये सभी धमकियां फर्जी साबित हुईं।

लगातार आ रही धमकियों से छात्रों और अभिभावकों में दहशत का माहौल है, जबकि पुलिस इन्हें गंभीरता से लेते हुए हर बार सघन जांच अभियान चला रही है।

राज्यपाल से मिला कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल, सरकार की मनमानी और असंवैधानिक कार्रवाइयों पर रोक लगाने की मांग

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देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश  अध्यक्ष करण माहरा के नेतृत्व में राजभवन पहुंचा और राज्यपाल गुरमीत सिंह से मुलाकात की। कांग्रेस नेताओं ने राज्य में हाल ही में संपन्न त्रि-स्तरीय पंचायत चुनावों में धांधली, गुंडागर्दी, गोलीबारी और अपहरण जैसी घटनाओं को लेकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा।

प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने पंचायत चुनाव समय पर न कराकर जानबूझकर सात महीने की देरी की। इसके पीछे मंशा यह थी कि शहरी निकायों के मतदाता भी ग्रामीण क्षेत्रों में चुनावों में शामिल हो सकें। कांग्रेस ने जिला व क्षेत्र पंचायत सदस्य के आरक्षण में भी नियमों की धज्जियां उड़ाने का आरोप लगाया।

प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा ने कहा कि नैनीताल, बेतालघाट और रुद्रप्रयाग में प्रशासनिक तंत्र मूकदर्शक बना रहा, जबकि अपराधी खुलेआम जिला पंचायत सदस्यों का अपहरण करते रहे और बेतालघाट में दिनदहाड़े गोलीबारी हुई।

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर आरक्षण नियमों के उल्लंघन का मुद्दा उठाया। वहीं, विधायक काज़ी निजामुद्दीन ने कहा कि जब वर्तमान सरकार संविधान से खिलवाड़ कर रही है तो राज्यपाल, जो कि संविधान और संस्थाओं के संरक्षक हैं, उन्हें हस्तक्षेप कर सख्त संदेश देना चाहिए।

कांग्रेस नेताओं ने राज्यपाल से मांग की कि सरकार की मनमानी और असंवैधानिक कार्रवाइयों पर रोक लगाई जाए और लोकतंत्र की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

मुख्यमंत्री धामी ने 220 चिकित्सा अधिकारियों को सौंपे नियुक्ति पत्र

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देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक सदन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित उत्तराखंड चिकित्सा स्वास्थ्य सशक्तिकरण अभियान में प्रतिभाग करते हुए 220 नव नियुक्त चिकित्सा अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त चिकित्सकों को शुभकामनाएं देते हुए इस क्षण को उनके जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। कहा कि आप मात्र चिकित्सक नहीं बल्कि देवभूमि के आरोग्य प्रहरी भी हैं। इसीलिए आप सभी को प्रदेश की चिकित्सा को सस्ती, जनसुलभ और नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए पूर्ण समर्पण और सेवाभाव से कार्य करना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 11 लाख से अधिक पेशेंट्स को 21 करोड़ से अधिक की कैशलेस इलाज की सुविधा प्राप्त हो चुकी है। श्रीनगर में कार्डियो और न्यूरोलॉजी तथा हल्द्वानी में कैंसर से संबंधित विशेष चिकित्सा सुविधा प्रदान की जा रही है। कहा कि आपात स्थिति में सुदूरवर्ती क्षेत्रों से हेली के माध्यम से भी स्वास्थ्य सेवाएं जीवनदायिनी का काम कर रही हैं। अभी हाल ही में धराली में आई आपदा के दौरान भी इसको देखा गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकतर निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, स्वास्थ्य केंद्रों के आधुनिकीकरण, पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति और टेलीमेडिसिन सेवा के विस्तार से राज्य में चिकित्सा सेवाओं को नया आयाम मिला है।

उन्होंने कहा कि हम प्रत्येक जनपद में एक-एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का प्रयास कर रहे हैं। ताकि लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तराखंड प्रत्येक क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने का एक तरह से उत्तराखंड नेतृत्व कर रहा है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का संकल्प उत्तराखंड के विकसित होने से और उत्तराखंड के विकसित होने का संकल्प यहां के समाज, नागरिकों और प्रत्येक क्षेत्र के विकसित होने से ही साकार होगा।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग नियुक्तियों के मामले में नित्य नए कृतिमान स्थापित कर रहा है। कहा कि 220 चिकित्सकों में 04 दिव्यांग कोटे के चिकित्सकों को छोड़कर शेष सभी चिकित्सक दुरस्त क्षेत्रों में तैनाती देंगे। कहा कि विभाग शीघ्र ही और चिकित्सकों, नर्सेज और सपोर्टिंग स्टाफ की भी भर्ती करने जा रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के जन्म दिवस 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक राज्य के 220 स्थानों पर बड़े अभियान के तौर पर ब्लड डोनेशन कैंप लगाए जाएंगे तथा प्रत्येक गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाकर 25 लाख से अधिक लोगों को इससे लाभान्वित किया जाएगा।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में चिकित्सकों के साथ-साथ सपोर्टिंग स्टाफ की अधिक उपलब्धता सुनिश्चित होने से अधिकतर चिकित्सक इन क्षेत्रों में भी अपने आप सेवाएं देने के लिए प्रेरित होंगे। उन्होंने कहा कि आज भी लोग ईश्वर के बाद सबसे अधिक सम्मान चिकित्सक को देते हैं इसी कारण चिकित्सकों को लोगों के विश्वास को और बढ़ाने के प्रयास करने होंगे।

 

 

‘चुनाव आयोग पर लगाए जा रहे आरोप गलत’, मुख्य चुनाव आयुक्त ने राहुल गांधी के आरोपों पर दी सफाई

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नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग पर लगाए गए ‘वोट चोरी’ और ‘फर्जी मतदाता सूची’ के आरोपों पर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जोरदार पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग किसी भी राजनीतिक दल के साथ भेदभाव नहीं करता है।

मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा, “भारत के संविधान के अनुसार, 18 वर्ष की आयु प्राप्त करने वाला हर नागरिक मतदाता है और उसे मतदान करना चाहिए। कानून के मुताबिक, हर राजनीतिक दल का जन्म चुनाव आयोग में पंजीकरण के माध्यम से होता है, तो चुनाव आयोग राजनीतिक दलों के बीच भेदभाव कैसे कर सकता है?”

‘चुनाव आयोग के लिए कोई विपक्ष या पक्ष नहीं’

ज्ञानेश कुमार ने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग के लिए कोई भी पक्ष या विपक्ष नहीं है, सभी राजनीतिक दल समान हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी किसी भी राजनीतिक दल से संबंधित हो, चुनाव आयोग अपने संवैधानिक कर्तव्य से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने ‘वोट चोरी’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल को गलत बताया और कहा कि यह देश के संविधान का अपमान है।

उन्होंने कहा, “त्रुटि सुधार के लिए एसआईआर (SIR) किया जा रहा है। बिहार में सात करोड़ मतदाता चुनाव आयोग के साथ हैं। जिसका नाम मतदाता सूची में है, वही वोट दे रहे हैं। चुनाव आयोग के कंधे पर बंदूक रखकर देश में राजनीति हो रही है। जनता का अपमान करना संविधान का अपमान है।”

ग्राउंड रियलिटी की अनदेखी के आरोप

मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि जमीनी स्तर पर सभी मतदाता, राजनीतिक दल और बूथ स्तरीय अधिकारी मिलकर पारदर्शी तरीके से काम कर रहे हैं। वे सत्यापन कर रहे हैं और वीडियो प्रशंसापत्र भी दे रहे हैं।

ज्ञानेश कुमार ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राजनीतिक दलों के जिला अध्यक्षों और उनके द्वारा नामित बीएलओ द्वारा सत्यापित दस्तावेज उनके अपने राज्य या राष्ट्रीय स्तर के नेताओं तक नहीं पहुंच रहे हैं। या फिर, जानबूझकर जमीनी हकीकत को नजरअंदाज कर भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है।

राहुल गांधी ने लगाए थे ये आरोप

बता दें कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर ‘वोट चोरी’ और ‘फर्जी मतदाता सूची’ बनाने का आरोप लगाया था। उन्होंने मतदाता सूची से जुड़े कुछ डेटा भी साझा किए थे और कर्नाटक के एक विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण देते हुए दावा किया था कि मतदाता सूची में गड़बड़ियां हुई हैं।

उत्तराखंड कैबिनेट का बड़ा फैसला: अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थानों के लिए नया अधिनियम

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देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज राज्य सचिवालय में आयोजित उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक में एक ऐतिहासिक विधेयक को मंजूरी दी गई है। यह विधेयक आगामी 19 अगस्त से भराड़ीसैंण विधानसभा में शुरू हो रहे मानसून सत्र में पेश किया जाएगा। इस नए विधेयक का नाम उत्तराखंड अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थान अधिनियम, 2025 है।

यह अधिनियम क्यों है खास?

यह विधेयक देश में अपनी तरह का पहला ऐसा कानून होगा, जो न सिर्फ अल्पसंख्यक समुदायों के शैक्षिक संस्थानों को मान्यता देने के लिए एक पारदर्शी प्रक्रिया स्थापित करेगा, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता और उत्कृष्टता को भी सुनिश्चित करेगा।

अब सभी अल्पसंख्यक समुदायों को मिलेगा लाभ

अभी तक उत्तराखंड में अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थान का दर्जा मुख्य रूप से केवल मुस्लिम समुदाय को मिलता था। हालांकि, प्रस्तावित विधेयक के अंतर्गत अब सिख, जैन, ईसाई, बौद्ध और पारसी समुदायों को भी यह सुविधा मिलेगी। इससे इन समुदायों द्वारा स्थापित शैक्षणिक संस्थानों को भी समान रूप से मान्यता मिल सकेगी।

अधिनियम की मुख्य विशेषताएं

  • प्राधिकरण का गठन: विधेयक के तहत उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया जाएगा, जो अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थानों को मान्यता प्रदान करने के लिए जिम्मेदार होगा।
  • अनिवार्य मान्यता: मुस्लिम, सिख, जैन, ईसाई, बौद्ध या पारसी समुदाय द्वारा स्थापित किसी भी संस्थान को अल्पसंख्यक संस्थान का दर्जा पाने के लिए प्राधिकरण से मान्यता लेना अनिवार्य होगा।
  • अधिकारों की सुरक्षा: यह अधिनियम अल्पसंख्यक संस्थानों के संचालन में हस्तक्षेप नहीं करेगा, बल्कि यह सुनिश्चित करेगा कि शिक्षा का स्तर उच्च बना रहे।
  • शर्तें: मान्यता प्राप्त करने के लिए संस्थान का सोसाइटी एक्ट, ट्रस्ट एक्ट या कंपनी एक्ट के तहत पंजीकृत होना जरूरी होगा। साथ ही, भूमि, बैंक खाते और अन्य संपत्ति संस्थान के नाम पर होनी चाहिए। वित्तीय गड़बड़ी या सामाजिक सद्भाव के विरुद्ध गतिविधियों में संलिप्तता पाए जाने पर मान्यता रद्द की जा सकती है।
  • निगरानी: प्राधिकरण उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों के मूल्यांकन की निगरानी करेगा।

इस अधिनियम से राज्य के अल्पसंख्यक समुदायों के शैक्षिक संस्थानों को अब एक पारदर्शी प्रक्रिया के तहत मान्यता मिल सकेगी, जिससे उनके संवैधानिक अधिकारों की भी सुरक्षा सुनिश्चित होगी। साथ ही, राज्य सरकार के पास इन संस्थानों के संचालन की निगरानी करने की शक्ति होगी, जिससे शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रबंधन और गुणवत्ता को बढ़ावा मिलेगा।

इसके अलावा UCC के तहत होने वाले रजिस्ट्रेशन के टाइम को बढ़ा दिया गया है कैबिनेट ने आज यूसीसी के तहत होने वाले रजिस्ट्रेशन खासतौर से शादी रजिस्ट्रेशन की समय सीमा को बढ़ा दिया है। जिस तरह से अब यूसीसी के नियम के तहत जनवरी 2026 तक रजिस्ट्रेशन लोग कर सकते हैं।

उस पर कैबिनेट ने अपनी मुहर लगाई है साथ ही उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा कल्याण बोर्ड के गठन के प्रस्ताव पर सहमति दी गई है आज की कैबिनेट की बैठक में यह फैसला किया गया कि अगर उत्तराखंड में ईसाई या अन्य अल्पसंख्यक अपनी शिक्षण संस्थान (स्कूल) खोलते हैं तो उसके लिए अब बोर्ड से रजिस्ट्रेशन कराया जाएगा।यानी एजुकेशन अथॉरिटी का गठन किया जा रहा है।

19 अगस्त से शुरू हो रहे विधानसभा के सत्र में आने वाले कई प्रस्ताव को लेकर भी कैबिनेट में चर्चा की गई है.जिसमें=विधेयक भी शामिल है इसी तरह से आज की कैबिनेट की बैठक में सेवा नियमावली से संबंधित प्रस्ताव पर मुहर लगी है। आज की कैबिनेट की बैठक में मुहर लगाई है। वही UCC के रजिस्ट्रेशन की अवधि बढ़ाने को लेकर भी फैसला लिया गया है. इसके साथ ही कई विधेयक को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है जो विधानसभा सत्र के दौरान पटल पर रखे जाने हैं।

कठुआ में बादल फटा, चार की मौत और छह घायल

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कठुआ: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ के बाद अब कठुआ जिले पर भी कुदरत का कहर टूटा है। शनिवार और रविवार की दरमियानी रात जिले के राजबाग के जोड़ घाटी गांव में बादल फटने से चार लोगों की मौत हो गई, जबकि छह अन्य घायल हो गए। इस प्राकृतिक आपदा के कारण गांव में भारी तबाही हुई है और कई रास्ते बंद हो गए हैं।

अधिकारियों ने बताया कि बादल फटने से गांव तक पहुंचने के रास्ते अवरुद्ध हो गए और संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुंचा है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की संयुक्त टीम ने स्थानीय स्वयंसेवकों के साथ मिलकर तुरंत बचाव और राहत अभियान शुरू किया।

राहत और बचाव कार्य जारी

बचाव दल ने अब तक चार शव बरामद कर लिए हैं, हालांकि अभी तक उनकी पहचान नहीं हो पाई है। छह घायलों को बचाकर नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के कारण कठुआ के बागड़, चांगडा और दिलवान-हुतली गाँवों में भी भूस्खलन हुआ है, लेकिन वहां किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है।

नदियों का जलस्तर बढ़ा

लगातार हो रही बारिश से क्षेत्र के अधिकतर जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। उझ नदी खतरे के निशान के करीब बह रही है, जिससे प्रशासन अलर्ट पर है। जिला प्रशासन ने लोगों से अपनी सुरक्षा के लिए जलाशयों से दूर रहने की अपील की है और स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

धराली आपदा: खीरगंगा उद्गम स्थल का एसडीआरएफ ने किया भौतिक निरीक्षण, वैज्ञानिक संस्थानों को सौंपी रिपोर्ट

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धराली। लगभग 15 हजार फीट की ऊँचाई पर स्थित खीरगंगा के उद्गम स्थल का एसडीआरएफ टीम ने गहन भौतिक निरीक्षण किया और इसकी प्रारंभिक रिपोर्ट वाडिया हिमालय भू-विज्ञान संस्थान व यू-कॉस्ट के वैज्ञानिकों को सौंप दी है।

रिपोर्ट में खीरगंगा क्षेत्र में जमा पानी, मिट्टी और पत्थरों के तेज बहाव को आपदा का मुख्य कारक बताया गया है। टीम ने क्षेत्र की वीडियोग्राफी और ड्रोन सर्विलांस के जरिये नये तथ्य जुटाने की कोशिश की। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि ग्लेशियर बेस पर तीन अलग-अलग जलधाराओं के तीव्र वेग ने धराली क्षेत्र में व्यापक तबाही मचाई।

ज्ञात हो कि बीते 5 अगस्त को खीरगंगा क्षेत्र में आई भीषण जलप्रलय से धराली बाजार और आसपास के इलाकों में भारी तबाही हुई थी। घटना के बाद एसडीआरएफ की विशेष टीमें तत्काल राहत व बचाव कार्यों में जुट गईं।

जांच का क्रम

7 अगस्त: मुख्य आरक्षी राजेन्द्र नाथ के नेतृत्व में टीम 3450 मीटर की ऊँचाई तक पहुँची। ड्रोन से खीरगंगा के दाहिने हिस्से की निगरानी की गई, लेकिन कहीं भी झील बनने जैसी स्थिति नहीं मिली।

8 अगस्त: एएसआई पंकज घिल्लियाल के नेतृत्व में टीम 3900 मीटर की ऊँचाई तक पहुँची और विस्तृत ड्रोन वीडियोग्राफी/फोटोग्राफी की गई। यह सामग्री वैज्ञानिक संस्थानों को भेजी गई।

14-15 अगस्त: एसडीआरएफ व नेहरू पर्वतारोहण संस्थान की संयुक्त टीम 4812 मीटर की ऊँचाई तक पहुँची। घना कोहरा, तेज हवाओं और बारिश जैसी विकट परिस्थितियों के बावजूद टीम ने ग्लेशियर बेस की विस्तृत रिकॉर्डिंग की।

राहत-बचाव की स्थिति

आपदा के बाद हर्षिल क्षेत्र में सेना के नौ जवान समेत 68 लोग अब भी लापता हैं। अब तक छह मौतों की पुष्टि हो चुकी है। धराली व आसपास के क्षेत्रों में दो हफ्ते बाद भी सड़कें बहाल नहीं हो पाई हैं। मलबे की मोटी परत (करीब 30 फीट) में दबे लोगों की तलाश जारी है।

भीषण सड़क हादसा, एक की मौत और दो गंभीर रूप से घायल

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लालकुआं: रुद्रपुर-हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग 109 पर सड़क हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। शनिवार देर रात लालकुआं कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत मुक्तिधाम, पुराने सुभाष नगर पुलिस चेक पोस्ट के पास एक भीषण दुर्घटना में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा उस समय हुआ जब एक निजी कंपनी के दूध वाहन की 18-टायर ट्रक से जबरदस्त टक्कर हो गई।

टक्कर इतनी जोरदार थी कि दूध वाहन पूरी तरह से चकनाचूर हो गया। हादसे में एक युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि वाहन में सवार दो अन्य लोगों को 108 एम्बुलेंस की मदद से सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दोनों घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है। पुलिस ने मृतक और घायलों की शिनाख्त के प्रयास शुरू कर दिए हैं।

हादसे की वजह

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दूध वाहन का चालक एक बाइक सवार को बचाने की कोशिश में आगे चल रहे ट्रक से टकरा गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन में सवार तीनों लोग अंदर फंस गए। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से दो घायलों को तुरंत बाहर निकाला गया, लेकिन एक युवक करीब आधे घंटे तक वाहन में फंसा रहा और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

हादसे के कारण बरेली रोड पर दोनों ओर लंबा जाम लग गया, जिसे पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद करीब आधे घंटे में खुलवाया। मृतक को निकालने के लिए गैस कटर का इस्तेमाल कर वाहन को काटा गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

पुलिस कर रही है जांच

मौके पर पहुंची लालकुआं कोतवाली की महिला उप निरीक्षक अंजू यादव ने बताया कि घायलों को तुरंत अस्पताल भेजा गया और यातायात को सुचारू कराया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस मृतक और घायलों की पहचान कर रही है और घटना की जांच में जुट गई है।

हादसों का हाईवे

गौरतलब है कि लालकुआं-हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग पर पिछले एक महीने में चार बड़ी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें कई लोगों की जान गई है और कई लोग घायल हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस जगह यह हादसा हुआ, वह हाईवे टू-लेन है और दोनों तरफ घना जंगल होने के कारण काफी अंधेरा रहता है। यहां सड़क सुरक्षा के लिए कोई लाइटिंग या अन्य उपाय नहीं किए गए हैं, जो लगातार हो रहे हादसों का प्रमुख कारण बन रहे हैं।

उत्तरकाशी: हर्षिल झील से सफलतापूर्वक निकासी, कई विभागों की मेहनत लाई रंग

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उत्तरकाशी | उत्तरकाशी के हर्षिल क्षेत्र में बनी झील से आखिरकार शनिवार को सुरक्षित तरीके से पानी की निकासी कर ली गई। प्रशासन और राहत-बचाव एजेंसियों के संयुक्त प्रयास से यह बड़ी सफलता मिली।

जानकारी के अनुसार, झील से पानी बाहर निकालने के लिए उत्तराखंड जल विद्युत निगम, सिंचाई विभाग, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें लगातार जुटी रहीं। विशेषज्ञों ने नदी के समानांतर एक अस्थायी नहर तैयार की, जिसके ज़रिए झील का पानी सुरक्षित ढंग से चैनलाइज किया गया।

करीब 30 से अधिक कर्मचारियों और अधिकारियों ने युद्धस्तर पर काम करते हुए इस चुनौतीपूर्ण कार्य को अंजाम दिया। कठिन परिस्थितियों और जोखिम के बावजूद शनिवार को पानी की निकासी सफलतापूर्वक पूरी की गई।

अधिकारियों का कहना है कि झील से पानी निकल जाने के बाद अब संभावित खतरे टल गए हैं और क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।

राहुल गांधी की वोट अधिकार यात्रा 17 अगस्त से, 16 दिन में 25 जिले करेंगे कवर

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पटना | कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद राहुल गांधी 17 अगस्त से बिहार में अपनी “वोट अधिकार यात्रा” शुरू करने जा रहे हैं। यह यात्रा 16 दिनों तक चलेगी और लगभग 1,300 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए 25 जिलों से गुज़रेगी। यात्रा का समापन 1 सितंबर को पटना के गांधी मैदान में एक बड़ी रैली के साथ होगा।

पार्टी नेताओं के मुताबिक, राहुल गांधी इस यात्रा के ज़रिए मतदाता अधिकारों, संविधान और लोकतंत्र की मज़बूती का संदेश देंगे। कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावारु ने कहा कि यह यात्रा मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और “वोट चोरी” के खिलाफ एक जन आंदोलन का स्वरूप लेगी।

कांग्रेस सांसद अखिलेश सिंह ने बताया कि इस अभियान में इंडिया गठबंधन के तमाम बड़े नेता और कार्यकर्ता भी शामिल होंगे। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी यात्रा में राहुल गांधी का साथ देंगे।

यात्रा का कार्यक्रम

17 अगस्त – रोहतास

18 अगस्त – औरंगाबाद, गया

19 अगस्त – नवादा, नालंदा, शेखपुरा

21 अगस्त – लखीसराय, मुंगेर

22 अगस्त – भागलपुर

23 अगस्त – कटिहार

24 अगस्त – पूर्णिया, अररिया

26 अगस्त – सुपौल, मधुबनी

27 अगस्त – दरभंगा, मुजफ्फरपुर

28 अगस्त – सीतामढ़ी, पूर्वी चंपारण

29 अगस्त – पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, सीवान

30 अगस्त – सारण, आरा

1 सितंबर – पटना (गांधी मैदान रैली)