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उत्तराखंड विधानसभा में नौ विधेयक और अनुपूरक बजट पास, डेढ़ दिन में खत्म हुआ सत्र

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देहरादून: उत्तराखंड विधानसभा का चार दिवसीय मानसून सत्र बुधवार को हंगामे के बीच डेढ़ दिन में ही समाप्त हो गया। भारी विरोध के बावजूद, सदन ने 5,315 करोड़ का अनुपूरक बजट और नौ महत्वपूर्ण विधेयक पारित कर दिए। विपक्षी विधायकों के लगातार हंगामे के कारण सदन को कई बार स्थगित करना पड़ा।

मुख्य विधेयक जो पारित हुए:

  • सख्त धर्मांतरण कानून: संशोधित धर्मांतरण कानून के तहत अब जबरन धर्म परिवर्तन कराने पर उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान होगा।
  • समान नागरिक संहिता (यूसीसी) संशोधन विधेयक: इस विधेयक में गलत तरीके से लिव-इन-रिलेशनशिप में रहने वालों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है।
  • उत्तराखंड अल्पसंख्यक विधेयक: इस विधेयक के पारित होने के बाद, सभी अल्पसंख्यक समुदायों के लिए एक प्राधिकरण का गठन होगा। इससे राज्य में मदरसों को भी मान्यता मिलने का रास्ता खुल गया है।

सत्र के दौरान, विपक्ष ने सरकार के खिलाफ तीखा विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस विधायकों ने निर्दलीय विधायक संजय डोभाल के साथ मिलकर धरना-प्रदर्शन किया। इसी बीच कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश ने विरोध जताते हुए सदन में कागज फाड़कर उछाल दिए, जिससे माहौल और भी तनावपूर्ण हो गया।

NDA उपराष्ट्रपति उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन ने भरा नामांकन, PM मोदी बने पहले प्रस्तावक

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नई दिल्ली: राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन ने आज अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह सहित कई केंद्रीय मंत्री और एनडीए के प्रमुख नेता मौजूद थे।

संसद भवन में आयोजित नामांकन प्रक्रिया में लगभग 160 NDA सदस्य उपस्थित थे, जो गठबंधन की एकजुटता को दर्शाते हैं। राधाकृष्णन ने चार सेटों में अपना नामांकन पत्र जमा किया, जिनमें से प्रत्येक पर 20 प्रस्तावक और 20 अनुमोदकों के हस्ताक्षर थे।

पहले सेट में मुख्य प्रस्तावक के रूप में प्रधानमंत्री मोदी ने हस्ताक्षर किए, जबकि बाकी सेटों पर अन्य वरिष्ठ मंत्रियों और नेताओं के हस्ताक्षर थे। सी.पी. राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद के लिए नामित करने का निर्णय एनडीए नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया था।

उत्तराखंड: केदारनाथ-हेमकुंड साहिब रोपवे का रास्ता साफ, 6,811 करोड रुपये स्वीकृत

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने उत्तराखंड में केदारनाथ और हेमकुंड साहिब के लिए दो महत्वपूर्ण रोपवे परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य तीर्थयात्रियों की यात्रा को सुरक्षित, सुगम और कम समय लेने वाला बनाना है। कुल 6,811 करोड़ की लागत वाली ये परियोजनाएं राज्य के बुनियादी ढांचे और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित होंगी।

केदारनाथ रोपवे परियोजना
केदारनाथ धाम तक पहुंचने के लिए वर्तमान में भक्तों को गौरीकुंड से करीब 16-17 किलोमीटर की पैदल, खच्चर या हेलीकॉप्टर यात्रा करनी पड़ती है, जिसमें लगभग 8 से 9 घंटे लगते हैं। इस कठिन यात्रा को आसान बनाने के लिए, 12.9 किलोमीटर लंबा रोपवे बनाया जाएगा।

इस परियोजना पर अनुमानित 4,081 करोड़ खर्च होंगे। यह रोपवे सोनप्रयाग से केदारनाथ तक बनाया जाएगा। रोपवे के बनने से 9 घंटे का यह सफर केवल 36 मिनट में पूरा हो जाएगा। इसके माध्यम से प्रति घंटे एक दिशा में लगभग 1,800 यात्री और पूरे दिन में 18,000 यात्री इस रोपवे का उपयोग कर सकेंगे। परियोजना से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और पूरे साल सोनप्रयाग और केदारनाथ के बीच कनेक्टिविटी बनी रहेगी।

हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजना
हेमकुंड साहिब की यात्रा भी बेहद दुर्गम मानी जाती है। तीर्थयात्रियों को गोविंदघाट से 21 किलोमीटर की कठिन चढ़ाई करनी पड़ती है। इस यात्रा को सुगम बनाने के लिए 12.4 किलोमीटर लंबा रोपवे बनाया जाएगा। इस परियोजना के लिए 2,730 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया है। यह रोपवे गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक बनेगा।

इसमें दो चरणों में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल होगा। गोविंदघाट से घांघरिया (10.55 किमी) तक मोनोकेबल डिटैचेबल गोंडोला (डक्ळ) तकनीक और घांघरिया से हेमकुंड साहिब (1.85 किमी) तक ट्राइकेबल डिटैचेबल गोंडोला (3ै) तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इस रोपवे से प्रति घंटे एक दिशा में 1,100 यात्री और पूरे दिन में 11,000 यात्री यात्रा कर सकेंगे।

ये दोनों परियोजनाएं न केवल तीर्थयात्रियों के लिए यात्रा को सुरक्षित बनाएंगी, बल्कि उत्तराखंड में पर्यटन को भी बढ़ावा देंगी, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। यह कदम धार्मिक स्थलों तक पहुंच को आसान बनाकर आध्यात्मिक और आर्थिक विकास को एक साथ बढ़ावा देने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

ऋषिकेश के पास रेव पार्टी का भंडाफोड़, हिरासत में 37 लोग

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ऋषिकेश: उत्तराखंड के चीला नहर, कौड़िया पुल के पास एक रिजॉर्ट में चल रही रेव पार्टी का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। इस दौरान पुलिस ने आर्केस्ट्रा ग्रुप की नौ महिलाओं सहित कुल 37 लोगों को हिरासत में लिया। हालाँकि, मौके से कोई शराब या मादक पदार्थ नहीं मिला, लेकिन पुलिस एक्ट के तहत सभी पर जुर्माना लगाया गया और बाद में छोड़ दिया गया। वहीं, रिजॉर्ट मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

खाद कारोबारियों ने किया था आयोजन

लक्ष्मणझूला थानाध्यक्ष संतोष पैथवाल अपनी टीम के साथ सोमवार रात गश्त पर थे, तभी उन्होंने इवाना रिजॉर्ट से तेज संगीत की आवाज सुनी। जांच करने पर पता चला कि मुजफ्फरनगर जिले के 28 खाद कारोबारी एक पार्टी में शामिल थे। इस पार्टी का आयोजन एक खाद कंपनी के एरिया मैनेजर मनोज कुमार ने किया था। मनोज ने बताया कि कंपनी के खाद बिक्री लक्ष्य को पूरा करने के लिए उसने कारोबारियों को इस तरह की पार्टी का लालच दिया था।

मालिक पर केस दर्ज, महिलाओं पर भी कार्रवाई

पुलिस ने पार्टी में शामिल सभी 37 लोगों पर पुलिस एक्ट के तहत ₹500 का जुर्माना लगाया। मानसून के दौरान रिजॉर्ट खोलने पर प्रतिबंध होने के बावजूद पार्टी आयोजित करने के लिए रिजॉर्ट मालिक प्रशांत के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने आर्केस्ट्रा ग्रुप की नौ महिलाओं पर भी कार्रवाई की, लेकिन कोई अनैतिक गतिविधि का मामला सामने नहीं आया। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि रिजॉर्ट में पहले कोई और अनैतिक गतिविधियां तो नहीं हुई थीं।

गैरसैंण विधानसभा सत्र का दूसरा दिन: ये है आज का एजेंडा, विधानसभा भवन में सोए विपक्ष के विधायक

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गैरसैंण/भराड़ीसैंण : उत्तराखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र का दूसरा दिन विपक्ष के रातभर चले धरने और सत्तापक्ष-विपक्ष के टकराव के बीच शुरू हुआ। मंगलवार को लगातार हंगामे के चलते कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी, इसी दौरान सरकार ने 5,315 करोड़ का अनुपूरक बजट सदन में पेश कर दिया और 9 विधेयक भी टेबल किए। बुधवार को सरकार इन्हें पारित कराने के मूड में है, जबकि कांग्रेस विधायक नैनीताल पंचायत चुनाव हिंसा के मुद्दे पर डटे हुए हैं और अपनी तीन प्रमुख माँगें—नैनीताल डीएम का तबादला, एसएसपी का निलंबन और कांग्रेस नेताओं पर दर्ज मुकदमों की वापसी—दोहरा रहे हैं।

14 अगस्त को हुए नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख चुनावों के दौरान गोलीबारी, मारपीट और निर्वाचित सदस्यों के अपहरण जैसे आरोपों ने मामला तूल पकड़ लिया था। हाई कोर्ट ने भी पुलिस-प्रशासन पर सख्त टिप्पणी करते हुए पुनर्मतदान और विशेष निगरानी जैसे कदम उठाने को कहा। इसके बाद सरकार ने बीटलगाड़ थानाध्यक्ष को निलंबित किया, भवाली सीओ पर विभागीय जांच बैठाई और कई मामलों की सीबी-सीआईडी जांच शुरू करवाई। लेकिन विपक्ष का कहना है कि यह पर्याप्त नहीं है और जिम्मेदारी शीर्ष स्तर पर तय होनी चाहिए।

इससे पहले मंगलवार को कांग्रेस विधायकों ने वेल में नारेबाजी, कागज फाड़ने जैसी हरकतें कीं और रातभर सदन परिसर में ही धरने पर बैठे रहे। स्पीकर की अपील और संसदीय कार्यमंत्री की चेतावनी के बावजूद गतिरोध जारी रहा। सरकार का आरोप है कि विपक्ष आपदा के समय में सदन को ठप कर रहा है, जबकि विपक्ष का कहना है कि कानून-व्यवस्था और नैनीताल प्रकरण पर ठोस कार्रवाई पहले होनी चाहिए। इसी हंगामे के बीच सरकार ने अनुपूरक बजट और विधेयक पेश कर दिए और सदन की कार्यवाही बुधवार सुबह 11 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।

आज सरकार का एजेंडा अनुपूरक बजट और विधेयकों को पारित कराने का है, जबकि विपक्ष बिना लिखित आश्वासन और ठोस कार्रवाई के सदन चलने देने के मूड में नहीं दिख रहा। चार दिन निर्धारित इस सत्र का भविष्य इसी टकराव पर टिका है। नैनीताल की चुनावी तस्वीर में भाजपा की दीपा डर्मवाल ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद जीता, जबकि उपाध्यक्ष पद कांग्रेस के खाते में गया—हालांकि पूरी प्रक्रिया हिंसा, गोलीबारी और निर्वाचित सदस्यों के “लापता” होने के आरोपों से घिरी रही, और यही विवाद अब विधानसभा सत्र का ईंधन बन गया है।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमला, जनसुनवाई के दौरान हुआ वाकया

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नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर उनके सिविल लाइंस स्थित कार्यालय में जनसुनवाई के दौरान एक अज्ञात व्यक्ति ने कथित तौर पर हमला किया। इस घटना के बाद दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इसकी कड़ी निंदा की है।

भाजपा प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर के अनुसार, यह घटना तब हुई जब जनसुनवाई में एक युवक मुख्यमंत्री के पास कागज लेकर पहुंचा। कपूर ने बताया कि युवक ने ऊंची आवाज में अपशब्द बोलते हुए मुख्यमंत्री पर हमला कर दिया। मौके पर मौजूद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए हमलावर को पकड़ लिया। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है।

‘हताश पार्टी का कार्यकर्ता हो सकता है हमलावर’

भाजपा प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने आशंका जताई है कि हमलावर किसी ‘हताश पार्टी’ का कार्यकर्ता हो सकता है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री पर हमला करने वाला व्यक्ति लगभग 35 साल का था। बताया गया कि उसने पहले मुख्यमंत्री को कुछ दस्तावेज दिए और फिर अचानक उन पर हमला कर दिया। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

उत्तराखंड विधानसभा का मानसून सत्र: हंगामे के बीच सीएम धामी ने रखा 5315 करोड़ का अनुपूरक बजट, नौ विधेयक भी पेश

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भराड़ीसैंण/चमोली। उत्तराखंड विधानसभा का चार दिवसीय मानसून सत्र मंगलवार से भराड़ीसैंण में शुरू हुआ। पहले ही दिन सदन में विपक्ष ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर जमकर हंगामा किया। भारी बवाल के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 5315 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट सदन में पेश किया। इसके साथ ही नौ महत्वपूर्ण विधेयक भी पटल पर रखे गए। हंगामे और बार-बार स्थगन के बाद सदन की कार्यवाही बुधवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई।

सात बार स्थगित हुई कार्यवाही

सुबह 11 बजे जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई, कांग्रेस विधायकों ने नैनीताल प्रकरण और कानून-व्यवस्था को लेकर विरोध शुरू कर दिया। हंगामे के चलते सदन को सात बार स्थगित करना पड़ा। इस दौरान विपक्षी विधायकों ने सचिव की टेबल पलटने की कोशिश की, माइक तोड़ा और कार्यसूची फाड़कर हवा में उछाली। कांग्रेस विधायक वेल में धरने पर भी बैठ गए। विधानसभा अध्यक्ष ने इसे बेहद दुखद करार देते हुए नाराजगी जताई।

पेश हुए ये नौ विधेयक

1. उत्तराखंड विनियोग 2025-26 का अनुपूरक विधेयक 2025

2. उत्तराखंड उत्तर प्रदेश श्री बदरीनाथ तथा श्री केदारनाथ मंदिर अधिनियम 1939 संशोधन विधेयक 2025

3. उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता एवं विधि विरुद्ध प्रतिषेध संशोधन विधेयक 2025

4. उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2025

5. उत्तराखंड साक्षी संरक्षण निरसन विधेयक 2025

6. उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा विधेयक 2025

7. समान नागरिक संहिता उत्तराखंड संशोधन विधेयक 2025

8. उत्तराखंड पंचायती राज संशोधन विधेयक 2025

9. उत्तराखंड लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक 2025

सुरक्षा कड़ी

सत्र के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए भराड़ीसैंण में धारा 163 लागू की गई है। प्रदर्शनों पर रोक लगाई गई है और 804 पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात किए गए हैं।

एशिया कप टी20 के लिए भारतीय टीम का ऐलान, इनको मिली जगह

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टीम इंडिया ने एशिया कप टी20 टूर्नामेंट के लिए अपनी टीम घोषित कर दी है। इस बार सूर्यकुमार यादव को कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि शुभमन गिल उपकप्तान की भूमिका निभाएंगे। शुभमन गिल की यह वापसी है, क्योंकि पिछली बार फरवरी में इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए टी20 मुकाबले में वह टीम का हिस्सा नहीं थे।

लंबे इंतजार के बाद जसप्रीत बुमराह की भी टीम में वापसी हुई है और अब वह एशिया कप में नजर आएंगे। चयनकर्ताओं ने इस बार रिंकू सिंह पर भरोसा जताया है, वहीं श्रेयस अय्यर को फिर से टीम से बाहर रखा गया है।

घोषित टीम में चार विशेषज्ञ बल्लेबाज और चार ऑलराउंडर्स शामिल हैं। विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी जितेश शर्मा और संजू सैमसन निभाएंगे। गेंदबाजी विभाग में तीन तेज गेंदबाज और दो स्पिनर चुने गए हैं।

ध्यान देने वाली बात है कि अगले साल टी20 विश्व कप होना है और उससे पहले भारतीय टीम करीब 20 टी20 मुकाबले खेलेगी, जिनमें खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर खास नजर रहेगी।

भारतीय टीम: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), शुभमन गिल (उपकप्तान), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, जितेश शर्मा, जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, संजू सैमसन, हर्षित राणा, रिंकू सिंह।

उपराष्ट्रपति चुनाव में रोचक मुकाबला : INDIA गठबंधन ने पूर्व जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी को बनाया उम्मीदवार

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नई दिल्ली: 9 सितंबर को होने वाला उपराष्ट्रपति चुनाव इस बार काफी दिलचस्प होने वाला है। सत्तारूढ़ एनडीए ने जहां महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन को अपना उम्मीदवार बनाया है, वहीं अब विपक्षी ‘इंडी’ गठबंधन ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी के नाम की घोषणा कर दी है। खास बात यह है कि दोनों ही उम्मीदवार दक्षिण भारत से हैं।

पूर्व जस्टिस रेड्डी के नाम पर फैसला कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर हुई एक बैठक में लिया गया, जिसमें गठबंधन के नेताओं ने संयुक्त उम्मीदवार उतारने पर सहमति जताई। बी. सुदर्शन रेड्डी का कानूनी करियर चार दशकों से भी अधिक का रहा है।

जानिए कौन हैं बी. सुदर्शन रेड्डी?

  • जन्म और शुरुआती जीवन: बी. सुदर्शन रेड्डी का जन्म 8 जुलाई, 1946 को तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले के अकुला मायलाराम गांव में एक किसान परिवार में हुआ था।
  • कानूनी करियर की शुरुआत: उन्होंने 1971 में उस्मानिया विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री प्राप्त की और आंध्र प्रदेश बार काउंसिल में एक वकील के रूप में अपना पंजीकरण कराया। इसके बाद उन्होंने आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय में रिट और सिविल मामलों में वकालत की।
  • सरकारी वकील: वह 1988 से 1990 तक आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय में सरकारी वकील रहे। इसके अलावा, उन्होंने कुछ समय के लिए केंद्र सरकार के अतिरिक्त स्थायी वकील के रूप में भी कार्य किया।
  • उच्च पदों पर नियुक्ति: 1995 में वह आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के स्थायी न्यायाधीश बने। 2005 में उन्हें गुवाहाटी उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया, और 2007 में वह सुप्रीम कोर्ट के जज बने। वह 2011 में सेवानिवृत्त हुए।
  • लोकायुक्त का पद: मार्च 2013 में जस्टिस (रिटायर्ड) रेड्डी गोवा के पहले लोकायुक्त बने, हालांकि कुछ महीनों बाद ही उन्होंने व्यक्तिगत कारणों से अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

नैनीताल जिला पंचायत विवाद : भाजपा दीपा दरम्वाल अध्यक्ष, एक वोट से मिली जीत

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नैनीताल: नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव परिणाम घोषित हो गए हैं। अध्यक्ष पद पर भाजपा की प्रत्याशी दीपा दरम्वाल ने एक वोट के अंतर से जीत दर्ज की है, जबकि उपाध्यक्ष पद पर कांग्रेस की देवकी बिष्ट बिष्ट  ने टॉस जीतकर बाजी मारी।

जिला कोषागार में हुई मतगणना के अनुसार, अध्यक्ष पद के लिए भाजपा उम्मीदवार दीपा दरम्वाल को 11 वोट मिले, जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस की पुष्पा नेगी को 10 वोट प्राप्त हुए। एक वोट रद्द माना गया, जिससे दीपा दरम्वाल एक वोट के मामूली अंतर से विजयी रहीं।

वहीं, उपाध्यक्ष पद के लिए मुकाबला काफी दिलचस्प रहा। इस पद पर भाजपा और कांग्रेस, दोनों पार्टियों के उम्मीदवारों को बराबर वोट मिले। इसके बाद नियमानुसार टॉस किया गया, जिसमें कांग्रेस की देवकी बिष्ट को जीत मिली और वह नैनीताल जिला पंचायत की उपाध्यक्ष चुनी गईं।