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उत्तराखंड भाजपा की नई टीम का एलान जल्द, नई कार्यकारिणी होगी घोषित

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देहरादून: उत्तराखंड भाजपा की नई प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा इसी हफ्ते हो सकती है। पार्टी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट दिल्ली से लौट चुके हैं और उन्होंने नई टीम को अंतिम रूप दे दिया है। माना जा रहा है कि आने वाले तीन से चार दिनों में कुल 31 पदाधिकारियों के नामों का ऐलान कर दिया जाएगा।

2027 के चुनावों पर रहेगा फोकस

भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने बताया कि नई टीम में पदाधिकारियों के चयन पर विस्तार से चर्चा हो चुकी है। यह नई टीम आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करना है। नई टीम पूरी ऊर्जा के साथ चुनावी रणनीति पर काम करेगी।

ऐसा होगा नया संगठनात्मक ढांचा

महेंद्र भट्ट के नेतृत्व में बनने वाली इस नई कार्यकारिणी में कुल 31 पदाधिकारी होंगे। इसमें आठ प्रदेश उपाध्यक्ष, आठ प्रदेश मंत्री, तीन महामंत्री, एक महामंत्री संगठन, एक प्रदेश मीडिया प्रभारी, एक कोषाध्यक्ष और एक कार्यालय सचिव शामिल हैं। इसके साथ ही, सात अलग-अलग मोर्चों – युवा मोर्चा, किसान मोर्चा, महिला मोर्चा, अनुसूचित जाति मोर्चा, ओबीसी मोर्चा, अल्पसंख्यक मोर्चा और अनुसूचित जनजाति मोर्चा के अध्यक्षों की भी घोषणा की जाएगी। ऐसी भी अटकलें हैं कि इस बार प्रदेश महामंत्री के पद पर किसी महिला को भी जिम्मेदारी दी जा सकती है।

देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर मुसीबत, बारिश से उखड़ी सड़क और दरकने लगे पहाड़

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देहरादून: लंबे समय से प्रतीक्षित दून-दिल्ली एक्सप्रेसवे का काम अभी पूरा भी नहीं हुआ है और इस पर मानसून का असर दिखने लगा है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण एक्सप्रेसवे की सड़क कई जगह से उखड़ गई है और गहरे गड्ढे बन गए हैं। इसके अलावा, जिन पहाड़ों को काटकर सड़क बनाई गई थी, वे भी दरकने लगे हैं, जिससे मलबा और पत्थर गिर रहे हैं।

तैयारी से पहले ही सड़कों की दुर्दशा

एक्सप्रेसवे के तहत गणेशपुर से आशारोड़ी तक एलिवेटेड रोड का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन दिल्ली से उद्घाटन की तारीख न मिलने के कारण इसे अभी तक पूरी तरह खोला नहीं गया है। हालांकि, मोहंड में पुराने रास्ते पर निर्माण कार्य के चलते एलिवेटेड रोड का करीब दो किमी हिस्सा आवाजाही के लिए खुला है, और यहीं पर सड़क की खराब हालत सामने आई है। आशारोड़ी में पुलिस चौकी से पहले कई किलोमीटर तक आठ से ज्यादा जगहों पर गड्ढे हो गए हैं। यहां तक कि टनल के पास बनी कलाकृति के पास भी गहरे गड्ढे दिख रहे हैं।

एनएचएआई का आश्वासन

एनएचएआई के परियोजना निदेशक पंकज मौर्य ने इस बारे में बताया कि बारिश के कारण काम करने में परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि गड्ढों को बारिश रुकने के बाद ठीक कराया जाएगा। वहीं, भूस्खलन वाले स्थानों पर ट्रीटमेंट के लिए वन विभाग से बात की जा रही है, ताकि भविष्य में हादसों को रोका जा सके।

सहारनपुर के हिस्से में भी यही हाल

एक्सप्रेसवे का कुछ हिस्सा दून में और बाकी सहारनपुर की सीमा में है, और दोनों ही जगह सड़क की खराब स्थिति सामने आई है। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि एक्सप्रेसवे बनाने के लिए काटे गए पहाड़ बारिश के कारण कमजोर हो गए हैं। इनसे लगातार मलबा और पत्थर गिर रहे हैं। यदि समय रहते इन दरकते पहाड़ों का सही इलाज नहीं किया गया, तो पूरी तरह से शुरू होने के बाद यह एक्सप्रेसवे वाहनों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। फिलहाल इन खतरों से निपटने के लिए इंतजाम नाकाफी नजर आ रहे हैं, जिससे भविष्य में दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई है।

आप नेता सौरभ भारद्वाज के घर ED की छापेमारी, अस्पताल निर्माण घोटाले का आरोप

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नई दिल्ली: केंद्र में नई सरकार के गठन के बाद से आम आदमी पार्टी (आप) की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार सुबह आप नेता और दिल्ली के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज के आवास पर छापेमारी की। यह कार्रवाई अस्पताल निर्माण से जुड़े कथित घोटाले के मामले में की गई है। ईडी की टीम भारद्वाज के घर के अलावा, निर्माण से संबंधित 13 अन्य ठिकानों पर भी तलाशी ले रही है।

पुराने घोटालों में ईडी की कार्रवाई

गौरतलब है कि जुलाई महीने में ईडी ने आम आदमी पार्टी के शासनकाल के तीन अलग-अलग कथित घोटालों – अस्पताल निर्माण, सीसीटीवी और शेल्टर होम घोटाले – को लेकर मनी लॉन्ड्रिंग के मामले दर्ज किए थे। ईडी का आरोप है कि इन मामलों में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं। वर्तमान छापेमारी अस्पताल निर्माण घोटाले से संबंधित है, जिसमें 5590 करोड़ रुपये की हेराफेरी का आरोप है। इस मामले में सौरभ भारद्वाज और पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।

दिल्ली सरकार ने 2018-19 में 24 अस्पताल परियोजनाओं को मंजूरी दी थी, लेकिन इनमें से कई परियोजनाएं अभी भी अधूरी हैं। आरोप है कि अस्पतालों के निर्माण पर 800 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद काम सिर्फ 50% ही पूरा हुआ है। इसी तरह, लोकनायक अस्पताल में बन रहे 22 मंजिला ब्लॉक की लागत 488 करोड़ से बढ़कर 1,135 करोड़ रुपये हो गई।

आप ने लगाया राजनीतिक बदले का आरोप

ईडी की इस कार्रवाई पर आम आदमी पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। आप सांसद संजय सिंह ने एक्स पर एक वीडियो जारी कर इसे मोदी सरकार की बदले की राजनीति बताया। उन्होंने कहा कि यह छापेमारी प्रधानमंत्री की फर्जी डिग्री से ध्यान भटकाने के लिए की गई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि जिस अवधि का यह केस है, उस समय सौरभ भारद्वाज मंत्री नहीं थे, इसलिए यह पूरा केस झूठा है। पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने भी सोशल मीडिया पर इस कार्रवाई को झूठा बताया।

इन घोटालों के मामले में सीबीआई और एसीबी भी पहले से ही जांच कर रही हैं। यह माना जा रहा है कि इन जांच एजेंसियों की एफआईआर के आधार पर ही ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के केस दर्ज किए हैं। आने वाले दिनों में और भी आप नेताओं से इन मामलों में पूछताछ और छापेमारी हो सकती है।

भारतीय वायुसेना के ‘योद्धा’ MiG-21 की विदाई, वायुसेना प्रमुख ने भरी आखिरी उड़ान

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नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना के बेड़े में छह दशकों तक गौरवशाली सेवा देने वाला मिग-21 लड़ाकू विमान अब अपने ऑपरेशनल रोल से विदाई ले रहा है। इस ऐतिहासिक क्षण से ठीक पहले, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने खुद इस विमान में उड़ान भरी, जो इस दिग्गज विमान को एक भावुक विदाई सलाम माना जा रहा है। 26 सितंबर, 2025 को आधिकारिक रूप से मिग-21 को सेवामुक्त कर दिया जाएगा।

एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने 18-19 अगस्त को बीकानेर के नाल एयरबेस से इस विमान में एकल उड़ान भरी। उनके लिए यह क्षण इसलिए भी खास था, क्योंकि उन्होंने 1985 में इसी विमान से अपनी पहली ऑपरेशनल उड़ान भरी थी। उन्होंने मिग-21 को वायुसेना की रीढ़ बताते हुए कहा कि इसकी तेज रफ्तार, फुर्ती और सरल डिजाइन हर उस पायलट के जीवन में खास यादें छोड़ जाएगी जिसने इसे उड़ाया है।

यह विमान 1963 में वायुसेना में शामिल हुआ था और भारत का पहला सुपरसोनिक विमान था। इसने 1965 और 1971 के युद्धों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, खासकर 1971 के युद्ध में ढाका स्थित गवर्नर हाउस पर हमला कर पाकिस्तानी सेना के समर्पण में अहम भूमिका निभाई थी। वायुसेना प्रवक्ता विंग कमांडर जयदीप सिंह ने बताया कि मिग-21 ने 1971 में एफ-104 विमानों को मार गिराने से लेकर हाल ही में एफ-16 का सामना करने तक अद्वितीय विरासत छोड़ी है।

इसे दुनिया के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले सुपरसोनिक जेट में से एक माना जाता है। हालांकि, तकनीकी बदलावों की कमी के कारण यह कई दुर्घटनाओं का शिकार भी हुआ, जिसमें 200 से अधिक जांबाज पायलट शहीद हुए। मिग-21 की जगह अब स्वदेशी तेजस के साथ-साथ राफेल और सुखोई-30 जैसे आधुनिक विमान लेंगे। वायुसेना और देशवासी इस आइकॉनिक विमान को उसकी गौरवशाली सेवा के लिए हमेशा याद रखेंगे।

उत्तराखंड में मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट तेज, धामी सरकार में होगा बड़ा फेरबदल?

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देहरादून: उत्तराखंड में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल फिर तेज हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हालिया बयानों और दिल्ली यात्रा के बाद यह माना जा रहा है कि धामी कैबिनेट में जल्द ही नए चेहरों को जगह मिल सकती है। भाजपा हाईकमान की हरी झंडी मिलते ही मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है। वर्तमान में धामी सरकार में पांच मंत्री पद खाली हैं, जिसके कारण कई विधायक और वरिष्ठ नेता लंबे समय से मौका मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

उत्तराखंड का अगला मंत्रिमंडल विस्तार सिर्फ खाली पदों को भरने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी के तौर पर भी देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री धामी और भाजपा हाईकमान का पूरा ध्यान क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को साधने पर है।

पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों के बीच संतुलन बनाए रखने के साथ ही विभिन्न जाति समूहों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की जाएगी। पार्टी यह सुनिश्चित करना चाहती है कि मंत्रिमंडल में सभी प्रमुख क्षेत्रों और समुदायों का पर्याप्त प्रतिनिधित्व हो, ताकि 2027 के चुनावों में पार्टी की पकड़ मजबूत बनी रहे।

मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले संभावित नामों को लेकर सियासी गलियारों में कई कयास लगाए जा रहे हैं। अनुभवी नेताओं में मदन कौशिक, बंशीधर भगत, बिशन सिंह चुफाल, और मुन्ना सिंह चौहान के नामों की चर्चा जोर-शोर से है। इसके अलावा, विनोद चमोली, खजान दास, और अरविंद पांडेय को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है।

यह विस्तार न सिर्फ सरकार की कार्यप्रणाली को गति देगा, बल्कि पार्टी के भीतर भी असंतोष को कम करने में मदद कर सकता है। सभी की निगाहें अब दिल्ली पर टिकी हैं कि भाजपा हाईकमान कब और किसे हरी झंडी देता है। आने वाले दिनों में उत्तराखंड की राजनीति में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

उत्तरकाशी में आपदा ग्रस्त क्षेत्रों का राज्यपाल ने किया दौरा, प्रभावित परिवारों को दिलाया हरसंभव सहायता का भरोसा

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उत्तरकाशी: राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने सोमवार को उत्तरकाशी जिले के आपदा प्रभावित क्षेत्रों धराली, हर्षिल और मुखबा का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने आपदा से प्रभावित परिवारों से भेंट कर उनके हालचाल पूछे तथा राहत एवं सुरक्षा कार्यों की वस्तुस्थिति का जायजा लिया।

मुखबा पहुँचकर राज्यपाल ने आपदा प्रबंधन, राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली। जिला प्रशासन, सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अन्य एजेंसियों से राहत कार्यों की जानकारी प्राप्त करते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास हेतु ठोस और दीर्घकालिक कार्ययोजना शीघ्र तैयार की जाए, जिससे लोग जल्द ही सामान्य जीवन में लौट सकें।

राज्यपाल ने आपदा प्रभावित परिवारों को आश्वस्त करते हुए कहा कि इस संकट की घड़ी में राज्य सरकार एवं पूरा प्रशासन उनके साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने प्रभावित लोगों से हरसंभव सहयोग और सहायता का भरोसा जताया।

आपसी समन्वय की सराहना करते हुए राज्यपाल ने कहा कि जिला प्रशासन, सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अन्य एजेंसियों के निष्ठापूर्ण प्रयासों व त्वरित कार्रवाई से राहत एवं बचाव कार्यों को गति मिली है। विशेष रूप से, उन्होंने 14 राजपूताना रेजीमेंट के जवानों की सराहना की, जिन्होंने स्वयं आपदा से प्रभावित होने के बावजूद राहत कार्यों में सक्रिय योगदान दिया। राज्यपाल ने इसे “मानवता की सच्ची सेवा और साहसिक कर्तव्यनिष्ठा का प्रेरणादायक उदाहरण” बताया।

उत्तरकाशी जनपद में कई मार्ग अवरुद्ध, खोलने का काम जारी

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उत्तरकाशी। लगातार बारिश का असर जनपद में यातायात व्यवस्था पर देखा जा रहा है। एनएच-108 भटवाड़ी के पास नलूण में मार्ग बाधित हो गया है, जिसे खोलने के लिए बीआरओ की मशीनें मौके पर तैनात हैं।

वहीं, यमुनोत्री धाम जाने वाला मार्ग भी नारद चट्टी और जंगल चट्टी के पास अवरुद्ध है। सड़क पर मलबा व पत्थर आने से यातायात पूरी तरह ठप पड़ा है।

स्यानाचट्टी में देर रात भारी बारिश के बाद यमुना नदी का जलस्तर बढ़ गया, जिससे आसपास के क्षेत्रों में खतरा बढ़ गया है।

जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DCR) के अनुसार, वर्तमान में जिला मुख्यालय सहित सभी तहसीलों, हर्षिल और स्यानाचट्टी में हल्की बारिश जारी है। फिलहाल अन्य क्षेत्रों में स्थिति सामान्य बताई जा रही है।

उड़ी: LoC पर घुसपैठ की कोशिश विफल, सेना ने खदेड़े आतंकी

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श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के उड़ी सेक्टर में भारतीय सेना ने घुसपैठ की एक बड़ी कोशिश को नाकाम कर दिया है। सोमवार को उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले में स्थित उड़ी के टुरना क्षेत्र में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास जवानों ने संदिग्ध हलचल देखी।

तुरंत कार्रवाई करते हुए, सैनिकों ने घुसपैठ की कोशिश कर रहे आतंकियों को वापस खदेड़ दिया। इस सफल अभियान के बाद, सेना ने पूरे इलाके में एक व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी आतंकी भारतीय सीमा में प्रवेश न कर पाए।

सुरक्षा बलों ने बढ़ाई चौकसी

सेना ने सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले नागरिकों को भी सतर्क कर दिया है। सभी अग्रिम चौकियों और बस्तियों में लोगों को सूचित किया गया है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति को देखते ही तुरंत नजदीकी सुरक्षा चौकी को इसकी सूचना दें।

यह उल्लेखनीय है कि पिछले 15 दिनों में उड़ी सेक्टर में गुलाम कश्मीर की तरफ से घुसपैठ का यह दूसरा प्रयास है, जो इस क्षेत्र में लगातार बढ़ती आतंकी गतिविधियों को दर्शाता है। सेना और अन्य सुरक्षा बल एलओसी पर हाई अलर्ट पर हैं और किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

ED अधिकारियों को देख दूसरी मंजिल से कूदे विधायक, फिर भी पकडे गए

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कोलकाता: सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के 15 महीने बाद, टीएमसी विधायक जीबन कृष्ण साहा को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक बार फिर गिरफ्तार कर लिया है। सोमवार सुबह मुर्शिदाबाद जिले के बरन्या के अंदिर गांव स्थित उनके आवास से उन्हें हिरासत में लिया गया। यह गिरफ्तारी केंद्रीय एजेंसी द्वारा चार घंटे की पूछताछ के बाद हुई।

ईडी सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई शिक्षक भर्ती घोटाले से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं के मामले में की गई। ईडी की टीम ने साहा के आवास पर छापा मारा, जिसके बाद विधायक ने भागने की कोशिश की। उन्होंने कथित तौर पर घर की दीवार फांदकर और दूसरी मंजिल से कूदकर भागने का प्रयास किया, लेकिन केंद्रीय सुरक्षा बलों ने उन्हें पकड़ लिया। इस दौरान, उन्होंने अपने दो मोबाइल फोन घर के पीछे झाड़ियों में फेंक दिए, जिन्हें बाद में ईडी अधिकारियों ने बरामद कर लिया।

कई ठिकानों पर छापेमारी

ईडी ने सोमवार को सिर्फ साहा के घर पर ही नहीं, बल्कि कई अन्य स्थानों पर भी छापेमारी की। रघुनाथगंज थाना के पियारापुर स्थित बरन्या में तृणमूल विधायक के ससुराल में भी तलाशी अभियान चलाया गया। इसके अलावा, बीरभूम के सैंथिया में साहा के करीबी और वार्ड नंबर 9 की पार्षद माया साहा के घर की भी तलाशी ली गई।

पहले भी हुई थी गिरफ्तारी

यह पहला मौका नहीं है जब साहा को गिरफ्तार किया गया है। मई 2023 में सीबीआई ने भी शिक्षक भर्ती घोटाले में उन्हें गिरफ्तार किया था। उस समय भी सीबीआई से बचने के लिए उन्होंने अपने दो मोबाइल फोन एक तालाब में फेंक दिए थे। सीबीआई ने उनके घर से लगभग 3,400 उम्मीदवारों से संबंधित दस्तावेज़ बरामद किए थे, जिनमें उनके नाम और रोल नंबर शामिल थे। जीबनकृष्ण साहा को 17 अप्रैल, 2023 को गिरफ्तार किया गया था और 13 महीने बाद 14 मई, 2024 को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली थी। जमानत पर रिहा होने के बाद वह फिर से राजनीति में सक्रिय हो गए थे।

उत्तराखंड में पुलिस का डबल एनकाउंटर, 2 को लगी गोली, 4 गिरफ्तार

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ऊद्धमसिंह नगर : उत्तराखंड में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने बदमाशों के खिलाफ दो अलग-अलग सफल कार्रवाई की है। ऊधम सिंह नगर जिले के किच्छा और काशीपुर में संडे की देर शाम पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद कुल चार अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। दोनों ही मामलों में एक-एक बदमाश के पैर में गोली लगी है, जबकि बाकी को बिना मुठभेड़ के ही पकड़ लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से अवैध हथियार भी बरामद किए हैं।

अलीम हत्याकांड में दो आरोपी गिरफ्तार

किच्छा के चर्चित अलीम हत्याकांड में पुलिस ने दो और आरोपियों को मुठभेड़ के बाद दबोच लिया है। पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी दरऊ क्षेत्र के खेतों में छिपे हैं। घेराबंदी के दौरान आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई। इस दौरान एक आरोपी, साजिद खान (46) के पैर में गोली लगी। उसके साथी गुलनवाज (22) को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने दोनों के पास से दो तमंचे और कारतूस बरामद किए हैं। दोनों को सोमवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। इससे पहले भी इस मामले में दो आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।

पूर्व प्रधान पर हमले के आरोपी दबोचे गए

उधर, काशीपुर में भी पुलिस ने पूर्व ग्राम प्रधान श्याम सिंह पर गोली चलाने वाले दो आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। कुंडेश्वरी खरमासा क्षेत्र में अचार फैक्ट्री की ओर भाग रहे काव्य शर्मा और राघव मिश्रा को पुलिस ने घेर लिया। जवाबी कार्रवाई में काव्य शर्मा के पैर में गोली लगी और दूसरे आरोपी को भी पकड़ लिया गया।

पुलिस पूछताछ में दोनों ने 21 अगस्त को श्याम सिंह पर हमला करने की बात कबूल की है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, काव्य शर्मा एक हिस्ट्रीशीटर है जिसका आपराधिक इतिहास काफी पुराना है। उसके भाई कार्तिक पर भी फरवरी में हुए दोहरे हत्याकांड का आरोप है। पुलिस ने बताया कि श्याम सिंह पर हमला पुरानी रंजिश का नतीजा था। दोनों आरोपियों के पास से तमंचे और कारतूस भी बरामद हुए हैं।