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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ली उच्चस्तरीय बैठक, अधिकारियों को दिए निर्देश

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देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सचिवालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में राज्य की कानून-व्यवस्था, सड़कों की स्थिति, और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को जनता के लिए सुगम, सुरक्षित और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कानून-व्यवस्था को लेकर कड़े निर्देश

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने सभी संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों से नियमित निगरानी और राज्य की सीमाओं पर सघन चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही, पुलिस को रात्रि गश्त और अधिक प्रभावी बनाने को कहा गया।

सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का अभियान

धामी ने मानसून के बाद सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़कों के सुधारीकरण के लिए निविदा प्रक्रिया बरसात के बाद पूरी कर ली जाए।

17 सितंबर से सेवा पखवाड़ा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से गांधी जयंती 2 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश में ‘सेवा पखवाड़ा’ आयोजित किया जाएगा। इस दौरान सभी जिलों में सेवा, जन जागरूकता और जनहित से जुड़े कार्यक्रम होंगे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रत्येक जिले के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

रेत मिश्रित नमक की जांच

मुख्यमंत्री ने रेत मिश्रित नमक की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तत्काल नमूने लेकर जांच करने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में मुख्य सचिव आर.के. सुधांशु, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

उत्तराखंड : अस्पताल में प्रसूता के बाद नवजात ने भी तोड़ा दम, परिजनों का हंगामा, मजिस्ट्रेट जांच के आदेश

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चमोली : चमोली के जिला अस्पताल में 31 अगस्त को प्रसव के दौरान हुई एक महिला की मौत के बाद अब उसके नवजात बच्चे ने भी दम तोड़ दिया है। तीन दिन तक वेंटिलेटर पर रहने के बाद मंगलवार रात को नवजात ने अंतिम सांस ली, जिससे परिवार और स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है।

अस्पताल का घेराव

बुधवार को महिला और नवजात की मौत से गुस्साए परिजनों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने जिला अस्पताल का घेराव कर जमकर हंगामा किया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे की मांग की। परिजनों ने अस्पताल के स्टाफ, विशेषकर नर्सों के दुर्व्यवहार को लेकर भी शिकायत की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी संदीप तिवारी, अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश और एसडीएम चमोली आरके पांडेय मौके पर पहुँचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को शांत करने का प्रयास किया और उनकी माँगें सुनीं।

मजिस्ट्रेट जांच के आदेश

जिलाधिकारी ने मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं, जिसका जिम्मा उपजिलाधिकारी को सौंपा गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, उन्होंने अस्पताल प्रशासन को नर्सों के व्यवहार में सुधार लाने और लेबर रूम में शिकायत पुस्तिका रखने के निर्देश दिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष गोविंद सजवाण ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभिषेक गुप्ता के तबादले की भी मांग की, उन पर फोन न उठाने और मामलों में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। यह दुखद घटना एक बार फिर से उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी और लापरवाही को उजागर करती है।

गणेश विसर्जन जुलूस पर तेज रफ्तार का कहर, तीन की मौत और 22 घायल

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जशपुर, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में मंगलवार रात गणेश विसर्जन के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। बगीचा थाना क्षेत्र के जुरूडांड गांव में गणेश विसर्जन जुलूस में शामिल श्रद्धालुओं की भीड़ को एक तेज रफ्तार बोलेरो ने रौंद दिया। इस भीषण दुर्घटना में 19 वर्षीय अरविंद, 17 वर्षीय विपिन कुमार प्रजापति और 32 वर्षीय खिरोवती यादव की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 22 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। घायलों में से कई की हालत गंभीर है, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए अंबिकापुर रेफर किया गया है।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बयां किया खौफनाक मंजर

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मंगलवार रात करीब 10:30 बजे लगभग 150 श्रद्धालु गणेश विसर्जन के लिए निकले थे। रायकेरा की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार बोलेरो अनियंत्रित होकर भीड़ में घुस गई। गाड़ी की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई लोग हवा में उछलकर दूर जा गिरे और कुछ गाड़ी के नीचे कुचल गए। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। गुस्से में आई भीड़ ने गाड़ी के चालक को पकड़कर उसकी जमकर पिटाई की, जबकि गाड़ी में सवार अन्य लोग भागने में सफल रहे।

घायलों का चल रहा इलाज, प्रशासन अलर्ट

हादसे के बाद सभी घायलों को तुरंत बगीचा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। बीएमओ डॉ. सुनील लकड़ा और उनकी टीम ने रात भर घायलों का इलाज किया। गंभीर रूप से घायल लोगों को तुरंत अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया है। सीएमएचओ डॉ. जी.एस. जात्रा ने बताया कि पूरा स्वास्थ्य अमला अलर्ट पर है और मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

हादसे की जानकारी मिलते ही जशपुर विधायक रायमुनि भगत, कलेक्टर रोहित व्यास और एसएसपी शशिमोहन सिंह मौके पर पहुंचे और अस्पताल में घायलों से मुलाकात की। कलेक्टर ने बताया कि घायलों के बेहतर इलाज के लिए प्रशासन की ओर से मेडिकल ऑफिसर और दो नायब तहसीलदार को अंबिकापुर भेजा गया है।

बोलेरो चालक गिरफ्तार, जांच जारी

एसएसपी शशिमोहन सिंह ने बताया कि दुर्घटना के बाद बोलेरो और उसके चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

उत्तराखंड में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट, यात्रा करने से बचें

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देहरादून: उत्तराखंड में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने 4 से 7 सितंबर तक राज्य के कई जिलों में भारी बारिश, गरज के साथ बिजली चमकने और बारिश के तेज दौर को लेकर अलर्ट जारी किया है।

4 सितंबर का अलर्ट

  • भारी बारिश: देहरादून, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिलों में भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है।
  • अन्य जिले: हरिद्वार, पौड़ी, टिहरी, चमोली, नैनीताल, चंपावत, उधम सिंह नगर, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में भी भारी बारिश और गरज के साथ बिजली चमकने की संभावना है।

5 और 6 सितंबर का पूर्वानुमान

  • नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में भारी बारिश की संभावना है।
  • 6 सितंबर को देहरादून, बागेश्वर और नैनीताल जिलों में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान है।
  • राज्य के बाकी पहाड़ी और मैदानी जिलों में गरज के साथ बिजली चमकने और बारिश के तेज दौर देखने को मिल सकते हैं।

7 सितंबर का पूर्वानुमान

  • देहरादून, चंपावत और नैनीताल जिलों में भारी बारिश हो सकती है।
  • बाकी जिलों में भी गरज के साथ बिजली चमकने की संभावना बनी रहेगी।

इस अलर्ट को देखते हुए, प्रशासन ने सभी जिलों में आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। पर्यटकों और यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे इस अवधि में अनावश्यक यात्रा करने से बचें और सुरक्षित रहें। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और सड़कों के बंद होने की भी संभावना है, इसलिए सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।

यमुना का जलस्तर बढ़ा, कई इलाकों में बाढ़ का खतरा, हजारों परिवार प्रभावित

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नई दिल्ली: पहाड़ों पर लगातार हो रही भारी बारिश के कारण यमुना नदी एक बार फिर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे दिल्ली और एनसीआर के कई इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। नदी का पानी घरों, बाजारों, खेतों और श्मशान घाटों तक में घुस गया है, जिससे हजारों परिवारों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

बाढ़ से प्रभावित इलाके और बचाव कार्य

  • दिल्ली में स्थिति:
    • यमुना बाजार के घरों में पानी घुस गया है। सिंचाई विभाग ने रिंग रोड को बचाने के लिए मिट्टी के कट्टों से दीवार बनाई है।
    • निगम बोध घाट के पिछले हिस्से में पानी भरने से अंतिम संस्कार नहीं हो पा रहा है।
    • मोनस्ट्री मार्केट को बंद कर दिया गया है, क्योंकि पानी दुकानों में घुस गया है और करंट फैलने का खतरा है।
    • यमुना खादर (मयूर विहार, पुराना लोहापुल, गीता कॉलोनी) की झुग्गियां पानी में डूब गई हैं। लोग अपने मवेशियों के साथ अस्थायी शिविरों में रह रहे हैं।
  • फरीदाबाद और गौतमबुद्ध नगर में स्थिति:
    • फरीदाबाद में 27 गाँवों को बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील घोषित किया गया है, जहाँ यमुना का पानी फसलों को डुबा रहा है। प्रशासन लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहा है।
    • गौतमबुद्ध नगर में यमुना के डूब क्षेत्र में बने 500 से अधिक फार्म हाउसों से करीब 450 परिवारों और 1500 से अधिक पशुओं को सुरक्षित निकाला गया है।

प्रशासन की तैयारी और कार्रवाई

  • बचाव शिविर: दिल्ली, गौतमबुद्ध नगर और फरीदाबाद में प्रभावित लोगों के लिए स्कूलों और सामुदायिक केंद्रों में अस्थायी शिविर बनाए गए हैं।
  • पुलिस और सिविल डिफेंस: प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस और सिविल डिफेंस के स्वयंसेवक तैनात किए गए हैं।
  • ओखला बैराज: सिंचाई विभाग ने ओखला बैराज से पानी धीरे-धीरे बढ़ाना शुरू कर दिया है ताकि जलस्तर को नियंत्रित किया जा सके।
  • एनडीएमसी की तैयारी: 2023 की बाढ़ से सीख लेते हुए, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने लुटियंस दिल्ली को जलभराव से बचाने के लिए संप वेल तैयार किया है। अगर नाले बैक मारते हैं, तो पानी को पहले संप में इकट्ठा करके पंपों के जरिए वापस यमुना में भेजा जाएगा।
  • राहत कार्य: जिला प्रशासन की टीमें फंसे हुए लोगों और पशुओं को नावों से बाहर निकाल रही हैं।

लगातार हो रही बारिश ने दिल्ली और एनसीआर के लिए एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है और राहत व बचाव कार्यों में जुटा हुआ है। लोगों से अपील की गई है कि वे सुरक्षित रहें और सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

मसूरी गोलीकांड की 31वीं बरसी, सीएम धामी का बड़ा ऐलान

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मसूरी: 2 सितंबर को उत्तराखंड के इतिहास में एक काला दिन माना जाता है। 31 साल पहले इसी दिन, अलग राज्य की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारियों पर मसूरी में पुलिस ने गोलियां चलाई थीं, जिसमें कई लोग शहीद हो गए थे। इस बलिदान को याद करने के लिए मसूरी शहीद स्थल पर हर साल श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया जाता है, लेकिन इस बार का कार्यक्रम केवल श्रद्धांजलि तक ही सीमित नहीं रहा। यह मुख्यमंत्री की घोषणाओं और उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के तीखे आरोपों का मंच भी बन गया।

सीएम धामी की घोषणाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि मसूरी की माल रोड का नाम बदलकर ‘आंदोलनकारी माल रोड’ रखा जाएगा। उन्होंने जोर दिया कि यह सड़क सिर्फ एक रास्ता नहीं, बल्कि उस आंदोलन की गवाह है जिसने उत्तराखंड राज्य को जन्म दिया।

मुख्यमंत्री ने शहीद बलबीर सिंह नेगी, बेलमती चौहान, हंसा धनाई, धनपत सिंह, राय सिंह बंगारी और मदन मोहन ममगई के परिवारों को सम्मानित किया। उन्होंने 2 सितंबर 1994 को “उत्तराखंड के इतिहास का काला दिन” बताया, जब निहत्थे आंदोलनकारियों पर गोलियां चलाई गईं थीं। उन्होंने दोहराया कि उनकी सरकार आंदोलनकारियों के बलिदान को कभी नहीं भूलेगी।

इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने ये घोषणाएं भी कीं:

  • उत्तराखंड आंदोलन के अग्रणी नेता स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी की जन्मशताब्दी भव्य तरीके से मनाई जाएगी।
  • मसूरी स्थित गढ़वाल सभा भवन को संस्कृति और विरासत के केंद्र के रूप में संवारा जाएगा।
  • शिफन कोर्ट में वर्षों से बेघर हुए 84 परिवारों का जल्द ही पुनर्वास किया जाएगा।
  • स्थानीय पटरी व्यापारियों के लिए वेंडर ज़ोन बनाए जाएंगे, जिससे उन्हें स्थायी जगह और सम्मानजनक आजीविका मिल सके।

मुख्यमंत्री धामी के कार्यक्रम से निकलते ही, बाहर मौजूद उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। उन्होंने “शहीदों के कातिलों को सज़ा दो” जैसे नारे लगाए। यूकेडी नेताओं आशीष नेगी और किरण रावत कश्यप ने आरोप लगाया कि शहीद स्थल का कार्यक्रम अब आम जनता और असली आंदोलनकारियों के लिए नहीं, बल्कि केवल वीआईपी नेताओं के लिए आरक्षित हो गया है। उन्होंने दावा किया कि कई पुराने आंदोलनकारियों को गांधी चौक पर ही रोक दिया गया, जिससे उनका अपमान हुआ।

यूकेडी नेताओं ने भाजपा पर दोहरा चरित्र अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक तरफ भाजपा शहीदों को श्रद्धांजलि देती है, वहीं दूसरी तरफ उत्तराखंड आंदोलन के दौरान गोली चलाने का आदेश देने वाले तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है। उनका कहना है कि यह उत्तराखंड के शहीदों का अपमान है।

यूकेडी ने 2027 के विधानसभा चुनाव में मजबूती से उतरने का ऐलान किया और दावा किया कि कांग्रेस और भाजपा मिलकर भी उन्हें नहीं रोक पाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य की भावना को केवल एक क्षेत्रीय दल ही समझ सकता है।

चट्टान गिरने से हरिद्वार स्वास्थ्य विभाग की टीम घायल, कार चकनाचूर

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नैनीताल: उत्तराखंड में भारी बारिश के बीच, नैनीताल-हल्द्वानी मार्ग पर मंगलवार को एक बड़ा हादसा हो गया। नैनीताल के पास पहाड़ी से एक बड़ा बोल्डर हरिद्वार स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की कार पर आ गिरा। इस हादसे में कार में सवार स्वास्थ्य विभाग के एक डॉक्टर सहित तीन लोग घायल हो गए।

अपर जिलाधिकारी विवेक राय ने बताया कि हरिद्वार के स्वास्थ्य विभाग की टीम एक मामले में नैनीताल हाईकोर्ट में काउंटर दाखिल करने जा रही थी। टीम में डॉ. नरेश चौधरी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी सुभाष और श्याम कुमार शामिल थे। जब उनकी कार काठगोदाम और नैनीताल के बीच पहुंची, तभी अचानक पहाड़ी से एक विशाल चट्टान टूटकर उनकी गाड़ी पर गिर गई।

हादसा इतना भीषण था कि गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसके एयरबैग भी खुल गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायलों को बड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। उन्हें तुरंत एंबुलेंस की मदद से हल्द्वानी के बेस अस्पताल पहुंचाया गया।

मुख्य चिकित्सा अधिकारीडॉ. आरके सिंह ने बताया कि घायलों की हालत फिलहाल स्थिर है और उनका इलाज चल रहा है। इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में बारिश के दौरान यात्रा करने के जोखिम को उजागर कर दिया है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

AAP विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा पुलिस हिरासत से फरार

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पटियाला: पंजाब में आम आदमी पार्टी के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा पुलिस हिरासत से फरार हो गए हैं। मंगलवार की सुबह हरियाणा के करनाल से गिरफ्तार किए जाने के बाद, जब पुलिस उन्हें थाने ले जा रही थी, तभी उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया।

पुलिस टीम पर हमला और फायरिंग

फरार होने के दौरान, पठानमाजरा और उनके साथियों ने पुलिस की गाड़ी पर फायरिंग की और उसे कुचलने की कोशिश की। इस घटना में एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। विधायक पठानमाजरा और उनके साथी दो गाड़ियों, एक स्कॉर्पियो और एक फॉर्च्यूनर, में भाग निकले। पुलिस ने फॉर्च्यूनर को पकड़ लिया है, जबकि स्कॉर्पियो में फरार हुए विधायक का अभी भी पीछा किया जा रहा है।

दुष्कर्म के पुराने मामले में गिरफ्तारी

पठानमाजरा को उनकी पूर्व पत्नी से जुड़े दुष्कर्म के एक पुराने मामले में हरियाणा के करनाल के डबरी गाँव से गिरफ्तार किया गया था। इस गिरफ्तारी से ठीक एक दिन पहले, पठानमाजरा ने अपनी ही सरकार पर आरोप लगाया था कि उनकी आवाज़ दबाने के लिए यह मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा था कि दिल्ली की ‘आप’ टीम पंजाब पर हावी होने की कोशिश कर रही है।

सुरक्षा वापस ली गई थी

गौरतलब है कि हाल ही में पंजाब सरकार ने विधायक पठानमाजरा की सुरक्षा वापस ले ली थी। बताया जा रहा है कि वह पिछले कुछ दिनों से अपनी सरकार के खिलाफ बयानबाजी कर रहे थे। उन्होंने हाल की बाढ़ के लिए सिंचाई विभाग के मुख्य अधिकारी कृष्ण कुमार को भी जिम्मेदार ठहराया था।

मराठा आरक्षण आंदोलन: जरांगे को आजाद मैदान खाली करने का नोटिस, बोले-नहीं छोड़ेंगे मुंबई

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मुंबई :  मनोज जरांगे पाटिल ने बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी मुंबई के आजाद मैदान में अपना प्रदर्शन जारी रखा। हाईकोर्ट ने मराठा आरक्षण के लिए प्रदर्शन कर रहे पाटिल और उनके समर्थकों को मंगलवार दोपहर तक सभी सड़कें खाली करने का निर्देश दिया था।

जरांगे का सरकार को अल्टीमेटम

अदालत के निर्देश पर मुंबई पुलिस ने जरांगे पाटिल को आजाद मैदान तुरंत खाली करने का नोटिस दिया, लेकिन उन्होंने इसे मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी सभी माँगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक वे मुंबई नहीं छोड़ेंगे।

प्रमुख मांगें 

  • राज्य के सभी मराठा प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामले वापस लिए जाएँ।
  • प्रदर्शनकारियों पर हमला करने वाले पुलिसकर्मियों को बर्खास्त किया जाए और उनके खिलाफ मामला दर्ज हो।
  • महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पुलिस के जरिए लाठीचार्ज न करवाने की चेतावनी दी।

हाईकोर्ट का सख्त रुख

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को एक तत्काल सुनवाई में कहा कि प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन के लिए दी गई शर्तों का उल्लंघन किया है। अदालत ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने शहर को ठप कर दिया, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ। अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह कानून के तहत उचित कार्रवाई करे और यह सुनिश्चित करे कि प्रदर्शनकारियों द्वारा कब्जा किए गए सभी स्थानों को खाली कराया जाए। इसके अलावा, अदालत ने मुंबई में और अधिक प्रदर्शनकारियों के प्रवेश को रोकने का भी आदेश दिया।

आंदोलन के दौरान स्वास्थ्य और सुरक्षा

हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को मनोज जरांगे पाटिल और अन्य सभी प्रदर्शनकारियों को पर्याप्त चिकित्सा सहायता और उपचार सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि यदि जरांगे का स्वास्थ्य बिगड़ता है, तो सरकार को उन्हें उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करानी चाहिए।

मराठा समुदाय सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में 10% ओबीसी आरक्षण की अपनी पुरानी माँग को लेकर आंदोलन कर रहा है। मनोज जरांगे पाटिल की भूख हड़ताल के बाद यह आंदोलन और भी तेज हो गया है, जिससे मुंबई में यातायात व्यवस्था चरमरा गई है और महाराष्ट्र की महायुति सरकार पर दबाव बढ़ गया है।

उत्तराखंड में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, कई मार्ग बाधित

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देहरादून: उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। विशेषकर उत्तरकाशी और चमोली जिलों में भूस्खलन और मलबा गिरने से कई राष्ट्रीय राजमार्ग और आंतरिक सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं।

बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग सेलंग के पास मलबा आने से बंद हो गया है, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी तरह, गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग डबरानी के पास बाधित है, और यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग झर्जर गाड़, जंगलचट्टी, बनास, नारदचट्टी, कल्याणी, हरेती और फेडी सहित कई स्थानों पर मलबा और पत्थर गिरने से बंद है।

मौसम विभाग का अलर्ट

मौसम विभाग ने देहरादून और उत्तरकाशी जिले के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि राज्य के अन्य जिलों में ऑरेंज अलर्ट रहेगा। स्थानीय प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की टीमें सड़कों को खोलने के लिए लगातार काम कर रही हैं।

स्याना चट्टी में राहत की खबर

चिंता का कारण बनी स्याना चट्टी में यमुना नदी पर बनी झील का जलस्तर कम होने से स्थानीय लोगों और प्रशासन ने राहत की सांस ली है। हालांकि, एहतियात के तौर पर मोटर पुल पर आवाजाही अभी भी बंद है।

इन चुनौतियों के बीच, कुछ महत्वपूर्ण मार्ग जैसे बड़कोट–डामटा–विकासनगर मार्ग, उत्तरकाशी–सुवाखोली–देहरादून मार्ग, और उत्तरकाशी–लम्बगांव मार्ग यातायात के लिए सुचारू हैं, जिससे कुछ हद तक आवागमन में सुविधा मिली है।