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पीएम मोदी के दौरे के बीच दो मेडिकल कॉलेजों को बम से उड़ाने की धमकी, प्रशासन सतर्क

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चंबा : हिमाचल प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के बीच मंगलवार को मंडी और चंबा जिले के दो प्रमुख मेडिकल कॉलेजों को बम से उड़ाने की धमकी भरे ईमेल मिले। मंडी के श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, नेरचौक और चंबा मेडिकल कॉलेज को निशाना बनाए गए इस ईमेल ने प्रशासन और पुलिस को हाई अलर्ट पर ला दिया है। एहतियातन दोनों अस्पताल परिसरों को खाली करवाया गया, जिससे मरीजों और कर्मचारियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

धमकी भरा ईमेल और तत्काल कार्रवाई

मंगलवार तड़के 3:30 बजे नेरचौक मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. डीके वर्मा को एक धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ, जिसमें अस्पताल परिसर को बम से उड़ाने की बात कही गई थी। प्राचार्य ने सुबह 10:30 बजे बल्ह की एसडीएम स्मृतिका नेगी को इसकी सूचना दी। इसके बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। चंबा मेडिकल कॉलेज को भी इसी तरह का ईमेल मिला। दोनों ईमेल की भाषा और शैली समान होने से संदेह है कि ये एक ही व्यक्ति या समूह द्वारा भेजे गए हैं।

प्रशासन ने दोनों मेडिकल कॉलेजों की ओपीडी बंद कर दी और कक्षाएं निलंबित कर दीं। मरीजों को स्ट्रेचर और व्हीलचेयर पर परिसर से बाहर निकाला गया, और कई मरीज पेड़ों की छांव में इंतजार करते दिखे। अस्पताल की पार्किंग में खड़े वाहनों को भी बाहर निकाला गया।

पुलिस और बम निरोधक दस्ते की तैनाती

मंडी और चंबा में पुलिस, क्विक रिएक्शन टीम (क्यूआरटी), दमकल विभाग और बम निरोधक दस्ते ने तुरंत मौके पर पहुंचकर तलाशी अभियान शुरू किया। स्निफर डॉग्स की मदद से परिसर की गहन जांच की जा रही है। अभी तक किसी भी संदिग्ध वस्तु की जानकारी नहीं मिली है। मंडी के पुलिस अधीक्षक ने बताया, “हम हर संभावित कोण से जांच कर रहे हैं। ईमेल की उत्पत्ति तमिलनाडु से होने का संदेह है, और साइबर क्राइम यूनिट इसकी तकनीकी जांच कर रही है।”

मरीजों और कर्मचारियों में दहशत

नेरचौक मेडिकल कॉलेज में वर्तमान में 300 से अधिक मरीज उपचाराधीन हैं, और रोजाना 1,000 से ज्यादा मरीज ओपीडी में आते हैं। धमकी के बाद मरीजों और उनके तीमारदारों में दहशत फैल गई। कई मरीजों को खुले मैदान में स्थानांतरित किया गया, जिससे उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ा। चंबा मेडिकल कॉलेज में भी स्थिति समान थी, जहां मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया।

पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां

हिमाचल में इससे पहले भी शिमला स्थित राज्य सचिवालय और मंडी के उपायुक्त कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं। इन मामलों में जांच के बाद कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली थी, और पुलिस को अभी तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। इस बार की धमकी में तमिलनाडु से संबंध होने का उल्लेख होने से जांच एजेंसियां इसे गंभीरता से ले रही हैं।

एक झटके में कई लग्जरी कारें बर्बाद, लोगों की इस वजह से बची जान

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देहरादून। सुबह मोहब्बेवाला क्षेत्र में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। एक तेज रफ्तार ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने कार शोरूम की बाउंड्री वॉल तोड़ते हुए अंदर जा घुसा। हादसे में शोरूम के भीतर खड़ी कई कारें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं।

गनीमत यह रही कि घटना के समय शोरूम बंद था और वहां कोई मौजूद नहीं था, वरना जनहानि की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता था। ट्रक के शोरूम में घुसते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। ट्रक चालक और वाहन को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

उपराष्ट्रपति पद के लिए मतदान आज, शाम तक आएगा नतीजा

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नई दिल्ली : देश के अगले उपराष्ट्रपति का फैसला आज होगा। संसद भवन में सुबह 10 बजे से मतदान शुरू हो गया है, जो शाम 5 बजे तक चलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई बड़े नेताओं ने मतदान किया। मतगणना आज शाम को होगी और परिणाम देर शाम तक घोषित कर दिया जाएगा।

इस चुनाव में एनडीए उम्मीदवार एवं महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन का मुकाबला विपक्षी INDIA ब्लॉक के उम्मीदवार और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी से है।

जीत का गणित

उपराष्ट्रपति चुनाव में कुल 780 सांसद वोट डाल सकते हैं। जीत के लिए 391 वोटों की जरूरत है। एनडीए के पास पहले से ही 425 सांसदों का समर्थन है। इसके अलावा वाईएसआरसीपी (11 सांसद) ने भी एनडीए उम्मीदवार का समर्थन करने का ऐलान किया है। बीजेडी, बीआरएस और शिअद ने चुनाव से दूरी बनाई है, जिससे बहुमत का आंकड़ा घटकर 385 वोट पर आ गया है। विपक्षी INDIA ब्लॉक के पास 324 सांसद हैं। समीकरण साफ तौर पर एनडीए के पक्ष में झुकते दिख रहे हैं।

राजनीतिक बयानबाज़ी

केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि, “सी.पी. राधाकृष्णन आरएसएस के आदमी हैं, इसमें छिपाने की क्या बात है? आरएसएस देश के खिलाफ कभी नहीं बोलता, जैसा कांग्रेस और राहुल गांधी करते हैं।”

वहीं लोजपा (रामविलास) सांसद शांभवी चौधरी ने दावा किया कि, “हमें पूरा भरोसा है कि हमारे उम्मीदवार उपराष्ट्रपति बनेंगे। राधाकृष्णन देश को सही रास्ते पर ले जाने की क्षमता रखते हैं। केंद्रीय मंत्री एस.पी. सिंह बघेल ने भी कहा, “एनडीए के पास संख्याबल है, शाम तक सब साफ हो जाएगा।”

सुबह की हलचल

मतदान शुरू होने से पहले एनडीए सांसद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के आवास पर जुटे। एनडीए उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन सुबह पूजा-अर्चना के लिए लोधी रोड स्थित श्रीराम मंदिर पहुंचे। शिवसेना संसदीय दल के नेता श्रीकांत शिंदे को एनडीए उम्मीदवार का अधिकृत प्रतिनिधि नियुक्त किया गया है।

वहीं विपक्ष ने भी अपनी रणनीति के तहत दो दर्जन सांसदों को मतदान प्रक्रिया पर नजर रखने और सही वोटिंग सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी है। अब सबकी निगाहें शाम की मतगणना पर टिकी हैं, जब तय होगा कि देश का नया उपराष्ट्रपति कौन होगा।

नेपाल में सोशल मीडिया प्रतिबंध के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन: 16 की मौत, 200 से अधिक घायल

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काठमांडू: नेपाल की राजधानी काठमांडू सहित देश के कई शहरों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगाए गए प्रतिबंध के खिलाफ जनाक्रोश भड़क गया है। जनरेशन जेड (Gen Z) के युवाओं की अगुवाई में शुरू हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन हिंसक हो गए, जिसमें पुलिस की फायरिंग में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई और 200 से अधिक लोग घायल हुए।

यह घटना नेपाल की राजनीतिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है, जहां भ्रष्टाचार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मुद्दे प्रमुखता से उभर आए हैं। प्रदर्शनकारियों ने काठमांडू के न्यू बानेश्वर इलाके में संसद भवन के परिसर में घुसने का प्रयास किया, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने आंसू गैस, वॉटर कैनन और रबर बुलेट्स का इस्तेमाल किया।

स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने लाइव गोलीबारी भी की, जिसमें कई युवा सिर और छाती में गोली लगने से शहीद हो गए। नेपाल पुलिस के अनुसार, नेशनल ट्रॉमा सेंटर में 7, सिविल अस्पताल में 2 और अन्य चिकित्सा संस्थानों में बाकी मौतें दर्ज की गईं।

घायलों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है, जहां ब्लड डोनेशन के लिए लंबी कतारें लगी हुई हैं। सोशल मीडिया बैन का पृष्ठभूमि नेपाल सरकार ने 4 सितंबर को फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप, यूट्यूब, एक्स (पूर्व ट्विटर), रेडिट, लिंक्डइन और सिग्नल समेत 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध लगा दिया।

संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अनुसार, ये कंपनियां सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद स्थानीय पंजीकरण, कर भुगतान और शिकायत निवारण अधिकारी नियुक्त करने में विफल रहीं। सरकार का दावा है कि फर्जी आईडी से नफरत फैलाना, फेक न्यूज और साइबर अपराध रोकने के लिए यह कदम जरूरी था।

हालांकि, केवल टिकटॉक, वाइबर और कुछ अन्य ऐप्स ने पंजीकरण कराया, जिससे वे अब भी सक्रिय हैं। नेपाल के लगभग 90% युवा इन प्लेटफॉर्म्स पर निर्भर हैं – फेसबुक के 13.5 मिलियन और इंस्टाग्राम के 3.6 मिलियन यूजर्स हैं।

बैन से छोटे व्यवसाय, शिक्षा और विदेश में रहने वाले नेपाली मजदूरों का संपर्क प्रभावित हुआ है। प्रदर्शनकारी इसे सेंसरशिप का प्रयास बता रहे हैं, जो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन करता है। यह आंदोलन ‘Gen Z Revolution’ के नाम से जाना जा रहा है, जिसमें 16-25 वर्ष के युवा प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं।

सुबह 9 बजे मैतिघर मंडला से शुरू हुए प्रदर्शन में हजारों छात्र अपनी यूनिफॉर्म और किताबें लेकर सड़कों पर उतरे। वे राष्ट्रीय ध्वज लहराते हुए ‘सोशल मीडिया बंद न करें, भ्रष्टाचार बंद करें’, ‘अनबैन सोशल मीडिया’ और ‘युवा भ्रष्टाचार के खिलाफ’ जैसे नारे लगा रहे थे। एनजीओ ‘हामी नेपाल’ ने इसका आयोजन किया, जो मानवीय सहायता के लिए जाना जाता है।

प्रदर्शन काठमांडू से आगे पोखरा, बिराटनगर, भारतपुर, बुटवल, चितवन और नेपalgunj तक फैल गया। ऑनलाइन, प्रदर्शनकारी वीपीएन और टिकटॉक का इस्तेमाल कर समन्वय कर रहे हैं। वायरल वीडियो में नेताओं के बच्चों की लग्जरी लाइफस्टाइल को साधारण नेपाली युवाओं की गरीबी से जोड़कर #NepoKid और #NepoBabies जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं।

युवा बेरोजगारी (प्रति दिन 2,000 नेपाली विदेश पलायन), भ्रष्टाचार (जैसे 2017 का एयरबस डील घोटाला) और ओली सरकार की निष्क्रियता से तंग हैं। सरकार की प्रतिक्रिया: कर्फ्यू और सेना तैनात काठमांडू जिला प्रशासन ने दोपहर 12:30 बजे से रात 10 बजे तक कर्फ्यू लगा दिया, जो संसद, राष्ट्रपति भवन, उपराष्ट्रपति निवास, प्रधानमंत्री आवास और संवेदनशिक क्षेत्रों तक फैला।

नेपाल आर्मी को न्यू बानेश्वर में तैनात किया गया है। ‘शूट एट साइट’ के आदेश जारी हैं, और इंटरनेट सेवाएं बाधित रहीं। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने कैबिनेट बैठक बुलाई, जहां उन्होंने कहा, “राष्ट्रीय सम्मान से बड़ा कुछ नहीं।

विपक्षी दल सीपीएन (माओइस्ट सेंटर) और राष्ट्रिय स्वतंत्र पार्टी ने बैन की निंदा की और ओली के इस्तीफे की मांग की। नेपाल नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन ने पुलिस की अत्यधिक बल प्रयोग की आलोचना की, जबकि अंतरराष्ट्रीय संगठन जैसे कमिटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स ने इसे प्रेस फ्रीडम के लिए खतरा बताया। भारत ने नेपाल सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी है।

धराली–हर्षिल आपदा प्रभावित क्षेत्रों का केंद्रीय टीम ने किया स्थलीय निरीक्षण

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धराली (उत्तरकाशी)। केंद्र सरकार द्वारा गठित उच्च-स्तरीय अंतर-मंत्रालय केंद्रीय टीम (IMCT) ने सोमवार को उत्तरकाशी जनपद के धराली–हर्षिल समेत आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर हालात का जायजा लिया। टीम का उद्देश्य आपदा से हुए नुकसान का आकलन करना और राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे राहत व पुनर्वास कार्यों की समीक्षा करना रहा।

टीम आर्मी हेलीपैड हर्षिल पहुंची, जहां जिलाधिकारी प्रशांत आर्य और पुलिस अधीक्षक सरिता डोबाल ने उनका स्वागत किया। जिलाधिकारी ने आपदा से संबंधित जनहानि और परिसंपत्तियों को हुए नुकसान का विस्तृत ब्योरा प्रस्तुत किया।

इसके बाद टीम ने मुखवा, हर्षिल और धराली में प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान स्थानीय लोगों और अधिकारियों से नुकसान एवं पुनर्निर्माण कार्यों की जानकारी ली गई। ग्रामीणों ने मकानों, होटलों, बगीचों, फसलों और व्यवसायों को हुए भारी नुकसान की जानकारी देते हुए शीघ्र पुनर्वास, रोजगार और क्षतिपूर्ति की मांग रखी।

निरीक्षण के दौरान टीम ने सड़कों, पुलों, बिजली और जल आपूर्ति लाइनों समेत बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान का आकलन किया। साथ ही कृषि, पशुधन और आजीविका के अन्य साधनों को हुई क्षति का भी जायजा लिया। टीम ने आपदा के दौरान उपलब्ध कराई गई राहत सामग्री, चिकित्सा सुविधा और अस्थायी आश्रयों की व्यवस्था की समीक्षा भी की।

टीम लीडर एवं संयुक्त सचिव आर. प्रसन्ना ने कहा कि स्थानीय प्रशासन के माध्यम से नुकसान का विस्तृत ब्यौरा तैयार किया जा रहा है। यह रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर राहत पैकेज की घोषणा होगी।

जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने निरीक्षण को आपदा प्रबंधन और प्रभावितों को त्वरित सहायता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि टीम की सिफारिशें केंद्र सरकार तक पहुंचेंगी, जिस पर आगे निर्णय लिया जाएगा।

टीम में निदेशक वित्त शैलेश कुमार, मुख्य अभियंता पंकज सिंह और उपनिदेशक विकास सचान शामिल रहे। इस अवसर पर एडीएम मुक्ता मिश्र, एसडीएम शालिनी नेगी, सीएमओ बीएस रावत, अधीक्षण अभियंता सिंचाई संजय राज, सीईओ अमित कोटियाल और अधिशासी अभियंता यूपीसीएल मनोज गुसाईं समेत जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

नेपाल में भयंकर बवाल, संसद में घुसे प्रदर्शन कर रहे युवा

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काठमांडू: नेपाल में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंध के विरोध में काठमांडू घाटी समेत देश के कई शहरों में युवाओं ने व्यापक विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेड्स तोड़कर संसद परिसर में घुसने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस को उन्हें नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले और पानी की बौछारों का इस्तेमाल करना पड़ा।

क्या है प्रतिबंध का कारण?

प्रधानमंत्री केपी ओली की सरकार ने फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, वॉट्सऐप, रेडिट और एक्स (पहले ट्विटर) जैसे 26 सोशल मीडिया ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया है। सरकार का तर्क है कि इन कंपनियों ने देश में पंजीकरण कराने और स्थानीय नियमों का पालन करने के निर्देशों को नजरअंदाज किया है, जिसके कारण यह कदम उठाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम हेट स्पीच और ऑनलाइन अपराधों को रोकने के लिए जरूरी है। हालांकि, आलोचकों और मानवाधिकार समूहों ने इस कदम को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया है।

युवाओं और पत्रकारों ने जताया विरोध

इस प्रतिबंध के विरोध में “जनरेशन-जी” (Gen-Z) के युवाओं ने देशभर में प्रदर्शन का आह्वान किया है। राजधानी काठमांडू में प्रदर्शनकारियों ने बैन के खिलाफ नारे लिखी तख्तियां पकड़ीं और सरकार से इस फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की। पत्रकारों और नागरिक समाज के सदस्यों ने भी इस प्रतिबंध की निंदा की है, यह कहते हुए कि यह लोकतंत्र और प्रेस की स्वतंत्रता के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है।

सोशल मीडिया, जो संचार और व्यवसाय का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन गया है, उसके अचानक बंद होने से आम नागरिकों, छोटे व्यवसायों और छात्रों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) के जरिए इस प्रतिबंध को दरकिनार करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन यह सभी के लिए सुलभ नहीं है।

युवक की मौत के मामले में छह पुलिसकर्मियों पर हत्या का केस दर्ज

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रुड़की: करीब एक साल पहले रुड़की के माधोपुर गांव में एक तालाब से मिले युवक के शव के मामले में एक नया मोड़ आया है। कोर्ट के आदेश पर गंगनहर कोतवाली पुलिस ने तीन नामजद समेत छह पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।

यह मामला 24 अगस्त 2024 का है, जब सोहलपुर गाड़ा निवासी वसीम का शव माधोपुर गांव के एक तालाब से बरामद हुआ था। मृतक के चचेरे भाई अल्लाउद्दीन ने हरिद्वार के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में याचिका दायर कर पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए थे।

अल्लाउद्दीन के मुताबिक, 24 अगस्त की रात जब वसीम अपनी बहन के घर से लौट रहा था, तब गोवंश संरक्षण स्क्वॉड के उपनिरीक्षक शरद सिंह, कांस्टेबल सुनील सैनी, प्रवीण सैनी और तीन अन्य पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़ लिया था। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने वसीम को लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा और फिर उसे तालाब में फेंक दिया।

ग्रामीणों का दावा है कि उन्होंने टॉर्च की रोशनी में यह घटना देखी थी और वसीम को बचाने की कोशिश भी की थी, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उन्हें गोली मारने की धमकी देकर वहां से भगा दिया था। अगले दिन वसीम का शव तालाब से मिला, जिस पर चोट के निशान भी थे।

परिजनों ने तत्काल पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन तब कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। इसके बाद, परिजनों ने न्याय के लिए कोर्ट का रुख किया।

एसपी देहात शेखर सुयाल ने बताया कि कोर्ट के आदेश के बाद, उपनिरीक्षक शरद सिंह, कांस्टेबल सुनील सैनी, प्रवीण सैनी और तीन अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल, मामले की जांच चल रही है।

कुलगाम में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़, एक आतंकी ढेर, JCO घायव

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कुलगाम: जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले के गुड्डार इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में एक आतंकवादी मारा गया है। इस दौरान एक जूनियर कमीशन अधिकारी (जेसीओ) भी घायल हुए हैं। उनका इलाज चल रहा है।

कश्मीर जोन पुलिस को कुलगाम के गुड्डार जंगल में आतंकवादियों के छिपे होने की खुफिया जानकारी मिली थी। इसके आधार पर, जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और सीआरपीएफ के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने मिलकर एक तलाशी अभियान शुरू किया।

अभियान के दौरान, जंगल में छिपे आतंकवादियों ने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी शुरू कर दी। सुरक्षाबलों ने भी इसका मुंहतोड़ जवाब दिया। दोनों तरफ से हुई भीषण गोलीबारी में एक आतंकी मारा गया। भारतीय सेना ने इसकी पुष्टि की है।

मुठभेड़ के दौरान एक जेसीओ भी घायल हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल, सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेर लिया है और तलाशी अभियान जारी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वहां और कोई आतंकवादी मौजूद नहीं है।

उत्तराखंड: यमुना एक्सप्रेस-वे पर सड़क दुर्घटना में तीन युवकों की मौत, दो घायल

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​विकासनगर। रविवार रात को यमुनोत्री हाईवे पर बंशीपुर के पास दो बाइकों की आमने-सामने की टक्कर में तीन युवकों की मौत हो गई और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में जान गंवाने वालों में लंबरपुर बरोटीवाला के वेदांश (20), आसन पुल वार्ड नंबर आठ के धोनी कश्यप (20) और हरबर्टपुर के विवेक विहार निवासी रमनदीप (17) शामिल हैं। घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।

​विकासनगर कोतवाली के वरिष्ठ उपनिरीक्षक अशोक राठौड़ ने बताया कि रविवार रात दिल्ली-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर बंशीपुर में राजस्थान मार्बल के पास दो बाइकों के बीच टक्कर की सूचना मिली थी। पुलिस टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची, जहां पाँच लोग घायल अवस्था में मिले। सभी घायलों को तुरंत एंबुलेंस की मदद से हरबर्टपुर स्थित अस्पताल पहुँचाया गया। अस्पताल में वेदांश और धोनी कश्यप को मृत घोषित कर दिया गया।

​वरिष्ठ उपनिरीक्षक ने बताया कि घायलों में आसनपुल निवासी विवेक कश्यप, शाहपुर कल्याणपुर रामगढ़ निवासी अंकित और रमनदीप को धूलकोट स्थित एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया। वहाँ रमनदीप की भी मौत हो गई। विवेक और अंकित की हालत गंभीर बनी हुई है। उन्होंने बताया कि जिस समय यह हादसा हुआ, उस समय बारिश हो रही थी और घटनास्थल पर अंधेरा था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

गौरा देवी शिक्षक सम्मान समारोह: पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शिक्षकों को किया सम्मानित, कहा- “शिक्षकों का अहित नहीं होने दिया जाएगा”

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देहरादून। संस्कृति विभाग प्रेक्षागृह देहरादून में गौरा देवी शिक्षक सम्मान समिति द्वारा एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें जनपद देहरादून के लगभग 500 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शिक्षकों को भरोसा दिलाया कि टीईटी परीक्षा के वर्तमान हालातों के कारण किसी भी शिक्षक का अहित नहीं होने दिया जाएगा, क्योंकि पूर्व से नियुक्त शिक्षक तत्कालीन नियमावली के अनुसार ही नियुक्त हुए हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व राज्य मंत्री महावीर सिंह रावत और कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता शीशपाल सिंह बिष्ट ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद बच्चों ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। कार्यक्रम में महान दार्शनिक और भारत के दूसरे राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन पर प्रकाश डाला गया, साथ ही ‘चिपको वुमन’ गौरा देवी के जीवन पर एक डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई।

इस अवसर पर, शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों ने मुख्य अतिथियों का बैज अलंकरण, माल्यार्पण, अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इस दौरान, संगठन के पदाधिकारियों जैसे रामसिंह चौहान, सतीश घिल्डियाल, विपिन मेहता, सूरज मंद्रवाल, अश्विनी भट्ट, अनिल नौटियाल, विजय पाल जगवान, दिनेश डोबरियाल, सुभाष झिलडियाल, अर्जुन पंवार, और धर्मेंद्र सिंह रावत को भी सम्मानित किया गया।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु ही अपने शिष्य को ईश्वर का ज्ञान कराता है और उनकी कृपा के बिना जीवन की सार्थकता अकल्पनीय है। उन्होंने अपनी वाकपटुता से शिक्षकों का दिल जीत लिया और कई बार तालियाँ बजवाईं।

कार्यक्रम के संयोजक महेंद्र सिंह “नेगी गुरुजी” ने शिक्षकों को “ज्ञान का दीपक” बताते हुए कहा कि वे न केवल किताबी ज्ञान देते हैं, बल्कि जीवन के मूल्यों, नैतिकता और आत्मविश्वास को भी सिखाते हैं। उन्होंने कहा कि एक आदर्श शिक्षक से ही आदर्श समाज और राष्ट्र का निर्माण संभव है। कार्यक्रम में 500 से अधिक शिक्षकों को सम्मानित किया गया।