Home Blog Page 156

गौरा देवी शिक्षक सम्मान समारोह: पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शिक्षकों को किया सम्मानित, कहा- “शिक्षकों का अहित नहीं होने दिया जाएगा”

0

देहरादून। संस्कृति विभाग प्रेक्षागृह देहरादून में गौरा देवी शिक्षक सम्मान समिति द्वारा एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें जनपद देहरादून के लगभग 500 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शिक्षकों को भरोसा दिलाया कि टीईटी परीक्षा के वर्तमान हालातों के कारण किसी भी शिक्षक का अहित नहीं होने दिया जाएगा, क्योंकि पूर्व से नियुक्त शिक्षक तत्कालीन नियमावली के अनुसार ही नियुक्त हुए हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व राज्य मंत्री महावीर सिंह रावत और कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता शीशपाल सिंह बिष्ट ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद बच्चों ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। कार्यक्रम में महान दार्शनिक और भारत के दूसरे राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन पर प्रकाश डाला गया, साथ ही ‘चिपको वुमन’ गौरा देवी के जीवन पर एक डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई।

इस अवसर पर, शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों ने मुख्य अतिथियों का बैज अलंकरण, माल्यार्पण, अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इस दौरान, संगठन के पदाधिकारियों जैसे रामसिंह चौहान, सतीश घिल्डियाल, विपिन मेहता, सूरज मंद्रवाल, अश्विनी भट्ट, अनिल नौटियाल, विजय पाल जगवान, दिनेश डोबरियाल, सुभाष झिलडियाल, अर्जुन पंवार, और धर्मेंद्र सिंह रावत को भी सम्मानित किया गया।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु ही अपने शिष्य को ईश्वर का ज्ञान कराता है और उनकी कृपा के बिना जीवन की सार्थकता अकल्पनीय है। उन्होंने अपनी वाकपटुता से शिक्षकों का दिल जीत लिया और कई बार तालियाँ बजवाईं।

कार्यक्रम के संयोजक महेंद्र सिंह “नेगी गुरुजी” ने शिक्षकों को “ज्ञान का दीपक” बताते हुए कहा कि वे न केवल किताबी ज्ञान देते हैं, बल्कि जीवन के मूल्यों, नैतिकता और आत्मविश्वास को भी सिखाते हैं। उन्होंने कहा कि एक आदर्श शिक्षक से ही आदर्श समाज और राष्ट्र का निर्माण संभव है। कार्यक्रम में 500 से अधिक शिक्षकों को सम्मानित किया गया।

चंद्र ग्रहण के चलते श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर 8 सितंबर सुबह तक बंद

0

चंद्रग्रहण

श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर सहित बीकेटीसी के सभी अधीनस्थ मंदिर ग्रहणकाल सूतक शुरू होते बंद हुए।IMG 20250907 WA0063

गोपेश्वर/ रूद्रप्रयाग: 7 सितंबर। देशव्यापी चंद्रग्रहण के कारण श्री बदरीनाथ तथा श्री केदारनाथ मंदिर सहित बीकेटीसी के सभी छोटे बड़े अधीनस्थ मंदिर चंद्रग्रहण शुरू होने के सूतक काल 9 घंटे पहले अर्थात आज 7 सितंबर रविवार दोपहर 12 बजकर 58 मिनट पर ग्रहणकाल तक के लिए बंद हो गये है इसके बाद सभी मंदिर 8 सितंबर प्रात: शुद्धिकरण के पश्चात यथा समय दर्शन हेतु खुलेंगे।जारी प्रेस विज्ञप्ति में बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने यह जानकारी दी है।

चंद्रग्रहण सूतक के चलते बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम के कपाट बंद

0

रुद्रप्रयाग । चंद्रग्रहण के चलते श्री बदरीनाथ, श्री केदारनाथ सहित बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) के सभी मंदिर रविवार, 7 सितंबर को दोपहर 12 बजकर 58 मिनट से दर्शनों के लिए बंद कर दिए गए हैं।

मंदिरों को यह फैसला चंद्रग्रहण के सूतक काल के कारण लिया गया है, जो ग्रहण से 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है। बीकेटीसी के मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने बताया कि ग्रहण समाप्त होने के बाद 8 सितंबर को सुबह मंदिरों का शुद्धिकरण किया जाएगा, जिसके बाद ही मंदिरों को श्रद्धालुओं के लिए खोला जाएगा।

यह निर्णय धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप लिया गया है, जिसके अनुसार सूतक काल और ग्रहण के दौरान मंदिरों के कपाट बंद रखे जाते हैं। श्रद्धालु अब 8 सितंबर को ही मंदिरों में दर्शन कर सकेंगे।

उत्तराखंड में अवैध प्लॉटिंग पर चला MDDA का बुलडोज़र

0

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने अवैध प्लॉटिंग और बिना अनुमति हो रहे निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के नेतृत्व में यह अभियान चलाया गया।

इस कार्रवाई के तहत, डोईवाला, रानीपोखरी, माजरी ग्रांट और आसपास के इलाकों में चल रही अवैध प्लॉटिंग और निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया।

प्रमुख कार्रवाईयाँ:

  • ग्राम झाबरावाला, डोईवाला: लगभग 18 बीघा जमीन पर की गई अवैध प्लॉटिंग को गिराया गया।
  • ग्राम डांडी, रानीपोखरी: 10 से 12 बीघा जमीन पर अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त की गई।
  • बक्सारवाला, भानियावाला: लगभग 25 बीघा भूमि पर हो रही अवैध प्लॉटिंग पर बुलडोज़र चला।
  • हरिद्वार रोड, साईं मंदिर के पास: 40 बीघा जमीन पर की गई अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया।

माजरी ग्रांट, हरिद्वार रोड: अवैध रूप से किए गए निर्माण को सील किया गया।

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि अवैध प्लॉटिंग और निर्माण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। राज्य सरकार की मंशा है कि प्रदेश में नियमों का उल्लंघन कर हो रहे ऐसे सभी कार्यों पर रोक लगाई जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।

चंद्र ग्रहण 2025: दिल्ली, नैनीताल सहित कई शहरों में दिखेगा अद्भुत खगोलीय नजारा

0

नई दिल्ली : आज रात देशभर के खगोल प्रेमियों के लिए एक विशेष अवसर है, क्योंकि साल 2025 का दूसरा और अंतिम पूर्ण चंद्र ग्रहण रात 8:58 बजे से शुरू होकर देर रात 2:25 बजे तक चलेगा। यह खगोलीय घटना कुल 5 घंटे 27 मिनट तक रहेगी, जिसमें चंद्रमा तीन बार अपना रंग बदलेगा – पहले धुंधला, फिर नारंगी और अंत में गहरा लाल, जिसे ‘ब्लड मून’ के नाम से जाना जाता है। यह नजारा दिल्ली, नैनीताल, जयपुर, लखनऊ, मुंबई, कोलकाता सहित भारत के कई शहरों में साफ आसमान के साथ नंगी आंखों से देखा जा सकेगा।

चंद्र ग्रहण का समय और चरण

चंद्र ग्रहण की शुरुआत रात 8:58 बजे (IST) से होगी, और इसका चरम रात 11:42 बजे होगा, जब चंद्रमा पूरी तरह से पृथ्वी की छाया में ढक जाएगा। इस दौरान चंद्रमा 82 मिनट तक पूर्ण रूप से लाल रंग में चमकेगा। ग्रहण का समापन 8 सितंबर को सुबह 2:25 बजे होगा।

जवाहरलाल नेहरू तारामंडल की पूर्व निदेशक बीएस शैलजा के अनुसार, “यह पूर्ण चंद्र ग्रहण 27 जुलाई 2018 के बाद पहली बार होगा, जब भारत के सभी हिस्सों से इसे देखा जा सकेगा।” यह खगोलीय घटना तब होती है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीधी रेखा में आ जाते हैं, और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है।

क्यों बदलता है चंद्रमा का रंग?

चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्रमा का रंग बदलने का कारण रेले स्कैटरिंग (Rayleigh Scattering) है। पृथ्वी के वायुमंडल से गुजरते समय सूर्य की नीली रोशनी बिखर जाती है, जबकि लाल रोशनी चंद्रमा तक पहुंचती है, जिससे यह लाल या नारंगी दिखाई देता है। यह नजारा सूर्योदय या सूर्यास्त जैसा प्रतीत होता है।

कहां-कहां दिखेगा यह नजारा?

यह चंद्र ग्रहण भारत के अलावा एशिया, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, न्यूजीलैंड, और अंटार्कटिका के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा। हालांकि, उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका में चंद्रमा के उदय से पहले ग्रहण समाप्त हो जाएगा, इसलिए वहां यह नजारा नहीं दिखेगा।

दिल्ली में विशेष आयोजन

दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित नेहरू तारामंडल में ‘ग्रैंड चंद्र मेला 2025’ का आयोजन किया जा रहा है। इस मेले में नुक्कड़ नाटक, प्रदर्शनी और परिचर्चा के माध्यम से चंद्र ग्रहण और अन्य खगोलीय घटनाओं की रोचक जानकारी दी जाएगी। दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कॉलेज और दिल्ली तकनीकी विश्वविद्यालय के छात्रों की विशेष भागीदारी होगी, और लगभग 3,000 खगोल प्रेमियों के शामिल होने की उम्मीद है।

धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व

हिंदू धर्म में चंद्र ग्रहण का विशेष महत्व है। यह ग्रहण भाद्रपद पूर्णिमा पर लग रहा है, जो पितृपक्ष की शुरुआत का प्रतीक है। ग्रहण का सूतक काल दोपहर 12:57 बजे से शुरू होगा, और इस दौरान धार्मिक अनुष्ठान, भोजन पकाना और नए कार्य शुरू करना वर्जित माना जाता है। ज्योतिषियों के अनुसार, यह ग्रहण कुंभ राशि और पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में होगा, और इसका प्रभाव 6 महीने तक रह सकता है।

कैसे देखें चंद्र ग्रहण?

चंद्र ग्रहण को देखने के लिए किसी विशेष उपकरण की आवश्यकता नहीं है। इसे नंगी आंखों से सुरक्षित रूप से देखा जा सकता है। हालांकि, दूरबीन या टेलीस्कोप का उपयोग इस नजारे को और अधिक स्पष्ट बना सकता है।

अगला चंद्र ग्रहण कब?

7 सितंबर 2025 के बाद अगला पूर्ण चंद्र ग्रहण 3 मार्च 2026 को होगा, जो उत्तर अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और पूर्वी एशिया से दिखाई देगा।

उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले NDA सांसदों का डिनर रद्द

0

नई दिल्ली: 9 सितंबर को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक आवास पर एनडीए सांसदों के लिए 8 सितंबर को आयोजित होने वाला डिनर कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है। इसी तरह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के आवास पर भी होने वाला रात्रिभोज स्थगित कर दिया गया है। यह फैसला देश के कई हिस्सों, खासकर उत्तर भारत में, मानसून की वजह से आई भीषण बाढ़ और तबाही को देखते हुए लिया गया है।

बाढ़ की स्थिति और रद्दीकरण की वजह

यह डिनर पार्टी उपराष्ट्रपति चुनाव से एक दिन पहले एनडीए नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक के तौर पर देखी जा रही थी। हालांकि, पंजाब सहित उत्तर भारत के कई राज्य इस समय बाढ़ की गंभीर चपेट में हैं, जिसके कारण जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। आपदा की इस स्थिति को देखते हुए, सरकार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए इन आयोजनों को रद्द करने का निर्णय लिया है।

राष्ट्रपति मुर्मू ने जताई चिंता

देश के विभिन्न हिस्सों में आई प्राकृतिक आपदाओं पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा, “इस साल मानसून के दौरान प्राकृतिक आपदाओं के बारे में जानकर मुझे गहरा दुख हुआ है।” उन्होंने उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, असम और देश के अन्य हिस्सों में बादल फटने और बाढ़ से हुई तबाही पर संवेदना प्रकट की। यह फैसला देश में जारी राहत और बचाव कार्यों के प्रति एकजुटता और गंभीरता को दर्शाता है।

ऑपरेशन के दौरान महिला के पेट में छोड़ा कपड़ा, फिर ऐसे बची जान

0

बरेली: प्रसव के दौरान चिकित्सकों की घोर लापरवाही का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां ऑपरेशन के बाद महिला के गर्भाशय में ही एक कपड़ा छोड़ दिया गया। इस गंभीर चूक के चलते महिला की जान जोखिम में पड़ गई। शिकायत मिलने पर जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) अविनाश सिंह ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सील करवा दिया है। अस्पताल संचालक शहबाज और अज्ञात चिकित्सकों के खिलाफ मामला भी दर्ज कर लिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने भी इस मामले की गहन जांच के लिए एक टीम का गठन किया है।

ऑपरेशन से हुआ था प्रसव

भोजीपुरा निवासी ताहिर खान ने बताया कि उनकी गर्भवती पत्नी नूरजहां को 3 जून को एवन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों ने ऑपरेशन के माध्यम से प्रसव कराया, लेकिन दुर्भाग्यवश शिशु की मौत हो चुकी थी। पांच दिन अस्पताल में रहने के बाद नूरजहां को छुट्टी दे दी गई, मगर उनके पेट में लगातार असहनीय दर्द बना रहा। टांके से मवाद (पस) आने लगा, जिसके बाद 10 दिन बाद गणेश डायग्नोस्टिक सेंटर पर अल्ट्रासाउंड और शुभ डायग्नोस्टिक्स पर सीटी स्कैन कराया गया। दोनों रिपोर्ट में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि नूरजहां के गर्भाशय में रक्त साफ करने का एक कपड़ा छूट गया था।

दोबारा ऑपरेशन से बची जान

रिपोर्ट में इस लापरवाही की पुष्टि होने के बाद, एवन अस्पताल के चिकित्सकों की लापरवाही के कारण नूरजहां के गर्भाशय में गंभीर संक्रमण फैल गया। उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें तुरंत एक दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां एक और ऑपरेशन करके वह कपड़ा निकाला गया। इस दूसरे ऑपरेशन के बाद ही उनकी जान बचाई जा सकी।

डीएम के निर्देश पर कार्रवाई

शनिवार को ताहिर खान ने इस घटना से जुड़ा एक वीडियो डीएम अविनाश सिंह को दिखाया। वीडियो देखकर डीएम ने तत्काल मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. विश्राम सिंह को इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। दोपहर में स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और अस्पताल को सील कर दिया।

बाद में, ताहिर की शिकायत के आधार पर भोजीपुरा थाने में अस्पताल संचालक शहबाज और अज्ञात चिकित्सकों के विरुद्ध लापरवाही, जानबूझकर जान खतरे में डालने, चोट पहुँचाने और धमकाने की धाराओं के तहत प्राथमिक (FIR) भी दर्ज की गई है। इस मामले की आगे की जांच जारी है।

उत्तरकाशी के नौगांव में बादल फटने से भारी नूकसान, घरों में घुसा मलबा, बाइकें बहीं, सेब के बाग और खेत बर्बाद

0

उत्तरकाशी: उत्तरकाशी जिले के नौगांव में बादल फटने से भारी तबाही मची है। देवलसारी खड्ड में उफान के कारण हुए नुकसान की खबरें आ रही हैं, जिससे इलाके के सेब के बाग और कृषि भूमि को भारी क्षति पहुंची है।

बारिश इतनी तेज थी कि नौगांव और देवलसारी खड्ड में उफान आ गया, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। अपनी जान बचाने के लिए लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। इस दौरान पानी के तेज बहाव में बाइक और स्कूटियां भी बह गईं, जिससे संपत्ति का भारी नुकसान हुआ है।

मुख्यमंत्री धामी ने दिए तत्काल राहत के निर्देश

इस आपदा की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए जानकारी दी कि नौगांव क्षेत्र में बादल फटने की सूचना मिलते ही उन्होंने जिलाधिकारी से बात कर राहत और बचाव कार्यों को तुरंत शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर, जिला प्रशासन के साथ-साथ एसडीआरएफ (SDRF) और एनडीआरएफ (NDRF) की टीमें प्रभावित क्षेत्र में पहुंच चुकी हैं। सीएम धामी ने यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि प्रभावित लोगों को बिना किसी देरी के सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जाए और उन्हें हर संभव मदद मुहैया कराई जाए। स्थानीय प्रशासन युद्धस्तर पर राहत कार्यों में जुटा हुआ है।

उत्तराखंड : धामी राज में 4 साल के भीतर 25,000 से अधिक युवाओं को नौकरी!

0

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार ने पिछले चार सालों में युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाने पर विशेष ध्यान दिया है। इस दौरान 25,000 से अधिक युवाओं को सरकारी विभागों में स्थायी नौकरी दी गई है।

शनिवार को इसी कड़ी में जनजाति कल्याण विभाग के राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों में 15 सहायक अध्यापकों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। 4 जुलाई, 2021 को मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद, धामी सरकार ने युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास पर जोर दिया है।

युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए धामी सरकार ने 2024 में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया। इस कानून के बाद से, उत्तराखंड में कोई भी भर्ती परीक्षा का पेपर लीक नहीं हुआ है। सरकार ने पेपर लीक में शामिल 100 से अधिक नकल माफिया को जेल भेजकर पारदर्शिता सुनिश्चित की है।

राज्य सरकार ने युवाओं को वैश्विक स्तर पर रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना भी शुरू की है। इस योजना के तहत युवाओं को आतिथ्य, नर्सिंग और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर जर्मनी और जापान में रोजगार दिलाया जा रहा है। अब तक 154 युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है, जिनमें से 37 को जापान में नौकरी मिल चुकी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि उत्तराखंड का पानी और जवानी, यहीं के काम आए। युवा पलायन करने के बजाय, रोजगार देने वाले बनें। भर्ती प्रक्रियाएं जैसे उत्तराखंड लोकसेवा आयोग, अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड और चिकित्सा सेवा चयन आयोग में कई पदों के लिए भर्तियां जारी हैं, जिससे आने वाले समय में सरकारी नौकरियों का आंकड़ा और बढ़ने की उम्मीद है।

कल आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेगी केंद्र की टीम, 2010 के बाद दर्ज हुई सबसे ज्यादा बारिश

0

देहरादून : मानसून का सीजन उत्तराखंड में बड़ी तबाही लेकर आया। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस बार मानसून में अब तक वर्षा 574 m m दर्ज की गई। आपदा प्रबंधन सचिव का कहना है कि 2010 से लेकर अब तक इतनी अधिक मात्रा में वर्षा कभी दर्ज नहीं की गई।

क्योंकि इससे प्रदेश में जान माल का भारी नुकसान हुआ है इसलिए अब केंद्र को 5700 करोड़ का अनुमानित मसौदा भेजा गया है, जिससे क्षतिपूर्ति हो सके। इसके बाद रविवार शाम तक केंद्र की टीम उत्तराखंड पहुंचेगी और सोमवार को आपदा प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर एस्टीमेट की जांच करेगी।

साथ ही आपदा प्रबंधन भी क्षति और उसके भरपाई की योजना को उनके सामने रखेगा। इसके बाद केंद्र की टीम तय करेगी कि उत्तराखंड को कितना राहत पैकेज देना है।