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उत्तराखंड: ग्रामीणों ने की गुलदार के आतंक से निजात की मांग, मुख्यमंत्री और वन मंत्री को भेजा ज्ञापन

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पौड़ी: पौड़ी गढ़वाल के चौबट्टाखाल क्षेत्र में लगातार बढ़ रही गुलदार की घटनाओं से दहशतजदा ग्रामीणों ने अब शासन-प्रशासन से कड़े कदम उठाने की मांग की है। चौबट्टाखाल तहसील के पोखड़ा क्षेत्र के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री और वन मंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी के माध्यम से भेजकर अपनी समस्याएं और मांगें रखीं।

ग्रामीणों का कहना है कि गांवों के आसपास गुलदार का आतंक बढ़ता जा रहा है, जिससे लोग खेतों और रास्तों पर जाने से डरने लगे हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि गाँवों से सटे 100 मीटर क्षेत्र को गुलदार मुक्त बनाया जाए। इसके लिए घास-फूस, जंगली झाड़ियाँ और अनावश्यक पेड़-पौधों की सफाई कराई जाए। साथ ही मुख्य मार्गों और विद्यालयों तक जाने वाले रास्तों के किनारों की झाड़ियों को नियमित रूप से काटा जाए।

ज्ञापन में कहा गया है कि संवेदनशील गांवों में प्राथमिकता के आधार पर जालीनुमा बाड़ लगाई जाए और सुरक्षा चाहने वाले ग्रामीणों को बंदूक का लाइसेंस दिया जाए। वहीं, जंगलों में वन्यजीवों के लिए भोजन-पानी की व्यवस्था की जाए ताकि वे रिहायशी इलाकों की ओर न आएं। ग्रामीणों ने यह भी माँग की कि बाघ और गुलदार की गिनती कराई जाए और उनकी गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए कॉलर आईडी लगाई जाए।

ग्रामीणों ने कहा कि जानवरों की संख्या के हिसाब से गाँवों के आसपास पर्याप्त पिंजरे लगाए जाएँ और वन विभाग लगातार गश्त करे। अवैध शिकार रोकने के लिए पेट्रोलिंग टीम गठित की जाए और जंगलों को शिकार प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया जाए। साथ ही जंगलों में आग लगाने वालों पर सख्त सजा का प्रावधान किया जाए।

ज्ञापन में मुआवज़े को लेकर भी प्रमुख मांगें रखी गई हैं। ग्रामीणों ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति की जानवरों के हमले में मृत्यु होती है तो उसके परिवार को कम से कम 25 लाख रुपये का मुआवज़ा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। वहीं घायल व्यक्ति या घायल पशु को भी उचित मुआवज़ा मिले।

ग्रामीणों ने आधुनिक तकनीक का सहारा लेने की भी सिफारिश की है। उन्होंने एआई आधारित चेतावनी प्रणाली, सेंसर और कैमरों के इस्तेमाल, मोबाइल ऐप और सामुदायिक डेटाबेस बनाने जैसी पहल की माँग की, ताकि गुलदार की गतिविधियों पर समय रहते नज़र रखी जा सके। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर ठोस कदम नहीं उठाए गए तो गुलदार आतंक से जनजीवन और अधिक असुरक्षित हो जाएगा।

Uttarakhand : टॉस नदी में बह गए दस मजदूर, छह की मौत, सहस्त्रधारा में एक शव मिला

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देहरादून: जिले के प्रेमनगर- क्षेत्र में परवल टॉस नदी ने सोमवार को कहर बरपाया। अचानक पानी का तेज़ बहाव आने से नदी किनारे काम कर रहे दस मजदूर बह गए। हादसे में छह मजदूरों की मौत हो गई, जबकि बाकी लापता मजदूरों की तलाश की जा रही है।

सूचना मिलते ही पुलिस और रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुँचीं। नया गांव चौकी क्षेत्र में पुलिस ने मृतकों के शव बरामद कर पंचायतनामा की कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज़ कर दिए हैं।

जिला प्रशासन का कहना है कि भारी बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रभावित क्षेत्र में एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।

देहरादून में देर रात बादल फटने से भारी तबाही हुई है। कुछ मजदूरों के बह जाने की भी सूचना मिली है। इस बीच मौसम विज्ञान केंद्र ने देहरादून, चमोली, चंपावत, ऊधमसिंह नगर, बागेश्वर और नैनीताल जिलों के कई क्षेत्रों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। अन्य जिलों में भी तेज बारिश की संभावना जताई गई है। विभाग के अनुसार 21 सितंबर तक पूरे प्रदेश में बारिश का दौर तेज बना रह सकता है।

जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा : गोत्र ही हिंदुओं की पहचान

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बिहार : गौमाता के प्राणों की रक्षा और उन्हें राष्ट्रमाता घोषित करने के लिए चल रहे राष्ट्रव्यापी आंदोलन के तहत बिहार में गौमाता रक्षा संकल्प यात्रा के दौरान आज सुपौल में ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने सनातन धर्मियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि गोत्र ही हिंदुओं की असली पहचान है, जिसे लोग धीरे-धीरे भूलते जा रहे हैं। प्रत्येक सनातनी का यह परम कर्तव्य है कि वह अपने गोत्र और इसके महत्व को याद रखे।

सुपौल में आयोजित कार्यक्रम में शंकराचार्य जी का भारी संख्या में उपस्थित गौभक्तों और बिहारवासियों ने पालकी में बिठाकर कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाया। गौमाता के महत्व को रेखांकित करते हुए शंकराचार्य जी ने कहा कि 33 कोटि देवी-देवताओं की आश्रय स्थली गौमाता की महत्ता इसी से समझी जा सकती है कि जीवन में गुरु और ईश्वर का स्थान सर्वोपरि है, फिर भी घर में भोजन बनाते समय पहली रोटी गौमाता के लिए निकाली जाती है। उन्होंने कहा कि गौमाता की रक्षा के लिए भगवान नारायण हर युग में अवतरित होते हैं। इस पवित्र भारत भूमि पर अब हम किसी भी कीमत पर गौमाता का रक्त नहीं बहने देंगे।

राजनीतिक निष्क्रियता पर टिप्पणी करते हुए शंकराचार्य जी ने कहा कि पिछले 78 वर्षों तक जनता नेताओं पर भरोसा करती रही, लेकिन कुछ नेता निहित स्वार्थों के लिए गौकशी को बढ़ावा देते रहे। अब समय आ गया है कि गौमाता के प्राणों की रक्षा के लिए हम मतदान करें। इससे गौमाता की रक्षा होगी और हम गौकशी के पाप से बच सकेंगे। उन्होंने उपस्थित गौभक्तों से दाहिना हाथ उठाकर गौमाता की रक्षा के लिए मतदान करने का संकल्प दिलवाया।

कार्यक्रम के बाद शंकराचार्य जी फारबिसगंज पहुंचे, जहां रास्ते में कई स्थानों पर भक्तों ने पुष्पवर्षा और जयकारों के साथ उनका स्वागत किया। कुछ स्थानों पर भक्तों ने शंकराचार्य जी के चरण-पादुका की पूजा कर अपने जीवन को धन्य बनाया।

कार्यक्रम में प्रत्यक्चैतन्यमुकुंदानंद गिरी जी महाराज, श्रीनिधिरव्यानंद दिव्यानंद सागर जी, देवेंद्र पाण्डेय, राजीव झा और रामकुमार झा ने भी लोगों को संबोधित किया।

सहस्रधारा में बादल फटने से भारी तबाही, होटल-दुकानें क्षतिग्रस्त, दो लोग लापता

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देहरादून: सहस्रधारा क्षेत्र में सोमवार देर रात बादल फटने  से भारी पैमाने पर नुकसान की खबर है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों के अनुसार, मुख्य बाजार में भारी मात्रा में मलबा आने से दो से तीन बड़े होटल और 7-8 दुकानें पूरी तरह ध्वस्त हो गईं। इस आपदा में करीब 100 लोग फंस गए थे, जिन्हें स्थानीय ग्रामीणों ने सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर रेस्क्यू किया।

कार्डीगाड़ के ग्राम प्रधान राकेश जवाड़ी ने बताया कि यह घटना रात करीब 11:30 बजे हुई। बादल फटने के बाद मुख्य बाजार में मलबा बहकर आ गया, जिससे कई होटल और दुकानें तबाह हो गईं।

 

उन्होंने बताया कि एक से दो लोगों के लापता होने की सूचना मिली है, लेकिन अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। लापता लोगों की तलाश जारी है। आपदा कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार, रात 2 बजे एसडीआरएफ और फायर सर्विस की टीमें घटनास्थल के लिए रवाना की गईं, लेकिन रास्ते में भारी मलबा होने के कारण टीमें मौके पर नहीं पहुंच पाईं।

लोक निर्माण विभाग की जेसीबी मलबा हटाकर रास्ता खोलने में जुटी है। आईटी पार्क के पास भी मलबे का कहर दूसरी ओर, आईटी पार्क के पास भी भारी मात्रा में मलबा बहकर आने से सॉन्ग नदी का जलस्तर बढ़ गया। इससे आसपास के इलाकों में खतरे की स्थिति पैदा हो गई।

रायपुर थानाध्यक्ष गिरीश नेगी ने बताया कि यह घटना रात 12:30 से 1:00 बजे के बीच हुई। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीमें भी बुलाई गईं। पुलिस ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।

Big Breaking: भारी बारिश का अलर्ट: देहरादून समेत इन जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद

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देहरादून। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने जनपद देहरादून, नैनीताल और पिथौरागढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसी के चलते जिला प्रशासन ने एहतियातन मंगलवार, 16 सितम्बर 2025 को अवकाश घोषित किया है।

देहरादून और नैनीताल जनपद में कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी सरकारी, गैर-सरकारी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टी रहेगी। वहीं, पिथौरागढ़ जिले के विकास खंड धारचूला, मुनस्यारी और डीडीहाट के स्कूल व आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद रहेंगे। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और सतर्कता बरतें।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एयर इंडिया एक्सप्रेस की देहरादून-बेंगलुरु हवाई सेवा का किया शुभारंभ

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को जौलीग्रांट एयरपोर्ट, देहरादून से एयर इंडिया एक्सप्रेस द्वारा देहरादून-बेंगलुरु के लिए शुरू की जा रही नई हवाई सेवा का विधिवत रूप से फ्लैग ऑफ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने इसे राज्य के समग्र विकास और हवाई संपर्क विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

आज उत्तराखंड में इस नई पहल के साथ ही देश की पहली अंतरराष्ट्रीय वैल्यू कैरियर एअर इंडिया एक्सप्रेस ने देहरादून हवाई अड्डे से बेंगलुरु के लिए दैनिक सीधी उड़ानों की शुरुआत के साथ परिचालन शुरू कर दिया है।  इस अवसर पर सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, दोईवाला के विधायक बृज भूषण गैरोला, एअर इंडिया एक्सप्रेस के प्रबंध निदेशक आलोक सिंह और उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के सीईओ, आईएएस, आशीष चौहान भी उपस्थित थे।

एअर इंडिया एक्सप्रेस का उत्तराखंड में स्वागत करते हुए,  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा- देहरादून से एअर इंडिया एक्सप्रेस सेवाओं की शुरुआत हमारे राज्य में नागरिक उड्डयन के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। बेंगलुरु से बेहतर कनेक्टिविटी से उत्तराखंड में पर्यटन, व्यापार और निवेश के अवसरों को काफी बढ़ावा मिलेगा, साथ ही भारत के सबसे गतिशील शहरों में से एक के साथ छात्रों, पेशेवरों और उद्यमियों के लिए संबंध भी मजबूत होंगे। हम एअर इंडिया एक्सप्रेस का स्वागत करते हैं और इस कनेक्टिविटी से हमारे लोगों और अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभाव की उम्मीद करते हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि एयर इंडिया एक्सप्रेस की देहरादून और बेंगलुरु के बीच सीधी हवाई सेवा उत्तराखंड के युवाओं, उद्यमियों, आईटी प्रोफेशनल्स, छात्रों और पर्यटकों के लिए  बड़ी सुविधा साबित होगी। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु देश की तकनीकी राजधानी है और वहां उत्तराखंड के हजारों युवा शिक्षा, सेवा और स्टार्टअप क्षेत्रों में कार्यरत हैं। अब उन्हें राज्य आने-जाने के लिए और अधिक सुविधाजनक, समयबद्ध और सुरक्षित विकल्प मिलेगा।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने बीते वर्षों में हवाई संपर्क को मजबूत करने के लिए नीति स्तर से लेकर अधोसंरचना तक कई बड़े फैसले लिए हैं। आज प्रदेश में पिथौरागढ़, चिन्यालीसौड़, गौचर, नैनीसैनी जैसे रीज़नल एयरपोर्ट्स को सक्रिय किया जा रहा है, वहीं जौलीग्रांट एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तार का कार्य तेज़ी से चल रहा है, जो कुमाऊं क्षेत्र के लिए एक बड़ा परिवर्तनकारी कदम होगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य उत्तराखंड को हवाई, रेल और सड़क मार्ग से तीव्र और सुलभ संपर्क व्यवस्था से जोड़ना है, जिससे न केवल पर्यटन को बल मिलेगा, बल्कि राज्य में निवेश, व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार “एयर कनेक्टिविटी इम्प्रूवमेंट प्रोजेक्ट” के अंतर्गत एयरलाइंस कंपनियों को आवश्यक सहयोग और प्रोत्साहन दे रही है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर एयर इंडिया एक्सप्रेस को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने उत्तराखंड की जरूरतों को समझते हुए यह सेवा प्रारंभ की है। उन्होंने यात्रियों को शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि यह सेवा दीर्घकालिक रूप से लाभकारी सिद्ध होगी और भविष्य में अन्य प्रमुख महानगरों से भी उत्तराखंड को जोड़ने वाली उड़ानों की संख्या में वृद्धि होगी।

इस अवसर पर एअर इंडिया एक्सप्रेस के प्रबंध निदेशक, आलोक सिंह ने कहाः “हमें देहरादून से परिचालन शुरू करके खुशी हो रही है, यह हमारा 58वां स्टेशन है। हम अपने सबसे बड़े घरेलू केंद्र, बेंगलुरु के लिए दैनिक सीधी उड़ानें शुरू कर रहे हैं। यह अहमदाबाद और चंडीगढ़ के बाद इस महीने लॉन्च किया गया तीसरा नया स्टेशन है, जो हमारे नेटवर्क के तेजी से विस्तार को रेखांकित करता है। यह नया मार्ग न केवल उत्तराखंड को सीधे बेंगलुरु के आर्थिक और शैक्षिक केंद्रों से जोड़ता है, बल्कि पूरे भारत में 18 और शहरों के लिए सुविधाजनक वन- स्टॉप कनेक्शन भी प्रदान करता है। हमारे बेड़े में अब 115 से अधिक विमान शामिल हैं, हम एक मजबूत, अधिक सुलभ नेटवर्क का निर्माण कर रहे हैं जो आधुनिक भारत की आकांक्षाओं को दर्शाता है।”

मुख्यमंत्री ने हवाई अड्डे की विभिन्न सुविधाओं का निरीक्षण भी किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। एयर इंडिया एक्सप्रेस  ने जानकारी दी कि देहरादून -बेंगलुरु की पहली उड़ान देहरादून से 16:30 बजे रवाना हुई और 19:30 बजे बेंगलुरु पहुंची। इस लॉन्च के साथ, देहरादून से यात्री बेंगलुरु के माध्यम से चेन्नई, गोवा, कोच्चि, कोझीकोड, मंगलुरु, उत्तरी गोवा, पुणे, रांची, तिरुवनंतपुरम, तिरुचिरापल्ली, विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम सहित 18 गंतव्यों के लिए सुविधाजनक वन-स्टॉप कनेक्टिविटी का लाभ उठा सकते हैं।

एयर इंडिया एक्सप्रेस ने जानकारी दी कि देश की विविधतापूर्ण कला और संस्कृति को सम्मानित करने वाली वाली एयर इंडिया एक्स्प्रेस की ‘टेल्स ऑफ इंडिया’ पहल के हिस्से के रूप में, देहरादून से पहली उड़ान संचालित करने के लिए तैनात नया बोइंग 737-8 विमान, गर्व से’ ऐपण’ से प्रेरित एक टेल आर्ट को प्रदर्शित करता है, जो उत्तराखंड की फर्श और दीवार पर की जाने वाली पारंपरिक कला का एक रूप है।

उन्होंने जानकारी दी कि नेटवर्क विस्तार के अलावा, एअर इंडिया एक्सप्रेस ने हाल ही में अपना ‘बुक डायरेक्ट’ अभियान शुरू किया है, जो यात्रियों को सर्वोत्तम किराए और निर्बाध बुकिंग अनुभव के लिए अपनी पुरस्कार विजेता वेबसाइट www.airindiaexpress.com और मोबाइल ऐप पर सीधे बुकिंग करने के लिए प्रोत्साहित करता है। जो यात्री सीधे बुकिंग करते हैं, वे प्रोमो कोड और बैंक ऑफ़र के साथ 20% तक की छूट, ऐप और वेबसाइट पर नेट बैंकिंग भुगतान पर शून्य सुविधा शुल्क, छात्रों, वरिष्ठ नागरिकों और सशस्त्र बलों के कर्मियों के लिए विशेष छूट, और ‘गौर्मेयर’ मेनू से 50% तक की छूट पर हॉट मील का प्री-बुक करने जैसे लाभों का आनंद ले सकते हैं।

इसके अतिरिक्त, मास्टरकार्ड डेबिट और क्रेडिट कार्ड से बुकिंग करने वाले मेहमानों को घरेलू उड़ानों पर 250 रुपये और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर 600 रुपये की छूट मिलती है। एयर इंडिया एक्सप्रेस ने बताया कि यात्री एअर इंडिया एक्सप्रेस के ‘एक्सप्रेस हॉलिडे’ प्लेटफॉर्म का भी लाभ उठा सकते हैं, जो आवास, परिवहन और गतिविधियों सहित क्यूरेटेड हॉलिडे पैकेज प्रदान करता है। ‘एक्सप्रेस हॉलिडे’ को एयरलाइन की वेबसाइट के प्रोडक्ट्स एंड सर्विसेज सेक्शन में एक्सेस किया जा सकता है।

बिहार में मतदाता सूची संशोधन पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती, गैरकानूनी प्रक्रिया हुई तो रद्द होगा पूरा अभियान

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को स्पष्ट किया कि यदि बिहार में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान चुनाव आयोग किसी भी तरह की गैरकानूनी प्रक्रिया अपनाता है, तो पूरा संशोधन अभियान रद्द किया जा सकता है। अदालत ने कहा कि यह आदेश सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देशभर में चल रही सभी SIR प्रक्रियाओं पर लागू होगा।

सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि वह मानकर चलती है कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और कानून व नियमों के अनुरूप ही काम कर रही है। मामले की अगली सुनवाई और अंतिम बहस की तारीख 7 अक्टूबर तय की गई है।

आधार कार्ड पर फिर विवाद
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले सोमवार को आदेश दिया था कि बिहार में मतदाता सूची संशोधन के दौरान आधार कार्ड को भी 12वें वैध दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया जाए। अदालत ने यह निर्देश तब दिया जब शिकायतें सामने आईं कि चुनाव अधिकारियों ने आधार कार्ड को मानने से इनकार कर दिया था।

जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाला बागची की पीठ ने चुनाव आयोग की आपत्ति को खारिज करते हुए कहा कि आधार नागरिकता का प्रमाण पत्र नहीं है, लेकिन यह पहचान और निवास का वैध सबूत है, इसलिए इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

विपक्ष का आरोप
इस पूरी प्रक्रिया पर विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि आयोग ने कई असली मतदाताओं के नाम बिना पूरी जांच किए हटा दिए हैं। उनका कहना है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए आयोग ने 11 दस्तावेज तय किए हैं, लेकिन आधार कार्ड को शामिल नहीं किया गया, जबकि यह देश में सबसे व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाला पहचान पत्र है।

मुख्य सचिव ने सचिवालय का निरीक्षण किया, सुधार के दिए निर्देश

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देहरादून : मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय परिसर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने सफाई व्यवस्था से लेकर फाइल प्रबंधन और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया।

निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने पुरानी फाइलों से भरे अनुभागों पर चिंता जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी अनुभागों में एक माह के भीतर अनिवार्य रूप से फाइलों की छंटनी (वीडिंग आउट) की जाए और इस प्रक्रिया के नियमों को पुनः प्रसारित किया जाए।

उन्होंने सचिवालय प्रशासन के सचिव को शीघ्र ही एक व्यवस्थित रिकॉर्ड रूम के लिए स्थान चिन्हित करने और तैयार करने का निर्देश दिया, जहां छंटनी के बाद आवश्यक फाइलों को सुव्यवस्थित रूप से रखा जा सके। मुख्य सचिव ने उन अनुभागों पर भी चिंता व्यक्त की, जो एक ही कक्ष में संचालित हो रहे हैं। उन्होंने तत्काल 10-12 अनुभागों के लिए पोर्टा-केबिन भवनों की व्यवस्था कर स्थानांतरण करने के निर्देश दिए।

इसके अतिरिक्त, उन्होंने अनुभागों के निरीक्षण के लिए रोस्टर को पुनः प्रसारित करने और अधिकारियों द्वारा निर्धारित समय-सीमा में निरीक्षण पूरा करने का आदेश दिया। उन्होंने सचिवालय के सभी भवनों में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। ये निर्देश सचिवालय की कार्यप्रणाली को आधुनिक और कुशल बनाने की दिशा में मुख्य सचिव की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ कानून के इन प्रावधानों पर लगाई रोक

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नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र में पारित वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद लागू कर दिया गया था, लेकिन इसके कई प्रावधानों को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएँ दायर की गईं। इन याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई की अगुवाई वाली दो जजों की बेंच ने कानून को रद्द करने से तो इनकार किया, लेकिन इसके कुछ प्रावधानों पर रोक लगा दी।

सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल, अभिषेक मनु सिंघवी और राजीव धवन ने याचिकाकर्ताओं का पक्ष रखा, जबकि केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता मौजूद रहे। कोर्ट ने कहा कि वक्फ बोर्ड और परिषद की संरचना से जुड़े नियमों में संतुलन आवश्यक है।

कोर्ट का फैसला

  • सदस्यता की शर्तें: अधिनियम में प्रावधान था कि केवल पाँच साल से अधिक समय से इस्लाम धर्म का पालन करने वाले ही वक्फ बोर्ड के सदस्य बन सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने इस शर्त को फिलहाल स्थगित कर दिया है। जब तक राज्य सरकारें उचित नियम नहीं बनातीं, यह लागू नहीं होगा।

  • गैर-मुस्लिमों की संख्या: संशोधित कानून में वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल करने का प्रावधान था। अदालत ने स्पष्ट किया कि वक्फ बोर्ड में अधिकतम तीन और केंद्रीय वक्फ परिषद में अधिकतम चार गैर-मुस्लिम सदस्य ही हो सकते हैं। साथ ही, जहाँ संभव हो, बोर्ड का सीईओ मुस्लिम सदस्य ही बनाया जाए।

  • कलेक्टर के अधिकार: अधिनियम में जिला कलेक्टर को यह अधिकार दिया गया था कि वे यह तय करें कि जिस संपत्ति पर वक्फ का दावा है, वह सरकारी है या निजी। अदालत ने इस प्रावधान पर रोक लगाते हुए कहा कि नागरिकों के निजी अधिकारों पर निर्णय लेने का अधिकार कलेक्टर को देना ‘शक्तियों के पृथक्करण’ के सिद्धांत के विरुद्ध है।

गौरतलब है कि यह अधिनियम अप्रैल 2025 में संसद से पास हुआ था। लोकसभा में 288 और राज्यसभा में 232 सांसदों ने इसके पक्ष में मतदान किया था। इसके बाद 5 अप्रैल को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इसे मंजूरी दी थी। हालांकि, अब सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि कानून तो प्रभावी रहेगा, लेकिन उसके कुछ विवादित प्रावधान फिलहाल लागू नहीं होंगे।

दो माह में 97 नाबालिग हुए लापता, पुलिस ने 87 को सकुशल बरामद किया

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देहरादून। बीते दो माह में जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों से 97 नाबालिग बच्चों के लापता होने के मामले सामने आए। पुलिस की त्वरित कार्यवाही और अथक प्रयासों से इनमें से 87 बच्चों को उत्तराखंड सहित दिल्ली, मुंबई, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और अन्य राज्यों से सकुशल बरामद कर लिया गया है।

पुलिस जांच में सामने आया कि 62 नाबालिग अपने परिजनों की डांट अथवा बात न मानने से नाराज होकर घर से चले गए थे। वहीं 24 बच्चे परिजनों को बिना बताए घूमने निकल पड़े या सोशल मीडिया के प्रभाव में आकर घर से बाहर गए। इसके अलावा 11 नाबालिगों को अन्य व्यक्तियों ने बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाया। इन मामलों में पुलिस ने अपहरण की गंभीर धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

अधिकारियों के अनुसार नाबालिगों की गुमशुदगी की सूचना पर पुलिस तत्काल अपहरण की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करती है। साथ ही, बरामदगी के बाद बच्चों और उनके परिजनों की काउंसलिंग भी कराई जा रही है, ताकि अभिभावक बच्चों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रह सकें।

फिलहाल 10 नाबालिगों की तलाश अभी जारी है। इनमें कुछ मामलों में पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए लापता बच्चों से संपर्क भी स्थापित किया है। उदाहरण के तौर पर, पटेलनगर क्षेत्र से लापता एक नाबालिग युवती लुधियाना में नौकरी कर रही है और उसने वीडियो कॉल के माध्यम से पुलिस को जानकारी दी है कि वह अपनी मर्जी से गई है तथा जल्द ही देहरादून लौटेगी।

इसी तरह प्रेमनगर क्षेत्र से लापता एक किशोर परिजनों द्वारा फोन रीचार्ज न कराने से नाराज होकर घर से चला गया था और दोस्तों को बताया कि वह काम की तलाश में बाहर गया है। पुलिस का कहना है कि सभी लंबित मामलों में पूर्ण संजीदगी से प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि शेष लापता बच्चों को भी जल्द सकुशल बरामद किया जा सके।