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राहुल गांधी का चुनाव आयोग पर तीखा हमला, चुनाव का चौकीदार जागता, वोट चोरी देखता रहा

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नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने बिना नाम लिए चुनाव आयोग को ‘चुनाव का चौकीदार’ करार देते हुए कहा कि वह “जागता रहा, चोरी देखता रहा और चोरों को बचाता रहा।” यह बयान उनकी उस प्रेस कॉन्फ्रेंस के एक दिन बाद आया, जिसमें उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर “लोकतंत्र को नष्ट करने वालों” की रक्षा करने का आरोप लगाया था।

गांधी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर अपनी गुरुवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस का 36 सेकंड का वीडियो साझा करते हुए लिखा, “सुबह 4 बजे उठो, 36 सेकंड में 2 वोटर मिटाओ, फिर सो जाओ—ऐसे हुई वोट चोरी!” वीडियो में वह कथित “वोट चोरी” की कार्यप्रणाली समझा रहे हैं। गुरुवार को एक अन्य पोस्ट में गांधी ने कहा था कि देश के युवा, छात्र और जेन जी संविधान और लोकतंत्र की रक्षा करेंगे और वोट चोरी को रोकेंगे। उन्होंने लिखा, “मैं हमेशा उनके साथ खड़ा हूं। जय हिंद!”

गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कर्नाटक के अलंद निर्वाचन क्षेत्र में 2023 के विधानसभा चुनावों के दौरान कथित धोखाधड़ी का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि जब कांग्रेस उम्मीदवार ने इस धोखाधड़ी का पर्दाफाश किया, तो स्थानीय चुनाव अधिकारी ने प्राथमिकी दर्ज की, लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त ने कर्नाटक सीआईडी की जांच को रोक दिया। गांधी ने कहा कि सीआईडी ने 18 महीनों में 18 पत्र लिखकर सबूत मांगे, लेकिन सीईसी ने डेस्टिनेशन आईपी, डिवाइस पोर्ट और ओटीपी जैसे विवरणों को छिपाकर रखा। उन्होंने दावा किया कि अगर 6,018 वोट डिलीट हो जाते, तो कांग्रेस उम्मीदवार चुनाव हार सकता था।

चुनाव आयोग ने आरोपों का खंडन किया

राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के 30 मिनट के भीतर ही चुनाव आयोग ने उनके आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। आयोग ने सोशल मीडिया पर कहा कि मतदाता सूची से किसी भी वोटर को ऑनलाइन नहीं हटाया जा सकता। इसके लिए एक निर्धारित प्रक्रिया है, जिसमें संबंधित वोटर को अपनी बात रखने का मौका दिया जाता है। आयोग ने कहा कि बिना सुनवाई के वोटर हटाना असंभव है।

आयोग ने अलंद मामले पर स्पष्ट किया कि 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनावों में वोट हटाने की कोशिश का मामला सामने आने पर उसने स्वयं प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आयोग ने बताया कि 2018 में अलंद सीट पर भाजपा के सुभाष गुट्टेदार की जीत हुई थी, जबकि 2023 में कांग्रेस के बी.आर. पाटिल विजयी रहे। आयोग के सूत्रों ने गांधी के आरोपों को मुख्य चुनाव आयुक्त की छवि खराब करने की “कुत्सित कोशिश” करार दिया और कहा कि 2023 के मामले में पहले ही कार्रवाई की जा चुकी है।

महिलाओं और वंचित वर्गों को निशाना बनाने का आरोप

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि फर्जी आईडी बनाकर मतदाता सूची से वोटरों के नाम हटाए गए, खासकर महिलाओं, दलितों, ओबीसी और आदिवासी मतदाताओं को निशाना बनाया गया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त पर वोट चोरों को बचाने का आरोप लगाते हुए मांग की कि आयोग कर्नाटक सीआईडी को तुरंत सबूत सौंपे।

चुनाव आयोग और राहुल गांधी के बीच यह जुबानी जंग भारत की चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठा रही है। गांधी ने “वोट चोरी फैक्ट्री” के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया है।

चमोली नंदानगर आपदा: बादल फटने से उजड़ गए कई घर, मलबे में दबीं शादी की खुशियां

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चमोली: नंदानगर क्षेत्र में बुधवार रात हुई भारी बारिश और बादल फटने ने कई परिवारों के अरमानों को पानी में बहा दिया। इस भीषण आपदा में सिर्फ जान-माल का नुकसान ही नहीं हुआ, बल्कि शादी की खुशियों की तैयारी कर रहे कई परिवारों के सपने भी मलबे के ढेर में तब्दील हो गए।

सेरा गाँव के महिपाल सिंह गुसांई के परिवार पर भी इस आपदा का कहर टूट पड़ा। उनकी दूसरी बेटी नीमा की शादी 23 सितंबर को होने वाली थी। घर में शादी की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। पूरा परिवार खुशी-खुशी इन तैयारियों में जुटा था। घर का रंग-रोगन हो चुका था और शादी के लिए कपड़े, गहने और खाने-पीने का सामान भी जमा किया जा चुका था।

मोक्ष गदेरे की बाढ़ में बह गया सब कुछ

बुधवार की रात करीब 2 बजे धुर्मा क्षेत्र में बादल फटने से मोक्ष गदेरे का जलस्तर अचानक बहुत तेजी से बढ़ गया। यह गदेरा सेरा गांव के किनारे से बहता है। तड़के 3 बजे तक पानी का बहाव इतना तेज था कि लोग अनहोनी की आशंका से अपने घरों को छोड़कर सड़क पर आ गए।

सुबह लगभग 3:30 बजे, तेज बहाव में महिपाल सिंह गुसांई सहित सात परिवारों के घर बह गए। महिपाल सिंह की पत्नी देवेश्वरी देवी ने अपनी आँखों के सामने अपने घर को बहते हुए देखा। उन्होंने बताया, “गदेरे का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा था, इसलिए हम सब ने घर छोड़ दिया था। जब मैं सड़क पर पहुँची, तो देखा कि जहाँ मेरा मकान था, वहाँ अब सिर्फ पत्थर और रेत का ढेर बचा है।”

बेटी की शादी की चिंता

महिपाल सिंह के अनुसार, वे और उनके बच्चे नीमा व उनका बेटा गोपेश्वर में थे और उन्हें गुरुवार को घर लौटना था। लेकिन बुधवार रात की आपदा ने सब कुछ छीन लिया। परिवार के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि बेटी की शादी कैसे होगी। शादी की सारी तैयारियां, जेवरात और सामान सब कुछ मोक्ष गदेरे की बाढ़ में बह गया है।

चमोली नंदानगर आपदा : 16 घंटे बाद मलबे से जिंदा निकले 2 लोग, 2 के शव बरामद

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चमोली : चमोली जिले के नंदानगर क्षेत्र में बुधवार रात हुई भारी बारिश और अतिवृष्टि के कारण कुंतरी और धुरमा गांवों में भारी तबाही मची है। जिला प्रशासन के अनुसार, इस आपदा में कुल 10 लोगों के लापता होने की आशंका जताई गई थी, जिनमें से 2 के शव बरामद कर लिए गए हैं, जबकि 8 की तलाश जारी है।

आपदा के तुरंत बाद, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) की टीमों ने मोर्चा संभाला और मलबे से 2 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है, जिसमें आईटीबीपी, पुलिस और पीआरडी की टीमें भी लगी हुई हैं।

मुख्यमंत्री ने लिया स्थिति का जायजा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देर रात सचिव आपदा प्रबंधन से फोन पर जानकारी ली और प्रभावित क्षेत्रों में राहत व बचाव कार्यों को तेजी से चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और सभी आवश्यक मदद मुहैया कराई जाएगी।

आपदा में गंभीर रूप से घायल और बीमार हुए 11 लोगों को हेलीकॉप्टर के माध्यम से देहरादून और ऋषिकेश के उच्च चिकित्सा केंद्रों में भेजा गया है। एम्स ऋषिकेश के डॉ. मधुर उनियाल ने बताया कि नंदप्रयाग से एक 5 से 7 साल के बच्चे को गंभीर हालत में लाया गया है, जिसकी विस्तृत जांच चल रही है।

प्रभावितों को राहत शिविरों में किया गया शिफ्ट

जिलाधिकारी संदीप तिवारी और पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार ने गुरुवार को आपदा प्रभावित गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि कुंतरी लगा फाली, सेरा और धुरमा वार्ड में 27 से 30 घर और गौशालाएँ क्षतिग्रस्त हुई हैं।

प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर बने राहत शिविरों में भेजा गया है, जहाँ उनके भोजन और पेयजल की समुचित व्यवस्था की गई है। कुंतरी लगा फाली के प्रभावितों के लिए सैती प्राथमिक विद्यालय और अन्य स्थानों पर शिविर बनाए गए हैं, जबकि धुरमा और सेरा गांव के लोगों के लिए तहसील प्रशासन व्यवस्था कर रहा है।

स्थानीय निवासी नंदन सिंह रावत ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि कई घर मलबे में दब गए हैं और लोग फंसे हुए हैं। इस आपदा ने एक बार फिर से पहाड़ों में मौसम की अनिश्चितता और उसके भयावह परिणामों को उजागर किया है। फिलहाल, सभी की निगाहें लापता 8 लोगों की तलाश पर टिकी हैं।

उत्तराखंड : सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ शहर में भारी आक्रोश, हल्द्वानी में किया प्रदर्शन

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सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2014 के काठगोदाम (हाल्द्वानी-क्षेत्र) में हुई सात वर्षीय नन्ही काशिश की हत्या मामले में मुख्य आरोपी के बरी किए जाने के बाद शहर में गुस्से की लहर दौड़ पड़ी। गुरुवार को सुबह से ही बुद्ध पार्क पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए और धीरे-धीरे प्रदर्शनकारियों की भीड़ एसडीएम कार्यालय तक पहुँच गई।

प्रदर्शनकारियों ने न्याय की माँग करते हुए सरकार और न्यायिक व्यवस्था के खिलाफ नारेबाजी की और आरोपी के लिए फाँसी की सजा वापस दिलाने की मांग दोहराई। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भी भेजा। प्रदर्शन के दौरान सामाजिक संगठनों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और लोककलाकारों ने हिस्सा लिया।

हालाँकि, कुछ जगहों पर पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव भी देखा गया, पर हिंसा की खबर नहीं आई। लोगों का कहना था कि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला पीड़ित परिवार और समाज के साथ अन्याय जैसा है और वह सख्त कार्रवाई व पुनर्विचार की मांग करते हैं। स्थानीय नागरिकों ने कहा कि वे न्याय के लिए संगठित होकर अगली कार्रवाई तय करेंगे।

थर्म-लाइन: यह वही विवादित मामला था जिसने 2014 में पूरे कुमाऊँ में भारी आक्रोश और विरोध प्रदर्शन को जन्म दिया था; उस दौर की घटनाएँ और व्यापक सार्वजनिक भावना अब सुप्रीम कोर्ट के ताज़ा फैसले के बाद फिर उभर कर सामने आई हैं। मामले की संवेदनशीलता और वर्षों से चली आ रही सुनवाई को देखते हुए न्यायिक फैसलों पर जन-आक्रोश दर्शनीय है, और पीड़ित परिवार की अपील व राजनीति-सामाजिक प्रतिक्रियाएँ आगे भी जारी रहने की संभावना है।

नन्ही परी केस : सीएम धामी ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने के दिए निर्देश

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काठगोदाम में वर्ष 2014 में पिथौरागढ़ निवासी सात वर्षीय बच्ची के साथ हुई दरिंदगी के मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। सुप्रीम कोर्ट से आरोपित को दोषमुक्त किए जाने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पर गंभीर संज्ञान लिया है। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार बेटियों के साथ होने वाले अपराधों को लेकर शून्य सहिष्णुता की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बेटियों के साथ दरिंदगी करने वालों को हर हाल में सख्त सजा दिलाई जाएगी और न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।

अतिवृष्टि पर सीएम धामी का स्थलीय निरीक्षण, प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को राज्य आपदा परिचालन केंद्र से प्रदेशभर में हुई अतिवृष्टि की समीक्षा करने के बाद मसूरी रोड और किमाड़ी क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्य सड़कों की शीघ्र मरम्मत कर यातायात सामान्य बनाया जाए और जहां आवश्यक हो, वहां वैकल्पिक मार्ग एवं आवागमन की अन्य व्यवस्थाएं तत्काल प्रभाव से सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग युद्धस्तर पर काम करें ताकि प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन जल्द से जल्द पटरी पर लौट सके।

सीएम धामी ने प्रभावित परिवारों को आपदा मानकों के अनुसार त्वरित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ ही उन्हें मूलभूत सेवाएं पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि लगातार हो रही वर्षा को देखते हुए जिन क्षेत्रों में आवागमन बाधित हुआ है, वहां प्राथमिकता के आधार पर वैकल्पिक मार्ग और राहत शिविर स्थापित किए जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा, “राज्य सरकार आपदा की इस घड़ी में पूरी संवेदनशीलता के साथ आपदा पीड़ितों के साथ खड़ी है। प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन को शीघ्र सामान्य बनाने के लिए सभी संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

राहुल गांधी का बड़ा हमला : ‘वोट चोरी’ पर उठाए गंभीर सवाल, चुनाव आयोग को घेरा

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कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनावी धांधली के आरोपों को और धार दी। उन्होंने दावा किया कि देशभर में मतदाताओं के नाम सुनियोजित तरीके से हटाए जा रहे हैं और यह काम किसी व्यक्ति द्वारा नहीं, बल्कि केंद्रीकृत सॉफ्टवेयर के जरिए हो रहा है।

राहुल गांधी ने कहा, “सबसे पहले यह हाइड्रोजन बम नहीं है, हाइड्रोजन बम आने वाला है। यह केवल एक और सबूत है कि किस तरह से चुनावों में धांधली की जा रही है।” उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे उन लोगों की रक्षा कर रहे हैं जिन्होंने भारतीय लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाया और वोट चोरी की।

अलंद का मामला : 6018 वोट हटाने की कोशिश

उन्होंने कर्नाटक के अलंद विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां कांग्रेस समर्थक मतदाताओं के नाम हटाने के लिए 6,018 फर्जी आवेदन दाखिल किए गए। राहुल के अनुसार, यह आवेदन असली मतदाताओं ने नहीं किए थे, बल्कि एक सॉफ्टवेयर के माध्यम से ऑटोमैटिक तरीके से दर्ज कराए गए। इसके लिए कर्नाटक के बाहर के मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया गया।

‘सॉफ्टवेयर से वोट चोरी’

राहुल ने कहा, “सीरियल नंबर देखिए… एक सॉफ्टवेयर मतदान केंद्र में पहला नाम चुन रहा है और उसका उपयोग वोट हटाने के लिए कर रहा है। यह सब बड़े पैमाने पर और केंद्रीकृत तरीके से किया गया है, न कि किसी स्थानीय कार्यकर्ता के स्तर पर।”

चुनाव आयोग पर सवाल

उन्होंने आरोप लगाया कि कर्नाटक सीआईडी ने फरवरी में इस मामले की एफआईआर दर्ज की थी और 25 सितंबर तक चुनाव आयोग को 18 बार पत्र लिखे, लेकिन आयोग ने कोई ठोस जानकारी उपलब्ध नहीं कराई। राहुल का कहना है कि यह इस बात का सबूत है कि आयोग दोषियों को बचा रहा है।

कई राज्यों में गड़बड़ी के आरोप

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि ऐसी ही गड़बड़ियां महाराष्ट्र, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में भी हुई हैं। महाराष्ट्र के राजुरा क्षेत्र में 6,815 मतदाता जोड़े गए। राहुल के मुताबिक, यह सब पिछले 10-15 साल से चल रहा है और लोकतंत्र को व्यवस्थित ढंग से हाईजैक किया जा रहा है।

लोकतंत्र बचाने की अपील

राहुल गांधी ने कहा, “भारत के लोग ही लोकतंत्र को बचा सकते हैं। संस्थाएं अपना काम नहीं कर रही हैं, इसलिए मुझे यह सब आपके सामने रखना पड़ रहा है। मेरा काम लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेना है, लेकिन मैं एक देशभक्त भारतीय के नाते सच सामने ला रहा हूं।”

कांग्रेस का ऐलान : ‘हाइड्रोजन बम’ अभी बाकी

इससे पहले पटना में वोटर अधिकार यात्रा के समापन पर राहुल ने कहा था कि कांग्रेस जल्द ही वोट चोरी पर ‘हाइड्रोजन बम’ फोड़ेगी। कांग्रेस ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर भी लिखा “कुर्सी की पेटी बांध लीजिए…” और इसके साथ पिछले संवाददाता सम्मेलन का वीडियो साझा किया। राहुल गांधी की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद ‘वोट चोरी’ और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर राजनीतिक हलकों में नई बहस तेज हो गई है।

अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों की समीक्षा, राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को आईटी पार्क स्थित राज्य आपदा परिचालन केंद्र से प्रदेशभर में अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चमोली जनपद के नंदानगर क्षेत्र समेत सभी आपदा प्रभावित गांवों में राहत एवं बचाव कार्यों में और तेजी लाई जाए।

मुख्यमंत्री ने चमोली के नंदानगर क्षेत्र में हुई प्राकृतिक आपदा की जानकारी जिलाधिकारी संदीप तिवारी से प्राप्त की। उन्होंने गंभीर रूप से घायलों को तत्काल बेहतर चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए एम्स ऋषिकेश एयरलिफ्ट करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री प्रातःकाल से ही आपदा परिचालन केंद्र और जिला प्रशासन के अधिकारियों से लगातार संपर्क में रहकर स्थिति की निगरानी करते रहे।

उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, विद्युत आपूर्ति और नेटवर्क कनेक्टिविटी को शीघ्र बहाल किया जाए। आपदा प्रभावित लोगों के लिए आश्रय, भोजन, स्वच्छ पेयजल और आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही पर्याप्त चिकित्सक और दवाओं की उपलब्धता भी हर प्रभावित क्षेत्र में बनाई जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता मिल सके।

जिला प्रशासन और पुलिस बल ने घटना की सूचना मिलते ही सक्रिय होकर बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। वर्तमान में राहत एवं बचाव कार्य पूरे समन्वय और तत्परता से जारी हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रभावित गांवों के प्रत्येक परिवार तक राहत सामग्री शीघ्र पहुँचाई जाए।

भूस्खलन से बाल-बाल बचे सांसद अनिल बलूनी व विधायक विनोद कंडारी

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देवप्रयाग। उत्तराखंड में आई आपदा का जायजा लेने पहुंचे राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी और देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी शुक्रवार को एक हादसे से बाल-बाल बच गए। देवप्रयाग डिग्री कॉलेज के पास अचानक हुए भूस्खलन की चपेट में उनका वाहन मलबे में फंसने वाला था। गनीमत रही कि दोनों सुरक्षित रहे और किसी को चोट नहीं आई।

भूस्खलन के बाद सांसद बलूनी तहसीलदार के वाहन से देवप्रयाग पहुंचे, जहां उन्होंने विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। इसके बाद वह प्राइवेट वाहन से देहरादून रवाना हुए। वहीं, एनएच विभाग ने मलबा हटाने का कार्य शुरू कर दिया है, ताकि उनका सरकारी वाहन निकाला जा सके।

आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करते हुए सांसद बलूनी ने कहा कि इस वर्ष की भीषण अतिवृष्टि और भूस्खलन ने उत्तराखंड को गहरे जख्म दिए हैं, जिन्हें भरने में लंबा समय लगेगा। उन्होंने कहा, “कल शाम का भयावह भूस्खलन दृश्य स्पष्ट करता है कि उत्तराखंड किस विकराल प्राकृतिक आपदा से गुजर रहा है।

सांसद ने बाबा केदारनाथ से प्रदेशवासियों की सुरक्षा, अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की। साथ ही उन्होंने आपदा की घड़ी में राहत और बचाव कार्य में जुटे प्रशासनिक अधिकारियों, एनडीआरएफ-एसडीआरएफ जवानों और सड़कों से मलबा हटाने वाले कर्मचारियों के सेवाभाव की सराहना की।

उत्तराखंड ब्रेकिंग: चमोली के नंदानगर में फटा बादल, पांच लोग लापता, भारी तबाही

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उत्तराखंड के चमोली ज़िले में नंदानगर क्षेत्र में बादल फटने से भारी तबाही हुई है. इस घटना में पाँच लोग लापता हैं और कई घर पूरी तरह से ध्वस्त हो गए हैं. यह घटना बुधवार की देर रात करीब 1 बजे फाली कुंतरी, सैंती कुंतरी, भैंसवाड़ा और धुर्मा के ऊपर पहाड़ी पर हुई.

नंदानगर में, मलबे की चपेट में आने से फाली कुंतरी के कम से कम छह भवन पूरी तरह से बर्बाद हो गए हैं. इसमें पाँच लोग लापता बताए जा रहे हैं, जबकि दो लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है. धुर्मा गाँव में भी 4-5 घरों को नुकसान पहुँचा है, लेकिन वहाँ किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. मोक्ष नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है.

घटना की जानकारी मिलते ही, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें राहत और बचाव कार्यों के लिए रवाना हो चुकी हैं. मेडिकल टीमें और 108 एंबुलेंस भी मौके पर पहुंच गई हैं.