Home Blog Page 147

DM को महंगा पड़ा विधायक का फोन न उठाना, 20-25 कॉल मिस, जारी हुआ नोटिस, मांगनी पड़ी माफी

0

लखनऊ/बुलंदशहर :  उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक  फोन कॉल ने हड़कंप मचा दिया। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय महासचिव और जसवंतनगर विधायक शिवपाल सिंह यादव के 20-25 फोन कॉल्स को नजरअंदाज करने वाली बुलंदशहर की DM आईएएस श्रुति सिंह को विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने नोटिस जारी कर दिया।

नोटिस मिलते ही डीएम ने फोन पर शिवपाल से माफी मांगी, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। मामला अब शांत हो गया है, लेकिन यह घटना प्रशासनिक अधिकारियों और नेताओं के बीच संवाद की अहमियत को रेखांकित करती है।

इन दिनों उत्तराखंड में भी इस तरह के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। गणेश जोशी मामला हो फिर पिथौरागढ़ के विधायक हरीश धामी का। दोनों ही की शिकायत थी कि डीएम ने उनका फोन नहीं उठाया। हालांकि, गणेश जोशी और डीएम सविन बंसल मामला मंत्री की तुनक मिजाजी से ज्यादा चर्चा में रहा। यह बात अलग है कि दोनों ही मामलों में ना तो विधानसभा अध्यक्ष से शिकायत की और ना ही माफी मांगने जैसी कोई घटना हुई है।

ये है पूरा मामला
यह विवाद बीते विधानसभा मॉनसून सत्र से पहले का है। शिवपाल यादव ने बुलंदशहर डीएम श्रुति सिंह को एक मामले को लेकर करीब 20-25 बार फोन किया, जिसमें उनके कार्यालय नंबर से लेकर पर्सनल नंबर तक शामिल थे। लेकिन, डीएम ने कोई कॉल रिसीव नहीं की। नाराजगी चरम पर पहुंचने के बाद शिवपाल ने विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना से शिकायत की, जिसमें उन्होंने इसे ‘विशेषाधिकार हनन’ का मामला बताया।

महाना ने तुरंत कार्रवाई करते हुए डीएम को नोटिस जारी कर दिया। नोटिस में डीएम से स्पष्टीकरण मांगा गया था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए श्रुति सिंह ने स्वयं शिवपाल को फोन किया और माफी मांगी।

शिवपाल यादव ने माफी स्वीकार करते हुए कहा कि किसी को जरूरी काम हो सकता है, लेकिन इस घटना ने सपा के कद्दावर नेता के प्रभाव को फिर से उजागर कर दिया। एक अन्य पोस्ट में लिखा गया, “शिवपाल ने 20-25 कॉल किए, पीआरओ को मिलाया, पर्सनल नंबर पर कॉल किया लेकिन नहीं उठा फ़ोन। श्रुति सिंह 2011 बैच की आईएएस अधिकारी हैं, जो वर्तमान में बुलंदशहर की डीएम हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने चमोली के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का लिया जायजा, प्रभावितों को हरसंभव मदद का भरोसा

0
  • मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख की सहायता राशि, राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश.

चमोली: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को चमोली जिले के नंदानगर क्षेत्र में आपदा से हुए नुकसान का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनका दुख साझा किया और हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की सहायता राशि के चेक सौंपे।

मुख्यमंत्री ने कुंतारी लगा फाली और कुंतारी लगा सरपाणी का स्थलीय निरीक्षण किया, साथ ही धुर्मा, मोख, कुंडी, बांसबारा और मोखमल्ला गांवों का हवाई सर्वेक्षण कर आपदा से हुए नुकसान और राहत कार्यों की स्थिति का आकलन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत और पुनर्वास कार्यों में कोई कमी न रहे। जनजीवन को जल्द से जल्द सामान्य करने के लिए विद्युत, पेयजल और सड़क संपर्क बहाली के कार्यों को प्राथमिकता दी जाए।

चमोली के जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं। अब तक 12 घायल व्यक्तियों को हेलीकॉप्टर से उपचार के लिए हायर सेंटर भेजा गया है, जिनमें एक को एम्स ऋषिकेश और 11 को मेडिकल कॉलेज श्रीनगर रेफर किया गया। आपदा में कुंतारी लगा फाली, सरपाणी, धुर्मा, सेरा और मोख में करीब 45 भवन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, 15 गौशालाएं नष्ट हुईं, 8 पशु मृत और 40 पशु लापता हैं। प्रभावितों को खाद्य सामग्री, आश्रय और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का विस्तृत सर्वेक्षण करने और राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार आपदा प्रभावितों के साथ हर कदम पर खड़ी है और उनकी हर जरूरत को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

आधा सितंबर बीता, फिर भी नहीं थम रही मानसूनी बारिश

0

देहरादून: उत्तराखंड में सितंबर का आधा महीना बीत चुका है, लेकिन मॉनसून की बारिश का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है, जिससे पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने देहरादून, टिहरी, पौड़ी, चंपावत, पिथौरागढ़ और नैनीताल जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश की आशंका भी जताई गई है। अगस्त से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला सितंबर के अंत तक जारी रहने की संभावना है। विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बन रहा एक नया सिस्टम भी बारिश को और बढ़ा सकता है।

21-22 सितंबर को हल्की बारिश

मौसम विभाग ने बताया कि 21 और 22 सितंबर को पूरे राज्य में हल्की बारिश होगी, जिससे कुछ क्षेत्रों को राहत मिल सकती है। हालांकि, 23 से 25 सितंबर तक पर्वतीय जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहेगा, जबकि मैदानी जिलों में बारिश की तीव्रता कम होने की उम्मीद है। अगले छह दिनों में सबसे अधिक चिंता 24 घंटों के लिए है, जब भारी बारिश की आशंका है। इसके बाद बारिश का स्तर अपेक्षाकृत कम रहेगा।

भूस्खलन और बाढ़ का खतरा

लगातार बारिश के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। आपदा प्रबंधन विभाग ने यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। साथ ही, नदियों और गदेरों के किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता रखने को कहा गया है, क्योंकि बारिश के कारण जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा बना हुआ है।

जनजीवन पर असर

अगस्त से हो रही मूसलाधार बारिश, खासकर एक घंटे में 60 मिलीमीटर से अधिक बारिश, लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन रही है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखने की अपील की है।

स्कूलों में बम की धमकी से हड़कंप, पुलिस ने शुरू की तलाशी

0

नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली के दो स्कूलों में बम की धमकी भरे ईमेल मिलने से एक बार फिर दहशत का माहौल बन गया है। नजफगढ़ और महरौली क्षेत्र में स्थित दो अलग-अलग स्कूलों को प्राप्त इन धमकियों के बाद दिल्ली पुलिस और स्कूल प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है।

तलाशी अभियान शुरू

धमकी भरा ईमेल मिलते ही स्कूल प्रशासन ने तुरंत दिल्ली पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने दोनों स्कूलों में बम निरोधक दस्तों और स्थानीय पुलिस की टीमें तैनात कर गहन तलाशी अभियान शुरू किया है। अभी तक की जांच में किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि का पता नहीं चला है, लेकिन प्रशासन और पुलिस किसी भी तरह के जोखिम से बचने के लिए पूरी सतर्कता बरत रहे हैं।

स्कूलों में पढ़ाई निलंबित

छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए दोनों स्कूलों में पढ़ाई को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है। स्कूल प्रशासन ने अभिभावकों को स्थिति की जानकारी देना शुरू कर दिया है और उन्हें आश्वस्त किया है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

पुलिस की सतर्कता

दिल्ली पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए धमकी भरे ईमेल की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसी धमकियां अक्सर अफवाह साबित होती हैं, लेकिन किसी भी संभावित खतरे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है।

उत्तराखंड में सांसद- विधायकों के आपराधिक मामलों पर हाईकोर्ट सख्त, 26 सितंबर तक सरकार से मांगा जवाब

0

देहरादून । जनप्रतिनिधियों पर आपराधिक मामलों की सुनवाई लटकने पर उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने साफ किया कि सांसदों और विधायकों के मामलों की सुनवाई तेज़ी से होनी चाहिए, वरना जनता का भरोसा न्याय व्यवस्था से उठ सकता है। देहरादून निवासी एडवोकेट विकेश सिंह नेगी की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने राज्य सरकार से 26 सितंबर तक स्पष्ट जवाब दाखिल करने को कहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने 2023 में दिए थे विशेष अदालतें बनाने के आदेश

देहरादून निवासी एडवोकेट विकेश सिंह नेगी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर मांग की कि सांसदों और विधायकों पर दर्ज आपराधिक मामलों की शीघ्र सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाए। उन्होंने अपनी दलील में 6 नवंबर 2023 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए उस आदेश का हवाला दिया, जिसमें अश्विनी उपाध्याय बनाम केंद्र सरकार केस में शीर्ष अदालत ने सभी राज्यों को ऐसे मामलों के लिए विशेष अदालतें बनाने को कहा था।

कई मामले लंबित, कार्रवाई शून्य

याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि उत्तराखंड में सांसदों और विधायकों पर कई आपराधिक मामले लंबित हैं। लेकिन अब तक राज्य सरकार ने न तो सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन किया है और न ही फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया है।

राज्य सरकार ने मांगा समय

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पक्ष रखते हुए कोर्ट से समय मांगा गया। सरकार ने कहा कि इस मामले पर स्थिति स्पष्ट करने के लिए थोड़ा वक्त चाहिए। कोर्ट ने सरकार की मांग मानते हुए एक सप्ताह का समय दिया और अगली सुनवाई की तारीख 26 सितंबर तय की।

जनता के हित में मांग

याचिकाकर्ता एडवोकेट विकेश सिंह नेगी ने कोर्ट से प्रार्थना की कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कराते हुए राज्य सरकार को फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का निर्देश दिया जाए, ताकि जनप्रतिनिधियों के आपराधिक मामलों की सुनवाई जल्द से जल्द हो सके और लोकतंत्र पर लोगों का भरोसा कायम रहे।

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़, एक जवान घायल

0

जम्मू : जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के सेओज धार क्षेत्र में शुक्रवार रात सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच भीषण मुठभेड़ शुरू हो गई। खुफिया सूचना के आधार पर शुरू किए गए इस अभियान में एक सैनिक के घायल होने की खबर है। सूत्रों के अनुसार, इलाके में 2-3 आतंकवादियों के छिपे होने की आशंका है।

सेना का अभियान जारी

सेना के अधिकारियों ने बताया कि यह मुठभेड़ डोडा और उधमपुर जिले की सीमा से लगे सेओज धार क्षेत्र में हुई। अभियान भारतीय सेना के 9 सेक्टर राष्ट्रीय राइफल्स द्वारा संचालित किया जा रहा है, जिसका मुख्यालय किश्तवाड़ में है। व्हाइट नाइट कोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “खुफिया जानकारी के आधार पर किश्तवाड़ के सामान्य क्षेत्र में चलाए गए अभियान में व्हाइट नाइट कोर के सतर्क सैनिकों ने रात करीब 8 बजे आतंकवादियों से संपर्क स्थापित किया।” सेना ने पुष्टि की कि गोलीबारी के बीच अभियान अभी भी जारी है।

कठुआ में भी तलाशी अभियान

इससे पहले, बुधवार को जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में सुरक्षा बलों ने अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास ढोलका-सान्याल नर्सरी क्षेत्र में संभावित घुसपैठ मार्ग पर तलाशी अभियान शुरू किया था। स्थानीय पुलिस और सीआरपीएफ के विशेष अभियान समूह (एसओजी) ने संयुक्त रूप से यह कार्रवाई की।

मार्च में भी चला था बड़ा अभियान

गौरतलब है कि मार्च में भी इसी नर्सरी क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने सीमा पार से घुसपैठ कर रहे भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों के एक समूह को रोका था। उस अभियान में पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकवादी मारे गए थे, लेकिन इस दौरान चार पुलिसकर्मी भी शहीद हो गए थे। सुरक्षाबल स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए हैं और आतंकवादियों के खिलाफ अभियान को तेज करने में जुटे हैं।

हवाई अड्डों पर उड़ान संकट: सैकड़ों उड़ानें रद, हजारों में देरी

0

अमेरिका के  डलास क्षेत्र के दो प्रमुख हवाई अड्डों, डलास फोर्ट वर्थ और डलास लव फील्ड, पर यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दूरसंचार सेवाओं में आई खराबी के कारण संघीय उड्डयन प्रशासन (FAA) ने उड़ानों पर अस्थायी रोक लगा दी, जिसके चलते 1800 से अधिक उड़ानों में देरी और सैकड़ों उड़ानें रद हुई हैं।

टेलिकॉम खराबी से हवाई यातायात प्रभावित

FAA के अनुसार, एक स्थानीय टेलीफोन कंपनी के उपकरण में तकनीकी खराबी के कारण हवाई यातायात में व्यवधान उत्पन्न हुआ है। यह समस्या FAA के उपकरणों से संबंधित नहीं है। एजेंसी ने बताया कि वह इस खराबी के कारणों का पता लगाने के लिए टेलीफोन कंपनी के साथ मिलकर काम कर रही है।

उड़ानों पर रोक का समय

FAA ने जानकारी दी कि डलास फोर्ट वर्थ हवाई अड्डे के लिए उड़ानें रात 11 बजे (पूर्वी समय) तक और डलास लव फील्ड के लिए कम से कम रात 8:45 बजे (पूर्वी समय) तक रोक दी गई हैं। इस दौरान यात्री हवाई अड्डों पर अगले अपडेट का इंतजार कर रहे हैं।

एयरलाइनों पर भारी असर

फ्लाइटअवेयर के अनुसार, डलास में एयरलाइनों ने अपनी 20% उड़ानें रद कर दी हैं। अमेरिकन एयरलाइंस सबसे अधिक प्रभावित हुई, जिसने 200 से अधिक उड़ानें रद कीं और 500 से अधिक उड़ानों में देरी हुई।

यात्री हवाई अड्डों पर असमंजस की स्थिति में हैं और स्थिति सामान्य होने तक धैर्य रखने को कहा गया है। FAA और टेलीफोन कंपनी जल्द से जल्द इस समस्या को हल करने के लिए प्रयासरत हैं।

डीयू छात्रसंघ चुनाव 2025: ABVP का दबदबा, आर्यन मान बने अध्यक्ष, NSUI को उपाध्यक्ष पद

0

नई दिल्ली : दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डीयूएसयू) 2025-26 चुनाव के नतीजे घोषित हो गए हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव समेत तीन प्रमुख पदों पर कब्जा जमाया है, जबकि नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) को उपाध्यक्ष पद मिला। वोटिंग 18 सितंबर को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई, जिसमें 1.53 लाख पंजीकृत मतदाताओं में से करीब 39.36% ने हिस्सा लिया। मतगणना नॉर्थ कैंपस के यूनिवर्सिटी स्पोर्ट्स स्टेडियम में 8 बजे शुरू हुई और 17-20 राउंड के बाद नतीजे आए।

एबीवीपी की साफ-सुथरी जीत

एबीवीपी के आर्यन मान ने अध्यक्ष पद पर जोसलिन नंदिता चौधरी (एनएसयूआई) को 16,000 से अधिक वोटों से हराया। इसी तरह, सचिव पद पर कुणाल चौधरी और संयुक्त सचिव पर दीपिका झा ने भी बढ़त बनाए रखी। एनएसयूआई के राहुल झांसला ने उपाध्यक्ष पद पर एबीवीपी के गोविंद तंवर को कड़ी टक्कर दी। वामपंथी गठबंधन (आइसा-एसएफआइ) के उम्मीदवारों को निराशाजनक प्रदर्शन करना पड़ा।

नीचे दिए गए वोटरों की तालिका में पदवार अंतिम नतीजे दिए गए हैं:

पद एबीवीपी उम्मीदवार वोट एनएसयूआई उम्मीदवार वोट आइसा-एसएफआइ उम्मीदवार वोट कुल वोट
अध्यक्ष आर्यन मान 28,841 जोसलिन नंदिता चौधरी 12,645 अंजलि -5,385 59,882
उपाध्यक्ष गोविंद तंवर 20,547 राहुल झांसला 29,339 सोहन -4,163 59,869
सचिव कुणाल चौधरी 23,779 कबीर 16,117 अभिनंदना 228 59,863
संयुक्त सचिव दीपिका झा 21,825 लवकुश भड़ाना 17,380 अभिषेक 8,425 69,919

विजेताओं की प्रोफाइल

  • अध्यक्ष: आर्यन मान (एबीवीपी): हरियाणा के बहादुरगढ़ निवासी आर्यन हंसराज कॉलेज से स्नातक हैं और वर्तमान में लाइब्रेरी साइंस में एमए कर रहे हैं। फुटबॉल खिलाड़ी होने के साथ-साथ उन्होंने फीस वृद्धि विरोध और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाई। आर्यन ने कहा, “यह जीत छात्रों की आवाज की जीत है। हम कैंपस में मुफ्त वाई-फाई और मेट्रो पास की मांग को आगे बढ़ाएंगे।”
  • उपाध्यक्ष: राहुल झांसला (एनएसयूआई): 24 वर्षीय राहुल बौद्ध अध्ययन में एमए कर रहे हैं। पूर्वांचल और राजस्थान के छात्रों का मजबूत समर्थन प्राप्त उन्हें खेल सुविधाओं, स्वच्छ छात्रावास, पीने के पानी और महिला विकास प्रकोष्ठ की मांग करने वाले मुद्दों पर फोकस रहता है। उन्होंने कहा, “हमारी लड़ाई जारी रहेगी, छात्र हित सर्वोपरि हैं।”
  • सचिव: कुणाल चौधरी (एबीवीपी): दिल्ली के मूल निवासी कुणाल ने पीजीडीएवी कॉलेज से स्नातक किया और 2023 में वहां अध्यक्ष बने। बौद्ध अध्ययन में एमए कर रहे कुणाल ने कॉलेज इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए संघर्ष किया। उन्होंने स्टूडेंट एक्टिविज्म के जरिए छात्र मुद्दों को उठाया।
  • संयुक्त सचिव: दीपिका झा (एबीवीपी): बिहार की दीपिका लक्ष्मीबाई कॉलेज से स्नातक हैं और बौद्ध अध्ययन विभाग की छात्रा। एबीवीपी के ‘स्टूडेंट्स फॉर सेवा’ प्रोजेक्ट में सक्रिय, उन्होंने ‘बस्ती की पाठशाला’ और ‘ऋतुमति अभियान’ जैसे कार्यक्रमों से सामाजिक बदलाव में योगदान दिया।

उत्तराखंड : कांग्रेस विधायक हरीश धामी ने पिथौरागढ़ DM पर लगाए गंभीर आरोप, पढ़ें पूरी खबर

0

देहरादून: उत्तराखंड में आपदा के बीच जहां लोग प्राकृतिक संकट से जूझ रहे हैं, वहीं अधिकारियों का रवैया जनप्रतिनिधियों का गुस्सा बढ़ा रहा है। हाल ही में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी और देहरादून के जिलाधिकारी संबिन बंसल के बीच हुए विवाद के बाद अब कांग्रेस विधायक हरीश धामी ने पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी विनोद गिरी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। धामी ने डीएम पर फोन न उठाने और आपदा प्रबंधन में लापरवाही का आरोप लगाते हुए विधानसभा में विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने की चेतावनी दी है। हालंकि, गणेश जजोशी मामला कुछ अलग है, गणेश जोशी ने गलत लहजे में बात की थी।

जनप्रतिनिधियों की अनसुनी

धारचूला से कांग्रेस विधायक हरीश धामी ने पिथौरागढ़ के डीएम विनोद गिरी और कुछ अन्य अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि आपदा के दौरान जनप्रतिनिधियों के फोन न उठाकर अधिकारी जनता की समस्याओं को नजरअंदाज कर रहे हैं। धामी ने विधानसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर डीएम के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस विधायक हरीश धामी का कहना है कि जनता आपदा में अफसरों को नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधियों से मदद मांगती है। ऐसे में अधिकारियों को अपना रवैया बदलना होगा।

देहरादून में भी हुआ था विवाद

इससे पहले देहरादून में आपदा के दौरान डीएम संबिन बंसल के फोन न उठाने का मामला सुर्खियों में रहा था। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी का डीएम को फटकार लगाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। उस समय डीएम ने मंत्री की बात सुनने के बजाय वहां से चले जाना बेहतर समझा। इस घटना पर कांग्रेस ने डीएम का बचाव किया था, लेकिन अब कांग्रेस के ही विधायक हरीश धामी ने पिथौरागढ़ डीएम पर उसी तरह के आरोप लगाए हैं।

विधानसभा में उठेगा मुद्दा

हरीश धामी ने चेतावनी दी कि वह इस मामले को विधानसभा में विशेषाधिकार हनन के रूप में उठाएंगे। ऐसे अधिकारियों को सदन में बुलाकर दंडित करना चाहिए ताकि जनप्रतिनिधियों की बात को गंभीरता से लिया जाए। धामी का कहना है कि आपदा जैसे संकट में अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है।

बढ़ रहा तनाव

यह विवाद उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन और प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल खड़े कर रहा है। जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि अधिकारी उनकी बातों को नजरअंदाज कर रहे हैं, जिससे जनता की समस्याएं और बढ़ रही हैं। इस मामले ने सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों को एकजुट कर दिया है, जो प्रशासन के रवैये पर सवाल उठा रहे हैं।

हाईकोर्ट को फिर मिली बम से उड़ाने की धमकी, परिसर की तलाशी

0

मुंबई: बॉम्बे हाईकोर्ट को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिली है, जिसके बाद परिसर में हड़कंप मच गया। मुंबई पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पूरे हाईकोर्ट परिसर को खाली करा लिया और गहन तलाशी अभियान चलाया। हालांकि, जांच के दौरान कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला।

यह पिछले सात दिनों में दूसरी बार है जब बॉम्बे हाईकोर्ट को इस तरह की धमकी मिली है। इससे पहले, कुछ दिन पहले भी इसी तरह की धमकी मिलने पर बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड मौके पर भेजा गया था। उस समय भी पूरे क्षेत्र की तलाशी के बाद पुलिस को कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली थी।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, धमकी मिलने के बाद परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई से स्थिति को नियंत्रण में लाया गया। पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह धमकी कहाँ से और किसने दी है। इस तरह की लगातार मिल रही धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।