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राहुल गांधी ने कोलंबिया में की भारतीय मोटरसाइकिल कंपनियों की तारीफ, लोकतंत्र पर हमले को बताया खतरा

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नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी इन दिनों दक्षिण अमेरिका के चार देशों के दौरे पर हैं। कोलंबिया पहुंचने पर उन्होंने भारतीय दोपहिया वाहन निर्माता कंपनियों बजाज, हीरो और टीवीएस की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि इन कंपनियों की सफलता यह साबित करती है कि भारतीय उद्योग नवाचार के दम पर वैश्विक स्तर पर जीत हासिल कर सकते हैं, न कि भाई-भतीजावाद के जरिए।

राहुल गांधी ने कोलंबिया की सड़कों पर बजाज पल्सर मोटरसाइकिल के सामने खड़े होकर एक तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की। इसके साथ उन्होंने लिखा, “बजाज, हीरो और टीवीएस को कोलंबिया में शानदार प्रदर्शन करते देख गर्व महसूस हो रहा है। यह दर्शाता है कि भारतीय कंपनियां साठगांठ वाले पूंजीवाद से नहीं, बल्कि नवाचार के बल पर सफलता प्राप्त कर सकती हैं।”

ईआईए यूनिवर्सिटी में दिया संबोधन

गुरुवार को कोलंबिया के दौरे के दौरान राहुल गांधी ने ईआईए यूनिवर्सिटी में आयोजित सेमिनार ‘द फ्यूचर इज टुडे’ को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने लोकतंत्र और उद्योग जगत पर चर्चा की। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान में भारत में लोकतांत्रिक व्यवस्था पर व्यापक हमला हो रहा है, जो देश के लिए एक बड़ा जोखिम है। उन्होंने कहा, “भारत में कुछ गिने-चुने उद्योगपतियों का अर्थव्यवस्था पर कब्जा होता जा रहा है, जो खतरनाक है।”

राहुल ने भारत की विविधता को उसकी ताकत बताते हुए कहा, “भारत एक जटिल और विविधतापूर्ण देश है, जहां अलग-अलग धर्म, भाषाएं और परंपराएं हैं। यह देश अपने लोगों के बीच एक संवाद है, और इस संवाद के लिए लोकतंत्र सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है।” उन्होंने यह भी कहा कि भारत की ताकत चीन से अलग है, और यहां तानाशाही शासन को स्वीकार नहीं किया जा सकता।

भारत की आध्यात्मिक विरासत पर जोर

राहुल गांधी ने भारत की प्राचीन आध्यात्मिक परंपराओं और विचारधाराओं को आज के दौर में भी प्रासंगिक बताया। उन्होंने कहा कि भारत की सोच और परंपराएं विश्व को बहुत कुछ दे सकती हैं। साथ ही, उन्होंने चेतावनी दी कि यदि देश की विविध आवाजों को दबाया गया, तो भारत का विकास रुक सकता है। उन्होंने लोकतंत्र पर हो रहे हमले को गंभीर खतरा करार देते हुए कहा कि इसे रोकना जरूरी है।

सोनम वांगचुक की रिहाई के लिए पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका

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नई दिल्ली: लद्दाख में हालिया विरोध-प्रदर्शनों के लिए जिम्मेदार ठहराए गए सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो ने उनकी तत्काल रिहाई की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। बता दें, वांगचुक को 26 सितंबर को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत में लिया गया था और वे वर्तमान में राजस्थान की जोधपुर जेल में बंद हैं।

दो दिन पहले लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची के तहत संवैधानिक सुरक्षा की मांग को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शनों के दौरान चार लोगों की मौत हो गई थी और 90 लोग घायल हुए थे। गीतांजलि अंगमो ने वकील सर्वम रीतम खरे के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर वांगचुक की हिरासत को चुनौती दी है। याचिका में NSA के तहत हिरासत के फैसले पर सवाल उठाते हुए इसे नियमों का उल्लंघन बताया गया है।

अंगमो ने आरोप लगाया कि उन्हें अभी तक हिरासत आदेश की कॉपी नहीं दी गई है, जो प्रक्रियागत नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी वांगचुक से कोई संपर्क नहीं हो सका है। हाल ही में लद्दाख प्रशासन ने वांगचुक के खिलाफ ‘जासूसी’ के आरोपों को खारिज किया था।

इससे पहले, गीतांजलि अंगमो ने पुलिस की कार्रवाई की कड़ी आलोचना की थी। उन्होंने दावा किया कि वांगचुक को केवल बलि का बकरा बनाया जा रहा है और यह पूरी तरह से एक मनगढ़ंत साजिश है। उन्होंने सुरक्षाबलों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए पूछा कि सीआरपीएफ को गोली चलाने का आदेश किसने दिया।

उन्होंने कहा, “कौन अपने ही लोगों पर गोली चलाता है, खासकर उस इलाके में जहां पहले कभी विरोध-प्रदर्शन नहीं हुआ? अंगमो ने जोर देकर कहा कि सोनम वांगचुक केवल शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन का हिस्सा थे और उन्होंने किसी को भड़काने का कार्य नहीं किया। उन्होंने कहा कि वांगचुक को इन घटनाओं की कोई पूर्व जानकारी भी नहीं थी।

उत्तराखंड : देर रात कार खाई में गिरी, 5 लोग गंभीर रूप से घायल

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मसूरी: बीती रात मसूरी से देहरादून की ओर जा रही एक कार पानी वाले बैंड के पास अनियंत्रित होकर लगभग 50 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। इस भीषण हादसे में कार में सवार पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही मसूरी पुलिस और 108 एंबुलेंस सेवा तत्काल मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की सहायता से घायलों को खाई से निकालकर तुरंत दून अस्पताल, देहरादून भेजा गया। पुलिस के अनुसार, सभी यात्री मसूरी में एक शादी समारोह में शामिल होने के बाद दिल्ली लौट रहे थे।

मसूरी पुलिस ने बताया कि कार में फरीद अकरम (42 वर्ष, निवासी तुगलकाबाद, दिल्ली), रतन गॉड (48 वर्ष, निवासी टिहरी गढ़वाल), ओमप्रकाश जनार्दन (42 वर्ष, निवासी टिहरी गढ़वाल), मुकेश गॉड (31 वर्ष, निवासी टिहरी गढ़वाल), और देशराज (29 वर्ष, निवासी तुगलकाबाद, दिल्ली) सवार थे।

पुलिस और राहत दल के अनुसार, कार के अनियंत्रित होने के कारण यह हादसा हुआ। हादसे के सटीक कारणों की जांच जारी है। सभी घायलों के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है।

श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 25 नवंबर शीतकाल हेतु बंद होंगे

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श्री बदरीनाथ धाम यात्रा 2025

• 25 नवंबर को श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होंगे।

• 21 नवंबर से होगी पंच पूजाएं शुरू*

• बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी की उपस्थिति में बदरीनाथ मंदिर परिसर में आयोजित समारोह में कपाट बंद की तिथि की हुई घोषणा

श्री बदरीनाथ धामः 2 अक्टूबर । विश्व प्रसिद्ध श्री बदरीनाथ धाम के कपाट मंगलवार 25 नवंबर को अपराह्न 2 बजकर 56 मिनट पर शीतकाल के लिए बंद हो जायेंगे । कपाट बंद होने की प्रक्रिया के अंतर्गत 21 नवंबर से पंच पूजाएं शुरू होंगी।

आज विजय दशमी के अवसर पर श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी इस अवसर पर विशेष रूप से मौजूद रहे । बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती एवं बीकेटीसी सदस्यों मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल हकहकूकधारियों तीर्थ पुरोहितों की उपस्थिति में श्री बदरीनाथ मंदिर परिसर में आयोजित भब्य धार्मिक समारोह में रावल अमरनाथ नंबूदरी ने कपाट बंद की तिथि की घोषणा की इससे पहले धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल तथा वेदपाठी रविंद्र भट्ट , अमित बंदोलिया ने पंचांग गणना पश्चात तिथि का विनिश्चय किया।

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने 2026 के लिए हक हकूकधारी धारियों को पगड़ी भेंट की तथा सभी थोंकों के पदाधिकारियों को भी सम्मानित किया।
भंडारी थोक से मनीष भंडारी,मेहता थोक से महेंद्र सिंह मेहता एवं दिनेश भट्ट,कमदी थोक से कुलभूषण पंवार को पगड़ी भेंट की गयी।

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कपाट बंद होने की तिथि तय होने के अवसर पर बदरीनाथ मंदिर परिसर में अपने संबोधन तीर्थयात्रियों,हकहकूकधारियोंसभी को बधाई दी। कहा कि आपदा के बाद दूसरे चरण की यात्रा हेतु अभी एक माह का समय शेष है कहा कि मानसून की आपदा के बावजूद अभी तक – 1420357 से अधिक तीर्थयात्रियों ने श्री बदरीनाथ धाम के दर्शन कर लिए है तथा 1602420 से अधिक ने केदारनाथ धाम के दर्शन किये है इस तरह दोनों धामों में 3022777 से अधिक तीर्थयात्रियों ने दर्शन कर लिए है। कहा कि यह गर्व का विषय है कि
राष्ट्र निर्माण को समर्पित राष्ट्रीय सेवक संघ के आज सौ वर्ष पूरे हुए है वही आज 2 अक्टूबर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी, लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती है देश के दूरदर्शी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं यशस्वी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा निर्देश में देश में स्वच्छ भारत मिशन चल रहा है प्रदेश सरकार ने स्वच्छता पखवाड़ा आयोजित किया है।
उन्होंने सभी तीर्थयात्रियों से बदरीनाथ केदारनाथ यात्रा हेतु भी अपील की। समारोह को बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती तथा वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित एवं बीकेटीसी सदस्य श्रीनिवास पोस्ती ने भी संबोधित किया।

कपाट बंद होने की प्रक्रिया के अंतर्गत पंचपूजाओं के पहले दिन 21 नवंबर को भगवान गणेश की पूजा होगी।शाम को इसी दिन भगवान गणेश के कपाट बंद होंगे।
दूसरे दिन 22 नवंबर को आदि केदारेश्वर मंदिर तथा शंकराचार्य मंदिर के कपाट बंद होंगे। तीसरे दिन 23 नवंबर को खडग – पुस्तक पूजन तथा वेद ऋचाओं का वाचन बंद हो जायेगा।
चौथे दिन 24 नवंबर मां लक्ष्मी जी को कढाई भोग चढाया जायेगा 25 नवंबर को 2 बजकर 56 मिनट पर श्री बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल हेतु बंद हो जायेंगे।

26 नवंबर को श्री कुबेर जी एवं उद्धव जी सहित रावल जी सहित आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी शीतकालीन प्रवास पांडुकेश्वर तथा श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ को प्रस्थान करेगी।

  • पूजाओं को रावल अमरनाथ नंबूदरी, धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल वेदपाठी रविंद्र भट्ट संपन्न करेंगे।
    आज अवसर पर,बीकेटीसी सदस्य महेंद्र शर्मा, प्रह्लाद पुष्पवान देवीप्रसाद देवली, धीरज मोनू पंचभैया ,राजेंद्र प्रसाद डिमरी, नीलम पुरी, पूर्व सदस्य भास्कर डिमरी सहित बदरीनाथ प्रभारी अधिकारी विपिन तिवारी मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान, प्रशासनिक अधिकारी कुलदीप भट्ट,  मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ सुधाकर बाबुलकर

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    सहित अधिकारी कर्मचारी, तीर्थ पुरोहित हक- हकूहकधारी तथा श्रद्धालुजन मौजूद रहे।

उल्लेखनीय है कि श्री केदारनाथ धाम तथा श्री यमुनोत्री धाम के कपाट भैया दूज 23 अक्टूबर तथा श्री गंगोत्री धाम के कपाट अन्नकूट गोवर्धन पूजा के अवसर पर 22 अक्टूबर अभिजीत मुहूर्त में शीतकाल के लिए बंद हो रहे है। इसी तरह द्वितीय केदार मद्महेश्वर जी के कपाट 18 नवंबर तथा तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट 6 नवंबर को शीतकाल हेतु बंद हो रहे है।

बरेली में ‘आई लव मुहम्मद’ पोस्टर विवाद के बीच 48 घंटे के लिए इंटरनेट बंद, सुरक्षा कड़ी

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बरेली: ‘आई लव मुहम्मद’ पोस्टर को लेकर चल रहे विवाद और तनाव के बीच बरेली मंडल में शनिवार दोपहर 3 बजे तक 48 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी गई हैं।

कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया है। पुलिस, प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएएफ) और रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों की तैनाती की गई है।

गृह सचिव गौरव दयाल ने आदेश जारी करते हुए कहा कि फेसबुक, यूट्यूब, व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया मंचों और मैसेजिंग सेवाओं का दुरुपयोग अफवाहें फैलाने और सांप्रदायिक तनाव भड़काने के लिए हो सकता है।

उन्होंने बताया कि शांति और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी था। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

रेलवे में नौकरी का सुनहरा मौका: नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे में 2162 अप्रेंटिस पदों पर भर्ती, 3 अक्टूबर से शुरू होंगे आवेदन

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जयपुर : दसवीं और आईटीआई उत्तीर्ण युवाओं के लिए रेलवे में नौकरी पाने का शानदार अवसर है। नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे (NWR) ने अप्रेंटिसशिप के 2162 रिक्त पदों के लिए भर्ती की घोषणा की है। इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया कल, 3 अक्टूबर 2025 से शुरू होगी। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार रेलवे रिक्रूटमेंट सेल (RRC) जयपुर की आधिकारिक वेबसाइट rrcjaipur.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 2 नवंबर 2025 निर्धारित की गई है।

पात्रता और मापदंड

अप्रेंटिसशिप के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड या संस्थान से न्यूनतम 50% अंकों के साथ 10वीं (या समकक्ष 10+2 सिस्टम) उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। साथ ही, संबंधित ट्रेड में आईटीआई (NCVT/SCVT सर्टिफिकेट) प्राप्त होना चाहिए।

आयु सीमा के तहत, उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 15 वर्ष और अधिकतम आयु 24 वर्ष होनी चाहिए। आयु की गणना 2 नवंबर 2025 के आधार पर की जाएगी। आरक्षित वर्ग (SC/ST/OBC) के उम्मीदवारों को नियमानुसार ऊपरी आयु सीमा में छूट दी जाएगी।

आवेदन प्रक्रिया

उम्मीदवार स्वयं ऑनलाइन आवेदन पत्र भर सकेंगे। आवेदन की प्रक्रिया निम्नलिखित है:

सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट rrcjaipur.in पर जाएं।

होमपेज पर भर्ती से संबंधित लिंक पर क्लिक करें।

‘न्यू रजिस्ट्रेशन’ लिंक पर क्लिक कर मांगी गई जानकारी भरकर पंजीकरण करें।

रजिस्ट्रेशन के बाद लॉगइन कर अन्य आवश्यक विवरण दर्ज करें।

निर्धारित आवेदन शुल्क (यदि लागू हो) जमा करें।

आवेदन पत्र को पूर्ण रूप से भरने के बाद उसका प्रिंटआउट निकालकर सुरक्षित रखें।

महत्वपूर्ण जानकारी

यह भर्ती युवाओं के लिए रेलवे में करियर बनाने का एक शानदार अवसर है। उम्मीदवारों से अनुरोध है कि आवेदन करने से पहले आधिकारिक अधिसूचना को ध्यान से पढ़ें और सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें। अधिक जानकारी और अपडेट्स के लिए rrcjaipur.in पर नियमित रूप से जांच करते रहें।

कांतारा चैप्टर-1 : ऋषभ शेट्टी का जलवा, दमदार एक्शन और शानदार क्लाइमैक्स

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‘कांतारा चैप्टर 1’ की कहानी 2022 में रिलीज हुई ‘कांतारा’ के ठीक बाद शुरू होती है। क्या यह फिल्म अपने पहले भाग की तरह दर्शकों का दिल जीत पाएगी? आइए जानते हैं।

फिल्म: कांतारा चैप्टर 1

कलाकार: ऋषभ शेट्टी, रुक्मिणी वसंत, गुलशन देवैया, जयराम, प्रमोद शेट्टी

लेखक-निर्देशक: ऋषभ शेट्टी

निर्माता: विजय किरागंदूर, चलुवे गौड़ा

रिलीज: 2 अक्टूबर 2025

रेटिंग: 3.5/5

कहानी:

फिल्म की कहानी उसी बिंदु से शुरू होती है जहां ‘कांतारा’ का पहला भाग खत्म हुआ था। एक बच्चे के सवाल के जवाब में दंत कथा सुनाई जाती है, जो कंदब साम्राज्य के समय की है। एक तरफ भगवान शिव के उपासक कांतारा गांव के लोग हैं, जो ईश्वर के मधुबन में रहते हैं, तो दूसरी तरफ राजा विजयेंद्र (जयराम) का साम्राज्य है। विजयेंद्र के दादा मधुबन हड़पना चाहते थे, लेकिन दैवीय शक्ति ने उन्हें रोक दिया। इससे डरकर विजयेंद्र ने कांतारा से दूरी बनाए रखी। लेकिन जब उनके बेटे कुलशेखर (गुलशन देवैया) को राजगद्दी मिलती है, वह कांतारा में घुसने की कोशिश करता है। जवाब में कांतारा का रक्षक बेर्मे (ऋषभ शेट्टी) कुलशेखर के साम्राज्य में घुस जाता है। कहानी तब नया मोड़ लेती है जब कुलशेखर जबरन कांतारा में घुसकर वहां के लोगों पर हमला करता है। इसके बाद दैव नाराज होते हैं, और असली कहानी शुरू होती है।

अभिनय:

ऋषभ शेट्टी इस फिल्म की रीढ़ हैं। उनका स्क्रीन प्रेजेंस और एक्शन दृश्य दर्शकों को बांधे रखते हैं। रुक्मिणी वसंत खूबसूरत और प्रभावशाली हैं, खासकर एक्शन सीन्स में। गुलशन देवैया ने अपने किरदार को बखूबी निभाया है। भले ही वह शारीरिक रूप से ऋषभ से कमजोर दिखें, लेकिन अभिनय में उनका दमखम शानदार है। बाकी कलाकारों ने भी कहानी को मजबूती दी है।

निर्देशन:

ऋषभ शेट्टी ने एक बार फिर साबित किया कि वह अभिनय के साथ-साथ निर्देशन में भी माहिर हैं। हालांकि, फिल्म का मध्य भाग कुछ नीरस हो जाता है, जिसे और बेहतर किया जा सकता था। फिल्म की लंबाई भी थोड़ी कम हो सकती थी। फिर भी, ऋषभ ने ‘कांतारा’ की आत्मा को बरकरार रखा। जंगल के एक्शन दृश्य और रुद्र गुलिगा के सीन कमाल के हैं।

संगीत:

फिल्म का बैकग्राउंड म्यूजिक हर दृश्य के साथ माहौल को और जीवंत बनाता है। खासकर प्री-इंटरवल एक्शन सीन में बीजीएम और दृश्यों का तालमेल लाजवाब है। गाने कहानी के अनुरूप हैं और माहौल को बढ़ाते हैं।

खूबियां और कमियां:

बढ़े हुए बजट का फायदा फिल्म के वीएफएक्स में दिखता है, जो पहले से बेहतर हैं। हालांकि, मेकर्स ने इसे पीरियड-वॉर ड्रामा का रूप देकर ‘बाहुबली’ जैसा बनाने की कोशिश की, जो जरूरी नहीं था। पहला भाग जहां भक्ति पर केंद्रित था, वहीं यह फिल्म बीच में हंसी-मजाक और कॉमिक सीन में भटक जाती है। फिर भी, ऋषभ ने अपने अभिनय और क्लाइमैक्स के जरिए फिल्म को संभाल लिया। खासकर चावुंडी देवी का रूप धारण करने वाला दृश्य देखने लायक है।

देखें या नहीं:

‘कांतारा’ सीरीज और साउथ सिनेमा के प्रशंसकों के लिए यह फिल्म जरूर देखने लायक है। अगर आपको ज्यादा एक्शन पसंद नहीं, तो थोड़ा विचार कर सकते हैं, क्योंकि इस बार एक्शन का स्केल बड़ा है। पोस्ट-क्रेडिट सीन की उम्मीद न करें, लेकिन एक नई दंत कथा सुनने के लिए तैयार रहें।

संपन्नता की ओर चारधाम यात्रा: तीन धमों के कपाट बंद होने की तिथि तय, पढ़ें पूरी खबर

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उत्तरकाशी/ऊखीमठ: उत्तराखंड के प्रमुख तीर्थ स्थलों बदरीनाथ, तुंगनाथ और यमुनोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद करने की तिथियां घोषित कर दी गई हैं। विजयदशमी के शुभ अवसर पर ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पंचांग गणना के आधार पर यह तिथियां निर्धारित की गईं।

बदरीनाथ धाम: बदरीनाथ धाम के कपाट 25 नवंबर 2025 को शाम 2 बजकर 56 मिनट पर शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। 21 नवंबर से पंच पूजाएं शुरू होंगी। मंदिर समिति ने बताया कि सभी तैयारियां विधि-विधान के साथ की जा रही हैं।

तुंगनाथ धाम: तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के कपाट 6 नवंबर 2025 को शीतकाल के लिए बंद होंगे। इससे पहले 5 नवंबर को देवरा प्रस्थान होगा। तुंगनाथ मंदिर समिति ने बताया कि यह प्रक्रिया वैदिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न होगी।

यमुनोत्री धाम: मां यमुना के शीतकालीन प्रवास खरसाली गांव में दशहरा पर्व पर आयोजित बैठक में यमुनोत्री धाम के कपाट बंद करने की तिथि तय की गई। 23 अक्टूबर 2025 को धन लग्न अमृत वेला में दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर विशाखा नक्षत्र, आयुष्मान योग और धनु लग्न में कपाट बंद किए जाएंगे। यमुनोत्री मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल ने बताया कि भैया दूज के पावन पर्व पर यह प्रक्रिया विधि-विधान के साथ पूरी होगी।

मध्यमहेश्वर धाम: द्वितीय केदार भगवान मध्यमहेश्वर के कपाट 18 नवंबर 2025 को शीतकाल के लिए बंद होंगे। इस दौरान श्रद्धालुओं के लिए विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाएगा।

चारधाम यात्रा के प्रमुख केंद्रों के कपाट बंद होने की प्रक्रिया शीतकाल में बर्फबारी और कठिन मौसम के कारण की जाती है। इस दौरान भगवान की पूजा-अर्चना शीतकालीन मंदिरों में की जाएगी। श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि वे तिथियों के अनुसार अपनी यात्रा की योजना बनाएं।

उत्तराखंड : नशे में धुत राजपुर थानाध्यक्ष ने मारी तीन वाहनों को टक्कर, निलंबित, मुकदमा दर्ज

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देहरादून : शहर के पॉश इलाके राजपुर में बुधवार रात करीब 9:30 बजे राजपुर थाने के थानाध्यक्ष शैंकी कुमार ने नशे की हालत में अपनी कार से एक के बाद एक तीन वाहनों को टक्कर मार दी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसमें सादे कपड़ों में शैंकी कुमार नशे में लड़खड़ाते दिख रहे हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अजय सिंह ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शैंकी कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और उनके खिलाफ राजपुर थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया।

घटना का विवरण

पुलिस के अनुसार, शैंकी कुमार उस समय ड्यूटी पर थे, जब उन्होंने राजपुर रोड पर तीन वाहनों को टक्कर मारी। दुर्घटना के बाद वह मौके से भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन वहां मौजूद लोगों ने उन्हें पहचान लिया और वीडियो बनाना शुरू कर दिया। वायरल वीडियो में शैंकी कुमार एक कुर्सी पर बैठे दिख रहे हैं, लेकिन नशे की हालत में वह ठीक से चल भी नहीं पा रहे थे। स्थानीय लोगों ने उन्हें घेर लिया, जिसके बाद चीता पुलिस की बाइक से आए कुछ पुलिसकर्मियों ने उन्हें ले जाने की कोशिश की, लेकिन भीड़ ने रोक लिया।

त्वरित कार्रवाई: निलंबन और मुकदमा

घटना की सूचना मिलते ही एसपी सिटी प्रमोद कुमार मौके पर पहुंचे। प्रारंभिक जांच और मेडिकल परीक्षण के बाद शैंकी कुमार के नशे में होने की पुष्टि हुई। एसएसपी अजय सिंह ने इसे गंभीर कदाचार मानते हुए तत्काल निलंबन का आदेश दिया। साथ ही, राजपुर थाने में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। एसएसपी ने कहा, “कानून सबके लिए बराबर है। जो भी कानून तोड़ेगा, उस पर सख्त कार्रवाई होगी।”

नया थानाध्यक्ष नियुक्त

शैंकी कुमार के निलंबन के बाद कालसी के थाना प्रभारी दीपक धारीवाल को राजपुर थाने का नया थानाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

जनता में आक्रोश

घटना के बाद शहर में इस बात को लेकर आक्रोश है कि एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, जो ड्यूटी पर था, इस तरह की लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार कैसे कर सकता है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने इस मामले को और तूल दे दिया है। स्थानीय निवासी राकेश मेहता ने कहा, “पुलिस का काम कानून लागू करना है, लेकिन जब पुलिस अधिकारी ही नियम तोड़ेगा, तो जनता का भरोसा कैसे कायम रहेगा?”

पुलिस विभाग की प्रतिक्रिया

एसएसपी अजय सिंह ने स्पष्ट किया कि इस तरह की घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। उन्होंने कहा, “पुलिस विभाग में अनुशासन और जवाबदेही सर्वोपरि है। इस मामले में पूरी पारदर्शिता के साथ जांच होगी और दोषी को कड़ी सजा मिलेगी।”

आगे क्या?

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर शैंकी कुमार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज की जाएगी। यह घटना पुलिस विभाग की छवि पर सवाल उठा रही है, और जनता की नजर अब इस बात पर है कि इस मामले में कितनी निष्पक्षता और सख्ती बरती जाती है।

UKSSSC ने अचानक स्थगित की 5 अक्टूबर की परीक्षा, अभ्यर्थियों की मांग और अपूर्ण तैयारियों का हवाला

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देहरादून : उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) ने बुधवार शाम को अचानक 5 अक्टूबर को होने वाली सहकारी निरीक्षक वर्ग-2 और सहायक विकास अधिकारी (सहकारिता) की स्नातक स्तरीय परीक्षा को स्थगित कर दिया। आयोग ने इसके लिए अभ्यर्थियों की मांग और तैयारियों में कमी को कारण बताया है। यह निर्णय उस दावे के ठीक एक दिन बाद आया, जिसमें आयोग ने पूर्ण पारदर्शिता और तैयारियों का दावा किया था।

पेपर लीक विवाद के बीच फैसला

UKSSSC हाल ही में स्नातक स्तरीय परीक्षा के पेपर लीक प्रकरण में विशेष जांच दल (SIT) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जांच की सिफारिश के कारण विवादों में घिरा हुआ है। इस पृष्ठभूमि में आयोग ने भविष्य की परीक्षाओं को निष्पक्ष और कुशलतापूर्वक आयोजित करने का दावा किया था। इसके लिए सभी स्तरों पर तैयारियां की गई थीं, जिसमें आयोग की बोर्ड बैठक और मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में समीक्षा शामिल थी।

आयोग के अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया ने मंगलवार को दावा किया था कि 5 अक्टूबर की परीक्षा के लिए सभी तैयारियां पूरी हैं और अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर दो घंटे पहले पहुंचना होगा। हालांकि, बुधवार शाम को आयोग ने अचानक परीक्षा स्थगित करने की घोषणा कर दी, जिससे अभ्यर्थियों में असमंजस की स्थिति बन गई है।

स्थगन का कारण: अभ्यर्थियों की मांग और अपूर्ण तैयारियां

आयोग के सचिव डॉ. शिव कुमार बरनवाल ने बताया कि परीक्षा स्थगन का निर्णय अभ्यर्थियों के सुझाव और फीडबैक के आधार पर लिया गया है। उन्होंने कहा, “परीक्षा की तैयारियों को और पुख्ता करने के लिए यह कदम उठाया गया है।” हालांकि, आयोग ने यह स्पष्ट नहीं किया कि तैयारियों में क्या कमियां थीं। इसके साथ ही, 12 अक्टूबर को प्रस्तावित अन्य परीक्षाओं के आयोजन पर स्थिति बाद में स्पष्ट की जाएगी।

सीएम धामी का आश्वासन: निष्पक्ष जांच

पेपर लीक मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने CBI जांच को मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा, “परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जाएगी। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।” इस प्रकरण ने पहले ही UKSSSC की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं, और अचानक परीक्षा स्थगन ने अभ्यर्थियों के बीच आक्रोश और अनिश्चितता को और बढ़ा दिया है।

अभ्यर्थियों में निराशा

परीक्षा की तैयारी में जुटे अभ्यर्थियों ने इस फैसले पर मिश्रित प्रतिक्रिया दी है। देहरादून के एक अभ्यर्थी रमेश नेगी ने कहा, “हमने महीनों से तैयारी की थी, लेकिन आखिरी समय पर स्थगन से हमारी मेहनत पर पानी फिर गया। आयोग को पहले ही तैयारियां पूरी कर लेनी चाहिए थीं।” वहीं, कुछ अभ्यर्थियों ने आयोग के इस कदम का स्वागत किया, क्योंकि उनका मानना है कि इससे परीक्षा की निष्पक्षता बढ़ेगी।

आगे क्या?

UKSSSC ने अभी तक नई परीक्षा तिथि की घोषणा नहीं की है। आयोग ने अभ्यर्थियों से आधिकारिक वेबसाइट और नोटिफिकेशन पर नजर रखने को कहा है। पेपर लीक मामले में CBI जांच के परिणाम और आयोग की भविष्य की रणनीति पर सभी की निगाहें टिकी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आयोग को पारदर्शिता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान देना होगा ताकि अभ्यर्थियों का भरोसा बहाल हो सके।