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ढंगसोली में गुलदार का आतंक: नीरज पांथरी पर हमला, 30 मिनट तक लड़ी जिंदगी की जंग

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धरासू: ढंगसोली ग्रामसभा के धरासू गांव में आज सुबह एक गुलदार ने नीरज पांथरी पर हमला कर दिया। नीरज ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए लगभग 30 मिनट तक गुलदार से जिंदगी की जंग लड़ी और किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से निकलने में सफल रहे। इस घटना ने क्षेत्र में दहशत फैला दी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई दिनों से ढंगसोली और धरासू गांव के आसपास गुलदार के दिखने की खबरें सामने आ रही थीं। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत वन विभाग से कई बार की, लेकिन विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इस लापरवाही के चलते आज एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया।

ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि गुलदार को पकड़ने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। वन विभाग के अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू करने की बात कही है, लेकिन स्थानीय लोग अब और इंतजार करने के मूड में नहीं हैं।

सुप्रीम कोर्ट में हंगामा: CJI बीआर गवई पर जूता फेंकने की कोशिश, सुरक्षा बढ़ाई गई

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नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को उस समय हंगामा मच गया, जब एक व्यक्ति ने मुख्य न्यायाधीश (CJI) बीआर गवई की ओर जूता फेंकने की कोशिश की। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वकील की वेशभूषा में यह व्यक्ति डेस्क के पास पहुंचा और जूता निकालकर जज की ओर उछालने का प्रयास किया।

घटना के तुरंत बाद वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए व्यक्ति को अदालत कक्ष से बाहर निकाला। इस हंगामे के कारण कुछ समय के लिए कोर्ट की कार्यवाही स्थगित रही, लेकिन बाद में कार्यवाही सुचारु रूप से शुरू हो गई।

CJI बीआर गवई ने इस घटना पर शांत और संयमित प्रतिक्रिया दी। समाचार एजेंसी PTI के अनुसार, उन्होंने कहा, “ऐसी घटनाएं मुझे प्रभावित नहीं करतीं।” उन्होंने अन्य वकीलों से तर्क जारी रखने को कहा और इस घटना पर ध्यान न देने की बात कही। घटना के बाद सुप्रीम कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है। इस मामले की आगे की जांच जारी है।

भारी बारिश से भूस्खलन का कहर: 23 लोगों की मौत, सैकड़ों पर्यटक फंसे

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दार्जिलिंग: पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग और आसपास के जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश ने भयानक तबाही मचा दी है। भूस्खलन और पुल ढहने की घटनाओं में कम से कम 23 लोगों की जान चली गई, जबकि सैकड़ों पर्यटक पहाड़ियों में फंस गए। एक दशक में सबसे भीषण इस आपदा ने घरों, सड़कों और संचार व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है।

अधिकारियों के अनुसार, रविवार को दार्जिलिंग की पहाड़ियों में भूस्खलन से बच्चों समेत 23 लोगों की मौत हुई। दार्जिलिंग में कुल 18 मौतें दर्ज की गईं, जिनमें से 11 मिरिक क्षेत्र में और 7 दार्जिलिंग उपमंडल के जोरेबंगलो, सुकिया पोखरी और सदर पुलिस स्टेशन इलाकों में हुईं। जलपाईगुड़ी जिले के नागराकाटा में अलग बचाव अभियान में 5 शव बरामद किए गए। सरसली, जसबीरगांव, मिरिक बस्ती, धार गांव, मिरिक झील क्षेत्र और नागराकाटा जैसे स्थानों पर भारी तबाही हुई।

राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के अधिकारी ने बताया कि मिरिक, दार्जिलिंग और जलपाईगुड़ी में कुल 23 मौतें हो चुकी हैं। उत्तर बंगाल विकास मंत्री उदयन गुहा ने स्थिति को चिंताजनक बताते हुए कहा कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। गोरखालैंड क्षेत्रीय प्रशासन (जीटीए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनित थापा ने 35 स्थानों पर भूस्खलन की सूचना दी। अधिकारियों ने इसे 2015 के भूस्खलन के बाद सबसे घातक बताया, जिसमें 40 लोगों की मौत हुई थी।

भूस्खलन से ढलानें धंस गईं, राजमार्ग मिट्टी में दब गए और संचार लाइनें टूट गईं। मिरिक-सुखियापोखरी सड़क अवरुद्ध है। सिलीगुड़ी को मिरिक-दार्जिलिंग से जोड़ने वाला लोहे का पुल क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे क्षेत्रीय पहुंच टूट गई। दुर्गा पूजा के बाद की छुट्टियों पर आए कोलकाता, हावड़ा और हुगली के परिवार घरों में कैद हो गए। दार्जिलिंग और उत्तरी सिक्किम में सड़क संपर्क बुरी तरह बाधित है।

स्थिति बिगड़ने पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नबन्ना में उच्च-स्तरीय बैठक की, 24×7 नियंत्रण कक्ष खोला और सोमवार को उत्तर बंगाल का दौरा करने का ऐलान किया। नागराकाटा के धार गांव में मलबे से कई लोगों को बचाया गया, राहत शिविर स्थापित किए गए और मिरिक में परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।

दार्जिलिंग सांसद राजू बिष्ट ने भूस्खलन को राज्य स्तरीय आपदा घोषित करने का अनुरोध किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने दुख व्यक्त कर केंद्र से सहायता की मांग की।

मौसम विभाग ने दार्जिलिंग, कलिम्पोंग सहित उप-हिमालयी क्षेत्रों में 6 अक्टूबर तक अत्यधिक भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया। संतृप्त मिट्टी से और भूस्खलन की चेतावनी दी गई। कूचबिहार और जलपाईगुड़ी के लिए रेड अलर्ट, दार्जिलिंग के लिए ऑरेंज अलर्ट है।

उत्तराखंड : मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज और येलो अलर्ट

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देहरादून : उत्तराखंड में मॉनसून की विदाई के बावजूद बारिश का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों, यानी 6 और 7 अक्टूबर के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़, बागेश्वर, देहरादून, टिहरी और हरिद्वार में भारी बारिश की संभावना है। इसके लिए 6 अक्टूबर को इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट और 7 अक्टूबर के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग के अनुसार, 6 अक्टूबर को उपरोक्त जिलों में तेज बारिश के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा, 4000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी और आकाशीय बिजली की संभावना है। 7 अक्टूबर को पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग और चमोली के निचले इलाकों में भारी बारिश और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है। इस दौरान 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी आशंका है।

मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभाग हाई अलर्ट पर हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमें तैनात की गई हैं। आपदा कंट्रोल रूम के माध्यम से हर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

गौरतलब है कि इस साल अगस्त और सितंबर में मॉनसूनी बारिश ने भारी तबाही मचाई थी। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तराखंड में इस मॉनसून सीजन में सामान्य से 22 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई। बागेश्वर जिले में सामान्य से 241 फीसदी, टिहरी गढ़वाल में 58 फीसदी और हरिद्वार में 55 फीसदी अधिक बारिश हुई।

हालांकि, पौड़ी गढ़वाल में सामान्य से 30 फीसदी और चंपावत में 7 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई। फिर भी, पौड़ी में बारिश से हुए नुकसान में कई लोगों की जान गई थी। मॉनसून 26 सितंबर को उत्तराखंड से पूरी तरह विदा हो गया था, लेकिन बारिश का सिलसिला अब भी जारी है।

उत्तराखंड प्रीमियर लीग 2025 का भव्य समापन, मुख्यमंत्री धामी ने विजेताओं को दी बधाई

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देहरादून : मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को रायपुर, देहरादून के राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम में आयोजित उत्तराखण्ड प्रीमियर लीग (यूपीएल) 2025 के समापन समारोह में हिस्सा लिया। इस अवसर पर उन्होंने विजेता टीम को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए हार्दिक बधाई दी और आयोजन समिति व सभी खिलाड़ियों का स्वागत किया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि खेल में हार-जीत स्वाभाविक है, लेकिन सच्चा विजेता वही है जो हार से सबक लेकर और मजबूत बनता है। उन्होंने खिलाड़ियों की खेल भावना, अनुशासन और निरंतर प्रगति के जज्बे की सराहना करते हुए कहा कि ये गुण उन्हें नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि खेल न केवल शारीरिक, बल्कि मानसिक और चारित्रिक मजबूती प्रदान करते हैं। खेल अनुशासन, टीमवर्क और संघर्ष की भावना सिखाते हैं, जो जीवन के हर क्षेत्र में सफलता की कुंजी है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेलों के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों की चर्चा की। उन्होंने कहा कि ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ जैसे अभियानों ने देश में खेल संस्कृति को मजबूत किया है, जिसका लाभ आज हर युवा को मिल रहा है।

उन्होंने क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखण्ड की पुरुष और महिला क्रिकेट को बढ़ावा देने की पहल की सराहना की। महिला क्रिकेट की चार टीमों के शानदार प्रदर्शन को भविष्य के लिए मील का पत्थर बताते हुए उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की बेटियाँ, जैसे राघवी बिष्ट, प्रेमा रावत और नंदनी कश्यप, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर रही हैं, जो पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है।

मुख्यमंत्री ने चिंता जताई कि पहाड़ी मूल के खिलाड़ी आईपीएल में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन उत्तराखण्ड की टीम में उनकी भागीदारी कम है। उन्होंने क्रिकेट एसोसिएशन से आग्रह किया कि राज्य की टीम को देश की सबसे मजबूत टीम बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। 38वें राष्ट्रीय खेलों का सफल आयोजन उत्तराखण्ड को ‘देवभूमि’ के साथ-साथ ‘खेलभूमि’ के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण साबित हुआ है। इसके अलावा, सरकार जल्द ही ‘स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान’ लागू करेगी, जिसके तहत आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियां स्थापित होंगी। इन अकादमियों में हर साल 920 विश्वस्तरीय और 1000 अन्य खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने नई खेल नीति के तहत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं को आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी, ‘खेल रत्न पुरस्कार’, ‘मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना’, ‘खेल किट योजना’ और सरकारी नौकरियों में 4% क्षैतिज आरक्षण जैसे कदमों का उल्लेख किया, जो खिलाड़ियों के सम्मान और अवसरों को सुनिश्चित करते हैं।

समापन समारोह में खिलाड़ियों, आयोजकों और दर्शकों का उत्साह देखते ही बनता था। यह आयोजन उत्तराखण्ड में खेलों के उज्ज्वल भविष्य की ओर एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

उत्तराखंड: पुलिस में बड़ा फेरबदल, बदल गए कई थाना और चौकी प्रभारी

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देहरादून: देहरादून एसएसपी अजय सिंह ने कई चौकी प्रभारी और थाना प्रभारियों के ट्रांसफर किए हैं।

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47 करोड़ का फाइनेंशियल फ्रॉड: दून समृद्धि निधि लिमिटेड के निदेशक फरार, 150 एजेंटों ने SSP से लगाई गुहार

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देहरादून : नेहरू कॉलोनी थाना क्षेत्र में स्थित माइक्रो फाइनेंस कंपनी दून समृद्धि निधि लिमिटेड ने आम जनता को अधिक ब्याज का लालच देकर करीब 47 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है। कंपनी के 100 से अधिक एजेंट SSP कार्यालय पहुंचे और पैसे वापसी की गुहार लगाई। इस मामले में थाना नेहरू कॉलोनी में छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

कंपनी द्वारा दैनिक जमा योजना, फिक्स डिपॉजिट और रिकरिंग डिपॉजिट के खाते खोले जाते थे। इनमें पैसे जमा करवाकर सरकारी बैंकों से अधिक ब्याज का झांसा दिया जाता था। चौकी प्रभारी बाईपास प्रवीण पुंडीर की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया। साल 2022 में नीलम चौहान और उनके पति जगमोहन चौहान ने कंपनी की शुरुआत की। इनका ऑफिस दून विश्वविद्यालय रोड स्थित संस्कार एंक्लेव में था। कंपनी में विभिन्न पदों पर कई लोगों को शामिल किया गया और देहरादून सहित अलग-अलग क्षेत्रों में करीब 150 एजेंट तैनात किए गए। लगभग 1000 से अधिक ग्राहकों को जोड़ा गया, जिनसे करोड़ों रुपये जमा कराए गए। उसके बाद निदेशक नीलम चौहान और संस्थापक जगमोहन चौहान फरार हो गए।

करीब 150 एजेंट SSP कार्यालय पहुंचे और पैसों की वापसी की मांग की। एजेंटों का कहना है कि 2022 में कंपनी से जुड़े थे और शुरुआत में रिफंड मिलता रहा, लेकिन अब बंद हो गया। डोईवाला की एक एजेंट ने बताया कि उन्होंने सदस्य जोड़कर 8 करोड़ रुपये जमा करवाए, जबकि विकासनगर की महिला एजेंट ने एक करोड़ से अधिक ग्राहकों को जोड़ा।

SSP अजय सिंह ने बताया कि प्रवीण पुंडीर की तहरीर पर नीलम चौहान, जगमोहन चौहान, कमलेश बिल्जवान, कुसुम शर्मा, अनिल रावत, दीपिका सहित अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। कंपनी 8 से 12 प्रतिशत तक अनियमित ब्याज दे रही थी और कुछ लोगों को दो साल तक मुनाफे के साथ पैसा लौटाया। पिछले चार महीनों से भुगतान बंद हो गया। पुलिस ने कंपनी के दस्तावेज खंगाले, जिसमें आठ खाते मिले जिन्हें फ्रीज कर दिया गया। फरार आरोपियों की तलाश जारी है। यह मामला LUCC जैसे बड़े फाइनेंशियल फ्रॉड की याद दिला रहा है।

हर एक लकीर, एक तजुर्बा है जनाब, चेहरे पर झुर्रियां, यूं ही आया नहीं करतीं

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हर एक लकीर, एक तजुर्बा है जनाब,

चेहरे पर झुर्रियां, यूं ही आया नहीं करतीं।

यह फोटो एक वृद्ध व्यक्ति की है, जिनके चेहरे की हर झुर्री जीवन के अनुभवों की कहानी बयान करती है। सफेद पगड़ी और पारंपरिक वेशभूषा में सम्मान और सांस्कृतिक विरासत झलकती है।

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पीछे नजर आ रहे कपड़े और ऊंट, किसी उत्सव या मेले की याद दिलाते हैं। यह चित्र (poddyz photography) ने अपने कैमरे में कैद किया। यह एक भावनात्मक और प्रेरणादायक क्षण है, जो समय और अनुभव की सुंदरता को दर्शाता है।

 

उत्तराखण्ड के IPS अधिकारी लोकेश्वर सिंह का संयुक्त राष्ट्र से संबद्ध अंतरराष्ट्रीय संगठन में चयन

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पौड़ी: उत्तराखण्ड पुलिस के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी), पौड़ी, श्री लोकेश्वर सिंह का चयन संयुक्त राष्ट्र (UN) से संबद्ध एक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय संगठन में हुआ है। यह चयन विश्व स्तर पर आयोजित एक कठिन और प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के बाद हुआ, जिसमें वैश्विक स्तर के योग्य अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस उपलब्धि ने न केवल श्री सिंह की व्यक्तिगत प्रतिभा को उजागर किया, बल्कि भारत और उत्तराखण्ड का गौरव भी बढ़ाया है।

2014 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी श्री लोकेश्वर सिंह ने पिछले 11 वर्षों में उत्तराखण्ड पुलिस में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करते हुए कानून-व्यवस्था और जनसुरक्षा को मजबूत करने में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उन्होंने हरिद्वार, देहरादून, बागेश्वर, चंपावत और पिथौरागढ़ जैसे जिलों में अपनी सेवाएं दीं और वर्तमान में पौड़ी जनपद में पुलिस व्यवस्था का कुशल नेतृत्व कर रहे हैं।

अब अपनी नई अंतरराष्ट्रीय भूमिका में श्री सिंह संस्थागत अखंडता, शांति स्थापना और सतत विकास जैसे वैश्विक लक्ष्यों को बढ़ावा देने में योगदान देंगे। उनकी यह नियुक्ति भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रभाव और प्रतिनिधित्व को और सशक्त करने का अवसर है।

श्री लोकेश्वर सिंह जल्द ही अपनी नई जिम्मेदारी संभालने के लिए उत्तराखण्ड पुलिस मुख्यालय और राज्य सरकार से आवश्यक अनुमोदन प्राप्त करने हेतु आवेदन करेंगे। अनुमोदन मिलने के बाद वे उत्तराखण्ड कैडर से कार्यमुक्त होकर इस अंतरराष्ट्रीय संगठन में अपनी सेवाएं शुरू करेंगे।

उत्तराखण्ड पुलिस महानिदेशक ने इस उपलब्धि पर श्री सिंह को बधाई दी और कहा कि उनकी यह सफलता राज्य पुलिस के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यह नियुक्ति न केवल श्री सिंह की मेहनत और समर्पण का प्रमाण है, बल्कि उत्तराखण्ड के लिए भी एक ऐतिहासिक क्षण है।

उत्तराखंड : देवभूमि का जवान सूरज सिंह नेगी शहीद, आज पहुंचेगा पार्थिव शरीर

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कोटद्वार : जम्मू-कश्मीर के बारामूला क्षेत्र में आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में कोटद्वार के लालपुर वार्ड-19 निवासी राइफलमैन सूरज सिंह नेगी शहीद हो गए। 25 वर्षीय सूरज भारतीय सेना की गोरखा रेजीमेंट में सेवारत थे और वर्तमान में 14 राष्ट्रीय राइफल्स (RR) में तैनात थे।

शहीद सूरज सिंह नेगी, पुत्र श्री प्रेम सिंह नेगी, की शहादत की खबर से कोटद्वार क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनकी शहादत पर गहरा दुख व्यक्त किया है और उनके परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की है।

शहीद सूरज सिंह नेगी का पार्थिव शरीर रविवार को उनके गृहनगर कोटद्वार पहुंचेगा, जहां अंतिम संस्कार पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा। उनकी वीरता और बलिदान को हमेशा याद किया जाएगा।