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कोटद्वार-लालढांग-चिल्लरखाल मोटर मार्ग: राम कंडवावल की पहल, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नितिन गडकरी को लिखा पत्र

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कोटद्वार : उत्तराखंड के कोटद्वार में लालढांग-चिल्लरखाल मोटर मार्ग के निर्माण को लेकर चल रहे आंदोलन ने नया मोड़ ले लिया है। उत्तराखंड बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल की अगुवाई में पिछले 30 दिनों से धरने पर बैठे स्थानीय निवासियों और पत्रकारों की आवाज अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तक पहुंची है। सीएम ने इस मुद्दे पर त्वरित संज्ञान लेते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर इस महत्वपूर्ण सड़क परियोजना को शीघ्र शुरू करने की मांग की है। इससे क्षेत्रवासियों में उम्मीद जगी है कि वर्षों से अधर में लटकी यह परियोजना जल्द हकीकत बन सकती है।

राम कंडवाल की पहल, सीएम का त्वरित कदम

5 अक्टूबर 2025 को उत्तराखंड बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल ने मुख्यमंत्री धामी को पत्र सौंपकर कोटद्वार-लालढांग-चिल्लरखाल मोटर मार्ग के निर्माण में हो रही देरी का मुद्दा उठाया था। पत्र में उन्होंने बताया कि 11.5 किलोमीटर लंबी यह प्रस्तावित सड़क 1980 से अधूरी पड़ी है, जिसके कारण स्थानीय लोगों को भारी असुविधा हो रही है। कंडवाल ने लिखा, “यह सड़क पौड़ी गढ़वाल को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी है। इसके निर्माण से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि क्षेत्र में आर्थिक विकास और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।”

मुख्यमंत्री धामी ने इस पत्र को गंभीरता से लिया और कंडवाल से मुलाकात के बाद तुरंत केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखा। सूत्रों के अनुसार, सीएम ने अपने पत्र में सड़क निर्माण के लिए आवश्यक धनराशि और तकनीकी स्वीकृति की मांग की है। उन्होंने इस परियोजना को उत्तराखंड की अवसंरचना विकास योजना का हिस्सा बताते हुए केंद्र से त्वरित सहयोग का अनुरोध किया है।

स्थानीय लोगों में जगी उम्मीद

लालढांग-चिल्लरखाल मोटर मार्ग के निर्माण में तकनीकी और प्रशासनिक अड़चनों के कारण लंबे समय से देरी हो रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस सड़क के बनने से कोटद्वार और आसपास के क्षेत्रों में आवागमन आसान होगा, जिससे व्यापार, पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।

राम कंडवाल की सक्रियता

उत्तराखंड बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल इससे पहले पेपर लीक मामले में सीबीआई जांच और परीक्षाएं रद्द कराने में अपनी अहम भूमिका के लिए चर्चा में रहे थे। अब लालढांग-चिल्लरखाल मोटर मार्ग के लिए उनकी पहल ने एक बार फिर स्थानीय हितों की रक्षा का उदाहरण पेश किया है। कंडवाल ने कहा, “हमारी मांग केवल एक सड़क की नहीं, बल्कि क्षेत्र के विकास और जनता की सुविधा की है। हमें उम्मीद है कि केंद्र सरकार जल्द इस पर सकारात्मक कदम उठाएगी।”

केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार

परिवहन मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि उत्तराखंड की भौगोलिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए इस परियोजना पर विचार चल रहा है। सीएम धामी की इस पहल को राज्य सरकार की जन-केंद्रित नीतियों का एक उदाहरण माना जा रहा है, जहां एक आम नागरिक की आवाज न केवल मुख्यमंत्री तक पहुंची, बल्कि केंद्र सरकार तक गूंज उठी।

केंद्र सरकार को लेना है फैसला 

कोटद्वार-लालढांग-चिल्लरखाल मोटर मार्ग के निर्माण से न केवल स्थानीय लोगों की दशकों पुरानी मांग पूरी होगी, बल्कि यह परियोजना क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति देगी। अब सभी की निगाहें केंद्र सरकार के जवाब पर टिकी हैं, जिससे इस सड़क का निर्माण जल्द शुरू हो सके।

उत्तराखंड : दीपावाली से पहले बुझ गया घर का चिराग, तेज रफ़्तार कार ने कुचला

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देहरादून: शहर में तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण एक के बाद एक सड़क हादसों ने लोगों को झकझोर दिया। प्रेमनगर थाना क्षेत्र की मांडूवाला रोड पर हुए एक दर्दनाक हादसे में 17 वर्षीय किशोर की जान चली गई, जबकि दो अन्य हादसों में एक युवक और एक युवती गंभीर रूप से घायल हो गए।

मांडूवाला रोड पर कार ने बाइक सवार को कुचला

14 अक्टूबर को मांडूवाला रोड पर हुए हादसे में हरियाणा के करनाल निवासी अंशुल कंबोज (17) की मौत हो गई। प्रेमनगर थानाध्यक्ष कुंदन राम ने बताया कि अंशुल, जो मांडूवाला में एक हॉस्टल में रहकर निजी काम करता था, अपनी बाइक से डॉल्फिन कॉलेज की ओर जा रहा था। शाम करीब 5:30 बजे, मांडूवाला की ओर से तेज रफ्तार में आ रही एक कार ने गलत दिशा में चलते हुए उसकी बाइक को टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल अंशुल को सुभारती अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन गुरुवार को उसकी मृत्यु हो गई। अंशुल के मामा संदीप चौहान की शिकायत पर अज्ञात कार चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

क्लमेंटटाउन और पटेलनगर में भी हादसे

इसी दिन क्लमेंटटाउन के टर्नर रोड, लेन नंबर-7 पर एक कार ने बाइक सवार सावन थापा को टक्कर मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। थानाध्यक्ष मोहन सिंह ने बताया कि सावन के भाई मधुसूदन थापा की तहरीर पर अज्ञात कार चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने का मुकदमा दर्ज किया गया है।

वहीं, 2 अक्टूबर को पटेलनगर के देहराखास में काली मंदिर के पास तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से मनप्रीत नामक युवती गंभीर रूप से घायल हो गई। थानाध्यक्ष चंद्रभान अधिकारी ने बताया कि बाइक चालक अयान के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

मांडूवाला रोड पर सुरक्षा उपायों की मांग

मांडूवाला और सुद्धोवाला के बीच एकल मार्ग वाली इस सड़क पर बार-बार होने वाले हादसों से स्थानीय लोग दहशत में हैं। स्थानीय निवासी पंकज भट्ट ने बताया कि तेज रफ्तार, नशे में वाहन चलाने और सड़क पर गहरे गड्ढों के कारण यह रास्ता खतरनाक बन गया है। करीब नौ महीने पहले भी इस सड़क पर एक बच्चे की मौत हो चुकी है। उन्होंने प्रशासन से सड़क की मरम्मत, गति नियंत्रण और सुरक्षा उपायों की मांग की है।

उत्तराखंड : आधी रात के बाद रेस्टोरेंट में चली गोली, युवक की मौत

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नैनीताल : कैंची धाम के किरौला रेस्टोरेंट में शुक्रवार देर रात करीब 2 बजे एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही भवाली पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और जांच शुरू कर दी।

कोतवाली पुलिस के वरिष्ठ उपनिरीक्षक (एसएसआई) आसिफ खान ने बताया कि मृतक की पहचान बेतालघाट निवासी आनंद सिंह (39) के रूप में हुई है। उन्होंने कहा कि घटनास्थल पर पहुंचकर पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और फोरेंसिक टीम को बुलाया गया। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि गोली जिस बंदूक से चली, वह लाइसेंसी थी।

एसएसआई खान ने बताया कि घटना के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए गहन जांच की जा रही है। मृतक के परिजनों को सूचित कर दिया गया है। पुलिस ने आसपास के लोगों से भी पूछताछ शुरू की है ताकि घटना की परिस्थितियों को स्पष्ट किया जा सके।

उत्तराखंड : ट्रांसपोर्ट नगर में रेस्टोरेंट में भीषण आग, लाखों का सामान राख

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हल्द्वानी: शहर के ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में बीती देर रात एक रेस्टोरेंट में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। देखते ही देखते रेस्टोरेंट का ऊपरी हिस्सा और अंदर रखा लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई से आग पर काबू पा लिया गया, जिससे आसपास की दुकानों में फैलने से बचा लिया गया।

रेस्टोरेंट स्वामी के अनुसार, आग की शुरुआत पास के बिजली पोल में अचानक हुई तेज स्पार्किंग से हुई, जिसके बाद आग तेजी से फैल गई। उन्होंने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि पोल पर लटक रहे ढीले तारों और खराब कनेक्शन की शिकायत कई बार की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस लापरवाही के कारण रेस्टोरेंट में रखे रेफ्रिजरेटर, फर्नीचर, रसोई उपकरण और महत्वपूर्ण दस्तावेज जलकर नष्ट हो गए।

दमकल विभाग ने टाला बड़ा हादसा

दमकल विभाग के अधिकारी मिंदर पाल सिंह ने बताया कि आग की सूचना मिलते ही अग्निशमन वाहन तुरंत मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। उन्होंने कहा, “आग इतनी भीषण थी कि आसपास की दुकानों तक फैलने का खतरा था, लेकिन समय रहते स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया।” प्राथमिक जांच में आग का कारण विद्युत शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है।

जांच शुरू, स्थानीय लोगों में आक्रोश

स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाए और कहा कि अगर समय रहते ढीले तारों और खराब कनेक्शन को ठीक कर लिया गया होता, तो लाखों रुपये की संपत्ति का नुकसान टाला जा सकता था। पुलिस और दमकल विभाग ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है ताकि आग लगने के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।

पाकिस्तानी हवाई हमले में तीन अफगान क्रिकेटरों की मौत, ACB ने त्रिकोणीय सीरीज से नाम वापस लिया

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काबुल/इस्लामाबाद: अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (एसीबी) ने पाकिस्तान और श्रीलंका के साथ होने वाली आगामी त्रिकोणीय टी20 सीरीज से अपना नाम वापस ले लिया है। यह फैसला पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान के पक्तिका प्रांत में किए गए कथित हवाई हमलों के बाद लिया गया, जिसमें तीन युवा क्रिकेटरों समेत आठ लोगों की मौत हो गई। घटना ने न केवल अफगान क्रिकेट जगत को झकझोर दिया है, बल्कि दोनों देशों के बीच सीमा तनाव को और गहरा कर दिया है।

शुक्रवार रात को पक्तिका प्रांत के उरगुन और बरमल जिलों में हुए हमलों में कुल आठ लोग मारे गए, जिनमें दो बच्चे और तीन क्रिकेटर शामिल थे। एसीबी के अनुसार, मृतक क्रिकेटर कबीर, सिबघतुल्लाह और हारून स्थानीय स्तर के खिलाड़ी थे, जो शराना में एक मैत्रीपूर्ण मैच खेलने के बाद उरगुन लौट रहे थे। हमले के दौरान वे एकत्रित होकर चर्चा कर रहे थे, जब पाकिस्तानी सेना ने हवाई कार्रवाई की। इससे सात अन्य लोग भी घायल हो गए।

एसीबी ने शनिवार सुबह एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए गहन शोक व्यक्त किया। बयान में कहा गया, “एसीबी पक्तिका प्रांत के उरगुन जिले के उन बहादुर क्रिकेटरों की शहादत पर गहरा शोक प्रकट करता है, जिन्हें पाकिस्तानी शासन द्वारा किए गए कायराना हमले में निशाना बनाया गया। यह घटना अफगानिस्तान के खेल समुदाय, एथलीटों और क्रिकेट परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है।” बोर्ड ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा, “ईश्वर शहीदों को जन्नत में सर्वोच्च स्थान प्रदान करें और घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ दें।”

त्रिकोणीय सीरीज का भविष्य अनिश्चित

नवंबर 2025 में पाकिस्तान के रावलपिंडी और लाहौर में प्रस्तावित इस त्रिकोणीय टी20 सीरीज में अफगानिस्तान की अनुपस्थिति से टूर्नामेंट का स्वरूप बदल सकता है। एसीबी ने स्पष्ट किया, “पीड़ितों के प्रति सम्मान और संवेदना के प्रतीक के रूप में, हम आगामी त्रिकोणीय सीरीज से हटने का फैसला करते हैं।” यह सीरीज टी20 विश्व कप की तैयारी के लिए आयोजित की जानी थी, जिसमें पाकिस्तान और श्रीलंका पहले से ही शामिल थे।

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के चेयरमैन मोहसिन नकवी ने पहले ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) को पत्र लिखकर वैकल्पिक योजना की तैयारी का सुझाव दिया था, यदि अफगानिस्तान हटता है तो। अब आईसीसी और पीसीबी को जल्द ही किसी अन्य टीम को आमंत्रित करने का निर्णय लेना होगा। यह 2025 की दूसरी त्रिकोणीय सीरीज होती, जो एशिया कप से पहले यूएई में संपन्न हुई थी।

अफगान सितारों का कड़ा विरोध

अफगानिस्तान के स्टार लेग स्पिनर और कप्तान राशिद खान ने सोशल मीडिया पर हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने लिखा, “पाकिस्तानी हवाई हमलों में निर्दोष नागरिकों, महिलाओं, बच्चों और उन युवा क्रिकेटरों की मौत से गहरा दुख हुआ है, जो देश का नाम रोशन करना चाहते थे। यह अमानवीय और क्रूर कृत्य है। नागरिकों को निशाना बनाना मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन है। मैं एसीबी के फैसले का पूर्ण समर्थन करता हूं। हमारे लोगों की गरिमा किसी टूर्नामेंट से ऊपर है।”

पूर्व कप्तान मोहम्मद नबी ने भी भावुक प्रतिक्रिया दी, “युवा क्रिकेटरों की शहादत की खबर से मेरा दिल टूट गया। यह पूरे अफगान क्रिकेट परिवार के लिए त्रासदी है।” तेज गेंदबाज फजलहक फारूकी ने कहा, “निर्दोषों की हत्या घृणित अपराध है। अल्लाह शहीदों को ऊंचा दर्जा दे और अपराधियों को सजा दे। यह शर्म की बात है।”

सीमा तनाव ने तोड़ा युद्धविराम

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच डुरांड सीमा पर पिछले कुछ हफ्तों से तनाव चरम पर था। हाल ही में दोनों पक्षों ने 48 घंटे का युद्धविराम घोषित किया था, लेकिन पाकिस्तान के इन हमलों ने इसे तोड़ दिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, हमला तालिबान विदेश मंत्री की भारत यात्रा के बाद तनाव बढ़ने के बीच हुआ। तालिबान ने हमलों को युद्धविराम का उल्लंघन बताते हुए निंदा की है, जबकि पाकिस्तान की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

अमृतसर-सहरसा गरीब रथ एक्सप्रेस में आग, तीन कोच जले, सभी यात्री सुरक्षित

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अमृतसर से सहरसा जा रही गरीब रथ एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12204) में शनिवार सुबह पंजाब के सरहिंद रेलवे स्टेशन के पास आग लग गई। घटना उस समय हुई जब ट्रेन सरहिंद स्टेशन से अंबाला की ओर लगभग आधा किलोमीटर की दूरी तय कर चुकी थी। आग के कारण ट्रेन के तीन जनरल कोच क्षतिग्रस्त हो गए।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रेन के एक डिब्बे से धुआं निकलता देख तुरंत ट्रेन को रोका गया। आग तेजी से तीन डिब्बों में फैल गई, लेकिन समय रहते सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस हादसे में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है।

सरहिंद जीआरपी के एसएचओ रतन लाल ने बताया, “जैसे ही डिब्बे से धुआं निकलता दिखा, ट्रेन को तत्काल रोक दिया गया। यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया और आग पर काबू पा लिया गया। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।

रेल मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि आग पर काबू पा लिया गया है और स्थिति नियंत्रण में है। आग लगने के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है।

श्री केदारनाथ धाम: बीकेटीसी और केदार सभा की बैठक में तीर्थयात्रियों की सुविधाओं पर जोर

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केदारनाथ : श्री केदारनाथ धाम में शुक्रवार को दीपावली से पहले श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) और केदारनाथ तीर्थ पुरोहितों की शीर्ष संस्था श्री केदार सभा की एक महत्वपूर्ण बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई।

बैठक में देश-विदेश से केदारनाथ धाम पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों के लिए सरल और सुगम दर्शन व्यवस्था, धार्मिक रीति-रिवाजों और हक-हकूकों के संरक्षण, पूजा-अर्चना, निर्माण कार्यों, मंदिर परिसर में वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी पर नियंत्रण, स्वच्छता, पेयजल, आवास और अलाव जैसी सुविधाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।

बीकेटीसी और केदार सभा का सामंजस्य: बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि केदार सभा के साथ बैठक अत्यंत सौहार्दपूर्ण रही। उन्होंने कहा कि तीर्थ पुरोहित श्री केदारनाथ यात्रा का अभिन्न अंग हैं और बीकेटीसी परिवार के सदस्य हैं। इस वर्ष रिकॉर्ड 17,20,855 श्रद्धालुओं ने अब तक दर्शन किए हैं, और बीकेटीसी व केदार सभा के सहयोग से यात्रा सुचारु रूप से संपन्न हो रही है। उन्होंने बताया कि 23 अक्टूबर को मंदिर के कपाट बंद होंगे, और सभी के सहयोग से यात्रा अपने अंतिम चरण में है।

तीर्थयात्रियों की सुविधा पर विशेष ध्यान: बैठक में यह निर्णय लिया गया कि धार्मिक परंपराओं की गरिमा बनाए रखते हुए तीर्थयात्रियों की सुविधाओं के लिए कार्ययोजना पर अमल किया जाएगा। कपाट बंद होने तक स्वच्छता, पेयजल, आवास और अलाव व्यवस्था जैसी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी। स्थानीय लोगों की सहभागिता को भी इस प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।

आभार और भविष्य की योजना: बीकेटीसी और केदार सभा के प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से कहा कि तीर्थयात्रियों की सुविधा और धार्मिक व्यवस्थाओं के सौहार्दपूर्ण संचालन के लिए दोनों संगठन मिलकर कार्य करेंगे। यह बैठक श्री केदारनाथ धाम की यात्रा को और बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

बैठक में बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण, सदस्य प्रह्लाद पुष्पवान, मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल, केदार सभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी, मंत्री राजेन्द्र तिवारी सहित तीर्थ पुरोहित संतोष त्रिवेदी, पंकज शुक्ला, संजय तिवारी, अंकित सेमवाल, अनिल शुक्ला, उमेश पोस्ती, प्रदीप शुक्ला, प्रभारी अधिकारी यदुवीर पुष्पवान और बड़ी संख्या में तीर्थ पुरोहित, हकहकूकधारी व बीकेटीसी के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

स्वदेशी शक्ति की उड़ान: तेजस एमके-1ए ने भरी पहली उड़ान, आत्मनिर्भर भारत के आसमान में नई ऊंचाई

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नासिक : भारत की रक्षा ताकत को नई उड़ान मिली है। देश में निर्मित स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस एमके-1ए (Tejas Mk-1A) ने शुक्रवार को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के नासिक स्थित एयरक्राफ्ट मैन्युफैक्चरिंग डिविजन से अपनी पहली उड़ान सफलतापूर्वक पूरी की। यह क्षण भारत के रक्षा उत्पादन इतिहास में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हुआ। इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी रहे, जिन्होंने तेजस एमके-1ए की पहली उड़ान के साथ एचएएल की तीसरी प्रोडक्शन लाइन और एचटीटी-40 विमान की दूसरी प्रोडक्शन लाइन का उद्घाटन किया।

आत्मनिर्भरता और क्षमता का प्रतीक

इस मौके पर रक्षा मंत्री ने कहा,आज जब मैंने सुखोई Su-30, एलसीए तेजस और HTT-40 को एक साथ उड़ान भरते देखा, तो मेरा सीना गर्व से चौड़ा हो गया। ये उड़ानें रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की मिसाल हैं। नासिक आस्था, भक्ति और क्षमता का प्रतीक बन चुका है — और एचएएल इसकी शक्ति का प्रतीक है।” उन्होंने कहा कि एचएएल ने पिछले 60 वर्षों में देश की रक्षा निर्माण क्षमता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

‘घरेलू रक्षा निर्माण को 100 प्रतिशत तक ले जाएंगे’

रक्षा मंत्री ने बताया कि एक समय भारत को अपनी रक्षा जरूरतों के लिए लगभग 70 प्रतिशत तक आयात पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब यह स्थिति बदल चुकी है। आज भारत अपने 65 प्रतिशत रक्षा उपकरणों का निर्माण खुद कर रहा है, और बहुत जल्द हम इसे 100 प्रतिशत तक ले जाएंगे,” उन्होंने कहा।

राजनाथ सिंह ने बताया कि भारत का रक्षा निर्यात रिकॉर्ड अब 25 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है, जो कुछ साल पहले 1,000 करोड़ रुपये से भी कम था।उन्होंने बताया कि सरकार ने 2029 तक 3 लाख करोड़ रुपये के घरेलू रक्षा निर्माण और 50 हजार करोड़ रुपये के निर्यात का लक्ष्य निर्धारित किया है।

चार वर्षों में वायुसेना को मिलेंगे 83 तेजस Mk-1A विमान

एचएएल ने बताया कि आने वाले चार वर्षों में भारतीय वायुसेना को 83 तेजस एमके-1ए विमान सौंपे जाएंगे। नासिक की नई प्रोडक्शन लाइन शुरू होने के बाद, हर वर्ष 24 लड़ाकू विमानों का उत्पादन किया जा सकेगा। वर्तमान में बेंगलुरु स्थित दो लाइनों से हर साल 16 विमान तैयार हो रहे हैं, जबकि नासिक यूनिट की क्षमता प्रति वर्ष 8 विमानों की है।

तेजस Mk-1A: स्वदेशी तकनीक का प्रतीक

तेजस Mk-1A एक उन्नत, बहुउद्देश्यीय 4.5 पीढ़ी का स्वदेशी लड़ाकू विमान है, जिसे एचएएल ने सभी मौसमों में संचालन योग्य बनाया है।इसमें कई अत्याधुनिक विशेषताएं शामिल हैं, इस्राइली EL/M-2052 AESA रडार, उन्नत इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट (जैमर सहित) और बियॉन्ड विजुअल रेंज (BVR) मिसाइल क्षमता।

यह विमान उच्च खतरे वाले हवाई अभियानों में दुश्मनों पर सटीक प्रहार करने की क्षमता रखता है। तेजस की यह उड़ान सिर्फ तकनीक की नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प की उड़ान है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

उत्तराखंड में पीएम-श्री योजना की तर्ज पर बनेगी स्कूलों के आधुनिकीकरण की नई योजना

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देहरादून: मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने शुक्रवार को सचिवालय में आयोजित बैठक में पीएम-श्री योजना और लखपति दीदी योजना की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उत्तराखंड में भी पीएम-श्री योजना की तर्ज पर राज्य स्तरीय स्कूल आधुनिकीकरण योजना संचालित की जाए, ताकि सरकारी स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा सके।

मुख्य सचिव ने बताया कि पीएम-श्री योजना के अंतर्गत प्रत्येक चयनित विद्यालय को 5 वर्षों तक 40-40 लाख रुपये (कुल 2 करोड़ रुपये) की सहायता राशि प्रदान की जाती है। इस धनराशि से स्कूलों में स्मार्ट क्लास, विज्ञान प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय और खेल सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य में भी इसी मॉडल पर कार्य आरंभ किया जाएगा, जिससे सरकारी विद्यालयों में पठन-पाठन की गुणवत्ता में सुधार होगा और शिक्षा के क्षेत्र में तकनीकी एकीकरण को प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि इस पहल की शुरुआत क्लस्टर विद्यालयों से की जाए, ताकि मॉडल स्कूलों का निर्माण कर अन्य संस्थानों को प्रेरित किया जा सके।

क्षमता विकास कार्यक्रम होंगे संचालित

बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने लखपति दीदी योजना की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि योजना को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों में तकनीकी सुधार और गुणवत्ता उन्नयन पर विशेष ध्यान दिया जाए।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि स्वयं सहायता समूहों के लिए लगातार क्षमता विकास कार्यक्रम संचालित किए जाएं और योजना की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि इस योजना के अंतर्गत राज्य स्तरीय संचालन समिति और राज्य स्तरीय निगरानी समिति का गठन शीघ्र किया जाए, जिनकी नियमित बैठकें आयोजित हों।

मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, रिटेल चेन और हाउस ऑफ हिमालयाज जैसी पहलों से जोड़ा जाए, ताकि उत्पादों को बेहतर बाजार और ब्रांड पहचान मिल सके। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि राज्य के स्कूलों और स्वयं सहायता समूहों को आत्मनिर्भर और आधुनिक बनाने के लिए केंद्र की सफल योजनाओं से प्रेरणा लेते हुए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

निर्माणाधीन बजरंग सेतु से युवक गंगा में गिरा, SDRF की खोज जारी

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ऋषिकेश। लक्ष्मण झूला क्षेत्र में निर्माणाधीन बजरंग सेतु पर बड़ा हादसा हो गया। दिल्ली से घूमने आए एक युवक की पुल से गंगा नदी में गिरने की खबर है। हादसे के बाद से युवक का कोई पता नहीं चल सका है। SDRF की टीम देर रात से ही गंगा में उसकी तलाश कर रही है।

जानकारी के अनुसार, बृहस्पतिवार रात दिल्ली से आए तीन दोस्तों में से एक युवक निर्माणाधीन कांच के पुल पर चढ़ गया। बताया जा रहा है कि पुल के जिस हिस्से पर वह गया, वहां शीशे का कार्य अधूरा था। इसी अधूरे हिस्से से फिसलकर वह गंगा में जा गिरा।

स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, लगातार चेतावनियों और रोक-टोक के बावजूद पर्यटक बजरंग सेतु के निर्माणाधीन क्षेत्र में पहुंच रहे थे। मौके पर अव्यवस्था और भीड़ के चलते निर्माण कार्य भी प्रभावित हो रहा था।

सेतु निर्माण में लगे मजदूरों ने बताया कि कई बार पर्यटकों को रोकने पर वे झगड़ा करने लगते थे। कुछ तो खुद को वीआईपी बताकर अधिकारियों से शिकायत करने की धमकी भी देते थे। दशहरे के दिन तो भीड़ ने बंद किए गए हिस्से के टिन शेड तक तोड़ दिए थे।

निर्माण एजेंसी के अनुसार, पुल का कार्य अब अंतिम चरण में है। एजेंसी ने प्रशासन से मांग की है कि पर्यटकों के लिए निश्चित समय तय कर पुल के आसपास आवागमन नियंत्रित किया जाए, ताकि निर्माण कार्य सुचारू रूप से पूरा हो सके और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।