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दीपावली की रात निरंजनपुर सब्जी मंडी में दुकान में लगी भीषण आग, रॉकेट से भड़की लपटें

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देहरादून। कोतवाली पटेल नगर क्षेत्र के अंतर्गत दीपावली की रात निरंजनपुर सब्जी मंडी में एक दुकान में भीषण आग लग गई। अचानक लगी आग से आसपास के क्षेत्र में अफरातफरी मच गई। मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।

पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में पता चला है कि दीपावली के मौके पर छोड़ा गया एक रॉकेट पास की दुकान की छत पर आकर गिरा, जहां अंडों की खाली क्रेट रखी हुई थीं। रॉकेट के गिरने से क्रेट में आग लग गई, जो धीरे-धीरे भड़ककर फैल गई। हालांकि, समय रहते फायर ब्रिगेड की टीम ने आग को नियंत्रित कर लिया, जिससे बड़ा नुकसान टल गया।

कोतवाली पटेल नगर प्रभारी चंद्रभान अधिकारी ने बताया कि दमकल विभाग की दो गाड़ियों ने आधे घंटे के प्रयास के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। उन्होंने कहा कि घटना के संबंध में आगे की जांच जारी है।

वहीं, नगर अग्निशमन अधिकारी किशोर उपाध्याय ने बताया कि दीपावली की रात देहरादून शहर में कुल 12 स्थानों पर आग लगने की घटनाएं सामने आईं, जिन पर फायर ब्रिगेड की टीमों ने समय रहते नियंत्रण पा लिया।

उत्तराखंड : ओल्ड लंदन हाउस’ में फिर लगी आग, 3 दुकानें जलकर राख

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नैनीताल। शहर के ऐतिहासिक ओल्ड लंदन हाउस में एक बार फिर आग लगने की घटना से हड़कंप मच गया। बुधवार देर रात करीब तीन बजे ब्रिटिश कालीन इस भवन में अचानक आग भड़क उठी। स्थानीय लोगों ने धुआं उठता देख तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और स्थानीय लोगों की मदद से कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।

आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते भवन का एक बड़ा हिस्सा और आसपास की तीन दुकानें — जिनमें एक फर्नीचर की दुकान भी शामिल है — पूरी तरह जलकर राख हो गईं। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस बार कोई जनहानि नहीं हुई।

दमकल को झेलनी पड़ी पानी की कमी की चुनौती
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि आग लगने की सूचना समय पर देने के बावजूद आग बुझाने में काफी देर हुई। उनका कहना है कि दमकल कर्मी तो मौके पर पहुंच गए थे, लेकिन पर्याप्त पानी की व्यवस्था न होने के कारण आग पर काबू पाने में काफी कठिनाई हुई।

एसपी सिटी ने दी जानकारी
एसपी सिटी डॉ. जगदीश चंद्र ने बताया कि आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है, लेकिन एहतियातन दमकल की एक टीम को मौके पर तैनात किया गया है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि आतिशबाजी के कारण आग लगी हो सकती है। उन्होंने बताया कि भवन पुराना और लकड़ी का बना होने के कारण आग तेजी से फैल गई।

एक माह पूर्व गई थी एक महिला की जान
गौरतलब है कि इससे पहले 27 अगस्त 2025 की रात भी ओल्ड लंदन हाउस में भीषण आग लगी थी। उस समय मल्लीताल के मोहन चौराहे स्थित इस भवन में रात करीब 10 बजे आग भड़की थी। आग में भवन का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा जलकर राख हो गया था और एक बुजुर्ग महिला की दर्दनाक मौत हो गई थी।

उस घटना में इतिहासकार अजय रावत की बहन पक्ष के परिवार के सदस्य भी भवन में रह रहे थे। उस समय भी फायर ब्रिगेड को आग पर काबू पाने में कई घंटे लग गए थे। अब एक माह के भीतर दोबारा आग लगने से शहरवासियों में प्रशासन और दमकल विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी देखने को मिल रही है।

पुराना भवन अब पूरी तरह हुआ खाक
इस बार की आग में ओल्ड लंदन हाउस का शेष बचा हिस्सा भी जलकर खाक हो गया है। प्रशासन ने घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है और सुरक्षा के मद्देनजर भवन के आसपास लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई है।

PM मोदी ने INS विक्रांत पर जवानों संग मनाई दीपावली

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बार रोशनी का पर्व दीपावली 2025 देश के गौरव स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत पर भारतीय नौसेना के जवानों के साथ मना रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि जवानों के साथ दीपावली मनाना उनके लिए गौरव और गर्व का क्षण है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दीप प्रज्वलित करते हुए, जवानों के बीच दीपावली मनाते हुए — उत्साह और देशभक्ति का माहौल।जवानों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ महीने पहले ही ‘विक्रांत’ नाम से पाकिस्तान में दहशत फैल गई थी। उन्होंने कहा कि यह नाम युद्ध शुरू होने से पहले ही दुश्मनों के हौसले पस्त कर देता है — यही है INS विक्रांत की असली ताकत।

“INS विक्रांत सिर्फ एक युद्धपोत नहीं है, यह 21वीं सदी के भारत की मेहनत, क्षमता और प्रतिबद्धता का प्रतीक है। जिस दिन हमने इसे राष्ट्र को समर्पित किया, उसी दिन हमारी नौसेना ने औपनिवेशिक प्रतीक को त्याग कर छत्रपति शिवाजी महाराज से प्रेरित नया ध्वज अपनाया।”

प्रधानमंत्री ने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि वह हर साल दीपावली अपने परिवार के साथ मनाते हैं, और इस बार वे अपने ‘सच्चे परिवार’ – देश के जवानों के बीच हैं। उन्होंने कहा कि यह दीपावली उनके जीवन की सबसे खास दीपावली है। “तुम्हारे करीब रहकर, तुम्हारी सांसों और धड़कनों को महसूस करके मुझे गहरा संतोष मिला। मैं कल थोड़ा जल्दी सो गया क्योंकि मुझे जो शांति मिली, वह संतोष की नींद थी।”

प्रधानमंत्री ने जवानों की वीरता की सराहना करते हुए कहा कि जहाज और हथियार भले ही लोहे के बने हों, लेकिन असली ताकत उन्हें चलाने वाले बहादुर सैनिकों का साहस है। आईएनएस विक्रांत के डेक से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों और सैनिक परिवारों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारत के जवानों का पराक्रम ही देश की असली रोशनी है — जो हर दीपावली को और अधिक गौरवशाली बनाता है।

नौगांव में दर्दनाक हादसा: यमुना नदी में गिरा डंपर, चालक की मौत

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बड़कोट तहसील क्षेत्र में सोमवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। जानकारी के अनुसार वाहन संख्या UK-07 CD-3406 डंपर सुबह लगभग 4 बजे नौगांव स्टोन क्रेशर जटा नामे तोक के पास अनियंत्रित होकर सड़क से करीब 120 मीटर नीचे यमुना नदी में जा गिरा। हादसे में वाहन चालक जगदीप (30 वर्ष), पुत्र चैन सिंह, निवासी ग्राम सुनारा की मौके पर ही मौत हो गई।

सूचना मिलने पर SDRF, पुलिस, फायर सर्विस टीम और स्थानीय लोगों ने संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाकर शव को नदी से निकालकर सड़क तक पहुंचाया। इसके बाद शव को सीएचसी नौगांव भेजा गया, जहां आवश्यक कानूनी कार्यवाही की जा रही है।

उत्तराखंड : प्रदूषण नियंत्रण के लिए ड्रोन से पानी छिड़काव, तीन शहरों में 17 स्थानों पर अभियान शुरू

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देहरादून : उत्तराखंड में बढ़ते वायु प्रदूषण और धुंध-धूल की समस्या को नियंत्रित करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) ने प्रभावी कदम उठाए हैं। बोर्ड ने देहरादून, ऋषिकेश और काशीपुर में ड्रोन के माध्यम से पानी के छिड़काव का अभियान शुरू किया है। रविवार से शुरू हुए इस अभियान के तहत तीन शहरों के 17 स्थानों पर नौ ड्रोनों से पानी का छिड़काव किया गया।

प्रदेश में हवा की गुणवत्ता लगातार खराब हो रही है। देहरादून में पिछले पांच दिनों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) संतोषजनक श्रेणी से मध्यम श्रेणी में पहुंच गया है। काशीपुर में 17 अक्टूबर को एक्यूआई संतोषजनक था, जो 18 अक्टूबर को मध्यम श्रेणी में दर्ज किया गया। हरिद्वार, ऋषिकेश और रुद्रपुर में भी हवा की गुणवत्ता में बदलाव देखा गया है।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने देहरादून में घंटाघर समेत नौ स्थानों पर तीन ड्रोनों के जरिए पानी का छिड़काव शुरू किया है। वहीं, ऋषिकेश और काशीपुर में एक-एक ड्रोन इस कार्य के लिए तैनात किए गए हैं। पीसीबी के सदस्य सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते ने बताया कि पिछले साल केवल देहरादून में ड्रोन से पानी छिड़काव का प्रयोग किया गया था, लेकिन इस बार अभियान को और विस्तार दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह कार्य आगे भी नियमित रूप से जारी रहेगा ताकि प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित किया जा सके।

देहरादून: तेज रफ्तार थार ने पुलिसकर्मियों को रौंदा, तीन गंभीर रूप से घायल, आरोपी गिरफ्तार

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देहरादून :  राजधानी देहरादून के डालनवाला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आराघर टी-जंक्शन पर रविवार तड़के एक तेज रफ्तार वाहन ने चेकिंग ड्यूटी पर तैनात तीन पुलिसकर्मियों को टक्कर मार दी। इस हादसे में तीनों पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय सिंह अस्पताल पहुंचे और घायलों के बेहतर इलाज के लिए निर्देश दिए। पुलिस ने आरोपी वाहन चालक को गिरफ्तार कर लिया और उसके वाहन, एक महिंद्रा थार, को सीज कर लिया।

चेकिंग के दौरान हुआ हादसा

पुलिस के अनुसार, यह घटना सुबह करीब 3:45 बजे हुई जब आराघर टी-जंक्शन पर चेकिंग ड्यूटी पर तैनात हेड कांस्टेबल सुगन पाल, कांस्टेबल सचिन और कांस्टेबल कमला प्रसाद ने एक वाहन को रोकने का इशारा किया। लेकिन तेज रफ्तार में आ रहे वाहन चालक ने पुलिसकर्मियों को टक्कर मार दी, जिससे तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए।

घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया

घायल पुलिसकर्मियों को तत्काल 108 एम्बुलेंस के जरिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें एक निजी अस्पताल में हायर सेंटर रेफर किया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। एसएसपी अजय सिंह ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना और डॉक्टरों से उनके बेहतर इलाज के लिए बात की। साथ ही, प्रभारी निरीक्षक कैंट और डालनवाला को घायल पुलिसकर्मियों के इलाज में हर संभव सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए।

आरोपी गिरफ्तार, वाहन सीज

डालनवाला पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी वाहन चालक मोहम्मद उमर उर्फ ताहिर को गिरफ्तार कर लिया। घटना में इस्तेमाल महिंद्रा थार वाहन को भी कब्जे में लेकर सीज कर दिया गया है। एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

ISRO की बड़ी कामयाबी: चंद्रयान-2 ने पहली बार देखा सूरज के तूफान का चांद पर असर

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बेंगलुर: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इसरो के चंद्रयान-2 ऑर्बिटर ने सूरज के कोरोनल मास इजेक्शन (सीएमई) का चांद की सतह पर प्रभाव को पहली बार देखा है। यह खोज ऑर्बिटर पर लगे वैज्ञानिक उपकरण, चंद्रा एटमॉस्फेरिक कंपोजिशन एक्सप्लोरर-2 (CHACE-2) के जरिए की गई।

चांद के वातावरण का दबाव

ISRO के मुताबिक, जब सूरज से निकला सीएमई चांद की सतह से टकराया, तो चांद के दिन वाले हिस्से के एक्सोस्फीयर (बेहद पतले वातावरण) में दबाव और तटस्थ कणों (न्यूट्रल एटम्स और मॉलिक्यूल्स) की संख्या में एक ऑर्डर ऑफ मैग्नीट्यूड से ज्यादा की बढ़ोतरी देखी गई। इसरो ने अपने बयान में कहा, “यह बढ़ोतरी पहले के सैद्धांतिक मॉडल्स के अनुरूप है, जो ऐसी घटनाओं का अनुमान लगाते थे, लेकिन CHACE-2 ने इसे पहली बार प्रत्यक्ष रूप से दर्ज किया।”

क्या है कोरोनल मास इजेक्शन?

सूरज, हमारा सबसे नजदीकी तारा, लाखों डिग्री सेल्सियस गर्म और पृथ्वी से लाखों गुना बड़ा है। इसकी सतह पर हर समय हजारों-लाखों विस्फोट होते रहते हैं। ये विस्फोट सूरज के चार्ज प्लाज्मा, तीव्र तापमान और चुंबकीय क्षेत्र के कारण होते हैं। इनसे अंतरिक्ष में भयानक तूफान उठता है, जिसे कोरोनल मास इजेक्शन (सीएमई) कहते हैं। यह तूफान चार्ज्ड कणों को अंतरिक्ष में फैलाता है, जो चांद और अन्य ग्रहों को प्रभावित कर सकता है।

खास क्यों है यह खोज?

ISRO ने बताया कि यह दुर्लभ अवलोकन 10 मई 2024 को शुरू हुआ, जब सूरज से चांद की ओर सीएमई की एक श्रृंखला आई। इस सौर गतिविधि ने चांद की सतह पर मौजूद परमाणुओं को तोड़कर एक्सोस्फीयर में भेज दिया, जिससे कुछ समय के लिए उसकी घनत्व और दबाव में वृद्धि हुई। इसरो के अनुसार, यह प्रत्यक्ष अवलोकन सौर गतिविधियों के चांद के पर्यावरण पर प्रभाव को समझने में महत्वपूर्ण है।

भविष्य के लिए महत्व

यह खोज भविष्य में चांद पर मानव बस्तियां और वैज्ञानिक अड्डे स्थापित करने की योजनाओं के लिए अहम साबित हो सकती है। इसरो ने कहा कि ऐसी सौर घटनाएं चांद के पर्यावरण को अस्थायी रूप से बदल सकती हैं, जिससे दीर्घकालिक बेस बनाने में चुनौतियां आ सकती हैं। यह जानकारी चांद पर सुरक्षित और टिकाऊ उपस्थिति सुनिश्चित करने में मदद करेगी। इसरो की यह उपलब्धि न केवल भारत के अंतरिक्ष अनुसंधान को नई ऊंचाइयों पर ले जाती है, बल्कि चंद्र विज्ञान में भी एक नया अध्याय जोड़ती है।

उत्तराखंड के रजत जयंती समारोह में शामिल हो सकते हैं राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री

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देहरादून: उत्तराखंड अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे करने जा रहा है। इस अवसर पर राज्य सरकार रजत जयंती वर्ष के रूप में भव्य आयोजन की तैयारी में जुटी है। नौ नवंबर को होने वाले स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। इस सत्र में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के शामिल होने और सदन को संबोधित करने की संभावना है। साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी रजत जयंती समारोह में भाग लेने की उम्मीद जताई जा रही है।

विशेष सत्र की तैयारियां जोरों पर

राज्य मंत्रिमंडल ने विशेष सत्र के आयोजन को मंजूरी दे दी है और सत्र की तिथियां तय करने का अधिकार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सौंपा है। जल्द ही तारीखों का ऐलान किया जाएगा। दो दिवसीय सत्र में उत्तराखंड की अब तक की उपलब्धियों और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा होगी। विधानसभा सचिवालय इस सत्र को भव्य बनाने की तैयारियों में जुटा है। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण स्वयं इसकी निगरानी कर रही हैं।

राष्ट्रपति और पीएम के दौरे की संभावना

सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के देहरादून पहुंचने पर सहमति बन चुकी है। सत्र की तिथियां तय होने के बाद उनके दौरे का कार्यक्रम अंतिम रूप लेगा। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी समारोह में शामिल होने की संभावना है। अधिकारियों का कहना है कि पीएम के दौरे पर भी सहमति बनी है, लेकिन अंतिम निर्णय शीघ्र लिया जाएगा।

दिल्ली में प्रदूषण का स्तर फिर ‘गंभीर’, सांस लेना हुआ मुश्किल

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नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, रविवार सुबह शहर के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) ‘गंभीर’ और ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज किया गया।

सीपीसीबी के अनुसार, आनंद विहार में एक्यूआई 430 तक पहुंच गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। अक्षरधाम क्षेत्र में भी एक्यूआई 426 रहा, जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है। इसके अलावा, अशोक विहार में एक्यूआई 306 और बवाना में 309 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आते हैं।

वायु प्रदूषण के इस खतरनाक स्तर के कारण दिल्लीवासियों को सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। विशेषज्ञों ने लोगों को मास्क पहनने और बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। सरकार और प्रशासन से प्रदूषण नियंत्रण के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की जा रही है।

श्री केदारनाथ धाम: श्री भकुंट भैरव नाथ जी के कपाट बंद हुए

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श्री केदारनाथ धाम यात्रा 2025
भकुंट भैरवनाथ जी के कपाट शीतकाल हेतु विधिवत पूजा अर्चना पश्चात बंद हुए।

श्री केदारनाथ धाम: 18 अक्टूबर।श्री केदारनाथ धाम के क्षेत्ररक्षक भकुंट भैरवनाथ जी के कपाट पूजा अर्चना पश्चात शीतकाल के लिए आज शनिवार अपराह्न 1बजकर 15 मिनट पर विधिवत रूप से बंद कर दिए गए।
इससे पहले श्री केदारनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना, तथा भोग लगाया गया तथा श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति मुख्य कार्याधिकारी श्री केदार सभा तथा पंच पंडा समिति रूद्रपुर ने मंदिर परिसर से कपाट बंद करने हेतु श्री भैरवनाथ जी के मंदिर की ओर प्रस्थान किया।

केदारनाथ धाम के पुजारी बागेश लिंग, धर्माधिकारी औंकार शुक्ला, वेदपाठी यशोधर मैठाणी तथा तीर्थ पुरोहितों ने पूजा-अर्चना संपन्न की, स्थानीय पकवानों तथा रोट का भोग लगाया ।हवन यज्ञ के साथ कपाट बंद की प्रक्रिया पूरी की गयी। इस अवसर पर बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी/ कार्यपालक मजिस्ट्रेट विजय प्रसाद थपलियाल, बीकेटीसी सदस्य विनीत पोस्ती,केदार सभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी, पूर्व अध्यक्ष विनोद शुक्ला, मंत्री राजेंद्र तिवारी, संतोष त्रिवेदी, भैरवनाथ पश्वा अरविंद शुक्ला,अनिल शुक्ला, अंकित सेमवाल, उमेश पोस्ती,बीकेटीसी प्रभारी अधिकारी केदारनाथ यदुवीर पुष्पवान आदि मौजूद रहे।

श्री भैरवनाथ जी के कपाट बंद होने के साथ ही अब श्री केदारनाथ धाम के कपाट बंद की तैयारी तथा पंचमुखी डोली की पूजा-अर्चना की तैयारियां शुरू हो गयी उल्लेखनीय है कि श्री केदारनाथ धाम के कपाट 23 अक्टूबर को शीतकाल हेतु बंद होंगे इससे पहले आज शनिवार को श्री भैरवनाथ जी के कपाट बंद हो गये है।