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अगले पांच साल में रॉबर्ट वाड्रा को जेल में डाल दूंगा – मोदी

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नई दिल्ली – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के परिवार पर बुधवार को जमकर हमला बोला। हरियाणा के फतेहाबाद में एक चुनावी रैली में उन्होंने रॉबर्ट वाड्रा पर हमला बोलते हुए कहा कि, यह चौकीदार उस शख्स को कोर्ट ले गया जिसने किसानों को लूटा। वह जमानत के लिए ईडी और कोर्ट के चक्कर लगा रहा है। वह सोचते थे कि वह शहंशाह हैं, अब वह डरे हुए हैं। मैं पहले ही उन्हें जेल के दरवाजे तक लाया। मुझे आशीर्वाद दीजिए, मैं उन्हें अगले 5 सालों में जेल में डाल दूंगा।

वाड्रा के बहाने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि, इस पार्टी ने किसानों की जमीन पर भ्रष्टाचार की खेती की है। हरियाणा में जब कांग्रेस की सरकार थी तो उस वक्त कौड़ियों के दाम पर किसानों की जमीन हड़प लेने का खेल चला था, लेकिन आज यह चौकीदार आप लोगों को विश्वास दिलाता है कि जिन लोगों ने देश को लूटा है उन्हें ब्याज के साथ उसका हिसाब चुकाना होगा। मोदी ने कहा कि, 2014 से पहले आए दिन पाकिस्तान हमारे जवानों के साथ बर्बरता करता था, लेकिन केंद्र में बैठी कांग्रेस की सरकार सिर्फ बयान देती थी। आए दिन आतंकी हमले होते थे, लेकिन कांग्रेस की कमजोर सरकार सिर्फ बयान देती थी।

कश्मीर के मुद्दे पर बोलते हुए मोदी ने कहा कि, कांग्रेस कह रही है कि, अगर दिल्ली में उसकी सरकार बनी तो, जम्मू-कश्मीर समेत जो हिंसा वाले इलाके हैं, वहां तैनात सैनिकों से, उनका विशेष अधिकार छीन लिया जाएगा। यानि जो पत्थरबाज है, जो आतंकवाद के समर्थक हैं, उनको खुली छूट देने का सार्वजनिक रूप से बोल रही है। भारत माता की जय बोलने पर ऐतराज जताने वाली कांग्रेस अब देशद्रोह का कानून हटाने की भी बात कह रही है। कांग्रेस चाहती है कि टुकड़े-टुकड़े गैंग को, भारत को गाली देने वालों को, तिरंगे का अपमान करने वालों, नक्सलवादियों के समर्थकों को खुली छूट मिले।

कांग्रेस की कर्ज माफी स्कीम पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि, एक तरफ किसानों के हितों के लिए जहां हम पूरी ईमानदारी से काम कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस ने झूठ और धोखे की नीति अपना रखी है। कर्जमाफी के नाम पर उसने राजस्थान में, मध्य प्रदेश में किसानों को कैसे छला है, अब इसकी चर्चा हर तरफ हो रही है। 1984 के सिख दंगों पर बोलते हुए मोदी ने कहा कि, 1984 में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब सहित देश के अलग-अलग हिस्सों में हमारे हजारों सिख बहन-भाईयों, छोटे-छोटे बच्चों की कांग्रेस परिवार और उसके दरबारियों के इशारे पर हत्या की गई थी। 34 वर्षों तक दर्जन भर आयोग बने, लेकिन सिखों को इंसाफ नहीं मिला।

उन्होंने कहा कि, आपके इस चौकीदार ने, सिख समाज से, देश से 1984 के गुनहगारों को सज़ा दिलाने का वादा किया था। मुझे संतोष है कि सिखों के गुनहगारों को फांसी और उम्रकैद मिलने का सिलसिला शुरु हो चुका है। लेकिन ये बेशर्म कांग्रेस उन लोगों को आज भी ईनाम दे रही है, जो उस पाप में हिस्सेदार रहे हैं। सिख दंगों में जिस पर सवाल उठे हों, उसे मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाकर कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि उसे आपकी भावनाओं की कोई परवाह नहीं है।

खुल रहे हैं बद्रीनाथ मंदिर के कपाट

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नई दिल्‍ली: चार धाम की यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को स्‍वच्‍छ माहौल प्रदान करने के लिए भारतीय तिब्‍बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) ने एक विशेष अभियान की शुरूआत की है। अभियान के तहत आईटीबीपी के जवानों ने 10 हजार 8 सौ फीट ऊंचाई पर स्थित बद्रीनाथ धाम में स्‍वच्‍छता का कार्य पूरा किया है। आईटीबीपी की टीम बद्रीनाथ धाम के अतिरिक्‍त समीपवर्ती मंदिर परिसर, कुंड, पैदल मार्गों की सफाई के काम में भी जुटी हुई है।

आईटीबीपी के वरिष्‍ठ अधिकारी ने बताया कि उत्तराखंड में चार धाम यात्रा प्रारंभ हो चुकी है। 10 मई 2019 को श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए बद्रीनाथ मंदिर के खुल जाएंगे। बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं को स्‍वच्‍छ माहौल मिल सके, इस मकसद से भारतीय तिब्‍बत सीमा पुलिस की 60 सदस्‍यीय पर्वतारोहण दल ने मंदिर परिसर की सफाई का कार्य पूरा कर लिया है। आईटीबीपी के इस कार्य में औली स्कीइंग इंस्टिट्यूट के पर्वतारोही भी शामिल हैं। उन्‍होंने बताया कि पर्वतारोहियों के इस संयुक्‍त दल ने मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में व्यापक सफाई अभियान संचालित किया है।

आईटीबीपी के वरिष्‍ठ अधिकारी के अनुसार, बद्रीनाथ मंदिर के अलावा, जिन इलाकों में सफाई अभियान चलाया गया है, जिसमें तप्त कुंड, अलकनंदा नदी के तट, सीढ़ियां, पैदल मार्ग आदि शामिल हैं। उन्‍होंने बताया कि आईटीबीपी प्रत्येक वर्ष कपाट खुलने से पहले बद्रीनाथ धाम की साफ़ सफाई करती रही है। समुद्र तल से 10 हज़ार 8 सौ फीट की उंचाई पर स्थित बद्रीनाथ धाम में इस वर्ष अपेक्षाकृत ज्यादा बर्फ़बारी से संपर्क मार्ग 2 माह से भी ज्यादा समय तक बंद रहे थे। पिछले वर्ष 20 नवम्बर को मंदिर के कपाट बंद हुए थे।

2014 जैसा शानदार प्रदर्शन करेगी भाजप – राम माधव

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नई दिल्ली – लोकसभा चुनाव 2019 के पांच चरणों का मतदान हो चुका है। बीजेपी, कांग्रेस और महागठबंधन अपनी-अपनी सरकारें बनाने का दावा कर रहे हैं। मंगलवार को बीजेपी के महासचिव राम माधव ने मीडिया से बात करते हुए एक फिर दावा किया कि, केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा एक बार फिर से सरकार बनाने जा रही है। उन्होंने कहा कि, अपने कैडरों से मिली ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक इस चुनाव में भी बीजेपी 2014 की तरह अच्‍छा करेगी। लेकिन उसे और बेहतर प्रदर्शन के लिए एनडीए के साथ मिलना होगा। राम माधव ने कहा कि अगर बीजेपी एनडीए के साथ होगी तो वो 2014 से भी बेहतर प्रदर्शन करेगी और एक मजबूत सरकार का गठन होगा।

बता दें कि हाल ही में एक वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में राम माधव ने इस बात की संभावना जताई है कि लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा को अन्य सहयोगियों की जरूरत पड़ सकती है। ब्लूमबर्ग को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि इस चुनाव में भाजपा बहुमत से पीछे रह सकती है और उन्होंने माना कि हो सकता है 2014 जैसी स्थिति इस बार ना हो। हालांकि उन्होंने भरोसा जताया किएनडीए को पूर्ण बहुमत मिलेगा। राम माधव के इस बयान के बाद ऐसा माना जा रहा है कि उत्तर भारत के राज्यों में भाजपा को झटका लग सकता है। राम माधव का आकलन है कि पूर्वोत्तर और पश्चिम बंगाल में भाजपा को फायदा होगा। ऐसे में अपने मौजूदा सहयोगियों के अलावा भाजपा को अन्य सहयोगी पार्टियों की जरूरत होगी।

तीसरे मोर्चे को लेकर केसी राव की कोशिशों पर बोलते हुए मंगलवार को राम माधव ने कहा कि, मुझे पता है कि केसीआर (तेलंगाना के सीएम) की आकांक्षा किंग मेकर बनने की है। उनके बेटे और पार्टी तेलंगाना में कह रहे हैं कि हम किंगमेकर बनेंगे। मैं उनसे कहना चाहता हूं कि हमारे पास पहले से ही किंग है, हमें किंगमेकर की जरूरत नहीं है। बता दें कि, सोमवार को केसी राव ने केरल के सीएम पिनरई विजयन से मुलाकात की थी। यही नहीं वह दक्षिण की कई पार्टियों के नेताओं के साथ जल्द ही मुलाकात करने वाले हैं।

गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के खुल गए कपाट

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उत्तराखंड – मंगलवार को विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही चार धाम यात्रा की शुरुआत हो गई। केदारनाथ धाम के कपाट 9 मई और बद्रीनाथ धाम के कपाट 10 मई को खुलेंगे। इस बार केदारनाथ में 3000 से अधिक यात्री ठहर सकेंगे। केदारनाथ धाम के लिए यात्रियों का पहला जत्था रवाना हो चुका है। यात्रा के पहले दिन ही गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।

उत्तराखंड सरकार ने यात्रा शुरू होने से पहले पूरे साल की तैयारियां कर ली हैं। केदारनाथ यात्रा पर आने वाले यात्रियों के लिए इस बार स्वास्थ्य सुविधा के खास इंतजाम किए गए हैं। इस बार आपात स्थिति में यात्रियों के लिए हेली एम्बुलेंस सेवा भी उपलब्ध रहेगी। सरकार ने 16 किमी केदारनाथ पैदल मार्ग पर 13 हेल्थ पोस्ट बनाए हैं। केदारनाथ धाम में इस बार रात के समय रुकने वाले तीर्थ यात्रियों की संख्या कम रहेगी। पिछली बार जहां पांच हजार के करीब लोगों के रात में रुकने की व्यवस्था थी।

यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे पैदल मार्ग में काफी ठंड होने से गर्म कपड़े पहनें। यात्रियों को अपने पास रेन कोट, छाता, टार्च भी साथ रखने की सलाह दी गई है। पैदल मार्गों में किसी प्रकार की मेडिकल जरूरत के लिए मेडिकल रिलीफ पोस्ट पर संपर्क कर सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग ने केदारनाथ यात्रा मार्ग पर जगह-जगह मेडिकल रिलीफ पोस्ट स्थापित की है। यहां पर 84 डॉक्टरों को तैनात किया गया है।

कपाट खोलने से पहले कई तरह की तैयारियां भी की जाती हैं। इससे पहले मूर्तियों की पूजा की जाती है। धाम तक खास यात्रा निकाली जाती है। इसके बाद पूरे मंदिर को फूलों से भी सजाया जाता है। इसके लिए मंदिर के मुख्य पुजारी अन्य पंडितों के साथ मिलकर कपाट पर पूजा करते हैं और मंत्र उच्चारण के साथ कपाट खोले जाते हैं।

चारधाम आने वाले यात्री घर बैठे ही यात्रा के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे।उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद ने रजिस्ट्रेशन के लिए ‘उत्तराखंड टूरिज्म’ मोबाइल ऐप शुरू किया है। यात्रियों को एसएमएस के जरिये भी मौसम, पैदल मार्गों पर होने वाले भूस्खलन और जंगल की आग के बारे में चेतावनी दी जाएगी। मोबाइल एप से रजिस्ट्रेशन और डी-रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया के जरिए निश्चित समय में एक धाम के मार्ग में पड़ने वाले क्षेत्र में मौजूद यात्रियों की वास्तविक संख्या की जानकारी मिल सकेगी।

गंगा के उद्गम स्थल गोमुख से लगभग 19 किमी की दूरी पर गंगोत्री धाम स्थित है। मान्यता है कि शिव की कृपा से गंगा ने सबसे पहले इसी जगह पर धरती का स्पर्श किया था। 18वीं सदी में यहां मंदिर का निर्माण करवाया गया। जिसके बाद से आज तक इसे एक धाम के तौर पर पूजा जाता है। इसके अलावा दूसरे धाम यमुनोत्री को यमुना का उद्गम स्थल माना जाता है। इस धाम की भी अपनी खास मान्यता है। इसीलिए यहां हर साल लाखों लोग दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

श्रद्धालु बस या फिर हवाई सफर से भी इन चारों धामों तक पहुंच सकते हैं। जिन श्रद्धालुओं को पैदल चलने में परेशानी है, उनके लिए यहां घोड़े और आदमी मौजूद होते हैं। इसके अलावा सरकार की तरफ से रास्ते में कई तरह की सुविधाएं भी मिलती हैं।

नमो-नमो करने वाले की छुट्टी करने वाली है जनता : मायावती

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नई दिल्ली – आज जौनपुर और भदोही में सपा-बसपा-रालोद गठबंधन की रैली को बसपा मुखिया मायावती और सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव संबोधित करने पहूंचे।

बसपा-सपा की संयुक्त रैली को संबोधित करते हुए बसपा सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि मोदी सरकार में पांच वर्ष से भ्रष्टाचार चरम पर है। इसमें रक्षा सौदे भी अछूते नहीं रहे। देश की सीमाएं भी सुरक्षित नहीं हैं। भाजपा के लोग तो अब शहीदों की शहादत को भुनाने में लगे हैं।

पूर्वांचल विश्वविद्यालय में रैली को संबोधित करते हुए मायावती ने कहा कि सबका साथ सबका विकास सिर्फ जुमलेबाजी तक सिमट कर रह गया है।

प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए योगी आदित्यनाथ सरकार के आवारा जानवरों ने किसानों को बर्बाद कर दिया है। मुस्लिम समाज का उत्पीड़न बंद नहीं हुआ है। जिसका खुलासा सच्चर कमेटी में हो चुका है। मायावती ने कहा कि इन्हें सत्ता में आने नहीं देना है।

चीफ जस्टिस को क्लीनचिट मिलने पर फिर हुआ बवाल

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नई दिल्ली – सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त तीन न्यायाधीशों की इन-हाउस कमेटी ने यौन उत्पीड़न मामले में सोमवार को चीफ जस्टिस रंजन गोगोई को क्लीन चिट दे दी थी। इसके बाद, मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के बाहर वकील और महिला एक्टिविस्ट्सज ने प्रदर्शन किया। इस केस को लेकर एक और मामला उजागर हुआ है। शिकायतकर्ता महिलाओं ने सुप्रीमकोर्ट की इन-हाउस जांच कमेटी को पत्र लिखकर कमेटी से जांच रिपोर्ट की कापी मांगी है।

किसी भी तरह के प्रदर्शन के लिए सुप्रीम कोर्ट के बाहर जमा होने की मनाही है, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया और इलाके में सीआरपीसी की धारा 144 लगा दी। प्रदर्शनकारी उस शिकायतकर्ता के पक्ष में खुलकर सामने आए, जिसने 30 अप्रैल को सीजोआई (प्रधान न्यायाधीश) पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। हालांकि बाद में सभी प्रदर्शनकारियों को रिहा कर दिया गया है।

सुप्रीम कोर्ट की पूर्व कर्मचारी ने कहा कि उसने शीर्ष अदालत के तीन न्यायाधीशों की उपस्थिति में ‘काफी भयभीत और घबराया हुआ’ महसूस किया। सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की एक इंटरनल कमेटी CJI के खिलाफ मामले की जांच कर रही थी। SC द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि कमेटी ने पाया है कि सर्वोच्च न्यायालय की पूर्व कर्मचारी द्वारा 19 अप्रैल, 2019 को की गई शिकायत में कोई दम नहीं है। इस कमेटी में जस्टिस एस।ए।बोबडे, जस्टिस इंदिरा बनर्जी व जस्टिस इंदु मल्होत्रा शामिल हैं।

वहीं, दिल्ली उच्चम न्या यालय के पूर्व मुख्यम न्याोयाधीश जस्टिस ए पी शाह ने जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मामले में निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। उन्होंंने यह भी कहा कि यह प्रकरण आने वाले सालों में सुप्रीम कोर्ट को परेशान करता रहेगा।

एक अंग्रेजी अखबार से बातचीत में जस्टिस शाह ने कहा, “जिस तरह से यह जांच हुई, उससे मैं बहुत व्यथित हूं। शुरू में ऐसा लगा था कि सुप्रीम कोर्ट अभूतपूर्व सुनवाई के बाद पैदा हुए हालात सुधारने की कोशिश कर रहा है। कायदे से एक बाहरी समिति को जांच करनी चाहिए थी, लेकिन अदालत ने कमेटी में दो महिलाओं को जोड़ दिया। लेकिन फिर भी इसे जांच नहीं कहा जा सकता। उस महिला (पीड़‍िता) ने सिर्फ यही कहा था कि वह किसी वकील या दोस्त के जरिए दलीलें रखना चाहती है। मेरी राय में यह बहुत मूलभूत मांग थी। लेकिन उस महिला को वह न्यूतनतम अधिकार नहीं दिया गया”।

जस्टिस शाह ने कहा कि इस जांच से जुड़े कुछ तथ्य भी समस्याप्रद हैं। उन्हों ने कहा, “महिला को बताया गया था कि उसकी गवाही उसे ही नहीं सौंपी जाएगी क्योंकि जांच गोपनीय है। कमेटी के जांच शुरू करने से पहले उसने प्रक्रिया से जुड़ी गाइडलाइंस मांगी थीं, मगर वह भी नहीं दी गईं। अब मुझे ऐसा लगता है कि इस जांच की रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की जाएगी, न ही इस इन-हाउस इंक्वायरी को कोई चुनौती देगा। तो यह सब केवल न्याय का मखौल बनकर खत्म हो गया है”।

विपक्ष पर भाजपा का तेजबहादुर के वायरल वीडियो को लेकर हमला

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नई दिल्ली – भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) ने वाराणसी संसदीय क्षेत्र से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ नामांकन दाखिल करने वाले बीएसएफ से बर्खास्त जवान तेज बहादुर यादव के एक विवादास्पद वीडियो को लेकर समाजवादी पार्टी(सपा) और बहुजन समाज पार्टी(बसपा) गठबंधन समेत विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा है। पार्टी ने कहा कि कल से चल रहे एक वीडियो में तेज बहादुर कह रहा है कि 24 घंटे में मोदी को मरवा दूंगा, 50 करोड़ रुपये दिलवा दो। दुर्भाग्य की बात यह है कि कल से वीडियो वायरल है, इसके बावजूद न तो विपक्ष के नेता और न ही मीडिया में इसको लेकर कोई चर्चा है।

भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने पार्टी मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के प्रायोजित थप्पड़ों की गूंज महीनों तक सुनाई देती है लेकिन देश के प्रधानमंत्री को मरवाने की साजिश पर कोई बात नहीं हो रही। उन्होंने सपा-बसपा समेत अन्य विपक्षी दलों से सवाल किया कि इस बारे में वह मौन क्यों हैं। क्या विपक्ष तेज बहादुर की इन बातों से सहमत है ?

पात्रा ने कहा कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव बीते दिन तेज बहादुर की प्रशंसा कर रहे थे, क्या अब वे इस वीडियो को देखने के बाद देश से माफी मांगेंगे? उन्होंने कहा कि ऐसा कोई वीडियो किसी नामदार के नाम पर होता तो क्या विपक्ष इसी भांति चुप्पी साधे रहता।

पात्रा ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी के विषय में प्रधानमंत्री मोदी ने सत्य कहा और आज तक उसकी गूंज चल रही है। विपक्ष का एक-एक नेता देश के प्रधानमंत्री को गालियां दे रहा है ।

कणिमोझी का ममता ने किया समर्थन

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कोलकाता – पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को द्रमुक नेता कणिमोझी का समर्थन किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विपक्षी नेताओं के उत्पीड़न का आरोप लगाया। एक दिन पहले आयकर अधिकारियों ने कणिमोझी के आवास की तलाशी ली थी।

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में चुनावी रैली में ममता ने कहा, ‘देश के नेताओं से लोग प्यार करते हैं लेकिन मोदी पहले ऐसे नेता है जिनसे सभी भय खाते हैं। वह सीबीआई, ईडी और अन्य केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल लोगों को डराने के लिए कर रहे हैं। कल भी उन्होंने (केंद्र ने) आयकर विभाग अधिकारियों को द्रमुक प्रमुख एम.के.स्टालिन की बहन कणिमोझी के घर पर छापा मारने के लिए भेजा।’

उन्होंने कहा कि हर राज्य में मोदी सरकार वरिष्ठ विपक्षी नेताओं को परेशान कर रही है। ममता ने कहा कि मोदी ने तेलुगू देशम नेता चंद्रबाबू नायडू, वाईएसआर कांग्रेस नेता जगनमोहन रेड्डी को आंध्र में, स्टालिन को तमिलनाडु में, जनता दल (एस) के एच डी कुमारस्वामी को कर्नाटक में परेशान किया। उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, मायावती और अखिलेश यादव को भी नहीं छोड़ा। लालू यादव जेल में हैं। वह (मोदी) सभी का उत्पीड़न कर रहे हैं।

दिग्विजय सिंह के खिलाफ लड़ेंगी चुनाव साध्वी प्रज्ञा

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नई दिल्ली – महाराष्ट्र के मालेगांव बम ब्लास्ट केस में आरोपी बनाए जाने के बाद सुर्खियों में आईं साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को बीजेपी ने भोपाल संसदीय सीट से अपना उम्मीदवार बनाया है। प्रज्ञा ठाकुर बुधवार को ही मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में बीजेपी में शामिल हुईं और शाम तक उनकी उम्मीदवारी पर मुहर लग गई। प्रज्ञा ठाकुर भोपाल संसदीय सीट से कांग्रेस के दिग्गज नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को टक्कर देंगी। साध्वी प्रज्ञामैं औपचारिक तौर पर बीजेपी में शामिल हो गई हूं। मैं लोकसभा चुनाव लड़ूंगी और जीतूंगी।

भोपाल संसदीय क्षेत्र में दिग्विजय सिंह कोई चुनौती नहीं हैं। मेरा जीवन राष्ट्र के लिए समर्पित है, लिहाजा जो जरूरी होगा, वह करूंगी। साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, साल 2008 में महाराष्ट्र के मालेगांव बम ब्लास्ट केस में आरोपी बनाए जाने के बाद सुर्खियों में आई थी। हालांकि, कोर्ट ने उनके खिलाफ महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (मकोका) के प्रावधानों को हटा दिया, लेकिन उनके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत मुकदमा चलाया जा रहा है। प्रज्ञा ठाकुर को पिछले साल बॉम्बे हाई कोर्ट ने जमानत दे दी थी।

साध्वी प्रज्ञा सितंबर 2008 में हुए मालेगांव विस्फोट मामले में आरोपी हैं, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में वह नौ साल तक जेल में थीं और फिलहाल जमानत पर हैं।

लखनऊ से पूनम सिन्हा को सपा ने बनाया प्रत्याशी

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लखनऊ – समाजवादी पार्टी प्रदेश कार्यालय पर आज सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पूनम सिन्हा को लखनऊ का प्रत्याशी घोषित किया। शत्रुधन सिन्हा की पत्नी पूनम केंद्रीय गृहमंत्री और बीजेपी प्रत्याशी राजनाथ सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ेंगी। इस मौके पर अखिलेश यादव ने कहा कि पूनम सिन्हा का पार्टी में स्वागत है। प्रेस कांफ्रेन्स में अखिलेश यादव के साथ पूनम सिन्हा और डिंपल यादव भी मौजूद रहीं। अ​खिलेश ने कहा कि लखनऊ का चुनाव सिर्फ विकास के नाम पर लड़ा जाएगा।

रामपुर में जयाप्रदा पर आजम के बयान से पूरे देश मे घमासान मचा हुआ है। आजम खान के बयान पर अखिलेश यादव ने सफाई देते हुए कहा कि सबसे ज्यादा महिलाओं को सम्मान समाजवादियों ने दिया है, भाजपा मुद्दे से भटकाती है। अखिलेश ने आगे कहा कि आजम खान के किसी शब्द को उठाकर बेवजह बहस कर रहे हैं।

वहीं, डिम्पल यादव ने आजम के बयान पर कहा कि महिलाओं के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी अच्छी नहीं है। मीडिया ने भाजपा नेता दयाशंकर का मुद्दा मायावती के खिलाफ क्यों नहीं उठाया था। अखिलेश ने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि स्मार्ट सिटी के जगह पूरे शहर स्मार्ट काऊ दिख रही है।

अखिलेश यादव ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा जिससे घोषणा पत्र पढ़वाती, उसी के साथ साजिश करती है और वो गायब हो जाता है। वहीं, इलेक्शन कमिशन के बैन के बाद मुख्यमंत्री के प्रोग्राम पर अखिलेश ने मीडिया पर भी साधा निशाना। उन्होंने कहा जो मीडिया उनको अपने चैनल पर दिखाता है, उनपर कार्रवाई होना चाहिए।