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सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की रमजान के दौरान वोटिंग का समय बदलने की मांग वाली याचिका

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नई दिल्ली – लोकसभा चुनाव के लिए रमजान के दौरान मतदान का समय बदलने को लेकर दाखिल की गई याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है बताया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने इस तरह का आदेश देने से इंकार कर दिया रमजान के दौरान वोटिंग का समय बदलने की मांग वाली याचिका खारिज, सुप्रीम कोर्ट ने आदेश देने से किया इनकार

आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में मतदान का समय सुबह 7:00 बजे से बदलकर 4:30 या 5:00 बजे करने की अपील करी गई थी। आपको बता दें कि सोमवार को रमजान के दौरान मतदान का समय सुबह 5:00 बजे करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई करी और इससे पहले निर्वाचन आयोग में रमजान के दौरान सुबह 7:00 बजे की जगह 4:30 या 5:00 बजे मतदान कराने की अपील को ठुकरा दिया था वही बता दे कि इस मामले को लेकर आयोग के वकील ने जाम उद्दीन पाशा की अपील पर विचार करने के बाद को पत्र लिखकर सूचित किया गया कि समय में बदलाव मुमकिन नहीं है।

आपको बता दें कि आयोग ने वकील निजाम उद्दीन पाशा की अपील पर विचार करने के बाद यह निर्णय लिया है वहीं आपको बता दें कि आशा इस आशय की याचिका को लेकर सुप्रीम कोर्ट गए थे सुप्रीम कोर्ट ने यह मामला निर्वाचन आयोग के समक्ष ले जाने के लिए कहा था साथी आयोग को यह अदाएं दी थी कि इस बाबत जल्द फैसला किया जाना चाहिए।

हिंदू था आजाद भारत का पहला आतंकी : कमल हासन

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नई दिल्ली – अभिनेता से नेता बने कमल हसन ने एक विवादित बयान दे दिया है कमल हसन ने विवादित बयान देने वाली नेताओं की सूची में शामिल हो गए हैं बताया जा रहा है कि उन्होंने रविवार की रात को तमिलनाडु में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आजाद भारत का पहला आतंकी हिंदुत्व उसका नाम नाथूराम गोडसे था और वहीं से देश के आतंकवाद की शुरुआत हुई है।

बताया जा रहा है कि मकर निधि मनीम के संस्थापक कमल हासन ने कहा है कि मैं ऐसा इसलिए नहीं बोल रहा हूं कि यह मुसलमान बहुल इलाका है बल्कि मैं यह बात महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने बोल रहा हूं मैं उस हत्या का जवाब खोजने आया हूं जिसका में एक स्वाभिमानी भारतीय हूं जो सामान्यता वाला भारत चाहता था आपको बता दें कि नाथूराम गोडसे ने भारत व्रत के राष्ट्रपिता कहे जाने वाले महात्मा गांधी की हत्या करी थी और उसी को लेकर सवाल खड़े करते हुए कमल हासन ने नाथूराम गोडसे को भारत का पहला हिंदू आतंकवादी बताया है।

भैया को दादी की मीडिया में आई खबरों के अनुसार बताया जा रहा है कि भारतीय जनता पार्टी ने इस मामले को लेकर चुनाव आयोग में भी कमल हसन की शिकायत दर्ज कराई है वहीं पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने आयोग से इस बात पर बाबत अर्जी देते हुए कमल हसन पर प्रतिबंध लगाने की मांग भी करी है।

वहीं आपको बता दें कि इस मामले को लेकर चुनाव के आखिरी चरण 19 मई को तमिलनाडु की 4 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए मतदान भी होना है।

भारत में मोदीजी भाषण करते हैं, तो इमरान का पसीना छूटता है : योगी आदित्यनाथ

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महराजगंज – यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को महराजगंज जिले के बृजमनगंज में भाजपा उम्मीदवार पंकज चौधरी के समर्थन में चुनावी जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री भारत में भाषण करते हैं तो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को पसीना छूटता है।

उन्होंने कहा कि सपा-बसपा व कांग्रेस से पूछना चाहिए कि मोदी ने पांच साल में 4 करोड़ लोगों को बिजली कनेक्शन दिलाये, 37 करोड़ के खाते खोले गए। कांग्रेस ने 55 साल में क्या किया, कितनों को मकान दिया। कितनों को बिजली दी। 55 वर्षों तक हिंदुस्तान में शासन करने वाली कांग्रेस ने 2005 में सुप्रीम कोर्ट में शपथ पत्र दाखिल करते हुए राम और कृष्ण पर सवाल खड़ा कर दिया था। कांग्रेस ने उस शपथ पत्र में साफ-साफ लिखा था कि राम और कृष्ण का अस्तित्व ही नहीं था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाराजगंज की जनता का आह्वान करते हुए कहा कि जो कांग्रेस आपके श्री राम और कृष्ण की नहीं हो सकती, क्या आप उसे वोट करोगे। पूर्ववर्ती सपा सरकार पर निशाना साधते हुए उन्‍होंने कहा कि अखिलेश यादव ने अपनी सरकार में आतंकवादियों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए। गठबंधन के लोग बौखला गए हैं, उनका जनाधार खिसक चुका है। अब बौखलाहट में इसके लोग गाली गलौज पर उतर रहे हैं।

सपा-बसपा कार्यकर्ताओं को रेड कार्ड जारी करा रही है भाजप : अखिलेश

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लखनऊ – समाजवादी पार्टी(सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी(भाजपा)पर आराेप लगाया है कि सपा-बसपा कार्यकर्ताओं को रेड कार्ड जारी किये जा रहे है ताकि वे वोट न डाल सके।

यादव ने शनिवार को यहा जारी बयान में कहा कि भाजपा रेड कार्ड के जरिए चुनाव जीतना चाहती है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे सपा-बसपा कार्यकर्ताओं को अधिक से अधिक रेड कार्ड जारी करें ताकि वे वोट न कर सकें । श्री यादव आजमगढ़ लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं जहां उनका मुकाबला भोजपुरी अभिनेता और भाजपा उम्मीदवार दिनेश लाल यादव उर्फ ​​निरहुआ से होगा। इस सीट पर रविवार को मतदान होगा।

उन्होंने कहा कि सपा-बसपा कार्यकर्ताओं को रेड कार्ड जारी किए जा रहे हैं। उन्हें वोट डालने से रोका जा रहा है। हमने पिछली बार कन्नौज सीट पर हुये मतदान के दौरान चुनाव आयोग से शिकायत की थी।

श्री यादव ने कहा कि क्या लाल कार्ड सपा-बसपा को ही जारी किए जाएंगे। क्या भाजपा में हर कोई साफ है। उस पार्टी में क्या कोई ऐसा अपराधी पृष्ठभूमि वाला नहीं है जिसे रेड कार्ड जारी किया जा सके। भाजपा लोगों को डराने की साजिश कर रही है ताकि वे अपना वोट न डालें।

सपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री और भाजपा दूसरों को उन चीजों के लिए दोषी ठहराते हैं जो वे करते हैं या करना चाहते हैं। भाजपा जाति आधारित राजनीति कर रही है। विभिन्न जातियों और धर्मों के बीच नफरत फैलाने की राजनीति कर रही है। उनकी सरकार झूठ और घृणा पर आधारित है। गठबंधन ने उस सरकार को ध्वस्त करने का फैसला लिया है जो घृणा पर बनी थी।

गौतम गंभीर को अरविंद केजरीवाल ने भेजा कानूनी नोटिस

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नई दिल्ली – दिल्ली की मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक ट्विट के संदर्भ में पूर्वी दिल्ली से बीजेपी उम्मीदवार और पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर को कानूनी नोटिस भेजा है। बता दें कि गौतम गंभीर ने कहा था कि मुझे शर्म आती है कि केजरीवाल हमारे सीएम हैं। गंभीर ने कहा कि अरविंद केजरीवाल मैं किसी महिला और वह भी अपनी सहयोगी का अपमान करने के आपके कृत्य से घृणा करता हूं।

वह भी चुनाव जीतने के लिए? श्रीमान मुख्यमंत्री आप गेंदे हैं और आपके दिमाग को साफ करने के लिए किसी को आपकी झाड़ू की जरूरत पड़ेगा। केजरीवाल ने जो नोटिस भेजा है उसमें उन्होंने लिखित रूप से तत्काल माफी मांगने की बात कही है और 24 घंटे के भीतर समाचार पत्रों और सोशल मीडिया पर सही तथ्यों के साथ प्रकाशित करने के लिए कहा गया है।

इधर गौतम गंभीर ने भी पूर्वी दिल्ली सीट से अपने विरोधी और AAP उम्मीदवार आतिशी के खिलाफ आपत्तिजनक पर्चे कथित रूप से बांटे जाने में संलिप्तता के आरोप लगाए जाने के बाद बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और आतिशी को एक नोटिस भेजा है उनसे माफी मांगने के लिए कहा है। गौतम गंभीर की नोटिस में तीनों लोगों से कहा गया है कि वे गंभीर के खिलाफ अपने आरोप वापस लें और बिना शर्त माफी मांगे।

बता दें कि पर्चे बांटे जाने के आरोप पर गौतम गंभीर ने कहा कि यदि आरोप साबित होत जाता है कि मैंने वह किया तो मैं तुरंत अपनी उम्मीदवारी वापस ले लूंगा। और यदि नहीं तो क्या आप राजनीति छोड़ेंगे? इस मुद्दे को लेकर गौतम गंभीर ने कई ट्वीट करते हुए केजरीवाल पर निशाना साधा है।

यात्राओं पर पीएम और मंत्रियों ने खर्च किए गए 393 करोड़ : आरटीआई

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मुंबई – सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत खुलासा हुआ है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनकी कैबिनेट ने पिछले पांच वर्ष में विदेशी और घरेलू यात्रा पर 393 करोड़ रुपये खर्च किए। महानगर के आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में आरटीआई दायर कर प्रधानमंत्री और उनके कैबिनेट द्वारा मई 2014 से अब तक कुल विदेशी यात्रा खर्च और घरेलू यात्रा खर्च की जानकारी मांगी थी।

मोदी सरकार ने दिसम्बर 2018 में राज्यसभा में विदेशी यात्रा खर्च पर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा था कि चार्टर्ड विमानों, विमानों की देखरेख और मोदी की विदेश यात्रा के दौरान के हॉटलाइन सुविधाओं पर जून 2014 से 2021 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुए हैं।

गलगली की तरफ से दायर आरटीआई में खुलासा हुआ कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनकी कैबिनेट ने विदेश दौरे पर 263 करोड़ रुपये खर्च किए जबकि घरेलू दौरे में 48 करोड़ रुपये खर्च हुए।

आरटीआई में जानकारी दी गई है कि राज्यमंत्रियों ने विदेशी दौरे पर 29 करोड़ रुपये और घरेलू दौरे पर 53 करोड़ रुपये खर्च कि। कैबिनेट मामलों के भुगतान एवं लेखा कार्यालय के वरिष्ठ लेखा अधिकारी सतीश गोयल ने सवालों के जवाब में कहा कि वित्त वर्ष 2014-15 से 2018-19 तक प्रधानमंत्री और मंत्रियों के विदेशी दौरे और घरेलू दौरे पर कुल खर्च 393।58 करोड़ रुपये हुए।

ई-लेखा रिपोर्ट का हवाला देते हुए गोयल ने कैबिनेट मंत्रियों, प्रधानमंत्री और राज्यमंत्रियों के खर्च का अलग-अलग ब्यौरा दिया। आरटीआई के जवाब के मुताबिक कैबिनेट मंत्रियों और प्रधानमंत्री ने विदेशी और घरेलू दौरे में 311 करोड़ रुपये खर्च किए जबकि राज्यमंत्रियों ने 82 करोड़ रुपये खर्च किए।

न तो अटल-आडवाणी की थी और न कभी मोदी-शाह की होगी भाजपा : गडकरी

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नई दिल्ली – केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भारतीय जनता पार्टी के व्यक्ति- केन्द्रित पार्टी बन जाने की धारणा को खारिज करते हुये कहा कि भाजपा विचारधारा पर आधारित पार्टी है। उन्होंने कहा, ”यह पार्टी न कभी केवल अटल जी की बनी, न कभी आडवाणी जी की और न ही यह कभी केवल अमित शाह या नरेंद्र मोदी की पार्टी बन सकती है।” उन्होंने कहा, ”भाजपा विचारधारा पर आधारित पार्टी है और यह कहना गलत है कि भाजपा मोदी-केन्द्रित हो गयी है। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व अध्यक्ष ने लोकसभा चुनावों में खंडित जनादेश की आशंकाओं को भी खारिज किया और दावा किया कि भाजपा को पिछली बार से भी अधिक सीटें मिलेंगी।

गडकरी ने एक साक्षात्कार में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं भाजपा दोनों एक दूसरे के पूरक हैं। इस सवाल के जवाब में कि क्या भाजपा में ‘इंदिरा इज इंडिया एन्ड इंडिया इज इंदिरा’ की तर्ज पर ‘मोदी ही भाजपा और भाजपा ही मोदी’ वाली स्थिति हो गयी है, गडकरी ने कहा, ”भाजपा जैसी पार्टी व्यक्ति-केन्द्रित कभी नहीं हो सकती है। यह विचारधारा पर आधारित पार्टी है। हमारी पार्टी में परिवार राज नहीं हो सकता। यह धारणा गलत है कि भाजपा मोदी केन्द्रित हो गयी है। पार्टी का संसदीय दल है जो सभी अहम फैसले करता है। उन्होंने तर्क दिया कि पार्टी और उसका नेता एक दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने कहा, “पार्टी बहुत मजबूत हो, लेकिन नेता मजबूत नहीं है तो चुनाव नहीं जीता जा सकता है। इसी तरह नेता कितना भी मजबूत हो लेकिन पार्टी मजबूत नहीं होने पर भी काम नहीं चलेगा।।। हां, यह सही है जो सबसे लोकप्रिय जननेता होता है वह स्वाभाविक रूप से सामने आता ही है। उन्होंने कहा, ”चुनाव में जातिवाद और सांप्रदायिकता का जहर घोल कर हमारे विकास के एजेंडे को बदलने की कोशिश विरोधियों ने की है। मुझे यकीन है कि जनता विकास के साथ रहेगी और हम पूर्ण बहुमत के साथ फिर से सरकार बनायेंगे। गडकरी ने कहा, ”जहां तक राष्ट्रवाद को मुद्दा बनाने की बात है तो यह हमारे लिये मुद्दा नहीं है, यह हमारी आत्मा है। बेहतर शासन-प्रशासन और विकास हमारा मिशन है और समाज में शोषित, पीड़ित और पिछड़ों को केन्द्रबिंदु मानकर उन्हें रोटी- कपड़ा – मकान देना हमारा उद्देश्य है।” विपक्ष के इस आरोप पर कि भाजपा पांच वर्ष की नाकामियां छिपाने के लिए इस तरह के भावनात्मक मुद्दे उठा रही है, गडकरी ने कहा ”हमने इसे मुद्दा कतई नहीं बनाया।” उन्होंने कहा, ”हर चुनाव में देश की सुरक्षा पर हमेशा चर्चा हुई है। प्रधानमंत्री के भाषणों में पाकिस्तान और सेना का बार-बार जिक्र करने का बचाव करते हुए गडकरी ने कहा, “दरअसल हाल ही में पाकिस्तान की आतंकवादी गतिविधियों का जवाब भारत को देना पड़ा। ये विषय जब सामने आये तो आंतरिक और बाह्य सुरक्षा से जुड़े इस विषय पर चर्चा होना स्वाभाविक है। इसलिये राष्ट्रवाद को हमने मुद्दा नहीं बनाया है, बल्कि मीडिया ने बालाकोट सैन्य कार्रवाई पर उठे सवालों को चर्चा में लाकर इसे मुद्दा बना दिया।

पांच साल में सरकार की उपलब्धियों के सवाल पर गडकरी ने कहा कि मोदी सरकार ने देशहित में राष्ट्रीय राजमार्ग, हवाईअड्डे, अंतरदेशीय जलमार्ग जैसी बड़ी-बड़ी योजनायें शुरु कीं। इससे बहुत बड़ा बदलाव दिखा। साथ ही उज्ज्वला योजना से लेकर जनधन, मुद्रा और आयुष्मान योजना तक और फसल बीमा से लेकर प्रधानमंत्री आवास योजना तक सभी के बहुत अच्छे परिणाम देखने को मिले। उन्होंने कहा, ”मुझे लगता है कि जितने काम 50 साल में नहीं हुये थे, वे काम पांच साल में होते देख, जनता ने एक मजबूत विकल्प के रूप में इस बार भी हमें चुनने का फैसला कर लिया है।” यह पूछे जाने पर कि सरकार की उपलब्धियों का जिक्र होने पर सिर्फ उनके मंत्रालय (सड़क परिवहन, जहाजरानी एवं गंगा) के कामों की ही चर्चा होती है, उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है, सभी मंत्रालयों में काम हुआ है। उन्होंने कहा, “मुझे लाभ जरूर मिलता है कि क्योंकि मेरे विभागों के काम दिखते हैं। यह पूछे जाने पर कि रोजगार में तेजी से आयी गिरावट और आर्थिक मंदी की हकीकत से क्या सरकार चिंतित नहीं है, गडकरी ने कहा, ”अकेले मेरे विभाग में 17 लाख करोड़ रुपये के काम हुये। इनमें 11।5 लाख करोड़ रुपये के काम सड़कों के हुए हैं। उन्होंने कहा, ”देश के कुल सीमेंट उत्पादन का 40 प्रतिशत सीमेंट वह (सरकार) खरीदते हैं तो इससे कहीं न कहीं रोजगार तो सृजित हुआ ही है। उन्होंने दलील दी कि सभी बंदरगाह लाभ की स्थिति में हैं और नौवहन से कारोबार शुरु होने से भाड़े की लागत कम होगी।

गडकरी ने कहा कि जब लागत कम हो रही हो, रोजगार पैदा हो रहे हों तो मंदी की बात कहां है। उन्होंने यह भी कहा कि इसके अलावा वैश्विक मंदी का भी तकाजा होता है और यह विश्व बाजार में उतार चढ़ाव (चक्र) की एक सामान्य प्रक्रिया का परिणाम होता है। यह पूछे जाने पर कि पुलवामा हमले में खुफिया तंत्र की नाकामी को लेकर व्याप्त भ्रम की स्थिति अब भी बरकरार है और क्या इस बारे में किसी की जिम्मेदारी तय करने के लिए सरकार में कभी कोई चर्चा हुयी, गडकरी ने कहा, “किसी भी देश में आतंकवादी घटनाओं को खुफिया तंत्र की विफलता के नजरिये से नहीं देखा जाता है। यह लंबी लड़ाई है। अमेरिका, जर्मनी और फ्रांस सहित तमाम देशों में आतंकवादी घटनायें हुयीं। उन्हें खुफिया तंत्र की विफलता कहना आसान है। खुफिया संगठनों में भी दैवीय व्यवस्था नहीं बल्कि मानवीय व्यवस्था कायम है। इसलिये मुझे लगता है कि यह खुफिया विफलता का मामला नहीं है। जहां तक सरकार में इस पर चर्चा का सवाल है तो ऐसे मुद्दे गोपनीय होते हैं। यह कहे जाने पर कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भाजपा को चुनौती दी है कि वह नोटबंदी एवं जीएसटी जैसे फैसलों पर चुनाव लड़े और क्या वह मानते हैं कि यह बड़ी उपलब्धियां नहीं है, गडकरी ने जवाब दिया, “कालेधन के खिलाफ जो बड़े फैसले किये गये, नोटबंदी उनमें से एक था। सच्चाई यह है कि इससे अर्थव्यवस्था में पारदर्शिता आयी है। विदेशों में पैसा जमा करने वाली बात भी इससे खत्म हुयी है।” उन्होंने कहा, ”जीएसटी भी स्वाधीनता के बाद का सबसे बड़ा आर्थिक सुधार है और नोटबंदी ने काले धन पर नकेल कसी है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, “हम अपने सभी प्रमुख फैसलों का जिक्र करते हैं। कुछ नीतियां ऐसी होती है जिसके परिणाम लंबे समय के बाद मिलते हैं। इन विषयों पर जनता भी चर्चा कर रही है और जनता को ही फैसला भी करना है।” यह कहे जाने पर कि कई जानकार लोग मान रहे हैं कि चुनावों में किसी भी दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिलने वाला है, गडकरी ने कहा, ”भाजपा को पिछले चुनाव से ज्यादा सीट मिलेंगी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के सहयोगियों की सीटें भी बढ़ेंगी, जिसके बलबूते भाजपा सरकार बनायेगी।

एक भयंकर फासिस्ट राजनीतिक दल है बीजेपी : ममता बनर्जी

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कोलकाता – पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लड़ने की क्षमता केवल तृणमूल कांग्रेस के पास है। पूरे देश को डरा कर रखा है, डर के मारे कोई अपनी ज़ुबान नहीं खोलता है। आज भी कोई नेशनल मीडिया मोदी के खिलाफ एक बात नहीं बोलती है। जब भी आप टीवी खोलेंगे तब सिर्फ मोदी मोदी मोदी देखेंगे। सारे इंस्टीटूशन को आरएसएस, बीजेपी ने अपने कब्ज़े में ले लिया है। पांच साल मोदी सरकार ने यही सब काम किये हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि जन धन के नाम पर इतना बड़ा घोटाला क्यों किया? कोई नहीं जानता। पैसे किसको और कैसे मिले ये कोई नहीं जानता। सारा पैसा बीजेपी की पॉकेट में गया है। राफेल चोरी का कितना पैसा मिला? एक बार भी नहीं पूछेंगे। पेट्रोल, डीज़ल, गैस के दाम कितनी बार बढ़ाए? चुनाव के बाद दोबारा बढ़ा देंगे।

ममता बनर्जी ने कहा कि देश के लिए और क्या किया? गौरक्षक वाहिनी बनाया। इन लोगों ने लोगों की हत्या कर दी। उत्तर प्रदेश में कितनों का खून किया। राजस्थान, गुजरात में कितनी हत्याएं की? जवाब दो। बंगाल में हम ये सब नहीं होने दिया। यूपी में लिंचिंग सिंडिकेट के नाम पर कितने लोगों की हत्या की? हमारे यहां से मजदूर राजस्थान गए थे। उन्हें मारकर वीडियो वायरल कर दिया और कहा की मारा ठीक किया, उसे आपने नेता बना दिया। जिसने महात्मा गांधी की हत्या की, वह आज इनका नेता बन गया। आज नाथूराम गोडसे बीजेपी का नेता बन गया। क्या इस पार्टी को रहने का अधिकार है?

सीएम ममता ने कहा कि बंगाल से कितना टैक्स लेते हो? 50 हजार करोड़ से ज़्यादा लेते हो, तुम बंगाल से सेज़ कितना लेते हो, कस्टम्स लेते हो और बंगाल को सिर्फ 7 प्रतिशत देते हो। तुम बंगाल से कोई पैसा मत लो हमें भी तुम्हारा पैसा नहीं चाहिए। तुम बंगाल से 7 परसेंट लेते हो और बोलते हो यह तुम्हारा पैसा है। तुम्हारी पार्टी का पैसा है। तुम्हारे पॉकेट का पैसा है? जनता के पैसे को अपना पैसा बोलते हो?

ममता बनर्जी ने कहा कि फोनी जहां अपना फन उठाने वाली थी, बंगाल में मैं वह पर बैठी थी की पहले यह फन मेरी तरफ उठे उसके बाद मैं कूदूंगी। मोदी बाबू आप उस दिन चुनावी रैली कर रहे थे और अगले दिन आप झारग्राम में सभा करने वाले थे। कहीं पर फोन करके कह दिया की मैंने उनसे फ़ोन पर बात नहीं की। बात कहां से करती मैं तो खड़गपुर में थी। आपको मेरा मोबाइल नंबर नहीं पता क्या? रोज़ मेरा फोन टैप करते हो, कौन मेरे से बात कर रहा है, कौन कितने मैसेज करता है सब तुम्हारी आईबी पकड़ लेती है।

ये शख्स प्रधानमंत्री बनकर भी नहीं भूला अपना पेशा

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कम ही लोग होते हैं जो प्रधानमंत्री बनकर भी अपने पुराने पेशे को ना सिर्फ निभाएं बल्कि उसके ज़रिए अपना तनाव भी खत्म करें। मिलिए इस शख्स से। आजकल भूटान के प्रधानमंत्री लोटे शेरिंग खूब चर्चा में हैं। अपनी खुशमिजाजी के लिए वैसे तो शेरिंग लोकप्रिय हैं ही मगर आजकल उनका एक और रूप मशहूर हो रहा है।
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मालूम चला है कि 50 साल के शेरिंग अपना तनाव कम करने के लिए डॉक्टर के तौर पर सेवाएं देते हैं। वो बाकायदा सर्जरी तक अंजाम देते हैं। 50 साल के शेरिंग का कहना है कि कुछ लोग गोल्फ खेलते हैं, कुछ तीरंदाज़ी करते हैं मगर मुझे ऑपरेशन करना पसंद है। मैं वीकेंड अस्पताल में बिताता हूं। दरअसल भूटान वासियों के लिए ये हैरतभरा नहीं है। वो अपने पीएम के इस रूप से परिचित हैं। हर वीकेंड पर शेरिंग को जिगमे दोरजी वांगचुक नेशनल रेफरल अस्पताल में देखा जाता है।
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आपको बता दें कि भूटान दुनिया का पहले देश है जहां खुशी को सरकार के लक्ष्य के तौर पर संविधान में शामिल किया गया है। सरकार लोगों के तनाव को कम करने और जीवन को खुशहाल बनाने पर ज़ोर देती है। फाइव डे अ वीक के फॉर्मूले को ना सिर्फ आम नागरिक अपनाते हैं बल्कि शेरिंग भी अपनाते हैं। यही वजह है कि वो एक दिन यानि शनिवार अस्पताल में बिताते हैं और दूसरा दिन यानि रविवार परिवार के साथ। शेरिंग खुशी के साथ बताते हैं कि वो पूरी ज़िंदगी ऐसा करते हुए ही बिताना चाहेंगे।
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7 नवंबर 2018 को शेरिंग प्रधानमंत्री पद पर बैठे थे। अगले ही महीने उन्होंने अपना पहला विदेशी दौरे के लिए भारत को चुना था। उन्होंने ढाका यूनिवर्सिटी से डॉक्टरी पढ़ी थी। इसके अलावा उन्होंने विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्कॉलरशिप पर अमेरिका में भी पढ़ाई की। जब वो देश लौटे तो भूटान के अकेले यूरोलॉजिस्ट थे। 2010 में उन्होंने सिंगापुर और जापान से भी फैलोशिप हासिल की। ऑस्ट्रेलिया से उन्होंने एमबीए की डिग्री हासिल की। उन्होंने शादी भी एक डॉक्टर से ही की। फिलहाल दंपति की एक बेटी है। वहीं एक बेटी और बेटा उन्होंने गोद भी लिया है।

SBI का होम, ऑटो और पर्सनल लोन हुआ सस्ता

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नई दिल्ली – देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने ग्राहकों को बड़ा तोहफा देने का ऐलान किया है। बैंक ने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट (एमसीएलआर) घटाने की घोषणा कर बड़ी राहत दी है। इसके बाद बैंक का होम लोन, ऑटो लोन और पर्सनल लोन सस्ता हो जाएगा। एमसीएलआर घटने से आम आदमी को सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि उसका मौजूदा लोन सस्ता हो जाता है और उसे पहले की तुलना में कम श्वरूढ्ढ देनी पड़ती है। आपको बता दें कि 10 अप्रैल को भी बैंक ने 0।10 फीसदी तक ब्याज दरें घटाई थी। आरबीआई की बैठक में रेपो रेट 0।25 फीसदी घटाने का फैसला हुआ था। इसके बाद कई सरकारी बैंक ब्याज दरें घटाने ऐलान कर चुके है। आरबीआई की अगली बैठक जून महीने में होगी।

एसबीआई ने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट में 0।05 फीसदी की कटौती की है। एक साल के कर्ज पर एमसीएलआर 8।50 फीसदी से घटाकर 8।45 फीसदी पर आ गई हैं। एसबीआई 1 मई से लोन को लेकर बड़ा बदलाव कर चुका है। बैंक ने रेपो रेट को बैंक दरों से जोड़ दिया है। यह फैसला एक लाख रुपये से ज्यादा के लोन पर लागू हैं।नए नियम लागू होने के बाद एक लाख रुपये तक के डिपोजिट पर 3।5 फीसदी इंटरेस्ट मिल रहा है। वहीं, 1 लाख रुपये से अधिक के डिपोजिट पर यह इंटरेस्ट रेट 3।25 फीसदी है।

आरबीआई मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही में रेपो रेट में 0।25% और कटौती करने पर विचार कर सकती है। कोटक इकोनॉमिक रिसर्च में यह उम्मीद जताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक घरेलू विकास दर की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए रिजर्व बैंक आगे भी ब्याज दर घटाने का फैसला ले सकता है। इस महीने के पहले हफ्ते में हुई बैठक में भी 0।25त्न की कमी की गई थी।