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अपने चाचा शरद पवार से अलग है EVM पर अजित पवार की राय

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पुणे: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार और उनके भतीजे अजित पवार की ईवीएम के उपयोग पर अलग-अलग राय हैं। अजित पवार का कहना है कि उन्हें ईवीएम मशीन के कामकाज को लेकर कोई संदेह नहीं है।

अजित पवार ने बीजेपी का नाम लिए बगैर कहा कि अगर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में छेड़छाड़ की जा सकती है तो वे पांच राज्यों में चुनाव नहीं हारते। महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री ने राज्यों का नाम नहीं बताया।

बता दें पिछले साल नवंबर और दिसंबर में राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में विधानसभा चुनाव हुए थे। बीजेपी ने राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में सत्ता गंवा दी थी और अन्य दो राज्यों में भी अपनी छाप छोड़ने में असफल रही।
एनसीपी प्रमुख शरद पवार उन प्रमुख विपक्षी नेताओं में से हैं, जो चुनावों में ईवीएम के उपयोग पर सवाल उठाते रहे हैं और फिर से मतपत्रों के जरिए चुनाव कराने का पक्ष लेते रहे हैं। पिछले हफ्ते भी उन्होंने ईवीएम को लेकर चिंता व्यक्त की थी।

अजित पवार ने कहा,’कई लोगों को ईवीएम पर संदेह है। उन्हें लगता है कि इसमें छेड़छाड़ की जा सकती है, जो लोकतंत्र के लिए हानिकारक है।’ उन्होंने कहा, ‘मुझे ऐसा नहीं लगता है, लेकिन ये लोग ऐसा कहते रहते हैं। अगर ऐसा होता, तो वे (बीजेपी) पांच राज्यों में चुनाव नहीं हारते।’

यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने ईवीएम का बचाव किया है। पिछले साल 30 अक्टूबर को नागपुर में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए, अजित पवार ने कहा था कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से इन मशीनों पर भरोसा है।

मैं वापस करना चाहता था ‘पद्मश्री’ : सैफ अली खान

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अभिनेता सैफ अली खान ने कहा कि वर्ष 2010 में मिले भारत के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘पद्मश्री’ को वह वापस करना चाहते थे। अरबाज खान के चैट शो ‘पिंच’ के दौरान सैफ को लेकर किए गए ट्वीटों पर चर्चा हो रही थी। उन्हीं में से एक ट्वीट में कहा गया था, ‘पद्मश्री खरीदने वाले, अपने बेटे का नाम तैमूर रखने वाले और एक रेस्टोरेंट में मारपीट करने वाले इस ठग को कैसे ‘सेक्रेड गेम्स’ में भूमिका मिल गई? यह मुश्किल से अभिनय कर पाता है।’

इस पर प्रतिक्रिया करते हुए सैफ ने कहा, ‘मैं ठग नहीं हूं.. ‘पद्मश्री’ को खरीदना संभव नहीं है। मेरे लिए यह संभव ही नहीं है कि मैं भारत सरकार को घूस दे सकूं। इसके लिए आपको वरिष्ठ लोगों से पूछना पड़ेगा। लेकिन मैं इसे स्वीकार नहीं करना चाहता। उन्होंने कहा, ‘फिल्मों की दुनिया में कई वरिष्ठ अभिनेता हैं जो मुझसे ज्यादा इस सम्मान के हकदार हैं और उन्हें यह नहीं मिला है। वैसे ही कुछ ऐसे लोग भी हैं जिनके पास यह सम्मान है और वह इसे रखने के लिए मुझसे भी ज्यादा नीचे हैं।’

सैफ ने कहा कि उन्होंने मन ही मन अपने दिवंगत पिता मंसूर अली खान पटौदी से बात की और अपने विचारों को बदला। उन्होंने कहा, ‘मैं इसे वापस करना चाहता था। मैं इसे लेना नहीं चाहता था। मेरे पिता ने मुझ से कहा, ‘मुझे नहीं लगता किीतुम भारत सरकार को मना कर सकते हो।’ इसलिए मैंने हां कर दी और खुशी से इसे रख लिया।’

उन्होंने आगे कहा, ‘मैं इसे इस तरह से देखता हूं कि मैं समय की आशा करता हूं.. क्योंकि मैंने अभी काम करना बंद नहीं किया है और मैं अभिनय करना पसंद करता हूं, मैं ठीक ठाक काम कर रहा हूं। मैं खुश हूं जो हो रहा है.. मैं उम्मीद करता हूं, जब लोग पीछे देखेंगे तो कहेंगे कि इसने जो काम किया है उसके लिए यह इस सम्मान के लायक है।’

‘पिंच’ के दौरान, सैफ ने भी एक ट्रोलर का करारा जवाब दिया, जिसने उनसे ‘नवाब’ होने के बारे में सवाल किया। एक ट्रोल ने उनसे ‘नवाब’ होने और अभी भी ‘हुकूमत’ करने पर सवाल उठाया था। इसे पढ़ने के बाद सैफ ने चुटकी ली, ‘मुझे नवाब बनने में कभी दिलचस्पी नहीं थी। मैं कबाब खाना पसंद करता हूं।’

17 मई को दस चुनावी रैलियों में होंगे शामिल सिद्धू

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बठिंडा – कैप्टन अमरिंदर सिंह और कांग्रेस प्रभारी आशा कुमारी के साथ चलते मतभेदों की वजह से पंजाब में चुनाव प्रचार से किनारा कर चुके केबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के दखल के बाद अब एक दिन के लिए पंजाब में पार्टी का चुनाव प्रचार करने के लिए राजी हो गए हैं। सिद्धू 17 मई को बठिंडा में कांग्रेस प्रत्याशी राजा वारिंग के समर्थन में दस चुनावी रैलियों में भाग लेंगे।

हालांकि, इससे पहले कैप्टन से नाराजगी से चलते सिद्धू एक तरीके से पंजाब में पार्टी के चुनाव प्रचार से किनारा ही कर रहे थे। सोमवार को जब राहुल गांधी पंजाब आए तो भीड़ को आकर्षित करने में माहिर सिद्धू रैलियों से नदारद रहे। इसके बाद सिद्धू के कार्यालय ने कहा कि लगातार बोलते रहने के कारण उनका गला खराब हो गया है। मंगलवार को सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू ने बताया कि पंजाब में मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने उन्हें प्रचार नहीं करने के लिए कहा है। पंजाब में प्रचार करने की अनुमति नहीं देने के लिए पार्टी की पंजाब प्रभारी आशा कुमारी को भी जिम्मेदार ठहराया, जिससे सिद्धू व कैप्टन में चल रहे टकराव का मामला सुर्खियों में आया।

सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर ने पत्रकारों से कहा, ‘कैप्टन साब छोटे कैप्टन हैं और राहुल गांधी सबसे बड़े कैप्टन हैं और उन्होंने उन्हें (सिद्धू) अन्य राज्यों में जिम्मेदारी दी है और नवजोत (सिद्धू) वहां चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं।’ नवजोत कौर ने कहा, ‘जब कैप्टन साब और आशा कुमारी ने सभी (13) सीटों पर पार्टी की जीत सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी ली है, तो फिर पंजाब में चुनाव प्रचार के लिए नवजोत (सिद्धू) की क्या जरूरत है।’ कौर ने पार्टी की ओर से उनके प्रति अपनाए गए व्यवहार के प्रति नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, ‘मैं अमृतसर (लोकसभा सीट) से चुनाव लड़ने की इच्छुक थीं, लेकिन मुझे टिकट देने से इनकार कर दिया गया। वास्तव में मुझे टिकट नहीं दिए जाने के लिए अमरिंदर सिंह जिम्मेदार हैं।’ पंजाब की 13 लोकसभा सीटों के लिए 19 मई को मतदान होना है।

इस सबके बीच मंगलवार को ही जब प्रियंका गांधी बठिंडा में राजा वारिंग की रैली में पहुंची तो अचानक उनके साथ नवजोत सिंह सिद्धू भी मंच पर देखे गए। हालांकि, इससे पहले उनके कार्यालय की ओर से बताया जा रहा था कि सिद्धू पटना जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि मंच पर ही राजा वारिंग ने सारे हालात के बाद प्रियंका गांधी को बताया। उसके बाद प्रियंका गांधी ने मंच पर ही सिद्धू से बात कर उन्हें मनाया।

प्रियंका गांधी के दखल के बाद सिद्धू नरम पड़े व मंच पर अपने संबोधन में प्लान किया कि प्रिंयका गांधी के आदेश के बाद वह 17 मई को बठिंडा में कांग्रेस पार्टी की दस चुनावी रैलियों में भाग लेंगे। सिद्धू ने इशारों इशारों में कैप्टन व आशा कुमारी को भी खूब खरी खोटी सुनाई। अपने संबोधन में सिद्धू ने कैप्टन का नाम तक नहीं लिया। कहा कि उन्हें कोई झुका नहीं सकता। उसके बाद प्रियंका गांधी के ही आग्रह पर सिद्धू पठानकोट में सुनील जाखड़ के पक्ष में आयोजित पार्टी के रोड़ शो में शामिल होने के लिये तैयार हुए। यहां रोड शो में सिद्धू लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे।

बदल जाएगी इंडियन आर्मी की यूनिफॉर्म

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नई दिल्‍ली – आने वाले कुछ दिनों में हो सकता है आपको भारतीय सेना (Indian Army) के ऑफिसर्स और जवानों की यूनिफॉर्म में बदलाव नजर आए। दरअसल सेना यूनिफॉर्म में कुछ बेसिक बदलावों को करने की योजना बना रही है। अधिकारियों की मानें तो ऑफिसर की साधारण और कॉम्‍बेट यूनिफॉर्म में बदलाव किया जा सकता है। सेना के टॉफ ऑफिसर्स के बीच इस विषय पर चर्चा चल रही है। सेना के अधिकारियों की ओर से कहा गया है कि उन्‍हें कुछ सुझाव इस बाबत मिले हैं और उन पर विचार जारी है।

आर्मी हेडक्‍वार्टर पर विचार-विमर्श के बाद आर्मी कमांडर्स और ऑफिसर्स से भी इस पर सुझाव मांगे गए हैं। कहा जा रहा है सेना भवन ने 11 हेडक्‍वार्ट्स को इस पर एक चिट्ठी भेजी है और उनकी राय इस पर मांगी गई है। आर्मी हेडक्‍वार्ट्स पर सीनियर ऑफिसर्स औरके बीच इसे लेकर चर्चा जारी है कि यूनिफॉर्म को ज्यादा स्मार्ट और आरामदायक कैसे बनाया जा सकता है। एक सीनियर ऑफिसर की ओर से कहा गया है कि जिस तरह कई दूसरे देशों की आर्मी की यूनिफॉर्म में पैंट और शर्ट अलग कलर की है उसी तरह इंडियन आर्मी के लिए अलग-अलग रंग की शर्ट और पैंट लाई जा सकती है। वर्तमान समय में यूनिफॉर्म में रैंक कंधे पर लगी एक पट्टी से पता लगती है। अगर अमेरिका और ब्रिटेन की आर्मी की बात करें तो उनमें रैंक सामने चेस्‍ट पर लगे प्रतीकों से पता चलती है। इसे बदलने का भी सुझाव दिया गया है। जो एक और सुझाव दिया गया है वह सेना की कॉम्बेट यूनिफॉर्म को लेकर है। इस यूनिफॉर्म में पहने जाने वाली चौड़ी बेल्ट को हटाने का सुझाव दिया गया है।

एक आर्मी ऑफिसर की ओर से कहा गया है कि कपड़े में भी कुछ बदलाव हो सकते हैं ताकि यूनिफॉर्म ज्‍यादा आरामदायक बन सके। वहीं एक सीनियर ऑफिसर्स की ओर से कहा गया है कि यूनिफॉर्म में बदलाव की बात कई बार आई है और कई बार इस पर अलग-अलग स्तर पर चर्चा भी होती रही है। इसमें काफी समय लग सकता है। पहले भी आर्मी की यूनिफॉर्म में कई बार छोटे-छोटे बदलाव हो चुके हैं। जहां पहले आर्मी की कॉम्बेट यूनिफॉर्म में पत्तियों का पैटर्न था उसे बाद में बदला गया। इसी तरह जूतों को भी बदलकर बूट्स को शामिल किया गया था। सेना में अभी नौ तरह की यूनिफॉर्म हैं जिन्‍हें इन्हें चार कैटेगरी में बांटा गया है। पहली कैटेगरी में कॉम्‍बेट यूनिफॉर्म की, दूसरी सेरिमोनियल की, तीसरी पीस टाइम यूनिफॉर्म की और चौथी मेस यूनिफॉर्म की। सभी टाइप की यूनिफॉर्म में गर्मियों की अलग यूनिफॉर्म और जाड़ों की अलग यूनिफॉर्म शामिल है।

कमल हसन के खिलाफ कोर्ट में विवादित बयान पर आपराधिक शिकायत

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नई दिल्ली – अभिनेता से नेता बने कमल हासन के बयान के खिलाफ पटियाला हाउस कोर्ट में आपराधिक शिकायत दायर की गई है। याचिका हिन्दू सेना के अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने दायर की है। कोर्ट इस याचिका पर 16 मई को सुनवाई करेगा।

याचिका में कहा गया है कि कमल हासन ने नाथूराम गोडसे को आजाद भारत का पहला अतिवादी हिन्दू करार दिया था। कमल हासन के इस बयान से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। कमल हासन ने मक्कल निधि मैयम(एमएनएम) नामक राजनीतिक दल की स्थापना की है। उन्होंने तमिलनाडु के अरवाकुरिचि में पिछले 12 अप्रैल को एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए नाथूराम गोडसे पर यह बयान दिया था। इस बयान पर राजनीतिक बवाल मच गया।

मणिशंकर अय्यर खुद को उल्लू बताकर कर गए एक बड़ी गलती !

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सोशल मीडिया पर जश्न का माहौल है। मणिशंकर अय्यर लौट आए हैं। 2017 के गुजरात चुनाव से ठीक पहले पीएम मोदी को नीच कहकर उन्होंने जो कॉन्टेंट उपलब्ध कराया था, उससे सोशल मीडिया यूजर्स की उम्मीद बढ़ गई थी। इस लोकसभा चुनाव में सैम पित्रोदा ने थोड़ा उन तक पहुंचने की कोशिश की लेकिन नाकाम रहे। उनके लौटने से बीजेपी में बहार आई हुई है। लग रहा है कि वो एक बयान देकर बाजी बीजेपी के हाथ लगा देंगे। लेकिन मणिशंकर अय्यर ने ऐसा कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा ‘मैं उल्लू हूं लेकिन इतना बड़ा उल्लू नहीं हूं।’

इसके अलावा भी उन्होंने सवाल पूछने वाले से कहा कि आप लोग मधुमक्खी हो। मेरा रस निकालकर दूसरे फूल पर चले जाओगे। यानी अगले को मधुमक्खी और खुद को उल्लू कह गए मणिशंकर अय्यर, ये भी कहा कि इतना बड़ा उल्लू हूं। तो सवाल ये उठ खड़ा हुआ है कि कितने बड़े उल्लू हैं।

उल्लू का साहित्यिक, राजनैतिक, ऐतिहासिक, आर्थिक, सामाजिक विवेचना करने से पहले बड़े और छोटे उल्लू के बारे में जान लेते हैं। सबसे बड़ा जो उल्लू होता है उसका नाम है यूरेशियन ईगल आउल। आउल समझे न? OWL आउल, आउल माने उल्लू। इस उल्लू की लेंथ 30 इंच तक हो सकती है। दोनों पंख फैलाए तो 6 फिट से ज्यादा जगह घेरते हैं।

सबसे छोटा उल्लू एल्फ आउल होता है। ये 5 से 6 इंच का होता है बस। दोनों पंख फैलाने पर 10 इंच तक जाते हैं, यानी एक फिट भी नहीं। इन बड़े और छोटे उल्लुओं के अलावा दुनिया में लगभग 200 प्रजातियों के उल्लू पाए जाते हैं। इनमें से वो वाले कौन हैं, पहचानना बड़ा मुश्किल है।

हमारे समाज में उल्लू की बड़ी इज्जत और बेइज्जती है। दिवाली की रात किसी को उल्लू दिख जाए तो खुशी का ठिकाना नहीं रहता। वो लक्ष्मी की सवारी है। उल्लू लेकर आएगा तभी तो लक्ष्मी घर आएगी। कभी कोई मूर्खता का काम कर जाए तो उसे उल्लू या उल्लू का पट्ठा कहकर बेइज्जत किया जाता है।

2015 में एक सस्ती कॉमेडी फिल्म ‘हम सब उल्लू हैं’ भी आई थी। लेकिन लक्ष्मी की कृपा उस फिल्म पर नहीं हुई। जग्गा जासूस फिल्म में ‘दिल उल्लू का पट्ठा है’ गाना था। ये फिल्म भी पिट गई थी।

अगर आप सोच रहे हैं कि हम ये उल्लू पुराण क्यों बांच रहे हैं तो ठहरिए, इसमें फिर भी पॉलिटिकल-नॉन पॉलिटिकल इंटरव्यू से ज्यादा जानकारी मिल जाएगी।

अलवर गैंगरेप, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से प्रकाश जावड़ेकर ने मांगा इस्तीफा

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जयपुर: प्रकाश जावड़ेकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राजस्थान के अलवर की घटना पर कांग्रेस पार्टी को घेरा। उन्होंने कहा कि इस घटना ने पूरे देश को विचलित किया है। 26 अप्रैल को पति पत्नी के साथ यह शर्मनाक घटना हुई थी जिसमें पति के सामने पत्नी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। उन्होंने कहा कि 30 अप्रैल को वह पति-पत्नी एसपी के ऑफिस में जाते हैं लेकिन एसपी एफआईआर दर्ज करने की जगह उन्हें 4 घंटे तक बैठाए रखता है।

जावड़ेकर ने कहा कि घटना के छह दिन बाद 2 मई को एफआईआर दर्ज होती है लेकिन उसके बाद भी 3 मई को आरोपी खुलेआम घूम रहे होते हैं पुलिस उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करती। उन्होंने कहा कि इसके बाद भी अगले दिन यानी 4 मई को बलात्कार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो जाता है तब भी पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया।

उन्होंने कहा कि 26 अप्रैल को हुए बलात्कार पर एक्शन चुनाव खत्म होने के बाद 6 मई को हुआ। फिर भी इस घटना पर राज्य के सीएम अशोक गहलोत चुप्पी साधे रहे। केंद्रीय मंत्री ने सवाल करते हुए कहा कि आखिर इतनी बडी घटना किसके कहने से छुपाई गई। उन्होंने कहा कि जब इस घटना के बारे में एसपी को जानकारी है तो भला गृहविभाग को कैसे पता नहीं चला।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजस्थान के मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग करते हुए जावड़ेकर ने कहा, “हर गलती कीमत मांगती है, आपको (राज्य सरकार) भी कीमत चुकानी पड़ेगी। यह बडी गलती है, आपको इस्तीफा देना पड़ेगा।” मालूम हो कि कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी कल यानी बुधवार को थानागाजी में जनसभा करने के लिए आ रहे हैं। जावड़ेकर ने कहा कि राहुल गांधी को सीएम से इस्तीफा लेना चाहिए।

उन्होंने बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती पर भी इस मामले में चुप रहने को लेकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि 4 महीने में 34 दलित अत्याचार के मामले सामने आए हैं और मायावती चुप हैं। जनता सातवें चरण में उन्हें लोकतांत्रिक तरीके से उनको जवाब देगी। उन्होंने कहा कि बच्चों और महिलाओं पर अत्याचार के 64 मामले पिछले दिनों सामने आए हैं।

जावड़ेकर ने कांग्रेस पार्टी पर इतिहास के पाठ में बदलाव करने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 7वी की किताब में लिखा महाराणा प्रताप हल्दीघाटी के युद्ध मे विजयी हुए। 10वी में पढ़ाया कि युद्ध अनिर्णय रहा। 12वीं में पढ़ाया की महाराणा प्रताप हल्दीघाटी का युद्ध हार गए। इसी के साथ कांग्रेस पार्टी पर हमला करते हुए उन्होंने कहा, “एक खानदान का बखान, देशभक्तों का अपमान, प्रताप से अकबर महान यह इनकी सच्चाई।”

मणिशंकर के बयान पर प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि काफी दिनों से मीडिया से बाहर चल रहे मणिशंकर मीडिया के सामने आए और पीएम को नीच कह दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष अब तक करीब 100 गालियां पीएम को दे चुका है। यह विपक्ष की हताशा को दर्शाता है।

सस्ता हुआ केदारनाथ, हेमकुंड हवाई किराया

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देहरादून – हाईकोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद उत्तराखंड सिविल एविएशन डेवलपमेंट अथॉरिटी(यूसीएडीए) ने केदारनाथ धाम और हेमकुंड साहिब के लिए हेली सेवा शुरू करने की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। 14 मई से हेली सेवा शुरू होने का अनुमान है और शनिवार को इन दोनों धामों का किराया भी तय कर दिया गया।

नैनीताल हाईकोर्ट से मिली हरी झंडी के बाद आठ मई को टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई थी। शुक्रवार को यूसीएडीए ने टेक्निकल बिड खोली। इस बिड में आई बोली के अनुसार शनिवार को केदारनाथ एवं हेमकुंड साहिब के लिए किराए की दर तय कर दी गई। यूसीएडीए के अनुसार चारधाम यात्रा के लिए निर्धारित दस में से आठ हेलीपैड से यात्रा करने पर कम किराया देना होगा जबकि दो हैलीपैड का किराया बढ़ाया गया है। जिन कम्पनियों को हेली सेवा शुरू करने की अनुमति दी गई है उन्हें निर्धारित किये गये किराये पर अपनी सहमति या असहमति देने के लिए 12 मई की दोपहर 12 बजे तक का समय दिया गया है। महानिदेशक नागरिक उड्डयन से चारधाम यात्रा के लिए आवंटित हेलीपैड के निरीक्षण का अनुरोध किया गया है। 13 मई को महानिदेशक हेलीपैड का निरीक्षण कर सकते हैं। यदि यह निरीक्षण हो गया तो 14 मई से हेली सेवा शुरू हो जाएगी।

यूसीएडीए का कहना है कि केदारनाथ और हेमकुंड क्षेत्र में हेलीपैड के हिसाब से सेचुरेशन की स्थिति आ गई है। यहां न तो नए हेलीपैड बनाये जा सकते हैं और न ही नई हेली कम्पनियों को बुलाया जा सकता है। इस कारण किराया घटाया गया है। ताकि अधिक से अधिक यात्री हेलीसेवा का उपयोग कर सकें। इससे सरकार को इस बार 11 करोड़ का लाभ हो सकता है।

किराये की दर
फाटा से श्री केदारनाथ: 2399 रुपये , वर्ष 2018 में 3350 रुपये (हेलीपैड की संख्या- 4)
सिरसी से केदारनाथ: 2470 रुपये , वर्ष 2018 में 3175 रुपये (हेलीपैड की संख्या- 3)
गुप्तकाशी से केदारनाथ: 4275 रुपये, वर्ष 2018 में 3650 रुपये (हेलीपैड की संख्या -2)
गोविंदघाट से घांगरिया: 2795 रुपये, वर्ष 2018 में 2885 रुपये (हेलीपैड की संख्या – 1)

मतदाता सूची से गायब पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी बिशन सिंह बेदी का नाम

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नई दिल्ली – पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी बिशन सिंह बेदी का नाम मतदाता सूची से गायब था और जब वह वोट डालने पहुंचे तो मतदान अधिकारी उनकी समस्या सुलझाने के बदले उनके साथ सेल्फी लेने में व्यस्त हो गए।

बेदी ने पर्ची की फोटो के साथ रविवार को ट्वीट किया, ‘मैं बहुत दुखी/अपमानित हूं कि नीचे दी गई हमारी पर्ची 24/2/19 के अनुसार हमारा नाम मतदान बूथ में नहीं है।।मुझे समझ में नहीं आया कि क्या करूं, क्योंकि मतदान अधिकारी और पुलिस के लोग मेरे साथ सेल्फी लेने में व्यस्त थे। मैंने इतना अपमानित कभी महसूस नहीं किया।।बस भारतीय लोकतंत्र के लिए।’

बेदी अकेले नहीं हैं, जो बिना मतदान किए लौट गए। राष्ट्रीय राजधानी में कई सारे लोगों का यही अनुभव रहा। द्वारका निवासी अशोक वर्मा ने शिकायत की कि उनके पूरे परिवार का नाम मतदाता सूची से गायब है। उन्होंने कहा, ‘2014 में मैंने मतदान किया था और यह हैरान करने वाला है कि इस बार मेरे पूरे परिवार का नाम गायब है।’ एक अन्य वरिष्ठ नागरिक ने भी अपना नाम मतदाता सूची से गायब पाया।

एक मतदान अधिकारी ने कहा कि मतदाता सत्यापन की प्रक्रिया जब शुरू हुई, तब कई बार जाने के बाद भी मतदाता अपने पते पर उपस्थित नहीं था और मकान में ताला लगा था। ऐसे लोगों को माना गया कि वे किसी दूसरे स्थान पर चले गए हैं।

मायावती के बयान पर निर्मला सीतारमण का पलटवार

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नई दिल्ली – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की मुखिया मायावती के एक बयान पर विवाद बढ़ गया है। बसपा सुप्रीमो ने सोमवार को कहा कि पीएम मोदी ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए अपनी पत्नी को छोड़ दिया, तो फिर वो दूसरों की बहनों और बहुओं का सम्मान कैसे कर सकते हैं। मायावती के इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी ने पलटवार किया है। बीजेपी नेता और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “मायावती का पीएम के बारे में ऐसा कहना बेहद निराशाजनक और चौंकाने वाला है।

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “बीएसपी अध्यक्ष मायावती का प्रधानमंत्री पर, उनकी निजी जिंदगी और बीजेपी में महिलाओं पर दिया गया घटिया बयान निराशाजनक और चौंकाने वाला है। बहन मायावती निश्चिंत रहिए, हम बिल्कुल सुरक्षित हैं और पार्टी के साथ हमारे बिल्कुल पेशेवर संबंध हैं। उनका यह बयान दर्शाता है कि उनके पास किसी पद या संस्थान के लिए कोई सम्मान नहीं बचा है।” यही नहीं सीतारमण ने आगे कहा, “मायावती समझ चुकी हैं कि उनका गठबंधन लोकसभा चुनाव में कहीं नहीं है और यही उनकी चिंता और असुरक्षा की भावना का कारण है।”

बीजेपी नेता विजय सोनकर शास्त्री ने इस दौरान कहा, “चुनाव अंतिम दौर में है, अब स्पष्ट हो चुका है कि मोदी जी के नेतृत्व में पूर्ण बहुमत की सरकार बनने जा रही है। ऐसे में विपक्ष की हताशा, निराशा का परिणाम है कि वो गलत भाषा का उपयोग कर रहे हैं, व्यक्तिगत टिप्पणी कर रहे हैं। मायावती की ओर से की गई टिप्पणी इसका ताजा उदाहरण है। उन्हें महसूस हो चुका है इस बार भी उत्तर प्रदेश में उनका खाता नहीं खुलने वाला है, इसलिए वो ऐसी बातें कर रही हैं। मायावती, कांशीराम और अंबेडकर के मिशन का दुरुपयोग कर रही हैं।”

बता दें कि बसपा अध्यक्ष मायावती ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा, “नरेंद्र मोदी अलवर गैंगरेप केस पर चुप रहे और अब इस मामले के जरिए गंदी राजनीति खेलने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि लोकसभा चुनावों में उन्हें और उनकी पार्टी को फायदा मिल सके। यह बेहद शर्मनाक है। जब उन्होंने अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए अपनी पत्नी को छोड़ दिया तो फिर वो दूसरों की बहनों और बहुओं का सम्मान कैसे कर सकते हैं। मुझे तो ये भी मालूम चला है कि भाजपा में, खासकर विवाहित महिलाएं अपने आदमियों को श्री मोदी के नजदीक जाते देखकर, ये सोचकर भी काफी ज्यादा घबराती रहती हैं कि कहीं ये मोदी अपनी औरत की तरह हमें भी अपने पति से अलग ना करवा दे।”