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CM पद से इस्तीफे की ममता बनर्जी ने की पेशकश

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नई दिल्ली – तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने लोकसभा चुनाव में पार्टी के खराब प्रदर्शन के बाद पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे की शनिवार को पेशकश की लेकिन तृणमूल कांग्रेस ने इसे खारिज कर दिया। बनर्जी ने चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद पहला संवाददाता सम्मेलन संबोधित करते हुए भाजपा पर आरोप लगाया कि उसने पश्विम बंगाल में वोट प्राप्त करने के लिए लोगों का धार्मिक आधार पर ध्रुवीकरण किया। बनर्जी ने कहा, ”तृणमूल कांग्रेस की आंतरिक बैठक में मैंने मुख्यमंत्री पद छोड़ने की पेशकश की। यद्यपि पेशकश पार्टी द्वारा खारिज कर दी गई और मैं पद पर बनी रह सकती हूं।”

उन्होंने भाजपा के शानदार प्रदर्शन पर संदेह उत्पन्न किया। उन्होंने दावा किया, ”यह बड़ी जीत संदेह से परे नहीं है। यह काफी आश्चर्यजनक है कि कैसे विपक्ष का कई राज्यों में पूरी तरह से सफाया हो गया। कुछ ‘जोड़तोड़ हैं’ और विदेशी शक्तियां भी शामिल हैं।” तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने यह भी कहा कि भाजपा ने चुनाव जीतने के लिए राज्य में आपातकाल जैसी स्थिति बनायी।

लोकसभा चुनाव में प्रदेश में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस का प्रदर्शन घोर निराशाजनक रहा है जहां उसके सांसदों की संख्या साल 2104 के 34 के मुकाबले इस बार घटकर 22 रह गई है। भाजपा ने राज्य की 42 लोकसभा सीटों में से 18 पर जीत दर्ज की और उसका वोट प्रतिशत 2014 के 17 प्रतिशत के मुकाबले इस बार 40.5 प्रतिशत तक बढ़ गया। यहां तक कि जिन सीटों पर टीएमसी जीती वहां भी भाजपा दूसरे नंबर पर रही जबकि वाम दल के हिस्से तीसरा स्थान आया।

पार्टी के इस खराब प्रदर्शन का अब विश्लेषण शुरू हो गया है। तृणमूल कांग्रेस को स्तब्ध करने वाले प्रदर्शन के पीछे मोदी लहर और गत वर्ष खून-खराबे के साथ हुए पंचायत चुनावों के बाद टीएमसी द्वारा अल्पसंख्यकों का कथित तौर पर तुष्टीकरण मतदाताओं के ध्रुवीकरण की वजह माना जा रहा है।

भगवा पार्टी का जानाधार अचानक बढ़ने से हैरान तृणमूल कांग्रेस खेमा बंट गया है। स्थानीय नेताओं ने शीर्ष पार्टी पदों पर काबिज लोगों की ”दूरदर्शिता” की कमी और उनके ”अहंकार” भरे रवैये को खराब चुनावी प्रदर्शन के पीछे की मुख्य वजह बताया। हालांकि टीएससी का वोट प्रतिशत इस बार बढ़ा है। उसे 2014 के 39 प्रतिशत के मुकाबले इस बार 43 प्रतिशत वोट मिले हैं, लेकिन वह दक्षिण बंगाल के आदिवासी बहुल जंगलमहल और उत्तर में चाय बागान वाले क्षेत्रों में अपना गढ़ बचाए रखने में नाकाम रही।

मानसिक बीमारी से ग्रस्त युवक के पेट से निकले चाकू, चम्मच, टूथब्रश और स्क्रूड्राइवर

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नई दिल्ली – हिमाचल प्रदेश में एक युवक के पेट से ऑपरेशन के दौरान एक चाकू, आठ चम्मच, दो स्क्रूड्राइवर, दो टूथब्रश और एक डॉर लैच मिला है। युवक को किसी मानसिक बीमारी से ग्रस्त बताया जा रहा है।

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, 35 वर्षीय युवक ने पेट में दर्द की शिकायत की थी जिसके बाद उसे श्री लाल बहादुर शास्त्री गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया था।

युवक का नाम कर्ण सेन बताया गया है। कुछ दिन पहले कर्ण ने देखा कि उनके पेट पर एक पिंपल हो रहा है। सुंदरनगर के एक क्लीनिक के डॉक्टर ने चेकअप के दौरान पाया कि उनके पेट में चाकू है। शुरुआती इलाज के बाद उन्हें सरकारी अस्पताल में रेफर कर दिया गया।

अस्पताल में किए गए एक्सरे में पाया गया है कि कर्ण के पेट में चाकू के अलावा और भी बहुत सी चीजें हैं। तीन सर्जन्स की टीम ने चार घंटे चले ऑपरेशन में कर्ण के पेट से एक चाकू, आठ चम्मच, दो स्क्रूड्राइवर, दो टूथब्रश और एक डॉर लैच निकाला। सर्जन्स की टीम में शामिल डॉक्टर निखिल ने इस केस को बेहद दुर्लभ बताया।

उन्होंने कहा, ‘जांच के दौरान पाया गया कि उनके (कर्ण) पेट में कुछ मेटेलिक चीजें (धातु) हैं। मरीज मानसिक बीमारी से ग्रस्त है। कोई सामान्य व्यक्ति चाकू, चम्मच जैसी चीजें नहीं निगल सकता। अब मरीज खतरे से बाहर है और उनकी हालत स्थिर है।

दिल्ली में आम आदमी पार्टी का सूपडा साफ

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नई दिल्ली – दिल्ली में 2014 की तरह इस बार भी सभी 7 सीटों पर कमल खिल रहा है। बीजेपी के सातों उम्मीदवार अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ निर्णायक बढ़त ले चुके हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 4 साल पहले विधानसभा चुनाव में 70 में से 67 सीटों पर परचम लहराने वाली आम आदमी पार्टी तीसरे स्थान पर है। कांग्रेस कुछ हद तक अपनी खोई जमीन वापस पाती दिख रही है और दूसरे स्थान पर है। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले AAP के लिए यह तगड़ा झटका है।

दिल्ली में कुल पड़े वोटों में आधे से भी ज्यादा बीजेपी के खाते में आए हैं। बीजेपी का वोटशेयर 56% से ज्यादा है। दूसरे नंबर पर कांग्रेस है, जिसका वोटशेयर 23 प्रतिशत के करीब है। AAP 18 प्रतिशत वोटशेयर के साथ तीसरे स्थान पर है, जो विधानसभा चुनाव से पहले उसके लिए खतरे की घंटी है। बीजेपी का वोटशेयर कांग्रेस और AAP के संयुक्त वोटशेयर से भी ज्यादा है, जिसका मतलब है कि अगर कांग्रेस और AAP गठबंधन करके भी लड़ी होतीं तो भी दिल्ली में बीजेपी का विजयरथ रोकना बेहद मुश्किल था।

ट्विटर पर अपने नाम से मोदी ने हटाया ‘चौकीदार’ शब्द

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नई दिल्ली – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ट्विटर पर अपने नाम के आगे से चौकीदार शब्द हटा दिया। साथ ही उन्होंने बाकियों से भी ऐसा करने का आग्रह किया।


पीएम मोदी ने कहा कि अब चौकीदार भावना को अगले स्तर पर ले जाने का समय आ गया है। इस भावना को हर पल जिंदा रखें और भारत की प्रगति के लिए काम करना जारी रखें।

स्मृति ईरानी को जीत की बधाई देकर राहुल गांधी बोले अमेठी का रखें ख्याल

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नई दिल्ली – कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव के नतीजे के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेठी लोकसभा सीट से अपनी हार मान ली है. राहुल गांधी ने अमेठी से अपनी हार कबूली और स्मृति ईरानी की जीत पर बधाई दी. खास बात है कि अमेठी सीट पर हार-जीत के औपचारिक ऐलान से पहले ही राहुल गांधी ने खुद हार मान ली है. दरअसल, राहुल गांधी अमेठी लोकसभा सीट से स्मृति ईरानी से काफी पीछे चल रहे हैं. हालांकि, वह वायनाड सीट से आगे चल रहे हैं. इससे पहले लोकसभा चुनाव के नतीजों में बीजेपी को भारी जीत पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पीएम मोदी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई विचारधारा की है।

अमेठी कांग्रेस परिवार की परंपरागत सीट में शुमार है। अमेठी लोकसभा सीट से मौजूदा सांसद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी हैं। पिछली बार की तरह ही इस बार भी राहुल गांधी का मुकाबला केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से है। बीजेपी ने एक बार फिर से स्मृति ईरानी को राहुल गांधी के खिलाफ मैदान में उतारा है। हालांकि, पिछली बार स्मृति ईरानी को हार का सामना करना पड़ा था। राहुल गांधी इस बार अमेठी के साथ-साथ केरल की वायनाड सीट से भी चुनाव लड़ रहे हैं।

फिर एक बार मोदी सरकार

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नयी दिल्ली – लोकसभा चुनाव में लगातार दूसरी बार ‘ प्रचंड मोदी लहर’ पर सवार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) रिकॉर्ड सीटों के साथ केंद्र की सत्ता पर काबिज होने जा रही है। निर्वाचन आयोग की ओर से बृहस्पतिवार को जारी मतगणना के रुझानों के अनुसार भाजपा जहां 292 सीटों पर आगे चल रही थी वहीं, कांग्रेस 50 सीटों पर आगे थी। आयोग ने सभी 542 सीटों के रुझान जारी किये हैं।

अगर मौजूदा रुझान अंतिम परिणामों में परिवर्तित हुए तो भाजपा 2014 के अपने प्रदर्शन में सुधार कर ज्यादा सीटें जीतती दिख रही है। 2014 में भाजपा ने लोकसभा की 543 सीटों में से 282 सीटें जीती थीं। भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) 2014 की 336 सीटों के मुकाबले 343 सीटों पर काबिज होता दिख रहा है।

चुनाव रुझानों का बाजार ने भी स्वागत किया है। बीएसएसी सेंसेक्स ने पहली बार 40 हजार की ऊंचाई को छुआ वहीं एनएसई के निफ्टी ने 12 हजार के स्तर को पार किया। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया भी 14 पैसे मजबूत होकर 69.51 पैसे पर रहा।

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी। सुषमा ने ट्वीट किया, ‘‘ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी – भारतीय जनता पार्टी को इतनी बड़ी विजय दिलाने के लिए आपका बहुत बहुत अभिनन्दन । मैं देशवासियों के प्रति हृदय से कृतज्ञता व्यक्त करती हूँ । ’’

मतगणना के रुझानों के आधार पर चुनाव परिणामों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता, उनकी सरकार के पिछले पांच साल के कार्यों और चुनाव प्रचार अभियान का नतीजा माना जा रहा है। चुनाव प्रचार राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्रवाद के इर्द-गिर्द रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार कांग्रेस पार्टी की वंशानुगत विरासत पर निशाना साधा। विपक्ष ने भाजपा पर ध्रुवीकरण और बांटने वाली राजनीति के आरोप लगाते हुए हमला बोला।

मतगणना के रुझानों के अनुसार, मोदी लहर के साथ-साथ पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की चुनावी रणनीति ने भौगोलिक और जातीय, उम्र, लिंग जैसे समीकरणों को मात देते हुए उनका सफाया किया है। गुजरात की गांधीनगर सीट से अमित शाह 3,81482 मतों से आगे चल रहे हैं। मोदी के गृहराज्य में भाजपा 2014 के अपने प्रदर्शन को दोहराती हुई दिख रही है जब उसने सभी 26 सीटें जीती थी।

राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य उत्तर प्रदेश में जहां समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) गठबंधन को एक कड़ी टक्कर के तौर पर पेश किया जा रहा था, वहां 80 लोकसभा सीटों में से 58 पर भाजपा आगे चल रही है। जबकि सपा 6 सीटों पर और बसपा 12 सीटों पर बढ़त बनाये हुए है। हालांकि पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 71 सीटों पर जीत दर्ज की थी।

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस एक सीट पर आगे चल रही है। उत्तर प्रदेश की अमेठी लोकसभा सीट पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भाजपा उम्मीदवार स्मृति ईरानी से करीब 2688 मतों से पीछे चल रहे हैं। हालांकि केरल की वायनाड सीट पर राहुल गांधी एक लाख मतों से बढ़त बनाये हुए हैं।

मोदी लहर ने हिंदी पट्टी और गुजरात में ही परचम नहीं लहराया है बल्कि पश्चिम बंगाल, ओडिशा, महाराष्ट्र और कर्नाटक में भी पार्टी को शानदार बढ़त दिलाई है। सिर्फ केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश ही अछूते दिखाई दिये हैं। यहां तक की तेलंगाना में भी भाजपा चार सीटों पर बढ़त बनाये हुए हैं। यही स्थिति तेलंगाना राष्ट्र समिति की है।

मतगणना के रुझानों के अनुसार, हिंदी भाषी राज्यों में भी भाजपा ने चौंकाया है। इनमें वे राज्य भी शामिल हैं जिनमें कांग्रेस ने हाल ही में विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी।

मध्य प्रदेश में भाजपा 29 में से 28 लोकसभा सीटों पर आगे चल रही है। राजस्थान में भाजपा नीत राजग सभी 25 सीटों पर बढ़त बनाये हुए है। छत्तीसगढ़ में भी भाजपा 10 सीटों पर आगे है, जबकि कांग्रेस एक सीट पर बढ़त बनाये हुए है। हरियाणा की 10 लोकसभा सीटों में से भाजपा नौ पर आगे है।

ओडिशा की 21 लोकसभा सीटों में से भाजपा छह सीटों पर जबकि बीजू जनता दल 15 सीटों पर बढ़त बनाये हुए है। 2014 में बीजद ने 20 सीटें जीती थीं जबकि भाजपा ने एक पर जीत दर्ज की थी।

बिहार की 40 लोकसभा सीटों में से भाजपा 16, जनता दल (यू) 16 सीट, लोजपा छह सीटों पर आगे चल रही है। राजद एक सीट पर और कांग्रेस एक सीट पर बढ़त बनाए हुए है।

झारखंड में भाजपा 10 सीटों पर जबकि उसकी सहयोगी पार्टी आजसू एक और कांग्रेस तीन सीटों पर आगे चल रही है। दिल्ली में भाजपा सभी सातों लोकसभा सीटों पर आगे चल रही है।

पश्चिम बंगाल की 42 लोकसभा सीटों में से 24 पर तृणमूल कांग्रेस बढ़त बनाये हुए है जबकि भाजपा 17 पर आगे है। राज्य में वाम का सूपड़ा साफ हो गया है।

तमिलनाडु में डीएमके 20 सीटों पर आगे है जबकि एआईडीएमके केवल दो सीटों पर बढ़त बनाये हुए है। केरल की 20 लोकसभा सीटों में से यूडीएफ 18 सीटों पर आगे है।

मतगणना के रूझानों में बढ़त के साथ-साथ देशभर में भाजपा के दफ्तरों पर उत्सव का माहौल हो गया। ढोल-नगाड़ों के साथ नाचते-गाते कार्यकर्ताओं ने अपनी खुशी का इजहार शुरू कर दिया है।

वर्ष 2014 में भाजपा ने 282 सीटों पर जीत दर्ज की थी जबकि कांग्रेस अपने सर्वकालिक न्यूनतम आंकड़े 44 सीटों पर सिमट गयी थी। कांग्रेस ने 2009 में 206 सीटें जीती थी।

आयोग ने देश में 4000 से अधिक मतगणना केन्द्र बनाये हैं। मतगणना केन्द्रों से प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र के निर्वाचन अधिकारी ऑनलाइन सिस्टम के जरिये मतगणना के रुझानों को अपडेट करेंगे।

इस बीच चुनाव आयोग ने चुनाव परिणाम घोषित होने में देर होने की आशंका से बचने के लिये इस बार डाक मतपत्रों और ईवीएम के मतों की गिनती एक साथ कराने का फैसला किया है।

उल्लेखनीय है कि इस चुनाव में पंजीकृत 90.99 करोड़ मतदाताओं में से करीब 67.11 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। भारतीय संसदीय चुनाव में यह अब तक का सर्वाधिक मतदान प्रतिशत है।

लोकसभा चुनाव में पहली बार इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के परिणामों का मिलान पेपर ट्रेल मशीनों से निकलने वाली पर्चियों से किया जाएगा। यह मिलान प्रति विधानसभा क्षेत्र में पांच मतदान केंद्रों में होगा।

मतगणना से एक दिन पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हिंसा की आशंका के मद्देनजर बुधवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अलर्ट कर दिया । मंत्रालय का कहना है कि कुछ पक्षों द्वारा किए गए हिंसा भड़काने के कथित आह्वान को देखते हुए यह कदम उठाया गया है ।

फर्जी एग्जिट पोल से न हों निराश – राहुल गांधी

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नई दिल्ली – लोकसभा चुनाव के नतीजों से पहले विभिन्न एग्जिट पोल में भाजपा की अगुवाई वाली राजद को बहुमत मिलने के आसार के बीच कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया है कि वे फर्जी एग्जिट पोल से निराश ना हो और सतर्क रहें। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लोग खुद और पार्टी पर विश्वास रखें क्योंकि उनकी मेहनत बेकार नहीं जाएगी।

राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, ‘कांग्रेस पार्टी के प्रिय कार्यकर्ताओं, अगले 24 घंटे महत्वपूर्ण हैं। सतर्क और चौकन्ना रहें। डरे नहीं। आप सत्य के लिए लड़ रहे हैं। फर्जी एग्जिट पोल के दुष्प्रचार से निराश न हों। खुद पर और कांग्रेस पार्टी पर विश्वास रखें, आपकी मेहनत बेकार नहीं जाएगी ।

भाषा के अनुसार, इससे पहले कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोमवार को पार्टी कार्यकर्ताओं का आह्वान किया था कि वे अफवाहों एवं एग्जिट पोल पर ध्यान ना दें, और स्ट्रांग रूम तथा मतगणना केंद्रों पर डटे रहें। कार्यकर्ताओं को जारी ऑडियो संदेश में प्रियंका ने कहा था, ‘आप लोग, अफवाहों और एग्जिट पोल से हिम्मत मत हारिये। यह अफवाहें आपका हौसला तोड़ने के लिए फैलाई जा रही हैं। इस बीच आपकी सावधानी और भी महत्वपूर्ण बन जाती है। स्ट्रांग रूम और मतगणना केंद्रों पर डटे रहिए और चौकन्ने रहिए।’

उन्होंने कहा था, ‘हमें पूरी उम्मीद है कि हमारी और आपकी मेहनत का फल मिलेगा।’ गौरतलब है कि 19 मई को आए तकरीबन सभी प्रमुख एग्जिट पोल में एनडीए को बहुमत मिलने का अनुमान लगाया गया है।

विपक्ष को हो गया है हार का आभास – जावड़ेकर

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नई दिल्ली – ईवीएम को लेकर विपक्ष की आशंकाओं और आरोपों को ‘हताशा का परिणाम करार देते हुए केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि विपक्ष को चुनाव में हार के लिये ईवीएम पर ठीकरा फोड़ने की बजाए यथार्थ को गरिमापूर्ण ढंग से स्वीकार करना चाहिए।

जावड़ेकर ने संवाददाताओं से कहा कि कांग्रेस सहित विपक्ष जब चुनाव जीतता है तब ईवीएम ठीक रहता है लेकिन जब वे हारते हैं तब ईवीएम पर ठीकरा फोड़ते हैं। विपक्ष को पराजय का आभास मिल चुका है, ऐसे में हताशा में ईवीएम पर निशाना साधकर वह एक तरह से दिवालियेपन का परिचय दे रहा है।

उन्होंने कहा कि अतीत में अनेक राज्यों में कांग्रेस, टीएमसी सहित विपक्षी दलों ने ईवीएम के तहत जीत दर्ज की लेकिन हार की स्थिति में इन्हीं दलों द्वारा इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन को जिम्मेदार ठहराया जाता है और हेराफेरी के आरोप लगाये जाते हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 2004 में ईवीएम की शुरूआत हुई। उसके बाद दो बार ईवीएम के तहत ही कांग्रेस नीत संप्रग सरकार बनी। हाल ही में छत्तीसगढ़, राजस्थान, मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी। तृणमूल कांग्रेस दो बार पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव जीती। माकपा भी एक बार राज्य में सत्ता में आई। दिल्ली में आप पार्टी की सरकार भी ईवीएम के तहत कराये गए चुनाव में बनी। सपा की 2012 में और बसपा की 2007 में उत्तर प्रदेश में ईवीएम के तहत ही चुनाव के बाद सरकार बनी थी।

जावड़ेकर ने कहा कि ऐसे में विपक्ष का हारने के बाद ठीकरा ईवीएम पर फोड़ना उचित नहीं है। यह अजीब है । यह विपक्ष का दिवालियापन है। उसे हार का आभास हो गया है। उन्होंने कहा कि भारत के करोड़ों मतदाताओं को शामिल करते हुए चुनाव आयोग एक जबर्दस्त चुनाव कराता है। इसपर दुनिया भर के लोगों की नजर होती है। ऐसे में इस प्रकार के विपक्ष के आरोप अनुचित हैं।

भाजपा नेता ने कहा कि यह अपने आप में अजीब है कि विपक्षी दल ईवीएम पर आरोप लगाने के लिये तीन बार बैठक कर चुके हैं।

राहुल और प्रियंका गांधी कड़ी मेहनत की शिवसेना ने तारीफ की

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मुंबई – शिवसेना ने मंगलवार को भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार दोबारा सत्ता में आएगी। एक्जिट पोल के नतीजे भाजपा नेतृत्व वाले एनडीए के पक्ष में स्पष्ट रुझान दिखा रहे हैं।

शिवसेना ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी की कड़ी मेहनत की तारीफ की और कहा कि नई लोकसभा में उनकी पार्टी को विपक्ष के नेता पद के लिये पर्याप्त सीटें मिल जाएंगी।

पार्टी ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में लिखा कि अधिकतर एक्जिट पोल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के एक और कार्यकाल का पूर्वानुमान जताया है।

कुछ एक्जिट पोल में भाजपा नीत एनडीए को 300 से अधिक सीटें मिलने और लोकसभा में आराम से 272 का बहुमत का आंकड़ा पार करने का पूर्वानुमान जताया गया है।

वैकल्पिक सरकार के गठन को लेकर पवार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं: राकांपा

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मुम्बई – राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने लोकसभा चुनाव में भाजपा के बहुमत से दूर रहने का दावा करते हुए बुधवार को कहा कि पार्टी प्रमुख शरद पवार वैकल्पिक सरकार के गठन को लेकर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

राकांपा के मुख्य प्रवक्ता नवाब मलिक ने यह भी कहा कि पवार कई बार यह स्पष्ट कर चुके हैं कि वह प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नहीं है क्योंकि उनकी पार्टी का संख्याबल सीमित है। मलिक ने पत्रकारों से कहा, “हमें त्रिशंकु संसद बनने की आशंका है। राजग को स्पष्ट बहुमत नहीं मिल रहा है।”

उन्होंने कहा, “पवार कई दफ़ा स्पष्ट कर चुके हैं कि वह पद (प्रधानमंत्री) के दावेदार नहीं हैं, लेकिन वह वैकल्पिक सरकार के गठन को लेकर अहम भूमिका निभा रहे हैं।” मलिक ने कहा कि राकांपा और सहयोगी दल कांग्रेस महाराष्ट्र की 48 सीटों में से 22 से ज्यादा सीटें जीतेंगे।