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भीषण जलसंकट से निजात पाने के लिए महाराष्ट्र में करवाई जाएगी कृत्रिम बारिश

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मुंबई – भीषण सूखे से जूझ रहे महाराष्ट्र में पानी की समस्या से निपटने के लिए कृत्रिम बारिश का सहारा लिया जाएगा। महाराष्ट्र सरकार ने इस साल के मानसून के दौरान क्लाउड सीडिंग के लिए 30 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इस तकनीक से पहले भी 2003 में महाराष्ट्र की 22 तालुकाओं में बारिश कराई गई थी और इस पर सरकार ने करीब साढ़े पांच करोड़ रुपये खर्च किए थे। पानी की कमी से जूझ रहे कई देशों में जलसंकट से निजात पाने के लिए इस तकनीक का सहारा लिया जा रहा है।

पहली बार 1940 के दशक में अमेरिका में इस तकनीक को इस्तेमाल में लाना शुरू किया गया था और वर्तमान में करीब 60 देशों में इससे बारिश कराने के छिटपुट प्रयोग हो रहे हैं। अमेरिकी कंपनी वेदर मॉडिफिकेशन एनकॉर्पोरेशन कई देशों में क्लाउड सीडिंग प्रोजेक्ट चला रही है।

कृत्रिम बारिश की एक नई तकनीक का प्रयोग 1990 के दशक में दक्षिण अफ्रीका में किया गया था। वहां पर हाइग्रोस्कोपिक क्लाउड सीडिंग का ईजाद किया गया जिसमें बादलों में सोडियम, मैग्नीशियम और पोटैशियम जैसे रसायनों का छिड़काव करके बारिश कराई जाती है। हाल के वर्षो में इसे लेकर चीन और भारत में काफी दिलचस्पी दिखाई गई है। बीजिंग ओलंपिक 2008 के दौरान आसमान को साफ रखने के लिए कृत्रिम बारिश का उपयोग किया गया था। फिलहाल चीन सालाना करीब डेढ़ करोड़ डॉलर कृत्रिम बारिश पर खर्च कर रहा है।

महाराष्ट्र में कई शहर जलसंकट से जूझ रहे हैं और ग्रामीण इलाकों में हालत और भी ज्यादा खराब है। औरंगाबाद में जलसंकट से निजात पाने के लिए लोग भगवान के भजनों का सहारा ले रहे हैं। ग्रामीण गोदावरी बेसिन में पानी छोडऩे की मांग कर रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता जयाजी सूर्यवंशी ने कहा कि सरकार तो हमारी बात नहीं सुन रही है इसलिए हम ‘भजन आंदोलन’ कर भगवान तक अपनी बात पहुंचाना चाहते हैं। उन्होंने कहा अगर आज रात तक पानी नहीं छोड़ा गया तो 30 तारीख को हम अधिकारियों के घरों के सामने धरना प्रदर्शन करेंगे।

गौरतलब है कि तापमान में लगातार हो रहे इजाफे की वजह से हर साल जल संकट भी सामने आ जाता है। महाराष्ट्र सरकार ने हाल ही के दिनों में जल संरक्षण विभाग की वेबसाइट पर आंकड़े जारी किए थे। जिसके मुताबिक 18 मई तक राज्य के 26 जलाशयों में जल भंडारण शून्य के आसपास बताया गया था। राज्य सरकार ने बीते साल अक्टूबर में 151 तालुका और 260 मंडलों में सूखे की घोषणा की थी।

मोदी के शपथ ग्रहण में पाकिस्तान-मालदीव को छोड़ सार्क के सभी देश होंगे शामिल

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नई दिल्ली – नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक बार फिर बन रही राजग सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में बिम्सटेक समूह के नेताओं को आमंत्रित किया गया है। सरकार की पड़ोसी प्रथम नीति के तहत उन्हें आमंत्रण भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के वर्तमान अध्यक्ष एवं किर्गिस्तान के राष्ट्रपति और मारीशस के प्रधानमंत्री भी शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित हैं। मॉरीशस के प्रधानमंत्री इस वर्ष प्रवासी भारतीय दिवस पर मुख्य अतिथि थे । उन्हें शपथ ग्रहण में आमंत्रित करके भारत मॉरीशस से अपने संबंधों की प्रगाढ़ता को दर्शाना चाहता है।

बिम्सटेक में पाकिस्तान, मालदीव को छोड़कर सार्क के अन्य देश शामिल हैं। भारत सरकार पाकिस्तान से आतंकवाद के मसले पर तनाव के बाद से सार्क के विकल्प के तौर पर बिम्सटेक को प्रोत्साहित कर रही है। उरी की घटना के बाद 2016 में पाकिस्तान में आयोजित सार्क सम्मेलन रद्द होने के बाद से सार्क की बैठक दोबारा नहीं हो पाई। वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मंत्रिपरिषद के शपथ ग्रहण समारोह में तब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के तौर पर नवाज शरीफ शामिल हुए थे । बिम्सटेक में भारत के अलावा बांग्लादेश, म्यांमार, श्रीलंका, थाईलैंड, नेपाल और भूटान शामिल हैं।

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना 30 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में दूसरी बार भी हिस्सा नहीं ले पाएंगी। हसीना का मंगलवार से तीन देशों का दौरा शुरू हो रहा है। सरकार की ओर से यहां जारी बयान में कहा गया कि मुक्ति संग्राम मामलों के मंत्री ए के एम मुजामिल हक इस समारोह में शिरकत करेंगे, वह बांग्लादेश सरकार के सबसे वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री हैं।

प्रधानमंत्री हसीना का तीन देशों का दौरा मंगलवार से शुरू हो रहा है। वह जापान, सऊदी अरब और फिनलैंड की यात्रा पर जा रही हैं। विदेश में रहने के कारण हसीना वर्ष 2014 में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथग्रहण समारोह में शामिल नहीं हो सकी थी। पिछली बार बांग्लादेश की संसद अध्यक्ष डॉ. शिरीन शरमिन चौधरी ने 26 मई को शपथग्रहण कार्यक्रम में हिस्सा लिया था।

भाजपा में शामिल हुए टीएमसी के 2 विधायक और करीब 50 पार्षद

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नई दिल्ली – लोकसभा चुनाव 2019 में कई सीटों का नुकसान होने के बाद टीएमसी प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को एक और बड़ा झटका लगा है। ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के दो और सीपीएम के एक विधायक आज भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गये हैं। बीजेपी नेता मुकुल रॉय के बेटे और टीएमसी के निलंबित विधायक शुभ्रांशु भी बीजेपी में शामिल हो गए हैं. वहीं तृणमूल के तुषार भट्टाचार्य बीजेपी में शामिल हो गए। इसके अलावा करीब 50 पार्षदों ने भी भाजपा का दामन थामा है।

इस दौरान बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि जिस तरह से पश्चिम बंगाल में सात चरणों में चुनाव हुए, उसी तरह बीजेपी में टीएमसी नेताओं के शामिल होने का सिलसिला सात चरणों में होगा। आज इसका पहला चरण है।

इस दौरान बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा ‘जिस तरीके से पश्‍च‍िम बंगाल में सात चरणों में चुनाव हुए उसी तरीके से यहां सात चरणों में लोगों को पार्टी में शामिल करवाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में कहा था कि 40 विधायक हमारे संपर्क में हैं और कभी भी पार्टी में शामिल हो सकते हैं। आज उसका पहला चरण है।’

लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल में बीजेपी के बेहतर प्रदर्शन के बाद कई तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) विधायक और पार्षद पार्टी से संपर्क में हैं। पश्चिम बंगाल के गरीफा (वॉर्ड नंबर 6) से तृणमूल कांग्रेस की पार्षद रूबी चटर्जी ने बताया था कि 20 पार्षद दिल्ली में हैं। हम (पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री) ममता बनर्जी जी से नाराज़ नहीं हैं, लेकिन बंगाल में बीजेपी की हालिया जीत ने हमें पार्टी में शामिल होने के लिए प्रभावित किया। लोग BJP को पसंद कर रहे हैं, क्योंकि वे लोगों के लिए काम कर रहे हैं।

वहीं पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी संगठन के पुनर्गठन के मकसद से तृणमूल कांग्रेस अपने नाराज नेताओं से संपर्क साध रही है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया, ”हम ऐसा नेताओं और कार्यकर्ताओं तक पहुंच रहे हैं, जो कुछ कारणों से निष्क्रिय हो गए हैं। हम हर किसी को पार्टी में वापस लाने की कोशिश कर रहे हैं।”

कोलकाता के महापौर और तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता फरहाद हकीम ने रविवार को शहर के पूर्व महापौर सोवन चटर्जी से मुलाकात की, जिन्होंने सक्रिय राजनीति से विश्राम ले लिया है। उन्होंने चटर्जी से पार्टी में लौटने और संगठन की जिम्मेदारी देखने को कहा है। हालांकि चटर्जी ने इस बाबत कोई भी वादा नहीं किया है। तृणमूल कांग्रेस के जिलाध्यक्षों ने नाराज नेताओं से मुलाकात की है और उनसे ‘गलतफहमियों’ को भूलाकर पार्टी में वापस आने का आग्रह किया है। इसी बीच इस तरह की खबरें मिल रही हैं कि तृणमूल कांग्रेस के कई नेता भाजपा में शामिल हो गए हैं।

चार साल बाद फिर मिजोरम में शराबबंदी लागू

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आइजोल – मिजोरम में चार साल बाद फिर से शराबबंदी कानून लागू कर दिया गया है। राज्य सरकार ने मंगलवार को मद्य निषेध कानून को अधिसूचित किया।

राज्य विधानसभा ने इस साल 20 मार्च को मिजोरम मद्य निषेध विधेयक, 2019 पारित किया और राज्यपाल प्रोफेसर जगदीश मुखी ने विधेयक को अपनी मंजूरी दे दी।

आबकारी और नारकोटिक्स विभाग के आयुक्त एन सैलो ने पीटीआई-भाषा को बताया कि राज्य के कानून एवं विधि विभाग ने अधिसूचना जारी की और राज्य सरकार के आधिकारिक गजट में इसे प्रकाशित किया।

शक्तिशाली गिरजाघरों और समुदाय आधारित संगठन सख्त शराबबंदी कानून का समर्थन कर रहे थे। मिजोरम में भारत की आजादी के बाद से ही लगभग पूरी तरह से शराबबंदी लागू थी।

बेटे अर्जुन को सचिन ने दी खास सलाह

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मुंबई – मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने कहा है कि उन्होंने अपने करियर में कभी ‘शॉर्टकट’ नहीं लेने की अपने पिता की सलाह पर हमेशा अमल किया और अब यही सलाह उन्होंने अपने बेटे को दी है। सचिन के बेटे अर्जुन तेंदुलकर ने हाल ही में टी20 मुंबई लीग खेला जिसमें बल्ले और गेंद दोनों से अच्छा प्रदर्शन किया।

उन्हें आकाश टाइगर्स मुंबई पश्चिम उपनगर टीम ने पांच लाख रुपये में खरीदा था। उन्होंने शनिवार को वानखेड़े स्टेडियम पर सेमीफाइनल भी खेला। ये पूछने पर कि क्या वो अपने बेटे को दबाव का सामना करने के लिए कोई सीख देते हैं, सचिन तेंदुलकर ने कहा, ‘मैंने कभी उस पर किसी चीज के लिए दबाव नहीं डाला। मैंने उस पर क्रिकेट खेलने का दबाव नहीं बनाया। वो पहले फुटबॉल खेलता था, फिर शतरंज और अब क्रिकेट खेलने लगा।’

उन्होंने कहा, ‘मैंने उससे यही कहा कि जीवन में जो भी करो, शॉर्टकट मत लेना। मेरे पिता (रमेश तेंदुलकर) ने भी मुझे यही कहा था और मैंने अर्जुन से यही कहा। तुम्हें मेहनत करनी पड़ेगी और फिर तुम पर निर्भर करता है कि कहां तक जाते हो।’ उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि दूसरे माता-पिता की तरह वो भी चाहते हैं कि उनका बेटा अच्छा प्रदर्शन करे।

अल्पेश ठाकोर थाम सकते हैं बीजेपी का दामन

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नई दिल्ली – लोकसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस का ‘हाथ’ छोड़ने वाले गुजरात विधायक अल्पेश ठाकोर की बीजेपी में शामिल होने की अटकले हैं। एक सूत्र ने सोमवार को बताया कि अल्पेश बीजेपी में शामिल हो सकते हैं।

अप्रैल में ठाकोर के संगठन ‘गुजरात क्षत्रिय ठाकोर सेना’ ने उन्हें 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था, जिसके बाद उन्होंने कांग्रेस को अलविदा कह दिया। बताया गया कि ठाकोर पार्टी के स्थानीय नेतृत्व से खुश नहीं थे, क्योंकि वह पाटन लोकसभा सीट से चुनाव लड़ना चाहते थे और पार्टी ने पूर्व सांसद जगदीश ठाकोर को मैदान में उतार दिया।

कांग्रेस ने ठाकोर सेना की उस मांग को भी ठुकरा दिया, जिसमें उनके एक और प्रत्याशी को साबरकांठा लोकसभा सीट से टिकट देने की मांग की गई थी। संगठन के एक सदस्य जगत ठाकोर ने मीडिया से बात करते हुए बताया था कि कांग्रेस महत्वपूर्ण फैसलों में अल्पेश ठाकोर की राय नहीं ले रही थी।

बता दें अल्पेश ठाकोर गुजरात विधानसभा चुनाव 2017 से ठीक पहले कांग्रेस में शामिल हुए थे। उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर राधनपुर सीट से चुनाव लड़ा और जीत भी दर्ज की। पार्टी छोड़ने से पहले उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की थी और पार्टी के राज्य नेतृत्व के कामकाज के खिलाफ अपनी नाराजगी व्यक्त की थी। ओबीसी नेता ने दावा किया था कि उनके समुदाय और समर्थक ‘धोखा’ और ‘अवहेलना’ महसूस कर रहे हैं।

कांग्रेस के राज्य अध्यक्ष का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि गुजरात में कमजोर नेता पार्टी के शीर्ष पर हैं। हालांकि वह बीजेपी में शामिल होंगे या नहीं इस पर सवाल के लिए उनसे संपर्क नहीं किया जा सका।

सुरेंद्र सिंह की हत्या मामले में तीन संदिग्ध गिरफ्तार

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नई दिल्ली – यूपी के अमेठी में स्मृति ईरानी के करीबी सुरेंद्र सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सुरेंद्र सिंह के हत्या मामले में पुलिस ने तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है और हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार को भी बरामद कर लिया है। यूपी के डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि हमने तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। दो आरोपी अब भी फरार हैं, जिन्हें हम जल्द ही गिरफ्तार कर लेंगे। सभी साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट है कि पाचों संदिग्धों और मृतक के बीच राजनीतिक रंजिश थी। यह हत्या राजनीतिक रंजिश का नतीजा है।

गौरतलब है कि अमेठी से नवनिर्वाचित सांसद स्मृति ईरानी के करीबी माने जाने वाले बरौलिया गांव के पूर्व प्रधान की अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। अपर पुलिस अधीक्षक दयाराम ने रविवार को बताया था कि बरौलिया गांव के पूर्व प्रधान स्थानीय भाजपा नेता सुरेंद्र सिंह को शनिवार रात करीब 11.30 बजे अज्ञात बदमाशों ने गोली मार दी । उन्हें गंभीर हालत में इलाज के लिए लखनऊ भेजा गया, जहां उनकी मौत हो गयी। उन्होंने बताया कि सुरेन्द्र सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने रविवार को पांच लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की।

दयाराम ने बताया कि वसीम, नसीम, गोलू, धर्मनाथ और बीडीसी सदस्य (ब्लाक डेवलपमेंट कमेटी क्षेत्र विकास समिति) रामचंद्र के खिलाफ सुरेन्द्र सिंह की हत्या के मामले में धारा 302 (हत्या) और 120-बी (आपराधिक साजिश) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। रामचंद्र बीडीसी सदस्य एवं कांग्रेस नेता है। उन्होंने बताया कि प्रथमदृष्टया मामला लोकसभा चुनाव और पूर्व में पंचायत चुनाव के दौरान हुई रंजिश का होने की आशंका है।

दयाराम ने बताया कि नसीम, वसीम और गोलू पर गोली मारने का आरोप है। इस बीच स्मृति ईरानी दोपहर बाद बरौलिया गांव पहुंचीं और सुरेन्द्र सिंह की अंतिम यात्रा में शामिल हुईं। स्मृति ने सिंह के पार्थिव शरीर पर पुष्प चढाये। इस दौरान वह काफी भावुक हो गयीं। स्मृति ने सिंह के पार्थिव शरीर को कंधा भी दिया । इससे पहले वह सिंह के परिवार वालों से मिलीं और उन्हें ढाढस बंधाया। सुरेन्द्र सिंह स्मृति ईरानी के बहुत करीबी माने जाते थे । सिंह के घर पहुंची स्मृति ने उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने के बाद यहां संवाददाताओं से कहा, ”मैं इस घटना से बहुत दुखी हूं। सरकार एवं भाजपा संगठन दु:ख की इस घड़ी में परिवार के साथ है।”

उन्होंने कहा, ”दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवायी जाएगी … जिसने गोली चलाई और जिसने गोली चलाने का आदेश दिया है, उसे फांसी के फंदे तक पहुंचाने के लिए आवश्यक हुआ तो उच्चतम न्यायालय तक जाएंगे।” स्मृति ने कहा कि अमेठी को आतंकित करने की नीयत से सुरेंद्र सिंह की हत्या की गई है। अमेठी टूटे, अमेठी झुके, इस घटना के पीछे यही छिपा है। उन्होंने कहा कि भाजपा का 11 करोड़ का परिवार सुरेंद्र सिंह के परिवार के साथ खड़ा है। कानून की मर्यादा में रहकर दोषियों को सजा दिलाई जाएगी।

ईरानी ने कहा, ”हम सबको संयम बरतना चाहिए। धैर्य से काम लेना होगा। दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।” इस बीच लखनऊ में उत्तरप्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओ पी सिंह ने कहा, ”हमें पुरानी रंजिश का पता चला है। हम ये भी पता कर रहे हैं कि कहीं कोई राजनीतिक दुश्मनी तो नहीं थी। यूपी पुलिस की टीमें सघन जांच कर रही हैं। अब तक हमने सात लोगों को हिरासत में लिया है। हमें इलेक्ट्रानिक सर्विलांस से कुछ महत्वपूर्ण तथ्य भी मिले हैं।”

उन्होंने कहा, ”मुझे उम्मीद है कि अगले 12 घंटे में हम हत्या की वजह का पता कर लेंगे। सभी संभावित पहलुओं को देखा जा रहा है।” उत्तरप्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता की मौत अत्यंत दुखद है। वह परिश्रमी कार्यकर्ता थे। भले ही हत्यारे पाताल में क्यों ना छिपे हों, उन्हें ढूंढ निकालेंगे। इस घटना से पूरी अमेठी दुखी है। उत्तर प्रदेश की कैबिनेट मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा की कोई गुंजाइश नहीं है। हत्यारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

उत्तरप्रदेश के राज्यमंत्री मोहसिन रजा भी पूर्व प्रधान के घर पहुंचे। उन्होंने कहा कि हत्यारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। रजा ने बताया कि सिंह की हत्या उस समय हुई, जब वह सो रहे थे। यह अत्यंत जघन्य घटना है। रजा अमेठी के प्रभारी मंत्री भी हैं। सिंह के बेटे अभय सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि कुछ कांग्रेस समर्थक असामाजिक तत्वों को अमेठी में भाजपा की जीत रास नहीं आई। सिंह की हत्या पर भाजपा के अमेठी लोकसभा क्षेत्र के संयोजक राजेश अग्रहरि ने ‘भाषा’ से कहा, ” कांग्रेस की हताशा और घटना के हालात को देखते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।”

राजेश ने कहा कि चुनाव के बाद से कांग्रेस में हताशा है इसलिए घटना की गहन जांच हो और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने कहा कि इसे राजनैतिक हत्या होने से इंकार नहीं किया जा सकता। सभी पहलुओं पर जांच हो रही है। सिंह पूर्व प्रधान रहे हैं इसलिए यह पुरानी रंजिश का मामला भी हो सकता है।

लोकसभा चुनाव के दौरान जूता वितरण प्रकरण में सुरेंद्र सिंह काफी चर्चा में रहे थे। उन्हें स्मृति ईरानी का करीबी माना जाता था। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने स्मृति ईरानी पर बरौलिया गांव के लोगों को जूते बांटने का आरोप लगाते हुए इसे अमेठी के लोगों का अपमान बताया था। बरौलिया गांव को पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत गोद लिया था।

राहुल के इस्तीफे की पेशकश कार्य समिति ने ठुकराई

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नयी दिल्ली – कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव में पार्टी की हार की जिम्मेदारी लेते हुए शनिवार को पार्टी की कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में इस्तीफे की पेशकश की, लेकिन सदस्यों ने इसे ठुकरा दिया और प्रतिकूल परिस्थिति में उनसे पार्टी का नेतृत्व करते रहने का आग्रह किया। साथ ही सीडब्ल्यूसी की बैठक में गांधी को पार्टी संगठन में आमूलचूल परिवर्तन के लिए अधिकृत किया गया।

कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में लोकसभा चुनाव में करारी हार के कारणों पर मंथन किया गया और एक प्रस्ताव पारित किया गया। बाद में पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने संवादाताओं से कहा, ‘राहुल गांधी जी ने इस्तीफे की पेशकश की। सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से उनकी पेशकश को खारिज किया और आग्रह किया कि आपके नेतृत्व की जरूरत है और आगे भी रहेगी।’ उन्होंने कहा, ‘अगर कोई नेता राष्ट्रीय स्तर पर विपक्ष की भूमिका निभा सकता है तो वह राहुल गांधी हैं।’ पार्टी के वरिष्ठ नेता ए के एंटनी ने कहा, “पार्टी का प्रदर्शन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा। पार्टी इस पर विचार करेगी। हम तत्काल किसी निष्कर्ष नहीं पहुंच सकते कि क्यों हारे? इस पर विस्तृत चर्चा होगी।’

सीडब्ल्यूसी की बैठक में पारित प्रस्ताव में कहा गया है, ‘कांग्रेस कार्यसमिति 12.13 करोड़ साहसी व सजग मतदाताओं को धन्यवाद देती है, जिन्होंने कांग्रेस पार्टी में अपना विश्वास व्यक्त किया। कांग्रेस पार्टी एक जिम्मेदार व सकारात्मक विपक्ष के रूप में अपना कर्तव्य निभाएगी और देशवासियों की समस्याओं को सामने रख, उनके प्रति सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करेगी।’ सीडब्ल्यूसी ने कहा, ‘ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कांग्रेस कार्यसमिति के सम्मुख अध्यक्ष पद से अपने इस्तीफे की पेशकश की, मगर कार्यसमिति के सदस्यों ने सर्वसम्मति व एक स्वर से इसे खारिज करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष का आह्वान किया कि प्रतिकूल व चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में पार्टी को राहुल गांधी के नेतृत्व व मार्गदर्शन की आवश्यकता है।’ प्रस्ताव में कहा गया है, ” कांग्रेस कार्यसमिति ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को देश के युवाओं, किसानों, महिलाओं, अनुसूचित जाति/जनजाति/पिछड़ों, गरीबों, शोषितों व वंचितों की समस्याओं के लिए आगे बढ़कर जूझने का आग्रह किया।’ सीडब्ल्यूसी ने कहा, ‘कांग्रेस कार्यसमिति उन चुनौतियों, विफलताओं और कमियों को स्वीकार करती है, जिनकी वजह से ऐसा जनादेश आया।

कांग्रेस कार्यसमिति पार्टी के हर स्तर पर संपूर्ण आत्मचिंतन के साथ साथ कांग्रेस अध्यक्ष को अधिकृत करती है कि वह पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में आमूलचूल परिवर्तन एवं विस्तृत पुनर्संरचना करें। इसके लिए योजना जल्द से जल्द लागू की जाए।’ प्रस्ताव में यह भी कहा गया है, ‘कांग्रेस पार्टी ने चुनाव हारा है, लेकिन हमारा अदम्य साहस, हमारी संघर्ष की भावना और हमारे सिद्धांतों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता पहले से ज्यादा मजबूत है। कांग्रेस पार्टी नफरत और विभाजन की ताकतों से लोहा लेने के लिए सदैव कटिबद्ध है।’ कांग्रेस कार्यसमिति ने देश के समक्ष मौजूदा समय में अनेकों चुनौतियों का संज्ञान लिया जिनका हल नई सरकार को ढूंढना है। सीडब्ल्यूसी की बैठक में राहुल गांधी के अलावा संप्रग प्रमुख सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और कार्यसमिति के अन्य सदस्य शामिल हुए।

गौरतलब है कि इस लोकसभा चुनाव में पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा है। वह 52 सीटों पर सिमट गई है। 2014 के चुनाव में 44 सीटें जीतने वाली पार्टी को इस बार बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन उसकी उम्मीदों पर पानी फिर गया।

16वीं लोकसभा राष्ट्रपति ने की भंग

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नयी दिल्ली : राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शनिवार को 16वीं लोकसभा भंग करने की कैबिनेट की सिफारिश को मंजूरी दे दी । यह जानकारी राष्ट्रपति भवन ने दी है । शुक्रवार को कैबिनेट ने 16वीं लोकसभा भंग करने की सिफारिश की थी और राष्ट्रपति से इसे तत्काल प्रभाव से भंग करने का आग्रह किया था ।

राष्ट्रपति भवन की विज्ञप्ति के अनुसार, राष्ट्रपति ने कैबिनेट की इस सिफारिश को स्वीकार करते हुए संविधान के अनुच्छेद 85 के उपबंध 2 के सह उपबंध :ब: के तहत प्राप्त अधिकारियों का प्रयोग करते हुए 16वीं लोकसभा भंग करने के आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए ।

16वीं लोकसभा का कार्यकाल 3 जून को समाप्त हो रहा है । इसकी पहली बैठक 4 जून 2014 को बुलाई गई थी और तब सदस्यों ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली थी ।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को 16वीं लोकसभा भंग करने की सिफारिश की थी। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय मंत्रिपरिषद ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को सामूहिक इस्तीफा सौंप दिया था । राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री सहित मंत्रिपरिषद का इस्तीफा स्वीकार करते हुए प्रधानमंत्री से नयी सरकार बनने तक पद पर बने रहने का आग्रह किया है।

रविवार को मां का आशीर्वाद लेंगे मोदी

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नयी दिल्ली – प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लोकसभा चुनाव में अपनी पार्टी की प्रचंड जीत के बाद मां का आशीर्वाद लेने रविवार को गुजरात जाएंगे।

मोदी सोमवार को अपने लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी जाएंगे जहां से उन्होंने 4.79 लाख मतों के अंतर से चुनाव जीता है। प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, ‘‘मां का आशीर्वाद लेने कल शाम गुजरात जाऊंगा। उसके अगले दिन सुबह मैं काशी में हूंगा और इस महान भूमि के लोगों ने मुझ पर जो भरोसा दिखाया है, उसके लिए उनका शुक्रिया अदा करूंगा। ’’