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मिल सकता है महाराष्ट्र भाजपा को नया अध्यक्ष

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मुंबई – भारतीय जनता पार्टी की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष रावसाहेब दानवे को केंद्रीय मंत्रिपरिषद में शामिल किये जाने के बाद प्रदेश की सत्तारूढ़ पार्टी को इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव में नेतृत्व के लिए नया चेहरा मिलने की संभावना है ।

भारतीय जनता पार्टी के सूत्रों ने बताया कि दानवे के उत्तराधिकारी के चयन के लिए प्रदेश इकाई की बैठक शीघ्र होने की संभावना है । सत्तारूढ़ दल के एक वरिष्ठ नेता ने बताया, ‘‘पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व और राज्य इकाई की कोर कमेटी के परामर्श के आधार पर इस संबंध में कोई निर्णय किया जाएगा । पहले पार्टी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त होने दीजिए ।’’

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कैबिनेट में शामिल किया गया है । शाह गुजरात की गांधीनगर लोकसभा सीट से सांसद हैं । उत्तर महाराष्ट्र के जालना से फिर से चुने गए दानवे को गुरूवार को मोदी की नयी टीम में राज्यमंत्री के तौर पर शपथ दिलायी गयी । उन्हें उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग दिया गया है । वह इससे पहले भी मोदी मंत्रिमंडल में इसी विभाग के राज्य मंत्री रह चुके हैं ।

दानवे को देवेंद्र फडणवीस के स्थान पर प्रदेश इकाई का अध्यक्ष बनाया गया था जब अक्टूबर 2014 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के बाद फडणवीस को प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया गया था ।

श्रद्धालुओं के लिये कल खुलेगा हेमकुंड साहिब

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गोपेश्वर – उच्च गढ़वाल हिमालय में स्थित विश्वप्रसिद्ध सिख तीर्थस्थल हेमकुंड साहिब के कपाट शीतकालीन अवकाश के बाद कल से फिर श्रद्धालुओं के लिये खोल दिये जायेंगे ।

मंदिर के प्रबंधन ट्रस्ट के वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने बताया कि गढ़वाल आयुक्त बीवीआरसी पुरूषोत्तम ने 8000 श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को आज गोविंदघाट गुरूद्वारा में अखंड पाठ के बाद वहां से हेमकुंड साहिब के लिये रवाना किया ।

गोविंदघाट से 21 किलोमीटर दूर हेमकुंड साहिब गुरूद्वारा समुद्र तल से 15000 फीट की उंचाई पर एक झील के किनारे स्थित है । ऐसी मान्यता है कि सिखों के दसवें गुरू गोविंद सिंह ने यहां एक झील के किनारे तपस्या की थी ।

सर्दियों में भारी बर्फवारी और भीषण ठंड की चपेट में रहने के कारण उसे श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया जाता है जो जून में दोबारा खोल दिया जाता है । खुले रहने की अवधि के दौरान देश—विदेश से लाखों श्रद्धालु यहां आते हैं ।

इस गुरूद्वारे तक पहुंचने के लिये श्रद्धालुओं को पुलना से करीब 18 किलोमीटर की खडी चढाई वाला रास्ता तय करना पडता है ।

मोदी सरकार में अमित शाह को गृह, राजनाथ को रक्षा, निर्मला को मिला वित्त मंत्रालय

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नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली राजग सरकार में अमित शाह को गृह मंत्रालय और राजनाथ को रक्षा मंत्रालय का प्रभार दिया गया । राष्ट्रपति भवन के प्रवक्ता ने इस आशय की जानकारी दी ।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पास कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग, परमाणु ऊर्जा एवं महत्वपूर्ण नीति से जुड़े मुद्दों वाले तथा बिना आवंटित विभाग रहेंगे ।

पूर्व विदेश सचिव रहे एस जयशंकर भारत के नए विदेश मंत्री बनाए गए हैं। अमेठी की सांसद स्मृति ईरानी को महिला एवं बाल विकास तथा कपड़ा मंत्रालय मिला । पीयूष गोयल फिर से रेल मंत्री बनाये गए हैं ।

निर्मला सीतारमण को वित्त मंत्रालय का प्रभार दिया गया है जबकि प्रकाश जावड़ेकर को सूचना एवं प्रसारण तथा वन एवं पर्यावरण मंत्रालय दिया गया है ।

राष्ट्रपति भवन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, नितिन गडकरी सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री बने रहेंगे । धर्मेन्द्र प्रधान के पास पेट्रोलियम मंत्रालय बना रहेगा ।

राम विलास पासवान उपभोक्ता मामलों के मंत्री बने रहेंगे । नरेन्द्र सिंह तोमर नये कृषि मंत्री होंगे, उनके पास ग्रामीण विकास मंत्रालय भी रहेगा ।

रविशंकर प्रसाद दूरसंचार के अलावा विधि एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री होंगे जबकि रमेश पोखरियाल निशंक नये मानव संसाधन विकास मंत्री होंगे ।

गौरतलब है कि नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी । उनके साथ 24 कैबिनेट मंत्रियों, नौ ने राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 24 अन्य ने राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली थी।

ममता बनर्जी ‘जय श्री राम’ का नारा लगाने पर भड़कीं

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नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी गुरुवार को उस समय अपना आपा खो बैठीं जब कुछ लोगों के एक समूह ने ‘जय श्री राम’ के नारे लगाये। बनर्जी का काफिला उत्तरी 24 परगना जिले के संकटग्रस्त भाटपारा से गुजर रहा था तभी कुछ लोगों ने जय श्री राम के नारे लगाये जिसके बाद वह एक बार फिर अपना आपा खो बैठीं। इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। तृणमूल कांग्रेस(TMC) की प्रमुख लोकसभा चुनाव परिणामों के बाद अपने पार्टी कार्यकर्ताओं पर हुई हिंसा के खिलाफ एक धरने में हिस्सा लेने के लिए नैहाटी जा रही थी। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में कुछ लोग उस समय जय श्री राम के नारे लगाते हुए नजर आ रहे हैं, जब बनर्जी का काफिला भाटपारा क्षेत्र से गुजर रहा था। इस क्षेत्र में चुनाव परिणामों की घोषणा होने के बाद से भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच हिंसा चल रही है। यह क्षेत्र भाजपा के नवनिर्वाचित सांसद अर्जुन सिंह का गढ़ माना जाता है। सिंह ने चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के दिनेश त्रिवेदी को पराजित किया है।

नाराज बनर्जी अपनी कार से बाहर आईं और उन्होंने अपने सुरक्षा अधिकारियों से इन पुरूषों के नाम लिखने को कहा। उन्हें यह कहते हुए सुना गया, ‘आप अपने बारे में क्या सोचते हैं? आप अन्य राज्यों से आएंगे, यहां रहें और हमारे साथ दुर्व्यवहार करें। मैं इसे बर्दाश्त नहीं करूंगी। तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मुझे अपमानित करने की? आप सभी के नामों और विवरणों को लिख लिया जायेगा।’ मुख्यमंत्री के अपनी कार में वापस जाने के बाद उन लोगों ने फिर से जय श्री राम के नारे लगाये जिस वजह से उन्हें फिर से एक बार अपने वाहन से उतरना पड़ा।

इसके बाद नैहाटी में धरने में बैठे लोगों को संबोधित करते हुए बनर्जी ने कहा कि भाजपा के कुछ कार्यकर्ता उनकी कार के सामने आये और उन्हें अपशब्द कहने लगे। उन्होंने पूछा, ‘क्या यही लोकतंत्र है?’ इस घटना ने इस महीने की शुरूआत में पश्चिमी मिदनापुर जिले के चन्द्रकोना के निकट हुई इसी तरह की एक घटना की याद दिला दी। लोकसभा चुनाव प्रचार अभियान के दौरान सामने आई एक वीडियो में बनर्जी उस समय अपना आपा खोती नजर आई थीं जब उनका काफिला क्षेत्र से गुजर रहा था तो कुछ लोग जय श्री राम के नारे लगा रहे थे।

इस दौरान ममता बनर्जी ने मिथुन चक्रवर्ती की एक फिल्म ‘MLA Fatakeshto’ का डायलॉग भी बोला, जिसमें मिथुन ने कहा था…’मैं इन सभी लोगों को जानता हूं…मैं इन्हें चुनौती देता हूं कि अगर मैं तुम्हें यहीं मारता हूं।।।’ हालांकि ममता ने यह डायलॉग पूरा नहीं किया और कहा, ‘क्या आपको मिथुन चक्रवर्ती का यह डायलॉग याद है। मैं इस डायलॉग को पूरा नहीं कह सकती और ना ही मैं ऐसा कहूंगी लेकिन मैं इतना कहूंगी कि मैं तुम्हें यहां मारूंगी और न्याय कही और होगा।

सोनिया गांधी शामिल होंगी मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में

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नवी दिल्ली – सोनिया गांधी PM नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगी। मोदी 30 मई को राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री के पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे। समारोह की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। उधर, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पीएम मोदी के शपथ समारोह में शामिल होने से इनकार कर दिया है। पहले चर्चा थी कि वह इस समारोह में जाएंगी लेकिन एक दिन बाद ही उन्होंने कहा, ‘एक घंटे पहले तक मेरा प्लान था कि समारोह में जाऊंगी लेकिन मैं मीडिया रिपोर्ट देख रही हूं जिसमें बीजेपी दावा कर रही है कि बंगाल में हुई राजनीतिक हिंसा में 54 लोग मारे गए। यह झूठ है। मैं मजबूर हूं लेकिन मैं समारोह में शामिल नहीं हो पाऊंगी।’

बता दें कि नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल के लिए गुरुवार को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में सभी प्रदेशों के राज्यपालों, मुख्यमंत्रियों और प्रमुख विपक्षी दलों के नेताओं को आमंत्रित किया गया है। जिन विपक्षी नेताओं को आमंत्रित किया गया है उसमें कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, जद (एस) नेता और कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी और आप प्रमुख तथा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शामिल हैं। सूत्रों ने कहा कि सभी मुख्यमंत्रियों, राज्यपालों, पूर्व प्रधानमंत्रियों और पूर्व राष्ट्रपतियों को कार्यक्रम के लिये न्योता भेजा गया है। साथ ही बताया कि समारोह के लिये सभी बड़े राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों को न्योता भेजा जा रहा है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद गुरुवार को शाम सात बजे राष्ट्रपति भवन में मोदी और उनकी मंत्रिपरिषद के अन्य सदस्यों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। लोकसभा चुनाव में एक-दूसरे पर तीखे हमले के बाद विपक्षी नेताओं को न्योते को मोदी की ओर से उन तक पहुंचने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

इसके अलावा बिम्सटेक देशों के सभी नेताओं ने शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने की पुष्टि कर दी। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद कुमार जगन्नाथ और किर्गीस्तान के राष्ट्रपति एस जीनबेकोव ने भी कार्यक्रम में शिरकत करने को लेकर अपनी सहमति दे दी है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि बांग्लादेश के राष्ट्रपति अब्दुल हामिद, श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रिपाला सिरिसेना और नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लेने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि म्यामां के राष्ट्रपति यू विन मिंट और भूटान के प्रधानमंत्री लोटे शेरिंग ने भी इस बात की पुष्टि कर दी है कि वे इस कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। कुमार ने कहा कि थाईलैंड की ओर से विशेष दूत ग्रिसाडा बूनरैक समारोह में अपने देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। भारत के अलावा बिम्सटेक में बांग्लादेश, म्यामां, श्रीलंका, थाईलैंड, नेपाल और भूटान शामिल हैं।

एकता कपूर स्मृति ईरानी के संग 14 किलोमीटर पैदल चलकर सिद्धिविनायक मंदिर पहुंचीं

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नई दिल्ली – अमेठी में अपनी जीत के कुछ दिनों बाद ही भारतीय जनता पार्टी की नेता स्मृति ईरानी ने नंगे पैर 14 किलोमीटर चलकर सिद्धि विनायक मंदिर तक अपनी यात्रा पूरी की। इस दौरान स्मृति के साथ उनकी पुरानी दोस्त निर्माता एकता कपूर भी थीं। एकता कपूर मशहूर टीवी शो ‘क्योंकि सास भी बहू थी’ की निर्माता रह चुकी हैं और इसी कार्यक्रम ने स्मृति को हिंदुस्तान के घर-घर में मशहूर बना दिया।

एकता ने स्मृति संग एक तस्वीर को साझा करते हुए लिखा, “14 किलोमीटर तक सिद्धि विनायक के बाद का ग्लो। इस पर स्मृति ने कमेंट किया कि यह भगवान की इच्छा है, भगवान दयालु हैं”, इसके बाद एकता ने लिखा, “तुमने बिना जूते के इस यात्रा को पूरा किया! तुम्हारी इच्छा शक्ति अपार है।

स्मृति के पैरों पर कैमरे को जूम करते हुए एकता ने कहा, “हम सिद्धि विनायक जा रहे हैं और वह (स्मृति) जूते के बिना चल रहीं हैं। 14 किलोमीटर बिना जूते के, यकीन नहीं आता। अभी कुछ दिन पहले एकता ने ‘क्योंकि सास भी बहू थी’ के टाइटल ट्रैक की कुछ पंक्तियों को लिखकर स्मृति को उनकी जीत की बधाई दीं थीं। हाईप्रोफाइल अमेठी सीट पर स्मृति ने गांधी को 55,120 वोटों से पराजित किया।

पीएम मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में नहीं जाएंगी ममता बनर्जी

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कोलकाता – पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पीएम मोदी के शपथ-ग्रहण समारोह में जाने से साफ तौर पर इनकार कर दिया है। ममता बनर्जी ने यह फैसला उस खबर के बाद लिया है, जिसमें कहा गया है कि भाजपा दावा कर रही है कि बंगाल में राजनीतिक हिंसा में 54 लोगों की मौत हुई है। बता दें कि ममता बनर्जी ने मंगलवार को कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि प्रधानमंत्री का शपथ ग्रहण संवैधानिक और औपचारिक होता है, इसलिए वे इस कार्यक्रम में शामिल होंगी। मगर अब उन्होंने इसमें जाने से इनकार कर दिया है।

टीएमसी प्रमुख और सूबे की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को कहा कि शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने की मेरी योजना थी, हालांकि एक घंटे पहले तक मेरा प्लान था कि समारोह में जाऊंगी मगर मैं मीडिया रिपोर्ट देख रही हूं जिसमें बीजेपी दावा कर रही है कि बंगाल में हुई राजनीतिक हिंसा में 54 लोग मारे गए। यह झूठ है। मैं मजबूर हूं कि मैं समारोह में शामिल नहीं हो पाऊंगी।

उन्होंने एक चिट्ठी लिखी है, जिसमें लिखा है, ‘शुभकामनाएं नए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी। संवैधानिक निमंत्रण को स्वीकार कर शपथ ग्रहण समारोह में आने का मेरा प्लान था। मगर पिछले एक घंटे से मैं मीडिया रिपोर्ट्स देख रही हूं, जिसमें भाजपा दावा कर रही है कि उसके 54 लोग पश्चिम बंगाल में हो रही राजनीतिक हिंसा में मारे गए हैं, जो कि गलत है। बंगाल में कोई भी राजनीतिक हत्याएं नहीं हुई हैं। इन मौतों की वजहें व्यक्तिगत, पारिवारिक और अन्य विवाद हो सकती हैं, मगर कुछ भी राजनीति से संबंधित नहीं है। हमारे पास ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं है।

इसलिए मुझे माफ करें नरेंद्र मोदी जी। इसी वजह से मैं इस समारोह में शामिल नहीं के लिए मजबूर हूं। ये समारोह लोकतंत्र का जश्न मनाने का मौका है न कि किसी पार्टी को कम आंक कर राजनीति में नंबर बनाने का है। कृपया मुझे माफ करें।’ पीएम मोदी के दूसरे कार्यकाल के लिये गुरुवार को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में सभी प्रदेशों के राज्यपालों, मुख्यमंत्रियों और प्रमुख विपक्षी दलों के नेताओं को आमंत्रित किया गया है। उच्च पदस्थ सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

जिन विपक्षी नेताओं को आमंत्रित किया गया है उसमें कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, जद (एस) नेता और कर्नाटक के मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी और आप प्रमुख तथा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शामिल हैं।

सूत्रों ने कहा कि सभी मुख्यमंत्रियों, राज्यपालों, पूर्व प्रधानमंत्रियों और पूर्व राष्ट्रपतियों को कार्यक्रम के लिये न्योता भेजा गया है। उन्होंने कहा कि समारोह के लिये सभी बड़े राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों को न्योता भेजा जा रहा है।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद गुरुवार को शाम सात बजे राष्ट्रपति भवन में मोदी और उनकी मंत्रिपरिषद के अन्य सदस्यों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। लोकसभा चुनाव में एक-दूसरे पर तीखे हमले के बाद विपक्षी नेताओं को न्योते को मोदी की ओर से उन तक पहुंचने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। चुनाव में भाजपा ने जबर्दस्त जीत दर्ज की। सरकार ने शपथ ग्रहण समारोह में बिम्सटेक देशों के नेताओं को भी आमंत्रित किया है।

कोर्ट से मिली शशि थरूर को विदेश जाने की अनुमति

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नई दिल्ली – सुनंदा पुष्कर मौत मामले आरोपी कांग्रेस नेता शशि थरूर को दिल्ली की कोर्ट ने एक जून से 2 जुलाई तक विदेश जाने की अनुमति दे दी है। दरअसल, शशि थरूर ने विदेश जाने की कोर्ट से अनुमति मांगी थी, जिस पर कोर्ट ने यह फैसला सुनाया।

सुनंदा पुष्कर के पति और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर पर आईपीसी की धारा 498 ए (पति या उसके रिश्तेदार द्वारा महिला से क्रूरता) के तहत आरोप लगाया गया था, लेकिन मामले में उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया।

गौरतलब है कि सुनंदा पुष्कर 17 जनवरी 2014 की रात दिल्ली के एक लक्जरी होटल के कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई थीं। उस वक्त शशि थरूर के बंगले में मरम्मत का कुछ काम चल रहा था, इसलिए दोनों होटल में ठहरे हुए थे। उससे पहले उन्होंने आरोप लगाया था कि थरूर का पाकिस्तानी पत्रकार के साथ अफेयर चल रहा था।

जेटली स्वास्थ्य कारणों से नहीं बनना चाहते मंत्री

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नयी दिल्ली – सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए निवर्तमान वित्तमंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा और कहा कि वह स्वास्थ्य संबंधी कारणों की वजह से नयी सरकार में मंत्री नहीं बनना चाहते हैं।

जेटली ने चार पैराग्राफ के पत्र में कहा कि वह अपने उपचार और स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहते हैं, इसलिए उन्होंने नयी सरकार में मंत्री न बनने की अपनी इच्छा के बारे में मोदी को मौखिक रूप से सूचित कर दिया था।

उन्होंने प्रधानमंत्री को भेजे गए अपने पत्र में लिखा, मैं आपसे औपचारिक आग्रह करने के लिए पत्र लिख रहा हूं कि मुझे स्वयं के लिए, मेरे उपचार और स्वास्थ्य के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए और इसलिए मुझे नयी सरकार में फिलहाल कोई दायित्व नहीं दिया जाए।

मराठी भाषा में शपथ लेंगे शिवसेना के सांसद

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मुंबई – शिवसेना के नवनिर्वाचित सांसद मराठी में शपथ ग्रहण करेंगे। पार्टी के एक नेता ने यह जानकारी दी। महाराष्ट्र में भाजपा गठबंधन में शिवसेना ने 48 सीटों में से 18 सीटों पर जीत हासिल की। वहीं भातपा ने 23 सीट जीती हैं। कल्याण से शिवसेना के सांसद श्रीकांत शिंदे ने सोमवार रात को कहा, सांसदों ने शपथ लेने के लिए अपनी पसंद की भाषा चुनी है। हम मराठी भाषा एवं अपनी मातृभूमि पर गर्व करते हैं। और तो और शिवसेना का उदय ही मराठी भाषा को बचाने एवं बढ़ावा देने के लिए हुआ था। इसलिए हमारे सारे सांसद मराठी में शपथ लेंगे।

भाजपानीत एनडीए अब महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुट गई है जो इस साल अक्टूबर में होने वाले हैं। शिवसेना एनडीए की पुरानी घटक है। बता दें कि 17वीं लोकसभा का पहला सत्र छह जून से शुरू होकर 15 जून तक चलेगा।