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भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर को मालेगांव विस्फोट मामले में झटका

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नई दिल्ली। भोपाल की नवनिर्वाचित सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर को 2008 के मालेगांव बम विस्फोट मामले में सोमवार को यहां की एक विशेष अदालत में पेश होने से छूट नहीं मिल पाई। प्रज्ञा इस मामले में आरोपी हैं।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी के विशेष न्यायाधीश वीएस पडालकर ने अदालत में पेश होने से छूट के लिए दिए गए प्रज्ञा के आवेदन को ठुकरा दिया। आवेदन में प्रज्ञा ने कहा था कि उन्हें संसद से जुड़ी कुछ औपचारिकताएं पूरी करनी हैं, लेकिन पडालकर ने उनका आवेदन अस्वीकृत करते हुए कहा कि मामले में फिलहाल जो स्थिति है उसमें उनकी उपस्थिति अनिवार्य है।

अदालत ने प्रज्ञा को इस सप्ताह पेश होने का आदेश दिया। अदालत ने कहा कि छूट के लिए आवेदन में बताए गए कारणों को स्वीकार नहीं किया जा सकता। अदालत के अनुसार, आरोपी (प्रज्ञा) ने अदालत में मौजूद रहने की बात कही, लेकिन ऐसा करने में नाकाम रही। अदालत ने कहा कि शुरू में पेश होने से छूट दी गई थी।

अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ अपना मामला साबित करने के लिए सबूत पुख्ता करने की खातिर गवाहों को बुला रहा है। इसलिए आरोपी की मौजूदगी आवश्यक है। साथ ही अदालत ने कहा कि अतीत के कई आदेशों में उच्चतम न्यायालय ने निचली अदालतों से ऐसे मामलों का तेजी से निपटारा करने की जरूरत पर जोर दिया है जिनमें राजनीतिक हस्तियां शामिल हैं।

मालेगांव मामले में सात आरोपियों के खिलाफ मामले पर सुनवाई कर रही अदालत ने इस साल मई में, सभी को सप्ताह में कम से कम एक बार अपने समक्ष पेश होने का आदेश दिया था। अदालत ने कहा था कि ठोस कारण बताए जाने पर ही पेश होने से छूट दी जाएगी।

दो सप्ताह पहले अदालत ने प्रज्ञा तथा दो अन्य आरोपियों- लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित और सुधाकर चतुर्वेदी को एक सप्ताह के लिए पेश होने से छूट दी थी।

भारतीय वायुसेना के लापता AN-32 विमान का मलबा मिला

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नवी दिल्ली – असम के जोरहाट एयरबेस से अरुणाचल प्रदेश के मेन्चुका के लिए उड़ान भरने वाले भारतीय वायुसेना के विमान IAF AN-32 का मलबा मिलने की खबर है। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि एक हेलीकॉप्टर सर्च टीम ने भारतीय वायुसेना AN-32 के मलबे को देखा है। विमान में सवार लोगों की फिलहाल तलाश जारी है।

इस विमान में करीब 13 लोगों के मौजूद होने की जानकारी मिली थी। विमान का ग्राउंड स्टाफ से आखिरी संपर्क करीब 1 बजे हुआ था। विमान ने जोरहाट दोपहर 12:25 पर उड़ान भरी थी।

भारतीय वायु सेना ने IAF AN-32 विमान का पता लगाने के लिए एक सुखोई -30 लड़ाकू विमान और सी -130 स्पेशल ऑप्स विमानों को भेजा गया था। AN-32 रूस निर्मित वायुयान है और वायुसेना बड़ी संख्या में इन विमानों का इस्तेमाल करती है। यह दो इंजन वाला ट्रर्बोप्रॉप परिवहन विमान है। मेन्चुका एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड चीन की सीमा से ज्यादा दूर नहीं है।

मेन्चुका एडवांस लैंडिंग ग्राउंड, जहां विमान को उतरना था, को पिछले साल 12 जुलाई को दोबारा शुरू किया गया है। 2013 से ये बंद था। बता दें 3 साल पहले भी ऐसे ही एक AN-32 विमान लापता हुआ था जिसका अभी तक मलबा भी नहीं मिल पाया है। अभी तक 9 AN-32 विमान क्रैश हो चुके हैं।

क्या अब कुछ समय चैन से जी सकेंगे सभी देशवासी ?

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पिछले कुछ समय से भारत के अधिकांश लोगों की सोच, पसंद, भाषा और शब्दों में जो गिरावट आ गई थी, उसने मुझे ही नहीं, बल्कि अनगिनत देशवासियों को अस्वस्थ कर दिया था । मैंने तो फ़ेसबुक और इन्टरनेट से एक महीने के लिये सम्बन्ध ही विच्छेद कर लिया था । इसका मुख्य कारण हर क्षेत्र में बढती जा रही स्तरहीनता ही रहा है । बात केवल राजनीति के क्षेत्र की नहीं है । राजनीति के क्षेत्र में तो इस तरह की असभ्यता इस बार पहली ही बार दिखाई दी है । किसी भी राजनेता ने सभ्यता, शालीनता और विनम्रता का प्रदर्शन ही नहीं किया । अधिक से अधिक निचले दर्जे की बातें सभी नेतागण कहते रहे । इस बार व्यक्तिगत स्तर पर भी कीचड उछालने की होड लगी रही । मैं उन शब्दों को दोहराना नहीं चाहता, जो इस बार अनेक राजनेताओं ने एक-दूसरे के विरुद्ध प्रयुक्त किये ।

वास्तव में उस तरह के शब्द और वैसी भाषा मुझे ही नहीं, किसी भी सामान्य, सभ्य, सुशिक्षित, शालीन व्यक्ति को प्रयुक्त करने में असमर्थता ही महसूस होगी । राजनेताओं का तो यह नियम ही बन गया है कि केवल चुनाव के कुछ दिनों में वो दयनीय भिखारी बन कर गली गली, मोहल्ले-मोहल्ले, घर-घर हाथ जोडे हुए भीख मांगने का नाटक करते रहते हैं, और चुनाव समाप्त होते ही, अपने असली खूंखार रूप में अवतरित हो जाते हैं । जीते हुए राजनेता आम जनता के पैसों पर ठाठ करते रहते हैं, सारी सुविधाओं का लाभ उठाते रहते हैं, और सुरक्षा कर्मियों की भीड में उन्हीं लोगों से अकडकर दूरी बनाते रहते हैं, जिनके चरण वे कुछ दिन पहले ही छूते रहते थे । उनसे मिलने के अनेक प्रयासों में विफ़ल होने के बाद निराश और हताश आम नागरिक केवल अपने दुर्भाग्य को कोसता रह जाता है ।

हर नागरिक पता नहीं क्यों, फ़िर भी हर बार वही गलती दोहराता रहता है और हर बार यह सब कुछ जानते हुए भी उन्हीं रक्त पिपासुओं को खुद ही चुनता रहता है, कि ये राजनेता कभी किसी के नहीं होते । मैंने अपने लगभग पिचहत्तर वर्षीय जीवन में बहुत सा बदलाव देखा है और अनेक प्रकार के कटु अनुभवों को ग्रहण किया है । जैसे जैसे समय बीतता जा रहा है, वैसे वैसे ही राजनेताओं का स्तर गिरता जा रहा है, और उनका व्यवहार भी बदलता जा रहा है । आकाशवाणी के कारण मुझे सभी विशालतम से लेकर सामान्य स्तर तक के राजनेताओं के बहुत निकट रहने के अनगिनत अवसर प्राप्त होते रहे । मैं किसी दल से अपने आप को कभी भी जोड नहीं पाया, परंतु व्यक्तिगत तौर पर मैंने अनेक नेताओं के व्यवहार को बहुत पसंद किया ।

पंडित जवाहरलाल नेहरू, आचार्य कृपलानी, डाक्टर राममनोहर लोहिया, लाल बहादुर शास्त्री, इन्दिरा गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी, लाल कृष्ण आडवाणी, पी0 वी0 नरसिंह राव, मोरारजी भाई देसाई जैसे नेताओं से लेकर वसंतराव नाइक, वसंत दादा पाटिल, यशवंतराव चव्हाण, शंकरराव चव्हाण, बाला साहब ठाकरे, प्रिंसिपल मनोहर जोशी, शरद पवार, द्वारका प्रसाद मिश्र, अर्जुन सिंह, राजमाता विजयाराजे सिंधिया, मोहन लाल सुखाडिया, पंडित गोविन्द वल्लभ पंत, विलासराव देशमुख, आर0 आर0 पाटिल, गोपीनाथ मुंडे, अनिल देशमुख, डाक्टर श्रीकांत जिचकर आदि अनगिनत नेताओं से मुझे भरपूर स्नेह प्राप्त होता रहा । मुझे यह लिखने में कोई झिझक नहीं है कि आजकल के अधिकांश नेताओं में न सहज भाव रह गया है, न स्नेह पूर्ण व्यवहार रह गया है, और न अपनापन रह गया है । अब तो केवल शान, दिखावा, अकड, और अशिष्टता ही रह गई है, अधिकांश राजनेताओं में ।

इसीलिये मैं किसी से मिलता नहीं और मिलना चाहता भी नहीं । विभिन्न नागरिक भी पता नहीं क्यों फ़ेसबुक पर और इन्टरनेट पर कुछ भी असभ्य टिप्पणियां करने लग गये थे । कुछ लोग तो अश्लील टिप्पणियां करने में भी नहीं झिझके । इस प्रकार की बातों से मैं बहुत ही चिढने लग गया था । कला के क्षेत्र में भी अजीब चलन शुरू हो गया है । बेसुरे-बेताले लोग घर में बैठकर या मंच पर कैसा भी गाने-बोलने लगे हैं । उनके इस दुस्साहस की प्रशंसा करने वालों की भी कमी नहीं रहती । यह सब देख-सुन कर कम से कम मैं बहुत ही बेचैनी महसूस करने लगा था ।

मेरा सानिध्य हमेशा सुर, ताल और सभ्य भाषा से रहा है । इसलिये बेसुरा, बेताला और असभ्य प्रदर्शन मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा था । इसी कारण से मैंने फ़ेसबुक और इन्टरनेट से पिछले एक महीने से अभी तक अपने आपको दूर करके रखा हुआ था । टैलीविज़न तो मैं देखता ही नहीं । रेडियो सुने हुए भी बहुत लम्बा समय बीत गया है । आजकल का चिल्लाना और कुछ भी बोलते रहना मेरे लिये असह्य हो गया है । अब लोकसभा के चुनाव तो समाप्त हो गये, ज़हर उगलने का समय चला गया । विधान सभा के चुनावों में अभी कुछ महीने शेष हैं । मैं केवल यही सोच रहा हूं कि क्या अब कुछ समय चैन से जी सकेंगे सभी देशवासी ?

किशन शर्मा,
901, केदार, यशोधाम एन्क्लेव,
प्रशांत नगर, नागपुर – 440015;
मोबाइल – 8805001042

देश के मुसलमानों को बीजेपी के सत्ता में आने से डरना नहीं चाहिए – ओवैसी

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नई दिल्ली: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने शुक्रवार को बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश के मुसलमानों को बीजेपी के सत्ता में आने से डरना नहीं चाहिए क्योंकि संविधान प्रत्येक नागरिक को धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार देता है। मक्का मस्जिद में एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘भारत का कानून, संविधान हमें इस बात की इजाजत देता है कि हम अपने धर्म का पालन करें।’ उन्होंने कहा, ‘जब भारत के प्रधानमंत्री मंदिर जा सकते हैं तो हम भी गर्व के साथ मस्जिद जा सकते हैं।’ इससे पहले ओवैसी ने योग गुरु रामदेव पर उनके उस बयान पर तंज कसा था, जिसमें उन्होंने कहा था कि देश की आबादी नियंत्रित करने के लिए ‘तीसरे बच्चे को वोट का अधिकार छीन लेना चाहिए।’

ओवैसी ने तंज भरा ट्वीट करते हुए रामदेव पर निशाना साधा था और कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को केवल इसलिए अपना वोट का अधिकार नहीं खोना चाहिए क्योंकि वह अपने माता-पिता के तीसरे बच्चे हैं। ओवैसी ने ट्वीट करते हुए लिखा था, ‘लोगों को असंवैधानिक बातें कहने से रोकने के लिए कोई कानून नहीं है, लेकिन रामदेव के विचारों पर अनुचित ध्यान क्यों दिया जाता है? वह अपने पेट के साथ कुछ कर सकते हैं या अपने पैरों को घुमा सकते हैं इसका मतलब यह नहीं है कि नरेंद्र मोदी अपना वोट देने का अधिकार सिर्फ इसलिए खो दें, क्योंकि वह तीसरी संतान हैं।’ बता दें, पीएम मोदी दामोदरदास मोदी और हीराबा मोदी की तीसरी संतान हैं। पीएम मोदी का गुजरात के वाडनगर में 17 सितंबर 1950 में जन्म हुआ था।

सोनिया गांधी फिर चुनी गईं कांग्रेस संसदीय दल की नेता

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नयी दिल्ली – संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन(संप्रग) की अध्यक्ष सोनिया गांधी को शनिवार को कांग्रेस संसदीय दल का नेता चुना गया।

इससे पहले भी सोनिया यह भूमिका निभा रही थीं। संसद के केंद्रीय कक्ष में हुई कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में सोनिया को नेता चुना गया। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला के मुताबिक नेता चुने जाने के बाद सोनिया ने देश के उन 12.13 करोड़ मतदाताओं का आभार प्रकट किया जिन्होंने इस लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के पक्ष में मतदान किया।

योगी आदित्यनाथ का नया फरमान, कैबिनेट में जाने से पहले जमा करना होगा मोबाइल फोन

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लखनऊ – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रियों के लिए नया फरमान जारी किया है। अब मंत्रिमंडल की होने वाली बैठकों में मंत्री मोबाइल फोन नहीं ला सकेंगे। उन्हें मोबाइल फोन उन्हें कैबिनेट कक्ष के बाहर छोड़ कर जाना होगा।

सीएम योगी आदित्यनाथ चाहते हैं कि मंत्रिमंडल की बैठकों में होने वाली चर्चा पूरी गंभीरता व बिना किसी व्यवधान के हो। मंत्रिमंडल के सदस्यों के बीच यदाकदा मोबाइल फोन अचानक बजने से बैठक में दिक्कतें आती हैं। यही नहीं बैठक के वक्त फोन पर आने वाले मैसेज पढ़ने से अच्छा संदेश नहीं जाता है। वैसे कुछ मंत्री सीएम द्वारा बुलाई बैठकों में जाने से पहले अपने निजी सचिवों को थमा देते हैं लेकिन यह काम उन्हें भूतल पर ही करना होता है।

सूत्र बताते हैं कि कुछ समय से सीएम ने बैठक में मोबाइल फोन के उपयोग को गंभीरता से लिया। इसीलिए अब मंत्री के साथ-साथ अफसर भी मोबाइल फोन नहीं ला सकेंगे। इस संबंध में मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडेय ने बकायदा एक आदेश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि मुख्यमंत्री द्वारा निर्देश दिये गये हैं कि लोकभवन स्थित मंत्रिपरिषद कक्ष के अंदर किसी भी शख्स द्वारा मोबाइल फोन न लाया जाए। सभी लोग सीएम के निर्देशों का पालन करें। यह पत्र उप मुख्यमंत्री, सभी कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार के राज्य मंत्री व राज्यमंत्रियों के निजी सचिवों को भेजा गया है। निजी सचिवों से कहा गया है कि वह यह निर्देश अपने अपने मंत्रियों के संज्ञान में ले आएं। सभी अपर मुख्य सचिवों व प्रमुख सचिवों से भी कहा गया है कि इसका पालन करें।

नई व्यवस्था में मंत्रियों को कोई असुविधा न हो, इसके लिए टोकन की व्यवस्था की गई है। इसका जिम्मा सामान्य प्रशासन विभाग को दिया गया है। इसके तहत जब मंत्री मंत्रिपरिषद कक्ष में सीएम द्वारा बुलाई गई बैठकों में जाएंगे तो वह मोबाइल फोन टोकन लेकर बाहर जमा कराएंगे। बाद में कक्ष से बाहर आने पर टोकन के जरिए उसे वापस ले सकेंगे।

आज से महंगी हुई रसोई गैस

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नई दिल्ली – घरेलू रसोई गैस सिलेंडर के बाजार भाव में 25 रुपए का इजाफा हो गया है। लगातार चौथे महीने रसोई गैस के दाम बढ़े हैं।इस माह रेट रिवीजन के बाद घरेलू एलपीजी सिलेंडर (14.2 किलो) 771.50 रुपए का हो गया है। बहुत समय बाद देखा गया है कि कॉमर्शियल गैस सिलेंडर (19 किलो) के दामों पर कोई बढ़ोत्तरी नहीं की की गई है। इस माह भी कारोबारियों को कॉमर्शियल सिलेंडर 1403.50 रुपए का पड़ेगा। बढ़ी हुई दरें शनिवार से लागू हो जाएंगी। इस माह उपभोक्ताओं के खाते में 274.41 रुपए की सब्सिडी जाएगी।

छोटू घरेलू गैस सिलेंडर (पांच किलो) 282.50 रुपए का हो गया है। अब पांच किलो वाले सब्सिडाइज गैस सिलेंडर पर उपभोक्ता के खाते में 97.62 रुपए की सब्सिडी जाएगी।

इंडियन ऑयल के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक जून से सब्सिडी वाला गैस सिलेंडर 497 रुपये 37 पैसे का मिलेगा। मई में इसकी कीमत 496 रुपये 14 पैसे थी। इसके साथ ही दिल्ली में बिना सब्सिडी वाले गैस सिलेंडर की कीमत में 25 रुपये की वृद्धि की गयी है। मई में इसकी कीमत 712 रुपये 50 पैसे थी जो जून में बढकर 737 रुपये 50 पैसे हो जाएगी।

ट्रंप से बात बिगड़ने पर किम ने 5 अफसरों को दी मौत की सजा

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सोल – उत्तर कोरियाई शासक किम जोंग उन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हनोई वार्ता बिगाड़ने का आरोप लगाते हुए पांच अधिकारियों को मौत के घाट उतार दिया। यह शिखर वार्ता फरवरी में हुई थी।

दक्षिण कोरिया के अखबार ‘द चोसुन इल्बो’ में शुक्रवार को छपी खबर के मुताबिक किम को चोल ने हनोई बैठक के लिए तैयार की थी और वह किम के साथ उनकी निजी ट्रेन पर गए थे। अपने सर्वोच्च नेता के साथ विश्वासघात करने के आरोप में उन्हें गोली मारने वाले दस्ते ने मौत के घाट उतार दिया। शिखर बैठक से पहले हुई बातचीत में चोल अमेरिका के प्रभाव में आ गए थे। जांच के बाद मार्च में किम ने चोल को विदेश मंत्रालय के चार अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिरिम हवाईअड्डे पर गोलियों से मरवा दिया। मीडिया में अन्य अधिकारियों के नाम नहीं दिए गए हैं।

मुझे इस बारे में कुछ पता नहीं: अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने कहा कि उन्होंने इस खबर को देखा है लेकिन इसकी पुष्टि नहीं कर सकते। उन्हें इस बारे में अभी कुछ पता नहीं है। बर्लिन यात्रा के दौरान उन्होंने कहा,‘आप जिस खबर के बारे में बात कर रहे हैं उसे हमने भी देखा है। हमलोग पुष्टि की कोशिश कर रहे हैं। मेरे पास इस बारे में कहने के लिए कुछ नहीं है।’

किम जोंग उन की दुभाषिया रहीं शिन योंग को शिखर वार्ता में गलती के लिए जेल शिविर में भेज दिया गया है। किम और ट्रंप के बीच हनोई में हुई बैठक विफल होने के बाद उत्तर कोरिया ने मई में दो कम दूरी वाले मिसाइल का भी प्रक्षेपण किया।

किम जोंग उन की क्रूरता नई नहीं है। गलतियों की सजा उनकी नजर में हर बार मौत होती है और इसके लिए गोलियों से भूनवा देना, पहाड़ी से नीचे फेंक देना, जिंदा जलवा देना और तोप से उड़वाना आदि शामिल हैं। 2011 में सत्ता संभालने के बाद से वह 400 अधिकारियों को मरवा चुके हैं। 2013 में अपने फूफा और 2017 में सौतेले भाई को भी मरवा दिया थी। किम कई बार तो किम एक अधिकारी की गलती की सजा उसके पूरे परिवार को दे देते हैं। किम के पिता किम जोंग इल भी अपना वर्चस्व दिखाने के लिए लोगों की निर्मम हत्या करवाते रहते थे।

निर्मला सीतारमण देश की पहली महिला ‘वित्तमंत्री’ बनीं

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नई दिल्ली: निर्मला सीतारमण उन महिला नेताओं में से एक हैं जो बेहद कम समय में राजनीति के शिखर तक पहुंची हैं। देश की पहली महिला रक्षा मंत्री होने का गौरव भी उन्‍हीं के नाम है और अब देश की पहली महिला वित्त मंत्री बन गई हैं। हालांकि उनसे पहले तात्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने पीएम पद के साथ-साथ वित्त मंत्री का कार्यभार 16 जुलाई 1969 से 27 जून 1970 तक संभाला था, लेकिन अभी तक किसी भी महिला को वित्तमंत्री के रूप में स्वंत्रत रूप से पद नहीं मिला। इस वजह से निर्मला सीतारमण पहली महिला वित्तमंत्री बनी गई हैं।

निर्मला सीतारमण पेशे से अर्थाशास्त्री और समाज सेविका भी हैं। वह देश की कई महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उनका जन्म 18 अगस्त 1959 को तमिलनाडु के मदुरै में हुआ था। उनके पिता नारायण सीतारमण भारतीय रेलवे में कार्यरत थे और इसी वजह से उनका बचपन राज्य के विभिन्न शहरों में बीता। उन्होंने सीतालक्ष्मी रामास्वामी कॉलेज से बीए किया, जिसके बाद उन्होंने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी से एमए इकोनॉमिक्स की डिग्री हासिल की। साथ ही उन्होंने जेएनयू से एमफिल किया।

निर्मला सीतारमण की शादी डॉक्टर पराकाला प्रभाकर से हुई। उनके पति पराकाला प्रभाकर आंध्र प्रदेश के रहने वाले हैं। सीतारमण की प्रभाकर से मुलाकात तब हुई थी जब वह जेएनयू में पढ़ रही थीं। प्रभाकर ने लंदन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स से पीएचडी की थी। इस वजह से भी मोदी कैबिनेट में निर्मला सीतारमण को यह पद हासिल हुआ है। प्रभाकर के साथ सीतारमण लंदन में रहने लगी थीं। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने लंदन के एक होम डिकोर में सेल्स गर्ल के रूप में कार्य किया था। बाद में उन्होंने प्राइसवॉटरहाउस कूपर्स में सीनियर मैनेजर के तौर पर काम किया। बता दें कि सीतारमण ने बीबीसी वर्ल्ड सर्विस में भी काम किया।

निर्मला सीतारमण 2003 से 2005 तक नेशनल कमिशन फॉर वुमन की सदस्य भी रह चुकी हैं। वह 2008 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुईं और उन्होंने पार्टी के प्रवक्ता के पद पर कार्य किया। बीजेपी के प्रवक्ताओं के रूप में निर्मला सीतारमण अक्सर टीवी चैनलों पर नजर आने लगीं। 2014 में उन्हें मोदी सरकार की कैबिनेट में शामिल किया गया। 2016 में निर्मला सीतारमण राज्य सभा की सदस्य बनीं।

26 मई 2016 में निर्मला सीतारमण भारत ने वाणिज्य और उद्योग (स्वतंत्र प्रभार) तथा वित्त व कारपोरेट मामलों की राज्य मंत्री के पद पर शपद ली। 3 सितंबर 2017 को सीतारमण भारत की पहली रक्षा मंत्री बनीं। बता दें कि इंदिरा गांधी ने भी रक्षा मंत्रालय की कमान संभाली थीं। उन्होंने प्रधानमंत्री रहते हुए रक्षा मंत्री का अतिरिक्त प्रभार संभाला था।

निर्मला सीतारमण ने 17 जनवरी 2018 को सुखोई-30 लड़ाकू विमान में उड़ान भरी थी। निर्मला सीतारमण पहली महिला रक्षा मंत्री रहीं, जिन्‍होंने लड़ाकू विमान में उड़ान भरी। इससे पहले 25 नवंबर 2009 में तीनों सेनाओं के सुप्रीम कमांडर के तौर पर पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल पुणे में सुखोई में उड़ान भर चुकी हैं।

लोकसभा चुनाव से पहले जब विपक्ष ने मोदी सरकार को राफेल मामले पर घेर लिया था तब संसद में जवाब देते हुए निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस पर जमकर पलटवार किया। संसद में दिया उनका भाषण लोगों को बेहद पसंद आया और देखते ही देखते उनके भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था।

जमानत के लिये एक बार फिर ब्रिटेन के उच्च न्यायालय पहुंचे नीरव मोदी

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नई दिल्ली – भारत में धोखाधड़ी तथा मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में वांछित भगोड़ा हीरा कारोबारी नीरव मोदी ने ब्रिटेन के उच्च न्यायालय में शुक्रवार को जमानत के लिए अर्जी दी। नीरव मोदी करीब दो अरब डॉलर की धोखाधड़ी तथा मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में भारत में वांछित है।

क्रॉउन प्रॉसीक्यूशन सर्विस ने कहा कि इस जमानत याचिका पर 11 जून को सुनवाई होगी। भगोड़े हीरा नीरव मोदी के प्रत्यर्पण मामले में गुरुवार को लंदन के कोर्ट ने उनकी कस्टडी 27 जून तक के लिए बढ़ा दी है। अब नीरव मोदी 27 जून तक जेल में रहेंगे। उनके मामले पर अगली सुनवाई 29 जुलाई को होगी। वह 2 अरब डालर के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) धोखाधड़ी तथा मनी लांड्रिंग मामले में भारत प्रत्यर्पित किये जाने के खिलाफ मामला लड़ रहे हैं।

हीरा कारोबारी नीरव मोदी को बृहस्पतिवार को लंदन की एक अदालत के समक्ष पेश किया गया। जहां उनकी कस्टडी को अगले महीने जून 27 तक के लिए बढ़ा दिया गया।

वह 2 अरब डालर के पंजाब नेशनल बैंक (PNB) धोखाधड़ी तथा मनी लांड्रिंग मामले में भारत प्रत्यर्पित किये जाने के खिलाफ मामला लड़ रहे हैं। इसी महीने वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की अदालत में पिछली सुनवाई के दौरान चीफ मजिस्ट्रेट एम्मा आर्बुथनोट ने 48 वर्षीय मोदी की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। उसके बाद से वह दक्षिण-पश्चिम लंदन की वैंड्सवर्थ जेल में बंद है। जमानत लेने का यह उनका तीसरा प्रयास था।

इससे पहले न्यायाधीश ने उसकी जमानत अर्जी खारिज करते हुए कहा था कि धोखाधाड़ी बड़ी है और जमानत राशि दोगुनी कर 20 लाख पौंड करने के बावजूद उसके आत्मसमर्पण करने में विफल रहने को लेकर चिंता दूर नहीं होती है। नीरव मोदी को लंदन पुलिस ने प्रत्यर्पण वारंट पर लंदन के मेट्रो बैंक से गिरफ्तार किया था। वह उस समय एक नया बैंक खाता खोलने का प्रयास कर रहा था। तब से वह जेल में है।