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ईद पर मोदी सरकार ने दिया बड़ा तोहफा, 5 करोड़ को होगा फायदा

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नई दिल्ली। देश भर में आज ईद का त्योहार धूमधाम से मनाया जा रहा है। मोदी सरकार ने ईद पर विद्यार्थियों बड़ा तोहफा दिया है। इससे 5 करोड़ विद्यार्थियों को फायदा होगा।

केंद्रीय अल्‍पसंख्‍यक कार्य मंत्री मुख्‍तार अब्‍बास नकवी ने अपने मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक करने के बाद अगले पांच साल में 5 करोड़ विद्यार्थियों को ‘प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति’ देने का एलान किया। खास बात ये है कि इसमें से करीब ढाई करोड़ यानी 50 प्रतिशत छात्राएं होंगी। इसका लाभ लेने की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बना दिया गया है।

केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा है कि देश के उन इलाकों में शैक्षणिक ढांचों का तीव्र गति से निर्माण किया जाएगा, जहां लोग अपनी लड़कियों को स्कूल नहीं भेजते है। इसके साथ ही नकवी ने आगे कहा कि अगले पांच वर्षो में सरकार 25 लाख नौजवानों को रोजगारपरक कौशल उपलब्ध कराएगी।
इस बीच प्रधानमंत्री मोदी ने भी ईद पर सभी को शुभकामनाएं दी। उन्होंने ट्वीट किया, ‘यह खास दिन हमारे समाज में सद्भाव, करुणा और शांति की भावना को बनाए रखता है। मैं दुआ करता हूं कि सभी को खुशियां मिले।’

दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस का भारत ने किया सफल परीक्षण

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बालासोर (ओडिशा) – ओडिशा के चांदीपुर में एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर) से मंगलवार को सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस का परीक्षण किया गया। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) सूत्रों ने कहा कि मिसाइल के पोत रोधी संस्करण को आईटीआर के प्रक्षेपण परिसर-3 से प्रक्षेपित किया गया।

रक्षा सूत्रों ने कहा कि यह दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है जिसकी मारक क्षमता सटीक है। ब्रह्मोस को जमीन, समुद्र और हवा से दागा जा सकता है।

उन्होंने कहा कि मिसाइल की मारक क्षमता 290 किलोमीटर के करीब है और यह भारत के लिये रणनीतिक हथियार है क्योंकि चीन और पाकिस्तान से मिलने वाली चुनौतियों के लिए संभावित प्रतिरोधक के तौर पर काम करेगी। डीआरडीओ और ब्रह्मोस के वरिष्ठ रक्षा अधिकारी और वैज्ञानिक इस परीक्षण के मौके पर मौजूद थे।

महाराष्ट्र के 28 सांसदों के खिलाफ आपराधिक मामले!

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मुंबई – हाल ही में 17वें लोकसभा चुनाव में विजयी हुए 48 सांसदों में से 28 सांसदों के दामन दागदार हैं। महाराष्ट्र की 48 सीटों पर बीजेपी के 23,शिवसेना के18, एनसीपी के 5, कांग्रेस और वंचित आघाड़ी के एक-एक सांसद जीते हैं। सबसे ज्यादा सांसद बीजेपी- शिवसेना गठबंधन के हैं 41सांसद। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि 48 माननीय सांसदों में से 28 सांसदों के खिलाफ अलग-अलग तरह के आपराधिक मामले दर्ज हैं ।

महाराष्ट्र इलेक्शन वॉच एंड एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर ) की रिपोर्ट के अनुसार 28 में से 15 सांसदों के खिलाफ संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से कई सांसदों के खिलाफ हत्या, हत्या करने की कोशिश, धमकाने और चोरी जैसे मामले दर्ज हैं।

बीजेपी के 13, शिवसेना के 11, एनसीपी के एक ,कांग्रेस के एक ,एम आई एम के एक और अन्य दल के एक कुल मिलाकर 28 सांसदो के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं ।

संगीन आपराधिक मामलों की संख्या इस प्रकार हैं बीजेपी- 6, शिवसेना- 5, एनसीपी 1 ,एमआयएम 1

एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक एनसीपी के सांसद उदयनराजे भोसले के खिलाफ सबसे ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं ।उनके खिलाफ 17 गंभीर और 44 छोटे-मोटे अपराधिक मामले दर्ज हैं। दूसरे नंबर पर आते हैं मुंबई बीजेपी के सांसद गोपाल शेट्टी और शिवसेना के राजन विचारे। गोपाल शेट्टी के खिलाफ दो गंभीर और 29 छोटे-मोटे व राजन विचारे के खिलाफ 7 गंभीर और 16 छोटे-मोटे अपराध दर्ज है। यह बात दीगर है कि सांसदों ने उनके खिलाफ आपराधिक मामलों की जानकारी इलेक्शन कमिशन को दी है। एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार वरिष्ठ सांसद नितिन गडकरी के खिलाफ पांच गंभीर और 5 छोटे-मोटे मामले दर्ज हैं। दिलचस्प बात ये है आपराधिक मामले महिला सांसदों के खिलाफ भी दर्ज हैं। जिनमें पूनम महाजन, प्रीतम मुंडे, भावना गवली और नवनीत कौर राणा का नाम भी शामिल है।

वाहन विधेयक आगामी संसद सत्र में पेश कर सकती है सरकार – नितिन गडकरी

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नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि सरकार संसद के आगामी सत्र में मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक पेश करने की कोशिश करेगी। इस विधेयक में सड़क सुरक्षा के नियमों के उल्लंघन पर भारी दंड का प्रावधान का प्रस्ताव है। यह विधेयक राज्यसभा से मंजूरी के लिए लंबित था। लेकिन फरवरी में 16वीं लोकसभा के आखिरी सत्र के स्थगित होने के बाद यह स्वयं ही संसद के पटल से गिर गया।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को कहा, ‘‘मोटर विधेयक के लिए कैबिनेट नोट तैयार है। एक बार इसे मंत्रिमंडल से मंजूरी मिल जाए तो हम इसे संसद के आगामी सत्र में पेश कर देंगे।’’ गडकरी ने मंगलवार सुबह ही अपने मंत्रालय का कार्यभार संभाला। उन्होंने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि विधेयक को संसद से एक बार मंजूरी मिल जाने के बाद परिवहन क्षेत्र में कई सुधार होने की उम्मीद है।

इस विधेयक में सड़क परिवहन क्षेत्र से संबंधित विभिन्न अपराधों के लिये भारी-भरकम जुर्माने का प्रस्ताव किया गया है। उन्होंने कहा कि 8000 ऐसे मार्ग खंडों की पहचान की गयी है जहां दुर्घटना का खतरा अधिक है। उन्हें ठीक किया जाएगा।

रालोद लड़ेगा उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव

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लखनऊ – ईद से ऐन एक दिन पहले सपा-बसपा-रालोद गठबंधन बिखरने के बीच, गठबंधन के तीसरे घटक रालोद ने बुधवार को कहा कि वह उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा उपचुनाव लड़ेगा। साथ ही रालोद ने उम्मीद जताई कि गठबंधन बना रहेगा।

रालोद के प्रदेश अध्यक्ष मसूद अहमद ने बताया कि राष्ट्रीय लोक दल एक राजनीतिक दल है और हम उत्तर प्रदेश विधानसभा के उपचुनाव में मैदान में उतरेंगे । हालांकि प्रदेश के राजनीतिक परिदृश्य पर टिप्पणी करना अभी जल्दबाजी होगी । जहां तक प्रत्याशियों के चयन की बात है तो यह फैसला हमारे राष्ट्रीय नेतृत्व- चौधरी अजीत सिंह और जयंत चौधरी करेंगे ।

राज्य के नए राजनीतिक हालात में रालोद की भूमिका के बारे में पूछने पर अहमद ने कहा कि रालोद समाजवादी पार्टी के साथ रहा है और हमें अखिलेश यादव के कोटे से सीटें मिली थीं ।

उन्होंने कहा कि हमारी इच्छा है कि गठबंधन एकजुट रहे और मजबूत रहे । वस्तुतः कांग्रेस को भी गठबंधन का हिस्सा होना चाहिए था। एक सवाल के जवाब में अहमद ने कहा कि नफा नुकसान के बारे में विश्लेषण बाद में किया जाएगा । हमारी इच्छा है कि गठबंधन अपना कुनबा बढ़ाए ताकि हम भाजपा के खिलाफ एक मजबूत ताकत बनकर उभर सकें।

इस सवाल पर कि रालोद कौन-कौन सी सीटों पर प्रत्याशी उतारेगा, अहमद ने फैसला पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व पर छोड़ते हुए कहा कि आने वाले कुछ दिनों में राष्ट्रीय नेताओं के साथ बैठक के दौरान इस मामले पर चर्चा होगी। रालोद के लिए उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पार्टी को उत्तर प्रदेश विधानसभा में अपनी उपस्थिति महसूस कराने का मौका मिलेगा ।

हाल ही में संपन्न लोकसभा चुनाव में रालोद तीन सीटों पर लड़ी थी लेकिन उसके प्रत्याशी किसी भी सीट पर विजयी नहीं हुए। रालोद प्रमुख अजीत सिंह मुजफ्फरनगर से, उनके बेटे जयंत चौधरी बागपत से और कुंवर नरेंद्र सिंह मथुरा से चुनाव हार गए। उत्तर प्रदेश के 2017 विधानसभा चुनाव में रालोद ने 277 सीटों पर चुनाव लड़ा था लेकिन उसके 266 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी ।

निपाह वायरस से केरल में एक की मौत

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नई दिल्ली – जानलेवा निपाह वायरस ने केरल में एक बार फिर दस्तक दी है। अभी तक की ख़बरों के मुताबिक वहां इस वायरस से एक व्यक्ति की मौत हो गयी है। एक और मरीज का सैंपल टेस्ट के लिए पुणे भेजा गया है जबकि दो संदिग्ध मरीजों को बुखार और गले में परेशानी के कारण इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुख्यमंत्री पी विजयन ने कहा कि हालात पर नजर रखी जा रही है और सभी ऐहतियातन उपाए किए जा रहे हैं।

केरल की स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने एक मरीज में निपाह वायरस मिलने की बात की पुष्टि की है। एनार्कुलम का रहने वाला एक व्यक्ति (आयु २३ साल) पुणे वायरोलॉजी इंस्टीट्यूट के टेस्ट में पॉजिटिव पाया गया। स्वास्थय मंत्री ने बताया – ”दूसरे मरीज का सैंपल टेस्ट के लिए पुणे भेजा गया है। दो संदिग्ध मरीजों को बुखार और गले में परेशानी के कारण भर्ती कराया गया है। दो नर्स उनका इलाज कर रही हैं।”

सरकार के अधिकारियों के मुताबिक राज्य के ८६ संदिग्ध मरीजों पर निगरानी रखी जा रही है। इनमें अभी निपाह वायरस की पुष्टि नहीं हुई है। एर्नाकुलम मेडिकल कॉलेज में बीमारी के इलाज के लिए अलग से स्पेशल वार्ड बनाया गया है।याद रहे २०१८ में केरल में निपाह वायरस से १६ लोगों की जान चली गयी थी जबकि ७५० से ज्यादा मरीजों को निगरानी में रखा गया था।

केंद्र सरकार भी केरल में निपाह की रिपोर्ट्स पर नजर रखे हुए है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा – ”केंद्र सरकार केरल की हर संभव मदद कर रहा है। हम वन्यजीव विभाग के सीधे संपर्क में रहकर चमगादड़ों पर टेस्ट के लिए उनकी पूरी सहायता कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि अब यहां कुछ भी दुखद नहीं होगा। मैंने स्वास्थ्य सचिव और अधिकारियों के साथ बैठक की। मामले पर नजर रखने के लिए छह सदस्यीय टीम भेजी जा चुकी है।”

हर्षवर्धन ने लोगों से बीमारी को लेकर दहशत नहीं फैलाने की अपील भी की। मंत्री ने कहा – ”घबराने की जरूरत नहीं है। स्वास्थ्य विभाग हर तरह की परिस्थिति को संभालने के लिए तैयार है। हमारे पास जरूरत की सभी दवाइयां हैं। इस बीमारी से निपटने के लिए एर्नाकुलम मेडिकल कॉलेज में अलग से वार्ड बनाया गया है।”

कांग्रेसी नेता राधाकृष्ण विखे पाटील का इस्तीफा

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मुंबई – विधानसभा चुनावों से ऐन पूर्व महाराष्ट्र के कद्दावर कांग्रेसी नेता राधाकृष्ण विखे पाटील के रिजाइन से देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस को गहरा झटका लगा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि विखे पाटील के साथ 8 से 10अन्य एमएलए भी कांग्रेस से इस्तीफा दे सकते हैं। कयास लगाया जा रहा है कि विखे पाटील बीजेपी ज्वाइन कर सकते हैं। निहाल पाटील ने इस बाबत कोई बयान नहीं दिया है।

हालांकि विखे पाटील का इस्तीफा अनपेक्षित नहीं था। लोकसभा चुनाव के पूर्व उन्होंने लीडर ऑफ अपोजिशन के पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे को महाराष्ट्र कांग्रेस के मुखिया से उनकी नाराजगी से जोड़ कर देखा जा रहा है।

लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेसी मुखियाओं के इस्तीफे का दौर चल निकला शुरुआत हुई राहुल गांधी के इस्तीफे की पेशकश के बाद। महाराष्ट्र महाराष्ट्र कांग्रेस राज्य के के मुखिया अशोक चौहान ने इस्तीफे की पेशकश की थी।

लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र कांग्रेस की बुरी तरह हार हुई महाराष्ट्र के 48 सीटों में से कांग्रेस को सिर्फ एक पर संतोष करना पड़ा जबकि उसकी सहयोगी एनसीपी को 4 सीटों पर दूसरी ओर बीजेपी शिवसेना गठबंधन को 48 में से 43 सीटें मिली ।ऐसे में जब विधानसभा चुनाव के लिए तैयारी के तौर पर बीजेपी और शिवसेना 50-50 पर रणनीति तय कर चुकी है। कांग्रेस- एनसीपी की हार के लिए जिम्मेदार ठहराए जा रही वंचित आघाडी सेना सिरे से नई रणनीति तैयार कर रही है कांग्रेस अपने पार्टी को बनाए रखने के लिए कवायत करनी पड़ रही है।

सपा के साथ गठबंधन बरकरार, लेकिन उपचुनाव अकेले लड़ेंगे : मायावती

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नयी दिल्ली – बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने उत्तर प्रदेश में विधानसभा की कुछ सीटों के लिये संभावित उपचुनाव अपने बलबूते लड़ने की पुष्टि करते हुये स्पष्ट किया है कि इससे सपा के साथ गठबंधन के भविष्य पर कोई असर नहीं पड़ेगा, गठबंधन बरकरार रहेगा।

मायावती ने मंगलवार को अपने बयान में कहा कि उनकी पार्टी अपने बलबूते उपचुनाव लड़ेगी, लेकिन सपा से गठबंधन बरकरार रहेगा।

उन्होंने कहा कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और उनकी पत्नी डिंपल यादव से उनके रिश्ते कभी खत्म नहीं होने वाले हैं। ‘‘ सपा के साथ यादव वोट भी नहीं टिका रहा। अगर सपा प्रमुख अपने राजनीतिक कार्यों के साथ अपने लोगों को मिशनरी बनाने में सफल रहे तो साथ चलने की सोचेंगे। फिलहाल हमने उपचुनावों में अकेले लड़ने का फैसला किया है।’’

उल्लेखनीय है कि हाल ही में संपन्न हुये लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश से नौ भाजपा विधायकों और सपा, बसपा के एक एक विधायक के सांसद बनने के बाद रिक्त होने वाली 11 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव संभावित है। इन सीटों पर होने वाले उपचुनाव में बसपा के अपने बलबूते चुनाव लड़ने का फैसला मायावती की अध्यक्षता में सोमवार को हुयी पार्टी नेताओं की बैठक में किया गया था। मायावती ने मंगलवार को अपने बयान के जरिये इसकी आधिकारिक पुष्टि की।

लोकसभा चुनाव के परिणाम की समीक्षा के आधार पर बसपा प्रमुख ने चुनाव में हार के लिए सपा को जिम्मेदार ठहराते हुये कहा कि लोकसभा चुनाव में यादव मतदाताओं ने उत्तर प्रदेश में सपा बसपा का साथ नहीं दिया। हालांकि उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव से कोई मनमुटाव नहीं होने की भी बात कही है।

प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवार बन सकती हैं प्रियंका चोपड़ा

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प्रियंका चोपड़ा और निक जोनास सोशल मीडिया के फेवरेट कपल हैं। उनका रोमांस और सिजलिंग केमिस्ट्री तो अक्सर चर्चा में रहती ही है। अब उनका एक बयान चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रियंका ने शादी के बाच प्रेग्नेंसी नहीं अपनी पॉलिटिकल इच्छाओं के बारे में बात की।

संडे टाइम्स से बातचीत में प्रियंका ने ना केवल अपनी बल्कि निक जोनास को लेकर भी अपनी महत्वकांक्षाओं के बारे में बात की। प्रियंका ने कहा, ”मैं भारत के प्रधानमंत्री पद की रेस में शामिल होना पसंद करूंगी। मुझे अच्छा लगेगा अगर निक जोनास अमेरिका के प्रेजिडेंट के चुनाव में खड़े हों। मुझे पॉलिटिक्स से जुड़ी चीजें पसंद नहीं हैं। लेकिन मैं इतना जानती हूं कि हम दोनों समाज में बदलाव लाना चाहते हैं। हमें कभी भी ना नहीं कहना चाहिए।” प्रियंका ने कहा कि निक फेमिनिस्ट हैं और उन्हें ये शब्द इस्तेमाल करने से डर नहीं लगता।

प्रियंका चोपड़ा की राजनीति में एंट्री की इच्छा कोई चौंकाने वाली बात नहीं है। क्योंकि वह यूं भी सामाजिक कार्यों से जुड़ी हुई हैं। वह UNICEF की गुडविल अंबेसडर हैं और एक्टिव तौर पर उनके अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल होती हैं। बॉलीवुड सेलेब्स का पहले से ही राजनीति की तरफ रुझान रहा है। इस साल यानी कि 2019 में उर्मिला मातोंडकर(कांग्रेस), सनी देओल(BJP) जैसे बड़े नाम राजनीतिक में आए।

उर्मिला का डेब्यू तो फेल रहा। लेकिन सनी देओल पंजाब की गुरदासपुर सीट से जीते और संसद पहुंचे। अब अगर प्रियंका भी राजनीति में एंट्री की इच्छा रखती हैं तो हो सकता है कि वह भी बीजेपी ज्वाइन करें। हां फिलहाल कुछ भी कहना मुश्किल है। क्योंकि अभी उन्होंने केवल एक इशारा दिया है।

स्विस बैंकों ने अब तक जारी किए ये 15 नाम

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नई दिल्ली: स्विट्जरलैंड ने स्विस बैंकों में संदिग्ध धन रखने वाले भारतीय खाताधारकों पर कार्रवाई के लिए भारत के साथ संबंधित सूचनाएं साझा करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इस संबंध में स्विट्जरलैंड के अधिकारियों ने नया सार्वजनिक नोटिस पोतलुरी राजा मोहन राव के नाम जारी किया गया है। इससे पहले पिछले माह ऐसे 14 व्यक्तियों लोगों के बारे में सूचना साझा करने से पहले उनको नोटिस जारी किए गए थे। नियमों के तहत इस तरह के नोटिस उन्हें उनके खातों के बारे में भारत सरकार को जानकारी देने से खिलाफ अपील करने का एक अंतिम मौका देने के लिए जारी किए जाते हैं।

अधिकारियों के अनुसार आने वाले सप्ताहों में इस तरह के कई नोटिस जारी किए जा सकते हैं। भारत ने स्विस बैंकों में संदिग्ध कालाधन रखने वाले भारतीयों की जानकारियां स्विट्जरलैंड सरकार से मांगी है। राव को यह नोटिस 28 मई को जारी किया गया और उसे अपील करने के लिए 10 दिन का समय दिया गया है। इससे पहले 21 मई को 11 लोगों को नोटिस दिए गए थे।

स्विट्जरलैंड के संघीय कर विभाग के नोटिस में राव के जन्मदिन (15 जुलाई 1951) और उसके भारतीय पता के अलावा कोई अन्य जानकारी का खुलासा नहीं किया गया है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि राव दूरसंचार समेत दक्षिण भारत में कई तरह के कारोबार में शामिल है। स्विटजरलैंड उसके बैंकों में खाते रखने वाले ग्राहकों की गोपनीयता बनाये रखने को लेकर एक बड़े वैश्विक वित्तीय केन्द्र के रूप में जाना जाता रहा है। लेकिन कर चोरी के मामले में वैश्विक स्तर पर समझौते के बाद गोपनीयता की यह दीवार अब नहीं रही।

खाताधारकों की सूचनाओं को साझा करने को लेकर भारत सरकार के साथ उसने समझौता किया है। अन्य देशों के साथ भी ऐसे समझौते किये गये हैं। स्विस बैंक के विदेशी उपभोक्ताओं की सूचनाएं साझा करने से संबंधित स्विट्जरलैंड के कर विभाग के नोटिसों के अनुसार, स्विट्जरलैंड ने हालिया समय में कुछ देशों के साथ सूचनाएं साझा करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। पिछले कुछ सप्ताह के दौरान भारत से संबंधित मामलों में अधिक तेजी आयी है।

विभाग नोटिस का गजट प्रकाशन (सार्वजनिक) करते समय व्यक्ति का नाम संक्षिप्त कर देता है। पर इनमें दो भारतीयों का पूरा नाम बताया गया है। इनमें मई 1949 में पैदा हुए कृष्ण भगवान रामचंद और सितंबर 1972 में पैदा हुए कल्पेश हर्षद किनारीवाला शामिल हैं। हालांकि, इनके बारे में अन्य जानकारियों का खुलासा नहीं किया गया है।

अन्य नामों में जिनके शुरुआती अक्षर बताये गये हैं उनमें 24 नवंबर 1944 को पैदा हुए एएसबीके, नौ जुलाई 1944 को पैदा हुए एबीकेआई, दो नवंबर 1983 को पैदा हुई श्रीमती पीएएस, 22 नवंबर 1973 को पैदा हुई श्रीमती आरएएस, 27 नवंबर 1944 को पैदा हुए एपीएस, 14 अगस्त 1949 को पैदा हुई श्रीमती एडीएस, 20 मई 1935 को पैदा हुए एमएलए, 21 फरवरी 1968 को पैदा हुए एनएमए और 27 जून 1973 को पैदा हुए एमएमए शामिल हैं।