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‘बलिदान बैज” मामले में धोनी के साथ बीसीसीआई

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नई दिल्ली – अपने ग्लव्स में ”बलिदान चिन्ह” वाले बैज इस्तेमाल करने पर विश्व कप में खेल रही भारतीय टीम के विकेटकीपर धोनी से आईसीसी के ऐतराज जताने के बाद बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड) ने कहा है कि इस मसले पर दुबारा आईसीसी से बात की जा रहे है। वैसे सेना ने एक ब्यान में साफ़ किया है कि धोनी ने अपने ग्लव्स पर जो बैज चिन्ह इस्तेमाल किया है वह सेना का ”बलिदान चिन्ह” नहीं है।

माना जाता है कि पाकिस्तान ने धोनी के ग्लब्स पर बैज को लेकर अपनी आपत्ति जताई थी जिसके बाद आईसीसी ने धोनी से इसे ‘कवर” करने ( ढकने) के लिए कहा। हालांकि, बीसीसीआई ने धोनी के साथ खड़े होते हुए आईसीसी के ऐतराज को बेबजह बताते हुए कहा है कि पहले ही आईसीसी को इसकी जानकारी दी गयी थी और अब दुबारा उसे इस बारे में बताया जाएगा

इस बीच भारत के खेल मंत्री किरण रिजिजू ने बीसीसीआई से कहा है कि वह इस बारे में पूरा पक्ष रखे। मंत्री ने साफ़ तौर पर कहा है कि ”देश के सम्मान के साथ समझौता नहीं किया जाएगा।”

गौरतलब है कि आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप २०१९ में एम एस धोनी के विकेटकीपिंग ग्लव्स विवाद का मुद्दा बन गए हैं। धोनी के ग्ल्वस पर भारतीय सेना का ”बलिदान बैज” लगा हुआ है जिसपर आईसीसी ने आपत्ति जताई है। आईसीसी ने धोनी को अपने ग्लव्स से बलिदान बैज हटाने के लिए कहा जिसपर अब बीसीसीआई ने कहा है कि धोनी के ग्लव्स पर आईसीसी से पहले ही इजाजत मांग ली थी लेकिन अब बोर्ड एक बार फिर आईसीसी से बात करेगा।

पति की सैलरी के 30% मिले पत्नी को गुजारा भत्ता – दिल्ली हाईकोर्ट

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नई दिल्ली – दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि पति की कुल तनख्वाह का 30 फीसदी हिस्सा पत्नी को गुजारा भत्ते के रूप में दिया जाए। अदालत ने कहा है कि कमाई के बंटवारे का फार्मूला निश्चित है। इसके अंतर्गत यह नियम है कि अगर एक आमदनी पर कोई और निर्भर न हो तो पति की कुल सैलरी का 30 फीसदी हिस्सा पत्नी को मिलेगा। अदालत ने यह फैसला एक महिला की याचिका पर दिया। अदालत ने निर्देश दिया कि पति की तन्ख्वाह का 30 फीसदी महिला को दिया जाए।

महिला की शादी 7 मई 2006 को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में इंस्पेक्टर से हुई थी। 15 अक्टूबर 2006 को ही दोनों अलग हो गए। उसके बाद महिला ने गुजारा भत्ते के लिए अदालत में याचिका दायर की। सबसे पहले साल 2008 में महिला का गुजारा भत्ता तय किया गया।

इसके मुताबिक पति को यह निर्देश दिया गया कि वह कुल सैलरी का 30 फीसदी हिस्सा महिला को दें। इस फैसले को महिला के पति ने अदालत में चुनौती दी, जिसके बाद ट्रायल कोर्ट ने इसे घटाकर 15 फीसदी कर दिया। इसके बाद महिला ने इस फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चैलेंज किया।

हिन्दी अखबार ‘नवभारत टाइम्स’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, हाईकोर्ट में महिला के वकील ने तर्क दिया कि ट्रायल कोर्ट ने गुजारा भत्ते को 30 से 15 फीसदी करने के पीछे कोई वाजिब वजह नहीं बताई। वहीं, पति ने अदालत में कहा कि महिला अकाउंट की जानकारी दे और यह स्पष्ट करे कि उसके खाते में किस-किस माध्यम से पैसे आए। महिला की ओर से दी गई अकाउंट डीटेल में जानकारी दी कि उनके पिता ने खर्च के लिए रुपए दिए।

रिपोर्ट के अनुसार जस्टिस संजीव सचदेवा ने अपने फैसले में कहा यह निश्चित है कि साल 2008 में महिला के लिए जो गुजारा भत्ता तय किया गया था वह 30 फीसदी था। अदालत ने निर्देश दिया है कि पति के खाते से पैसे काट कर महिला के खाते में भेजे।

रविकिशन गोरखपुर में बनाना चाहते हैं फिल्म सिटी

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मुम्बई : गोरखपुर लोकसभा सीट से नवनिर्वाचित भाजपा सांसद एवं लोकप्रिय भोजपुरी अभिनेता रविकिशन ने शुक्रवार को कहा कि वह उत्तर प्रदेश के उन युवाओं के लाभ के लिए हैदराबाद में रामोजी फिल्म सिटी की तर्ज पर गोरखपुर में एक फिल्म सिटी बनाना चाहते हैं जो फिल्मों में करियर बनाने के सपने देखते हैं।

रविकिशन ने कहा कि वह भोजपुरी भाषा और संस्कृति के प्रचार एवं संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध हैं। रविकिशन ने शुक्रवार को कहा, मैं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में गोरखपुर को उत्तर भारत के सर्वश्रेष्ठ शहरों में से एक बनाना चाहता हूं।

10वीं पास सरकारी मदद से ले सकते हैं गैस सिलेंडर की एजेंसी

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नई दिल्ली – मोदी सरकार का प्लान इस बार सत्ता में आने के बाद ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार मुहिया कराना है। देश की सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (IOC, HPCL, BPCL) की अगले एक साल में 5000 नए गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स नियुक्त करने की योजना है। सरकार ने हाल में 2000 नए लाइसेंस जारी किए है। हाल ही में सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडर के दाम मंगलवार को 1।76 रुपये बढ़ गए हैं। अगर आप भी गैस एजेंसी लेने के लिए इच्छुक है तो आपको पहले से पूरी तैयारी करनी होगी। इसीलिए हम आपको नियम, शर्तों और प्रक्रिया के बारे में जानकारी दे रहे है।

गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स का लाइसेंस मिलने के बाद गैस एजेंसी को चालू करने में सामान्‍यतौर पर एक साल का समय लग जाता है। इसमें तमाम स्थानीय प्रशासनिक मंजूरियां लेने के साथ ही साथ ऑफि‍स और गोदाम निर्माण भी शामिल है। नए डिस्‍ट्रीब्‍यूटर्स विशेषकर उत्‍तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा और महाराष्‍ट्र में बनाए जाएंगे, क्‍योंकि इन्‍हीं राज्‍यों में उपभोक्‍ताओं की संख्‍या सबसे ज्‍यादा बढ़ी है।

LPG डीलरशिप हासिल करने की बेहद कड़े नियम और शर्तें हैं। ऐसे में जरूरी है कि इस साल जब गैस कंपनियां डीलरशिप के लिए आवेदन आमंत्रित करें तो आपके पास तैयारी पूरी होनी चाहिए।

स्टेप-1: देश की तीनों सरकारी कंपनियां इंडेन, भारत गैस और एचपी गैस समय-समय पर नए डीलर बनाने के लिए आवेदन आमंत्रित करती हैं। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार की राजीव गांधी ग्रामीण एलपीजी डिस्ट्रीब्यूशन योजना (आरजीजीएलवी) के तहत भी आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं। इसमें गैस कंपनियां एजेंसी और गोदाम की जमीन के लिए कंपनियां वार्ड, मुहल्‍ला या निश्चित स्‍थान विज्ञापन या नोटिफिकेशन में बताती हैं।

एप्‍लीकेशन भेजने के बाद एक निर्धारित तिथि पर कैंडिडेट का इंटरव्‍यू किया जाता है। इसमें विभिन्‍न आधार पर नंबर दिए जाते हैं। इन्‍हीं नंबरों के विभिन्‍न पैरामीटर्स आधार पर कैंडिडेट का इवैल्‍युएशन किया जाता है। इसका रिजल्‍ट नोटिसबोर्ड पर सभी पैरामीटर्स पर प्राप्‍त अंकों के आधार पर किया जाता है।

स्टेप-2: मैरिट में अंकों के प्रदर्शित होने के बाद गैस कंपनी का एक पैनल सभी कैंडिडेट की दी गई डिटेल के संबंध में फील्‍ड वैरिफिकेशन करता है। इसमें जमीन से लेकर सभी अन्‍य बातों की गहन पड़ताल की जाती है। इसके बाद ही गैस एजेंसी अलॉट की जाती है। इसके लिए कैंडिडेट को एक तय समय सीमा दी जाती है। इसके भीतर ही उसे गैस एजेंसी शुरू करनी होती है।

गैस एजेंसी या डीलरशिप लेने के लिए सबसे जरूरी शर्त पर्मानेंट एड्रेस और जमीन की होती है। कैंडिडेट के पास पर्मानेंट रेजिडेंस एड्रेस होना चाहिए। इसके अलावा उसके पास गैस एजेंसी ऑफिस और गोदाम के लिए पर्याप्‍त जमीन या स्‍थान भी होना चाहिए। जमीन किस मुहल्‍ले, वार्ड या स्‍थान पर होनी चाहिए, इसकी जानकारी विज्ञापन में दी जाती है। इसके अलावा कैंडिडेट 10वी पास अवश्‍य होना चाहिए। साथ उसकी उम्र 21 साल होनी चाहिए। इसके साथ ही आपके पास बैंक बैलेंस और डिपॉजिट राशि भी होनी चाहिए।

इन लोगों को मिलता है रिजर्वेशन: गैस एजेंसी के लिए सरकार द्वारा तय मानकों के आधार पर रिजर्वेशन दिया जाता है। 50 फीसदी रिजर्वेशन सामान्‍य श्रेणी के लिए होता है। वहीं अनुसूचित जाति, जनजाति के लोगों के साथ ही सामाजिक रूप से अक्षम लोगों, भूतपूर्व सैनिक, स्‍वतंत्रता सेनानी, खिलाड़ी, सशस्‍त्र बल, पुलिस या सरकारी कर्मचारियों को भी आरक्षण दिया जाता है।

गैस एजेंसी के लिए सरकार द्वारा तय मानकों के आधार पर रिजर्वेशन दिया जाता है। 50 फीसदी रिजर्वेशन सामान्‍य श्रेणी के लिए होता है। वहीं अनुसूचित जाति, जनजाति के लोगों के साथ ही सामाजिक रूप से अक्षम लोगों, भूतपूर्व सैनिक, स्‍वतंत्रता सेनानी, खिलाड़ी, सशस्‍त्र बल, पुलिस या सरकारी कर्मचारियों को भी आरक्षण दिया जाता है।

गैस एजेंसी हासिल करने के लिए सबसे जरूरी यह है कि आपके पास पर्याप्‍त जमीन और सिलेंडर डिलिवरी के लिए पर्याप्‍त स्‍टाफ होना चाहिए। गोदाम के लिए गैस कंपनी निर्धारित मानक तय करती है। सभी गोदाम का आकार, उसमें सुरक्षा के इंतजाम आदि इसी पर आधारित होते हैं।

जातिगत संतुलन साधने के लिए आंध्र सीएम रेड्डी का फैसला

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नई दिल्ली – आंध्र प्रदेश में पांच उप मुख्यमंत्री बनाये जाने की तैयारी मुख्यमंत्री जगन रेड्डी ने कर ली है। तेलुगू देशम पार्टी को बाहर करके सत्ता में आये जगन मोहन रेड्डी की अगुवाई में बनी वाईएसआर कांग्रेस की सरकार में पांच उप-मुख्यमंत्री होंगे ताकि सभी जातियों का सत्ता में संतुलन रखा जा सके। राजनीतिक रूप से रेड्डी के इस फैसले को ”मास्टर स्ट्रोक” कहा जा रहा है क्योंकि इससे वे जातिगत संतुलन बनाये रखेंगे।

देश के इतिहास में यह पहला मौक़ा होगा जब किसी राज्य की सरकार में पांच उप मुख्यमंत्री होंगे। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने हालांकि सूबे की सभी जातियों को सम्मानजनक प्रतिनिधित्व देने के इरादे से ऐसा फैसला किया है। उनके २५ सदस्यीय मंत्रिमंडल में पांच को उपमुख्यमंत्री बनाने का फैसला शुक्रवार को किया गया। नई मंत्रिपरिषद का गठन शनिवार को एक सार्वजनिक कार्यक्रम में किया जाएगा।

रेड्डी ने शुक्रवार सुबह अपने आवास में वाईएसआर कांग्रेस विधायक दल की बैठक की जिसमें उन्होंने पांच उप मुख्यमंत्री नियुक्त करने के अपने फैसले का ऐलान किया। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और कापू समुदायों से एक-एक उपमुख्यमंत्री बनाया जाएगा। देश के इतिहास में यह पहली बार बार होगा।

सीएम रेड्डी ने विधायकों को यह भी बताया कि केबिनेट में मुख्य रूप से कमजोर वर्गों के सदस्य होंगे जबकि अपेक्षा यह की जा रही थी कि रेड्डी समुदाय को मंत्रिमंडल में मुख्य स्थान मिलेगा। रेड्डी ने बताया कि ढाई साल बाद सरकार के प्रदर्शन की समीक्षा के पश्चात फिर से मंत्रिमंडल में फेरबदल किया जाएगा। गौरतलब है कि एन चंद्रबाबू नायडू की सरकार में कापू और पिछड़ा समुदायों का एक-एक उप मुख्यमंत्री बनाया गया था।

चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर अब ममता बनर्जी के लिए करेंगे काम

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पटना: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लोकसभा चुनाव के मिले निराशाजनक परिणाम के बाद विधानसभा चुनाव के लिए अपनी कमर कस ली है। साल 2021 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए ममता बनर्जी और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर में डील हुई है। प्रशांत किशोर अब ममता बनर्जी के लिए चुनावी रणनीति बनाएंगे। बता दें कि प्रशांत किशोर ने हाल ही में आंध्रप्रदेश में जगह मोहन रेड्डी को मुख्यमंत्री पद तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी। प्रशांत किशोर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए भी काम कर चुके हैं। कोलकाता में दो घंटे की बैठक के बाद ममता बनर्जी और प्रशांत किशोर के बीच इस बात पर सहमति बनी है। प्रशांत किशोर अगले महीने से ममता बनर्जी के लिए काम शुरू करेंगे।

बता दें कि साल 2014 के आम चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्य चुनावी रणनीतिकार रहे प्रशांत किशोर ने आंध्र प्रदेश में जगमोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली वाईएसआर कांग्रेस की ‘सुनामी जीत’ में अहम भूमिका निभाते हुए फिर से ‘अपने बिजनेस’ में जोरदार वापसी की थी। प्रशांत किशोर की रणनीति ने उस चंद्रबाबू नायडू को सत्ता से बाहर कर दिया था जो आम चुनाव के परिणाम आने से कुछ दिन पहले पहले तीसरा मोर्चा बनाने की अगुवाई कर रहे थे। प्रशांत किशोर ने साल 2017 में उत्तर प्रदेश में हुए चुनाव में कांग्रेस के लिए रणनीति तैयार की थी, लेकिन तब इस चुनाव में कांग्रेस को बुरी तरह मुंह की खानी पड़ी थी।

आंध्रप्रदेश का चुनाव परिणाम आने के बाद प्रशांत किशोर ने अपने संगठन आई-पीएसी (इंडियन पॉलिटिकल एक्शन) का हवाला देते हुए ट्वीट किया था, ‘आंध्र प्रदेश और सभी सहयोगियों को इस एकतरफा जीत के लिए धन्यवाद। नए मुख्यमंत्री को बधाई और बहुत शुभकामनाएं’।

बता दें कि बिहार की सत्ताधारी पार्टी जेडीयू के उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर को नीतीश कुमार ने इस चुनाव बमुश्किल ही कोई बड़ी जिम्मेदारी सौंपी। इसके पीछे वजह रही कि नीतीश कुमार पर सहयोगी पार्टी बीजेपी के दबाव में थे। बीजेपी युवाओं के बीच जेडीयू के विस्तार की प्रशांत किशोर की योजना को लेकर नाराज थी। इस पर नीतीश कुमार ने बीजेपी की असहजता को तेजी से समझते हुए उसकी चिंता की अनदेखी करने के बजाय अपने उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर को ही किनारे करने का फैसला लिया।

पंजाब कैबिनेट की बैठक में आने से सिद्धू ने कर दिया इनकार

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नई दिल्ली – पंजाब सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू और पंजाब के मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह के बीच पूरी तरह ठन गई है। सिद्धू ने अब कैप्‍टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ खुलकर विद्रोह कर दिया है। लिहाजा सिद्धू ने आज (शुक्रवार) होने जा रही पंजाब कैबिनेट की बैठक में शामिल होने से भी इनकार कर दिया है।

सूत्रों का कहना है कि पंजाब में कांग्रेस को जिन 5 लोकसभा सीटों पर हार मिली है उसे लेकर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नवजोत सिंह सिद्धू के शहरी निकाय मंत्रालय के खराब कामकाज को जिम्मेदार ठहराया था। जबकि इस बारे में नवजोत सिंह सिद्धू का कहना था कि जिन लोकसभा सीटों पर हार मिली है उसकी जिम्‍मेदारी सामूहिक है। सिद्धू ने कहा कि हार के लिए पंजाब में पूरी पार्टी जिम्मेदार है। सिर्फ उन्हें ही जिम्मेदार नहीं ठहराया जाए। लिहाजा वो मीटिंग में शामिल नहीं होंगे।

सिद्धू ने हाल ही में फेसबुक लाइव कर कैप्‍टन अमरिंदर से गिले शिकवे दूर किए थे और कहा था कि पंजाब सरकार में कई मंत्री हैं लेकिन अंगुली सिर्फ उन पर ही क्‍यों उठाई जा रही है। सिद्धू ने कैप्‍टन सिंह को अपना बड़ा भाई बताया और अपनी गलती पूछी।

नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा, ‘सरकार में कई मंत्री और कई विभाग हैं लेकिन अंगुली सिर्फ मुझ पर उठ रही है। मैंने कभी किसी पर अंगुली नहीं उठाई। मैंने कभी किसी का नाम लेकर सवाल नहीं उठाए। मैंने उफ्फ तक नहीं की लेकिन बोलने वाले वही छह सात लोग होते हैं और कहते हैं कि सिद्धू कौन है? फिर भी कैप्टन जो फैसला लेना चाहें, उनकी मर्जी है लेकिन मेरी गलती भी बताएं। कैप्टन साहब मेरे बड़े भाई हैं और वह मेरे सिर पर ही पैर रख रहे हैं।’

पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू और मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के बीच तनातनी अब फाइनल दौर में पहुंच चुकी है। ऐसे में माना जा रहा है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह, नवजोत सिंह सिद्धू का डिपार्टमेंट बदल सकते हैं। हालांकि इस पर आखिरी मुहर कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ही लगाएंगे।

रेपो रेट में कटौती का बैंकरों, वित्तीय विशेषज्ञों ने किया स्वागत

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नयी दिल्ली : बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र के विशेषज्ञों ने लघु अवधि की ऋण दर रेपो में कटौती का स्वागत करते हुए कहा है कि यह एक सही दिशा में उठाया गया कदम है। उन्होंने कहा कि इससे उपभोक्ता मांग बढ़ाने में मदद मिलेगी। भारतीय रिजर्व बैंक ने बृहस्पतिवार को चालू वित्त वर्ष की दूसरी द्वैमासिक मौद्रिक समीक्षा में नीतिगत दरों में 0।25 प्रतिशत की कटौती की है।

यह लगातार तीसरा मौका है जबकि केंद्रीय बैंक ने नीतिगत दरें घटाई हैं। अब रेपो दर 5।75 प्रतिशत पर आ गई है। आईसीआईसीआई बैंक के समूह प्रमुख (वैश्विक बाजार-बिक्री, व्यापार एवं शोध) बी प्रसन्ना ने कहा, ‘‘यह नीतिगत रुख काफी सकारात्मक है। यह फैसला सर्वसम्मति से हुआ है। रुख को बदलकर नरम किया गया है। मौद्रिक समीक्षा वृद्धि और निजी निवेश को प्रोत्साहन देने वाली है।’ मुथूट फिनकॉर्प के मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) वासु रामास्वामी ने कहा कि नीतिगत दर में ताजा कटौती से उपभोक्ता मांग बढ़ाने में मदद मिलेगी। विशेषरूप से आम आदमी को इससे फायदा होगा।

पीरामल कैपिटल एंड हाउसिंग फाइनेंस के प्रबंध निदेशक खुशरू जिजिना ने कहा कि मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) का सर्वसम्मति से रेपो दर में 0।25 प्रतिशत कटौती का फैसला सही दिशा में उठाया गया कदम है। श्रीराम ट्रांसपोर्ट एंड फाइनेंस के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी उमेश रेवान्कर ने कहा कि ऊंची ब्याज दरों की वजह से वाहन बिक्री, रीयल एस्टेट क्षेत्र में उपभोक्ता मांग निचले स्तर पर थी। रिजर्व बैंक को बैंकों के जरिये खुदरा गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को वित्तपोषण बढ़ाना चाहिए।

इससे उपभोक्ता खर्च बढ़ाने में मदद मिलेगी।’ लक्ष्मी विलास बैंक के ट्रेजरी प्रमुख आर के गुरुमूर्ति ने कहा कि आगामी दिनों में हमें और उपाय देखने को मिल सकते हैं। इससे दरों में कटौती का लाभ तेजी से स्थानांतरित होगा। तीन बार में नीतिगत दर में 0।75 प्रतिशत की कटौती की गई है। आगामी महीनों में इसका लाभ ग्राहकों को मिल सकता है।

सीबीआरई के चेयरमैन एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) भारत, दक्षिण पूर्व एशिया, पश्चिम एशिया और अफ्रीका अंशुमान मैगजीन ने कहा कि रेपो दर में चौथाई प्रतिशत की कटौती स्वागतयोग्य है। मुद्रास्फीति के नीचे आने और वृद्धि को लेकर चिंता की वजह से इसकी उम्मीद थी।’ महिंद्रा ग्रुप के मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) वी एस पार्थसारथी ने कहा कि दर कटौती और आगे का रुख अच्छा है। दर कटौती का लाभ स्थानांतरित होने से देश को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रोहित शर्मा ने बनाए कई रिकॉर्ड्स

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रोहित शर्मा ने कल दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपना दूसरा वर्ल्ड कप शतक लगाया तो वहीं अपने वनडे करियर का 23वां शतक। शतक की बदौलत टीम इंडिया ने इस मैच को 6 विकेट से जीत लिया। इस दौरान रोहित ने 144 गेंदों में 122 रनों की शानदार पारी खेली।

# रोहित शर्मा सचिन के 49 सेंचुरी, विराट कोहली के 41 सेंचुरी के बाद तीसरे भारतीय बन गए हैं जिन्होंने वनडे में सबसे ज्यादा शतक लगाए हैं। इस लिस्ट में उन्होंने सौरव गांगुली के 22 वनडे शतक के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है।

# रोहित ने इस दौरान 128 गेंदों में 100 रन बनाए। ये रोहित का अभी तक का सबसे धीमा शतक था।

# रोहित का ये शतक 26वां किसी भारतीय द्वारा वर्ल्ड कप में शतक था। तो वहीं पूरे वर्ल्ड कप में 168वां। भारत और ऑस्ट्रेलिया शतक के मामले में अब बराबार पर हैं जिसमें दोनों के 26 वर्ल्ड कप शतक हैं।

# रोहित शर्मा 12,000 रन बनाने वाले 9वें भारतीय बन गए हैं। इस लिस्ट में सचिन, राहुल द्रविड़, विराट कोहली, सौरव गांगुली, एमएस धोनी, विरेंद्र सहवाग, मोहम्मद अजहरुद्दीन और सुनिल गवास्कर।

# रोहित शर्मा का ये शतक यानी की 122 रन किसी भारतीय के जरिय वर्ल्ड कप में दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है। इससे पहले सचिन ने साल 1996 में केन्या के खिलाफ 127 रनों की पारी खेली थी।

# रन चेस करने के मामले में रोहित शर्मा अब चौथे ऐसे बल्लेबाज बन गए हैं जिन्होंने चेस के दौरान शतक बनाया है।

# दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ ये जीत विराट कोहली की 50वीं जीत थी। 69 वनडे मैच के बाद विराट को 50 मैचों में जीत मिली है। किसी एशियाई कप्तान के तौर पर ये जीत सबसे तेज है।

सलमान खान की ‘भारत’ की बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त शुरुआत

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ईद के मौके पर रिलीज हुई बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की फिल्म ‘भारत’ बॉक्स ऑफिस छा चुकी है। फिल्म का पहला दिन जोरदार रहा है। ‘भारत’ ने पहले दिन 42.30 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया है।

साल 2019 में रिलीज हुई फिल्मों में ‘भारत’ ने पहले दिन सबसे ज्यादा कलेक्शन किया है। इसके पहले रिलीज हुई फिल्मों में कलंक ने 21.60 करोड़, केसरी ने 21.06 करोड़, गली बॉय ने 19.40 करोड़ और टोटल धमाल ने 16.50 करोड़ का फर्स्ट डे कलेक्शन किया था।

सिर्फ सलमान खान की फिल्मों की बात करें तो उन्होंने दिखा दिया है कि वे बॉक्स ऑफिस के ‘सुल्तान’ हैं। ‘भारत’ सलमान की सबसे बड़ी ओपनर फिल्म के तौर पर रिकॉर्ड बनाने में कामयाब रही है। इससे पहले ये रिकॉर्ड प्रेम रतन धन पायो (40.35 करोड़) के नाम था।

पहले दिन ‘भारत’ की कमाई इस लिहाज से भी उल्लेखनीय है कि 5 जून को विश्व कप 2019 में भारत और दक्षिण अफ्रीका का मैच भी था। हालांकि जिस तरह से फिल्म का कलेक्शन सामने आया है, माना जा सकता है कि सलमान के स्टारडम के आगे विश्व कप का मैच फीका पड़ गया।

अली अब्बास जफर के निर्देशन में बनी फिल्म ‘भारत’ में सलमान खान के अलावा कैटरीना कैफ, सुनील ग्रोवर, दिशा पाटनी, जैकी श्रॉफ और तब्बू भी मुख्य भूमिका में हैं। ‘भारत’ में दर्शकों को सुनील ग्रोवर और सलमान खान का दोस्ताना पसंद आ रहा है। यह फिल्म दुनियाभर में 6,000 से ज्यादा स्क्रीन्स पर रिलीज हुई है।

इसके साथ ही यह फिल्म ईद पर अब तक रिलीज हुई सलमान की सभी फिल्मों के ओपनिंग डे कलेक्शन का नया रिकॉर्ड बनाने में कामयाब रही। ईद पर रिलीज हुई सलमान की फिल्मों का पहले दिन का कलेक्शन इस प्रकार है-
दबंग (2010)- 14.50 करोड़ रुपए
बॉडीगार्ड (2011)- 21.60 करोड़ रुपए
एक था टाइगर (2012)- 32.93 करोड़ रुपए
किक (2014)- 26.40 करोड़ रुपए
बजरंगी भाईजान (2015)- 27.25 करोड़ रुपए
सुल्तान (2016)- 36.54 करोड़ रुपए
ट्यूबलाइट (2017)- 21.15 करोड़ रुपए
रेस 3 (2018)- 29.17 करोड़ रुपए
भारत (2019)- 42.30 करोड़ रुपए