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कठुआ रेप-हत्या मामले में 3 दोषियों को उम्र कैद, अन्य को 5 साल की सजा

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नई दिल्ली – जम्मू-कश्मीर के कठुआ में खानाबदोश समुदाय की आठ साल की बच्ची से बलात्कार और फिर उसकी हत्या कर दिए जाने के मामले में एक विशेष अदालत ने सोमवार को छह दोषियों में से तीन को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इन तीनों के नाम सांजी राम, परवेश कुमार और दीपक खुजारिया है। वहीं, इससे पहले मुख्य आरोपी सांजीराम के बेटे (सातवें आरोपी) विशाल को बरी कर दिया गया। जिन लोगों को दोषी ठहराया गया है, उनमें गांव का सरपंच सांजीराम, उसका नाबालिग भतीजा आनंद दत्ता और दो विशेष पुलिस अधिकारी दीपक खजूरिया तथा सुरेंदर वर्मा शामिल हैं। हेड कांस्टेबल तिलकराज और सब इंस्पेक्टर आनंद दत्ता को भी दोषी ठहराया गया है जिन्होंने सांजीराम से चार लाख रुपये लिए और अहम सबूत नष्ट कर दिए। मामले में बंद कमरे में हुई सुनवाई तीन जून को पूरी हुई थी। इस घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। पंद्रह पृष्ठों के आरोपपत्र के अनुसार, पिछले साल 10 जनवरी को अगवा की गई आठ साल की बच्ची को कठुआ जिले में एक गांव के मंदिर में बंधक बनाकर रखा गया और उससे दुष्कर्म किया गया। उसे जान से मारने से पहले चार दिन तक बेहोश कर रखा गया।

अदालत में मृतका के परिवार का प्रतिनिधित्व करने वाले फारूकी खान ने बताया कि मुख्य आरोपी सांजीराम के बेटे एवं सातवें आरोपी विशाल को ”संदेह का लाभ” देते हुए बरी कर दिया गया है। अदालत ने परिसर के बाहर एकत्र मीडिया की नजर से दूर यह बहुप्रतीक्षित फैसला सुनाया। वकीलों ने बताया कि जिस जगह अपराध हुआ, उस मंदिर की देखभाल करने वाले सांजीराम, विशेष पुलिस अधिकारी दीपक खजूरिया और आम नागरिक प्रवेश कुमार को रणबीर दंड संहिता की आपराधिक षड्यंत्र, हत्या, सामूहिक बलात्कार और सबूत नष्ट करने संबंधी धाराओं के तहत दोषी ठहराया गया। उन्होंने बताया कि दो पुलिस अधिकारियों उपनिरीक्षक आनंद दत्ता और हेड कॉन्स्टेबल तिलकराज- और एक विशेष पुलिस अधिकारी सुरेंद्र वर्मा को सबूत नष्ट करने का दोषी करार दिया गया है

मामले की अभियोजन टीम में जे के चोपड़ा, एस एस बसरा और हरमिंदर सिंह शामिल हैं। उन्होंने एक संक्षिप्त बयान में कहा कि वे फैसले का अध्ययन करेंगे और बरी किए गए सातवें आरोपी के खिलाफ अपील कर सकते हैं। बयान में कहा गया है, ”हमने हत्या एवं सामूहिक बलात्कार के तीन दोषियों के खिलाफ मृत्युदंड की मांग की है। हम सभी ने इसके लिए कड़ी मेहनत की है और यह जांच एवं कानूनी दिमाग के उचित समन्वय से हुआ। हमने 99 प्रतिशत परिणाम हासिल कर लिया।”

जम्मू-कश्मीर पुलिस की अपराध शाखा ने एक नाबालिग समेत आठ आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया था। पिछले साल अप्रैल में दायर पंद्रह पृष्ठ के आरोपपत्र के अनुसार 10 जनवरी, 2018 को अगवा की गई आठ साल की बच्ची को कठुआ जिले में एक गांव के मंदिर में बंधक बनाकर रखा गया और उससे दुष्कर्म किया गया। उसे जान से मारने से पहले उसे चार दिन तक बेहोश रखा गया। जम्मू से करीब 100 किलोमीटर और कठुआ से 30 किलोमीटर दूर पड़ोसी राज्य पंजाब के पठानकोट में जिला एवं सत्र अदालत ने पिछले साल जून के पहले सप्ताह में इस मामले की रोजाना सुनवाई शुरू की थी। उच्चतम न्यायालय ने इस मामले की सुनवाई जम्मू कश्मीर से बाहर किए जाने का आदेश दिया था।

शीर्ष अदालत ने यह आदेश उस समय दिया था जब देश को हिलाकर रख देने वाले इस मामले में कठुआ में वकीलों ने अपराध शाखा के अधिकारियों को आरोपपत्र दाखिल करने से रोक दिया था। नाबालिग के खिलाफ मुकदमा अभी शुरू होना है क्योंकि उसकी उम्र के निर्धारण संबंधी उसकी याचिका पर जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय में सुनवाई होनी है।

मुलायम सिंह से सीएम योगी आदित्यनाथ ने की मुलाकात

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लखनऊ – उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज सपा नेता मुलायम सिंह यादव से उनके आवास पर मुलाकात की। हाई ब्लड शुगर के कारण मुलायम सिंह यादव को कल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सीएम योगी ने मुलायम से मिल उनका हाल चाल जाना। सीएम योगी और मुलालम सिंह यादव की मुलाकात के दौरान सपा प्रमुख अखिलेश यादव और प्रगति समाजवादी पार्टी के प्रमुख शिवपाल यादव भी मौजूद रहें।

इससे पहले प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव को रविवार शाम गोमतीनगर स्थित डॉ। राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती कराया गया था। जांच में उनके शरीर में शुगर का स्तर बढ़ा पाया गया था। डॉक्टरों का कहना है कि इलाज के बाद उनकी तबीयत में सुधार है। शुगर समेत दूसरी जांचें भी कराई गई थीं।

मुस्लिम समुदाय किसी की भीख पर नहीं जी रहा : ओवैसी

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नई दिल्ली – ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने दावा किया है कि वायनाड लोकसभा सीट से राहुल गांधी को जीत इसलिए मिली, क्योंकि वहां पर 40 प्रतिशत आबादी मुसलमान हैं।

उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष देश में मुसलमानों के लिए जगह चाहते हैं, किन्तु वे यह नहीं जानते कि मुस्लिम समुदाय किसी की भीख पर नहीं जी रहा है। तेलंगाना के हैदराबाद से सांसद ओवैसी ने रविवार को आयोजित की गई एक जनसभा में कहा है कि 15 अगस्त, 1947 को जब देश आजाद हुआ तो हमारे बड़े बुजुर्गों ने सोचा था कि यह एक नया भारत होगा।

यह भारत स्वतंत्र, गांधी, नेहरू, आंबेडकर और उनके करोड़ों अनुयायियों का होगा। ओवैसी ने कहा कि, ‘मुझे अभी भी उम्मीद है कि हमें इस देश में अपना अधिकार मिलेगा। हमें भीख नहीं चाहिए, हम आपकी भीख पर नहीं जीना चाहते।’ न्यूज़ ट्रैक पर छपी खबर के अनुसार, ओवैसी ने कहा कि, ‘आप कांग्रेस और दूसरी धर्मनिरपेक्ष पार्टियां छोड़ना नहीं चाहते, किन्तु स्मरण रहे कि उनके पास ताकत और सोच नहीं है, वे कठोर परिश्रम भी नहीं करते।’

ओवैसी ने सवाल किया कि, भाजपा कहां हारी है? फिर इस सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब में भाजपा हारी है। वहां कौन है? पंजाब में सिख अधिक हैं। देश में भाजपा को और कहां हार मिली? भाजपा केवल क्षेत्रीय पार्टियों से हारी है, कांग्रेस से नहीं।

युवराज सिंह ने किया संन्यास का ऐलान

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मुंबई – लिमिटेड ओवर क्रिकेट में इस सदी में भारत के सबसे बड़े मैच विनर रहे युवराज सिंह ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया। मुंबई में एक प्रेस कांफ्रेंस में अपने परिवार और दोस्तों की मौजूदगी में युवराज ने संन्यास का ऐलान किया। भारत के सबसे स्टाइलिश बल्लेबाजों में से एक बाएं हाथ के युवराज के संन्यास के ऐलान से पहले उन पर एक वीडियो चलाया गया, जिसमें वो अपने पिता योगराज सिंह और मां शबनम सिंह के साथ बातें कर रहे थे और अपने पुराने दिनों को याद कर रहे थे।

युवराज अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अलावा युवराज अब इंडियन प्रीमियर लीग में भी नहीं दिखेंगे। हालांकि युवराज ने आईसीसी से अप्रूव्ड विदेशों में टी20 लीग में खेलने की इच्छा जताई है। प्रेस कांफ्रेंस के दौरान युवराज ने कहा कि उन्हें इस खेल ने सब कुछ दिया और इसके लिए वो अपने परिवार, दोस्तों और फैंस का शुक्रिया अदा करना चाहते हैं, जो हर हालात में उनके साथ थे।

मैं अपनी फैमिली फ्रेंड्स और फैंस का शुक्रिया अदा करता हूं। 25 साल और 22 गज की पिच में 17 साल तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के बाद मैंने अब संन्यास का फैसला किया है। मुझे सब कुछ इस गेम से मिला। मुझे उम्मीद है कि आप लोगों को मुझे गर्व रहेगा। फैंस के सपोर्ट के लिए भी शुक्रिया जो बुरे वक्त में भी मेरे साथ थे

2011 में भारत की वर्ल्ड कप जीत के हीरो रहे युवराज ने कहा कि क्रिकेट खेलकर उन्होंने अपने पिता के सपने को पूरा किया। इसके साथ ही वर्ल्ड कप जीतना उनके लिए किसी सपने जैसा था। मैंने अपने पिता के सपने को पूरा किया। 2011 में वर्ल्ड कप जीतना और चार मैन ऑफ द मैच अवार्ड हासिल करना सपने के सच होने जैसा था। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2000 में नैरोबी में नेटवेस्ट ट्रॉफी से अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत करने वाले युवराज ने 19 साल के अपने करियर में 402 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले और 11778 रन बनाए।

युवी ने अपना आखिरी वनडे मैच जून 2017 में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला था, जबकि आखिरी बार फरवरी 2017 में टी-20 मैच में नजर आए थे। अपने करियर में युवराज ने 304 वनडे मैच में 8701 रन बनाए हैं, जिसमें 14 शतक शामिल हैं। वहीं 58 टी20 मैच में युवी ने 136 के स्ट्राइक रेट से 1177 रन बनाए। युवराज का टेस्ट करियर कभी भी ऊंचाईयों पर नहीं पहुंच पाया और वो सिर्फ 40 टेस्ट खेल पाए। युवराज ने कहा भी कि उन्हें अपने करियर में सिर्फ टेस्ट क्रिकेट ज्यादा नहीं खेल पाने का अफसोस रहेगा। मोहाली के अपने होम ग्राउंड में 2003 में न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट डेब्यू करने वाले युवराज ने अपना आखिरी टेस्ट 2012 में कोलकाता में इंग्लैंड के खिलाफ खेला था। 40 टेस्ट में युवी ने सिर्फ 1900 रन बनाए, जिसमें 3 शतक और 11 अर्धशतक शामिल हैं।

रिटायरमेंट को लेकर युवराज ने सचिन तेंदुलकर से भी बात की थी। इस साल IPL में मुंबई इंडियंस के लिए सिर्फ 4 ही मैच खेले थे और ज्यादा सफल नहीं हो पाए। युवराज सिंह”मैंने अपने बैच के दोस्तों जहीर, आशीष, वीरू, भज्जी और सचिन पाजी से इन सबको लेकर हमेशा बात हुई है। IPL के दौरान सचिन से काफी बात की कि मैं रिटायर होना चाहता हूं। उन्होंने कहा कि ये तुम्हारें अंदर से आवाज आनी चाहिए थी।” वर्ल्ड कप 2011 के मैन ऑफ द टूर्नामेंट रहे युवराज सिंह को 2012 में अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया और 2014 में पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया।

अलीगढ़ दुष्कर्म पर उत्तर प्रदेश के मंत्री का विवादित बयान

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वाराणसी – उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री उपेंद्र तिवारी ने अलीगढ़ में नाबालिग बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म को लेकर विवादित बयान दिया है। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हर दुष्कर्म का नेचर अलग-अलग होता है।

उपेंद्र तिवारी ने कहा, ‘दुष्कर्म का नेचर होता है। जैसे किसी नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म होता है तो उसे तो हम दुष्कर्म मानेंगे। लेकिन अगर वह महिला है और उसकी उम्र 30-35 साल है तो उसका नेचर अलग होता है।’

उन्होंने कहा, ‘कोई बालिग है और सात-आठ साल से प्रेम संबंध चल रहा है। आज सवाल आता है कि उसके साथ दुष्कर्म हुआ। तो आम सवाल है कि यह बात तो सात-आठ साल पहले उठ जानी चाहिए थी। इस तरह की तमाम घटनाएं हैं, उनका अलग-अलग नेचर है। जहां भी ऐसी घटनाएं होती हैं, मुख्यमंत्री जी संज्ञान लेते हैं और उस पर कार्रवाई होती है। प्रशासन को भी निर्देश है कि इस तरह का मामला आए तो कड़ाई से निपटा जाए।’

तिवारी ने अखिलेश यादव पर भी तंज कसा और कहा कि ‘वह प्रयोग करते हैं। गठबंधन का असफल प्रयोग किया। पहले मस्जिद जाते थे, अब बाबा भोलेनाथ की शरण में गए हैं। आने वाले वक्त में हो सकता है अयोध्या भी जाएं। अभी अखिलेश यादव प्रयोग कर रहे हैं।’

पहली बार रेलवे देगा मसाज सर्विस

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नई दिल्ली – भारतीय रेलवे के इतिहास में पहली बार चलती ट्रेनों में अब यात्रियों को मसाज सर्विसेस उपलब्ध होगी। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक यह सुविधा इंदौर से रवाना होने वाली 39 ट्रेनों में मौजूद है। इसमें देहरादून-इंदौर एक्सप्रेस (14317), नई दिल्ली- इंदौर (12416) और इंदौर-अमृतसर एक्सप्रेस (19325) शामिल हैं। यह प्रस्ताव वेस्टर्न रेलवे जोन के रतलाम डिवीजन से आया था।

रेलवे बोर्ड के मीडिया एंड कम्यूनिकेशन डायरेक्टर राजेश बाजपेई ने कहा, ‘रेलवे के इतिहास में यह पहली बार है जब दौड़ती ट्रेनों में यात्रियों को मसाज की सेवाएं दी जाएगी। इससे रेवेन्यू ही नहीं बढ़ेगा बल्कि यात्रियों की संख्या में भी इजाफा होगा। सालभर में 20 लाख का अतिरिक्त रेवेन्यू कमा सकेंगे और लगभग सर्विस प्रोवाइडर के रूप में लगभग 20 हजार यात्रियों से बिकने वाले अतिरिक्त टिकट से अनुमानित 90 लाख प्रति साफ की बढ़ोतरी होगी। पहली बार है जब ऐसा कोई कॉन्ट्रेक्ट साइन किया गया है।’

यह सेवा 15-20 दिन में शुरू हो जाएगी और सुबह 6 से रात 10 बजे तक उपलब्ध होगी। प्रत्येक हेड मसाज और फुट मसाज के लिए 100 रुपए चार्ज होगा। हर ट्रेन में तीन से पांच मसाज प्रोवाइडर्स होंगे। उन्हें रेलवे आइडेंटिटी कार्ड भी मुहैया कराएगा। यह स्कीम रेलवे की स्कीम का हिस्सा है जहां जोन और डिवीजन को पूछा गया था कि वे रिवेन्यू बढ़ाने के नए और इनोवेटिव आइडिया दें।

अब हॉरर फिल्म बनाएंगे करण जौहर

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रोमांटिक सिनेमा के किंग माने जाने वाले फिल्ममेकर करण जोहर अब लोगों को नए कलेवर में फिल्में दिखाने वाले हैं। जी हां! बॉलीवुड लवर्स को कई रोमांटिक फिल्म का स्वाद चखा चुके निर्माता करण जौहर जल्द ही हॉरर फिल्मों की दुनिया में कदम रखने वाले हैं।

शुक्रवार को करण जौहर ने ट्वीट कर बताया कि धर्मा प्रोडक्शन एक हॉरर फिल्म की एंकरिंग कर रहा है। उन्होंने एक पोस्टर साझा किया, जिस पर लिखा हुआ था, “धर्मा प्रोडक्शन डर के नए फ्रेंचाईजी की एंकरिंग कर रहा है। 15 नवंबर 2019।” वहीं, पोस्टर के कैप्शन में उन्होंने लिखा, “फिल्म की घोषणा सोमवार को होगी। जुड़े रहे।”

हालांकि इससे संबंधित अन्य जानकारियां अभी उजागर नहीं की गई है। फिल्म निर्माता फिलहाल अपने फैंटेसी एडवेंचर आधारित फिल्म ‘ब्राह्मास्त्र’ के रिलीज होने का इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म में अमिताभ बच्चन, आलिया भट्ट, रणबीर कपूर मुख्य भूमिका में हैं।

हाल ही में करण जौहर की फिल्म ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2’ रिलीज हुई थी लेकिन फिल्म ज्यादा कमाई नहीं कर सकी। वहीं इसके पहले फिल्म ‘कलंक’ भी फ्लॉप साबित हुई। देखना यह होगा कि करण जौहर की यह नई बाजी उन्हें कितनी सफलता दिलाती है।

नरेंद्र मोदी दूसरी बार पीएम बनने के बाद अपनी पहली विदेश यात्रा पर

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नई दिल्ली – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दूसरी बार सरकार बनाने के बाद अपनी पहली विदेश यात्रा के तहत शनिवार शाम मालदीव पहुंच गए। मालदीव के माले एयरपोर्ट पर मोदी का भव्य स्वागत किया गया। इससे पहले इससे पहले पीएम मोदी ने केरल के त्रिसूर में बीजेपी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। पीएम ने यहां पर प्रसिद्ध गुरुवायूर मंदिर में विशेष पूजा भी की।

मोदी का माले हवाईअड्डे पर विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद ने स्वागत किया। बता दें कि इस यात्रा का मकसद हिंद महासागर द्वीपसमूह के साथ संबंधों को और मजबूत करना है। प्रधानमंत्री मोदी को मालदीव द्वारा अपने सर्वोच्च सम्मान ‘रूल ऑफ निशान इज्जुद्दीन’ से सम्मानित किया जाएगा। विदेश मंत्री शाहिद ने मोदी की यात्रा के मद्देनजर टि्वटर पर कहा कि ‘रूल ऑफ निशान इज्जुद्दीन’ मालदीव का सर्वोच्च सम्मान है जिसे विदेशी हस्तियों को दिया जाता है।

पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि देश के गरीबों को अपना घर बेचना ना पड़े इसके लिए हम 5 लाख की सुविधा दे रहे हैं, लेकिन केरल के लोगों को यह सुविधा नहीं मिल रही है। क्योंकि यहां की सरकार ने इस सुविधा को लागू करने से मना किया है। हम अपील करते हैं कि वे स्वीकार करें और केरल के लोग इसका फायदा उठा सकें।

शनिवार को मालदीव में रुकने के बाद रविवार को मोदी श्रीलंका पहुंचेंगे। यात्रा पर रवाना होने से पहले मोदी ने कहा था कि दोनों जगह उनका यह दौरा नेबरहुड फर्स्ट की नीति को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस यात्रा से दोनों ही देशों से भारत के संबंध और मजबूत होंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि शनिवार से शुरू हुई मालदीव और श्रीलंका की उनकी यात्रा से भारत द्वारा ‘पड़ोस पहले’ नीति को दिया जाने वाला महत्व प्रतिबिंबित होता है और इससे समुद्र से घिरे दोनों देशों के साथ द्विपक्षीय संबंध और मजबूत होंगे। मोदी लोकसभा चुनाव में जीतकर दोबारा सत्ता में आने के बाद अपनी पहली द्विपक्षीय यात्रा के तहत सबसे पहले मालदीव जाएंगे। वह मालदीव से रविवार को श्रीलंका जाएंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘मैं इसको लेकर आश्वस्त हूं कि मालदीव और श्रीलंका की मेरी यात्रा से हमारी ‘पड़ोस पहले नीति’ और क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा एवं प्रगति की दृष्टि के अनुरूप हमारे समुद्री पड़ोसी देशों के साथ हमारे नजदीकी एवं सौहार्दपूर्ण संबंध और मजबूत होंगे।’ ऐसी जानकारी मिली है कि मालदीव मोदी को एक प्रतिष्ठित पुरस्कार ‘आर्डर आफ निशानीज्जुदीन’ से सम्मानित करेगा।

उन्होंने रवानगी से पहले जारी एक बयान में कहा कि श्रीलंका की उनकी यात्रा वहां 21 अप्रैल को हुए ‘भीषण आतंकवादी हमलों’ के मद्देनजर इस द्वीपीय देश की सरकार एवं वहां के लोगों के प्रति भारत की एकजुटता व्यक्त करने के लिए है।

मोदी ने कहा, ‘भारत के लोग श्रीलंका के लोगों के साथ मजबूती से खड़े हैं जिन्होंने ईस्टर के दिन भीषण आतंकवादी हमले के मद्देनहर बड़ी पीड़ा और विनाश का सामना किया। हम आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में श्रीलंका का पूर्ण समर्थन करते हैं।’

गौरतलब है कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री के तौर पर दूसरे कार्यकाल की यह पहली विदेश यात्रा है। पहले वह मालदीव जाएंगे और रविवार को वे श्रीलंका के दौरे पर रहेंगे। मोदी के अनुसार श्रीलंका में हुए आतंकवादी हमलों के बाद अब भारत की उसके साथ मजबूती जाहिर करना जरूरी है।

वहीं मालदीव को मजबूत साझेदार बताते हुए मोदी ने कहा कि इस देश के साथ हमारी संस्कृति और इतिहास का जुड़ाव है। पिछले कुछ सालों में हमारे संबंध काफी मजबूत हुए हैं और इस यात्रा के बाद यह और भी गहरे हो जाएंगे। गौरतलब है कि मोदी नवंबर 2018 में मालदीव के राष्ट्रपति शपथ ग्रहण समारोह में भी शरीक हुए थे।

मोदी से बातचीत की इमरान ने जताई इच्छा

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नई दिल्ली – पुलवामा हमले के बाद पटरी से उतरे भारत-पाकिस्तान रिश्तों का मोदी-२ में क्या रुख रहेगा, अभी कहना मुश्किल है लेकिन पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने पीएम मोदी को चिट्ठी लिखकर बातचीत का संकल्प दोहराया है। चिट्ठी में इमरान ने उम्मीद जताई है कि दोनों देशों के संबंधों में सुधार होगा।

रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रधानमंत्री इमरान खान ने पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी में मिलकर दक्षिण एशिया और पड़ोसी देशों में शांति के लिए काम करने की इच्छा जताई है। इस चिट्ठी में कश्मीर विवाद का भी जिक्र है और इमरान ने उम्मीद जताई कि बातचीत से यह सभी मसले हल किये जा सकते हैं।

इमरान की चिट्ठी ऐसे मौके पर आई है जब भारत ने गुरुवार को कहा कि १३-१४ जून को किर्गिस्तान के बिश्केक में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन से इतर पीएम मोदी और उनके पाकिस्तानी समकक्ष इमरान खान के बीच कोई द्विपक्षीय बैठक की योजना नहीं है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कल कहा – ”जहां तक मेरी जानकारी है, बिश्केक के एससीओ सम्मेलन में पाकिस्तानी पीएम इमरान खान के साथ द्विपक्षीय बैठक की कोई योजना नहीं बनाई गई है।”

उधर पाकिस्तान के विदेश मंत्री एसएम कुरैशी ने भारत के नए विदेश मंत्री एस जयशंकर को पत्र भेजकर उनके पद सँभालने पर बधाई दी है। पत्र में उन्होंने इस्लामाबाद और दिल्ली के बीच बातचीत के जरिए रिश्ते सुधारने की उम्मीद जताई है।

पाकिस्तान के विदेश मंत्री की ओर से यह पत्र पाकिस्तान के विदेश सचिव सोहेल महमूद के भारत के निजी दौरे के बाद आया है। पाकिस्तान ने दावा किया है कि यह प्रधानमंत्री इमरान द्वारा अपने भारतीय समकक्ष को लगातार तीसरा पत्र है जिसमें उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत की पेशकश की है।

ममता बैनर्जी नहीं जाएंगी नीति आयोग की बैठक में

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नई दिल्ली – केंद्र से लगातार नाराजगी वाले रुख को कायम करते हुए अब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नीति आयोग तो बिना वित्तीय अधिकार वाली संस्था बताते हुए इसकी बैठक में जाने से मना कर दिया है। यह बैठक पीएम मोदी ने ५ जून को बुलाई है।

नीति आयोग की १५ जून को होने वाली बैठक में न आने की सूचना देने के लिए पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर अवगत करवाया है।ममता ने इस पत्र में नीति आयोग के अधिकारों पर सवाल खड़ा किया है और कहा है कि इसके पास कोइ वित्तीय अधिकार नहीं जिससे इसकी बैठकें बेमतलब की कवायद से ज्यादा कुछ नहीं।

अपने पत्र में ममता ने लिखा – ”नीति आयोग के पास वित्तीय अधिकार नहीं और न ही राज्य की मदद करने का आयोग के पास किसी तरह का अधिकार है। ऐसे में बैठक में शामिल होने का कोई मतलब नहीं रह जाता।”

सीएम ममता का लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान से ही भाजपा और मोदी-शाह से टकराव दिखा है। चुनाव के बाद भी जब पीएम मोदी के शपथ ग्रहण में ”बंगाल में हिंसा का शिकार” भाजपा कार्यकर्ताओं के परिजनों को बुलाने के फैसला हुआ तो ममता इससे बेहद खफा हुईं। उनके मुताबिक ऐसी कोइ राजनीतिक हिंसा बंगाल में नहीं हुई है जैसे भाजपा पेश कर रही है। चुनाव के नतीजे आने के बाद यह कटुता तब और बढ़ गयी जब ममता की टीएमसी के कई विधायक-नेता भाजपा में शामिल हो गए।