Home Blog Page 1045

एंटी बीजेपी मोर्चा बनाने में जुटे राज ठाकरे

0

नई दिल्ली – महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे बीजेपी के खिलाफ विरोधी ताकतों को इकठ्ठा कर खुद को राजनीति में दोबारा पुर्नजीवित करना चाहते हैं। इसी सिलसिले में सोमवार को उन्होंने यूपीए की चेयरमैन सोनिया गांधी से मुलाकात की थी। राज ठाकरे अब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल के तेजस्वी यादव और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) प्रमुख एम.के. स्टालिन से मुलाकात करने पर विचार कर रहे हैं।

द प्रिंट की खबर के मुताबिक मनसे ने सोनिया गांधी के साथ राज ठाकरे की मुलाकात को केवल शिष्टाचार मुलाकात बताया था। लेकिन महाराष्ट्र कांग्रेस नेताओं का मानना है कि वो अगले कुछ महीनों बाद राज्य में होने वाले वाले विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी के खिलाफ विपक्षी मोर्चे को एकजुट करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि ठाकरे के सहयोगियों ने जोर देकर कहा कि ये बैठकें केवल कथित ईवीएम छेड़छाड़ के बारे में हैं।

कभी अपने चाचा और शिवसेना के संस्थापक दिवंगत बाल ठाकरे के राजनीतिक उत्तराधिकारी के तौर पर देखे जाने वाले राज ठाकरे आजकल महाराष्ट्र में हाशिए पर हैं। सोनिया गांधी के साथ उनकी मुलाकात ने सबको आश्चर्य में डाल दिया था। ठाकरे लोकसभा चुनाव से दूर रहे थे लेकिन उन्होंने 10 रैलियों को संबोधित कर अपने लिए एक माहौल बनाने में कामयाब रहे थे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला। उनके भाषण वायरल हुए,खासकर लावा री वाले। इसके बावजूद जिन जगहों पर उन्होंने रैली की,वहां बीजेपी-शिवसेना ने 10 में से 8 सीटें जींती। राजनीतिक विश्लेषक और कांग्रेस के राज्यसभा सांसद कुमार केतकर का मानना ​​है कि ठाकरे विपक्षी नेताओं से मिलकर मोदी-शाह के खिलाफ एक संयुक्त लड़ाई की बात कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा हराजनीतिक प्रासंगिकता हासिल करने के लिए ठाकरे का गांधी से मिलना एक वजह हो सकता है, यह केंद्र बिंदु नहीं है। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी बीजेपी की शक्तिशाली जोड़ी से निपटने के लिए किसी से भी बैठक करने के लिए तैयार हैं।

मनसे ने 2009 में अपने निर्माण के बाद शिवसेना की तुलना में अधिक सशक्त और आक्रामक तरीके से मिट्टी की विचारधारा और मराठी मानुष की बात की और त्वरित सफलता का स्वाद भी चखा। एक समय उसने उन्होंने मुंबई निकाय चुनावों और राज्य विधानसभा चुनाव में शिवसेना को उसके गढ़ दादर और माहिम में हराया। 2009 के लोकसभा चुनाव में मनसे ने 12 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ा और 1 लाख से अधिक वोट हासिल किए। उस साल उन्होंने शिवसेना को काफी नुकसान पहुंचाया और विधानसभा चुनाव में 13 सीटें जीती। किन उस शुरुआती सफलता के बाद मनसे लड़खड़ा गई और 2014 के विधानसभा चुनाव में केवल एक विधानसभा सीट पर सिमट गई।

कांग्रेस और उसकी सहयोगी राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी(एनसीपी) महाराष्ट्र में मनसे के साथ गठबंधन के खिलाफ हैं। कांग्रेस को अपने सेक्यूलर एजेंडे में ठाकरे के साथ आने पर बैलेंस करने में दिक्कत आ सकती है। मनसे की मराठा केंद्रित नीति के बीच कांग्रेस हार्ड लाइन पॉलिटिक्स के संकेत भी दे रही है, जब महराष्ट्र में वो लगातार हार रही है। एनसीपी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि यह स्पष्ट संकेत है कि कांग्रेस हिंदू वोट को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। यह केवल बीजेपी और शिवसेना की मदद करेगा। हालांकि केतकर ने कहा कि मनसे समावेशी पार्टी है। उन्होंने कहा कि अगर आप आप ठाकरे के भाषणों को ध्यान से सुनते हैं, तो आपको एहसास होगा कि वह मुस्लिम या जातिविरोधी नहीं हैं। मनसे मराठी पहचान पर केंद्रित है ना कि मराठी रूढ़िवादी। वहीं राजनीतिक विश्लेषक प्रताप अस्बे ने इस बात पर असहमति जताई कि मनसे कांग्रेस की चुनावी संभावनाओं की मदद नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि मनसे मुंबई जैसे क्षेत्रों में कमजोर कांग्रेस-एनसीपी कैडर को मजबूत करने में मदद कर सकती है।

वरिष्ठ आईपीएस का दावा- श्रीदेवी की हुई थी हत्या

0

हिंदी फिल्मों की दिलकश अभिनेत्री श्रीदेवी अपनी जिंदगी जितनी में जितनी चर्चा में रहीं, उनकी मौत भी उतनी ही चर्चा में रही। उनकी मौत 24 फरवरी 2018 को दुबई के एक होटल में बाथटब में डूबने से हुई थी। उनकी मौत के बाद ही उस पर सवाल उठने लगे थे। कहा जा रहा था की उनकी मौत डूबने से नहीं हुई, बल्कि उनकी हत्या की गई है। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद जांच एजेंसियों ने मौत की वजह हादसा करार दिया था।

अब एक बार फिर श्रीदेवी की मौत की वजहों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और केरल के डीजीपी जेल ऋषिराज सिंह ने हैरान करने वाला दावा करते हुए कहा है कि श्रीदेवी की मौत हादसा नहीं थी, बल्कि उनकी हत्या की गई थी। ऋषिराज सिंह ने केरल के एक अखबार में एक कॉलम लिखकर दावा किया है कि “श्रीदेवी की मौत बाथटब में डूबने से नहीं हुई थी, बल्कि उनकी हत्या की गई थी।”

ऋषिराज सिंह ने ये दावा फॉरेंसिक एक्सपर्ट और अपने करीबी दोस्त डॉ. उमादथन के हवाले से किया है। उन्होंने लिखा, “जब मैंने अपने दिवगंत दोस्त और फॉरेंसिक एक्सपर्ट डॉक्टर उमादथन से श्रीदेवी की मौत के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि श्रीदेवी की मौत एक हत्या हो सकती है। उमादथन ने कई तथ्यों के हवाले से बताया- “कोई इंसान कितने भी नशे में हो वह एक फीट पानी में नहीं डूबेगा। कोई तभी डूबेगा जब उसके दोनों पैरों को कोई पकड़कर उसके सिर को पानी में डुबोएगा।”

बता दें कि श्रीदेवी 24 फरवरी 2018 को एक शादी में शामिल होने दुबई गई थीं, जहां अचानक उनकी मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी मौत बाथटब में डूबने से हुई। उस वक्त वह नशे में थीं। श्रीदेवी की मौत से परिवार समेत पूरा बॉलीवुड सदमे में आ गया था। श्रीदेवी की मौत जिस समय हुई थी, उस समय उनकी बेटी जाह्नवी कपूर बॉलीवुड में डेब्यू करने वाली थीं। श्रीदेवी इसे लेकर बहुत उत्साहित थीं, लेकिन अचानक उनकी मौत हो गई।

गौरतलब है कि बॉलीवुड में श्रीदेवी एक ऐसी अभिनेत्री थीं जिन्हें सुपरस्टार का दर्जा मिला हुआ था। श्रीदेवी ने महज चार साल की उम्र से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने तमिल फिल्म से अभिनय करियर शुरू किया था। अपने करियर में उन्होंने लगभग 300 फिल्मों में काम किया था।

राहुल गांधी को अहमदाबाद की मेट्रोपोलिटन कोर्ट से जमानत

0

अहमदाबाद – कांग्रेस नेता राहुल गांधी को शुक्रवार को अहमदाबाद जिला सहकारी बैंक ( एडीसीबी) और इसके चेयरमैन अजय पटेल द्वारा दायर मानहानि मामले में जमानत मिल गई। कोर्ट ने इन शर्तों पर जमानत अर्जी स्वीकार कर ली कि या तो राहुल गांधी को गिरफ्तार किया जाए या वह अदालत में पेश हों। कोर्ट इस मामले पर अगली सुनवाई सात सितम्बर को फिर से करेगा।

राहुल गांधी शुक्रवार दोपहर बाद अहमदाबाद के मेट्रो कोर्ट परिसर पहुंचे। वह कोर्ट संख्या 13 में अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट एनबी मुंशी की कोर्ट में पेश हुए। उन्होंने कोर्ट के समक्ष खुद को दोषी मानने से इनकार किया। अदालती कार्यवाही के अंत में राहुल गांधी ने जमानत के लिए आवेदन किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा जमानतदार बन गए। उन्हें 15 हजार रुपये की जमानत राशि और इतनी ही राशि का मुचलका देना पड़ा। अदालती कार्यवाही के बाद राहुल गांधी कोर्ट परिसर से चले गए ।मानहानि का यह मुकदमा साल 2018 में तब दायर किया गया था, जब राहुल गांधी और रणदीप सुरजेवाला ने दावा किया था कि एडीसीबी आठ नवंबर 2016 को नोटबंदी की घोषणा के पांच दिन के अंदर 745.59 करोड़ रुपये के बंद हो चुके नोटों को बदलने के घोटाले में शामिल था।उल्लेखनीय है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एडीसीबी बैंक के निदेशकों में से एक हैं। आपराधिक मानहानि के इस मामले में शिकायतकर्ताओं ने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने बैंक के खिलाफ झूठे और मानहानि करने वाले आरोप लगाए।आज कोर्ट में राहुल गांधी की उपस्थिति के कारण एसपीजी की टीम ने मेट्रो कोर्ट की छठी मंजिल की सुरक्षा की जांच की।राहुल गांधी की मौजूदगी के कारण पूरा कोर्ट रूम कांग्रेस कार्यकर्ताओं से भर गया। उसके बाद कोर्ट रूम को अंदर से बंद कर दिया गया।राहुल के साथ कांग्रेस नेता अहमद पटेल, अर्जुन मोढवाडिया, राजीव सातव, अमित चावड़ा भी कोर्ट में मौजूद थे।

सांसद हंसराज को दिल्ली उच्च न्यायालय ने भेजा नोटिस

0

नई दिल्ली – दिल्ली हाई कोर्ट ने सांसद हंसराज हंस को नोटिस जारी किया है। साथ ही चुनाव आयोग को भी 2019 लोकसभा चुनाव में नामांकन के दौरान हंसराज हंस द्वारा दी गई सभी जानकारियों के रिकॉर्ड का देने का निर्देश दिया है।

चुनावी हलफनामा में गलत जानकारी देने का आरोप लगाते हुए नॉर्थ वेस्ट दिल्ली लोकसभा चुनाव में हारे कांग्रेस प्रत्याशी राजेश लिलोठिया ने हंस राज हंस के खिलाफ हाई कोर्ट में इलेक्शन पेटिशन दायर की है।

याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि हंसराज हंस ने नामांकन पत्र में अपनी पत्नी की आय और उनपर 2।5 करोड़ के कर्ज की भी झूठी घोषणा की थी, इतना ही नहीं उन्होंने अपने एजुकेशन को लेकर भी झूठी घोषणा की थी।

याचिकाकर्ता ने हंसराज हंस की जीत को अमान्य करार देने की भी मांग की गई है। मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस जयंत नाथ ने हंसराज हंस को नोटिस जारी कर चुनाव आयोग से रिपोर्ट मांगी है। मामले की अगली सुनवाई 18 जुलाई को होगी।

बीजेपी सांसद हंसराज हंस दिल्ली की उत्तर-पश्चिम लोकसभा सीट से चुनाव जीते हैं। भारतीय जनता पार्टी ने 2019 लोकसभा चुनाव में उत्तर-पश्चिम दिल्ली की लोकसभा सीट से उदित राज का टिकट काटकर हंसराज हंस को मौका दिया। दिल्ली की उत्तर-पश्चिम सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। बता दें कि हंसराज हंस जालंधर के वाल्मिकी समाज से आते हैं।

धोनी से संन्यास नहीं लेने की लता मंगेशकर ने की भावनात्मक अपील

0

नई दिल्ली – स्वर सम्राज्ञी लता मंगेशकर ने भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी से संन्यास नहीं लेने का आग्रह किया है।

लता मंगेशकर ने धोनी से संन्यास नहीं लेने का आग्रह करते हुए ट्वीट किया, ‘नमस्कार एम.एस. धोनी जी। आजकल मैं सुन रही हूं कि आप रिटायर होना चाहते हैं। कृपया आप ऐसा मत सोचिए. देश को आप के खेल की जरूरत है और ये मेरी भी रिक्वेस्ट है कि रिटायरमेंट का विचार भी आप मन में मत लाइए।’

उल्लेखनीय है कि आईसीसी विश्व कप के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड ने भारत को 18 रनों हरा दिया। न्यूजीलैंड ने भारत के सामने जीत के लिए 240 रनों का लक्ष्य रखा था, जवाब में भारतीय टीम 49.3 ओवरों में 221 रनों पर सिमट गई। इस मैच में धोनी (50) और जडेजा (77) ने भारत को जीताने की भरसक कोशिश की, लेकिन लक्ष्य से 18 रन दूर रह गए। इस मुकाबले में मिली हार के बाद धोनी के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की खबरें जोरों पर हैं।

ED की मेहुल चौकसी पर बड़ी कार्रवाई

0

नई दिल्ली – प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बैंक घोटाले के भगोड़े आरोपी मेहुल चोकसी की 24 करोड़ की संपत्ति जब्त की है। सूत्रों के मुताबिक, ईडी ने यह संपत्ति कोर्ट के आदेश के बाद जब्त की है। ईडी ने यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (2002) के तहत की है।बता दें कि भगोड़ा मेहुल चोकसी इस वक्त एंटीगुआ में शरण लेकर रह रहा है।

वहीं, प्रर्वतन निदेशालय समेत देश की सभी एजेंसियों चौकसी को एंटीगुआ से वापस लाने की कोशिश कर रही हैं। गौरतलब है कि पंजाब नेशनल बैंक को 13 हजार करोड़ रुपए का चूना लगाकर फरार हुए हीरा कारोबारी मेहुल चोकसीको एंटीगुआ से वापस लाने के लिए ईडी ने एयर एंबुलेंस और मेडिकल एक्सपर्ट की एक टीम उपलब्ध कराने का ऑफर दिया है। इसके अलावा चोकसी को भारत में इलाज के लिए पूरा ट्रीटमेंट देने की बात भी कही गई है।

कांग्रेस के 10 बागी विधायक अमित शाह से मिले

0

नई दिल्ली – कर्नाटक में अपने विधायकों की बगावत से जूझ रही कांग्रेस को गोवा में भी इसी मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। गोवा में कांग्रेस के 15 में से 10 विधायकों ने पार्टी से नाता तोड़ते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया है। गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के साथ इन 10 विधायकों ने गुरुवार को संसद भवन में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की है।

मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कांग्रेस के बागी विधायकों के भाजपा में शामिल होने की पुष्टि करते हुए कहा कि कांग्रेस के 10 विधायक हमारे साथ आए हैं। वे सभी गृहमंत्री अमित शाह से मिले हैं और भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्ड से शाम को मुलाकात करेंगे। सावंत ने कहा कि इन विधायकों ने गोवा की मौजूदा भाजपा सरकार को मजबूत करने के लिए समर्थन देने का फैसला किया है और वह इसका स्वागत करते हैं।

इन विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने के बारे में पूछे जाने पर सावंत ने कहा कि इस बारे में कोई निर्णय नहीं हुआ है और केंद्रीय नेतृत्व इस मामले में फैसला करेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के 10 विधायकों का भाजपा में विलय हो गया है और वह सभी बिना किसी शर्त के पार्टी में शामिल हुए हैं।कांग्रेस के विधायकों के भाजपा में विलय के बाद 40 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा की संख्या 27 हो गई है।

लालू की बेटी मीसा भारती पर ED ने कसा शिकंजा

0

नई दिल्ली – प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राजद प्रमुख लालू प्रसाद की बेटी मीसा भारती और अन्य के खिलाफ धन शोधन के मामले में दिल्ली की एक अदालत में बुधवार को पूरक आरोप पत्र दायर किया। आरोप पत्र में, जांच एजेंसी ने 35 नए आरोपियों को नामजद किया है जिसमें करीब 15 व्यक्ति हैं, बाकी कपंनियां हैं।

आरोप पत्र में 15 व्यक्तियों में से आठ चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं जिन्हें आरोपी के तौर पर नामजद किया गया है। आरोप पत्र में आठ हजार करोड़ रुपए के शेयरों के विवरण का भी जिक्र है। यह आरोप पत्र विशेष लोक अभियोजक अतुल त्रिपाठी ने विशेष न्यायाधीश अरुण भारद्वाज के समक्ष दायर किया।

एजेंसी ने दो भाइयों (सुरेंद्र कुमार जैन और वीरेंद्र जैन) तथा अन्य के खिलाफ जांच के दौरान जुलाई 2017 में फार्महाउस और अन्य स्थानों पर छापेमारी की थी। जैन बंधुओं और अन्य पर मुखौटा कंपनियों के जरिए करोड़ों रुपए के धन शोधन का आरोप है।

प्रवर्तन निदेशालय ने चार्टर्ड अकाउंटेंट राजेश अग्रवाल को भी गिरफ्तार किया था। उसने कथित रूप से मध्यस्थता की थी तथा जैन बंधुओं को अग्रिम भुगतान के तौर पर 90 लाख रुपए नकद मुहैया कराए थे, ताकि शेयर प्रीमियम के तौर पर मेसर्स मिशेल पैकर्स एंड प्रिंटर प्रा. लिमिटेड में निवेश किया जा सके। मीसा भारती और उनके पति इस कंपनी में पहले निदेशक थे।

ईडी ने आरोप लगाया कि जैन बंधु, अग्रवाल और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद की बेटी मीसा भारती तथा उनके दामाद 1.2 करोड़ रुपये का धन शोधन करने में मुख्य रूप से शामिल रहे।

कंगना की ओर से एकता की बालाजी टेलीफिल्म्स ने मांगी माफी

0

एकता कपूर की प्रोडक्शन हाऊस बालाजी टेलीफिल्म्स ने बुधवार को एक माफीनामा जारी किया है। हाल ही में फिल्म ‘जजमेंटल है क्या’ के एक प्रमोशनल इवेंट के दौरान कंगना और एक पत्रकार के बीच कहासुनी हो गई जिसके बाद मीडिया ने कंगना के इस व्यवहार की कड़ी आलोचना करते हुए उनसे माफी की मांग की और अब ‘जजमेंटल है क्या’ की निर्माता एकता कपूर की कंपनी ने कंगना की ओर से मीडिया से माफी मांगी है। बालाजी के इस बयान में कहा गया, “7 जुलाई को फिल्म के सॉन्ग लॉन्च के इवेंट पर ‘जजमेंटल है क्या’ की अभिनेत्री और एक पत्रकार के बीच कहासुनी हो गई जिसके बारे में काफी कुछ बताया जा रहा है। दुर्भाग्यवश, इस इवेंट में चीजें गड़बड़ा गईं।”

इसमें आगे कहा गया, “हालांकि इस वाकये में शामिल लोगों ने निष्पक्ष तौर पर अपना दृष्टिकोण रखा, लेकिन चूंकि यह वाकया हमारी फिल्म के इवेंट पर हुआ, निर्माता होने के नाते हम इस अप्रिय घटना के लिए माफी मांगना चाहते हैं और इस पर खेद व्यक्त करना चाहते हैं।”

वरखा स्वैग गाने की लांचिंग के वक्त जब कंगना ने अपनी आखिरी रिलीज ‘मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झांसी’ पर नकारात्मक टिप्पणी करने के लिए एक पत्रकार पर सवाल उठाया तो स्थिति अचानक से ही बिगड़ गई। कंगना के इस बर्ताव की निंदा करते हुए एंटरटेनमेंट जर्नलिस्ट गिल्ड ऑफ इंडिया (ईजेजीआई) के सदस्यों ने मंगलवार को सामूहिक रूप से कंगना के बहिष्कार का निर्णय लिया और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेत्री से सार्वजनिक तौर पर माफी की मांग की।

कपूर की ओर से जारी बालाजी के इस बयान में मीडिया से आग्रह किया गया “इस एक घटना की वजह से टीम के प्रयास को बाधा नहीं पहुंचाना चाहिए जिसने इस फिल्म को बनाने के पीछे मेहनत की।” आखिर में इस बयान में कहा गया, “हम यह सुनिश्चित करना चाहेंगे कि हमारा मकसद किसी का असम्मान करना या किसी की भावनाओं को खेद पहुंचाने से नहीं है।” ‘जजमेंटल है क्या’ 26 जुलाई को रिलीज होगी।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने खारिज की मेट्रो में औरतों के फ्री ट्रेवल के प्रस्ताव के खिलाफ याचिका

0

नयी दिल्ली – दिल्ली उच्च न्यायालय ने मेट्रो में महिलाओं के लिये मुफ्त सफर के आप सरकार के प्रस्ताव को चुनौती देने वाली याचिका बुधवार को खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि किसी खास वर्ग को छूट देने का फैसला करना प्राधिकार का काम है।

मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति सी हरिशंकर की पीठ ने याचिका को विचारार्थ स्वीकार करने से यह कहकर इनकार कर दिया कि इसमें कोई दम नहीं है। पीठ ने याचिकाकर्ता पर 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया जिसे चार सप्ताह के भीतर जमा करना होगा।

अदालत ने याचिकाकर्ता की उस अपील को भी खारिज कर दिया, जिसमें किराया कम करने और टिकट की कीमत मौजूदा छह स्लैब की बजाय 15 स्लैब में करने का अनुरोध किया गया था।

पीठ ने कहा, ”किराया तय करना वैधानिक प्रावधान है और यह लागत समेत कई कारकों पर निर्भर करता है जिसे एक जनहित याचिका में निर्धारित नहीं किया जा सकता।”

इसने कहा कि याचिकाकर्ता वकील बिपिन बिहारी सिंह किराया तय करने में कोई अवैधता बताने में नाकाम रहे हैं और अदालत दिल्ली मेट्रो के लिए किराया तय में ”अत्यंत धीमी” रहेगी क्योंकि यह कार्य सरकार का अधिकार है।

अगले वर्ष प्रस्तावित विधानसभा चुनावों से पहले आप सरकार ने जून में घोषणा की थी कि उसका दिल्ली में महिलाओं के लिए मेट्रो और बस यात्रा मुफ्त करने का प्रस्ताव है ताकि ”महिलाएं सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल के प्रति प्रोत्साहित हो सकें।”

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि दिल्ली सरकार महिलाओं का यात्रा खर्च वहन करेगी। अदालत ने कहा कि दिल्ली मेट्रो के किराये से संबंधित दो याचिकाएं पहले भी दायर की जा चुकी हैं और उन्हें भी विचारार्थ स्वीकार नहीं किया गया था। पीठ ने कहा कि वह कोई निर्देश देने की इच्छुक नहीं है।

दिल्ली सरकार के वकील संजय घोष ने पीठ को जानकारी दी कि याचिका समय पूर्व दायर की गई है क्योंकि फिलहाल महिलाओं को मेट्रो में यात्रा में कोई छूट नहीं दी जा रही है और प्रस्ताव अब भी विचाराधीन है। इस मामले में गौरांग कंठ ने केन्द्र सरकार का प्रतिनिधित्व किया।