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1 अरब के पार माइक्रोसॉफ्ट वर्ड के इंस्टॉल का आंकड़ा

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सैन फ्रांसिस्को – माइक्रोसॉफ्ट वर्ड के एंड्रॉयड संस्करण ने शुरू होने के चार साल बाद गूगल के प्ले स्टोर पर ‘1 अरब इंस्टॉल्स’ का आंकड़ा पार कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।

एंड्रॉयड के लिए माइक्रोसॉफ्ट वर्ड 2015 में लांच किया गया था, जो उपयोगकर्ताओं को कोई भी दस्तावेज बनाने से लेकर उसे संपादित करने व इसे शब्द के प्रारूप में ढालने की सुविधा देता है।

गौरतलब है कि माइक्रोसॉफ्ट के मोबाइल फोन कई प्रयासों के बावजूद अपनी प्रतिद्वंद्वी कंपनियों की सफलता तक नहीं पहुंच पाए हैं। माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस के मोबाइल अभी भी अपने डेस्कटॉप की तरह बाजार में पैठ बनाने की कोशिश में हैं।

वहीं दूसरी ओर सॉफ्टवेयर दिग्गज कंपनी के उत्पाद एक्सेल, पॉवरप्वाइंट, वननोट और वनड्राइव एप्लिकेशन में प्रत्येक के पास 50 करोड़ से अधिक इंस्टॉल हैं, जबकि एंड्रॉयड के लिए ईमेल क्लाइंट आउटलुक में 10 करोड़ से अधिक इंस्टॉल हैं।

अठावले ने अनुसूचित जातियों के उत्थान के लिए की हरियाणा की तारीफ

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चंडीगढ़ – केंद्रीय सामाजिक न्याय व अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास अठावले ने रविवार को अनुसूचित व पिछड़ी जातियों के परिवारों के लिए हरियाणा सरकार द्वारा किए गए कार्यो की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इन्हें सामाजिक और आर्थिक तौर पर सशक्त बनाने के लिए ढेर सारे कार्य किए हैं।

अठावले यहां हरियाणा सरकार के अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करने आए थे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हरियाणा में अनुसूचित जाति के लोगों की संख्या राज्य की आबादी का 20 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन के रूप में दी जाने वाली 2,000 रुपये प्रति माह की पेंशन सराहनीय है।

राज्य सरकार अंतर्जातीय विवाह करने वाले जोड़ों को ढाई लाख रुपये की वित्तीय सहायता देती है। उन्होंने कहा की सीवर की सफाई करना सबसे खतरनाक काम है। सफाई के लिए सीवर में उतरने वाले कर्मचारियों के पास सुरक्षा के पर्याप्त उपकरण होने चाहिए। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति के परिवार के बच्चों को पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत दी गई राशि मिल रही है या नहीं, यह सुनिश्चित करने के लिए राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा की जाती है।

आसाराम बापू की जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट ने की खारिज

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जयपुर – आसाराम बापू के लिए उस वक्त एक बड़ा झटका सामने आया जब सुप्रीम कोर्ट द्वारा उनकी एक जमानत याचिका को खारिज कर दिया गया मीडिया में आई खबरों के मुताबिक आसाराम बापू ने यह याचिका यौन उत्पीड़न के एक मामले में राहत पाने के लिए लगाई थी वहीं इस मामले में गुजरात सरकार की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया है कि आरोपित के खिलाफ निचली अदालत में ट्रायल चल रहा है।

वहीं इसके साथ ही इस मामले में अभी 210 गवाहों की जांच होनी बाकी है जिस पर जस्टिस एनवी रामना की अगुवाई वाली खंडपीठ ने जमानत याचिका खारिज करने का फैसला सुनाया साथ ही यह भी कहा कि गुजरात हाई कोर्ट द्वारा दायर की गई प्रथम दृष्टि का टिप्पणियों से प्रभावित हुए बगैर निचली अदालत इस मामले का ट्रायल जारी रखेगी।

वहीं इस मामले को लेकर गुजरात के सूरत में रहने वाले दो बहनों ने आसाराम और उनके बेटे नारायण स्वामी के खिलाफ बलात्कार और गैरकानूनी ढंग से कैद में रखने सहित अलग-अलग कुछ दूसरे मामलों में भी दर्ज करें और इसके अलावा आसाराम बापू ने एक नाबालिग के साथ बलात्कार के मामले में पहले ही उम्र कैद की सजा काट रहे हैं।

आपको बता दें कि इस वक्त उन्हें राजस्थान की एक जेल में रखा गया है वही उम्र कैद की सजा सजा के लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दी थी और उस वक्त उन्होंने अपनी उम्र को लेकर अपनी याचिका में हवाला दिया था लेकिन तब भी उनके शीर्ष अदालत द्वारा याचिका को खारिज कर दिया गया था।

पाकिस्तान की आतंक रोधी अदालत से आतंकी हाफिज सईद को मिली जमानत

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लाहौर: मुंबई हमले के मास्टरमाइंड और जेयूडी प्रमुख हाफिज सईद और उसके तीन सहयोगियों को पाकिस्तान में आतंक रोधी एक अदालत ने, अपने मदरसे के लिए जमीन के अवैध इस्तेमाल से जुड़े मामले में अग्रिम जमानत दे दी। ‘डॉन’ अखबार के मुताबिक लाहौर में आतंक रोधी अदालत एटीसी) ने सईद और उसके सहयोगियों- हाफिज मसूद, अमीर हमजा और मलिक जफर को 50-50 हजार रुपये के मुचलके पर 31 अगस्त तक अंतरिम जमानत दे दी।

सुनवाई के दौरान सईद के वकील ने कहा कि जमात उद दावा जेयूडी) ने अवैध तरीके से किसी भी जमीन का इस्तेमाल नहीं किया और अदालत से जमानत याचिकाएं स्वीकार करने का अनुरोध किया। अधिकारियों के मुताबिक जेयूडी 300 मदरसे और स्कूलों, अस्पतालों,एक प्रकाशन गृह और एंबुलेंस सर्विस का संचालन करता है।

पंजाब पुलिस ने कहा कि मार्च में सरकार ने जेयूडी और उसकी चैरिटी संस्था ‘फलाह ए इंसानियत फाउंडेशन’ एफआईएएफ) से जुड़े 160 मदरसों, 32 स्कूलों, दो कॉलेजों, चार अस्पतालों, 178 एंबुलेंस और 153 चिकित्सालयों पर रोक लगा दी थी। सईद के नेतृत्व वाले जेयूडी को 2008 मुंबई हमले के लिए जिम्मेदार लश्करे तैयबा का मुखौटा संगठन माना जाता है।

बहरहाल, लाहौर उच्च न्यायालय ने सईद और उसके सात सहयोगियों द्वारा आतंक के वित्तपोषण और धन शोधन के आरोपों को चुनौती देने वाली याचिकाओं के संबंध में संघीय सरकार, पंजाब सरकार और आतंक रोधी विभाग को नोटिस जारी किया । दो हफ्ते के भीतर जवाब देने को कहा गया है।

अब 18 जुलाई को होगा कर्नाटक में एचडी कुमारस्वामी सरकार के भविष्य का फैसला

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जयपुर – विधायकों के इस्तीफे से सिलसिले और उससे आए संकट के सिलसिले में अब कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी 18 जुलाई को विश्वास मत प्रस्ताव पेश करेंगी इस बात की खबर मीडिया में सामने आ गई है कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस बात की जानकारी दी है।

अब तक कई सामने जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि विश्वास मत का परीक्षण गुरुवार को सुबह 11:00 बजे होगा और सिद्धारमैया ने दावा किया कि गठबंधन सरकार बहुमत हासिल कर लेगी।

मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने बीते शुक्रवार को विधानसभा सत्र शुरू होते ही विधानसभा अध्यक्ष में से विश्वासमत परीक्षण की अनुमति मांगी थी और उन्होंने दावा किया था कि बहुमत उनके साथ है और उसी दिन कांग्रेस जेडीएस और भाजपा ने अपने अपने विधायकों के पहरे कड़े कर दिए थे वहीं विधायकों को अलग-अलग रिसोर्ट में भी भेजा जा रहा है।

वहीं दूसरी तरफ कर्नाटका में विपक्षी भाजपा ने आज ही सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस जारी कर दिया है और इससे पहले पार्टी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येद्दयुरप्पा ने दावा किया था कि तमाम कोशिशों के बावजूद एचडी कुमारस्वामी सरकार अल्पमत में आ चुकी।

वहीं भाजपा ने राज्यपाल से सरकार को बर्खास्त कर देने की मांग भी की थी भाजपा कांग्रेस के उन आरोपों को भी खारिज करती हुई दिख रही है यह उनकी साजिश है पार्टी का कहना है कि कांग्रेस अपना घर संभाल नहीं पा रही है।

लोग मॉब लिन्चिंग का शिकार BJP सरकार की नीति के कारण हो रहे : मायावती

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लखनऊ – बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने मॉब लिन्चिंग को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की नीति की देन के कारण सर्वसमाज के लोग इसका शिकार हो रहे हैं। उन्होंने शनिवार को ट्वीट के माध्यम से लिखा कि मॉब लिन्चिंग एक भयानक बीमारी के रूप में देश भर में उभरने के पीछे वास्तव में खासकर बीजेपी सरकारों की कानून का राज स्थापित नहीं करने की नीयत व नीति की ही देन है जिससे अब केवल दलित, आदिवासी व धार्मिक अल्पसंख्यक समाज के लोग ही नहीं बल्कि सर्वसमाज के लोग व पुलिस भी शिकार बन रही है।

उन्होंने आगे लिखा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद केन्द्र को गम्भीर होकर मॉब लिन्चिग पर अलग से देशव्यापी कानून अब तक जरूर बना लेना चाहिये था लेकिन लोकपाल की तरह मॉब लिंचिग के मामले में भी केन्द्र उदासीन है व कमजोर इच्छाशक्ति वाली सरकार साबित हो रही है। ऐसे मे यूपी विधि आयोग की पहल स्वागतोग्य है।

ज्ञात हो कि विधि आयोग के अध्यक्ष (सेवानिवृत्त) आदित्य नाथ मित्तल ने मॉब लिन्चिंग की रिपोर्ट के साथ तैयार मसौदा विधेयक उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष पेश किया है। इस 128 पन्नों की रिपोर्ट में प्रदेश में मॉब लिन्चिंग के अलग-अलग मामलों का जिक्र है। इसमें 2018 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा की गई सिफारिशों के आधार पर कानून को तत्काल लागू करने की संस्तुति की गई है। आयोग ने रिपोर्ट में इस बात का खासतौर पर जिक्र किया है कि वर्तमान कानून मॉब लिन्चिंग से निपटने में सक्षम नहीं है। ऐसी दुस्साहसिक घटनाओं के लिए एक अलग कानून होना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा कांग्रेस के 5 और विधायकों ने खटखटाया

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नई दिल्ली – कर्नाटक के पांच और विधायकों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इन विधायकों ने याचिका दाखिल कर सुप्रीम कोर्ट से स्पीकर को उनके इस्तीफे स्वीकार करने का निर्देश देने की मांग की है।

सुप्रीम कोर्ट में जिन विधायकों ने याचिका दायर की है, उनमें रोशन बेग, एमटीबी नागराज, आनंद सिंह, सुधाकर और मुनिरत्ना शामिल हैं। इससे पहले 10 विधायक इसी मांग के साथ याचिका दायर कर चुके हैं। पिछली 12 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक में विधायकों के इस्तीफे के मामले में फिलहाल यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था। कोर्ट ने 15 जुलाई को अगली सुनवाई करने का आदेश दिया है। तब तक न इस्तीफे पर फैसला लिया जाएगा और न ही विधायकों को सदस्यता के लिए अयोग्य ठहराया जाएगा।

रोहित शर्मा को वनडे और टी-20 के कप्तान बनाए जाएंगे ?

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नई दिल्ली – आईसीसी विश्व कप-2019 से भारत के बाहर होने के बाद से टीम इंडिया को लकर कई तरह की खबरें आ रही हैं। कोचिंग स्टाफ से लेकर कप्तान विराट कोहली तक पर सवाल उठ रहे हैं। कोच रवि शास्त्री और सहायक कोच संजय बांगड़ को हटाने की मांग की जा रही है। वहीं कोहली को भी कप्तानी से हटाने की मांग होने लगी है।

भारतीय क्रिकेट फैंस और पूर्व क्रिकेटरों ने भी कोहली को वनडे और टी-20 की कप्तानी से हटाने की मांग की है। इनका कहना है कि कोहली की जगह रोहित शर्मा को टी-20 और वनडे की कप्तानी सौंप देनी चाहिए। पूर्व टेस्ट बल्लेबाज वसीम जाफर भी सफेद गेंद वाले खेल में रोहित शर्मा को कप्तान बनाए जाने के पक्षधर हैं।

वसीम जाफर का मानना है कि रोहित शर्मा को अब वनडे और टी-20 टीम की कप्तानी सौंपी जानी चाहिए। जाफर ने शनिवार को ट्वीट करके कहा, “ये सही समय है कि रोहित शर्मा को अब वनडे और टी-20 टीम की कप्तानी सौंपी जाए?” उन्होंने आगे लिखा, “मैं चाहूंगा कि वह 2023 विश्व कप में भारत की कप्तानी करें।”

भारत को आईसीसी विश्व कप-2019 के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के हाथों 18 रनों से हार का सामना करना पड़ा और टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई। भारत के विश्व कप से बाहर होने के बाद प्रशंसक भी काफी निराश हैं और वे चाहते हैं कि रोहित को वनडे टीम की कप्तानी मिलनी चाहिए।

राजनीति में सीरियस नहीं हैं राहुल गांधी – रविकिशन

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वाराणसी – उत्तर प्रदेश की गोरखपुर लोकसभा सीट से सांसद व भोजपुरी फिल्मों के सुपरस्टार रविकिशन ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर शनिवार को निशाना साधा और कहा कि पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राजनीति को सीरियस तरीके से नहीं ले रहे हैं और यदि इसी तरह चलता रहा तो एक दिन कांग्रेस पार्टी समाप्त हो जाएगी।

रविकिशन ने कहा कि कांग्रेस ने 60 सालों तक गरीबों का शोषण किया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी राजनीति में सीरियस नहीं हैं। जबकि राजनीति एक सीरियस चीज है। ऐसे ही कुछ भी बोलते रहे तो एक दिन कांग्रेस पार्टी खत्म हो जाएगी। अब तो कांग्रेस के लोग संसद भी नहीं आते हैं। जबकि मैं शूटिंग छोडक़र संसद आता हूं। कर्नाटक के सियासी हालात पर सांसद रविकिशन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी से प्रभावित होकर वहां के विधायक भाजपा में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर महादेव की कृपा रही तो भोजपुरी भाषा को हम लोग आठवीं अनुसूची में शामिल करा लेंगे। उन्होंने कहा कि आज भोजपुरी भाषा पूरी दुनिया में बोली जाती है।

निजता और आंकड़ों की सुरक्षा में खामी को लेकर फेसबुक पर 34 हजार करोड़ रुपए का जुर्माना

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वॉशिंगटन – डेटा लीक मामले में अमेरिकी रेग्युलेटर फेडरल ट्रेड कमीशन (एफटीसी) ने सोशल नेटविर्कंग वेबसाइट फेसबुक पर 5 अरब डॉलर के जुर्माने की सिफारिश की है। भारतीय मुद्रा के हिसाब से यह राशि लगभग 34 हजार करोड़ रुपए है। किसी टेक कंपनी पर यह अब तक का सबसे बड़ा जुर्माना होगा। वर्ष 2012 में गूगल पर 154 करोड़ रुपए का जुर्माना लगा था। रिपोर्टों के अनुसार 3-2 वोट के साथ इस जुर्माने को मंजूरी दी गई है। अमेरिकी न्याय विभाग फेसबुक के जुर्माने पर अंतिम फैसला करेगा।

मार्च 2018 में फेसबुक के डेटा लीक का सबसे बड़ा मामला सामने आया था। एफटीसी ने फेसबुक को यूजर्स के डेटा की निजता और सुरक्षा में चूक का दोषी पाया है। फेसबुक के सीईओ मार्क जकरबर्ग की ब्रिटिश कंसल्टेंसी फर्म कैम्ब्रिज एनालिटिका को डेटा लीक करने के मामले में अमेरिकी संसद में भी पेशी हुई थी। उसके बाद एफटीसी ने जांच शुरू कर दी थी।

फेसबुक ने समझौते के लिए 3 से 5 अरब डॉलर के सेटलमेंट का प्रस्ताव रखा था। एफटीसी ने भी मामले की जांच खत्म करने के लिए इन्हीं शर्तों के तहत कंपनी पर जुर्माने की रकम तय की। हालांकि, पेनल्टी की रकम फेसबुक के 2018 के रेवेन्यू के मुकाबले सिर्फ 9 फीसदी है।

गौरतलब है कि कैम्ब्रिज एनालिटिका ने फेसबुक के 8.7 करोड़ यूजर्स का डेटा हासिल किया था। फेसबुक को इस बात की जानकारी थी। एनालिटिका ने इस डेटा का इस्तेमाल वर्ष 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव को प्रभावित करने के लिए किया था। एफटीसी के अलावा अमेरिकी शेयर बाजार का रेग्युलेटर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन और डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस भी मामले की जांच कर रहे हैं।