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पाकिस्तान नहीं जाने की सजा मुसलमानों को मिल रही है : आजम खान

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लखनऊ – समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में रहते हैं। आजम खान ने इस बार मॉब लिंचिंग की घटना को लेकर बयान दिया है। आजम खान ने कहा कि भारत में मुसलमान 1947 के बंटवारे की सजा भुगत रहे हैं।

उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वज पाकिस्तान क्यों नहीं गए। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वज पाकिस्तान क्यों नहीं गए। उन्होंने कहा कि मुस्लिमों से इतने वादे क्यों किए गए।

सांसद आजम खान ने मॉब लिंचिंग के लिए मुसलमानों के पाकिस्तान न जाने को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि मुसलमान 1947 के बाद भी सजा काट रहे हैं। अगर मुसलमान पाकिस्तान चले जाते तो उन्हें यह सजा नहीं मिलती। मुसलमान यहां हैं तो हैं, सजा तो भुगतेंगे। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वज क्यों नहीं गए पाकिस्तान? उन्होंने इसे अपना वतन माना। अब उन्हें इसकी सजा तो मिलेगी और वे सहेंगे।

गौरतलब है कि जौहर यूनिवर्सिटी के लिए किसानों की जमीन हड़पने के मामले में रामपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान पर 23 मुकदमे दर्ज किए हैं। आजम खान का नाम उत्तर प्रदेश एंटी भू माफिया पोर्टल पर दर्ज कराया गया है।

अब सोमवार तक कर्नाटक पर फैसले के लिए इंतजार!

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बेंगलुरु : कर्नाटक में गठबंधन सरकार को लेकर संकट और गहरा गया है। मुख्यमंत्री एच। डी। कुमारस्वामी ने बहुमत साबित करने के लिये राज्यपाल द्वारा दी गई समयसीमा की शुक्रवार को दो बार अनदेखी की। वहीं विश्वास प्रस्ताव पर मतदान के बिना ही कनार्टक विधानसभा सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गयी। यानी कर्नाटक पर फैसले के लिए अब सोमवार तक इंतजार करना होगा।

वहीं सूत्रों के मुताबिक, किसी ज्योतिषी ने एचडी कुमारस्वामी को कहा कि अगर वह सोमवार शाम तक बहुमत परीक्षण टालेंगे तो उनकी सरकार बच जाएगी। हालांकि राज्य में अब सभी निगाहें राज्यपाल वजुभाई वाला के अगले कदम पर हैं। कल सदन को स्थगित करने से पहले अध्यक्ष ने यह स्पष्ट कर दिया कि सोमवार को विश्वास प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा और इसे अन्य किसी भी परिस्थिति में आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। इस पर सरकार सहमत हो गई।

कुमारस्वामी और कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि राज्यपाल सदन की कार्यवाही में हस्तक्षेप कर रहे हैं जब सदन में विश्वास मत पर चर्चा हो रही है। मुख्यमंत्री ने न्यायालय से उसके 17 जुलाई के आदेश पर स्पष्टीकरण देने का अनुरोध किया है जिसमे कहा गया था कि 15 बागी विधायकों को सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेने के लिये बाध्य नहीं किया जा सकता है।

कुमारस्वामी ने भी सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर कहा है कि राज्यपाल वजूभाई वाला विधानसभा को निर्देशित नहीं कर सकते कि विश्वास मत प्रस्ताव किस तरह लिया जाये। राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को भेजे दूसरे संदेश में कहा कि सत्तारूढ़ जनता दल (एस)-कांग्रेस गठबंधन “प्रथम दृष्टया” सदन का विश्वास खो चुका है।

राज्य में सत्ताधारी गठबंधन जेडीएस-कांग्रेस के 16 विधायकों (13 कांग्रेस और तीन जेडीएस) के इस्तीफा देने और दो निर्दलीय विधायकों के समर्थन वापस लेने से प्रदेश सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। एक कांग्रेसी विधायक रामलिंगा रेड्डी ने हालांकि पलटी मारते हुए कहा कि वह सरकार का समर्थन देंगे।

टोल गेट पर सभी लेन एक दिसंबर से होंगे फास्टैग

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नई दिल्ली – मोटर वाहनों पर फास्टैग के जरिये टोल चुकाने वालों को आने वाले दिनों में कोई दिक्कत नहीं होगी। सरकार ने फैसला किया है कि अब टोल गेट पर सभी लेन में फास्टैग से टोल लेने की व्यवस्था की जाएगी। मतलब जिस मोटर में फास्टैग लगा होगा, वह किसी भी लेन से बिना रूके टोल गेट पार कर सकेंगे। यह व्यवस्था आगामी एक दिसंबर से लागू हो रही है।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने शुक्रवार को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को इस बावत एक पत्र भेज दिया है। एनएचएआई से कहा गया है कि देश के सभी टोल प्लाजा पर इस तरह की व्यवस्था करे कि फास्टैग लगे वाहन वहां बिना रूके टोल चुका कर आगे बढ़ जाए। ऐसा निर्णय न सिर्फ सरकार डिजिटल इंडिया अभियान को आगे बढ़ाएगा बल्कि नकदी के व्यवहार में भी कमी लाएगा।

हालांकि अभी तक देश में सभी टोल प्लाजा पर फास्टैग से टोल लेने की व्यवस्था हो गई है लेकिन यह व्यवस्था सभी लेन में नहीं हो पाई है। उसके लिए कुछ ही लेन बनाये गए हैं। जिस हिसाब से मोटर वाहनों में फास्टैग बढ़ रहा है, उस हिसाब से लेन नहीं बढ़ने से वहां पीक आवर में लंबी लाइन लग जाती है। यही नहीं, फास्टैग लेन में बिना फास्टैग वाले वाहन भी घुस आते हैं, इसलिए उनको टोल चुकाने में ज्यादा देरी लगती है।

हालांकि टोल निमय में ऐसे वाहन चालकों से दुगुना टोल वसूलने का प्रावधान है, लेकिन इसका सख्ती से पालन नहीं हो पाता है। इसलिए अब सभी लेन को इस सुविधा से लैस करने का निर्णय लिया गया है। सड़क परिवहन मंत्रालय की ओर से एनएचएआई के अध्यक्ष को लिखे पत्र में कहा गया है कि एक दिसंबर 2019 तक देश के सभी टोल प्लाजा पर सभी लेन पर ऐसी व्यवस्था कर लें।

22 जुलाई को दोपहर होगा चांद्रयान-2 का लॉन्चिंग

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नई दिल्ली – भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) ने गुरुवार को बताया कि चांद्रयान-2 की लॉन्चिंग 22 जुलाई को दोपहर 2.43 बजे होगी। इसरो ने ट्वीट किया कि चांद्रयान-2 की लॉन्चिंग 15 जुलाई की रात 2.51 बजे होनी थी, जो तकनीकी खराबी के कारण टाल दी गई थी। इसरो ने एक हफ्ते के अंदर सभी तकनीकी खामियों को ठीक कर लिया है।

15 जुलाई की रात मिशन की शुरुआत से करीब 56 मिनट पहले इसरो ने ट्वीट कर लॉन्चिंग आगे बढ़ाने का ऐलान कर दिया गया था। इसरो के एसोसिएट डायरेक्टर (पब्लिक रिलेशन) बीआर गुरुप्रसाद ने बताया था कि लॉन्चिंग से ठीक पहले लॉन्चिंग व्हीकल सिस्टम में खराबी आ गई थी। इस कारण चांद्रयान-2 की लॉन्चिंग टाल दी गई।

चांद्रयान-2 को भारत के सबसे ताकतवर जीएसएलवी मार्क-III रॉकेट से लॉन्च किया जाएगा। इस रॉकेट में तीन मॉड्यूल ऑर्बिटर, लैंडर (विक्रम) और रोवर (प्रज्ञान) होंगे। इस मिशन के तहत इसरो चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडर को उतारेगा। इस बार चांद्रयान-2 का वजन 3,877 किलो होगा। यह चांद्रयान-1 मिशन (1380 किलो) से करीब तीन गुना ज्यादा है। लैंडर के अंदर मौजूद रोवर की रफ्तार 1 सेमी प्रति सेकंड रहेगी।

इसरो चांद्रयान-2 को पहले अक्टूबर 2018 में लॉन्च करने वाला था। बाद में इसकी तारीख बढ़ाकर 3 जनवरी और फिर 31 जनवरी कर दी गई। बाद में अन्य कारणों से इसे 15 जुलाई तक टाल दिया गया। इस दौरान बदलावों की वजह से चांद्रयान-2 का भार भी पहले से बढ़ गया। ऐसे में जीएसएलवी मार्क-3 में भी कुछ बदलाव किए गए थे।

नई तारीख तय होने पर श्रीहरिकोटा के सतीश धवन सेंटर से चांद्रयान-2 को भारत के सबसे ताकतवर जीएसएलवी मार्क-III रॉकेट से लॉन्च किया जाएगा। चांद्रयान-2 वास्तव में चांद्रयान-1 मिशन का ही नया संस्करण है। इसमें ऑर्बिटर, लैंडर (विक्रम) और रोवर (प्रज्ञान) शामिल हैं। चांद्रयान-1 में सिर्फ ऑर्बिटर था, जो चंद्रमा की कक्षा में घूमता था। चांद्रयान-2 के जरिए भारत पहली बार चांद की सतह पर लैंडर उतारेगा। यह लैंडिंग चांद के दक्षिणी ध्रुव पर होगी। इसके साथ ही भारत चांद के दक्षिणी ध्रुव पर यान उतारने वाला पहला देश बन जाएगा।

चांद की कक्षा में पहुंचने के बाद ऑर्बिटर एक साल तक काम करेगा। इसका मुख्य उद्देश्य पृथ्वी और लैंडर के बीच कम्युनिकेशन करना है। ऑर्बिटर चांद की सतह का नक्शा तैयार करेगा, ताकि चांद के अस्तित्व और विकास का पता लगाया जा सके। वहीं, लैंडर और रोवर चांद पर एक दिन (पृथ्वी के 14 दिन के बराबर) काम करेंगे। लैंडर यह जांचेगा कि चांद पर भूकंप आते हैं या नहीं। जबकि, रोवर चांद की सतह पर खनिज तत्वों की मौजूदगी का पता लगाएगा।

धोनी टीम के साथ नहीं जाएंगे वेस्टइंडीज

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DHONI
रांची – भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी वेस्टइंडीज नहीं जाएंगे। जब टीम वेस्टइंडीज में खेल रही होगी, तब धोनी सेना में ट्रेनिंग कर रहे होंगे। अगस्त माह में महेंद्र सिंह धोनी दो हफ्ते की आर्मी ट्रेनिंग लेने जा रहे हैं। धोनी भारत की प्रादेशिक सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल हैं। सेना में ट्रेनिंग का फैसला धोनी ने दो माह पहले ही ले लिया था।

इस बीच, आईसीसी वर्ल्ड कप के समाप्त होने से पहले से ही विकेटकीपर धोनी के संन्यास को लेकर हर जगह अटकलें लगाई जा रही हैं। यहां तक कह दिया गया था कि धोनी वर्ल्ड कप के तुरंत बाद संन्यास की घोषणा करने वाले हैं। हालांकि धोनी की तरफ से कभी भी इस संबंध में न तो कोई बयान दिया गया और ना ही कभी कोई संकेत दिया गया। वह पूरे समय चुप रहे।

विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक धोनी ने इस संबंध में बीसीसीआई को सूचित कर दिया है। अगस्त में धोनी 15 दिन के लिए सेना की सेवा में रहेंगे। धोनी का सेना से प्रेम जगजाहिर है। उन्होंने कई बार कहा भी है कि मैं खेल में नहीं होता तो सेना में होता। उन्होंने इससे पहले भी सेना में ट्रेनिंग ली है।

एमएस धोनी गुरुवार की शाम रांची पहुंच गए। शाम 7।50 की फ्लाइट से वह रांची पहुंचे। उनके साथ पत्नी साक्षी और बेटी जीवा भी थीं। धोनी के रांची आने के बारे में किसी को सूचना नहीं थी। एयरपोर्ट से वह सीधे रातू के सिमलिया स्थित अपने आवास निकल गए।

आईसीसी ने इस देश को किया सस्‍पेंड

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नई दिल्ली – जिम्‍बाब्‍वे क्रिकेट को अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने तुरंत प्रभाव से सस्‍पेंड कर दिया है। लंदन में आईसीसी की सालाना कांफ्रेंस में यह फैसला लिया गया। बैठक के बाद गुरुवार को आईसीसी ने जिम्‍बाब्‍वे क्रिकेट को सस्‍पेंड करने का बयान जारी कर दिया। आईसीसी ने सर्वसम्‍मति से यह फैसला लिया और कहा कि जिम्‍बाब्‍वे क्रिकेट लोकतांत्रिक तरीके से निष्‍पक्ष चुनाव कराने का माहौल तैयार करने और क्रिकेट के प्रशासन में सरकार के दखल को दूर रखने में नाकाम रहा है।

आईसीसी ने यह फैसला जिम्‍बाब्‍वे सरकार द्वारा वहां के क्रिकेट बोर्ड को निलंबित किए जाने के बाद लिया है। जिस समय आईसीसी ने यह फैसला किया उस समय जिम्‍बाब्‍वे की आयरलैंड के साथ वनडे सीरीज चल रही है। जिम्‍बाब्‍वे के अलावा क्रोएशिया क्रिकेट फैडरेशन को भी सस्‍पेंड किया गया है।

आईसीसी के चेयरमैन शंशाक मनोहर ने कहा, ‘किसी सदस्‍य को सस्‍पेंड करने का फैसला हम हल्‍के में नहीं लेते लेकिन हमें खेल को राजनीतिक दखलअंदाजी से दूर रखना ही होगा। जिम्‍बाब्‍वे में जो कुछ भी हुआ वह आईसीसी के संविधान का गंभीर उल्‍लंघन है और हम हम इसे अनदेखा नहीं कर सकते। आईसीसी चाहता है कि जिम्‍बाब्‍वे में आईसीसी के संविधान के मुताबिक क्रिकेट जारी रहे।’

आईसीसी के इस फैसले के बाद जिम्‍बाब्‍वे क्रिकेट को आईसीसी से किसी तरह का पैसा नहीं मिलेगा। साथ ही जिम्‍बाब्‍वे की टीम किसी आईसीसी इवेंट में भी नहीं खेल पाएगी। ऐसे में जिम्‍बाब्‍वे का अगले साल पुरुषों के टी20 वर्ल्‍ड कप के क्‍वालिफायर में शामिल होने की संभावनाएं भी कमजोर पड़ गई हैं।

जिम्‍बाब्‍वे को अगले साल जनवरी में इंडिया से 3 मैचों की टी20 सीरीज भी खेलनी थी। लेकिन जिम्‍बाब्‍वे क्रिकेट के सस्‍पेंड होने से उसकी आगामी द्विपक्षीय सीरीज भी खतरे में पड़ गई हैं।

पिछले कुछ सालों में जिम्‍बाब्‍वे में क्रिकेट का स्‍तर काफी गिरा है। उससे टेस्‍ट टीम का दर्जा छीने जाने की भी मांग उठ रही है। लंबे समय से अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट में जिम्‍बाब्‍वे का खेल काफी खराब रहा है।

शिवराज सिंह चौहान की दत्तक पुत्री का निधन

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नई दिल्ली – मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता शिवराज सिंह चौहान की दत्तक पुत्री भारती वर्मा का गुरवार सुबह बीमारी के चलते निधन हो गया। रायपुर के कार्यक्रम स्थगित कर पूर्व मुख्यमंत्री देर शाम को विदिशा पहुंच गए हैं। बता दें कि यह शिवराज सिंह की दत्तक पुत्री थी। पिछले साल ही 1 मई को शिवराज सिंह चौहान और उनकी पत्नी साधना सिंह ने भारती की शादी कराई थी। जानकारी के मुताबिक, बेटी की मौत की जानकारी लगते ही शिवराज सिंह की पत्नी साधना और पुत्र कार्तिकेय विदिशा पहुंचे, जहां मृत बेटी को देखकर उनके आंसू छलक उठे।

भारती यहां नगर पालिका में काम करती थी। मीडिया रिपोर्ट की माने तो गुरुवार दिन में उनकी तबीयत बिगड़ गई, जहां परिजनों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, सही समय पर इलाज ना मिलने की वजह से उनकी मृत्यु हो गई। शाम के समय रंगई स्थित शमशान घाट पर भारती का अंतिम संस्कार किया गया। वहीं, पूर्व सीएम चौहान सदस्यता अभियान की समीक्षा बैठक में रायपुर गए हुए है, जिस कारण वो अंतिम दफा अपनी दत्तक पुत्री को देख नहीं पाए।

इस मामले में डॉक्टरों की लापरवाही को लेकर परिजनों का गुस्सा फूट रहा है। जानकारी के मुताबिक, भारती की तबीयत हर एक मिनट खराब होती जा रही थी, लेकिन डॉक्टरों की गैरमौजूदगी के चक्कर में पूर्व सीएम चौहान की बेटी को बेहतर इलाज नहीं मिल पा रहा था।

गुरवार सुबह करीब 10।30 बजे भारती की तबीयत बिगड़ने पर पहले जिला अस्पताल की पूर्व सीएस डॉ। मंजू जैन की क्लीनिक ले जाया गया, फिर जिला अस्पताल, जहां डॉक्टरों ने भारती को मृत घोषित कर दिया। पूर्व मुख्यमंत्री की पत्नी साधना सिंह, बेटा कार्तिकेय सहित अन्य भाजपा नेता जिला अस्पताल पहुंच गए थे। परिजन के अनुसार भारती लंबे समय से पेट की टीबी की बीमारी से जूझ रही थी।

बता दें कि विदिशा के मुखर्जी नगर में शिवराज सिंह चौहान का सेवाश्रम है। जिधर दो दशकों से वह 7 बेटियों और दो बेटों का शिक्षा से लेकर खाने-पीने का ख्याल रखे हुए थे। पिछले साल सीएम रहते चौहान ने अपने आश्रम में रहने वाली भारती के अलावा रेखा लोधी और बेटे कमल लोधी का भी रंगई मंदिर पर विवाह कराया था।

हालांकि, प्रारंभिक पीएम रिपोर्ट की बात करे तो मौत की वजह छाती में इन्फेक्शन होना बताया गया। वहीं पूर्व सीएम चौहान भी इस खबर से काफी आहत हैं, मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दत्तक पुत्री की मौत की खबर मिलते ही उन्होंने फोन कर बेटी के ससुराल वालों से बात की। छत्तीसगढ़ दौरे पर गए हुए पूर्व सीएम चौहान ने पहले तो फोन पर बात की, फिर अपने बैठकों को निरस्त कर विशेष विमान से विदिशा के लिए रवाना हो गए। बता दें कि लगभग दो माह पहले पूर्व सीएम चौहान के पिता प्रेम सिंह चौहान (84) का भी मुंबई के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया था।

अब बंद होंगे तिरुमला के बालाजी मंदिर में वीवीआईपी दर्शन

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तिरुपति: भगवान के लिए सभी भक्त बराबर हैं लेकिन भगवान के सामने सभी भक्त बराबर नहीं होते। खास करके मंदिरों में जिनमें स्पेशल या वीवीआई दर्शन की संस्कृति है। देश में सबसे धनवान मंदिर तिरुमला में अब वीवीआईपीए दर्शन बंद होंगे। तिरुमला तिरुपति देवस्‍थानम बोर्ड के चेयरमैन वाईवी सुब्‍बा रेड्डी ने घोषणा की जल्‍द ही वीवीआईपी दर्शन की व्‍यवस्‍था तिरुमला में खत्‍म हो जाएगी। पास से दर्शन की शुरुआत 2012 में हुई। वीवीआईपी दर्शन व्‍यवस्‍था को तिरुमला में L1, L2, L3 के नाम से जाना जाता है। इस व्‍यवस्‍था को बंद करने के पीछे का कारण ये बताया जा रहा है कि इससे ज्‍यादा से ज्‍यादा आम श्रद्धालु दर्शन कर सकें।

लगभग हर दिन भक्तों की भीड़ तिरुपति मंदिर में भगवन के दर्शन के लिए आती है। आम श्रद्धालुओं को घंटों लाइन में लगकर इंतजार करना पड़ता है लेकिन वीवीआईपी पास धारक अधिकतम एक घंटे में दर्शन कर लेते हैं। ऐसे में आम श्रद्धालुओं को भी दिक्‍कत होती है। देवस्‍थानम बोर्ड के ऊपर भी इन वीवीआईपीएस को दर्शन कराने की चुनौती होती है।

L1 को सबसे शीर्ष श्रेणी में यानी वीवीआईपी माना जाता है। विधायक, मंत्री (किसी भी राज्य या केंद्र के), सांसद, आईएएस, आईपीएस, जज, उद्योगपति, सितारे इसमें शामिल हैं। रोजाना लगभग 450 लोग इस श्रेणी के तहत दर्शन करते हैं। L2 में वीआईपी आते हैं। लगभग 1500 लोग रोजाना इस श्रेणी में दर्शन करते हैं। तीसरी श्रेणी L3 है जिसमें वीआईपी भगवान से थोड़ी दूर हाथ जोड़कर प्रार्थना कर सकते हैं।

चेयरमैन वाईवी सुब्‍बा रेड्डी ने कहा, मैंने जिस दिन से चार्ज संभाला है, तब से मेरी कोशिश यहां पर व्‍यवस्‍थाओं को अपने सीएम जगन मोहन रेड्डी के आदेशानुसार चलाने की है। उन्‍होंने साफ कहा है कि यहां पर हर काम में पूरी पारदर्शिता हो। यही मैंने देवस्‍थानम बोर्ड में किया है। इसी के तहत हमने तय किया है कि अब हम L1 L2 और L3 जैसी वीवीआईपी व्‍यवस्‍था को खत्‍म कर दें। इससे आम श्रद्धालुओं को महत्‍व दे सकेंगे।

सीएम अमरिंदर आज लेंगे नवजोत सिंह सिद्धू के इस्तीफे पर फैसला

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नई दिल्ली – पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने मंगलवार को कहा कि वो नवजोत सिंह सिद्धू की भेजी हुई चिट्ठी को देखने के बाद ही के उनके इस्तीफे पर बुधवार को फैसला लेंगे। सीएम अमरिंदर ने कहा कि उन्हें दिल्ली में कुछ बैठकों में शामिल होना है। इन बैठकों में शामिल होने के बाद बुधवार को ही वो चंडीगढ़ वापल लौटेंगे। तभी सिद्धू के इस्तीफे पर कोई निर्णय ले पाएंगे। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि अभी तक नवजोत सिद्धू का मंत्रिमण्डल से इस्तीफ़ा मंजूर नहीं हुआ है। इस्तीफा मेरे पास आया है, कल यानि बुधवार को वापस चंडीगढ़ जाकर देखूंगा।​

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन के साथ बैठक खत्म करने के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि उन्हें पता चला कि चंडीगढ़ में उनके निवास पर सिद्धू ने त्यागपत्र भेजा गया है लेकिन उन्होंने उसे अब तक देखा नहीं है, उसे पढ़ने के बाद ही वह कुछ कह पाएंगे।

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन के साथ हुई मीटिंग में बठिंडा में बन रहे एम्स को लेकर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि मैंने हर्षवर्धन से कहा है कि जालंधर में जो हेल्थ इंस्टिट्यूट बन रहा है, उसे केंद्र सरकार अपने पास ले ले। मुझे केंद्र सरकार पूरा सहयोग कर रही है। अमरिंदर ने कहा कि मुझे केंद्र सरकार से कोई प्रॉब्लम नहीं है।

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि एटॉमिक एनर्जी को लेकर पंजाब में दो जगह देखी जा रही हैं। इसे लेकर लंबे समय से बात चल रही है। लेकिन मेरे पास अभी पावर मिनिस्टरी नहीं है। वहीं पंजाब में बढ़ी बिजली की कीमतों को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में बिजली एक बड़ी समस्या है। इसे देखा जा रहा है कि इस समस्या को कैसे दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने उनसे कहा कि हमारी सरकार पूरी तरह से प्रदेश सरकार के साथ है। जो भी प्रदेश की मांग होगी उसको देखा जाएगा।

योगी आदित्यनाथ पर भड़के आजम खान

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नई दिल्ली – समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता और रामपुर से सांसद आजम खान ने खुद को भू-माफिया कहे जाने पर नाराजगी जताई है। आजम खान ने कहा है कि सरकार ने मुझे भू-माफिया कहा है इसके लिए सरकार को माफी मांगनी चाहिए। रामपुर के डीएम ने खुद मुझे भू-माफिया कहा है।

सपा सांसद ने कहा है कि आज मुझे भू-माफिया कहा गया है, क्या कल को मदन मोहन मालवीय और मौलाना आजाद को भी भू-माफिया कहा जाएगा। गौरतलब है कि दो दर्जन से भी ज्यादा मामलों में फंसे आजम खान अपने राजनीतिक जीवन के सबसे कठिन दौर से गुजर रहे हैं।

पिछले कुछ वक्त में उनके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं, सपा नेता के पैतृक शहर रामपुर का जिला प्रशासन अब राज्य सरकार के ‘एंटी-भू माफिया’ पोर्टल पर आजम खान को भूमि माफिया के रूप में शामिल करने पर विचार कर रहा है।
बता दें कि उत्तर प्रदेश में 2017 में सत्ता संभालने के तुरंत बाद ही सीएम योगी ने भू-माफिया की पहचान करने और जमीन कब्जाने से संबंधित लोगों की शिकायत दर्ज कराने के लिए इस पोर्टल की शुरुआत की थी। पुलिस के मुताबिक नवनिर्वाचित लोकसभा सदस्य आजम खान पर 30 से भी ज्यादातर मामले दर्ज हैं। जिनमें सबसे ज्यादा मामले सरकारी जमीन और गरीबों की जमीन हथियाने से जुड़े हैं।

साथ ही सपा सांसद ने पूर्व सपा सांसद नीरज शेखर के बीजेपी में शामिल होने पर भी दुख जताया है। उन्होंने कहा कि नीरज शेखर के बीजेपी में जाने का बहुत दुख है। चंद्रशेखर जैसे देश के बड़े लोगों के बेटों को अपने पिता के नाम और वैचारिक विरासत का ख्याल करना चाहिए।

सोमवार को सपा से इस्तीफा देने वाले नीरज शेखर मंगलवार को बीजेपी में शामिल हो गए। वह पार्टी महासचिव भूपेंद्र यादव की मौजूदगी में बीजेपी में शामिल हुए। वह पूर्व पीएम चंद्रशेखर के बेटे हैं। बलिया से सांसद रहे चंद्रशेखर के निधन के बाद उपचुनाव कराया गया था, जिसमें उनके बेटे नीरज शेखर ने जीत हासिल की थी। 2009 के लोकसभा चुनाव में भी नीरज को जीत मिली लेकिन 2014 के चुनाव में नीरज हार गए थे। इसके बाद सपा ने उन्हें राज्यसभा का टिकट दे दिया था।