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बड़ा विमान हादसा: रांची से दिल्ली जा रही एयर एंबुलेंस क्रैश, सातों सवारों की मौत

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रांची/चतरा : झारखंड के चतरा जिले में सोमवार शाम एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जिसमें रांची से दिल्ली जा रही एक एयर एंबुलेंस विमान क्रैश हो गया। इस हादसे में विमान में सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एक गंभीर रूप से झुलसे मरीज, उसका परिजन, डॉक्टर, पैरामेडिक स्टाफ और दो पायलट शामिल हैं।

हादसा चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र के खसियातु करम टांड जंगल (कसरिया पंचायत के पास) में हुआ। विमान बीचक्राफ्ट किंग एयर C90 (रजिस्ट्रेशन VT-AJV) था, जो रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित मेडिकल एवेक्युएशन (एयर एंबुलेंस) फ्लाइट थी। यह विमान रांची एयरपोर्ट से शाम 7:11 बजे (19:11 IST) दिल्ली के लिए उड़ा था।

ATC से कोई संपर्क नहीं हो सका

डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) के अनुसार, टेकऑफ के लगभग 23 मिनट बाद शाम 7:34 बजे विमान ने कोलकाता एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संपर्क किया और खराब मौसम (थंडरस्टॉर्म) के कारण रूट डेविएशन (मार्ग परिवर्तन) की अनुमति मांगी। इसके तुरंत बाद विमान का संचार और रडार संपर्क टूट गया। यह संपर्क वाराणसी से लगभग 100 नॉटिकल माइल दक्षिण-पूर्व में टूटा था। उसके बाद वाराणसी या लखनऊ ATC से कोई संपर्क नहीं हो सका।

खराब मौसम को मुख्य वजह

चतरा के डिप्टी कमिश्नर कीर्तिश्री ने पुष्टि की कि क्रैश साइट पर पहुंचकर सभी सात शव बरामद कर लिए गए हैं और पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिए गए हैं। बचाव दल, पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक रिपोर्ट्स में खराब मौसम को मुख्य वजह बताया जा रहा है, लेकिन ब्लैक बॉक्स और अन्य सबूतों की जांच के बाद ही अंतिम कारण स्पष्ट होगा।

मरीज की दर्दनाक कहानी

एयर एंबुलेंस में सवार मरीज संजय कुमार (41 वर्ष), लातेहार जिले के चंदवा निवासी थे। वे एक व्यवसायी थे और 16 फरवरी को अपने होटल में आग लगने या पेट्रोलियम पदार्थ से संबंधित दुर्घटना में 65% झुलस गए थे। उन्हें रांची के देवकमल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां प्रख्यात प्लास्टिक सर्जन डॉ. अनंत सिन्हा के नेतृत्व में उनका इलाज चल रहा था। उनकी हालत गंभीर होने के कारण परिवार ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें दिल्ली ले जाने का फैसला किया।

8 लाख रुपये का लोन भी लिया था

परिवार ने इसके लिए 8 लाख रुपये का लोन भी लिया था। संजय की पत्नी अर्चना देवी उनके साथ तीमारदार के रूप में सवार थीं। यह हादसा पिछले एक महीने में दूसरा बड़ा विमान हादसा है, जिसने एविएशन सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक दलों ने भी जांच की मांग की है। मुख्यमंत्री और अन्य नेताओं ने शोक व्यक्त किया है।

मृतकों की सूची

  • कैप्टेन विवेक विकास भगत (पायलट)
  • कैप्टेन सवराजदीप सिंह (को-पायलट)
  • संजय कुमार (मरीज)
  • अर्चना देवी (परिजन/तीमारदार)
  • धीरू कुमार (परिजन/तीमारदार)
  • डॉ. विकास कुमार गुप्ता (डॉक्टर)
  • सचिन कुमार मिश्रा (पैरामेडिक/नर्सिंग स्टाफ)

चकराता के फेडिज गांव में ग्राम दुकान का उद्घाटन, महिलाओं की आजीविका को मिली नई दिशा

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देहरादून: नावार्ड एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत विकासखंड चकराता के फेडिज ग्राम पोस्ट ऑफिस अटIल में ग्राम दुकान की स्थापना  की गई है। ग्राम दुकान का उद्घाटन अनुसूचित जनजाति आयोग की अध्यक्ष लीलावती राना ने किया, जिसमें सभी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।

अनुसूचित जनजाति आयोग की अध्यक्ष ने बताया कि महिलाओं को आजीविका के लिए ग्राम दुकान एक बहुत अच्छा प्लेटफार्म है, इससे महिलाओं की आजीविका तो सुधरेगी ही, इसके साथ-साथ महिलाओं को घर से बाहर निकलने व व्यवसाय से जुड़ने के अच्छे अवसर प्राप्त होंगे।

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उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं के विकास के लिए प्रतिबंध है तथा महिलाओं को आगे कौशल विकास के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं, चक्राता एनआरएलएम की ब्लॉक मिशन प्रबंधक डॉक्टर पूजा गौड़ ने बताया कि अब महिलाओं द्वारा निर्मित सभी वस्तुओं को उपभोक्ता तक पहुंचाने के लिए ग्राम दुकान बहुत अच्छा माध्यम है।

सभी महिलाओं के विभिन्न प्रकार की वस्तुएं निर्मित की जा रही हैं, उनको ग्राम दुकान के माध्यम से अह उनको मार्केट तक पहुंचाने का एक अच्छा प्लेटफार्म साबित होगा, अब महिलाओं को मार्केट तक अपनी उत्पाद को मार्केट तक ले जाने की तलाश खत्म हो चुकी है।

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NRLM चकराता की संपूर्ण टीम अपने हर संभव देहरादून जिले के विकासखंड चकराता के फेडिज ग्राम (पोस्ट ऑफिस अटाल) में नाबार्ड (NABARD) और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के संयुक्त तत्वावधान में एक ग्राम दुकान की स्थापना की गई है। इस दुकान का उद्घाटन उत्तराखंड अनुसूचित जनजाति आयोग की अध्यक्ष डॉ. लीलावती राना ने किया।

उद्घाटन समारोह में स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। डॉ. लीलावती राना ने कहा कि यह ग्राम दुकान महिलाओं के लिए आजीविका का एक उत्कृष्ट प्लेटफॉर्म साबित होगी।

इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि महिलाएं घर से बाहर निकलकर व्यवसाय से जुड़ने और आत्मनिर्भर बनने के बेहतर अवसर प्राप्त करेंगी। उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण और कौशल विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा उनके उत्थान के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

NRLM चकराता की ब्लॉक मिशन प्रबंधक डॉ. पूजा गौड़ ने बताया कि अब स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित विभिन्न उत्पादों, जैसे हस्तशिल्प, खाद्य सामग्री और अन्य स्थानीय वस्तुओं को उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए यह ग्राम दुकान एक प्रभावी माध्यम बनेगी। इससे महिलाओं को अपने उत्पादों को बाजार तक ले जाने की चुनौती से मुक्ति मिलेगी और उनकी आय में स्थिर वृद्धि होगी।

NRLM की पूरी टीम दूर-दराज के गांवों में स्वयं सहायता समूहों को संगठित कर महिलाओं के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है।

समारोह में पंजाब नेशनल बैंक के शाखा प्रबंधक श्री मयंक सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि बैंक विभिन्न लिंकेज कार्यक्रमों के तहत महिलाओं को सस्ती ब्याज दरों पर सीसीएल (कैश क्रेडिट लिमिट) उपलब्ध करा रहा है, जिससे वे अपनी आजीविका से जुड़े कई नए व्यवसाय शुरू कर रही हैं।

इस अवसर पर समाजसेवी एवं भाजपा नेता दुल्हाराम शर्मा, अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य सुरेंद्र राणा, सुरवीर सिंह धोबाल सहित बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं मौजूद रहीं।

यह पहल ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और स्थानीय स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो NRLM के उद्देश्यों को साकार करने में सहायक सिद्ध होगी।

नवीन चकराता टाउनशिप को बड़ी सौगात, करोड़ों की पेयजल योजना स्वीकृत, रंग ला रही राम शरण नौटियाल की मेहनत

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देहरादून/चकराता :  जौनसार बावर क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए नवीन चकराता टाउनशिप के लिए एक महत्वपूर्ण पेयजल योजना को स्वीकृति मिल गई है। इस योजना की लागत करोड़ों रुपये आंकी गई है, जिससे चकराता कैंटोनमेंट सहित आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को लंबे समय से परेशान कर रही पीने के पानी की समस्या दूर होने की उम्मीद जगी है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष (देहरादून) राम शरण नौटियाल के अथक प्रयासों और दूरगामी सोच का ही नतीजा है कि नवीन चकराता टाउनशिप को वर्ष 2023 में उत्तराखंड कैबिनेट से मंजूरी मिली थी। इस टाउनशिप का निर्माण मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) द्वारा किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में पर्यटन, संस्कृति, लोक भाषा और समग्र विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है। राम शरण नौटियाल ने 1997 में ही नवीन चकराता का शिलान्यास किया था और अब उनके निरंतर प्रयासों से विकास कार्य तेजी पकड़ रहे हैं।

पेयजल योजना के तहत स्वच्छ और पर्याप्त पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। वर्तमान में चकराता कैंट और आसपास के निवासियों को पानी के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। योजना की स्वीकृति के बाद फाइल वित्त विभाग को भेज दी गई है, और जल्द ही कार्य शुरू होने की संभावना है। इससे न केवल स्थानीय लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि टाउनशिप के विकास को भी मजबूती प्राप्त होगी।

राम शरण नौटियाल ने कहा कि चकराता और जौनसार बावर क्षेत्र को विकसित बनाने की उनकी सोच अब धरातल पर उतर रही है। पर्यटन को बढ़ावा, स्थानीय संस्कृति की संरक्षण और रोजगार के नए अवसर पैदा करने में यह टाउनशिप मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और राज्य सरकार का आभार जताया कि उनके प्रयासों को समर्थन मिल रहा है।

नवीन चकराता टाउनशिप पुरोड़ी-नागथात-लखवाड़ से यमुना नदी तक फैली हुई है, और इसका मास्टर प्लान तैयार करने के लिए पहले ही धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई गति देगी और जौनसार बावर की प्राकृतिक सुंदरता को संरक्षित रखते हुए आधुनिक विकास सुनिश्चित करेगी।

स्थानीय निवासियों ने राम शरण नौटियाल के प्रयासों की सराहना की है और कहा कि अब पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकने की नौबत नहीं आएगी। यह योजना जल जीवन मिशन और अन्य राज्य स्तरीय प्रयासों से जुड़ी हो सकती है, जिससे पूरे क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल की पहुंच बढ़ेगी। विकास के इस क्रम में नवीन चकराता टाउनशिप जौनसार बावर के लिए एक नई उम्मीद की किरण बनकर उभर रही है, जहां पर्यटन, संस्कृति और आर्थिक प्रगति साथ-साथ फल-फूल सकें।

राहुल गांधी ने उत्तराखंड के ‘मोहम्मद दीपक’ से की मुलाकात, एकता और साहस की मिसाल बताकर सराहा

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नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उत्तराखंड के कोटद्वार निवासी दीपक कुमार उर्फ ‘मोहम्मद दीपक’ से आज दिल्ली में मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान राहुल गांधी ने दीपक को गले लगाया और उनके साहस की जमकर तारीफ की। उन्होंने दीपक को ‘मोहब्बत की दुकान’ का योद्धा करार देते हुए कहा कि उनकी एकता, भाईचारे और हिम्मत की मिसाल देश के हर युवा को अन्याय व नफरत के खिलाफ लड़ने का हौसला देगी।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर साझा की गई पोस्ट में लिखा, “हर इंसान, एक समान। यही है भारतीयता, यही है मोहब्बत की दुकान। उत्तराखंड के भाई ‘मोहम्मद दीपक’ से मुलाकात – एकता और साहस की ऐसी ही लौ हर भारतीय युवा में जलनी चाहिए। दीपक ‘मोहब्बत की दुकान’ के योद्धा हैं – पूरे देश को इन पर गर्व है।”

यह मुलाकात उस घटना के करीब एक महीने बाद हुई है, जब 26 जनवरी को कोटद्वार में दीपक कुमार ने एक 70 वर्षीय मुस्लिम दुकानदार वकील अहमद को कुछ लोगों के कथित उत्पीड़न से बचाया था। दुकान का नाम ‘बाबा स्कूल ड्रेस’ था, जिसके ‘बाबा’ शब्द को लेकर विवाद हुआ। दीपक ने खुद को ‘मोहम्मद दीपक’ बताकर भाईचारे का संदेश दिया और भीड़ को रोका। इस वीडियो के वायरल होने के बाद दीपक की काफी सराहना हुई थी।

मुलाकात के बाद दीपक कुमार ने मीडिया से कहा कि राहुल गांधी ने उनके परिवार से भी बात की और उनका मनोबल बढ़ाया। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी ने उनके जिम में सदस्यता लेने का वादा किया है और कोटद्वार आने की बात कही है। दीपक ने कहा, “मेरा राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन राहुल जी ने मुझे और मेरे परिवार को साथ देने का भरोसा दिया।”

 

मातृभाषा दिवस पर लोक रंगों में रंगा रवांल्टा सम्मेलन, ‘मातृशक्ति का सम्मान, हम सबका सम्मान’ थीम पर समारोह

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हरिद्वार। अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर हरिद्वार में रवांई अंचल के लोगों का पारंपरिक ‘रवांल्टा सम्मेलन’ लोक संस्कृति और आत्मीयता के रंगों में रंगा हुआ। ‘मातृशक्ति का सम्मान, हम सबका सम्मान’ थीम पर आधारित इस समागम ने माँ गंगा के तट पर अपनी माटी, बोली और परंपराओं को जीवंत कर दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हुआ। गणेश पूजन, कलश स्थापना, दीप प्रज्वलन और वैदिक मंत्रोच्चारण के बाद मातृशक्ति के हाथों से दीप प्रज्वलित किया गया, जिसने पूरे आयोजन को लोक गरिमा प्रदान की। मंगल तिलक, पुष्पमाला, कलावा बंधन और पिठांईं की परंपरा के साथ पहले सभी मातृशक्तियों का फिर उपस्थित हर व्यक्ति का स्वागत किया गया।

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जैसे ही लोकगीतों की मधुर स्वर लहरियां गूंजीं, पूरा वातावरण पहाड़ी लोक रंग में डूब गया। रवांई अंचल के पारंपरिक गीत, लोकधुनें और थिरकते कदमों ने उपस्थित जनों को अपनी जड़ों से गहराई से जोड़ दिया। लोककला पर आधारित विशेष सेल्फी प्वाइंट भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा, जहां लोगों ने उत्साह से स्मृति-चित्र संजोए।

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सम्मेलन में हरिद्वार जनपद के विभिन्न विभागों, संस्थानों और संगठनों में कार्यरत रवांई अंचल के लोग शामिल हुए। अपनी माटी से दूर रहते हुए भी अपनी बोली-भाषा, गीत-संगीत, नृत्य और परंपराओं को जीवित रखने का यह सामूहिक प्रयास भावनात्मक रूप से सभी को छू गया। सहभोज के दौरान आपसी अपनत्व और आत्मीयता की झलक साफ नजर आई।

कार्यक्रम के सूत्रधार शिक्षक दिनेश रावत ने बताया, “वर्ष 2023 से शुरू यह पहल अब एक सतत अभियान बन चुकी है। हमारा उद्देश्य समाज को मातृभाषा, मातृभूमि और मातृसंस्कृति से जोड़े रखना है। यह महज एक समागम नहीं, बल्कि अपनी महान परंपराओं का उत्सव और भावी पीढ़ी को सांस्कृतिक रूप से मजबूत करने का प्रयास है।

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सम्मेलन में प्रमुख रूप से दिनेश रावत, अमित गौड़, सहदेव रावत, संतोष सेमवाल, बृजमोहन रावत, अभिजीत सिंह राणा, राजेश बिष्ट, उदय सेमवाल, हरवीर चौहान, देव नौडियाल, जयदेव असवाल, कपिल देव रावत, मनीष पंवार, प्रवीण राणा, प्रियंका गौड़, रजनी रावत, अंजना सेमवाल सहित दर्जनों रवांल्टे उपस्थित रहे।

मां गंगा के पावन तट पर लोकास्था और सांस्कृतिक गौरव के साथ संपन्न यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि अपनी लोक अस्मिता, माटी और मातृशक्ति के प्रति गहरी श्रद्धा व सम्मान का जीवंत प्रतीक बनकर उभरा। रवांई अंचल के लोग इसे हर साल बेसब्री से इंतजार करते हैं, क्योंकि यह उन्हें अपनी जड़ों से फिर से जोड़ने का अवसर देता है।

सरकारी कार्यालयों में अधिकारी-कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए बनेगी SOP, मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को दिए निर्देश

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देहरादून। उत्तराखंड में सरकारी कार्यालयों और कार्यस्थलों पर अधिकारी, कर्मचारी और शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को तत्काल SOP (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) तैयार करने के निर्देश दिए हैं, ताकि ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

सोमवार को उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक मोर्चा के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री आवास में उनसे मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने 21 फरवरी को प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में हुई मारपीट और तोड़फोड़ की घटना के साथ ही हाल के दिनों में अन्य स्थानों पर सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए ऐसी वारदातों पर पूर्ण रोक लगाने की मांग की।

मुख्यमंत्री ने कर्मचारी नेताओं की बातों को गंभीरता से सुना और स्पष्ट कहा कि सरकार कार्मिकों के मान-सम्मान और सुरक्षा के प्रति हमेशा संवेदनशील रही है। उन्होंने कहा, “अधिकारी और कर्मचारी राज्य की सेवा में दिन-रात लगे रहते हैं। उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।”

इस दौरान मुख्यमंत्री ने तुरंत मुख्य सचिव को फोन कर निर्देश दिए कि अधिकारी, कर्मचारी और शिक्षकों की सुरक्षा के लिए एक व्यापक और प्रभावी एसओपी तैयार की जाए। साथ ही उन्होंने डीजीपी को निर्देश दिए कि सभी सरकारी कार्यालयों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं और इस तरह की घटनाओं पर त्वरित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।मुख्यमंत्री ने एसएसपी देहरादून को विशेष निर्देश देते हुए प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में हुई घटना में शामिल दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने को कहा।

कर्मचारी संगठनों में राहत की उम्मीद

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि मुख्यमंत्री के इन निर्देशों से सरकारी कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारियों और शिक्षकों को सुरक्षा का भरोसा मिलेगा। मोर्चा के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के त्वरित संज्ञान और कार्रवाई के निर्देशों की सराहना की है।

यह कदम उत्तराखंड में हाल के दिनों में बढ़ी घटनाओं के बाद आया है, जहां विधायकों और अन्य प्रभावशाली व्यक्तियों द्वारा सरकारी अधिकारियों के साथ बदसलूकी के कई मामले सामने आए हैं। सरकार अब एसओपी के माध्यम से ऐसी घटनाओं को रोकने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का रास्ता अपनाने की तैयारी में है।

प्रारंभिक शिक्षा निदेशक कार्यालय में तोड़फोड़-मारपीट मामले में एक हिस्ट्रीशीटर सहित 4 गिरफ्तार

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देहरादून। उत्तराखंड में चल रहे प्रारंभिक शिक्षा निदेशक मारपीट विवाद में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। रायपुर थाना पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने, मारपीट, तोड़फोड़ और अन्य गंभीर आरोपों में चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें एक हिस्ट्रीशीटर अरविंद पुंडीर उर्फ कल्ली भी शामिल है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।

क्या है पूरा मामला?

घटना शनिवार को रायपुर क्षेत्र के ननूरखेड़ा स्थित प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय के निदेशक कार्यालय में हुई। भाजपा विधायक उमेश शर्मा काऊ और उनके समर्थक रायपुर क्षेत्र में एक विद्यालय का नाम निशुल्क भूमि दान करने वाले दाताओं के नाम पर रखने के मुद्दे पर चर्चा के लिए पहुंचे थे। वार्ता के दौरान विवाद बढ़ गया और कुछ लोगों ने कार्यालय में अराजकता फैलाई। कुर्सियां, फर्नीचर और अन्य सामान इधर-उधर फेंककर तोड़फोड़ की गई। इस दौरान मौजूद कुछ लोगों को चोटें भी आईं।

प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल ने थाना रायपुर में तहरीर दी, जिसमें विधायक उमेश शर्मा काऊ और कुछ अज्ञात लोगों पर आरोप लगाए गए। उनकी शिकायत पर बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया, जिसमें लोक सेवक के कार्य में बाधा डालना, चोट पहुंचाना, बलवा, संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, जान से मारने की धमकी और गाली-गलौज शामिल हैं। दूसरी ओर, विधायक की सुरक्षा में तैनात कांस्टेबल सुशील रमोला की तहरीर पर भी मुकदमा दर्ज हुआ। इसमें निदेशालय के कुछ अज्ञात कर्मचारियों पर चोट पहुंचाने, परिरोध करने, हमला करने और अपमानजनक व्यवहार का आरोप है।

पुलिस की कार्रवाई

थाना रायपुर प्रभारी गिरीश नेगी ने बताया कि घटना के प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, प्राप्त साक्ष्य और वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अरविंद पुंडीर उर्फ कल्ली (हिस्ट्रीशीटर), लक्ष्मण नवानी, राकेश थपलियाल और अक्षय राणा शामिल हैं। चारों को न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने बताया कि जांच अभी जारी है और मामले में अन्य संलिप्त लोगों की तलाश की जा रही है।

राजनीतिक हलचल जारी

यह घटना उत्तराखंड की राजनीति में तनाव का कारण बनी हुई है। विपक्षी दल कांग्रेस इसे कानून-व्यवस्था की विफलता बताकर सरकार पर हमला बोल रही है, जबकि भाजपा के भीतर भी इस मामले को लेकर असंतोष की आवाजें उठ रही हैं। विधायक उमेश शर्मा काऊ पहले से ही इस प्रकरण में घिरे हुए हैं और उनकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग की जा रही है।

गैंगस्टर विक्रम शर्मा हत्याकांड: दो मददगार गिरफ्तार, पुलिस खुलासे के करीब, पत्नी-भाई से भी पूछताछ

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देहरादून। देहरादून के सिल्वर सिटी मॉल में 13 फरवरी को झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर विक्रम शर्मा की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जांच एजेंसियों ने हत्याकांड में शामिल दो मददगारों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें से एक के बेटे ने हरिद्वार में गाड़ी बुक करने के लिए अपने पिता के UPI अकाउंट से पेमेंट किया था, जबकि दूसरे ने शूटरों को वाहन, टिकट और अन्य सहायता प्रदान की थी। पुलिस अब खुलासे के बेहद करीब पहुंच गई है और जल्द ही पूरी साजिश का पर्दाफाश होने की उम्मीद है।

हत्या का पूरा घटनाक्रम

13 फरवरी की सुबह करीब 10 बजे राजपुर रोड स्थित सिल्वर सिटी मॉल के बाहर विक्रम शर्मा जिम से निकलकर सीढ़ियां उतर रहे थे। तभी तीन बदमाश बाइक पर आए। दो हमलावर पहले से घात लगाकर सीढ़ियों के पास खड़े थे, जबकि तीसरा साथी मॉल से कुछ दूर बाइक लेकर इंतजार कर रहा था। हमलावरों ने बेहद करीबी दूरी से विक्रम के सिर पर कई गोलियां दाग दीं। विक्रम मौके पर ही मर गए। बदमाश पैदल कुछ सौ मीटर भागे और फिर काली बाइक पर सवार होकर फरार हो गए।

विक्रम शर्मा झारखंड के सिंहभूम (जमशेदपुर) का निवासी था। वह देहरादून के अमन विहार में रह रहा था और काशीपुर (उत्तराखंड) में स्टोन क्रेशर संचालित करता था। प्रॉपर्टी कारोबार में भी सक्रिय था। उसके खिलाफ झारखंड में हत्या, गैंगस्टर एक्ट समेत 50 से अधिक मामले दर्ज थे, जिनमें कई हाईप्रोफाइल हत्याओं के आरोप शामिल हैं।

पुलिस जांच में अहम सुराग

एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि पुलिस टीमें लगातार काम कर रही हैं। सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल एविडेंस, मोबाइल लोकेशन और फाइनेंशियल ट्रेल से कई कड़ियां जुड़ गई हैं। विक्रम के भाई और पत्नी से भी गहन पूछताछ की गई है। पत्नी ने अपने देवर अरविंद पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।

पुलिस ने झारखंड जाकर दुमका जेल में बंद अखिलेश सिंह से भी लंबी पूछताछ की। विक्रम को अखिलेश का ‘गुरु’ माना जाता था। दोनों झारखंड की अपराध दुनिया में बड़े नाम थे। विक्रम ने अपने चेले अखिलेश को डॉन बनाने में कई दुश्मन बनाए थे। पुरानी रंजिशों में ददई यादव, बड़ा निजाम और हाल ही में गणेश सिंह जैसे नाम सामने आए हैं। जांच में अखिलेश का हाथ होने की आशंका भी जताई जा रही है।

गैंगवार या व्यक्तिगत दुश्मनी?

पुलिस का मानना है कि यह हत्या गैंगवार या पुरानी रंजिश का नतीजा हो सकती है। विक्रम का रवैया था कि जो लाभ दिखता, उसे अपना बनाने की कोशिश करता। पुलिस, राजनेताओं को साधकर रखता था। उसके गुर्गे अपराध करते और मुकदमे विरोधियों पर दर्ज होते थे। एसएसपी डोबाल ने कहा, “मामले का जल्द खुलासा होगा। सभी पहलुओं पर जांच चल रही है।

क्या गिरफ्तार होंगे BJP विधायक उमेश शर्मा, हरक सिंह रावत ने की गिरफ्तारी की मांग

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देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल पर हुए कथित हमले का मामला अब सिर्फ विपक्षी दलों के आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सत्तारूढ़ भाजपा के अंदर से भी सख्त कार्रवाई की मांग उठने लगी है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरें और वीडियो ने इस पूरे प्रकरण को और भी गंभीर बना दिया है, जिससे सरकार, पार्टी संगठन और प्रशासनिक तंत्र पर भारी दबाव पड़ गया है।

क्या है पूरा मामला?

यह विवाद प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल से जुड़ा है, जिनके साथ कथित मारपीट की घटना की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही हैं। आरोप भाजपा विधायक उमेश शर्मा काऊ पर लगाए जा रहे हैं। घटना के बाद से विधायक हर तरफ से घिरे हुए हैं। विपक्षी कांग्रेस पार्टी उनकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रही है, जबकि भाजपा संगठन ने भी विधायक से स्पष्टीकरण मांगा है। सूत्रों के मुताबिक, यह घटना शिक्षा विभाग से जुड़े किसी मुद्दे पर बहस के दौरान हुई, जहां विधायक ने कथित तौर पर मर्यादा लांघ दी।

हरक सिंह रावत ने खोला मोर्चा

इस मामले ने तब और तूल पकड़ लिया, जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरक सिंह रावत खुलकर मैदान में उतर आए। हरक सिंह, जो कभी भाजपा में रहते हुए उमेश शर्मा के करीबी माने जाते थे, ने न सिर्फ विधायक की गिरफ्तारी की मांग की, बल्कि उनके पुराने व्यवहार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “यह कोई पहली घटना नहीं है। जब वह भाजपा सरकार में मंत्री थे, तब भी उमेश शर्मा कई बार अधिकारियों पर नाराज होकर मर्यादा लांघते थे और स्थिति को संभालने के लिए उन्हें खुद बीच में आना पड़ता था। इस तरह की घटनाएं उत्तराखंड के लिए ठीक नहीं हैं।

इससे न केवल प्रशासनिक व्यवस्था कमजोर होती है, बल्कि राज्य का माहौल भी खराब होता है। जब जनप्रतिनिधि ही नियमों और मर्यादाओं की अनदेखी करेंगे, तो आम जनता से कानून मानने की उम्मीद कैसे की जा सकती है। कांग्रेस ने इस मुद्दे को कानून-व्यवस्था का बड़ा सवाल बनाते हुए सरकार पर हमला बोला है। पार्टी नेता इस घटना को भाजपा शासन में अधिकारियों की सुरक्षा पर सवाल के रूप में पेश कर रहे हैं।

भाजपा में अंदरूनी असंतोष

यह प्रकरण सिर्फ विपक्ष तक सीमित नहीं रहा। भाजपा के भीतर भी इसे लेकर गहरा असंतोष उभर रहा है। पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता खुलकर कहने लगे हैं कि ऐसी घटनाओं से भाजपा की साख को गहरा नुकसान पहुंच रहा है। विधायक उमेश शर्मा पर पहले भी पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ काम करने और उनसे टकराव के आरोप लगते रहे हैं। अतीत में उनके और कार्यकर्ताओं के बीच झड़प के वीडियो भी वायरल हो चुके हैं, जिससे संगठन में पहले से ही नाराजगी थी।

वरिष्ठ भाजपा नेता प्रकाश सुमन ध्यानी ने कहा, “जिस तरह से प्रारंभिक शिक्षा निदेशक के साथ घटना हुई, उससे भाजपा की भारी किरकिरी हुई है। पार्टी ने वर्षों में जो राजनीतिक और नैतिक मर्यादाएं तय की हैं, इस घटना ने उन्हें तोड़ने का काम किया है। यदि भाजपा को अपनी छवि और विश्वसनीयता बचाए रखनी है, तो इस मामले में कठोर कार्रवाई अनिवार्य है, चाहे आरोपी कोई भी हो।”

सरकार और प्रशासन पर दबाव

यह मामला भाजपा के लिए अंदरूनी चुनौती के रूप में उभरा है। विपक्ष के आरोपों का जवाब देना राजनीति का हिस्सा है, लेकिन जब पार्टी के भीतर से ही आवाजें उठने लगें, तो स्थिति गंभीर हो जाती है। खासकर जब घटना एक वरिष्ठ अधिकारी से जुड़ी हो और सबूत सोशल मीडिया पर उपलब्ध हों। प्रशासन ने फिलहाल मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन विपक्ष इसे ढीला रवैया बताकर सरकार को घेर रहा है।

बड़ी खबर : नदी में गिरी बस, 18 लोगों की मौत, कई घायल, विदेशी पर्यटक भी थे सवार

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नेपाल के धादिंग जिले में सोमवार तड़के एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ, जिसमें पोखरा से काठमांडू जा रही एक यात्री बस त्रिशूली नदी में गिर गई। इस दर्दनाक घटना में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 से 27 यात्री घायल हुए हैं। मृतकों में दो विदेशी नागरिक भी शामिल हैं, और एक चीनी नागरिक अभी भी लापता बताया जा रहा है।

हादसा कब और कहां हुआ? घटना भारतीय समयानुसार रात करीब 1:15 से 1:30 बजे के बीच पृथ्वी राजमार्ग पर चिनाधारा (चरौंडी के पास) में हुई, जो काठमांडू से लगभग 90 किमी पश्चिम में बेनीघाट रोरांग ग्रामीण नगरपालिका के वार्ड 3 या 5 के भैसेपाटी/भैंसीगौड़ा इलाके के निकट है। बस (नंबर GA 1 KHA 1421) सड़क से फिसलकर करीब 300 मीटर नीचे ढलान से होते हुए नदी में जा गिरी। बस बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।

बस में कितने यात्री थे? बस में 40 से 45 तक यात्री सवार थे, जिनमें कुछ विदेशी पर्यटक (चीनी और अन्य) भी शामिल थे। प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार, मृतकों में 6 महिलाएं और 11-12 पुरुष हैं, जबकि घायलों में 8 महिलाएं, 18 पुरुष और एक नाबालिग लड़की शामिल हैं।

राहत कार्य और जांच रात के अंधेरे, नदी का तेज बहाव और दुर्गम इलाका होने से बचाव अभियान में काफी चुनौतियां आईं। नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल, नेपाल पुलिस और स्थानीय निवासियों ने मिलकर ऑपरेशन चलाया। अब तक 17-18 शव बरामद हो चुके हैं, और अधिकांश घायलों को स्थानीय अस्पतालों से काठमांडू के बड़े अस्पतालों में रेफर कर दिया गया है।

पुलिस ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक आशंका है कि चालक ने नियंत्रण खो दिया, ओवरस्पीडिंग थी या सड़क की स्थिति खराब होने से ऐसा हुआ। बस में क्षमता से अधिक यात्रियों की भी जांच हो रही है। मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी गई है।