राजस्थान की सियासत में अशोक गहलोत का बड़ा दाँव, बहुमत सिद्ध करने को…

0
465

राजस्थान की सियासी ल’ड़ाई अब इंसाफ को तलाश करते हुए को’र्ट तक पहुंच गई है। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच चल रहे इस मामले पर आज राजस्थान हाई को’र्ट द्वारा एक अहम फैसला सुनाया गया है। हाइको’र्ट द्वारा सचिन पायलट खेमे को राहत मिली है। हाइको’र्ट द्वारा यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया गया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को को’र्ट से राहत ना मिलने पर शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं, गहलोत अपने विधायकों के साथ गवर्नर हाउस पहुंचे। सचिन पायलट खेमे द्वारा इस मामले को लेकर एक याचिका लगाकर इस केंद्र को इस मामले का पक्षकार बनने की अपील की गई थी। उसको स्वीकार कर लिया गया। केंद्र को इस मामले का पक्षकार सभी दलीलों को सुनने के बाद बनाया गया था तो हाइको’र्ट अब केंद्र सरकार का भी पक्ष सुनेगा।

बताया जा रहा है की अशोक गहलोत कैंप के विधायक बाबूलाल बैरवा की तबियत बि’गड़ गई है। बताया जा रहा है कि उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी और उनको अब SMS में एडमिट कराया गया है। वह फेयरमोंट होटल में ठहरे हुए थे और वहां से एम्बुलेंस के ज़रिए अस्पता’ल तक लाए गए। बाबूलाल बैरवा को गहलोत खेमे का विधायक माना जा रहा है। राजस्थान विधानसभा के स्पीकर सीपी जोशी (CP Joshi) द्वारा सचिन पायलट खेमे के 19 बागी कांग्रेसी विधायकों को अयोग्यता मामले में नोटिस जारी किया गया था, जिसके बाद सचिन पायलट के साथ और लोगों द्वारा हाईको’र्ट में अर्जी दाखिल कर आदेश को चुनौ’ती दी गयी थी। हाइको’र्ट द्वारा स्पीकर को 24 जुलाई तक अयोग्यता मामले की कार्र’वाई करने पर रोक लगा दी गयी थी।

इसी के चलते गजेंद्र शेखावत ने कहा कि, विधानसभा स्पीकर ने नोटिस दिया था हाई को’र्ट ने सुनवाई के बाद उस पर रोक लगा दिया गया। बीजेपी बार-बार कह रही थी कि लोकतंत्र का चीरहरण हो रहा है उसे रोकना चाहिए। राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत द्वारा होटल फैरमोंट के बाहर अराजकता से भरा हुआ बयान दिया कहा कि, राजस्थान की जनता राजभवन का घेराव करेंगे तो मुझे मत नही कहियेगा। कहा जा रहा है कि वैसे तो ये मामला उनके पार्टी और घर का है लेकिन इसके चलते राजस्थान की जनता परेशान है और वही दूसरी तरफ राजस्थान सरकार के मंत्री होटल में गाना गाते दिख रहे है तो राजस्थानी होने के नाते दु’ख होता है।

सचिन पायलट खेमे विधायकों द्वारा कहा गया कि, हाईको’र्ट का फ़ैसला आया है। अब सुप्रीम को’र्ट के फ़ैसले का इंतज़ार करेंगे। हमने केन्द्र को पार्टी बनाने की मांग नहीं की है। बताया जा रहा है कि ये मामला महेश जोशी की तरफ से उठाया गया है और कहा गया है कि, आप क़ानून संशोधन जैसी बात कर रहे हैं रजिस्ट्ररार ने हमसे कहा तब केंद्र को पार्टी बनाया गया। राजस्थान में चल रहे नुरा कुश्ती के दौर में सीएम अशोक गहलोत द्वारा दावा किया गया कि, विधानसभा सत्र बुलाने की तैयारी कर रहे हैं और उनके पास बहुमत है। सूत्रों के हवाले से बताया गया कि राज्यपाल कलराज मिश्र द्वारा बताया गया की, सीएम अशोक गहलोत ने मौखिक रुप से चर्चा की कि वह विधानसभा का छोटा सत्र बुलाना चाहते हैं। उन्होंने लिखित में राज्यपाल को कोई जानकारी नहीं दी है। न उन्होंने राज्यपाल को तारीख बताई है और न ही यह बताया है कि उनके पास कितने विधायकों का समर्थन है।