इस कंपनी ने कोरोना वैक्सीन को लेकर किया बड़ा दावा, कहा ‘वैक्सीन की दो डोज…’

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दुनियाभर में कोरोनावायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में अब सबको इसकी वैक्सीन का इंतजार बेसब्री से है। शुरुआती दौर में बहुत से देशों ने दावा किया था कि कोरोना वैक्सीन का निर्माण हो चुका है लेकिन अभी तक पूरी तरह कोई भी इस वैक्सीन को बनाने में सफल नहीं हो सका है। हालांकि कुछ कंपनी ऐसी हैं जिनकी वैक्सीन का अंतिम ट्रॉयल चल रहा है। खबर है कि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका कंपनी (Oxford-AstraZeneca coronavirus vaccine) ने दावा किया है कि वैक्सीन के 2 फुल डोज बेहतर इम्यून रेस्पोंस दे रहे हैं।

ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी के मुताबिक वैक्सीन के पूरी 1 डोज के बाद आधी बूस्‍टर डोज के देने के मुकाबले में दो पूरी डोज देने पर ज़्यादा बेहतर इम्‍युन रेस्‍पांस ट्रिगर करती है। इस दावा में कहा गया कि वैक्सीन तब ज़्यादा असरदार साबित हुई जब पार्टिसिपेंट को 2 पूरी डोज दी गई न की जब उसको डेढ़ डोज दी गई। यूनिवर्सिटी द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि “पहले हमने एक फुल और एक हाफ डोज देकर ट्रायल किया था। यानी कैंडिडेट को डेढ़ डोज दी गई थी। अब दो फुल डोज दिए गए। इनके नतीजे काफी बेहतर रहे।”

बता दें कि करीब 1 महीने पहले एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफोर्ड ने वैक्सीन में मैन्युफैक्चरिंग एरर की बात मानी थी। इस दौरान वैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल के नतीजे जारी किए गए थे। जिसमें तरह तरह के नतीजे सामने आए। बयान में कहा गया कि “वैक्‍सीन की बूस्‍टर डोज सिंगल डोज के मुकाबले मजबूत ऐंटीबॉडी रेस्‍पांस पैदा करती हैं, स्‍टैंडर्ड डोज/स्‍टैंडर्ड डोज से बेस्‍ट रेस्‍पांस मिला।” ऑक्सफोर्ड वैक्सीन के आखिरी ट्रायल में वैक्सीन के डोज की स्‍ट्रेन्‍थ के मुताबिक वैक्सीन या तो 90% या 62% असरदार बताई गई थी। लेकिन वैज्ञानिकों ने बताया कि औसत एफेकसी 70% है। जिसके बाद इसपर सवाल उठना शुरू हो गए।