उत्तराखंड चारधाम यात्रा तैयारियां अंतिम चरण में।

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सुगम एवं सुरक्षित चारधाम यात्रा के लिए राज्य सरकार ने कसी कमर

मुख्य सचिव की ओर से सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को यात्रा के शुरुआती 15 दिनों में वीवीआइपी दर्शनों को अवॉइड करने हेतु भेजा गया पत्र*

केवल आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट से टिकटों की बुकिंग करें लोग: गढ़वाल कमिश्नर

 

देहरादून: 1 मई।चारधाम यात्रा को लेकर राज्य सरकार की तैयारियां अब अंतिम चरण में हैं। चुनावी व्यस्तता के बावजूद मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी यात्रा तैयारियों की नियमित मॉनिटरिंग कर रहे हैं। साथ ही अधिकारियों से भी इस संबंध में नियमित रूप से संपर्क में बने हुए हैं।
इस बार की चारधाम यात्रा और भी अधिक दिव्य और भव्य हो एवं आम श्रद्धालुओं को किसी तरह की कोई परेशानी न हो इसके मद्देनजर राज्य सरकार के स्तर से पुख्ता कार्यवाही की जा रही है।
गढ़वाल कमिश्नर महोदय श्री विनय शंकर पांडेय ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री जी के दिशा-निर्देशों के क्रम में मुख्य सचिव उत्तराखंड शासन की ओर से सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को इस आशय का पत्र भेजा गया है कि यात्रा के शुरुआती 15 दिनों(विशेष रूप से केदारनाथ धाम) में वीवीआइपी दर्शनों को जितना हो सके टाला जाए ताकि आम श्रद्धालुओं को दर्शनों में किसी तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े। साथ ही इस संबंध में हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार को भी सूचित किया जा रहा है।
गढ़वाल कमिश्नर महोदय द्वारा यह भी अवगत कराया गया है कि हेली सेवाओं में किसी भी तरह की कालाबाजारी एवं ठगी जैसी घटनाएं न हो सकें, यह सुनिश्चित करने हेतु इस बार केवल आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट से टिकटों की बुकिंग की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा उन्होंने आमजन से भी अपील की है कि वे राज्य सरकार द्वारा अधिकृत आईआरसीटीसी से ही हेली बुकिंग करें। उन्होंने कहा कि, सुगम और सुरक्षित चारधाम यात्रा के लिए राज्य सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और इसके लिए हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बार यात्रा को लेकर तमाम अतिरिक्त व्यवस्थाएं की जा रही हैं ताकि श्रद्धालुओं को कम से कम परेशानी हो।

मुख्य बिंदु:-
•20 स्थानों पर पार्क हो सकेंगे 1495 वाहन, एप के माध्यम से होगी मॉनिटरिंग
•700 सफाई कर्मियों की रहेगी तैनाती पूरी तरह से निगरानी में रहेंगे
•घोड़े-खच्चर,सोनप्रयाग से गौरीकुंड तक सड़क चौड़ीकरण,
स्वास्थ्य सुविधाओं में किया गया इजाफा।