एकल श्रीहरि, मुंबई का योग शिविर संपन्न

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर गत 21 जून को ‘एकल श्रीहरि मुंबई’ द्वारा एक महीने तक चलने वाले योग – साधना शिविर का समापन किया गया। ‘योग सीखें – निरोग रहें’ इस मूल मंत्र के साथ सुप्रसिद्ध योगगुरु श्रीमती शारदा जी बूबना के सान्निध्य में आयोजित इस शिविर में योग और साधना के 15 सत्र आयोजित किये गए।

‘योग-साधना शिविर’ की पूरी संकल्पना और क्रियान्वयन ‘राष्ट्रीय रिपोर्ट समीक्षा समिति’ द्वारा की गयी। शिविर को सुचारु रूप से आयोजित करने में समिति की अध्यक्षा मंजू जी केडिया के नेतृत्व और अनिल जी मानसिंगका के मार्गदर्शन में श्रीमती मनीषा गुप्ता, श्रीमती शील अग्रवाल, श्रीमती ममता लोया, श्रीमती जागृति मानसिंगका सहित समिति के अन्य सभी सदस्यों ने पूर्ण रूप से सहयोग दिया।

‘योग-साधना शिविर’ में भारतीय योग पद्धति की बारीकियों के साथ-साथ योग के महत्त्व और चिकित्सा के बारे में बताया गया। संगीता खन्ना जी ने योग आसनों को बहुत ही सहज तरीक़े से ‘लाइव’ करके दिखाया। ‘एकल श्रीहरि’ के एक महीने तक चलने वाले इस शिविर में अत्यंत उत्साह के साथ देश भर से काफ़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। कोविड के इस दौर में जीवन रक्षा में सहायक ‘योग’ के महत्त्व को लोगों ने जाना-समझा और योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का संकल्प लिया।

‘मुंबई एकल श्रीहरि’ की किसी भी कार्यक्रम की एक माह तक चलने वाली ये सबसे बड़ी श्रंखला रही।
‘योग साधना शिविर’ के समापन अवसर पर आभासी माध्यम से बड़ी संख्या में ‘एकल श्रीहरि’ के पदाधिकारी उपस्थित रहे। जिसमें मुख्य अतिथि श्री रामप्रकाश बूबना, अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सत्यनारायण काबरा, राष्ट्रीय संरक्षक श्री गोपाल कंदोई, मुंबई अध्यक्ष श्री विजय केडिया, महिला समिति अध्यक्षा श्रीमती मीना अग्रवाल आदि गणमान्य जन शामिल थे।

इसी प्रकार ‘एकल श्रीहरि’ ने ‘निर्वाण नेचुरोपैथी’ के साथ गुरुमां के सानिध्य में भी एक माह तक ‘योग-साधना शिविर’ का आयोजन किया, जिसका आभासी माध्यम से देश भर के लाखों लोगों ने लाभ उठाया।