क्रिकेट खेलते समय कोरोना वायरस से बचने के लिए ज़हीर ख़ान ने दी ये राय

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विश्व भर में कोरोनावायरस का संकट को देखते हुए अपने अपने स्तर पर हर इंसान पूरी तरीके से सावधानी बरतने के साथ-साथ अन्य लोगों के साथ अपनी राय साझा कर रहे हैं। ऐसे में इन दिनों सोशल मीडिया पर क्रिकेट मैच के दौरान बॉलर दो द्वारा गेंद पर लाल लगाकर बोलिंग करने या बॉल छूने को लेकर बहस छिड़ी हुई है ।

दरअसल,लोगों का कहना है कि,क्रिकेट की बॉल खिलाड़ियों के साथ-साथ चौके छक्के मारने के दौरान दर्शकों के हाथ में भी जाती है ऐसे में स्वास्थ्य के हिसाब से देखा जाए तो यह उचित नहीं है इससे किसी भी प्रकार के वायरस आदि के फैलने का खतरा बढ़ जाता है ।वहीं इस बारे में ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के खिलाड़ी डेविड वॉर्नर का कहना है कि,’मुझे को नहीं लगता कि जब कोविड-19 महामारी खत्म होने के बाद दुनिया में क्रिकेट बहाल होगा तो गेंद को चमकाने के लिए लार के इस्तेमाल को रोकने की जरूरत होगी।उन्हें लगता है कि यह साथी खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने से कम या ज्यादा जोखिम भरा नहीं है’।

वहीं इसके उलट भारतीय खिलाड़ी जहीर खान का कहना है कि,ज़हीर ने कहा कि अगर ऐसा होता है तो इससे ख़तरा होगा।उन्होंने कहा कि मुँह की लार गेंद पर सिर्फ़ एक ही नहीं बल्कि सभी खिलाड़ी लगाते हैं और जब ये गेंद दर्शकों के पास तक पहुँचती है तो वो भी इसे छूते हैं।

इसके साथ कि,क्रिकेटर वकार यूनुस ने कहा कि, ‘ लार और पसीने का इस्तेमाल करना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। यह आदत की तरह है आप इस पर नियंत्रण नहीं कर सकते। खेल के दौरान उसे लार और पसीने का इस्तेमाल करने से रोकना संभव नही है।