नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। सोशल मीडिया आधारित संगठन “कॉकरोच जनता पार्टी” (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके के आह्वान पर होने वाले इस प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रदर्शन में देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में छात्रों, अभ्यर्थियों और आम नागरिकों के शामिल होने की संभावना है। इसे देखते हुए नई दिल्ली जिले को 12 जोनों में बांटा गया है और करीब 2,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा संसद मार्ग, जंतर-मंतर और वीवीआईपी इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन को लेकर अभी तक आयोजकों की ओर से कोई औपचारिक अनुमति आवेदन प्राप्त नहीं हुआ था। हालांकि बाद में सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रदर्शन को लेकर आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर विचार किया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उन्हें इस कार्यक्रम की जानकारी मुख्य रूप से सोशल मीडिया पोस्ट और ऑनलाइन संदेशों के माध्यम से मिली।
सीजेपी परीक्षा संबंधी कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है। संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने समर्थकों और छात्रों से दिल्ली पहुंचकर आंदोलन में शामिल होने की अपील की थी। उन्होंने अमेरिका से लौटकर स्वयं प्रदर्शन का नेतृत्व करने की घोषणा भी की थी।
प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर सुरक्षा तैयारियों का जायजा लिया। सभी जिला इकाइयों को अलर्ट पर रखा गया है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात करने की तैयारी की गई है।
इस बीच सीजेपी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर बैरिकेडिंग से जुड़ा एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि प्रदर्शन को रोकने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।
उधर, पर्यावरण एवं सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी आंदोलन को समर्थन देने की बात कही है। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते हैं तो वह भी प्रदर्शन में शामिल होंगे।
खुफिया एजेंसियां प्रदर्शन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि राजधानी में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।















