कोरोना वायरस को लेकर वैज्ञानिकों की नई रिसर्च, संक्रमित होने के बाद हृदय…

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देश में कोरोना के मामलों में अब धीरे धीरे इजाफा होना शुरू हो गया है। जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि देश में कोरोना की तीसरी लहर जल्दी ही आने वाली है। कोरोना काल के बीच बहुत सी रिसर्च सामने आई इसके कई लक्षण भी देखे गए। बता दें कि अब उससे जुड़ी एक और जानकारी सामने आई है। बता दें कि कोरोना वायरस का संक्रमण हमारे दिल पर सीधा असर करता है। इससे संक्रमित व्यक्ति के हृदय में सूजन की समस्या देखी गई है। हालांकि अभी इन व्यक्तियों की संख्या काफी कम है। लेकिन ये किसी बड़े खतरे से कम नहीं है।

बताते चलें कि फाइजर एवं मॉडर्ना जैसे कोविड रोधी टीकों से भी हृदय में सूजन का खतरा सामने आया है। वायरस सीधा मरीज के शरीर पर हमला करता है। जिससे सूजन पैदा होती है। ये हृदय को इस तरह प्रभावित करता है कि हृदय की मांसपेशियों या बाहरी परत पर सूजन पैदा हो जाती है। जिसे मायोकार्डिटिस और पेरिकार्डिटिस कहा जाता है। ऐसे में संक्रमित व्यक्ति को दिल का दौरा या स्ट्रोक का खतरा बना रहता है।

हालांकि अब तक इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि ये वायरस दिल पर कैसे अटैक करता है। बता दें कि अक्टूबर 2020 में सबसे पहले भारत में पहचाना गया डेल्टा वेरिएंट बहुत अधिक संक्रामक है। इस वायरस को लेकर अब और भी ज्यादा जानकारियां सामने आ रही हैं। जो कि और भी ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती हैं। इसके साथ ही पता चला है कि बाकी और वेरियंट्स के मुकाबले डेल्टा वायरस युवाओं में ज्यादा फैल रहा है।