बच्चों की शिक्षा को लेकर केजरीवाल का बड़ा ऐलान, अब दिल्ली में भी होगा खुद का…

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राज्य में बच्चों की शिक्षा को लेकर दिल्ली सरकार ने एक एहम फैसला लिया है। इस फैसले के बाद अब दिल्ली में भी और राज्यों की तरह खुद का शिक्षा बोर्ड होगा। बताया जा रहा है कि दिल्ली कैबिनेट ने नए शिक्षा बोर्ड के गठन को मंजूरी दे दी है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि फिलहाल राज्य में केवल CBSE/ICSE बोर्ड हैं। लेकिन अब जल्दी ही दिल्ली का एक अलग बोर्ड होगा।

उन्होंने कहा कि “दिल्ली के सरकारी स्कूलों में एक हीन भावना हुआ करती थी लेकिन जब हमने बजट का 25% शिक्षा पर खर्च करना शुरू किया तो बदलाव आए। हमने इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार किया और टीचर्स को विदेशों में ट्रेनिंग के लिए भेजा। हमने अपने छात्रों को विदेश भेजना शुरू किया और फिजिक्स, केमिस्ट्री के ओलिंपियाड के लिए उन्हें विदेश भेजा। कई जगहों से हमारे दिल्ली के बच्चे मेडल जीतकर लौटे हैं।” उन्होंने कहा कि “हमने अपने प्रिंसिपल को एंपावर किया, अभी तक हर स्कूल के अंदर डायरेक्टरेट ऑफ एजुकेशन का बहुत ज्यादा दखल होता था। छोटी-छोटी चीजों के लिए डायरेक्टरेट से मंजूरी लेनी होती थी लेकिन अब हमने प्रिंसिपल को पावर दे दी और ₹5000 तक खर्च करने के अधिकार को बढ़ाकर ₹50000 कर दिया है।”

इस दौरान केजरीवाल ने बताया कि इस नए बोर्ड के चलते आप सरकार के तीन लक्ष्य पूरे होंगे। पहले लक्ष्य की बात करते हुए उन्होंने कहा कि “हमें ऐसे बच्चे तैयार करने हैं जो कट्टर देशभक्त हो। ऐसे बच्चे तैयार करने हैं, जो आने वाले समय में देश मे हर क्षेत्र में जिम्मेदारी उठाने को तैयार हों, चाहे कोई क्षेत्र हो।” वहीं दूसरे के बारे में उन्होंने कहा कि “हमारे बच्चे अच्छे इंसान बनें, चाहे किसी भी धर्म या जाति के हों, अमीर हो गरीब हों। सब एक-दूसरे को इंसान समझें. एक तरफ अपने परिवार का ख्याल रखें तो दूसरी तरफ समाज के तरफ भी ध्यान दें।”

इसके अलावा उन्होंने कहा कि “बड़ी-बड़ी डिग्री लेने के बाद भी बच्चों को नौकरी नहीं मिल रही लेकिन यह बोर्ड ऐसी शिक्षा प्रणाली तैयार करेगा कि बच्चे अपने पैरों पर खड़े हों ताकि जब वह अपनी पढ़ाई पूरी करके निकलें तो वह दर-दर की ठोकरें ना खाएं बल्कि उसका रोजगार उसके साथ हो।” उन्होंने कहा कि “हमने हर स्कूल के अंदर एस्टेट मैनेजर की नियुक्ति की। कई तरह के नए-नए प्रयोग किए गए। मिशन चुनौती और मिशन बुनियाद शुरू किया। हैप्पीनेस करिकुलम लेकर आए जिससे बच्चे तनाव मुक्त होते हैं और मेडिटेशन करते हैं।”