- 30 नवंबर को जारी होगी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट.
- 21 जनवरी 2027 को प्रकाशित होगी अंतिम मतदाता सूची.
नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के स्पेशल समरी रिवीजन (SSR) का ऐलान कर दिया है। इस विशेष पुनरीक्षण अभियान के तहत मतदाता सूचियों को अपडेट किया जाएगा और पात्र नागरिकों के नाम शामिल करने के साथ ही सूची में मौजूद त्रुटियों को भी दूर किया जाएगा।
यह प्रक्रिया अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव, मिजोरम, ओडिशा तथा सिक्किम में चलाई जाएगी। चुनाव आयोग के तय कार्यक्रम के अनुसार इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की ड्राफ्ट मतदाता सूची 30 नवंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी, जबकि दावे और आपत्तियों के निस्तारण के बाद 21 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची जारी होगी।
युवाओं और पहली बार वोट देने वालों पर विशेष फोकस
चुनाव आयोग ने इस विशेष पुनरीक्षण अभियान में युवाओं और पहली बार मतदाता बनने वाले नागरिकों को विशेष सुविधा देने का फैसला किया है। ऐसे युवा जो 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर 2027 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर मतदान के पात्र होंगे, वे भी अग्रिम रूप से मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे।
इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्रता की आयु पूरी करने वाले नए मतदाताओं का नाम समय पर मतदाता सूची में शामिल किया जा सके और उन्हें मतदान के अधिकार से वंचित न होना पड़े।
मुख्य सचिवों को पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश
चुनाव आयोग ने संबंधित छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के लिए पर्याप्त मैनपावर और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। आयोग का कहना है कि पुनरीक्षण की पूरी प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा के भीतर और सुचारु रूप से पूरी की जानी चाहिए।
मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद नागरिकों को अपने नाम और अन्य विवरणों की जांच करने का अवसर मिलेगा। जिन पात्र नागरिकों का नाम अभी तक सूची में शामिल नहीं है, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकेंगे। वहीं नाम, पता या अन्य विवरण में त्रुटि होने पर सुधार के लिए भी आवेदन किया जा सकेगा।
क्या है स्पेशल समरी रिवीजन?
स्पेशल समरी रिवीजन चुनाव आयोग की मतदाता सूची को अपडेट करने की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इसके तहत नए और पात्र मतदाताओं के नाम सूची में जोड़े जाते हैं, जबकि मृत, स्थानांतरित या अपात्र मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया भी की जाती है।
इसके अलावा मतदाता के नाम, पते, फोटो या अन्य विवरण में मौजूद त्रुटियों को सुधारने का अवसर भी दिया जाता है। इस दौरान नागरिक दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं, जिनकी जांच के बाद अंतिम मतदाता सूची तैयार की जाती है।
पारदर्शी और त्रुटिरहित सूची तैयार करने पर जोर
चुनाव आयोग का उद्देश्य सभी पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करना और अंतिम सूची को अधिक से अधिक सटीक एवं पारदर्शी बनाना है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि दावों और आपत्तियों का निस्तारण निर्धारित समयसीमा के भीतर किया जाएगा।
पूरी प्रक्रिया के बाद 21 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची का आधिकारिक प्रकाशन किया जाएगा। चुनाव आयोग के इस फैसले से खासतौर पर उन युवाओं को फायदा मिलने की उम्मीद है जो वर्ष 2027 के दौरान 18 वर्ष की आयु पूरी कर पहली बार मतदान के पात्र बनेंगे।















