27 सालों के बाद फिर एक हुआ अकाली दल और बसपा, अब मिलकर लड़ेंगे विधानसभा चुनाव…

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साल 2022 में उत्तर प्रदेश के साथ साथ 4 और राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। इन राज्यों में से एक पंजाब भी है। जानकारी के मुताबिक साल 2022 में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। जिसके चलते वहां भी विधानसभा चुनाव होने हैं। जिसको लेकर तैयारियां शुरू की जा चुकी हैं। एक बार फिर पंजाब में कांग्रेस को घेरने की कोशिशें शुरू हो चुकी हैं। बता दें कि चुनाव से पहले ही मायावती की पार्टी को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है।

खबर के मुताबिक शिरोमणि अकाली दल और बहुजन समाज पार्टी ने अपने गठबंधन का एलान कर दिया है। यानी इस बार होने वाले चुनाव शिरोमणि अकाली दल और बहुजन समाज पार्टी मिलकर लड़ेंगे। काफी लंबे समय के बाद एक बार फिर दोनों दल एक हो गए हैं। इससे पहले साल 1996 में अकाली दल और बसपा मिलकर ने मिलकर चुनाव लड़ा था। दोनों दलों के बीच हुई डील के तहत BSP राज्य की 20 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।

बता दें कि पंजाब में दलितों का वोट सबसे अहम माना जाता है। जो अभी तक कांग्रेस और अकाली दल को मिलता आया है। लेकिन साल 2017 के चुनाव में आम आदमी पार्टी ने भी दलित के वोट अपनी ओर खींच लिए थे। शनिवार को इस गतबंध का एलान हुआ। इस दौरान दोनों पार्टी के कार्यकर्ता और नेता वहां मौजूद थे। सुखबीर बादल ने इस बीच बसपा सुप्रीमो मायावती को धन्यवाद भी किया। उन्होंने कहा कि “दोनों पार्टियों की सोच सामान है. दोनों पार्टियां गरीब किसान मजदूर के हक के लिए लड़ती हैं। आज का दिन पंजाब की सियासत में नया दिन है।” गौरतलब हैं कि पंजाब में 32 प्रतिशत आबादी दलितों की है। जिसकी वजह से अब कांग्रेस की परेशानियों में इजाफा होने की संभावना है।