ज्योतिर्मठ में होगी एक हज़ार दंपति की पूजा, लक्ष्मी नारायण स्वरूप होगा

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जोशीमठ, उत्तराखंड:

ज्योतिर्मठ की ओर से लक्ष्मीनारायण भगवान के रूप में एक हज़ार दम्पति का होगा पूजन

त्रि दिवसीय पूजन 16 से 18 फरवरी तक होगा मठ परिसर में

माघ मास की गुप्त नवरात्रि में ज्योतिर्मठ नगर के एक हजार दम्पति (पति-पत्नि) की पूजा की जाएगी । ज्योतिर्मठ प्रबन्धन की ओर से यह धार्मिक अयोजन ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती जी महाराज की प्रेरणा से ज्योतिर्मठ परिसर में आयोजित किया जाएगा।

 

विदित हो कि ज्योतिर्मठ की ओर से वर्ष भर में समय समय पर धार्मिक और सांस्कृतिक एवम सामाजिक कार्य किए जाते हैं । इसी क्रम में शक्ति आराधना के लिए गुप्त नवरात्रि महोत्सव को महापर्व के रूप में माना जाता है । माघ नवरात्रि सहस्र दम्पतिपूजा की जायेगी। जिसमें 1000 से अधिक दम्पति को भगवान लक्ष्मीनारायण स्वरूप मानकर विविध उपहार, वस्त्र, मिष्ठान्न और दक्षिणा देकर ज्योतिर्मठ सहित समस्त विश्व के कल्याण की मंगल कामना की जाएगी ।

इन दिनों माघ शुक्ल प्रतिपदा से दशमी पर्यन्त 10 फरवरी 2024 से 19 फरवरी 2024 पर्यन्त माघ मास की गुप्त नवरात्रि सम्पन्न हो रही है। जिसमें प्रतिदिन देवी राजराजेश्वरी माता की पूजा उपासना की जा रही है ।

नवरात्रि के सभी अनुष्ठानों का माहात्म्य वर्णन पुराणों में बहुत है । एक वाक्य में कहना चाहें यदि तो आप समझिए कि भगवत्कृपा प्राप्त करने के लिए ये एक सरलतम उपाय है ।

ज्योतिर्मठ व्यवस्थापक विष्णुप्रियानन्द ब्रह्मचारी ने बताया कि दम्पति पूजा की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं । सभी आस्तिक जनों को प्रवेश पत्र वितरित किया जा रहा है । उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर अनन्तश्रीविभूषित जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती ‘१००८’ जी महाराज चाहते हैं कि सनातनी जनता के मन में धर्म भावना विकसित हो । इसलिए यह जरूरी है कि इस तरह के धार्मिक समायोजन होते रहना चाहिए ।

कार्यक्रम विवरण

सहस्र दम्पति पूजन इस बार त्रिदिवसीय अनुष्ठान रूप में मनाया जाएगा ।

माघ शुक्ल सप्तमी – 16 फरवरी
माघ शुक्ल अष्टमी – 17 फरवरी
माघ शुक्ल नवमी – 18 फरवरी
प्रतिदिन दोपहर – 12 बजे से 4 बजे तक पूजन का क्रम सम्पन्न किया जाएगा ।