WHO की चेतावनी, बच्चों को न पिलाएं भारतीय कंपनी की ये कफ सिरप

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उज्बेकिस्तान में कथित तौर से भारतीय कफ सिरप पीने से 19 बच्चों की मौत के मामले को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसके इस्तेमाल को लेकर चेतावनी दी है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) उज्बेकिस्तान के कई बड़े अधिकारियों के संपर्क में है और इस पूरे मामले को लेकर डब्ल्यूएचओ की ओर से जानकारी ली जा रही है. WHO ने कहा है कि नोएडा स्थित कंपनी मैरियन बायोटेक की ओर से बनाए गए दो कफ सिरप का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए.

उज्बेकिस्तान की सरकार ने बच्चों की मौत के लिए नोएडा स्थित मैरियन बायोटेक के कफ सिरप ‘डॉक-1 मैक्स’ को जिम्मेदार ठहराया था. बताया गया है कि अब तक मैरियन बायोटेक ने इन उत्पादों की सुरक्षा और गुणवत्ता पर डब्ल्यूएचओ को गारंटी नहीं दी है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बुधवार (11 जनवरी) को सिफारिश की है कि उज्बेकिस्तान में बच्चों के लिए दो भारतीय कफ सिरप- एम्ब्रोनोल और डॉक-1 मैक्स का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए. डब्ल्यूएचओ ने कहा कि मैरियन बायोटेक से निर्मित कफ सिरप ऐसे उत्पाद हैं जो गुणवत्ता मानकों को पूरा नहीं करते हैं. लैब विश्लेषण में पाया गया कि दोनों उत्पादों में दूषित पदार्थों के रूप में डायथिलीन ग्लाइकोल या एथिलीन ग्लाइकोल की अस्वीकार्य मात्रा शामिल है.

उज्बेकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने विश्लेषण करते हुए दावा किया था कि भारतीय कफ सिरप में एक जहरीला पदार्थ, एथिलीन ग्लाइकॉल होता है. बताया जाता है कि बच्चों के लिए मानक से अधिक मात्रा में खुराक दिया जाना बेहद खतरनाक है. उज्बेकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा था कि उनके देश में बच्चों ने नोएडा स्थित मैरियन बायोटेक के कफ सिरप ‘डॉक-1 मैक्स’ का सेवन किया था. इसके बाद उन बच्चों की मौत हो गई.

क्या भारत में हो रही है सिरप की बिक्री?

उज्बेकिस्तान में 19 बच्चों की हुई मौत को नोएडा स्थित दवा निर्माता की सिरप से जोड़ने के दावे के बाद भारत सरकार इसकी जांच करवा रही है.  सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन के सूत्रों ने बताया था कि इस खास सिरप को फिलहाल भारतीय मार्केट में नहीं बेचा जा रहा है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने बताया था कि यूपी ड्रग कंट्रोलर औऱ केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन  ने जांच शुरू कर दी थी. सिरप के सैंपल चंडीगढ़ भेजे गए थे.

गाम्बिया में भी आया था सिरप से मौत का मामला

डॉक -1 मैक्स सिरप में एथिलीन ग्लाइकोल की उपस्थिति को दिखाया गया है. इसमें वही खतरनाक केमिकल हैं जिसे गाम्बिया में मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था. साल 2022 में अक्टूबर में अफ्रीकी देश गाम्बिया में भारत में निर्मित कफ सिरप से 60 से अधिक बच्चों की मौत का दावा किया गया था. इसके बाद केंद्र सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित की थी. हालांकि अभी तक सिरप से मौत की पुष्टि नहीं की गई है.