उत्तराखंड में मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट

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देहरादून: उत्तराखंड में मौसम विभाग ने अगले 4 दिनों में भारी बारिश को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। 27 जून तक राज्य के अधिकतर जनपदों में भारी बारिश हो सकती है। खासकर 24 से 26 जून तक के लिए एडवाइजरी भी जारी गई है।

23 जून को राज्य के उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। उधम सिंह नगर, पौड़ी, चंपावत, हरिद्वार जिले में भी कहीं-कहीं गरज के साथ तेज बारिश की संभावना है। बारिश के साथ साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की भी संभावना जताई गई है।

मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह के मुताबिक 23 से 26 जून तक राज्य में प्री-मानसून एक्टिव रहेगा, जिससे मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है। राज्य में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने, तीव्र से बहुत तीव्र बौछार तथा झोकेदार हवाएं (वायु गति 40-50 kmph)चलने की संभावना है। राज्य के उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, नैनीताल, बागेश्वर तथा पिथौरागढ़ जनपदों में कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना है ।

राज्य के जनपदों में कहीं-कही गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने, बहुत तीव्र से अत्यधिक तीव्र बौछार तथा किदार हवाएं (वायु गति 40-50 kmph)चलने की संभावना है। राज्य में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है।

 

राज्य के जनपदों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली यसकने, बहुत तीव्र से अत्यधिक तीव्र खार तथा लोकदार हवाएं (वायु मति 40-50 kmph) चलने की संभावना है। राज्य में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है।

 

राज्य में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है। राज्य के जनपदों में कहीं-कही गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने, बहुत तीव्र से अत्यधिक तीव्र बौछार तथा झोकदार हवाएं (वायु मतिः 40-50 kmph) चलने की संभावना है।

 

राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने, तीव्र बौछार तथा झोकेदार हवाएं (वायु गति 40-50 kmph)चलने की संभावना है। राज्य के पिथौरागढ़, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग तथा चमोली जनपदों में कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना है।

 

मौसम विभाग की सलाह

 

लोगों को सलाह दी जाती है कि आवागमन के दौरान सावधानी बरतें। किसानों को सलाह दी जाती है कि पकी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने की व्यवस्था करें।

भूस्खलन और चट्टान गिरने के कारण कुछ स्थानों में सड़कों/राजमानों में अवरोध हो सकता है।

कुछ स्थानों पर नालों और नदियों का जल स्तर मैं अचानक बढ़ सकता है।

निचले इलाकों में जल भराव हो सकता है।

छोटी नदी / नालों के समीप रहने वाले लोगो तथा बस्तियों को सावधान / सुरक्षित स्थान पर रहने की जरुरत है।

लोगों को सलाह दी जाती है कि आवागमन के दौरान सावधानी बरतें|

किसानों को सलाह दी जाती है कि वे पकी हुई फसल/सब्जियों को काटकर सुरक्षित स्थानों पर रखने की व्यवस्था करें।

किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था करें।

बांध प्रबंधन/नियंत्रण अधिकारियों को आवश्यक एहतियाती उपाय करने की सलाह दी जाती है।

राज्य सरकार के प्राधिकारियों को सलाह दी जाती है कि वे बचाव के लिए सभी आवश्यक कार्यवाही करें।