लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक बुधवार, 2 अप्रैल को दोपहर 12 बजे पेश किया जाएगा। बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में इस विधेयक को संसद में लाने की जानकारी दी गई। इसके मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने सभी लोकसभा सांसदों को संसद में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी किया है। वहीं, विपक्ष ने इस विधेयक पर विस्तृत चर्चा के लिए 12 घंटे का समय मांगा है।
वक्फ बोर्ड में सुधार की जरूरत’
विधेयक के पेश होने से पहले इस पर सियासी प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “हर अच्छे काम का विरोध होता है, ठीक वैसे ही वक्फ संशोधन विधेयक का भी विरोध किया जा रहा है।” उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “क्या वक्फ बोर्ड ने मुसलमानों का कल्याण किया है?” योगी ने दावा किया कि वक्फ बोर्ड सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे और निजी स्वार्थ के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है और इसमें सुधार वक्त की जरूरत है।
‘कांग्रेस मुसलमानों को गुमराह कर रही’
भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि “वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर गलतफहमियां फैलाई जा रही हैं। कांग्रेस और अन्य दल इसे लेकर मुसलमानों को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं।” उन्होंने इसकी तुलना सीएए (CAA) विरोधी प्रदर्शन से की और कहा, “जैसे शाहीन बाग आंदोलन के जरिए लोगों को गुमराह किया गया था, वैसा ही अब वक्फ संशोधन विधेयक के साथ किया जा रहा है।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि “इस विधेयक में कहीं भी यह नहीं कहा गया है कि मस्जिद, दरगाह या अन्य धार्मिक स्थलों को सरकार द्वारा अधिग्रहित कर लिया जाएगा।” उन्होंने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य वक्फ संपत्ति पर माफियाओं के कब्जे को खत्म करना है ताकि इसका सही इस्तेमाल हो सके।