उत्तराखंड : अमंगल साबित हुआ मंगलवार, हादसों में 7 की मौत

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देहरादून: मंगलवार अमंगल साबित हो रहा है। मंगलवार को सुबह से बुरी खबरें मिल रही हैं। जहां उत्तरकाशी जिले में यात्रियों के वाहनों पर मलबा गिरने से चार यात्रियों की मौत हो गई। वहीं, विकासनगर में टमाटर लेकर मंडी जा रहे वाहन के ऊपर पहाड़ी से बड़ा बोल्डर आ गिरा। हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। दूसरी ओर अल्मोड़ा में शिक्षकों की कार खाई में जा गिरी। इस हादसे में एक शिक्षक की दर्दनाक मौ हो गई।

देहरादून जिले में पिछले तीन दिन से लगातार बारिश हो रही है। मंगलवार को कालसी क्षेत्र के कोटा-डिमोऊ में तुनिया के पास सड़क पर भारी भरकम बोल्डर आ गिरा। इस दौरान बोल्डर की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई। वहीं, चार लोग घायल हो गए।

जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब 12 बजे एक वाहन टमाटर लेकर ग्राम कोटा दमोह से विकासनगर मंडी की तरफ जा रहा था। इस दौरान तुनिया के पास अचानक भूस्खलन हो गया और बोल्डर वाहन पर गिर गया। जिसकी चपेट में आने से दो लोगों की मौके पर जान चली गई। वहीं, चार घायलों को विकासनगर के उप जिला अस्पताल लाया गया। जहां से एक की गंभीर स्थिति को देखते हुए देहरादून के लिए रेफर किया गया है।

उधर, अल्मोड़ा में ज्योली के पास भी एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहां शिक्षकों की कार खाई में जा गिरी। इस हादसे में एक की मौत हो गई। जबकि, दो लोग गंभीर घायल बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार इस हादसे में पूर्व सभासद और वर्तमान में शिक्षक सचिन टम्टा की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि, दो शिक्षक इस हादसे में घायल हो गए हैं। हादस उस वक्त रानीखेत-अल्मोड़ा मार्ग पर उस वक्त हुए जब शिक्षक स्कूल के लिए जा रहे थे।

वहीं, उत्तरकाशी में भी बड़ा हादसा हो गया था, जिसमें 4 लोगों की मौत हो गई।  गंगोत्री हाईवे पर गंगनानी के पास भारी बारिश के बीच भूस्खलन हो गया। इस दौरान मलबे में एक टेम्पो ट्रैवलर सहित दो छोटे वाहन दब गए। हादसे में एक महिला की मौके पर मौत हो गई। वहीं, एक महिला यात्री समेत छह लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। वाहन में चार यात्री फंस गए थे। चारों लोगों की मौत हो गई।

हाईवे जनपद मुख्यालय की ओर से सुनगर और हर्षिल से सोनगाड़़ तक बंद था। ऐसे में स्वयं सेवी राजेश रावत वहां पहुंचे। उन्होंने बताया कि उन्हें सूचना मिलने ही वे मौके पर पहुंचे। जहां से उन्होंने घायलों को रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया। SDRF, BRO ने रात को ही राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया था। लेकिन, लगातार मलबा आने और झरने के तेज बहाव के कारण रेस्क्यू कार्य में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लेकिन, काफी मुश्किलों के बाद तीन शवों को निकाल लिया गया है। SDM और आपदा प्रबंधन अधिकारी मौके पर ही मौजूद हैं।