उत्तराखंड: सितंबर में आएंगे राहुल और प्रियंका गांधी, तैयारियों में जुटी कांग्रेस, यहां हुई बड़ी बैठक

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देहरादून : कांग्रेस लोकसभा चुनाव से ज्ञान उत्तराखंड में पदयात्रा निकालने की तैयारी में जुट गई है। दो महीने तक चलने वाली इस पद यात्रा में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने भी शामिल होने की सहमति दे दी है। ऐसे में कांग्रेस भी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुट गई।

कांग्रेस उत्तराखंड में अग्निपथ योजना के विरोध में सितम्बर माह से लगभग 2 माह की प्रस्तावित पद यात्रा की तैयारी हेतु एक बडी बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी देवेन्द्र यादव ने भी शामिल हुए। बैठक में सभी वरिष्ठ नेता सभी जिलाध्यक्ष, एआईसीसी के सदस्य, पीसीसी सदस्य और कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि जिस तरह अग्निपथ योजना को युवाओं के उपर थोपा गया, उससे बेरोजगार नौजवान अपने को ठगा हुआ महसूस कर रहा हैं। दूसरी और पहाड़ की बेटी अंकिता भण्डारी प्रकरण में लगातार सरकार और पुलिस प्रशासन द्वारा लीपा पोती की जा रही है। वीआईपी कौन है?

जनता पूछ रही है मगर जवाब नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में महिला अपराधों की बाढ आयी हुई है। बेरोजगार लाठी-डण्डों से पिटे जा रहे हैं। राज्य में मुददों की भरमार है। जनता सरकार से परेशान है और सभी ज्वलंत मुददों पर कांग्रेस की और आशा भरी नजरों से देख रही है। जनता के मुददों पर सरकार उदासीन बनी हुई है और तानाशाही से जनता और विपक्ष की आवाज को दबा रही है।

इसलिए हमें केन्द्रीय नेतृत्व द्वारा पदयात्रा के माध्यम से जनता से जुडने का आदेश मिला है यह पदयात्रा लगभग सभी विधानसभाओं से होकर गुजरेगी और व्यापक रूप से जनता से जुडने एवं संवाद करने का माध्यम बनेगी । पदयात्रा में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने भी सम्मलित होने की सहमति दी है। जिस पर सभी ने हर्ष ध्वनिकर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। करन माहरा ने यात्रा की सफलता हेतु सभी से सुझाव आमंत्रित किए।

कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी देवेन्द्र यादव ने कहा कि उत्तराखण्ड को न तो डबल ईंजन का लाभ मिला न राज्य का विकास हुआ न राज्य के युवाओं को रोजगार मिला उलटे बेरोजगारों को सरकार ने लाठी डण्डों से पीटने का काम किया। जोशीमठ आपदा का समाधान अभी तक नही निकला है वहां पर जनता फिर से धरना प्रदर्शन करने को मजबूर हैं राज्य में आपदा की स्थिति पर सरकार नियंत्रण नही कर पा रही है। न ही हमारी बहन बेटियों को सुरक्षा दे पा रही है।

इसका मतलब है कि सरकार से राज्य नही सम्भाला जा रहा है। यह सरकार पूरी तरह जन अपेक्षाओं पर खरी नही उतर पा रही है, जनता का आक्रोश सरकार के प्रति दिन दुगना रात चैगुना गति से बढ रहा है। सरकार की यह सारी नाकामियां जन जन तक पहुॅचाने की जरूरत है। और राहुल गांधी जी उत्तराखण्ड की स्थितियों से भंली भांति अवगत हैं इसलिए वह उत्तराखण्ड को लेकर गम्भीर हैं। और तभी उन्होनें उत्तराखण्ड में पदयात्रा के लिए लम्बा समय देने का वचन दिया है क्योंकि वह खुद उत्तराखण्ड के जनमानस से जुडकर उनका दुखदर्द बांटना चाहते हैं। वह उत्तराखण्ड आकर जनता से सीधा संवाद करेंगे।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत जी ने कहा कि आज राज्य में जनता भाजपा शासन से परेशान है जनता की आवाज बिल्कुल नही सुनी जा रही है। गढवाल और कुमाउं रेजीमेन्ट के माध्यम से हर साल लगभग 10 हजार युवाओं की भर्ती सेना में होती थी मगर चार साल की अग्निवीर योजना से युवाओं का भविष्य अंधकार में धकेल दिया गया है, युवा निराश है कंाग्रेस की जिम्मेदारी है कि युवाओं में आशा का संचार करें यह पदयात्रा युवाओं से और जनता से जुडने का एक अवसर है।

नेताप्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि आज प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो गयी है। और राज्य का विकास ठप्प हो गया है। सरकार की नाकामियां जनता के बीच ले जाने की जरूरत है, इस पदयात्रा से निराश जनता में भी एक आशा का संचार होगा।

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं नेताप्रतिपक्ष ने प्रीतम सिंह ने कहा कि डबर्ल इंजन के नाम पर राज्य की जनता से छल किया गया है केंद्र द्वारा कोई भी बडी़ आर्थिक मदद राज्य को नही मिल रही है, अगर मिल भी रहा है तो वह कर्ज के रूप में मिल रहा है। पहले से ही राज्य कर्ज के बोझ तले दबा है यह सारी जानकारी जनता के बीच ले जाने की जरूरत है और यह पदयात्रा इसमें निर्णायक भूमिका निभाएगी।

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि आज बेटियां घर से निकलने में डर रही हैं क्योंकि राज्य में लगातार बलात्कार की घटनाएं हो रही हैं, एक कैबिनेट मंत्री के घर के बाहर एक युवती की बलात्कार के बाद हत्या हो जाती है। जिससे राज्य में कानून व्यवस्था का अंदाजा लगाया जा सकता है।

पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि राहुल गांधी जी कि यह पदयात्रा बहुत ही गम्भीरता से होनी चाहिए यह पदयात्रा निश्चित तौर पर राज्य में परिवर्तन के लिए अहम भूमिका निभाएगी।