नारकोटिक्स कानून को केंद्र सरकार करे सख्त : नीतीश

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पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि शराबबंदी को लेकर राज्य सरकार ने सख्त कानून बनाया है. अब केंद्र सरकार को नारकोटिक्स कानून को भी सख्त बनाना चाहिए. हम समर्थन को तैयार हैं. मंगलवार को विधान परिषद में उन्होंने उत्पाद विधेयक पर हस्तक्षेप करते हुए कहा कि विपक्ष इस मामले में भ्रम फैला रहा है.
विपक्ष को इस विधेयक का पारित कराने में सहयोग करना चाहिए. एक ओर विपक्ष जहरीली शराब पीने से लोगों के मरने की बात उठा रहा है. वहीं, सरकार सख्त कानून बना रही है, तो विरोध किया जा रहा है. विपक्ष के बहिष्कार के बीच विधान परिषद से बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद विधेयक, 2016 पारित हो गया. अब इसे राज्यपाल की सहमति के लिए भेजा जायेगा.
इसके पहले मुख्यमंत्री ने विपक्ष के सारे सवालों को जवाब देते हुए अधिकारी और पुलिस के निरंकुश होने संबंधी आशंकाओं को खारिज कर दिया और कहा कि इसी के लिए नया विधेयक लाया गया है. फंसाने या तंग करनेवाले अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के लिए सजा तीन माह से बढ़ा कर 10 साल कर दी गयी है. साथ ही जुर्माने की राशि को 10 हजार से बढ़ा कर एक लाख कर दिया गया है. इसके अलावा बरखास्तगी और आइपीसी की अन्य धाराएं भी उन पर लागू होंगी. मुख्यमंत्री ने विधेयक के प्रावधानों की वकालत करते हुए कहा कि इससे गरीब-गुरबों में खुशी की लहर है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समुदाय को ताड़ी के सवाल पर भड़काने की बहुत कोशिश की गयी. विपक्ष की ओर इशारा करते हुए कहा कि ये लोग चाहते हैं कि उनकी छाती और घुटने में घट्ठा बना रहे, उनके बाल-बच्चे भी इसी कार्य में लगे रहें. हम इनके लिए तमिलनाडु के तर्ज पर यहां नीरा के उत्पादन की व्यवस्था कर रहे हैं. विकास आयुक्त की अध्यक्षता में कमेटी गठित की है.
ताड़ी से नीरा, गुड़, कैंडी, चाकलेट और मिठाई बनाया जायेगा. सजावट की सामग्री भी बनेगी. उनकी आमदनी तिगुनी हो जायेगी. विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि ये लोग उनके हिमायती बन रहे हैं. 1991 के आदेश के तहत ताड़ के व्यवसाय में लगे लोग अपना व्यवसाय करते रहेंगे. अगले वैशाख से पहले हम चाहते हैं कि नीरा का काम शुरू हो जाये.
मुख्यमंत्री ने कहा कि शराबबंदी से विपक्ष का कलेजा फट रहा है. इनका कोई भविष्य नहीं दिख रहा. पहले हल्ला किया कि मुखिया जेल जायेगा, फिर कहा कि पड़ोसी जेल जायेगा. कोई पागल है क्या कि ऐसा कानून बनायेगा. बहस पर जब मुख्यमंत्री ने बोलना आरंभ किया, तो भाजपा समेत संपूर्ण विपक्ष ने सदन से वाकआउट कर गये.
मुख्यमंत्री ने कहा कि आजकल विपक्ष भांग का हिमायती बन गया है. जो भांग स्वत: उगता है, उस पर किसी को आरोपित नहीं किया जायेगा. गोवध कानून का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा ने गाय को माला पहना कर घुमाया था और उस समय चुनाव आयोग क्या कर रहा था?
ये लोग लालू प्रसाद और नीतीश कुमार को खत्म करना चाहते हैं. ये लोग मुलायम वाला जूता-चप्पल पहनते हैं. सब लोग जानते हैं कि यह बछड़ा का बनता है. इतने ही गाय सेवक हैं, तो उन्हें सड़क पर घूमनेवाले गाय-बछड़ों की सेवा करनी चाहिए.