सुरक्षित बायो बबल के बाद भी किस तरह IPL के खिलाड़ियों तक पहुंचा कोरोना.? BCCI अधिकारियों का बयान…

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देश में कोरोना वायरस का खतरा लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में अब कई राज्य में लॉकडाउन भी लग चुका है। इस बीच खबर आई कि इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल को भी सस्पेंड कर दिया गया है। दरअसल, आईपीएल की टीम के कई खिलाड़ियों और स्टाफ मेंबर को कोरोना से संक्रमित पाया गया था। जिसके बाद बीसीसीआई ने आईपीएल को सस्पेंड करने का फैसला किया। इस टाइम लोगों के मन में एक ही सवाल घूम रहा है। आखिर सुरक्षित बायो बबल के बाद भी वायरस खिलाड़ियों तक पहुंचा कैसे.? इस दौरान ये सवाल बीसीसीआई के एक अधिकारी से पूछा गया।

सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि “सच पूछिए, तो बायो-बबल के भीतर कोविड-19 के पॉजिटिव मामले सामने आते ही चीजें शुरू हो गई थीं। हम नहीं जानते कि अगले कुछ दिनों में कितने खिलाड़ी, कोच और सपोर्ट स्टाफ कोरोना वायरस टेस्ट में पॉजिटिव आएंगे। सुरक्षित बायो बबल अब अस्तित्व में नहीं था और हर कोई चिंतित था। हमारे पास कोई विकल्प नहीं था। हम टूर्नामेंट को जारी नहीं रख सकते थे।” आईपीएल गवर्निंग काउंसिल के अध्यक्ष बृजेश पटेल से जब इसका जवाब मांगा तो उन्होंने कहा कि वायरस की दूसरी लहर काफी ज्यादा खतरनाक है।

उन्होंने कहा कि “मैं नहीं जानता। इससे पहले कोविड-19 की पहली लहर के दौरान यह कहा गया था कि यदि आप सामाजिक दूरी बनाए नहीं रखते हैं या मास्क नहीं पहनते हैं, तो वायरस फैल जाएगा। अगर आप सामाजिक दूरी बनाकर रखते हैं तो ठीक है। लेकिन अब कोरोना वायरस की दूसरी लहर में यह वायरस हवा से फैल रहा है। हम नहीं जानते कि खिलाड़ियों को यह कहां से लगा। वैसे तो बायो बबल काफी अच्छा और सुरक्षित है। हम जानने की कोशिश कर रहे हैं कि ऐसा कैसे हुआ।”

जहां एक तरफ आईपीएल सस्पेंड होने से लोगों की दिलों में मायूसी छा गई है। वहीं दूसरी ओर बीसीसीआई की परेशानियां भी बढ़ गई हैं। गौरतलब हैं कि भारत में कोरोना से बिगड़ते हालात को देखते हुए कई देशों ने भारत से आने वाली फ्लाइट पर रोक लगा दी है। जिसकी वजह से विदेश से आए खिलाड़ियों का वापस लौटना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में उनको घर वापस भेजना बीसीसीआई के लिए बड़ी चुनौती है।