चीनी वांग को हराकर सिंधू बोलीं, 'तकदीर के भरोसे नहीं मिलती जीत'

0
109

भारतीय शटलर पी.वी. सिंधू ने रियो ओलंपिक भारत के लिए पदक आस को मजबूत करते हुए सेमीफाइनल में जगह बना ली है। उन्होंने ओलंपिक सिल्वर मेडलिस्ट और दुनिया की नंबर-2 चीन की वांग यिहान को हराकर अंतिम चार में जगह बनाई। सिंधू ने इस जीत को अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ पलों में शुमार किया है।
सिंधू ने कहा, ‘यह रियो ओलंपिक है और काफी अलग महसूस कर रही है। यह सर्वश्रेष्ठ पलों में से है। उम्मीद है कि ऐसे कई और पल आएंगे।’ दुनिया की 10वें नंबर की खिलाड़ी सिंधू ने दूसरी रैंकिंग वाली वांग को 22-20, 21-19 से हराया। वह ओलंपिक सेमीफाइनल में पहुंचने वाली साइना नेहवाल के बाद दूसरी भारतीय खिलाड़ी बन गई।
इस मुश्किल दौर में भारत के लिए पदक जीतने के दबाव के बारे में पूछने पर उसने कहा, ‘मैं सिर्फ खेल के बारे में सोच रही थी। अगर आप अच्छा खेलते हैं तो पदक खुद ब खुद मिलेंगे। मैं सिर्फ अपने अगले मैच पर फोकस कर रही हूं। उम्मीद है कि अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकूंगी।’ सिंधू ने कहा कि चीनी खिलाड़ी के खिलाफ उसका संयम सफलता की कुंजी साबित हुआ।
सिंधू ने कहा, ‘बड़ी-बड़ी रैलियां चली और वह काफी आक्रामक खेल रही थी। शुरू में मेरे स्मैश बाहर जा रहे थे लेकिन मैने संयम बनाए रखा और हर बात के लिए तैयार थी। मेरे ख्याल से वही टर्निंग प्वॉइंट था।’ उन्होंने कहा, ‘मैंने कभी नहीं सोचा कि मैं यह मैच हारूंगी क्योंकि एक पल सब कुछ बदल सकता है। अंक बनाना आसान नहीं था। यह काफी करीबी मुकाबला था। पहले गेम में 20-20 से स्कोर बराबर था और मुझे कभी नहीं लगा कि गेम पूरा हो गया है। वह बहुत अच्छा खेल रही थी।’ दूसरा गेम कमोबेश आसान लग रहा था और एक समय सिंधू 17-13 से आगे चल रही थी लेकिन वांग ने लगातार छह प्वॉइंट लेकर इसे भी करीबी बना दिया।
सिंधू ने कहा, ‘दूसरे गेम में मैं 18-14 से आगे थी लेकिन उसने शानदार वापसी की और बेहतरीन खेल दिखाया। 18-18 से स्कोर बराबर होने के बाद कोई भी जीत सकता था।’ साइना की तरह उनकी फिटनेस को लेकर कोई मसला नहीं था। उन्होंने कहा, ‘फिटनेस ठीक थी। वह अनुभवी खिलाड़ी है और दुनिया की दूसरे नंबर की खिलाड़ी है। मेरे लिए प्वॉइंट जुटाना आसान नहीं था। मुझे पता था कि रेलियां लंबी चलेंगी और वह कोई मौका नहीं छोड़ेगी।’
सिंधू ने कहा कि दुनिया की दूसरे नंबर की खिलाड़ी के खिलाफ तकदीर के भरोसे नहीं जीता जा सकता और अपना बेस्ट प्रदर्शन करना होता है। उसने कहा, ‘मैं लंबी रेलियों के लिए तैयार थी और ऐसा नहीं है कि तकदीर ने मेरा साथ दिया। उसने बेहतरीन खेल दिखाया लेकिन मैंने उसके खिलाफ पहले भी जीता है और हारी भी हूं। यह मैच के दिन अच्छे प्रदर्शन की बात है।’