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उत्तराखंड शोभा यात्रा फायरिंग, एक और घायल की मौत, गोली लगने से दो की जा चुकी जान

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हरिद्वार : भगवानपुर थाना क्षेत्र के बिनारसी गांव में संत रविदास जयंती के अवसर पर संडे के दिन हुई हिंसा में दो लोगों की मौत हो गई। रविवार (1 फरवरी 2026) को निकाली गई शोभायात्रा के बाद प्रसाद वितरण के दौरान एक ही समुदाय के दो गुटों में पुरानी रंजिश या किसी अन्य विवाद के कारण मारपीट, पथराव और फिर ताबड़तोड़ फायरिंग हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके में तनाव पैदा कर दिया है।

संत गुरु रविदास जयंती के उपलक्ष्य में बिनारसी गांव में शोभायात्रा निकाली गई थी, जिसमें नाच-गाना और उत्सव का माहौल था। शोभायात्रा सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद प्रसाद वितरण शुरू हुआ। इसी दौरान एक ही पक्ष के दो गुटों में किसी बात को लेकर कहासुनी हुई। पहले तो कुछ लोगों ने बीच-बचाव किया और पुलिस ने शोभायात्रा को जल्दी समाप्त कराकर स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन प्रसाद वितरण के समय विवाद फिर भड़क गया।

देखते ही देखते दोनों गुटों में पथराव शुरू हो गया, जिसके बाद अवैध हथियारों से गोलीबारी हो गई। गोली लगने से मौके पर ही आनंद (उम्र 28 वर्ष, पुत्र लक्ष्मीकांत) की मौत हो गई। उनके भाई विकास (उम्र 25 वर्ष) और योगेंद्र (उम्र 27 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गए।

दूसरे गुट से मांगेराम भी गोली लगने से घायल हुआ, जिसकी देर रात अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। कुल चार लोग घायल हुए थे, जिन्हें रुड़की के सिविल अस्पताल और अन्य निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने आरोपी पक्ष के घरों में तोड़फोड़ की और आगजनी भी की। कुछ रिपोर्टों में एक खेत में मांगेराम का शव मिलने की बात कही गई है।

पुलिस की कार्रवाई और स्थिति

हरिद्वार के एसएसपी प्रमेन्द्र डोभाल ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है। लॉ एंड ऑर्डर बिगाड़ने की किसी को इजाजत नहीं दी जाएगी। पुलिस ने गांव में भारी संख्या में बल तैनात किया है, जिसमें पीएसी भी शामिल है। कई थानों की पुलिस मौके पर मौजूद है। तनाव को देखते हुए गांव में पैनी नजर रखी जा रही है।

पुलिस ने अब तक 40 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। एक पक्ष ने 8 लोगों के खिलाफ हत्या, बलवा और आगजनी का मुकदमा दर्ज कराया है, जबकि दूसरे पक्ष ने 18 लोगों के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया है। दोनों पक्षों से तहरीर ली जा रही है और जांच चल रही है। एसएसपी ने ग्रामीणों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है।

मृतकों के नाम

  1. आनंद पुत्र लक्ष्मीकांत (28 वर्ष), निवासी बिनारसी, भगवानपुर, हरिद्वार – मौके पर मौत।
  2. मांगेराम, निवासी बिनारसी, भगवानपुर, हरिद्वार – अस्पताल में इलाज के दौरान मौत।

घायल

  1. विकास पुत्र लक्ष्मीकांत (25 वर्ष), निवासी बिनारसी।
  2. योगेंद्र (27 वर्ष), निवासी बिनारसी।

सोना-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, टेंशन में इनवेस्टर

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नई दिल्ली: सोने और चांदी की कीमतों में हाल ही में भारी गिरावट देखने को मिली है, जिससे निवेशकों और व्यापारियों के बीच चिंता का माहौल है।

कीमतों में गिरावट का विवरण

सोना (MCX): सोने की कीमतों में लगभग 2.4% की गिरावट दर्ज की गई है, जो ₹1,42,215 प्रति 10 ग्राम से घटकर ₹1,38,800 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई है।

चांदी (MCX): चांदी की कीमतों में लगभग 6% की गिरावट आई है, जो ₹2,64,939 प्रति किलोग्राम से घटकर ₹2,49,000 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है।

गिरावट के प्रमुख कारण

लाभ बुकिंग: पिछले कुछ महीनों में सोने और चांदी की कीमतों में तेजी से वृद्धि हुई थी, जिसके बाद निवेशकों ने मुनाफा कमाने के लिए अपनी होल्डिंग्स बेचना शुरू कर दिया।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व में बदलाव: अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा केविन वार्श को फेडरल रिजर्व का अगला अध्यक्ष नामित करने की घोषणा ने बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है, जिससे डॉलर मजबूत हुआ और सोने की मांग में कमी आई।

वैश्विक आर्थिक संकेतक: अमेरिका में मजबूत आर्थिक आंकड़ों और मुद्रास्फीति के दबाव ने निवेशकों को सोने और चांदी से दूर कर दिया है।

निवेशकों के लिए सलाह

लंबी अवधि के निवेशक: जो निवेशक सोने और चांदी में दीर्घकालिक निवेश कर रहे हैं, उन्हें घबराने की आवश्यकता नहीं है। बाजार में अस्थिरता सामान्य है, और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से ये धातुएं अभी भी सुरक्षित निवेश मानी जाती हैं।

नए निवेशक: कीमतों में गिरावट के इस दौर को निवेश के अवसर के रूप में देखा जा सकता है, लेकिन निवेश से पहले बाजार की स्थिति और व्यक्तिगत वित्तीय लक्ष्यों का मूल्यांकन करना आवश्यक है।

सोने और चांदी की कीमतों में हालिया गिरावट कई वैश्विक और घरेलू कारकों का परिणाम है। निवेशकों को सतर्क रहकर अपने निवेश निर्णय लेने चाहिए और बाजार की स्थिति पर नजर बनाए रखनी चाहिए।

SC-ST एक्ट ‘देश का सबसे बड़ा काला कानून’, 7 फरवरी से आंदोलन का ऐलान

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बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने रविवार शाम केदारघाट स्थित विद्या मठ में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मुलाकात की। शंकराचार्य का आशीर्वाद प्राप्त करने के बाद अलंकार ने मीडिया से बातचीत की और स्पष्ट किया कि यह मुलाकात किसी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा नहीं, बल्कि शुभ संयोग है।

अलंकार ने बताया कि शंकराचार्य से सामाजिक परिस्थितियों पर विस्तृत चर्चा हुई। इससे पहले प्रयागराज में शंकराचार्य ने उन्हें आमंत्रित किया था, लेकिन समयाभाव के कारण वह नहीं पहुंच सके थे। काशी में शंकराचार्य के आगमन पर मुलाकात का अवसर मिला। अलंकार ने कहा कि काशी से उनका व्यक्तिगत जुड़ाव है क्योंकि उन्होंने आईआईटी-बीएचयू से शिक्षा प्राप्त की है, इसलिए यहां आना भावनात्मक रूप से भी महत्वपूर्ण है।

SC-ST एक्ट पर तीखा हमला

मुलाकात के दौरान अलंकार अग्निहोत्री ने केंद्र सरकार की नीतियों, खासकर अनुसूचित जाति-जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (SC-ST एक्ट) और प्रस्तावित यूजीसी रेगुलेशन पर कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा, “1989 में लागू SC-ST एक्ट देश का सबसे बड़ा काला कानून है। इस कानून के तहत दर्ज लगभग 95 प्रतिशत मामले फर्जी होते हैं, जिससे समाज के बड़े वर्ग को मानसिक, सामाजिक और आर्थिक प्रताड़ना झेलनी पड़ती है।”

उन्होंने दावा किया कि यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के नए दिशानिर्देशों पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है, लेकिन असल मुद्दा SC-ST एक्ट को खत्म करना है। अलंकार ने चेतावनी दी, “यदि 6 फरवरी तक SC-ST एक्ट वापस नहीं लिया गया, तो केंद्र सरकार को उखाड़ फेंका जाएगा। हम केंद्र सरकार को चार्टर्ड प्लेन में बिठाकर गुजरात वापस भेज देंगे।”

लड़ाई केंद्र से, राज्य से नहीं

जब उनसे पूछा गया कि पहले विवाद राज्य सरकार से था, तो अब केंद्र को क्यों निशाना बनाया जा रहा है, तो अलंकार ने स्पष्ट किया, “लड़ाई असल में कभी राज्य सरकार से नहीं थी, बल्कि मुख्य रूप से केंद्र सरकार से थी।” उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह राज्य सरकार को अस्थिर करने की कोशिश में उसके साथ भेदभाव कर रहे हैं। राज्य प्रशासन बहुत दबाव में काम कर रहा है और केंद्र का इरादा राज्य का सारा फंड गुजरात भेजने का है।

इस्तीफे का कारण: सनातन संस्कृति का अपमान

29 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट द्वारा UGC के नए रेगुलेशन 2026 पर रोक लगाने के बाद अलंकार ने शिक्षा में जाति-आधारित भेदभाव से संबंधित प्रावधानों के संस्थागत दुरुपयोग की बात कही। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी प्रथाएं देश में गंभीर सामाजिक अशांति पैदा कर सकती हैं।

अलंकार ने कहा कि प्रयागराज में माघ मेले के दौरान शंकराचार्य के पवित्र स्नान को लेकर हुए विवाद और सनातन संस्कृति के प्रतीकों के अपमान को देखकर वह इसे बर्दाश्त नहीं कर सके, इसलिए उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे के बाद से वह लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं।

T20 विश्व कप 2026 : ICC ने पाकिस्तान के नहीं खेलने पर जताई कड़ी आपत्ति

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अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को चेतावनी देते हुए कहा है कि T20 विश्व कप 2026 में पाकिस्तानी टीम की “चयनात्मक भागीदारी” खेल की अखंडता, प्रतिस्पर्धा और निष्पक्षता के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। यह बयान पाकिस्तान सरकार के उस फैसले के बाद आया है, जिसमें टीम को टूर्नामेंट में भाग लेने की अनुमति दी गई है, लेकिन 15 फरवरी 2026 को कोलंबो में भारत के खिलाफ ग्रुप स्टेज मैच नहीं खेलने का निर्देश दिया गया है।

पाकिस्तान सरकार का बयान 1 फरवरी 2026 को पाकिस्तान सरकार ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर पोस्ट किया, जिसमें कहा गया है कि “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ पाकिस्तान की सरकार ICC Men’s T20 World Cup 2026 में पाकिस्तानी क्रिकेट टीम की भागीदारी को मंजूरी देती है, हालांकि पाकिस्तानी क्रिकेट टीम 15 फरवरी 2026 को निर्धारित भारत के खिलाफ मैच में मैदान पर नहीं उतरेगी।

यह फैसला तब आया जब पाकिस्तान ने पहले पूर्ण बहिष्कार की धमकी दी थी, मुख्य रूप से बांग्लादेश के टूर्नामेंट से हटने और भारत में मैच न खेलने के फैसले के समर्थन में। हालांकि, अब पाकिस्तान बाकी मैचों में खेलने को तैयार है, लेकिन भारत के खिलाफ एकमात्र ग्रुप मैच से दूर रहेगा। यदि पाकिस्तान यह मैच नहीं खेलता है, तो उसे 2 अंक गंवाने पड़ सकते हैं, जो उसके सुपर-8 या नॉकआउट में पहुंचने की संभावनाओं को प्रभावित कर सकता है।

ICC का आधिकारिक बयान ICC ने 1 फरवरी 2026 को मीडिया रिलीज जारी कर कहा: “ICC पाकिस्तान सरकार के उस बयान पर ध्यान देता है जिसमें राष्ट्रीय टीम को ICC Men’s T20 World Cup 2026 में चयनात्मक रूप से भाग लेने का निर्देश दिया गया है। PCB से आधिकारिक संचार का इंतजार करते हुए, ICC मानता है कि यह स्थिति वैश्विक खेल आयोजन के मूल सिद्धांत से मेल नहीं खाती, जहां सभी योग्य टीमों को निर्धारित शेड्यूल के अनुसार समान शर्तों पर प्रतिस्पर्धा करनी होती है।

ICC टूर्नामेंट खेल की अखंडता, प्रतिस्पर्धा, निरंतरता और निष्पक्षता पर आधारित हैं और चयनात्मक भागीदारी इनकी भावना और पवित्रता को कमजोर करती है। ICC सरकारों की राष्ट्रीय नीतियों में उनकी भूमिका का सम्मान करता है, लेकिन यह फैसला वैश्विक खेल, दुनिया भर के प्रशंसकों (जिनमें पाकिस्तान के लाखों शामिल हैं) के हित में नहीं है। ICC उम्मीद करता है कि PCB अपने देश में क्रिकेट के महत्वपूर्ण और दीर्घकालिक प्रभावों पर विचार करेगा, क्योंकि यह वैश्विक क्रिकेट पारिस्थितिकी तंत्र को प्रभावित करेगा, जिसमें पाकिस्तान खुद सदस्य और लाभार्थी है।

ICC की प्राथमिकता ICC Men’s T20 World Cup की सफल डिलीवरी है, जो सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है, जिसमें PCB भी शामिल है। ICC उम्मीद करता है कि PCB सभी हितधारकों के हितों की रक्षा करने वाला कोई आपसी स्वीकार्य समाधान तलाशेगा। पृष्ठभूमि और प्रभाव T20 विश्व कप 2026 श्रीलंका और भारत में संयुक्त रूप से आयोजित हो रहा है, और भारत-पाकिस्तान मैच टूर्नामेंट का सबसे बड़ा आकर्षण होता है, जो राजस्व का बड़ा स्रोत है।

पाकिस्तान के इस फैसले से ICC को राजस्व नुकसान का खतरा है, और PCB पर भविष्य में मेजबानी अधिकारों या PSL जैसे इवेंट्स पर प्रतिबंध लग सकते हैं। यह घटना भारत-पाकिस्तान क्रिकेट संबंधों में तनाव को फिर से उजागर करती है, जहां राजनीतिक मुद्दे खेल को प्रभावित कर रहे हैं। ICC ने PCB से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है, लेकिन अभी तक PCB की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

टी-20 विश्व कप 2026: भारत-पाकिस्तान मुकाबला रद्द! पाकिस्तान ने मैच खेलने से किया इनकार

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नई दिल्ली/कोलंबो : टी-20 विश्व कप 2026 शुरू होने से ठीक पहले क्रिकेट जगत में हाई वोल्टेज ड्रामा छा गया है। पाकिस्तान सरकार ने रविवार को आधिकारिक तौर पर घोषणा की कि उनकी क्रिकेट टीम आईसीसी पुरुष टी-20 विश्व कप 2026 में हिस्सा लेगी, लेकिन 15 फरवरी को भारत के खिलाफ ग्रुप स्टेज का मैच नहीं खेलेगी। यह फैसला टूर्नामेंट की शुरुआत (7 फरवरी) से महज कुछ दिन पहले आया है और फैंस के बीच गहरी निराशा फैला रहा है।

पाकिस्तान सरकार के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर जारी बयान में कहा गया: “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ पाकिस्तान की सरकार आईसीसी वर्ल्ड टी-20 2026 में पाकिस्तान क्रिकेट टीम की भागीदारी को मंजूरी देती है; हालांकि, पाकिस्तान क्रिकेट टीम 15 फरवरी 2026 को भारत के खिलाफ निर्धारित मैच में मैदान पर नहीं उतरेगी।” बयान में किसी स्पष्ट कारण का जिक्र नहीं किया गया।

विवाद की जड़: बांग्लादेश का बहिष्कार और राजनीतिक तनाव

यह फैसला बांग्लादेश के टूर्नामेंट से बाहर होने के बाद आया है। बांग्लादेश ने भारत में मैच खेलने से सुरक्षा और राजनीतिक कारणों से इनकार किया था, जिसके बाद आईसीसी ने उन्हें बाहर कर स्कॉटलैंड को शामिल किया। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) चेयरमैन मोहसिन नकवी ने आईसीसी पर भारत के पक्षपात का आरोप लगाया था। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात के बाद यह अंतिम फैसला लिया गया।

टूर्नामेंट भारत और श्रीलंका में संयुक्त रूप से हो रहा है। पाकिस्तान के सभी ग्रुप मैच श्रीलंका में हैं, जिसमें भारत के खिलाफ मैच कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में निर्धारित था। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सीरीज 2012-13 के बाद नहीं हुई है; वे केवल आईसीसी इवेंट्स में ही आमने-सामने आते हैं। 2024 के समझौते के तहत पाकिस्तान के मैच न्यूट्रल वेन्यू (श्रीलंका) पर रखे गए थे।

आईसीसी की सख्त प्रतिक्रिया

आईसीसी ने पाकिस्तान के इस “सेलेक्टिव पार्टिसिपेशन” पर कड़ी नाराजगी जताई। आधिकारिक बयान में कहा गया: “सेलेक्टिव भागीदारी वैश्विक खेल आयोजन की मूल भावना से मेल नहीं खाती… यह फैसला खेल की अखंडता, प्रतिस्पर्धा और निष्पक्षता को कमजोर करता है। यह वैश्विक खेल या फैंस (पाकिस्तान के करोड़ों फैंस सहित) के हित में नहीं है। हम पीसीबी से उम्मीद करते हैं कि वे आपसी समझौते से समाधान निकालें और पाकिस्तान क्रिकेट के लंबे समय के नुकसान पर विचार करें।” आईसीसी ने पीसीबी से औपचारिक संचार का इंतजार जताया।

संभावित परिणाम और प्रभाव

पॉइंट्स और नेट रन रेट: पाकिस्तान को मैच न खेलने पर 2 पॉइंट्स जब्त होंगे। आईसीसी नियमों के अनुसार, डिफॉल्ट करने वाली टीम के लिए पूरे 20 ओवर गिने जाएंगे, जिससे उनका नेट रन रेट प्रभावित होगा, जबकि भारत का नहीं।

आर्थिक झटका: इंडिया-पाक मैच टूर्नामेंट का सबसे बड़ा कमर्शियल आकर्षण है। इसका न होना ब्रॉडकास्टिंग, स्पॉन्सरशिप और टिकट बिक्री पर भारी असर डालेगा।

संभावित सजा: आईसीसी भविष्य में पाकिस्तान पर वित्तीय जुर्माना, रेवेन्यू शेयर में कटौती या अन्य प्रतिबंध लगा सकता है। यह 2010 के बाद पहला आईसीसी इवेंट हो सकता है जिसमें ग्रुप स्टेज में इंडिया-पाक मैच नहीं होगा। नॉकआउट स्टेज का सवाल: अगर दोनों टीमें सेमीफाइनल या फाइनल में पहुंचती हैं, तो स्थिति और जटिल हो सकती है।

पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने आईसीसी से सख्त कार्रवाई की मांग की है। कई पूर्व क्रिकेटरों और फैंस ने इस फैसले की आलोचना की है, जबकि कुछ पाकिस्तानी पूर्व खिलाड़ी इसे समर्थन दे रहे हैं। पाकिस्तान का पहला मैच नीदरलैंड्स के खिलाफ कोलंबो में है। स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और आगे आईसीसी-पीसीबी बातचीत पर निर्भर करेगा।

केंद्रीय बजट 2026-27: नया आयकर अधिनियम 1 अप्रैल 2026 से लागू सरलीकरण, आसान बनाने और निवेश को बढ़ावा देने पर जोर

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नई दिल्ली : केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज संसद में पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 में कर प्रशासन को सरल, पारदर्शी और नागरिक-अनुकूल बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुधार प्रस्तावित किए हैं। बजट में ढांचागत सुधारों को निरंतरता देते हुए प्रत्यक्ष कर व्यवस्था में अनुपालन को आसान बनाने, करदाताओं को राहत देने और निवेश को प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर दिया गया है।

नया आयकर अधिनियम 2025

  • आयकर अधिनियम 2025 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा।
  • सरलीकृत आयकर नियम और फॉर्म उचित समय पर अधिसूचित किए जाएंगे, ताकि करदाताओं को इनसे परिचित होने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
  • फॉर्म को नए सिरे से डिजाइन किया गया है, जिससे आम नागरिक आसानी से समझकर अनुपालन कर सकें।

कर प्रशासन में सुधार

  • भारतीय लेखांकन मानक (इंडएएस) में आय परिकलन और प्रकटन मानकों को शामिल करने के लिए कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय और केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड की संयुक्त समिति गठित की जाएगी।
  • कर वर्ष 2027-28 से आईसीडीएस पर आधारित पृथक लेखांकन अपेक्षाओं को समाप्त किया जाएगा।
  • प्रधानमंत्री के स्वदेशी लेखांकन एवं परामर्शी प्रतिष्ठानों को वैश्विक अग्रणी बनाने के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए सेफ हार्बर नियमावली के प्रयोजनार्थ लेखाकार की परिभाषा को तर्कसंगत बनाया जाएगा।

अन्य प्रमुख कर प्रस्ताव

  • शेयर बायबैक पर पूंजीगत लाभ कर: प्रमोटरों द्वारा बायबैक के अनुचित प्रयोग पर रोक लगाने के लिए सभी शेयरधारकों पर पूंजीगत लाभ के रूप में कर लगाने का प्रस्ताव।
    • कॉर्पोरेट प्रवर्तकों के लिए प्रभावी कराधान 22%
    • गैर-कॉर्पोरेट प्रवर्तकों के लिए 30%
  • टीसीएस दरों में बदलाव:
    • एल्कोहल युक्त लिकर, स्क्रैप और खनिज विक्रेताओं के लिए टीसीएस दर 2% तय।
    • तेंदू पत्तों पर टीसीएस दर 5% से घटाकर 2%
    • उदारीकृत रेमिटेंस योजना (LRS) के तहत:
      • शिक्षा/इलाज के लिए रेमिटेंस पर टीसीएस 2%
      • अन्य उद्देश्यों के लिए 20% (10 लाख रुपये से अधिक रकम पर)
  • प्रतिभूति लेनदेन कर (STT):
    • वायदा सौदों पर STT 0.02% से बढ़ाकर 0.05%
    • ऑप्शन प्रीमियम पर 0.1% से बढ़ाकर 0.15%
    • ऑप्शन कार्यकलाप पर 0.125% से बढ़ाकर 0.15%
  • मैट (न्यूनतम वैकल्पिक कर) में बदलाव:
    • 1 अप्रैल 2026 से मैट क्रेडिट संचय बंद।
    • मैट को अंतिम कर बनाया जाएगा।
    • वर्तमान 15% मैट दर घटाकर 14%
    • 31 मार्च 2026 तक संचित मैट क्रेडिट समयोजन के लिए उपलब्ध रहेगा।

वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने कहा कि ये सुधार करदाताओं के अनुपालन को आसान बनाएंगे, विवादों को कम करेंगे और निवेश तथा कारोबार को नई गति प्रदान करेंगे।

केंद्रीय बजट 2026-27 : विस्तृत प्रमुख घोषणाएं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का रिकॉर्ड नौवां पूर्ण बजट, युवा शक्ति और विकसित भारत पर केंद्रित 

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नई दिल्ली: वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज लोकसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश किया। माघ पूर्णिमा और गुरु रविदास जयंती के पावन अवसर पर पेश इस बजट को उन्होंने युवा शक्ति से संचालित और क्षमता निर्माण व सुधारों पर केंद्रित बताया। बजट तीन प्रमुख कर्तव्यों से प्रेरित है: आर्थिक विकास को तेज करना, नागरिकों की आकांक्षाओं की पूर्ति तथा सबका साथ-सबका विकास।

नीचे बजट की प्रमुख घोषणाएं मुद्दों के अनुसार अलग-अलग प्रस्तुत की गई हैं:

1. आर्थिक संकेतक और पूंजीगत व्यय

  • सार्वजनिक पूंजीगत व्यय 2026-27 में ₹12.20 लाख करोड़ प्रस्तावित (2014-15 में ₹2 लाख करोड़ से भारी वृद्धि)
  • राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.3% रहने का अनुमान
  • कुल व्यय ₹53.50 लाख करोड़, गैर-ऋण प्राप्तियां ₹36.50 लाख करोड़ अनुमानित
  • इन्फ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड की स्थापना – निजी निवेशकों का भरोसा बढ़ाने हेतु

2. इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी

  • अगले 5 वर्ष में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग शुरू
  • 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर – मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी, वाराणसी-सिलीगुड़ी
  • डानकूनी (पूर्व) से सूरत (पश्चिम) तक नया डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर
  • वाराणसी और पटना में जहाज मरम्मत केंद्र
  • तटीय शिपिंग और अंतर्देशीय जलमार्ग हिस्सेदारी 6% से बढ़ाकर 2047 तक 12% करने का लक्ष्य

3. कृषि, पशुपालन और ग्रामीण विकास

  • 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों का मत्स्यपालन के लिए एकीकृत विकास
  • छोटे-सीमांत किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष जोर
  • तटीय क्षेत्रों में नारियल, चंदन, काजू; पर्वतीय क्षेत्रों में अखरोट-बादाम संवर्धन
  • भारत-VISTAAR – बहुभाषी AI टूल किसानों के बेहतर निर्णय के लिए
  • पशुधन के लिए ऋण-संबद्ध पूंजी सब्सिडी योजना
  • शी-मार्ट्स – ग्रामीण महिलाओं के स्व-सहायता आधारित खुदरा उद्यम

4. एमएसएमई और चैंपियन उद्यम

  • ₹10,000 करोड़ एमएसएमई विकास निधि
  • आत्मनिर्भर भारत निधि में टॉप-अप
  • चैंपियन एमएसएमई के लिए इक्विटी, नकदी और पेशेवर सहायता
  • ट्रेड्स प्लेटफॉर्म पर लेन-देन निपटान, क्रेडिट गारंटी और GeM से जुड़ाव

5. उद्योग और आत्मनिर्भरता

  • ₹40,000 करोड़ इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण योजना
  • ₹10,000 करोड़ कंटेनर विनिर्माण योजना (5 वर्ष)
  • तीन समर्पित रासायनिक पार्क
  • दुर्लभ खनिज कॉरिडोर – ओडिशा, केरल, आंध्र, तमिलनाडु
  • राष्ट्रीय फाइबर योजना, मेगा टेक्सटाइल पार्क, महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना (खादी, हथकरघा, हस्तशिल्प)

6. स्वास्थ्य और आयुर्वेद

  • अगले 5 वर्ष में 1 लाख एलायड हेल्थ प्रोफेशनल्स और 1.5 लाख केयर गिवर्स प्रशिक्षित
  • 5 क्षेत्रीय मेडिकल हब (मेडिकल टूरिज्म के लिए)
  • 3 नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान
  • जामनगर में WHO ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन का उन्नयन

7. शिक्षा, कौशल और युवा

  • सेवा क्षेत्र में 2047 तक 10% वैश्विक हिस्सेदारी लक्ष्य
  • शिक्षा-रोजगार-उद्यम पर उच्चाधिकार प्राप्त स्थायी समिति
  • 5 विश्वविद्यालय टाउनशिप बड़े औद्योगिक कॉरिडोर के पास
  • हर जिले में एक महिला छात्रावास

8. पर्यटन, खेल और संस्कृति

  • खेलो इंडिया मिशन अगले दशक के लिए
  • नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी की स्थापना
  • 20 प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर 10,000 गाइड्स का कौशल उन्नयन
  • नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड – विरासत स्थलों का डिजिटल संरक्षण
  • 15 पुरातात्विक स्थलों (धोलावीरा, लोथल, राखीगढ़ी आदि) का सांस्कृतिक गंतव्य विकास
  • बौद्ध सर्किट विकास (अरुणाचल, सिक्किम, असम आदि)

9. कर प्रस्ताव (प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष)

  • आयकर दरों में कोई बदलाव नहीं
  • संशोधित ITR की अंतिम तिथि 31 मार्च तक बढ़ाई गई
  • विदेश यात्रा पैकेज और LRS पर TDS 5-20% से घटाकर 2%
  • कैंसर दवाओं समेत 17 दवाओं पर सीमा शुल्क छूट
  • मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के ब्याज पर आयकर छूट

10. अन्य महत्वपूर्ण

  • निम्हांस-2 और रांची-तेजपुर में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान
  • 50% जिला अस्पतालों में आपातकालीन ट्रॉमा केयर सेंटर
  • पूर्वोत्तर में एकीकृत औद्योगिक कॉरिडोर, पर्यटन स्थल और 4,000 ई-बसें
  • डेटा सेंटर, टोल प्लाजा, वैश्विक प्रतिभाओं के लिए कर छूट

वित्त मंत्री ने कहा: “यह बजट विकसित भारत की मजबूत नींव रखेगा। सुधार एक्सप्रेस तेज गति से आगे बढ़ रही है और हम हर वर्ग तक विकास के लाभ पहुंचाएंगे।”

Budget 2026 LIVE: बजट भाषण के बाद शेयर बाजार धड़ाम, सेंसेक्स 2300 अंक गिरा, ये हैं बड़ी बातें

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liveनई दिल्ली : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज लोकसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश किया। यह उनका नौवां पूर्ण बजट है और पहली बार रविवार को बजट प्रस्तुत किया गया। बजट भाषण के समापन के साथ ही लोकसभा की कार्यवाही आज के लिए स्थगित कर दी गई। वित्त मंत्री ने बजट को ‘युवा शक्ति से प्रेरित’ और ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प से जोड़ा। उन्होंने तीन प्रमुख कर्तव्यों पर जोर दिया:

  1. आर्थिक विकास को तेज और सतत बनाए रखना
  2. लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और क्षमताओं का निर्माण करना
  3. ‘सबका साथ, सबका विकास’ के अनुरूप समावेशी विकास सुनिश्चित करना

प्रमुख आर्थिक संकेतक और पूंजीगत व्यय

  • सार्वजनिक पूंजीगत व्यय 2014-15 के ₹2 लाख करोड़ से बढ़कर 2025-26 में ₹11.2 लाख करोड़ हुआ
  • 2026-27 में इसे बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ करने का प्रस्ताव
  • राजकोषीय घाटा 2026-27 में जीडीपी का 4.3% रहने का अनुमान (2025-26 में 4.4%)
  • ऋण-से-जीडीपी अनुपात 2026-27 में 55.6% रहने का अनुमान
  • गैर-ऋण प्राप्तियां ₹36.5 लाख करोड़ अनुमानित

इन्फ्रास्ट्रक्चर और विकास के प्रमुख एलान

  • इन्फ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड की स्थापना – निजी निवेशकों को आंशिक क्रेडिट गारंटी
  • पांच वर्ष में 20 नए जल मार्ग और 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (मुंबई-पुणे, दिल्ली-वाराणसी, वाराणसी-सिलीगुड़ी सहित)
  • डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का विस्तार – डानकूनी से सूरत तक
  • समर्पित REITs के माध्यम से रियल एस्टेट परिसंपत्तियों की रिसाइक्लिंग

कृषि, पशुपालन, मत्स्य और ग्रामीण विकास

  • 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों का एकीकृत विकास मत्स्य पालन के लिए
  • पशुधन किसान उत्पादक संगठनों को बढ़ावा, लोन-आधारित सब्सिडी कार्यक्रम
  • नारियल, काजू, कोको, चंदन, अखरोट, बादाम के लिए समर्पित संवर्धन योजनाएं
  • भारत-VISTAAR – बहुभाषी AI टूल किसानों के लिए बेहतर निर्णय लेने में सहायक

शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और युवा शक्ति

  • शिक्षा-रोजगार-उद्यम पर उच्चाधिकार प्राप्त स्थायी समिति
  • सेवा क्षेत्र में 2047 तक 10% वैश्विक हिस्सेदारी का लक्ष्य
  • अगले 5 वर्ष में 1 लाख एलायड हेल्थ प्रोफेशनल्स और 1.5 लाख केयर गिवर्स प्रशिक्षित
  • 5 क्षेत्रीय मेडिकल हब, 3 नए अखिल भारतीय आयुर्वेदिक संस्थान
  • 5 विश्वविद्यालय टाउनशिप औद्योगिक गलियारों के पास
  • हर जिले में एक महिला छात्रावास

अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं

  • ग्रामीण महिलाओं के लिए ‘शी-मार्ट्स’ – स्व-सहायता उद्यम
  • खेलो इंडिया मिशन अगले 10 वर्षों के लिए
  • पर्यटन के लिए नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी, 20 प्रसिद्ध स्थलों पर 10 हजार गाइड्स प्रशिक्षण
  • माउंटेन ट्रेल्स (हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर) और टर्टल ट्रेल्स (ओडिशा, कर्नाटक, केरल)
  • कपड़ा क्षेत्र में राष्ट्रीय फाइबर योजना, समर्थ 2.0, मेगा टेक्सटाइल पार्क
  • महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल – हथकरघा, खादी और ग्रामीण युवाओं को बढ़ावा

वित्त मंत्री ने कहा, “यह बजट युवा शक्ति से प्रेरित है। हम विकसित भारत की दिशा में मजबूत और लगातार कदम उठाना जारी रखेंगे।”

भाजपा उत्तराखंड में मंत्री-विधायकों के लिए ‘तीन गुप्त तिमाही परीक्षाएं’, टिकट के लिए पास करना अनिवार्य

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देहरादून : उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा ने अपने मंत्रियों और विधायकों के लिए सख्त मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू कर दी है। पार्टी संगठन स्तर पर तीन गुप्त तिमाही परीक्षाएं (आंतरिक सर्वे) कराने जा रहा है, जिनके अंक मुख्य परीक्षा (केंद्रीय सर्वे) में जुड़ेंगे। केवल पास करने वाले ही टिकट की दावेदारी कर सकेंगे।

सूत्रों के अनुसार, भाजपा केंद्रीय नेतृत्व ने राज्य इकाई को निर्देश दिए हैं कि मंत्री और विधायकों का सालभर का परफॉर्मेंस तीन स्तर पर परखा जाएगा। इन परीक्षाओं में उनके कार्यक्षेत्र में जनता के बीच छवि, विकास कार्यों का धरातल पर प्रभाव, संगठन में समन्वय, पार्टी गतिविधियों में भागीदारी और जनसंपर्क को प्रमुखता से देखा जाएगा।

सर्वे तीन चरणों में होगा—क्षेत्रीय स्तर, जिला स्तर, मंडल स्तर और बूथ स्तर पर। प्रत्येक तिमाही में अलग-अलग टीमों द्वारा फीडबैक लिया जाएगा। इसके अलावा गणमान्य व्यक्तियों, स्थानीय प्रभावशाली लोगों और आम जनता से भी गोपनीय राय मांगी जाएगी। तीनों तिमाही परीक्षाओं के स्कोर को मिलाकर अंतिम मुख्य परीक्षा (केंद्रीय सर्वे) होगी, जो केंद्रीय नेतृत्व द्वारा कराई जाएगी।

पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि अब ‘सीट हॉपिंग’ (एक सीट से दूसरी सीट पर जाना) पर पूरी तरह रोक लगेगी। मंत्री और विधायकों को अपनी वर्तमान विधानसभा सीट पर ही मजबूत प्रदर्शन दिखाना होगा, अन्यथा टिकट नहीं मिलेगा। यह कदम एंटी-इनकंबेंसी को रोकने और प्रदर्शन आधारित टिकट वितरण सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

उत्तराखंड भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कई विधायकों और मंत्रियों की रिपोर्ट कार्ड कमजोर आ रही है, जबकि कुछ बड़े नेता ‘सेफ सीट’ की तलाश में हैं। पार्टी का फोकस अब ‘मोदी लहर’ पर निर्भरता कम कर स्थानीय स्तर पर ठोस काम और जनसंपर्क पर है।

यह प्रक्रिया 2027 विधानसभा चुनावों की तैयारी का हिस्सा है, जहां भाजपा ‘धामी मॉडल’ को पहाड़ से मैदान तक मजबूत करने की कोशिश में जुटी है। संगठन का मानना है कि केवल अच्छा परफॉर्मेंस करने वाले ही पार्टी को मजबूत स्थिति में रख सकेंगे

उत्तराखंड: महिला की गोली मारकर हत्या, हमलावर फरार

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ऋषिकेश : उत्तराखंड के ऋषिकेश में शनिवार देर रात एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। शिवाजी नगर की गली नंबर 16 में किराए के मकान में अकेली रह रही 32 वर्षीय प्रीति रावत की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतका अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में आउटसोर्स/संविदा कर्मचारी के रूप में कार्यरत थीं।

पुलिस के अनुसार, घटना शनिवार रात करीब 9:30 बजे की है। एक युवक बाइक से गली में पहुंचा और महिला के घर का दरवाजा खटखटाया। जैसे ही प्रीति ने दरवाजा खोला, हमलावर ने जालीदार दरवाजे से पिस्टल सटाकर फायर कर दिया। गोली सीधे सीने में लगी, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने गोली की आवाज सुनकर घटनास्थल पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस की टीम, कोतवाल कैलाश चंद्र भट्ट के नेतृत्व में मौके पर पहुंची। घटनास्थल को सील कर दिया गया और फोरेंसिक टीम ने नमूने एकत्र किए। शव को पोस्टमार्टम के लिए एम्स भेजा गया। प्रारंभिक जांच में मृतका मूल रूप से यमकेश्वर की निवासी बताई जा रही हैं। उनके 8 वर्षीय बेटे का रहना नाना-नानी के घर पर है।

एसपी ग्रामीण जया बलूनी सहित वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और जांच की निगरानी की। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। एसओजी की मदद से आरोपी की तलाश तेज कर दी गई है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हमलावर लक्सर क्षेत्र का निवासी हो सकता है, लेकिन अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

घटना के बाद शिवाजी नगर इलाके में भय का माहौल है। स्थानीय निवासियों ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और किरायेदारों के सत्यापन को लेकर पुलिस पर सवाल उठाए हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मामले के हर पहलू की गहन जांच की जा रही है।