Home Blog Page 143

उत्तराखंड IPS अधिकारी रचिता जुयाल का VRS स्वीकार, सरकारी सेवा से इस्तीफा

0

देहरादून : भारतीय पुलिस सेवा (IPS) की उत्तराखंड कैडर की 2015 बैच की अधिकारी रचिता जुयाल का स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) का आवेदन स्वीकार कर लिया गया है। रचिता ने मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन को VRS के लिए आवेदन भेजा था, जिसे मंजूरी दे दी गई है। वर्तमान में वह सतर्कता विभाग में पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात थीं। उनके अचानक इस्तीफे की खबरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद चर्चा में हैं।

रचिता ने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। वह राजभवन में राज्यपाल की सहायक पुलिस उपाधीक्षक (ADC) के पद पर कार्यरत रहीं और केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर इंटेलीजेंस ब्यूरो में भी अपनी सेवाएं दीं। उनकी कार्यकुशलता और समर्पण की प्रशंसा विभिन्न स्तरों पर की जाती रही है।

इस्तीफे के पीछे निजी कारण

रचिता ने VRS के लिए निजी और पारिवारिक कारणों का हवाला दिया है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि निजी क्षेत्र में बेहतर अवसरों और करियर की नई संभावनाओं को देखते हुए उन्होंने यह कदम उठाया है। उनके इस फैसले ने पुलिस और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का माहौल बना दिया है।

रचिता के इस्तीफे ने उत्तराखंड में युवा अधिकारियों के बीच सरकारी सेवा छोड़कर निजी क्षेत्र की ओर रुख करने की बढ़ती प्रवृत्ति को फिर से उजागर किया है। उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी जा रही हैं, और यह देखना बाकी है कि वह अपने करियर में आगे क्या दिशा चुनती हैं।

इंडिया गठबंधन की बैठक: पेपर लीक पर BJP सरकार पर हमला, CM के बयान की निंदा, CBI जांच की मांग

0

देहरादून :  इंडिया गठबंधन की प्रमुख पार्टियों – कांग्रेस, सपा, भाकपा, माकपा और भाकपा (माले) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में उत्तराखंड में भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक के खिलाफ चल रहे युवाओं के आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने का ऐलान किया गया। नेताओं ने एक स्वर में कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार के बड़े-बड़े दावों के बावजूद पेपर लीक और नकल को रोकने में वह पूरी तरह विफल रही है।

SIT अपर्याप्त, CBI जांच की मांग

बैठक में मौजूद नेताओं ने उत्तराखंड सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) को देर से उठाया गया और अपर्याप्त कदम करार दिया। उन्होंने मांग की कि उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) के सभी भर्ती मामलों की CBI जांच कराई जाए। साथ ही, UKSSSC के अध्यक्ष जी.एस. मर्तोलिया को तत्काल हटाने और उनके कार्यकाल की भी जांच करने की मांग उठी। नेताओं ने कहा कि SIT का कार्यक्षेत्र पूरे प्रदेश तक विस्तारित करना यह साबित करता है कि पहले मर्तोलिया और देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह द्वारा मामले को एक केंद्र तक सीमित बताकर केवल भ्रम फैलाया गया।

CM धामी के ‘नकल जिहाद’ बयान की निंदा

नेताओं ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के उस बयान की कड़ी निंदा की, जिसमें उन्होंने UKSSSC पेपर लीक को ‘नकल जिहाद’ करार दिया था। गठबंधन ने इसे शर्मनाक बताते हुए कहा कि अपनी नाकामी छिपाने के लिए मुख्यमंत्री सांप्रदायिकता का सहारा ले रहे हैं। नेताओं ने कहा कि ऐसी बयानबाजी न केवल गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि सामाजिक सौहार्द को भी नुकसान पहुंचाती है।

काशीपुर घटना पर चिंता, पुलिस की कार्यशैली पर सवाल

बैठक में काशीपुर में हाल ही में हुई घटना पर गंभीर चिंता जताई गई। नेताओं ने इसे पुलिस और प्रशासन के सांप्रदायिक पूर्वाग्रह और भीड़ नियंत्रण में नाकामी का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा गिरफ्तार लोगों के उत्पीड़न का सार्वजनिक प्रदर्शन अमानवीय और गैरकानूनी है। गठबंधन ने जोर देकर कहा कि यदि पुलिस को लगता है कि किसी ने अपराध किया है, तो उसे कानून के दायरे में रहकर अदालत से सजा दिलानी चाहिए। कानून से बाहर कार्रवाई करना यह दर्शाता है कि पुलिस को अपने आरोपों पर भरोसा नहीं है।

राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग

बैठक में निर्णय लिया गया कि इंडिया गठबंधन जल्द ही उत्तराखंड के राज्यपाल से मुलाकात करेगा और पेपर लीक, भ्रष्टाचार और सामाजिक सौहार्द जैसे ज्वलंत मुद्दों पर हस्तक्षेप करने का आग्रह करेगा। गठबंधन ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने त्वरित कार्रवाई नहीं की, तो युवाओं और जनता का आक्रोश और बढ़ेगा।

केंद्रीय राज्य मंत्री के POS की सर्विस रिवॉल्वर से गोली लगने से मौत

0

फरीदाबाद : फरीदाबाद में एक दुखद घटना में केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर के निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) करतार की अपनी सर्विस रिवॉल्वर से गोली लगने के कारण मौत हो गई। यह हादसा गुरुवार रात करीब 11 बजे हुआ। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में इसे रिवॉल्वर साफ करते समय हुआ हादसा बताया है।

करतार फरीदाबाद के सेक्टर-3 में मकान नंबर 1680 में किराए पर रहता था। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए बादशाह खान अस्पताल भेज दिया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गोली कैसे चली।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह एक दुर्घटना प्रतीत होती है, लेकिन सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। करतार की मौत से उनके परिवार और सहकर्मियों में शोक की लहर है। इस घटना ने सुरक्षा कर्मियों द्वारा हथियारों के रखरखाव और उपयोग को लेकर सावधानी के महत्व को फिर से रेखांकित किया है।

उत्तरकाशी में सब्जी वाले की गंदी हरकत

0

उत्तरकाशी : उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक सब्जी वाला पर महिलाओं और युवतियों के चोरी-छुपे फोटो और वीडियो बनाने का आरोप लगा है। यह घटना बस अड्डे की मार्केट में हुई, जहां मुस्लिम समुदाय के एक युवक को विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने रंगे हाथ पकड़ा। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है।

तस्वीरें और वीडियो बनाता था

जानकारी के अनुसार, यह युवक सब्जी का ठेला लगाने की आड़ में महिलाओं और लड़कियों की पीछे से तस्वीरें और वीडियो बनाता था। स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों को उसकी गतिविधियों पर संदेह हुआ, जिसके बाद विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने उसे पकड़ने की योजना बनाई। गुरुवार को जब युवक अपने ठेले के पीछे बैठकर महिलाओं के वीडियो बना रहा था, तभी कार्यकर्ताओं ने उसे रंगे हाथ धर दबोचा।

फोन में मिले अश्लील वीडियो

हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने जब युवक का मोबाइल फोन जांचा, तो उसमें कई महिलाओं और युवतियों की तस्वीरें और वीडियो मिले, जो कथित तौर पर अश्लील तरीके से बनाए गए थे। इस खुलासे के बाद कार्यकर्ताओं का गुस्सा भड़क उठा। उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचित किया और इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की। कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस तरह की हरकतें सामाजिक माहौल को खराब करती हैं और इन्हें रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।

बार-बार हो रही ऐसी घटनाएं

विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने बताया कि उत्तरकाशी में इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उनका कहना है कि कुछ लोग गलत मानसिकता के साथ महिलाओं और छोटी लड़कियों की चोरी-छुपे तस्वीरें और वीडियो बनाकर उन्हें वायरल कर रहे हैं, जिससे असुरक्षा का माहौल पैदा हो रहा है। कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए त्वरित और सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि महिलाएं और युवतियां बिना डर के घर से बाहर निकल सकें।

पुलिस जांच में जुटी

पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज कर ली है और युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि युवक के फोन की फॉरेंसिक जांच की जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने कितने लोगों की तस्वीरें और वीडियो बनाए और क्या इन्हें कहीं और साझा किया गया। स्थानीय लोग इस घटना से आक्रोशित हैं और पुलिस से कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

ट्रंप का नया टैरिफ बम : दवाओं पर 100% टैरिफ, फर्नीचर-ट्रकों पर भी भारी आयात शुल्क

0

वाशिंगटन : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को व्यापार युद्ध को नई ऊंचाई देने वाला ऐलान किया है। उन्होंने 1 अक्टूबर से आयातित फार्मास्यूटिकल दवाओं पर 100 प्रतिशत, रसोई कैबिनेट व बाथरूम वैनिटी पर 50 प्रतिशत, असबाबवाले फर्नीचर पर 30 प्रतिशत तथा भारी ट्रकों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की। यह कदम अमेरिकी विनिर्माण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उठाया गया है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इससे महंगाई तेज हो सकती है और आर्थिक विकास पर ब्रेक लग सकता है।

ट्रंप ने यह जानकारी अपनी सोशल मीडिया साइट ट्रुथ सोशल पर पोस्ट की। उन्होंने लिखा, “1 अक्टूबर 2025 से किसी भी ब्रांडेड या पेटेंटेड फार्मास्यूटिकल उत्पाद पर 100% टैरिफ लगाया जाएगा, जब तक कि कंपनी अमेरिका में अपना विनिर्माण संयंत्र न बना रही हो।” इसी तरह, भारी ट्रकों, रसोई कैबिनेट और फर्नीचर पर भी सख्त शुल्क का एलान किया गया। राष्ट्रपति ने इसे “बाहरी देशों द्वारा अमेरिकी बाजार में सस्ते सामान की बाढ़” रोकने का जरिया बताया।

अमेरिकी कंपनियों को छूट

ट्रंप ने स्पष्ट किया कि दवा कंपनियों पर यह टैरिफ तभी लागू होगा, जब वे अमेरिका में निर्माण संयंत्र न स्थापित कर रही हों। “ग्राउंड ब्रेकिंग” या निर्माणाधीन प्रोजेक्ट वाली कंपनियों को राहत मिलेगी। जॉनसन एंड जॉनसन, एलआई लिली, एstraजेनेका जैसी बड़ी फार्मा कंपनियां पहले ही अमेरिका में निवेश बढ़ाने की घोषणा कर चुकी हैं, ताकि टैरिफ से बचा जा सके। हालांकि, जेनेरिक दवाओं पर टैरिफ का जिक्र नहीं किया गया, जो दवा की कमी को और गहरा सकता है।

यह कदम अप्रैल में शुरू हुए व्यापक पारस्परिक टैरिफों का विस्तार है, जो चीन, यूरोपीय संघ समेत तमाम व्यापार साझेदारों पर लगाए गए थे। यूएस-ईयू ट्रेड डील में ब्रांडेड दवाओं पर अधिकतम 15% टैरिफ तय हुआ था, लेकिन नया 100% शुल्क इससे अलग होगा।

मेडिकेयर पर बोझ

अमेरिकी जनगणना ब्यूरो के आंकड़ों के मुताबिक, 2024 में अमेरिका ने करीब 233 अरब डॉलर की दवाएं और औषधीय उत्पाद आयात किए। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इन टैरिफ से कुछ दवाओं की कीमतें दोगुनी हो सकती हैं, जिससे स्वास्थ्य खर्च बढ़ेगा। मेडिकेयर और मेडिकेड जैसी सरकारी योजनाओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, जो बुजुर्गों और गरीबों को सबसे ज्यादा प्रभावित करेगा। फार्मा इंडस्ट्री के विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी मरीजों को दवाओं की उपलब्धता में दिक्कत हो सकती है।

एशियाई फार्मा शेयरों में गुरुवार को गिरावट आई—ऑस्ट्रेलिया की सीएसएल छह साल के निचले स्तर पर पहुंची, जबकि जापान की सुमितोमो फार्मा में 5% से ज्यादा की कमी दर्ज हुई।

महंगाई की आग भड़केगी, विकास पर संकट

ट्रंप दावा करते रहे हैं कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति अब चुनौती नहीं है, लेकिन आंकड़े उल्टा बयान दे रहे हैं। पिछले 12 महीनों में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) में 2.9% की बढ़ोतरी हुई, जो अप्रैल के 2.3% से ऊपर है—जब पहली बार व्यापक टैरिफ लगाए गए थे। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि ये नए शुल्क पहले से ही नियोक्ताओं पर अनिश्चितता का बोझ बढ़ाएंगे, जिससे आर्थिक विकास धीमा पड़ सकता है।

नए टैरिफ घरेलू निर्माण को प्रोत्साहित करेंगे, लेकिन उपभोक्ताओं को महंगे सामान का सामना करना पड़ेगा। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि इससे सरकारी घाटा कम होगा और नौकरियां बढ़ेंगी, लेकिन आलोचक इसे “व्यापार युद्ध का पुनरुद्धार” बता रहे हैं। कांग्रेस में डेमोक्रेट्स ने तीखी प्रतिक्रिया दी है, जबकि रिपब्लिकन इसे “अमेरिका फर्स्ट” नीति की जीत बता रहे हैं। आने वाले दिनों में व्यापार साझेदारों से जवाबी कार्रवाई की आशंका है।

नंदा की चौकी, पांवटा राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही बहाल

0

देहरादून: नंदा की चौकी, पांवटा राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही आज से फिर शुरू हो गई है। बीते 15 और 16 सितंबर को भारी बारिश के कारण नंदा की चौकी के पास क्षतिग्रस्त हुए मोटर पुल के स्थान पर लोक निर्माण विभाग ने ह्यूम पाइप डालकर वैकल्पिक पुल का निर्माण पूरा कर लिया है। इस नए पुल पर आज से वाहनों का आवागमन शुरू हो गया है।

जिला प्रशासन देहरादून द्वारा आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्स्थापन कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। अधिकांश संपर्क मार्गों को यातायात के लिए खोल दिया गया है।

प्रभावित लोगों को बचाव और राहत प्रदान करने के बाद, आपदाग्रस्त क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को युद्धस्तर पर बहाल किया जा रहा है। जिलाधिकारी सविन बंसल स्वयं ग्राउंड जीरो पर राहत, बचाव और पुनर्स्थापन कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।

चुनाव आयोग का बड़ा कदम: डाक मतपत्रों की गिनती को पारदर्शी बनाने के लिए नए नियम

0

नई दिल्ली: लोकसभा और विधानसभा चुनावों में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने डाक मतपत्रों की गिनती की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब यह सुनिश्चित किया जाएगा कि डाक मतपत्रों की गिनती पूरी होने से पहले इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की गिनती का अंतिम चरण शुरू नहीं होगा। इस कदम से मतगणना प्रक्रिया को और अधिक निष्पक्ष और सुव्यवस्थित बनाने का प्रयास किया गया है।

नई व्यवस्था

पहले की व्यवस्था के अनुसार, गिनती के दिन सुबह 8 बजे डाक मतपत्रों की गिनती शुरू होती थी, और सुबह 8:30 बजे ईवीएम की गिनती शुरू हो जाती थी। पुराने नियमों में यह संभव था कि डाक मतपत्रों की गिनती पूरी होने से पहले ही ईवीएम की गिनती समाप्त हो जाए। लेकिन अब आयोग ने नए दिशानिर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत ईवीएम की गिनती का अंतिम चरण तब तक शुरू नहीं होगा, जब तक डाक मतपत्रों की गिनती पूरी नहीं हो जाती। इस बदलाव से मतगणना में किसी भी तरह के भ्रम या जल्दबाजी की आशंका को खत्म किया जाएगा।

बिहार में पहली बार लागू होगी नई व्यवस्था

चुनाव आयोग ने घोषणा की है कि यह नई व्यवस्था सबसे पहले बिहार विधानसभा चुनावों में लागू होगी, जो नवंबर 2025 में होने वाले हैं। आयोग का कहना है कि यह कदम मतगणना प्रक्रिया को एकरूप, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाएगा। इससे मतदाताओं और उम्मीदवारों के बीच विश्वास बढ़ेगा और किसी भी तरह की असमानता की शिकायतों को रोका जा सकेगा।

संसाधनों का बेहतर प्रबंधन

आयोग ने निर्देश दिए हैं कि जिन निर्वाचन क्षेत्रों में डाक मतपत्रों की संख्या अधिक होगी, वहां पर्याप्त संख्या में गिनती टेबल और कर्मचारी तैनात किए जाएं। इसका मकसद गिनती में देरी को रोकना और प्रक्रिया को समयबद्ध बनाना है। यह कदम उन क्षेत्रों में खास तौर पर महत्वपूर्ण होगा, जहां डाक मतपत्रों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।

डाक मतपत्रों की संख्या में बढ़ोतरी

चुनाव आयोग ने हाल ही में दिव्यांग मतदाताओं और 85 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए घर से मतदान की सुविधा शुरू की है। इस पहल के कारण डाक मतपत्रों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। बढ़ती संख्या को देखते हुए गिनती की प्रक्रिया को और अधिक व्यवस्थित करना जरूरी हो गया था। आयोग का यह कदम उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

पारदर्शिता और जनता का भरोसा

चुनाव आयोग का मानना है कि यह नया नियम न केवल मतगणना प्रक्रिया को पारदर्शी बनाएगा, बल्कि जनता और राजनीतिक दलों के बीच चुनावी प्रक्रिया पर विश्वास को और मजबूत करेगा। डाक मतपत्रों की गिनती पूरी होने तक ईवीएम की अंतिम गिनती को रोके रखने का निर्णय यह सुनिश्चित करता है कि सभी वोटों की गणना में निष्पक्षता और समानता बनी रहे। यह कदम उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों को यह भरोसा देता है कि मतगणना में किसी भी तरह की जल्दबाजी या अनियमितता नहीं होगी। बिहार विधानसभा चुनाव इस नई व्यवस्था का पहला परीक्षण होंगे, जिसके परिणाम देश के अन्य चुनावों के लिए भी दिशा-निर्देशक बन सकते हैं।

भारत का रक्षा में नया कीर्तिमान: ट्रेन से अग्नि-प्राइम मिसाइल का सफल परीक्षण

0

नई दिल्ली: भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। देश ने पहली बार रेल-आधारित मोबाइल लॉन्चर से नई पीढ़ी की मध्यम दूरी की अग्नि-प्राइम मिसाइल का सफल उड़ान परीक्षण किया है। यह मिसाइल 2,000 किलोमीटर की मारक क्षमता से लैस है और इसमें अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस उपलब्धि के लिए रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO), सामरिक बल कमान (SFC) और सशस्त्र बलों को बधाई दी है।

रेल-आधारित लॉन्चर: एक नई शुरुआत

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर इस उपलब्धि की जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह अपनी तरह का पहला प्रक्षेपण है, जिसमें विशेष रूप से डिजाइन किए गए रेल-आधारित मोबाइल लॉन्चर का उपयोग किया गया। यह प्रणाली देश के रेल नेटवर्क पर बिना किसी पूर्व शर्त के संचालित हो सकती है। इससे मिसाइल को देश के किसी भी हिस्से से कम दृश्यता और त्वरित प्रतिक्रिया समय के साथ प्रक्षेपित करने की सुविधा मिलती है, जो भारत की सामरिक क्षमता को और मजबूत करती है।

अग्नि-प्राइम: तकनीकी श्रेष्ठता का प्रतीक

अग्नि-प्राइम मिसाइल को 2,000 किलोमीटर तक की दूरी पर लक्ष्य भेदने के लिए डिजाइन किया गया है। यह कैनिस्टराइज्ड लॉन्च सिस्टम से सुसज्जित है, जो इसे अत्यधिक प्रभावी और लचीला बनाता है। इस मिसाइल में कई उन्नत सुविधाएं शामिल हैं, जो इसे भारत के रक्षा शस्त्रागार में एक महत्वपूर्ण हथियार बनाती हैं। इस सफल परीक्षण ने भारत को उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल कर दिया है, जो रेल-आधारित मोबाइल लॉन्चर से मिसाइल प्रक्षेपण की क्षमता रखते हैं।

रक्षा मंत्री की बधाई

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने संदेश में कहा, “मध्यम दूरी की अग्नि-प्राइम मिसाइल के इस सफल परीक्षण के लिए मैं DRDO, SFC और सशस्त्र बलों को हार्दिक बधाई देता हूं। यह उपलब्धि भारत की रक्षा तकनीक में एक नया अध्याय जोड़ती है और हमारी सामरिक ताकत को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करती है।”

भारत की रक्षा में नया आयाम

इस सफलता ने भारत के स्वदेशी रक्षा अनुसंधान और विकास को और मजबूती प्रदान की है। रेल-आधारित लॉन्चर प्रणाली की मदद से भारत अब अपने रक्षा हथियारों को अधिक गतिशीलता और गोपनीयता के साथ तैनात कर सकता है। यह उपलब्धि न केवल भारत की रक्षा क्षमता को बढ़ाती है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के विजन को भी साकार करती है।

उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग ने जारी किया 2026 का परीक्षा कैलेंडर, 12 विभागों की परीक्षाएं शामिल

0

देहरादून: उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग (UKPSC) ने नए वर्ष 2026 के लिए प्रस्तावित परीक्षा कैलेंडर जारी कर दिया है। इस कैलेंडर में 12 विभिन्न विभागों की महत्वपूर्ण परीक्षाओं का उल्लेख किया गया है, जो अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेंगी।

परीक्षा कैलेंडर के अनुसार, उत्तराखण्ड न्यायिक सेवा सिविल न्यायाधीश की परीक्षा 19 से 22 जनवरी 2026 तक आयोजित होगी। इसके बाद, प्रवक्ता राजकीय इंटर कॉलेज की मुख्य वस्तुनिष्ट प्रकार की परीक्षा 25 जनवरी 2026 को होगी। समीक्षा और सहायक समीक्षा अधिकारी की परीक्षा 31 जनवरी 2026 को निर्धारित है।

फरवरी में प्रधानाचार्य राजकीय इंटर कॉलेज की परीक्षा 8 फरवरी 2026 को होगी, जबकि अपर निजी सचिव की परीक्षा 14 मार्च 2026 को आयोजित की जाएगी। अधीक्षिका की परीक्षा 23 मार्च 2026 को होगी। अप्रैल में प्रवक्ता राजकीय इंटर कॉलेज की परीक्षा 5 और 26 अप्रैल 2026 को तथा सहायक निदेशक की परीक्षा 12 अप्रैल 2026 को होगी।

मई और जून में भी महत्वपूर्ण परीक्षाएं निर्धारित हैं। पीसीएस (अवर) की प्रारंभिक परीक्षा 17 मई 2026 को और प्रवक्ता राजकीय इंटर कॉलेज की एक अन्य परीक्षा 14 जून 2026 को होगी। इसके अलावा, पीसीएस (प्रवर) की प्रारंभिक परीक्षा 5 जुलाई 2026 को आयोजित की जाएगी।

आयोग ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे परीक्षाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी और अपडेट के लिए UKPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित रूप से विजिट करें। यह कैलेंडर अभ्यर्थियों को अपनी तैयारी को व्यवस्थित करने में मदद करेगा।

शुभमन गिल की कप्तानी में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम घोषित

0

मुंबई: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने गुरुवार को वेस्टइंडीज के खिलाफ अगले महीने होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए 15 सदस्यीय भारतीय टीम की घोषणा कर दी। युवा बल्लेबाज शुभमन गिल को इस सीरीज के लिए कप्तान नियुक्त किया गया है, जबकि अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा को उपकप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

वेस्टइंडीज के खिलाफ यह टेस्ट सीरीज भारत के लिए विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। टीम में युवा और अनुभव का शानदार मिश्रण देखने को मिला है। शुभमन गिल के नेतृत्व में यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन और देवदत्त पडिक्कल जैसे बल्लेबाज भारत की बल्लेबाजी को मजबूती प्रदान करेंगे।

विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी ध्रुव जुरेल और एन जगीदशन के कंधों पर होगी। ऑलराउंडरों में रवींद्र जडेजा, वाशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल और नीतीश कुमार रेड्डी शामिल हैं, जो टीम को संतुलन प्रदान करेंगे। गेंदबाजी आक्रमण की कमान जसप्रीत बुमराह के हाथों में होगी, जिनका साथ मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और स्पिनर कुलदीप यादव देंगे।

वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम: शुभमन गिल (कप्तान), रवींद्र जडेजा (उपकप्तान), यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, देवदत्त पडिक्कल, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), एन जगीदशन (विकेटकीपर), वाशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, नीतीश कुमार रेड्डी, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, कुलदीप यादव।

यह सीरीज भारत के लिए न केवल अपनी टेस्ट रैंकिंग को मजबूत करने का अवसर है, बल्कि युवा खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रतिभा साबित करने का भी मौका है। क्रिकेट प्रशंसकों को इस सीरीज में रोमांचक मुकाबले की उम्मीद है।