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देहरादून में “आई लव मोहम्मद” विवाद: सड़कों पर उतरा मुस्लिम समाज, पुलिस ने संभाला मोर्चा

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देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में “आई लव मोहम्मद” विवाद ने तूल पकड़ लिया है। सोशल मीडिया पर एक भड़काऊ पोस्ट को लेकर उपजे विवाद के बाद सोमवार को पटेलनगर थाना क्षेत्र के ब्रह्मपुरी इलाके में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर नारेबाजी की, जिससे इलाके में अफरातफरी मच गई।

विवाद के बाद देखते ही देखते भारी भीड़ जमा हो गई, जिसने सड़क जाम कर दी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने भीड़ को खदेड़कर हालात पर काबू पाया और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।

जिलाधिकारी ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने सोशल मीडिया पर भड़काऊ सामग्री को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की बात कही है। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस तरह के विवाद सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचा सकते हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सोशल मीडिया पोस्ट की सत्यता की पड़ताल की जा रही है। शहर में तनाव को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।

उत्तराखंड : पहले पार्क में बुलया, फिर युवक की कर दी गोली मारकर हत्या

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हरिद्वार :कनखल थाना क्षेत्र के दयाल एनक्लेव, जमालपुर कलां में एक सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे इलाके को दहला दिया। 18 वर्षीय सुमित चौधरी उर्फ पंछी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद उसके दोस्त उसे घायल अवस्था में भूमानंद अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद सुमित के दोस्त अस्पताल से फरार हो गए।

पुलिस के अनुसार, सोमवार रात करीब 7:45 बजे दो युवकों ने सुमित को कॉलोनी के एक पार्क में बुलाया था। वहां किसी बात को लेकर हुए विवाद में सुमित को गोली मार दी गई। गोली सुमित के बाएं सीने में लगी, जिससे उसकी मौके पर ही हालत गंभीर हो गई। उसके साथी उसे अस्पताल ले गए, लेकिन उपचार से पहले ही उसकी मौत हो गई।

सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रमेंद्र सिंह डोबाल, पुलिस अधीक्षक (एसपी) सिटी पंकज गैरोला, और क्षेत्राधिकारी (सीओ) सिटी शिशुपाल सिंह नेगी ज्वालापुर और कनखल पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मोर्चरी में भेज दिया है।

एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला युवकों के आपसी विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। सुमित का परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश का रहने वाला है और पिछले कुछ वर्षों से कनखल क्षेत्र में रह रहा था। पुलिस ने कुछ संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ शुरू कर दी है।

पुलिस का कहना है कि घटना के कारणों और परिस्थितियों की गहन जांच की जा रही है। जल्द ही इस मामले का खुलासा होने की उम्मीद है। इस हत्याकांड ने स्थानीय निवासियों में दहशत पैदा कर दी है, और पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

UKSSSC पेपर लीक: सीएम धामी ने सीबीआई जांच का दिया आश्वासन, युवाओं का धरना जारी

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देहरादून: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की स्नातक स्तरीय परीक्षा के पेपर लीक मामले में युवाओं का धरना आठवें दिन भी जारी रहा। इस बीच, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज नई टिहरी में प्रदर्शनकारी युवाओं से मिले और उनकी मांग पर सीबीआई जांच की सिफारिश करने का लिखित आश्वासन दिया।

पेपर लीक मामले को लेकर युवाओं में भारी आक्रोश है, और वे लगातार सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। इससे पहले जिलाधिकारी सविन बंसल, एसएसपी अजय सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की थी, लेकिन युवा अपनी मांग पर अड़े रहे। सीएम धामी ने मौके पर पहुंचकर मामले में चल रही कार्रवाइयों की जानकारी दी और प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस लेने का भरोसा दिया। उन्होंने युवाओं से प्रभावित उम्मीदवारों की सूची सौंपने को कहा।

सरकार ने पहले ही सेक्टर मजिस्ट्रेट केएन तिवारी, असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन, एक दरोगा और एक सिपाही को ड्यूटी में लापरवाही और पेपर लीक में संलिप्तता के आरोप में निलंबित कर दिया है। असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन की पेपर सॉल्वर के रूप में भूमिका सामने आई है।

जांच को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने नैनीताल हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की अध्यक्षता में एकल सदस्यीय आयोग का गठन किया है। यह आयोग विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच का मार्गदर्शन करेगा। आज एसआईटी नई टिहरी पहुंची और दो युवकों के बयान दर्ज किए।

UKSSSC पेपर लीक मामला: SIT की जांच में नई टिहरी में केवल दो अभ्यर्थी पहुंचे बयान दर्ज कराने

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नई टिहरी: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (uksssc) पेपर लीक मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) की टीम नई टिहरी के जिला सभागार पहुंची। इस दौरान अपने बयान दर्ज कराने के लिए केवल दो अभ्यर्थी ही उपस्थित हुए।

अभ्यर्थी विकास बिजलवान ने जांच के दौरान अपना पक्ष रखते हुए कहा कि शुरू में सब कुछ ठीक लग रहा था, लेकिन जब सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो और वीडियो में पेपर लीक से संबंधित बातचीत सामने आई, जिसमें कहा गया कि “हम अंदर सब ठीक कर देंगे,” तो उन्हें गहरा दुख हुआ। उन्होंने परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।

जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल की उपस्थिति में हुई इस जांच-पड़ताल में अभ्यर्थियों ने अपने विचार और अनुभव साझा किए। एसआईटी की टीम मामले की गहन जांच में जुटी है और इस दिशा में आगे की कार्रवाई जारी रखेगी।

बच्चों में तेजी से फैल रही हैंड, फुट, माउथ डिजीज, बच्चों में बढ़ रही परेशानी

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देहरादून : शहर में छोटे बच्चों के बीच हैंड, फुट, माउथ डिजीज (एचएफएमडी) तेजी से फैल रहा है। इस बीमारी के लक्षणों में बुखार, गले में दर्द, मुंह में छाले और हाथ-पैरों पर फफोले जैसे दाने शामिल हैं, जो बच्चों को खासा परेशान कर रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञों का कहना है कि यह बीमारी कॉक्ससैकी वायरस के कारण होती है और एक बच्चे से दूसरे बच्चे में आसानी से फैलती है।

अस्पतालों में बढ़ रहे मरीज

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक ने बताया कि उनकी ओपीडी में रोजाना औसतन 4-5 बच्चे एचएफएमडी के लक्षणों के साथ पहुंच रहे हैं। मुंह के छालों और हाथ-पैरों पर दानों के कारण बच्चों को तेज दर्द का सामना करना पड़ रहा है, जिससे खाने-पीने में भी दिक्कत हो रही है। डॉ. अशोक ने सलाह दी कि ऐसे बच्चों को 5-7 दिनों तक आइसोलेट करना जरूरी है ताकि संक्रमण का प्रसार रोका जा सके।

स्कूलों ने जारी किया अलर्ट

शहर के कई निजी स्कूलों ने अभिभावकों को सर्कुलर जारी कर सतर्क किया है। स्कूलों ने अपील की है कि यदि बच्चों में बुखार, छाले या दाने जैसे लक्षण दिखें, तो उन्हें स्कूल न भेजा जाए। विशेषज्ञों का कहना है कि एक संक्रमित बच्चा कई अन्य बच्चों को बीमार कर सकता है। खासकर छह साल से कम उम्र के बच्चे इस बीमारी की चपेट में आसानी से आ रहे हैं, जबकि वयस्कों में इसका खतरा कम है।

मुख्य लक्षण

  • अचानक तेज बुखार

  • गले में दर्द और खाने में कठिनाई

  • मुंह के भीतर व बाहर छाले या दाने

  • हाथ-पैरों पर फफोले जैसे दाने

  • शरीर में कमजोरी और चिड़चिड़ापन

बचाव के उपाय

  • लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

  • बच्चे को कम से कम एक सप्ताह तक घर में आइसोलेट रखें।

  • बच्चों को तरल पदार्थ और फल अधिक दें ताकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रहे।

  • बार-बार साबुन से हाथ धोएं और मास्क पहनने की आदत डालें।

  • दूषित वस्तुओं और अस्वच्छ भोजन से बचें।

कब जाएं डॉक्टर के पास?

वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ के अनुसार, यदि बच्चे को लगातार बुखार रहे, दाने या फफोले बढ़ रहे हों, या बच्चा खाना-पीना छोड़ दे, तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। समय पर इलाज से यह बीमारी 6-7 दिनों में ठीक हो सकती है और जटिलताओं का खतरा नहीं रहता।

अभिभावकों से अपील

विशेषज्ञों ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों की स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें और लक्षण दिखने पर तुरंत सावधानी बरतें। इस बीमारी से बचाव ही सबसे बड़ा उपाय है।

भारत ने जीता एशिया कप 2025, सूर्यकुमार यादव दान करेंगे भारतीय सेना को पूरी मैच फीस

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नई दिल्ली : दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में रविवार को खेले गए रोमांचक फाइनल में भारतीय क्रिकेट टीम ने कप्तान सूर्यकुमार यादव के नेतृत्व में पाकिस्तान को 5 विकेट से हराकर एशिया कप 2025 का खिताब अपने नाम किया। यह भारत की रिकॉर्ड नौवीं एशिया कप जीत (7 बार वनडे और 2 बार टी20 फॉर्मेट) थी।

इस टूर्नामेंट में भारत ने पाकिस्तान को तीसरी बार हराकर अपनी बादशाहत साबित की। भारतीय टीम के शानदार प्रदर्शन ने दुनियाभर के प्रशंसकों का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया। इस जीत के साथ भारत ने क्रिकेट में अपनी सर्वोच्चता को और मजबूत किया।

सूर्यकुमार यादव का बड़ा एलान

भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने एक सराहनीय कदम उठाते हुए घोषणा की कि वह एशिया कप 2025 से मिलने वाली अपनी पूरी मैच फीस भारतीय सशस्त्र सेनाओं और हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों को दान करेंगे। एक्स पर अपनी पोस्ट में यादव ने लिखा, “मैंने इस टूर्नामेंट की अपनी मैच फीस हमारी सशस्त्र सेनाओं और पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ित परिवारों को देने का निर्णय लिया है। आप हमेशा मेरी सोच में रहते हैं। जय हिंद।” टी-20 फॉर्मेट में प्रत्येक भारतीय खिलाड़ी को प्रति मैच 4 लाख रुपये की फीस मिलती है। टूर्नामेंट में सात मैच खेलने के कारण सूर्यकुमार यादव कुल 28 लाख रुपये भारतीय सेना को दान करेंगे, जिसकी हर तरफ प्रशंसा हो रही है।

भारत का दमदार प्रदर्शन

पूरा टूर्नामेंट के दौरान भारतीय टीम ने पाकिस्तान से मैदान के अंदर और बाहर दूरी बनाए रखी। इसका नतीजा यह रहा कि भारत ने लगातार तीन मैचों में पाकिस्तान को हराया और अंत में खिताब पर कब्जा जमाया।

ट्रॉफी समारोह में विवाद

विजय उत्सव में उस समय एक अप्रत्याशित मोड़ आया, जब भारतीय टीम ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) और एशियाई क्रिकेट परिषद (एसीसी) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी से एशिया कप ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। नकवी, जो पाकिस्तान के गृहमंत्री भी हैं, ट्रॉफी देना चाहते थे, लेकिन भारत के साफ इनकार के कारण पुरस्कार समारोह करीब एक घंटे तक टल गया।

नकवी और अमीरात क्रिकेट बोर्ड के अधिकारियों के साथ स्टेज पर इंतजार करते रहे, जबकि भारतीय टीम एक तरफ खड़ी रही और पाकिस्तानी टीम काफी देर तक ड्रेसिंग रूम में रही। अंततः ट्रॉफी को मैदान से बाहर ले जाया गया, और प्रजेंटर ने घोषणा की कि भारत ने ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया है, जिसके बाद समारोह समाप्त कर दिया गया।

पहली बार ऐसा हुआ कि विजेता टीम ने बिना ट्रॉफी के जश्न मनाया। भारतीय खिलाड़ियों ने एकजुटता दिखाते हुए बिना ट्रॉफी के फोटो खिंचवाए और जीत का उत्सव मनाया। भारत की इस शानदार जीत और सूर्यकुमार यादव के उदार दान ने न केवल मैदान पर बल्कि देशवासियों के दिलों में भी टीम की विरासत को और मजबूत किया है।

करुर भगदड़: 39 की मौत पर केंद्र ने मांगी रिपोर्ट, स्टालिन ने जांच आयोग गठित किया

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चेन्नई : तमिलनाडु के करुर जिले में शनिवार को तमिलगा वेत्री काजहाम (टीवीके) की चुनावी रैली में हुई भगदड़ ने पूरे राज्य को सदमे में डाल दिया है। इस हादसे में 39 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 8 बच्चे और 16 महिलाएं शामिल हैं। 95 घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, जबकि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज की निगरानी में जांच आयोग गठित करने का ऐलान किया है। टीवीके प्रमुख विजय ने पीड़ित परिवारों को 20 लाख रुपये की सहायता की घोषणा की है।

देरी से बढ़ी भीड़

रुद्रप्रयाग के डीजीपी जी. वेंकटारमन ने बताया कि अभिनेता-राजनेता विजय के पहुंचने में देरी के कारण रैली स्थल पर भीड़ असामान्य रूप से बढ़ गई थी। इससे भगदड़ मच गई, जिसमें 39 लोगों की जान चली गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) लॉ एंड ऑर्डर एस. डेविडसन देवसिरवथम ने प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। पुलिस साजिश की आशंका को खारिज नहीं कर रही और भगदड़ के कारणों की गहन पड़ताल कर रही है।

95 घायल, ज्यादातर स्थिर

तमिलनाडु के स्वास्थ्य सचिव पी. सेंटहिल कुमार ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद 95 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें 51 को सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां एक को छोड़कर सभी की हालत स्थिर है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। शेष 44 घायलों का निजी अस्पतालों में उपचार जारी है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी घायलों के लिए 24 घंटे चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित की है।

विजय की घोषणा

टीवीके प्रमुख विजय ने हादसे पर गहरा शोक जताया और कहा कि वे अत्यंत दुखी हैं। उन्होंने मृतकों के परिवारों को 20-20 लाख रुपये और घायलों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। विजय ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और कहा कि यह घटना उनके लिए व्यक्तिगत हानि जैसी है।

जांच आयोग और मुआवजा

मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने रविवार को संवाददाताओं से कहा कि राजनीतिक दल के कार्यक्रम में इतनी बड़ी त्रासदी राज्य के इतिहास में कभी नहीं हुई। उन्होंने कहा, “मैं गहरे दुःख के साथ खड़ा हूं। कल सुबह 7:45 बजे चेन्नई में अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान यह खबर मिली, और तुरंत आसपास के मंत्रियों को करुर रवाना होने का निर्देश दिया।” स्टालिन ने हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में जांच आयोग गठित करने का आदेश जारी किया। उन्होंने मृतकों के परिवारों को 10 लाख और घायलों को 1 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की।

स्टालिन ने स्पष्ट किया कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। “सच्चाई जांच आयोग के माध्यम से सामने आएगी, और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। भविष्य में ऐसी त्रासदी दोबारा न हो, इसके लिए हर कदम उठाया जाएगा।” शनिवार देर रात सीएम ने सरकारी मेडिकल कॉलेज का दौरा कर घायलों से मुलाकात की और बेहतर इलाज के निर्देश दिए।

घटनास्थल पर दिल दहला देने वाले दृश्य

सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों और वीडियो में घटनास्थल का भयावह नजारा दिखाई दे रहा है। रविवार सुबह जारी विजुअल्स में चप्पलें बिखरी हुईं और सामान इधर-उधर फैला हुआ दिखा। यह दृश्य देखकर हर कोई स्तब्ध है। राज्य सरकार ने शोक के रूप में एक दिन का राजकीय शोक घोषित किया है।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

यह हादसा तमिलनाडु की राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया है। विपक्षी दलों ने टीवीके की आयोजन क्षमता पर सवाल उठाए हैं, जबकि सत्ताधारी द्रमुक ने एकजुट होकर सहायता का आह्वान किया है। केंद्र सरकार ने भी तत्काल राहत के लिए सहयोग का भरोसा दिलाया है।

श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि विजय दशमी को तय होगी

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श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि विजय दशमी को तय होगी।

श्री बदरीनाथ धाम: 28 सितंबर।इस यात्रा वर्ष श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि विजय दशमी गुरूवार 2 अक्टूबर को तय होगी।कपाट बंद होने की तिथि तय करने हेतु श्री बदरीनाथ मंदिर परिसर में दोपहर बाद एक भब्य धार्मिक समारोह का आयोजन होगा जिसमें धर्माधिकारी, वेदपाठी पंचांग गणना पश्चात श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि तय करेंगे तथा श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति( बीकेटीसी )पदाधिकारियों की उपस्थिति में बदरीनाथ धाम के रावल कपाट बंद की तिथि की घोषणा करेंगे।

इसी दिन कपाट बंद होने से पहले होने वाली पंच पूजाओं का कार्यक्रम तथा श्री उद्धव जी श्री कुबेर जी के पांडुकेश्वर प्रस्थान तथा आदिगुरु शंकराचार्य जी की गद्दी तथा विष्णु वाहन श्री गरूड़ जी के श्री नृसिंह मंदिर ज्योर्तिमठ स्थित गद्दी स्थल प्रस्थान का मुहुर्त तय होगा। इसी अवसर पर नये यात्रा वर्ष 2026 के लिए भंडार सेवा हेतु पगड़ी भेंट की जायेगी। वहीं पंचकेदार गद्दीस्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ ( रूद्रप्रयाग )में द्वितीय केदार मद्महेश्वर जी के कपाट बंद होने की तिथि तथा शीतकालीन गद्दीस्थल श्री मर्कटेश्वर मंदिर मक्कूमठ ( रूद्रप्रयाग)में तृतीय केदार तुंगनाथ जी के कपाट बंद होने की तिथि तय होगी।

बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि विजय दशमी के अवसर पर श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि तय करने तथा द्वितीय केदार श्री मद्महेश्वर तथा तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट बंद करने की तिथि तय करने हेतु तैयारियां शुरू कर दी गयी है ।

UKSSSC पेपर लीक: सरकार ने गठित किया जस्टिस यूसी ध्यानी की अध्यक्षता में एकल सदस्यीय जांच आयोग

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देहरादून : उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की 21 सितंबर को हुई स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा में पेपर लीक के मामले की जांच के लिए प्रदेश सरकार ने एकल सदस्यीय जांच आयोग का गठन किया है। नैनीताल हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी इस आयोग के अध्यक्ष होंगे। आयोग विशेष जांच दल (SIT) की जांच रिपोर्ट का संज्ञान लेगा और आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करेगा।

पेपर लीक का मामला

21 सितंबर को आयोजित स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा के दौरान हरिद्वार के एक परीक्षा केंद्र से प्रश्नपत्र के तीन पन्ने लीक होकर सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे। इस घटना ने न केवल आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए, बल्कि अभ्यर्थियों में भी आक्रोश पैदा किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने पहले नैनीताल हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति बीएस वर्मा को न्यायिक निगरानी में SIT जांच की जिम्मेदारी सौंपी थी। हालांकि, निजी कारणों और समय की कमी के चलते जस्टिस वर्मा ने यह जिम्मेदारी लेने में असमर्थता जताई।

एकल सदस्यीय आयोग का गठन

इसके बाद, सरकार ने गृह विभाग के माध्यम से जस्टिस यूसी ध्यानी की अध्यक्षता में एकल सदस्यीय जांच आयोग के गठन का आदेश जारी किया। आयोग को अन्य अधिकारियों और विशेषज्ञों का सहयोग लेने की पूरी स्वतंत्रता होगी। इसका कार्यक्षेत्र संपूर्ण राज्य होगा, और यह विभिन्न स्रोतों से प्राप्त शिकायतों, सूचनाओं और तथ्यों की जांच करेगा। साथ ही, 24 सितंबर को गठित SIT की जांच रिपोर्ट का विश्लेषण कर आयोग विधि-सम्मत दिशानिर्देश भी देगा।

शीघ्र रिपोर्ट की अपेक्षा

सरकार ने आयोग से जल्द से जल्द अपनी जांच रिपोर्ट सौंपने की अपेक्षा की है। इस कदम से सरकार पेपर लीक मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है। अभ्यर्थियों और जनता की ओर से इस जांच के निष्कर्षों पर करीबी नजर रखी जा रही है, क्योंकि यह मामला उत्तराखंड में भर्ती प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता से जुड़ा है।

UKSSSC: 5 अक्टूबर को अगली परीक्षा, पेपर लीक के बाद कड़े सुरक्षा इंतजाम

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देहरादून :उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) 21 सितंबर को हुई स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा में पेपर लीक के बाद अब 5 अक्टूबर को होने वाली अगली परीक्षा की तैयारियों में जुट गया है। इस बार सहकारी समितियों में सहकारी निरीक्षक वर्ग-2 और सहायक विकास अधिकारी (सहकारिता) के 45 पदों के लिए परीक्षा होगी। पेपर लीक की घटना को देखते हुए आयोग ने सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए कड़े इंतजाम किए हैं।

पेपर लीक की जांच और नई रणनीति

21 सितंबर को हुई स्नातक स्तरीय परीक्षा में हरिद्वार के एक केंद्र से प्रश्नपत्र के तीन पन्ने लीक होकर सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे। इस मामले की विशेष जांच दल (SIT) जांच कर रहा है, और सरकार ने उत्तर कुंजी व परिणाम सहित सभी प्रक्रियाओं को एक महीने के लिए स्थगित कर दिया है। इसके बावजूद, UKSSSC अब 5 अक्टूबर की परीक्षा के लिए तैयारियों में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। यह परीक्षा कम अभ्यर्थियों के कारण केवल देहरादून और नैनीताल के परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होगी।

कड़े सुरक्षा इंतजाम

आयोग ने पिछले पेपर लीक की खामियों से सबक लेते हुए कई सख्त कदम उठाए हैं। दोनों जिलों के जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी परीक्षा केंद्रों की गहन जांच करें ताकि कोई गड़बड़ी न हो। सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से कम से कम दो घंटे पहले केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य होगा, क्योंकि प्रवेश द्वार पर ही पूरी जांच होगी। देरी होने पर अभ्यर्थी परीक्षा से वंचित हो सकते हैं। प्रवेश पत्र जल्द जारी किए जाएंगे।

एक दिन पहले रिहर्सल

परीक्षा से एक दिन पहले सभी केंद्रों पर रिहर्सल होगी ताकि तकनीकी और प्रशासनिक खामियों को पकड़ा जा सके। जैमर की जांच से लेकर अन्य व्यवस्थाएं परखी जाएंगी। परीक्षा केंद्रों पर रात में चौकीदार तैनात रहेंगे, और पुलिस द्वारा केंद्रों व आसपास के क्षेत्रों में विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा।

जैमर पर विशेष ध्यान

UKSSSC के अध्यक्ष जी.एस. मर्तोलिया ने बताया कि जैमर के लिए ECIL कंपनी से बातचीत की गई है, और नवीनतम तकनीक वाले जैमर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। जैमर न केवल परीक्षा कक्षों में, बल्कि वॉशरूम में भी लगाए जाएंगे। मर्तोलिया ने कहा, “पिछली परीक्षा में दिखी कमियों को दूर किया जाएगा। इस बार सभी तैयारियां एक दिन पहले ही परखी जाएंगी। जैमर या किसी अन्य स्तर पर कोई कोताही बर्दाश्त नहीं होगी।”

पारदर्शिता पर जोर

पेपर लीक के बाद अभ्यर्थियों का भरोसा जीतने के लिए आयोग पारदर्शी और सुरक्षित परीक्षा प्रक्रिया सुनिश्चित करने को प्रतिबद्ध है। स्थानीय लोग और अभ्यर्थी इस बार निष्पक्ष और सुरक्षित आयोजन की उम्मीद कर रहे हैं।