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उत्तराखंड की पूर्व राज्यपाल बेबी रानी मौर्य की कार ट्रक से टकराई

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फिरोजाबाद : : उत्तर प्रदेश की महिला कल्याण, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार मंत्री बेबीरानी मौर्य की सरकारी गाड़ी शुक्रवार देर शाम आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर एक ट्रक से टकरा गई। यह हादसा नसीरपुर थाना क्षेत्र में रात करीब 8 बजे हुआ, जब ट्रक का टायर फटने के कारण वह अनियंत्रित होकर मंत्री की गाड़ी से जा टकराया। गनीमत रही कि इस हादसे में मंत्री बेबीरानी मौर्य पूरी तरह सुरक्षित रहीं और उन्हें कोई चोट नहीं आई।

हाथरस से लखनऊ जा रही थीं मंत्री जानकारी के अनुसार, मंत्री बेबीरानी मौर्य अपने काफिले के साथ हाथरस से लखनऊ की ओर जा रही थीं। नसीरपुर क्षेत्र में एक्सप्रेस-वे के किलोमीटर संख्या 56 के पास एक तेज रफ्तार ट्रक का टायर अचानक फट गया, जिससे ट्रक ने मंत्री की गाड़ी को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के तुरंत बाद मंत्री के सुरक्षा कर्मियों ने ट्रक को रोक लिया और स्थिति को नियंत्रित किया।

पुलिस ने ट्रक को लिया कब्जे में सूचना मिलते ही नसीरपुर थाना प्रभारी ज्ञानेंद्र सोलंकी अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और ट्रक को कब्जे में ले लिया। पुलिस अधीक्षक (देहात) अनुज चौधरी ने बताया कि हादसे में कोई घायल नहीं हुआ। मंत्री को तुरंत दूसरी गाड़ी उपलब्ध कराई गई, जिससे वे अपने गंतव्य के लिए सुरक्षित रवाना हो गईं।

जांच शुरू, सुरक्षा पर उठे सवाल हादसे के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी में ट्रक के टायर फटने को हादसे का कारण बताया जा रहा है। इस घटना ने एक बार फिर एक्सप्रेस-वे पर वाहनों की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय लोगों और चालकों ने मांग की है कि एक्सप्रेस-वे पर नियमित जांच और सुरक्षा उपायों को और सख्त किया जाए।

जम्मू-कश्मीर राज्यसभा चुनाव 2025: नेशनल कॉन्फ्रेंस ने 3 सीटें जीतीं, बीजेपी को मिली एक सीट

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जम्मू-कश्मीर में को हुए राज्यसभा चुनाव के नतीजे घोषित हो गए। चार सीटों के लिए हुए इस चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) ने तीन सीटों पर कब्जा जमाया, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) एक सीट जीतने में कामयाब रही। नेशनल कॉन्फ्रेंस के चौधरी मोहम्मद रमजान, जीएस ओबेरॉय (उर्फ शम्मी ओबेरॉय) और सज्जाद किचलू ने जीत हासिल की, वहीं बीजेपी के सतपाल शर्मा ने एक सीट पर जीत दर्ज की।

पहली बार सिख नेता राज्यसभा में

शम्मी ओबेरॉय जम्मू-कश्मीर से राज्यसभा पहुंचने वाले पहले सिख नेता बन गए हैं। सज्जाद किचलू को 57 वोट मिले, जिन्होंने बीजेपी के राकेश महाजन को हराया। चौधरी मोहम्मद रमजान ने बीजेपी के अली मोहम्मद मीर को कड़े मुकाबले में मात दी। इस चुनाव में चार क्रॉस वोटिंग की भी खबरें सामने आईं।

370 हटने के बाद पहला राज्यसभा चुनाव

5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 के निरस्त होने और जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटे जाने के बाद यह पहला राज्यसभा चुनाव था। निर्वाचन आयोग ने चार सीटों के लिए तीन अधिसूचनाएं जारी की थीं। दो सीटों के लिए अलग-अलग चुनाव हुए, जबकि शेष दो सीटों के लिए एक अधिसूचना के तहत मतदान हुआ।

NC को पीडीपी-कांग्रेस का समर्थन

नेशनल कॉन्फ्रेंस ने अपने कोषाध्यक्ष जीएस ओबेरॉय और युवा प्रवक्ता इमरान नबी डार को मैदान में उतारा। पीडीपी और कांग्रेस ने सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस को समर्थन दिया। दोनों पार्टियों ने अपने विधायकों को NC उम्मीदवारों के पक्ष में वोट करने के लिए तीन-लाइन व्हिप जारी किया था। जम्मू-कश्मीर विधानसभा में कुल 88 विधायक हैं, जिनमें से NC के नेतृत्व वाले गठबंधन और पीडीपी के पास 57 विधायक हैं, जबकि बीजेपी के पास 28 विधायक हैं।

बीजेपी की रणनीति

बीजेपी ने तीसरी अधिसूचना के तहत अपनी जम्मू-कश्मीर इकाई के प्रमुख सतपाल शर्मा को रणनीतिक रूप से नामित किया था। हालांकि, NC के मजबूत गठबंधन और समर्थन के सामने बीजेपी केवल एक सीट जीत सकी।

उत्तरकाशी की दिव्या ज्योति ब्राजील में जलवायु सम्मेलन में भारत की प्रतिनिधि

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उत्तरकाशी। रंवाई घाटी के पोरा गांव की दिव्या ज्योति बिजल्वाण को ब्राजील में आयोजित 20वीं यूनाइटेड क्लाइमेट चेंज कॉन्फ्रेंस फॉर चिल्ड्रन एंड यूथ (COy20) में भारत का अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि बनने का गौरव हासिल हुआ है। दिव्या ज्योति, जो ग्राम पोरा की सुपुत्री हैं, विश्वभर के युवाओं के साथ जलवायु परिवर्तन के मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगी। यह सम्मेलन 6 से 8 नवंबर तक फेडरल यूनिवर्सिटी ऑफ पारा बेलेम, ब्राजील में यूनाइटेड नेशंस फ्रेमवर्क कन्वेंशन ऑन क्लाइमेट चेंज (UNFCCC) के तत्वावधान में आयोजित किया जाएगा।

दिव्या ज्योति की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, क्षेत्रीय विधायक दुर्गेश्वर लाल सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने उन्हें बधाई दी और शुभकामनाएं प्रेषित की। पुरोला विधायक ने बताया कि मुख्यमंत्री ने दिव्या ज्योति और उनके परिवार को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया है।

विधायक दुर्गेश्वर लाल ने कहा, “दिव्या ज्योति ने न केवल पुरोला विधानसभा बल्कि पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है। बेटियां आज हर क्षेत्र में कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं, और हमें आप पर गर्व है। दिव्या ज्योति की इस सफलता से पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है और यह युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है।

बड़ा हादसा : स्लीपर बस में भीषण आग, 20 लोगों की दर्दनाक मौत

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आंध्र प्रदेश। आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले में शुक्रवार सुबह एक भीषण बस हादसा हुआ, जिसमें कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई। हादसा तब हुआ जब हैदराबाद से बेंगलुरु जा रही कावेरी ट्रैवल्स की स्लीपर बस एक बाइक से टकरा गई और बस में अचानक आग लग गई।

बस में करीब 41 यात्री सवार थे। कुछ यात्रियों ने आपातकालीन खिड़कियों से कूदकर अपनी जान बचाई, लेकिन कई लोग बस में फंसे रहे और जलकर मर गए। हादसा कुरनूल के चिन्ना टेकुरु गांव के पास हुआ। बस में आग कुछ ही मिनटों में फैल गई और बस का दरवाजा जाम हो गया, जिससे यात्रियों का निकलना असंभव हो गया।

प्राथमिक जांच में पता चला है कि बस के नीचे गई बाइक से आग लगी और इसके कारण बस में विस्फोट हुआ। डीआईजी कोया प्रवीण ने बताया कि बस में कुछ ज्वलनशील पदार्थ भी मौजूद थे, जिनसे आग फैलने की गति तेज हुई। उन्होंने कहा कि ईंधन टैंक सुरक्षित था, लेकिन बस में आग को रोकने या कम करने के पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं थे।

डॉ. सिरी के अनुसार अब तक 21 लोगों की पहचान की जा चुकी है। 20 मृतकों में से 11 की पहचान हो चुकी है, जबकि 9 की पहचान अभी बाकी है। उन्होंने बताया कि बस के दरवाजे जाम होने के कारण कई यात्रियों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला।

पुलिस और आपदा प्रबंधन टीम घटनास्थल पर मौजूद है और आग लगने के कारणों की जांच जारी है। यह हादसा क्षेत्र में परिवहन सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।

दूसरा प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन 5 नवंबर को दून विश्वविद्यालय में, अब तक 200 प्रवासियों ने कराया पंजीकरण

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देहरादून : राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष में प्रवासी उत्तराखंडी एक बार फिर अपनी जड़ों से जुड़ने जा रहे हैं। 5 नवंबर को दून विश्वविद्यालय में आयोजित होने जा रहा है दूसरा प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन, जहां देशभर से आने वाले प्रवासी उत्तराखंडी राज्य की दिशा और दशा पर मंथन करेंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर वर्ष 2024 से शुरू हुआ यह सम्मेलन अब एक वार्षिक परंपरा का रूप ले चुका है।

पहले सम्मेलन में 17 राज्यों के 200 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था, जबकि इस बार प्रतिभागियों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है। अब तक 200 प्रवासी उत्तराखंडियों ने पंजीकरण करा लिया है। पंजीकरण की प्रक्रिया 24 अक्टूबर 2025 की देर रात तक जारी रहेगी। इच्छुक प्रतिभागी प्रवासी उत्तराखंड प्रकोष्ठ की वेबसाइट http://www.pravasiuttarakhandi.uk.gov.in पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण करा सकते हैं।

मुख्य सचिव आर.के. सुधांशु के अनुसार सम्मेलन का आयोजन 5 नवंबर को दून विश्वविद्यालय के नित्यानंद ऑडिटोरियम में सुबह 10 बजे से किया जाएगा। उद्घाटन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे। सम्मेलन दो सत्रों में विभाजित होगा। पहला सत्र पर्यावरण पर केंद्रित रहेगा, जिसके लिए वन विभाग के पीसीसीएफ एस.पी. सुबुद्धि को नोडल अधिकारी बनाया गया है। वहीं, दूसरा सत्र स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण पर आधारित होगा, जिसकी जिम्मेदारी दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल को सौंपी गई है।

सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री धामी प्रवासी उत्तराखंडियों से सीधा संवाद भी करेंगे। यह संवाद लगभग एक घंटे तक चलेगा। फिलहाल उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और झारखंड सहित कई राज्यों से प्रवासी उत्तराखंडी इस आयोजन का हिस्सा बनने जा रहे हैं। सम्मेलन के बाद शाम को दून विश्वविद्यालय परिसर में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें उत्तराखंड की लोक संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी।

“प्रवासी उत्तराखंडियों को एक मंच पर लाने और उन्हें अपनी मातृभूमि से जोड़ने के साथ ही राज्य के विकास में उनकी सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए यह सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। पिछले सम्मेलन के अनुभव उत्साहजनक रहे हैं। मुझे विश्वास है कि इस बार प्रवासी उत्तराखंडियों के सुझाव राज्य के विकास का नया रोडमैप तैयार करने में अहम भूमिका निभाएंगे। दूसरा प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन न सिर्फ प्रवासियों और मातृभूमि के बीच भावनात्मक रिश्ता मजबूत करेगा, बल्कि आने वाले वर्षों में उत्तराखंड के विकास की दिशा तय करने में भी महत्वपूर्ण साबित होगा।

मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर अग्निवीर भर्ती के लिए युवाओं को मिलेगा निशुल्क प्रशिक्षण

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने सेना में अग्निवीर बनकर देश की सेवा करने के इच्छुक युवक-युवतियों के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। विभाग जल्द ही भर्ती पूर्व निशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने जा रहा है। इसके लिए विभाग द्वारा मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार कर ली गई है।

मुख्यमंत्री ने कुछ समय पहले विभाग को निर्देश दिए थे कि राज्य के युवाओं को अग्निवीर भर्ती के लिए आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे उत्तराखंड की गौरवशाली सैन्य परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सेना में करियर बना सकें। इसी क्रम में अब 13 जिलों में अग्निवीर भर्ती पूर्व प्रशिक्षण शिविर प्रारंभ किए जाएंगे।

SOP की मुख्य बातें:

  • प्रशिक्षण के लिए आवेदन करने वाले युवक-युवती उत्तराखंड राज्य के मूल/स्थायी निवासी हों या फिर राज्य के किसी शैक्षणिक संस्थान में अध्ययनरत अथवा सेवारत हों।

  • अभ्यर्थी ने हाईस्कूल परीक्षा में न्यूनतम 45% अंक तथा प्रत्येक विषय में कम से कम 33% अंक प्राप्त किए हों।

  • अभ्यर्थी की आयु 16 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।

  • प्रशिक्षण हेतु जिला खेल कार्यालय या जिला युवा कल्याण अधिकारी कार्यालय में पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।

  • चयनित अभ्यर्थियों को चिकित्सक द्वारा जारी स्वास्थ्य प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।

  • प्रशिक्षण के दौरान छात्र/छात्रा को खेल किट (टी-शर्ट, नेकर, स्पोर्ट्स शूज़, मौजे) में उपस्थित होना आवश्यक है।

  • अभ्यर्थी के शरीर पर किसी प्रकार का टैटू या स्थायी अप्राकृतिक निशान नहीं होना चाहिए।

  • प्रशिक्षण केवल खेल स्टेडियम या मैदान में विभाग द्वारा नियुक्त प्रशिक्षक से ही प्राप्त किया जा सकेगा।

यह पहल राज्य सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत वह युवाओं को आत्मनिर्भर और अनुशासित बनाकर राष्ट्रसेवा के लिए तैयार करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

यमुनोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद, मां यमुना की डोली खरसाली रवाना

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उत्तरकाशी: चारधाम यात्रा के प्रथम तीर्थ यमुनोत्री धाम के कपाट भैया दूज के पावन अवसर पर गुरुवार को दोपहर 12:30 बजे वैदिक मंत्रोच्चार और विशेष पूजा-अर्चना के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। इस दौरान यमुनोत्री धाम मां यमुना और शनिदेव के जयकारों से गूंज उठा। कपाट बंद होने के बाद मां यमुना की उत्सव मूर्ति डोली यात्रा के साथ शीतकालीन प्रवास स्थल खरसाली गांव के लिए रवाना हुई। अब अगले छह माह तक श्रद्धालु खरसाली में मां यमुना के दर्शन और पूजा-अर्चना कर सकेंगे।

परंपरा के अनुसार, यमुनोत्री धाम के कपाट इस वर्ष 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन खोले गए थे। गुरुवार सुबह से मां यमुना की विशेष पूजा शुरू हुई। इस दौरान शनिदेव महाराज की डोली भी यमुनोत्री धाम पहुंची। शनिदेव ने यमुना नदी में स्नान कर अपनी बहन मां यमुना के साथ विशेष पूजा में हिस्सा लिया। तीर्थ-पुरोहितों ने विधि-विधान के साथ पूजा संपन्न की। तय मुहूर्त पर दोपहर 12:30 बजे मंदिर के कपाट बंद किए गए। इसके बाद मां यमुना की उत्सव मूर्ति को डोली में विराजमान कर खरसाली के लिए रवाना किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में तीर्थ-पुरोहित और श्रद्धालु मौजूद रहे।

यमुनोत्री मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल, कोषाध्यक्ष प्रदीप उनियाल और सचिव सुनील उनियाल ने बताया कि इस वर्ष 6,45,000 श्रद्धालुओं ने मां यमुना के दर्शन किए। श्रद्धालुओं के चढ़ावे और भेंट से मंदिर समिति को लगभग 50 लाख रुपये की आय हुई। हालांकि, पिछले वर्ष की तुलना में इस बार श्रद्धालुओं की संख्या और आय में थोड़ी कमी दर्ज की गई।

तीर्थ-पुरोहित पुरुषोत्तम उनियाल ने बताया कि कपाट बंद होने की प्रक्रिया विधिवत पूरी की गई। उन्होंने राज्य सरकार से शीतकाल में खरसाली तक यात्री सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग की, ताकि शीतकालीन यात्रा सुचारू रूप से चल सके और इससे जुड़े लोगों का स्वरोजगार बना रहे।

एनकाउंटर: बिहार के चार मोस्ट वांटेड गैंगस्टर ढेर, चुनावी साजिश नाकाम

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नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी के रोहिणी इलाके में गुरुवार तड़के दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच और बिहार पुलिस की संयुक्त टीम के साथ हुई मुठभेड़ में बिहार के चार मोस्ट वांटेड गैंगस्टर मारे गए। पुलिस के अनुसार, मारे गए बदमाश कुख्यात ‘सिग्मा गैंग’ से जुड़े थे और बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में बड़े पैमाने पर आतंक फैलाने की साजिश रच रहे थे। इस संयुक्त ऑपरेशन ने अंतर-राज्यीय अपराध नेटवर्क पर करारा प्रहार किया है।

खुफिया सूचना के आधार पर चलाए गए इस ऑपरेशन में टीम को रोहिणी में बदमाशों के छिपे होने की पक्की जानकारी मिली थी। सुबह करीब 2:20 बजे बहादुर शाह मार्ग पर घेराबंदी करते ही बदमाशों ने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें चारों बदमाश गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत डॉ. बीआर अम्बेडकर अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मुठभेड़ लगभग 15 मिनट तक चली, जिसमें बदमाशों की फायरिंग से कुछ पुलिसकर्मी भी मामूली रूप से घायल हुए, जिनका उपचार जारी है।

मारे गए बदमाशों की पहचान रंजन पाठक (25), बिमलेश महतो उर्फ बिमलेश साहनी (25), मनीष पाठक (33) और अमन ठाकुर (21) के रूप में हुई है। इनमें सरगना रंजन पाठक भी शामिल है। यह गिरोह हत्या, रंगदारी, लूटपाट जैसे कई गंभीर अपराधों में वांछित था।

नाम

उम्र

पिता का नाम

निवास स्थान

रंजन पाठक

25

मनोज पाठक

ग्राम मल्हाई, थाना सुरसंड, सीतामढ़ी, बिहार

बिमलेश महतो उर्फ बिमलेश साहनी

25

सुखला देवी

रतनपुर, थाना बाजपट्टी, सीतामढ़ी, बिहार

मनीष पाठक

33

अरविंद पाठक

ग्राम मल्हाई, थाना सुरसंड, सीतामढ़ी, बिहार

अमन ठाकुर

21

संजीव ठाकुर

ग्राम शेरपुर, करावल नगर, दिल्ली

मौके से पुलिस ने कई अवैध हथियार बरामद किए, जिनमें जिगाना पिस्टलें और भारी मात्रा में जिंदा व खोखे कारतूस शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों ने इसे बिहार और दिल्ली-एनसीआर में संगठित अपराध पर बड़ा झटका बताया। उन्होंने कहा कि इन बदमाशों के सफाए से कई बड़ी आपराधिक वारदातों की साजिश नाकाम हो गई है। अब पुलिस इनके अन्य सहयोगियों और नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए छापेमारी और जांच तेज कर रही है।

दोनों राज्यों की पुलिस ने इस ऑपरेशन को सफल अंतर-राज्यीय समन्वय का उदाहरण करार दिया है। वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह कार्रवाई बिहार चुनावों की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

श्री केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल हेतु बंद हुए

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श्री केदारनाथ धाम यात्रा वर्ष 2025

*ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट 23 अक्टूबर को मुख्य मंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में शीतकाल के लिए बंद हुए।

• रिकार्ड संख्या में साढ़े सत्रह लाख से अधिक श्रद्धालु श्री केदारनाथ धाम पहुंचे, मुख्य मंत्री ने यात्रा से जुड़े सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया

• शीतकाल में श्री केदारनाथ धाम में सुरक्षा व्यवस्था रहेगी पुख्ता, गद्दीस्थलों में शीतकालीन पूजाओं को प्रोत्साहित करेंगे: हेमंत द्विवेदी

केदारनाथ/ रूद्रप्रयाग 23 अक्टूबर। विश्व प्रसिद्ध ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट आज गुरूवार 23अक्टूबर भैया दूज अर्थात 7 गते कार्तिक मास शुक्ल पक्ष, अनुराधा नक्षत्र के पावन अवसर पर प्रातः 08:30 बजे सेना के बैंड की भक्ति धुनों तथा जय बाबा केदार के उदघोष के साथ प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में शीतकाल के लिए बंद हो गये। कपाट बंद होने के बाद आज ही बाबा केदार की पंचमुखी उत्सव डोली ने सेना के बैंड तथा जयघोष के साथ पहले पड़ाव रामपुर के लिए प्रस्थान किया इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पंचमुखी डोली को शीतकालीन गद्दीस्थल के प्रथम पड़ाव हेतु प्रस्थान करवाया। केदारनाथ में सर्द मौसम के बीच इस अवसर पर 10 हजार से अधिक श्रद्धालु कपाट बंद होने के साक्षी बने।
कपाट बंद के अवसर हेतु मंदिर को भब्य रूप से फूलों से सजाया गया था तथा श्रद्धालुओं ने भंडारे का भी आयोजित किये।

कपाट बंद होने की प्रक्रिया से पहले श्रद्धालुओं ने मंदिर में अखंड ज्योति के दर्शन किये इसके बाद कपाट बंद की प्रक्रिया के अंतर्गत ब्रह्ममुहुर्त में केदारनाथ धाम के पुजारी बागेश लिंग तथा आचार्यगणों , श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी सहित जिला प्रशासन, तथा तीर्थ पुरोहितों हकहकूकधारियों ने पूरब द्वार से मंदिर के गर्भगृह परिसर में प्रवेश किया तथा समाधि पूजा में शामिल हुए।यज्ञ- हवन समाधि पूजा के पश्चात पुजारी बागेश लिंग ने भगवान केदारनाथ के स्वंभू शिवलिंग को समाधि रूप दिया, स्थानीय पुष्पों कुमजा, बुकला, राख सहित ब्रह्म कमल,शुष्क फूल पत्तों से ढ़क दिया गया जय बाबा केदार के उदघोष के साथ मंदिर गर्भगृह बंद हो गया।

मुख्य मंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी की उपस्थिति में प्रातः साढ़े आठ बजे मंदिर का पूर्वी तथा दक्षिण द्वार बंद हो गया इससे बाद पंचमुखी डोली को बाहर मंदिर परिसर में लाया गया तथा डोली ने श्री केदारनाथ मंदिर की परिक्रमा के पश्चात प्रथम पड़ाव रामपुर हेतु प्रस्थान किया सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने पंच मुखी डोली के साथ प्रस्थान किया।

प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बाबा केदार के कपाट बंद होने के अवसर पर देश – विदेश के श्रद्धालुओं के लिए शुभकामनाएं दी । कहा कि दूरदर्शी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन‌ के अनुरूप भब्य दिब्य केदार पुरी का निर्माण हुआ है कहा कि आज चारधाम यात्रा में इस वर्ष रिकार्ड 50 लाख श्रद्धालु पहुंचे है। धामों के कपाट बंद के बाद शीतकालीन यात्रा को प्रोत्साहित किया जायेगा।
इस अवसर पर मुख्य मंत्री ने सभी तीर्थयात्रियों श्रद्धालुओं का अभिवादन भी स्वीकार किया संपूर्ण मंदिर परिसर जय बाबा केदार तथा हर हर महादेव के उदघोष से गूंज उठा।

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश‌ के यशस्वी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देश में चारधाम यात्रा का सफल संचालन हुआ है। कपाट बंद तक रिकार्ड 1768795 ( सत्रह लाख अड़सठ हजार सात सौ पिचानबे) तीर्थयात्रियों ने भगवान केदारनाथ के दर्शन किये है।

उन्होंने कहा कि इस बार आपदा को छोड़ दे तो कुल मिलाकर केदारनाथ यात्रा सुगम एवं सुरक्षित रही है। जबकि पिछले यात्रा वर्ष 2024 में कुल 1652076 ( सोलह लाख बावन हजार छियत्तर )तीर्थयात्रियों ने बाबा केदारनाथ के दर्शन किये इस बार पिछले यात्रा वर्ष की तुलना में केदारनाथ पहुंचे तीर्थयात्रियों की संख्या सवा लाख अधिक रही है उन्होंने यात्रा से जुड़े सभी विभागों का धन्यवाद भी ज्ञापित किया कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में यात्रा समापन पश्चात शीतकालीन यात्रा को प्रोत्साहित किया जायेगा साथ ही शीतकाल के दौरान श्री केदारनाथ धाम में सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त रहेंगे।

जारी प्रेस विज्ञप्ति में बीकेटीसी मीडिया प्रभारी  डा. हरीश गौड़ ने अवगत कराया  IMG 20251023 WA0055बाबा केदार की पंचमुखी देव डोली ने केदारनाथ धाम से प्रस्थान किया तथा आज ही प्रथम पड़ाव रामपुर रात्रि विश्राम को पहुंचंगी। कल शुक्रवार 24 अक्टूबर रामपुर से प्रस्थान कर रात्रि विश्राम को श्री विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी पहुंचेगी और शनिवार 25 अक्टूबर को भगवान केदारनाथ जी की पंच मुखी डोली गुप्तकाशी से शीतकालीन गद्दीस्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ पहुंच जायेगी।

इस अवसर पर श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, भाजपा जिलाध्यक्ष नैनीताल प्रताप बिष्ट, रूद्रप्रयाग जिलाध्यक्ष भारत भूषण कुकरेती,भाजपा नेता विनय उनियाल , कृषि विपणन बोर्ड अध्यक्ष अनिल डब्बू, बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण, जिलाधिकारी प्रतीक जैन, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कोंडे,बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी/ कार्यपालक मजिस्ट्रेट विजय प्रसाद थपलियाल, केदार सभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी,बीकेटीसी सदस्य क्रमश: महेंद्र शर्मा,प्रह्लाद पुष्पवान, राजेंद्र प्रसाद डिमरी देवीप्रसाद देवली, डा. विनीत पोस्ती, दिनेश डोभाल, प्रभारी अधिकारी यदुवीर पुष्पवान सहित पुलिस प्रशासन, एनडीआरएफ एसडीआरएफ के अधिकारी -जवान, मंदिर समिति तथा यात्रा से जुड़े विभागीय कर्मचारी अधिकारी तथा बड़ी संख्या में तीर्थयात्री मौजूद रहे।

चारधाम यात्रा 2025: भाई दूज पर शीतकाल के लिए बंद हुए केदारनाथ धाम के कपाट, सीएम धामी रहे मौजूद

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रुद्रप्रयाग: केदारनाथ धाम के मंदिर के कपाट गुरुवार को भाई दूज के पावन अवसर पर सुबह 8:30 बजे वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। इस दौरान हजारों श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंचे, और केदारघाटी “हर हर महादेव” और “जय बाबा केदार” के जयघोष से गूंज उठी। समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे। अब अगले छह माह तक बाबा केदार की पूजा शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ में होगी।

कपाट बंद करने की प्रक्रिया सुबह चार बजे विशेष पूजाओं के साथ शुरू हुई। मंदिर को फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था। बुधवार को भगवान केदारनाथ की चल विग्रह पंचमुखी डोली को मंदिर के सभामंडप में विराजमान किया गया था। गुरुवार सुबह डोली को सभामंडप से बाहर लाया गया और मंदिर की परिक्रमा कराई गई। इसके बाद जयकारों के बीच मंदिर के कपाट बंद किए गए। कपाट बंद होने के बाद बाबा केदार की पंचमुखी डोली रात्रि प्रवास के लिए रामपुर रवाना हुई।

इस वर्ष चारधाम यात्रा के दौरान 17.39 लाख श्रद्धालुओं ने केदारनाथ धाम में बाबा केदार के दर्शन किए। यात्रा की शुरुआत से ही तीर्थयात्रियों का भारी उत्साह देखने को मिला। बुधवार को भी पांच हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। केदारनाथ में कड़ाके की ठंड शुरू हो गई है, और बुधवार दोपहर बाद कोहरा छाने से तीर्थयात्री शाम को ही अपने कमरों में चले गए।

कपाट बंद होने के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, विजय कप्रवाण, केदारसभा के अध्यक्ष पंडित राजकुमार तिवारी, मंत्री पंडित अंकित प्रसाद सेमवाल, धर्माधिकारी ओंकार शुक्ला, पुजारी बागेश लिंग, आचार्य संजय तिवारी, अखिलेश शुक्ला सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

उत्तराखंड शीतकालीन यात्रा के दौरान जीएमवीएन के होटलों में रुकने वाले तीर्थयात्रियों को किराए में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इसके साथ ही यात्रियों के लिए विशेष सुविधाओं का भी प्रबंध किया गया है।